सड़क हादसे में दो कांवड़ियों की मौत जानिए सभी समाचार

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सड़क हादसे में दो कांवड़ियों की मौत


हरिद्वार। देर रात बाइक सवार दो कांवड़ियों की सड़क दुर्घटना में मौके पर ही मौत हो गयी। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार बाईक सवार दोनों कांवड़िए गंगाजल लेने के लिए यूपी के जनपद संभल से हरिद्वार आ रहे थे। जैसे ही वह चण्डीघाट पुल पर पहुंचे तो उनकी बाईक अनियंत्रित होकर फिसल गयी। जिस कारण दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शवों को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी। मृतकों की पहचान सुरेश (26) पुत्र भगवान स्वरूप निवासी शाहाबाद थाना बबराला, जिला संभल व अरविंद (30) वर्ष पुत्र सोमपाल निवासी चकरपुर, थाना केला देवी, जिला संभल यूपी के रूप में हुई है। पुलिस में मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है।

ताऊ के खाते से निकाले पैसे,फिर खरीदी कार,उसके बाद नाबालिग को किया पिथौरागढ से बरामद
नैनीताल। हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र से 15 जुलाई को लापता हुए नाबालिग छात्र को पुलिस ने ढूंढ निकाला है। पुलिस ने बताया कि नाबालिग छात्रा को कार चलाने का शौक है। इसलिए उसने अपने दाऊ के खाते से दो लाख रुपए उड़ाए और पुरानी कार खरीदी। इसके बाद छात्र कार से घूमने चला गया। पुलिस ने नाबालिग छात्र को कार के साथ पिथौरागढ़ से बरामद किया है।
थाना प्रभारी मुखानी दिनेश जोशी के मुताबिक नाबालिग छात्र अपने ताऊ (सेवानिवृत्त फौजी) के घर में रहकर पढ़ाई करता था, जो शहर के निजी स्कूली में 12वीं का छात्र है। 15 जुलाई को छात्र अचानक घर से लापता हो गया। परिजनों से छात्र को काफी ढूंढा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया। आखिर में परेशान होकर ताऊ ने मुखानी थाने में अपने भतीजे के गुम होने की शिकायत की। पुलिस ने भी तहरीर के आधार पर नाबालिग छात्र की गुमशुदगी दर्ज की। पुलिस ने जब मामले की जांच की तो चैकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस को पता चला कि नाबालिग को कार चलाने का भी काफी शौक है। पुरानी गाड़ी खरीदने के लिए उसने स्कैनर और अन्य ऑनलाइन तरीकों से ताऊ के खाते से करीब दो लाख रुपये किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर किए। इसके बाद पुरानी कार खरीद ली. ताऊ ने भी जब अपने बैंक खाते की डिटेल चेक की तो उसने से दो लाख रुपए गायब मिले।
पुलिस ने बताया कि नाबालिग लड़का किसी दूसरे नाम से कार चला रहा था। इतना ही नहीं ताऊ को उस पर कोई शक न इसीलिए वो अपनी कार को भी घर पर खड़ा नहीं करता था। 15 जुलाई को नाबालिग घर में किसी को बिना बताए कार लेकर पिथौरागढ़ चला गया था. पुलिस ने छात्र को पिथौरागढ़ से बरामद कर लिया है।

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बुजुर्ग दम्पति पहुंचे डीएम न्यायालय, पहली सुनवाई में ही निर्णय
देहरादून। बुजुर्ग माताकृपिता से गिफ्ट डीड में बंगला बिजनेस अपने नाम कर घर से बाहर खदेड़ रहा था अपना ही बेटा, पोते-पोती से मिलने पर रोक लगा दी थी। जिलाधिकारी सविन बसंल ने पहली ही सुनवायी में गिफ्ट डीड को रद्द कर दम्पत्ति को इंसाफ दिलाया।
मिली जानकारी के अनुसार विगत दिवस डीएम ने बुजुर्ग दम्पति जिनके बेटे ने गिफ्ट डीड में सम्पति अपने नाम करवाकर बुजुर्ग माताकृपिता को घर से बाहर कर दिया था। जिस डीएम ने अपने न्यायालय में पहली सुनवाई में ही गिफ्ट डीएड रद्द कर दी थी, डीएम ने आदेशों के अनुपालन में रजिस्ट्री अनुपालन आदेश पास किया है। जिला प्रशासन देहरादून सामाजिक कर्तव्य से विमुख लोगों को अपनी न्याय प्रणाली से रास्ता दिखा रहा है वहीं असहाय जरूरतमंद लोंगों को त्वरित न्याय मिल रहा है। जिलाधिकारी सविन बसंल की कार्यप्रणाली सदैव असहाय, बुजुर्ग, महिला बच्चों, जनमानस के हित में रही है। असहाय जरूरतमंदो से जुड़े विषयों पर जिला प्रशासन द्वारा सक्रिय होकर त्वरित निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे जनमानस के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता कर्तव्यनिष्ठा दर्शाता है। बजुर्ग परमजीत सिंह ने अपनी 3080 वर्ग फुट सम्पति जो कि 2 बड़े हॉल है को गिफ्ट डीड में अपने पुत्र गुरूविंदर सिंह के नाम कर दिया था। गिफ्ट डीड की शर्तों के अनुसार पुत्र को अपने माताकृपिता के भरणपोषण एवं माताकृपिता के साथ रहने तथा पोते-पोती को दादा-दादी से दूर नही करना था। किन्तु सम्पति नाम होते ही पुत्र ने गिफ्ट डीड में की शर्तों का उल्लंघन कर माताकृपिता से दूर रहने लगा तथा पोतेकृपोती को भी दादाकृदादी से मिलने नही दिया गया। बुजुर्ग दम्पति के प्रकरण पर जिला मजिस्टे्रट न्यायालय में विधवत पर्याप्त सुनवाई की गई विपक्षी गुरूविंदर सिंह आदि को नोटिस जारी किया गया एवं विज्ञप्ति के माध्यम से भी सार्वजनिक सूचना प्रसारित की गई इसके बावजूद भी विपक्षी द्वारा न्यायालय में आपत्ति प्रस्तुत नही की गई और ना ही स्वयं उपस्थित हुए। जिस पर फैसला सुनाते हुए गिफ्ट डीड रद्द करते हुए सम्पति को पुनः बुजुर्ग दम्पति के नाम कर दिया। बुजुर्ग माता-पिता से गिफ्ट डीड में बंगला बिजनेस अपने नाम कर अपना ही बेटा उनको घर से बाहर खदेड़ रहा था। डीएम बंसल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए गिफ्ट डीड को ही खारिज करते हुए पूर्ण 3080 वर्ग फीट सम्पति पुनः बुजुर्ग दम्पति के नाम कर दिया है। गिफ्ट डीड शर्तों का उल्लंघन, नाफरमानी पर डीएम न्याय का हथोड़ा चलाते हुए गिफ्ट डीड को कैंसिल कर दिया है। बुजुर्ग दम्पति तहसील, थाना अवर न्यायालय से थकहार डीएम न्यायालय कराया वाद पंजीकृत, पहली ही सुनवाई में बुजुर्ग को इंसाफ मिल गया है। भरणपोषण अधिनियम की विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए डीएम ने बुजुर्ग दम्पति को इंसाफ दिलाया है। आदेश फरमान से डीएम न्यायालय में ही दम्पति के आंसु छलक पड़े। स्पष्टीकरण, पर्याप्त अवसर उपरान्त, आदेशों की नाफरमानी, माता-पिता का तिरस्कार बेटे को भारी पड़ गया। डीएम के इस फैसले से बुजुर्ग सरदार परमजीत सिंह व उनकी पत्नी अमरजीत कौर को न्याय मिल गया है। गिफ्ट डीड पाकर बेटे ने कर दिया था माता-पिता को सम्पति से बेदखल, पोते-पोती से मिलने पर भी रोक लगा दी थी।

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पुलिस ने दो मोबाइल चोरों को भेजा सलाखों के पीछे
देहरादून। पुलिस ने चोरी के मोबाइलों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक तमंचा, कारतूस व खुखरी बरामद कर ली। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सत्यवीर पुत्र फूल सिंह निवासी सेलाकुई, द्वारा थाना सेलाकुई पर सूचना दी कि चोरों द्वारा सेलाकुई स्थित उनके घर के अंदर से 02 मोबाइल फोन चोरी कर लिये हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटना के खुलासे तथा गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों पर पुलिस टीम गठित की गई। गठित टीम द्वारा घटना स्थल के आसकृपास तथा आने जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से संदिग्धों के सम्बन्ध में जानकारियां एकत्रित की गयी तथा सीसीटीवी से प्राप्त संदिग्धों के हुलिये से अवगत कराते हुए सूचना तंत्र को भी सक्रिय किया गया। पुलिस टीम द्वारा लगातार किये जा रहे प्रयासों से चैकिंग के दौरान धूलकोट तिराहे के पास 02 लोगों को गिरफ्तार किया गया जिन्होंने अपने नाम फैजान पुत्र नूर आलम, शहबान पुत्र फुरकान, बडा गोहर रामपुर, शंकरपुर, सहसपुर को गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से घटना में चोरी किये गये दो मोबाइल फोन, एक तमंचा, दो कारतूस तथा एक खुखरी बरामद किए गए है।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे दोनो नशे के आदी हैं तथा अपने नशे की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये उनके द्वारा उक्त मोबाइल चोरी की घटना को अजांम दिया गया था। वह किसी अन्य बडी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे, इससे पूर्व ही पुलिस टीम द्वारा उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार फैजान पूर्व में एनडीपीएस एक्ट के अभियोग में जेल जा चुका है, जिसमें चार माह पूर्व ही वो जेल से छूटकर बाहर आया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

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धर्मनगरी में चारों ओर शिवभक्तों का सैलाब


हरिद्वार। सावन माह का सबसे प्रमुख धार्मिक उत्सव कावड़ यात्रा अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। कांवड़ यात्रा के सबसे पीक चरण में पहुंचने पर प्रशासन की चुनौतियां भी बढ़ गई है। डाक कावड़ों का शनिवार से हरिद्वार में पहुंचना शुरू हो गया है। वहीं पैदल कांवड़ियों की भारी भीड़ इस समय कावड़ यात्रा में उमड़ रही है। ऐसे में कानून व्यवस्था को बनाए रखना और भी मुश्किल हो जाता है। आज दोपहर 2 बजे तक लगभग डेढ़ करोड़ से अधिक कांवड़ियों के जल भरकर रवाना होने की खबर है।
डाक कांवड़ के शुरू होने के समय हरिद्वार में कांवड़ियों का सबसे अधिक दबाव होता है तथा सभी मार्गों को कांवड़ियों के लिए खोल दिया जाता है। हाईवे से लेकर पैदल पटरी मार्गाे तक सिर्फ कांवड़िये ही कांवड़िये दिखाई देते हैं। कावड़ यात्रा के दौरान यह पड़ाव सबसे अधिक मुश्किल भरा रहता है एक तरफ जहां पैदल कांवड़ियों का दबाव अधिक रहता है तो वही डाक कांवड़ियों के आने से कांवड़ियों की संख्या में भारी वृद्धि हो जाती है। आने वाले 2 दिन अधिक भीड़भाड़ वाले रहने वाले हैं।
क्राउड कंट्रोल इस दौरान प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती हो जाता है भक्ति में मगन कांवड़िये अपनी ही धुन में नाचते गाते दिखाई देते हैं और श्रद्धालुओं की भीड़ का यह रेला जिधर भी चल पड़ता है उधर चल पड़ता है। उसे रोकना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाता है भले ही प्रशासन पार्किंग से लेकर आनेकृजाने के सभी रूट पहले से ही तय कर देता हैं लेकिन भीड़ के आगे व्यवस्था चंद मिनटों में ही ध्वस्त हो जाती है। प्रशासन इस भीड़ को कंट्रोल करने में असमर्थ रहता है। यही कारण है कि उसके पसीने छूट जाते हैं। 22 जुलाई की शाम तक हरिद्वार में कांवड़ियों की भारी भीड़ रहेगी जिसे संभालना एक गंभीर चुनौती होगा।

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देर रात चमोली में महसूस किए गए भूकंप के झटके

चमोली।े चमोली जनपद में देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.3 मापी गई है। भूकंप के झटकों के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थान तलाशने लगे। इस दैवीय आपदा में किसी जानमाल के नुकसान की खबर नही है।
उत्तराखंड में आए दिन भूकंप के झटके महसूस होते रहे हैं। भूकंप के लिहाज से उत्तराखंड को सिस्मिक जोन 4 और 5 में रखा गया है। खासर उत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ जिले में कुछ दिनों के अंतराल में ही भूकंप के झटके महसूस होते रहे हैं। हाल ही में उत्तरकाशी जिले में भूकंप का झटका महसूस हुआ था। उत्तराखंड में पिछले 30 दिनों के भीतर तीन बार भूकंप के झटके महसूस हुए हैं।

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ट्रक पलटने से 11 कांवड़िए घायल


देहरादून। कांवड यात्रियों के ट्रक पलटने से 11 कांवड यात्री घायल हो गये। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंच कर सभी को अस्पताल पहुंचाया जहंा उनका उपचार जारी है।
आज प्रातः कांवड यात्रियों को ले जा रहा एक ट्रक, जो रानी पोखरी से ऋषिकेश की तरफ आ रहा था, नटराज चैक से लगभग 3कृ4 किलोमीटर पहले रानीपोखरी की तरफ काली माता मंदिर के पास अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलटने की सूचना कन्ट्रोल रूम के माध्यम से कोतवाली ऋषिकेश को प्राप्त हुयी। उक्त सूचना पर कोतवाली ऋषिकेश तथा थाना रानीपोखरी से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा तथा मौके पर घायल कांवड यात्रियों को उपचार हेतु ऋषिकेश अस्पताल पहुँचाया गया। मौके पर जानकारी करने पर ज्ञात हुया कि ट्रक जिसमें कुल 28 कावड़ यात्री सवार थे, रानीपोखरी से ऋषिकेश की ओर काली मन्दिर के पास अनियन्त्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। दुर्घटना में ट्रक सवार 11 कांवड़ियों को हल्की चोटें आयी है। शेष लोगों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। मौके पर यातायात सुचारू रूप से चल रहा है। घायलों ने अपने नाम सनी पुत्र ओमप्रकाश, शेखर पुत्र राजेंद्र, प्रवीण पुत्र सतपाल, तरसेन पुत्र रंजीत, रवि पुत्र गुरुविन्दर, रोहित पुत्र सुभाष, वंश पुत्र सिकंदर, विक्रम पुत्र जसपाल,सावन पुत्र सुमेर चंद, रजत पुत्र भगवान दास, नितिन सभी निवासी ग्राम सीमन, जिला कैथल, हरियाणा बताया।

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233 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
देहरादून। शनिवार सुबह एसटीएफ व विकासनगर पुलिस ने जब सूचना के बाद एक वाहन को रोका तो उसमें भारी मात्रा में चंडीगढ़ मार्का शराब सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं उनके निशानदेही पर सहसपुर में एक अन्य तस्कर की भी शराब सहित गिरफ्तारी हुई है। जिसने पंचायत चुनाव के चलते क्षेत्र में अवैध शराब को एकत्र करने के लिए गोदाम बनाया हुआ था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि एसटीएफ उत्तराखंड को जानकारी मिली थी कि उत्तराखंड में होने जा रहे हैं आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भारी मात्रा में हरियाणा,पंजाब, चंडीगढ़ से अवैध रूप से अंग्रेजी शराब की तस्करी उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों में किए जाने की संभावना है, सूचना पर कार्यवाही करते हुए आज सुबह कुल्हाल बैरियर पर एसटीएफ द्वारा थाना विकासनगर की पुलिस के साथ चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान एक हरियाणा नम्बर की पिकअप गाड़ी को रोककर चेक किया गया तो उसके अंदर 202 पेटी चंडीगढ़ मार्का शराब बरामद हुई। वाहन सवार दो लोगों को हिरासत में लेने के बाद की गयी पूछताछ में उन्होने अपना नाम रोहतास पुत्र रामचंद्र निवासी ग्राम मंडाना जिला भिवानी हरियाणा एवं आनंद पुत्र लखीराम ग्राम पोस्ट बड़गांव जिला करनाल हरियाणा बताया। बताया कि फतेहपुर,धर्मावाला थाना सहसपुर के निवासी विजयपाल ने अपने यहंा अवैध शराब का गोदाम बनाया हुआ है और वही से वह इस शराब की सप्लाई देहरादून क्षेत्र के अन्य जगहों पर करता है। पकड़ी गई शराब को भी वह लोग विजयपाल को ही देने जा रहे थे। जिस पर एसटीएफ द्वारा थाना सहसपुर पुलिस से संपर्क कर चैकी इंचार्ज धर्मावाला एवं चैकी इंचार्ज हरबर्टपुर को साथ लेकर विजयपाल पुत्र बनारसी लाल के घर पर छापा मारा तो वहां से 31 पेटी अंग्रेजी शराब चंडीगढ़ हरियाणा मार्का बरामद हुई है। दोनो स्थानों से कुल 233 पेटी अंग्रेजी शराब चंडीगढ़,हरियाणा मार्क बरामद की गई है। बहरहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है!