देश के सभी संमानित पत्रकार साथियों के प्रणाम, जय बद्रिविशाला। आपके संज्ञान में पहाड़ों की गूँज राष्ट्रीय हिंदी सा स पत्र लाना चाहते है! जीतमणि पैन्यूली संपादक द्वारा २९ मई से ५ जून २०२१ मे दिये गये धरना प्रदर्शन मौन व्रत लिखवार गाँव प्रतापनगर तेहरी जनपद मैं देने की खबर के देहरादून से प्रकाशित होने के बाद २१ सितम्बर२०२१ को खबर का माoसुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए , हमारे लोकतंत्र के चौथे स्थम्भ प्रेस (पत्रकारों) को सुप्रीम कोर्ट ने सबसे बड़ा अधिकार संवैधानिक अधिकार देने के लिए अपना निर्णय २३ नवम्बर २०२१ को मा.राष्ट्रपति को भेजने के बाद। उनके, सचिवालय द्वारा कार्य वाही हो रही है का पत्र आया है । उस पर काम करने के लिए हमारी आप से अपील है कि अपने अपने संघठन मे बने रहे। संघठन के लिए काम करते रहे, और सभी अपने पेपर, पोर्टल t v चेनल के स्वामी ,प्रकाशक , रोज नारे के रूप में लिखे कि” प्रेस को संवैधानिक अधिकार दिया जाय” या “मा राष्ट्रपति जी से प्रेस को संवैधानिक अधिकार देने के लिए शिग्र कार्यवाही करने की कृपा कीजयेगा ! हम प्रार्थना करते हैं कि देश के पत्रकारों को अपने हित मे हो रही कार्यवाही को कराने और उस पर मा oसुप्रीम कोर्ट को सम्मान देने के लिए अपने अपने प्रकाशित होने वाले पेपर ,पोर्टल, tv चेनल में रोज नारे के रूप में लिखने की कृपा कीजयेगा! आपको ज्ञात है कि(केदारनाथ आपदा १५,१६, जून२०१३ मे आई और पहाड़ों की गूँज राष्ट्रीय सा समाचार पत्र ने२८ फरवरी २०१३ शनिवार को वहाँ की व्यवस्था की कमी को देखते हुए श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति कर्मचारी संघ के संरक्छक् ने सरकार को दिया जाने वाला ज्ञापन प्रकाशित किया था ) हम समझते हैं कि आपके प्रकाशित करने के बाद यह निर्णय जुलाई २०२५ मे होने वाले लोक सभा सत्र मे अजायेगा । यह प्रयास अपने और लोकतन्त्र के हित के लिए अवश्य की जायेगा। मां o प्रधान मन्त्री श्री नरेंद्र मोदीजी ने ९,१० दिसम्बर २०२१ को देश का सच श्री जे वादेन मा मा.राष्ट्रपति ज़ी कें द्वारा बुलाये गए ११० राष्ट्रों के वरचवल सम्मेलन मे कहा कि पत्रकारों को मजबूत करने के लिए और अधिकार देना चाहते हैं। दुनिया में आपका मान सम्मान बढ़ेगा दुनिया का सबसे बड़े लोकतन्त्र का चौथा स्तम्भ व्यवहार में दिखाई देने लगेगा! सभी मीडिया के सम्मानित माननियो को प्रणाम, संयोजक,, एवं अध्यक्ष अखिल भारतीय वेव पोर्टल एसोसिएसन
