हरिद्वार में हाईवे के बीचों-बीच बने गहरे गड्ढे, फ्लाईओवर किया गया बंद जानिए सभी खबर

Spread the love
हरिद्वार में हाईवे के बीचों-बीच बने गहरे गड्ढे, फ्लाईओवर किया गया बंद
हरिद्वार। भारी बारिश से हरिद्वार के पतंजलि योगपीठ के पास हाईवे पर भारी गड्ढा हो गया, जिस कारण फ्लाईओवर को बंद कर दिया गया है।
हरिद्वार दिल्ली हाईवे पर पतंजलि योगपीठ के सामने बने फ्लाईओवर पर अचानक गुरुवार शाम भारी गड्ढा बन गया। गड्ढा बनने की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक को सर्विस लेन से डाइवर्ट करके निकालना शुरू कर किया। साथ ही घटना की सूचना हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों को दी गयी। जिस पर हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर गड्ढे की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। हाईवे पर अचानक हुए गड्ढे से हालांकि कोई दुर्घटना नहीं हुई. लेकिन समय रहते पता नहीं चलता तो बड़ी घटना हो सकती थी। क्योंकि हरिद्वार दिल्ली का ट्रैफिक इसी हाईवे से होकर गुजरता है। बहादराबाद थाने के शांतरशाह चौकी इंचार्ज खेमेन्द्र गंगवार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंची और आवागमन कर रहे वाहनों को सर्विस लेन पर डायवर्ट किया। एनएचएआई की टीम मौके पर मरम्मत का कार्य कर रही है। दोनों तरफ गड्ढे होने के कारण फ्लाईओवर बंद कर दिया गया है। साथ ही एनएचएआई के अधिकारियों को बनाया गया था. एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा बारिश के कारण हुए नुकसान का निरीक्षण किया गया है और मरम्मत का कार्य प्रगतिशील है।
आगे पढ़ें

दो पक्षों के विवाद में गोली चली, युवक घायल

देहरादून। राजपुर क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट के बाहर दो पक्षों में हुए विवाद के चलते गोलीकांड की घटना को अंजाम दिया गया। यहंा गोली लगने से एक युवक घायल हुआ है। जबकि हमलावर फरार होने में कामयाब रहा जिसकी पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार बीती देर रात कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना राजपुर पुलिस को सूचना मिली कि मसूरी डाइवर्जन से आगे राजपुर की ओर एक रेस्टोरेंट के बाहर किसी व्यक्ति द्वारा गोली चलायी गयी है। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। मौके पर गोली लगने से एक युवक घायल हो गया था, जिसे एम्बुलेंस के माध्यम से मैक्स अस्पताल भिजवाया गया। घायल युवक की पहचान संभव गुरुंग पुत्र शिवराज गुरुंग निवासी अनार वाला देहरादून के रूप में हुई, मौके पर फील्ड यूनिट की टीम को बुलाकर घटना स्थल की वीडियोग्राफी की गई। घटना के संबंध में जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि घायल युवक अपने साथियों के साथ खाना खाने रेस्ट्रोरेंट में गया था, जहाँ रेस्ट्रोरेंट में किसी बात को लेकर 2 युवकों व 1 युवती से उनका विवाद हो गया था। उक्त विवाद के चलते दोनो पक्षो की देर रात रेस्ट्रोरेंट के बाहर भी आपस मे बहस हो गयी तथा घायल युवक के 10 से 12 साथियों के मौके पर इक्कट्ठा होने पर दूसरे पक्ष के एक युवक द्वारा डराने के नियत से हवा में फायर किया गया, जिसमे एक गोली संभव गुरुंग को लग गई। मामले में घायल युवक संभव गुरुंग के परिजनों द्वारा थाना राजपुर पर दी गयी तहरीर के आधार पर थाना राजपुर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार घटना में गोली चलाने वाले आरोपी की पहचान कर ली गई है, जिसकी गिरफ्तारी हेतु टीमों को संभावित स्थानों को रवाना किया गया है।

आगे पढ़ें

सीमांत गांव गुंजी में महिलाओं ने जवानों को बांधी राखी
पिथौरागढ़। सीमांत गाँवों में बहनों ने सेना के जवानों की कलाई पर राखी बांधी।


महिलाओं ने उन्हें रक्षक से भाई बनाया। व्यास घाटी की दुर्गम पहाड़ी गुंजी में सख्त परिस्थितियों के बीच, भारतीय सेना ने महिलाओं और बच्चों के साथ रक्षाबंधन समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर रंग समुदाय की बहनों ने परंपरागत तरीके से तिलक लगाकर सैनिकों का राखी बांधी। साथ ही उनकी सलामती की कामना की। बदले में जवानों ने भी बहनों को मिठाइयां, उपहार और स्नेह भरे शब्दों से सम्मानित किया। रक्षाबंधन का यह आयोजन इस बात का प्रतीक बन गया कि भारतीय सेना केवल देश की सीमाओं की नहीं बल्कि लोगों दिलों की भी रक्षा कर रही हैं।

आगे पढ़ें
अपनों की तलाश में भटक रहे हैं लोग

धराली। धराली आपदा कुछ लोगों को ऐसी गहरा जख्म दे गई है कि वह जीवन भर नहीं भर सकेंगे। अपनों की तलाश में आए सैकड़ो लोग भले ही धराली तक नहीं पहुंच सके हैं लेकिन दिल में अपनों के जीवित होने की उम्मीदे और आंखों में आंसू भर वह उनके बारे में कोई सूचना मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
मीडिया कर्मियों द्वारा जब इन लोगों से कुछ भी पूछा जाता है तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं। यहां आए लोगों में कुछ ऐसे भी हैं जिनके दो से लेकर 6 परिजन तक यहंा काम करते थे लेकिन अब किसी का कोई पता नहीं चल पा रहा है। सेना के आठ जवानों से लेकर अगर इन तमाम लोगों के परिजनों से बात की जाए तो इनकी संख्या 100 से 150 तक के बीच है। एक बूढ़े माताकृपिता का कहना है कि उनके 6 बेटों सहित उनके परिचित 26 लोग यहां काम करते थे लेकिन अभी तक किसी से भी संपर्क नहीं हो सका है। लापता लोगों में अधिकांश नेपाली व तिब्बती तथा बिहार, यूपी आदि राज्यों के हैं जो यहां होटलों में काम करते थे।आपदा को आए आज 5 दिन का समय हो चुका है जैसेकृजैसे समय बीत रहा है लापता लोगों के मरने की संभावनाएं बढ़ती जा रही है जो मलबे में दबे हैं अब उनके जीवित होने की संभावनाएं लगभग खत्म हो चुकी है। लोगों का कहना है कि उन्हें कुछ तो पता चले कि हमारे परिजनों का आखिर हुआ क्या? वह किस हाल में है। जीवित भी है या नहीं यहां कोई अपने बच्चों को तलाश रहा है तो कोई अपने भाई और कोई अपने पति या रिश्तेदार को। लेकिन उन्हें उनके सवालों का जवाब कोई देने वाला नहीं है।