मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवर को मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान राज्य में आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, हिमस्खलन तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों को तत्काल चिन्हित किया जाए, ताकि संभावित खतरे से पहले ही सतर्कता बरती जा सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर किसी भी प्रकार की नई बसावट या नए निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक जल स्रोतों और नदियों और नालों के किनारों पर किसी भी प्रकार का सरकारी या निजी निर्माण कार्य प्रतिबंधित रहेगा। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं तथा इनके क्रियान्वयन की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से बचाव के लिए रोकथाम के उपायों को प्राथमिकता दी जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में जनहित को ध्यान में रखते हुए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।

बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर.के.सुधांशु, श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक श्री ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।
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*राज्य सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री*
*10वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो प्रोसेडिंग विमोचन समारोह*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए प्रत्येक जनपद में एक -एक मॉडल आयुष गांव विकसित किया जा रहा है। साथ ही नए योग एवं वेलनेस केंद्र भी विकसित किए जा रहे हैं।
सोमवार को ओल्ड राजपुर स्थित एक होटल में 10वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो के प्रोसेडिंग विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि देवभूमि उत्तराखंड 10वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस और आरोग्य एक्सपो का आयोजन करने में सफल रहा, साथ ही अब हम उस ऐतिहासिक आयोजन की स्मृतियों और उपलब्धियों को संजोने के लिए प्रोसिडिंग का विमोचन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये मात्र एक दस्तावेज नहीं बल्कि ज्ञान, अनुभव और गहन विचार-विमर्श का सार तत्व है, जो आने वाले वर्षों में आयुर्वेद के क्षेत्र में अनुसंधान, नीति-निर्माण और जन स्वास्थ्य की दिशा तय करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व आयुर्वेद कांग्रेस और एक्सपो मार्ट के आयोजन के माध्यम से हम न केवल भारत में, बल्कि विश्व के विभिन्न देशों में यह संदेश देने में सफल रहे कि आयुर्वेद द्वारा किस प्रकार उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है।
साथ ही हम विश्व को अपनी सनातन हिंदू संस्कृति द्वारा बताए गए “सर्वे सन्तु निरामयाः के संदेश को व्यापक रूप से पहुंचाने में भी सफल रहे।
मुख्यमंत्री ने विज्ञान भारती के “विज्ञान विद्यार्थी मंथन” की सराहना करते हुए कहा कि ये न केवल हमारे युवाओं में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, अनुसंधान की प्रवृत्ति और नवाचार की क्षमता को विकसित करने की एक सशक्त पहल है बल्कि भावी पीढ़ी को जिज्ञासु, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने का एक व्यापक अभियान भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद विश्व की एक ऐसी विशिष्ट चिकित्सा प्रणाली है जो प्राचीन काल से ही मानव सभ्यता का आरोग्य सुनिश्चित करती आ रही है। आयुर्वेद मात्र बाह्य रोगों को ही नहीं बल्कि हमारी बुद्धि और हमारी इन्द्रियों से जुड़े हुए आंतरिक विकारों को भी ठीक करता है। आयुर्वेद के इसी समग्र दृष्टिकोण के कारण आज इसकी स्वीकारिता लगातार बढ़ती जा रही है। आयुर्वेद मानवता को मिला सबसे मूल्यवान उपहार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड प्राचीन काल से ही आयुर्वेद और औषधीय संपदा की प्रज्ञा भूमि रही है। हमारे पर्वतीय अंचल में पाई जाने वाली औषधीय जड़ी-बूटियों ने आयुर्वेद को आरोग्य के आधारभूत तत्व के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए इस प्रकार का आयोजन हमारे प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होने कहा हम सभी के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में गठित आयुष मंत्रालय आज हमारे इस प्राचीन विज्ञान को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिला रहा है। केंद्र सरकार द्वारा संचालित ‘राष्ट्रीय आयुष मिशन’ और ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ जैसे विभिन्न कार्यक्रम आज शहरों से लेकर गांवों तक आरोग्य स्थापित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से राज्य सरकार भी प्रदेश में आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार हेतु निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, राज्य के भीतर आयुष आधारित 300 से अधिक ’’आयुष्मान आरोग्य केंद्रों’’ का संचालन हो रहा है। ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से 70 से अधिक विशेषज्ञों द्वारा आयुष परामर्श प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार प्रत्येक जनपद में 50 बेड और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालयों की स्थापना कर रही है। साथ ही प्रत्येक जनपद में एक -एक मॉडल आयुष गांव विकसित किया जा रहा। इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में ’’उत्तराखंड आयुष नीति’’ को लागू करते हुए औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध और औषधीय पौधों के उत्पादन को गति प्रदान की जा रही है। अब राज्य सरकार आगामी वर्षों में आयुष टेली-कंसल्टेशन प्रारम्भ करने के साथ-साथ 50 नए योग और वेलनेस केंद्र स्थापित करने हेतु भी प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने उत्तराखंड में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना के लिए आयुष मंत्रालय से अनुरोध किया है, जो उत्तराखंड में आयुर्वेद शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयुष विभाग की कॉफी टेबल बुक और विज्ञान भारती के विज्ञान विधार्थी मंथन प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन करने के साथ ही आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए कई लोगों को सम्मानित किया।
इससे पहले विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ शिव कुमार ने आयोजन की विस्तृत रूप रेखा प्रस्तुत की।
मुख्य आयोजन से पूर्व धराली आपदा में दिवंगत हुए नागरिकों के प्रति मौन भी रखा गया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल, आरएसएस के प्रांत प्रचारक डॉ शैलेंद्र, सचिव दीपेंद्र चौधरी, निदेशक आयुष श्री विजय जोगदंडे, प्रो. अनूप ठक्कर, श्री चन्द्रशेखर नय्यर, डॉ. वी. के अशोक, प्रो. के डी पुरोहित के साथ ही विभिन्न गणमान्य लोग शामिल हुए।
धराली में 98 आपदा प्रभावित परिवारों को मिली पाँच-पाँच लाख रुपये की तत्कालिक सहायता*
*सीएम धामी के निर्देश पर प्रभावितों को दिए गए चेक*
*सरकार की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही का असर*
प्रदेश सरकार द्वारा धराली में आपदा प्रभावित 98 परिवारों को पाँच-पाँच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए गए। यह वितरण गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री सुरेश सिंह चौहान द्वारा किया गया।
गत 5 अगस्त को उत्तरकाशी एवं पौड़ी जनपदों में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने व्यापक तबाही मचाई थी। कई स्थानों पर भारी बारिश, भूस्खलन और मलबे के प्रवाह से घर पूरी तरह नष्ट हो गए, बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हुआ और प्रभावित परिवारों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ा। इस आपदा के तुरंत बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और सभी प्रभावित परिवारों को पाँच-पाँच लाख रुपये की तत्कालिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की थी।
इसी घोषणा के तहत आज धराली में 98 परिवारों को राहत राशि के चेक वितरित किए गए। इस सहायता का उद्देश्य पीड़ित परिवारों को पुनर्वास की दिशा में प्रारंभिक सहारा देना है ताकि वे आपदा के बाद के कठिन दौर में अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकें।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह सहायता राहत प्रक्रिया का प्रारंभिक चरण है। भवनों, आवासों, होमस्टे, पशुधन और बागानों को हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर एक व्यापक राहत एवं पुनर्वास पैकेज तैयार किया जाएगा, जिससे प्रभावितों को दीर्घकालिक सहयोग मिल सके।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोग मेरे परिवार के सदस्य हैं। इस कठिन समय में वह और प्रदेश सरकार प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्य को प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जाएगा, ताकि सभी प्रभावित जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।”
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्रीय नागरिक भी उपस्थित रहे और उन्होंने प्रदेश सरकार की इस त्वरित राहत कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया।
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देहरादून में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के अन्तर्गत राज्य स्तरीय संवाद कार्यक्रम*
*देहरादून 11 अगस्त, 2025 (सू. ब्यूरो)*
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने महानिदेशक उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद प्रो. दुर्गेश पंत को धराली (उत्तरकाशी) के ऊपर अधिक ऊंचाई के क्षेत्र में ग्लेशियर और ग्लेशियर लेक आदि का तत्काल विश्लेषण कर यथास्थिति से अवगत कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
कहा कि ग्लेशियर पिघलने से बनने वाली झीलों और उनसे संभावित खतरों का तत्काल आंकलन कर अवगत कराया जाए। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेशभर के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों को भी शामिल किए जाने की बात कही है।
मुख्य सचिव ने कहा कि धराली और ऋषिगंगा जैसे सेंसिटिव क्षेत्रों को प्राथमिकता पर लेते हुए इनका विश्लेषण कर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि निकट भविष्य में इस प्रकार कोई अप्रिय घटना से होने वाले जान – माल के नुकसान को रोकने के लिए पूर्व से तैयारियां सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के ऐसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों, जहां किसी प्रकार की झील बनने या उसका विस्तार होने की आशंका है, को चिन्हित किया जाए। उन्होंने इस प्रकार के विश्लेषण लगातार किए जाने हेतु उत्तराखण्ड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (यू-सैक) को नोडल एजेंसी नामित किया। कहा कि प्रदेशभर में इस प्रकार का विश्लेषण एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसके लिए यू-सैक को मजबूत किया जाना अनिवार्य है।
मुख्य सचिव ने कहा कि नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) और इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग सैटेलाईट (आईआरएसएस) सहित इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाईजेशन (इसरो) से हर प्रकार की सहायता और सामंजस्य के लिए उत्तराखण्ड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (यू-सैक) ही नोडल एजेंसी होगी। उन्होंने कहा कि अधिक ऊंचाई में स्थिति झीलों की मॉनिटरिंग के लिए सेंसर लगाए जाने के कार्य में तेजी लायी जाए। उन्होंने एनआईएच से भी इस सम्बन्ध में सहायता लिए जाने की बात कही।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, श्री आर, मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, श्री सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री युगल किशोर पंत एवं श्री विनोद कुमार सुमन सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डेय भी उपस्थित थे।
* *मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना कार्यक्रम में सीएम ने महिला स्वयं सहायता समूहों को किया सम्मानित।*
*‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ को मिलेगा वैश्विक बाजार- मुख्यमंत्री*
*प्रदेश में 1.63 लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’*
*तीन वर्षों में 15 हज़ार उद्यमियों को मिलेगा इन्क्यूबेशन सहयोग – मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अन्तर्गत सराहनीय कार्य करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया और उनसे संवाद भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना का शुभंकर एवं लोगो लॉन्च किया तथा हाउस ऑफ हिमालयाज के नये उत्पाद एवं वेबसाइट का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य हुआ है। जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो वह पूरे समाज को सशक्त बनाने का कार्य करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य से लेकर उद्यमिता और नौकरियों तक में प्रदेश की महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से मातृशक्ति को नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अन्तर्गत आगामी तीन वर्षों में 15 हज़ार से अधिक उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों को इन्क्यूबेशन सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अंतर्गत उन्हें व्यवसायिक कौशल प्रशिक्षण, कानूनी एवं लाइसेंसिंग सहयोग, को-वर्किंग स्पेस, निवेश सहायता और स्थानीय से लेकर वैश्विक स्तर तक विपणन के लिए एक मजबूत नेटवर्क उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल की पहल के अंतर्गत, लखपति दीदी के संकल्प को साकार करने तथा स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राज्य में हाउस ऑफ हिमालयाज अम्ब्रेला ब्रांड बनाया गया है। इसके अंतर्गत अभी 35 उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पादों को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। शीघ्र ही हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद विश्व के अन्य देशों में भी निर्यात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में 68 हज़ार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 5 लाख महिलाएं संगठित होकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 2023 में शुरू की गई मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के माध्यम से हमारी बहनों ने विभिन्न आयोजनों में 27 हज़ार से अधिक स्टॉल लगाकर 7 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री की है। प्रदेश की 1 लाख 63 हज़ार से अधिक बहनें लखपति बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग हेतु 49 ग्रोथ सेंटरों की स्थापना की गई है। इन उत्पादों के प्रभावी विपणन के लिए 13 जनपदों में 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट्स, 17 सरस सेंटर, 3 राज्य स्तरीय विपणन केंद्र तथा 8 बेकरी यूनिट्स का भी संचालन किया जा रहा है। केंद्र सरकार की वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों पर महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष केंद्र स्थापित किए गए हैं।
अल्मोड़ा की सीमा कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर वे पिछले 5 वर्षों में 18 लाख रुपये की आमदनी कर चुकी हैं। बागेश्वर की दया दानू ने कहा कि उनके साथ 400 महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं और एक वर्ष में सबने मिलकर एक करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। चम्पावत की हेमा उपाध्याय ने कहा कि वे एग्रो टूरिज्म पर कार्य कर रही हैं। पॉली हाउस और होमस्टे के माध्यम से उन्हें हर साल 4 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है। कोरोना के दौरान उन्होंने अपने पति के साथ रिवर्स पलायन किया था। चमोली की रेखा नेगी ने कहा कि स्टॉल के माध्यम से उन्हें स्थानीय उत्पादों पर अच्छी आय प्राप्त हो रही है। देहरादून की किरण राणा ने कहा कि उन्हें मशरूम उत्पादन से काफी फायदा हुआ है और उनके साथ 34 महिलाएं कार्य कर रही हैं। हरिद्वार की छवि ने बताया कि उन्होंने रेस्टोरेंट के लिए 10 लाख रुपये का लोन लिया था, जिस पर उन्हें 6 लाख रुपये की सब्सिडी मिली। नैनीताल की किरण जोशी ने बताया कि उनके द्वारा बनाए गए रेशम उत्पादों से उन्होंने पिछले 9 माह में 8 लाख रुपये का व्यवसाय किया है।
इस अवसर पर विधायक श्री खजानदास, श्रीमती सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास श्रीमती राधिका झा, आयुक्त ग्राम्य विकास अनुराधा पाल, अपर सचिव झरना कमठान तथा ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
[11/08, 6:48 pm] +91 75001 17686: अगले 3 घंटों मे ( ऑरेंज अलर्ट दिनांक 11.08.2025, 06:16 PM बजे से 11.08.2025 09:16 PM बजे तक ) *जनपद* – अल्मोडा, बागेश्वर, चमोली, देहरादून, पौडी गढ़वाल, पिथौरागढ, रूद्र प्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी में अलग-अलग स्थानों पर *यथा*- पुरोला, चिन्यालीसौड़, कर्णप्रयाग, देवाल, कपकोट, डुगटू, बेरीनाग, कौसानी तथा इनके आस पास के क्षेत्रों मे गरज/बिजली के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है।
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*आने वाले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण, अलर्ट रहें अधिकारी-आनंद*
*रेड व ऑरेंज अलर्ट को लेकर आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ बैठक*
*एसीईओ प्रशासन आनंद स्वरूप ने कहा-पूरी तैयारी रखें जनपद*
देहरादून। आगामी कुछ दिनों में विभिन्न जनपदों के लिए जारी रेड एवं ऑरेंज अलर्ट के मद्देनज़र अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-प्रशासन श्री आनंद स्वरूप ने सभी जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने सभी जिलों की मौजूदा स्थिति, वर्षा, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा प्रभावित इलाकों की जानकारी ली। श्री आनंद स्वरूप ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग पूरी तैयारी में रहें। जिन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी है, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए और अगले तीन दिनों के भारी वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए किसी भी चुनौती से निपटने के लिए फील्ड स्तर तक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, नदियों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी किनारे रहने वाले लोगों को पूर्व सूचना देने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए नदी किनारों और संवेदनशील इलाकों में अलार्म सिस्टम को सक्रिय रखने एवं चेतावनी संकेत बोर्ड लगाए जाएं।
श्री स्वरूप ने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नाव, राफ्ट जैसी व्यवस्थाएं पहले से अलर्ट मोड पर रखी जाएं। साथ ही जेसीबी और पोकलैंड मशीनों की एडवांस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सके। उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को हर परिस्थिति की जानकारी तुरंत उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि जो भी मौसम संबंधी एलर्ट राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से जनपदों को भेजे जा रहे हैं, उन्हें आम जन तक पहुंचाया जाएं।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी ने कहा कि जितनी बेहतर तैयारी होगी, उतना ही प्रभावी ढंग से आपदाओं का सामना किया जा सकेगा। उन्होंने जिलों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और आईआरएस को 24 घंटे सक्रिय रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनपदों के ऊपरी क्षेत्रों में वर्षा की स्थिति पर विशेष नजर रखी जाए, क्योंकि वहां अधिक वर्षा होने पर निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि आने वाले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, इसलिए 24 घंटे सतर्क और अलर्ट मोड पर रहना अनिवार्य है। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, डॉ. पूजा राणा, श्री हेमंत बिष्ट, डॉ, वेदिका पन्त, श्रीमती तंद्रीला सरकार आदि मौजूद थे।
आपदा की स्थिति में कॉल करें
देहरादून। किसी भी प्रकार की आपदा की सूचना ैम्व्ब्/ राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के फोन नम्बरों 0135-2710335, 0135-2710334, टोल फ्री नं0 1070, 1077, 9058441404 एवं 8218867005 पर तत्काल उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करेंगे
12 और 13 अगस्त को रेड अलर्ट
दिनांक 11.08.2025 को राज्य के देहरादून, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, बागेश्वर, चम्पावत एवं ऊधमसिंह नगर जनपदों में अत्यधिक वर्षा होने की सम्भावना है (रेड अलर्ट) साथ ही अन्य शेष जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है (ऑरेंज अलर्ट)।
दिनांक 12.08.2025 को राज्य के हरिद्वार, नैनीताल तथा ऊधम सिंह नगर आदि जनपदों में अत्यधिक वर्षा होने की सम्भावना है (रेड अलर्ट) तथा देहरादून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर तथा चम्पावत आदि जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है (ऑरेंज अलर्ट) साथ ही अन्य शेष जनपदों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है (येलो अलर्ट)
दिनांक 13.08.2025 को राज्य के देहरादून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, बागेश्वर तथा उधम सिंह नगर आदि जनपदों में अत्यधिक वर्षा होने की सम्भावना है (रेड अलर्ट) साथ ही अन्य शेष जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है (ऑरेंज अलर्ट)।
दिनांक 14.08.2025 को राज्य के समस्त जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है (ऑरेंज अलर्ट)।
दिनांक 15.08.2025 को राज्य के देहरादून, टिहरी, पौडी गढ़वाल, नैनीताल, बागेश्वर एवं चम्पावत आदि जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है (ऑरेंज अलर्ट) साथ ही राज्य के शेष जनपदों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है (येलो अलर्ट)
जनपदों को जारी किए गए दिशा-निर्देश
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से रेड अलर्ट को देखते हुए सभी जनपदों को निम्नलिखित दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रत्येक स्तर पर तत्परता एवं सुरक्षा बनाये रखते हुए आवागमन में नियंत्रण बरता जाये।
किसी भी आपदा/दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थलीय कार्यवाही करते हुए सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जायें।
आपदा प्रबन्धन प्त्ै प्रणाली के नामित समस्त अधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट में रहेंगे।
किसी भी मोटर मार्ग के बाधित होने की दशा में उसे तत्काल खुलवाना सुनिश्चित करेंगे।
समस्त राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी अपने तैनाती क्षेत्रों में बने रहेंगे।
समस्त चौकी/थाने भी आपदा सम्बन्धी उपकरणों एवं वायरलैस सैट आदि सहित हाई अलर्ट में रहेंगे।
उक्त अवधि में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के मोबाईल/फोन स्विच ऑफ नहीं रहेंगे।
अधिकारीगण बरसाती, छाता, टार्च, हैलमेट तथा कुछ आवश्यक उपकरण एवं सामग्री अपने वाहनों में अपने स्तर से रखने हेतु उचित कार्यवाही करेंगे।
उक्त अवधि में लोगों के फँसे होने की स्थिति पर खाद्य सामग्री व मेडिकल की व्यवस्था की जायें।
विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत विद्यालयों में सावधानी बरती जायें।
असामान्य मौसम, भारी वर्षा की चेतावनियों के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के आवागमन को अनुमति न दी जाये।
सम्बन्धित जनपदों के जिला सूचना अधिकारी उक्त चेतावनी/सूचना को आम जनमानस तक दृश्य एवं प्रिन्ट मीडिया से प्रसारित करना सुनिश्चित करेंगे व आम जनमानस को सूचित किया जाये कि वह इस अवधि में अनावश्यक घर से बाहर न निकले।
भू-स्खलन के लिए संवेदनशील मार्गों पर पहले से ही उपकरणों की उचित व्यवस्था करना सुनिश्चित करें।
*जिले में मूसलाधार बारिश, ग्राउंड जीरो पर डीएम, प्रातःकाल से ही सड़कों पर स्थिति का लिया जायजा।*
*कंट्रोल रूम पहुंचकर डीएम ने बारिश से उपजे हालातों की ली जानकारी,*
*अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने, प्रभावितों को त्वरित राहत पहुंचाने के दिए निर्देश।*
*नागरिकों से अपील, नदी किनारों से दूर सुरक्षित स्थान पर रहें।*
*देहरादून 11 अगस्त, 2025(सू.वि.)*
जिले में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। मूसलाधार बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने प्रातःकाल में ही शहर भ्रमण कर जलभराव स्थिति का जायजा लिया और क्यूआरटी (त्वरित प्रतिक्रिया टीमों) को अपने क्षेत्रों में अलर्ट रहने के निर्देश दिए। क्षेत्र भ्रमण के उपरांत जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम पहुंच कर कमान संभाली। उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट रहते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा के दृष्टिगत सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को हर संभव मदद पहुंचाई जाए। लगातार स्थिति पर नजर रखें और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। जिलाधिकारी ने क्यूआरटी टीमों को जलभराव क्षेत्रों पर गश्त लगाते हुए अलर्ट रहने के निर्देश दिए है। साथ ही प्रत्येक क्षेत्र में पटवारी और कानूनगो क्षेत्र से अतिवृष्टि की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। जिलाधिकारी कंट्रोल रूम से मूसलाधार बारिश से उपजे हालातो की स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे है। इस दौरान डीएम ने जनपद में सड़क, विद्युत, पेयजल एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने नदी किनारे बसे लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की भी है।
रिस्पना क्षेत्र में आपदा की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम कुमकुम जोशी ने होटल शिवालिक द्रोणपुरी धर्मपुर देहरादून को राहत शिविर के रूप में अधिग्रहण करने के आदेश जारी किए है। राहत शिविर में ठहरने वाले प्रभावितों को भोजन, पेयजल एवं कक्ष की व्यवस्था की गई है।
बारिश के कारण ब्रहमपुरी रोहिया नगर में 02 मकान और लक्ष्मण चौक नियर गोविन्द गढ़ पुल के समीप भी 01 मकान गिरने की सूचना पर जिला प्रशासन की टीम ने मौका मुआयना किया। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नही हुआ है। पुरकुल राजपुर रोड़, ईश्वर विहार, केनाल रोड़, मलिक चौक, ब्रहमवाला, धोरण में पेड़ गिरने पर उनको हटाया जा रहा है। वहीं गुनियाला गांव के पास भूस्खलन की जानकारी मिलने पर लोनिवि, वन एवं विद्युत विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
तहसील सदर के अंतर्गत आईटी पार्क और ईश्वर विहार रायपुर में जलभराव से कुछ लोगों के फंसने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन ने तत्काल एसडीआरएफ, पुलिस, तहसील प्रशासन की टीम को मौके पर भेजकर सभी को सकुशल निकाला गया। मूसलाधार बारिश के कारण गणेश एन्क्लेव नेहरू ग्राम वार्ड-64, किशनपुर कैनाल रोड, नत्थनपुर, गुच्चुपानी, माजरा, विधानसभा क्षेत्र, विदांल झुग्गी, पथरिया पीर विजयपुर कॉलोनी, पटेल नगर, कालिदास रोड आदि 91 स्थानों पर जलभराव की सूचना मिलने पर क्यूआरटी द्वारा जलभराव क्षेत्रों से डी-वाटरिंग हेतु कार्रवाई की गई। जनपद में 12 राष्ट्रीय राजमार्ग और 19 राज्य मार्ग सुचारू है। जबकि जनपद के 346 ग्रामीण मार्गाे में से 14 मार्ग बारिश के कारण अवरुद्ध हुए है। जिन्हें खोलने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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भारी वर्षा; आपदा जैसे हालात; जन दर्शन में फिर भी पहुंचे 78 फरियादी;
समस्या निस्तारण के साथ ही डीईओसी से वायरलेस व दूरभाष पर अपनी क्यूआरटी से आपदा सम्बन्धी अपडेट लेते रहे डीएम
बहुउपयोगी सामुदायिक केंद्र मायानगर ऋषिकेश को फर्नीचर उपकरण हेतु 1.75 लाख का चैक मौके पर ही; दिव्यांग महिला नीरज चलाती है महिलाओं दिव्यांग एवं बच्चों के लिए प्रशिक्षण केंद्र
व्यथित विधवा महिला रक्षा,पति मृत्यु उपरांत परिजन नहीं दे रहे सम्पत्ति में हिस्सा; तहसीलदार को 3 दिन भीतर कार्यवाही के निर्देश
दिव्यांग अंजना मलिक को परिवहन बस पास दिया; मकान हेतु आर्थिक सहायता जल्द
व्यथित विधवा सुमन; पड़ोसी नहीं करने दे रहे बाउंड्री; मौके पर ही दर्ज कराई ऑनलाइन एफआईआर
देहरादून दिनांक 11 अगस्त 2025जिलाधिकारी सविन बसंल ने आज ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम में जन समस्याएं सुनी। भारी बारिश के बावजूद बडी संख्या में फरियादी जनता दरवार पहुंचे। जनता दरबार में पहुंचे अधिकांश फरियादियों ने भूमि और घरेलू विवाद के मामले प्रमुखता से रखे। इसके अतिरिक्त मुआवजा, आर्थिक सहायता, पेयजल, एमडीडीए, नगर निगम, पुलिस, शिक्षा, रोजगार आदि से जुड़ी 78 समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जिनमें से अधिकांश शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर निराकरण किया।
विवेक विहार हरबर्टपुर निवासी 81 वषीर्ष बुजुर्ग महिला राममूर्ति ने डीएम हो अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि पुत्र व पुत्रवधु मारपीट करते है तथा डरा धमका रहे है, जिस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी विकासनगर को तत्काल भरणपोषण अधिनियमे ं वाद दर्ज कर फास्टटेªट सुनवाई के निर्देश दिए। लोहिया नगर ब्रह्मपुरी निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी व्यथा सुनाते हुए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। बताया कि उनका एक मात्र पुत्र का देहांत होने के बाद अब उनकी आजीविका का कोई सहारा नही है। दवाइयों के खर्चे के लिए भी पैसे नही है। जिस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी को निर्देश दिए कि राइफल क्लब फंड में तत्काल आवेदन प्रस्तुत किया जाए। वही ऋषिकेश निवासी दिव्यांग महिला अंजना मलिक ने परिवहन निगम की बसों में फ्री पास बनवाने पर जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया तथा अपने लिएर के लिएर आर्थिक सहायता की दिलाने की गुहार लगाई। जिस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी को सीएसआर मद में आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
ग्राम लांघा विकास नगर निवासी व्यथित विधवा महिला रक्षा ने बताया कि उनके पति की मृत्यु हो गई है। उनकी तीन बेटियां है। ससुराल वालों के उत्पीड़न से पिछले 11 सालों से अपने मायके में रह रही है। बच्चों के भरण पोषण के लिए वो अपनी जमीन का कुछ हिस्सा बेचना चाहती है लेकिन ससुराल पक्ष उसको अपने पति का कानूनी हिस्सा देने से डरा रहे है। उन्होंने पति के हिस्से भूमि पर कानूनी हक दिलाने की गुहार लगाई जिस पर डीएम ने तहसीलदार विकासनगर को 03 में कृत कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए। दीपनगर निवासी कुसुमलता ने अपने पति द्वारा खरीदे गए वाहन का ऋण माफ करने की गुहार लगाई। जिस पर डीएम ने एलडीएम को जांच के निर्देश दिए। वहीं व्यथित विधवा सुमन ने डीएम से गुहार लगाई कि पड़ोसी बाउंड्री बनाने नहीं दे रहे हैं, जबकि भूमि उनकी मारपीट की जा रही है जिस पर डीएम तत्काल आनलाईन प्राथमिकी दर्ज करवाई।
मायाकुण्ड में जीर्णशीर्ण सामुदायिक केन्द्र सामुदायिक केन्द्र की बहुउपयोगिता बच्चों की शिक्षा, महिला सारक्षरता, महिला कौशल की गतिविधिति संचालित होती है। पैरा खिलाड़ी नीरजा गोयल देवभूमि चेरीटेबल ट्रस्ट डीएम से मिली तथा अपनी बात उनको बताई कि उनके द्वारा भी सांयकालीन महिला सिलाई प्रशिक्षण एवं स्थानीय बच्चों को रेमेडियल टीचिंग करायी जाती है तथा इस भवन को उपयोग में लाया जा रहा है, उन्होंने भवन मरम्मत का डीएम से अनुरोध किया था जिस पर डीएम ने 43 लाख की स्वीकृत किए थे, जिससे भवन निर्माण किया गया। अब भवन के फर्नीचर उपकरण हेतु 1.75 लाख की धनराशि का चैक दिया गया।
62 वर्षीय बुजुर्ग डेन्डो देवी ने बताया कि उनका आधार कार्ड न बन पाने के कारण उन्हें सरकार की मूलभूत सुविधाएं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को महिला का आधार कार्ड बनाने हेतु तत्काल कार्रवाई करने और समाज कल्याण विभाग को बुजुर्ग महिला की पेंशन इत्यादि योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
जमनीवाला निवासी मोहन सिंह ने बताया कि उनके मकान के आगे भू धसाव के कारण पुश्ता ढहने से उनके आवासीय भवन को खतरा बन गया है। उन्होंने प्राथमिकता पर पुस्ता निर्माण कराने की मांग की। गणेशपुर निवासी पूर्व सैनिक ने गणेशपुर में आपदा के कारण क्षतिग्रस्त पुलिया का शीघ्र निर्माण कराने की मांग रखी। चांदपुर खुर्द में पेयजल ट्यूबेल पर विद्युत संयोजन कराने की मांग पर यूपीसीएल को त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान फरियादियों ने भूमि का सीमांकन, रजिस्ट्री, अवैध कब्जा हटवाने से जुड़ी तमाम समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी।
जनता दर्शन में अपर जिलाधिकारी वि/रा के के मिश्रा, संयुक्त मजिस्टेªट राहुल कुमार, एसडीएम अपूर्वा, एसडीएम कुमकुम जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
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*देहरादून 11 अगस्त,2025*
मुख्य विकास अधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड, देहरादून अधिसूचना संख्या-2284 दिनांक-07.08.2025 द्वारा जिला पंचायतों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा अधिसूचना संख्या-2285 दिनांक-07.08.2025 द्वारा क्षेत्र पंचायतों के प्रमुखों, ज्येष्ठ उप प्रमुखों एवं कनिष्ठ उप प्रमुखों के निर्वाचन का कार्यक्रम अधिसूचित किया गया है। क्षेत्र पंचायत के प्रमुख, ज्येष्ठ उप प्रमुख एवं कनिष्ठ उप प्रमुख के लिये होने वाले मतदान दिवस तथा जिला पंचायत अध्यक्ष/उपाध्यक्ष के लिये होने वाले मतदान दिवस को अपने क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य के पद पर निर्वाचित होने से सम्बन्धित निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) तथा सहायक रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा निर्गत किया गया ‘प्रमाण पत्र’ के साथ कोई भी अधिकृत/वैध फोटोस्टेट पहचान पत्र अनिवार्य रूप से अपने साथ लेकर प्रमुख/उप प्रमुखों एवं जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष जिला पंचायत के मतदान में प्रतिभाग करेंगे, ताकि मतदाता/सदस्य के रूप में पहचान सुनिश्चित की जा सके।
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कतिपय सोशल मीडिया ग्रुप पर अलर्ट के मध्यनजर 12 अगस्त 2025 जनपद देहरादून के स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रो को एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन द्वारा एक दिन का अवकाश घोषित करने सम्बन्धी भ्रामक समा#चार प्रसारित हो रहा है, जो कि फर्जी है।
जिला प्रशासन ने 12 अगस्त 2025 के लिए अभी तक स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रो पर अवकाश सम्बन्धित कोई आदेश जारी नही किया गया है। ऐसा करने वाले के विरूद्ध आपदा प्रबन्धन अधिनियम की एवं बीएनएस की संुसगत धाराओं के अन्तर्ग कार्यवाही की जाएगी।
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राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र, उत्तराखण्ड द्वारा विषय “Driving Governance with Digital tools and Technologies” पर एक दिवसीय तकनिकी कार्यशाला का आयोजन दिनांक 11 अगस्त 2025 को होटल रमाडा, देहरादून में किया गया।
कार्यशाला का उद्घाटन उत्तराखण्ड राज्य के सचिव, आई० टी०, श्री नितेश कुमार झा के कर कमलों द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि आम जनता तक सूचना तकनिकी का लाभ अधिक से अधिक पहुंचाने हेतु एन०आई०सी० द्वारा विकसित विभिन्न साफ्टवेयर एवं डिजिटल टूल्स का उपयोग राज्य के विभाग अधिक से अधिक करें।
कार्यशाला में एन०आई०सी० मुख्यालय से पधारे उप महानिदेशक श्री आई०पी०एस० सेठी ने एन०आई०सी० द्वारा तैयार किये गए विभिन्न परियोजनाओं के बारे में संक्षिप्त में बताया।
राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी, संजय गुप्ता द्वारा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के मार्ग दर्शन में Common ऑफिस टूल्स और पोर्टल्स जैसे कि collabfiles, Sandes, GOV.IN Secure Intranet, etaal, NAPIX, GovDrive, इत्यादि का उल्लेख किया गया।
कार्यशाला में कोषागार, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय अकादमी, जेड एस आई, सर्वे ऑफ इंडिया, राजभवन, सी०पी०डब्लू०डी०, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, विद्यालयी शिक्षा विभाग, ट्रांसपोर्ट, शहरी विकास, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय, उरेडा इत्यादी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
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*देहरादून 11 अगस्त,2025
उत्तराखण्ड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड द्वारा “Oestrus Synchronization and Artificial Insemination in Goats” विषय पर ओडिशा राज्य के पशुचिकित्सा अधिकारियों हेतु तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। आज दिनांक 11 अगस्त, 2025 को उत्तराखण्ड राज्य पशुचिकित्सा परिषद के परिसर में स्थित प्रशिक्षण केन्द्र मे प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गयाf। इस उपलक्ष्य पर डॉ0 उदयशऺकर, अपर निदेशक पशुपालन विभाग उत्तराखण्ड, एवं डॉ0 प्रलयंकर नाथ, मुख्य अधिशासी अधिकारी, यू0एस0डब्ल्यू0डी0बी0 द्वारा “Scientific Goat Breeding, Oestrus Synchronization and Artificial Insemination in Goats” विषय पर Training Manual का अनावरण भी किया गया।
प्रशिक्षणार्थीयों को डॉ0 अमित अरोड़ा, प्रभारी, राज्य भेड़-बकरी अतिहिमिकृत वीर्य उत्पादन एवं कृत्रिम गर्भाधान प्रयोगशाला, पशुलोक, ऋषिकेश द्वारा बकरियों में हॉर्मोनल प्रबंधन, Oestrus Synchronization की प्रक्रिया एवं कृत्रिम गर्भाधान पर व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।
उद्घाटन समारोह में डॉ0 दीक्षा रावत, पशुचिकित्सा अधिकारी, यू0एस0डब्ल्यू0डी0बी0 डॉ0 शिखाकृति नेगी, पशुचिकित्सा अधिकारी, यू0एस0डब्ल्यू0डी0बी0, श्री अभिलाष यादव, कनिष्ठ सहायक एवं यू0एस0डब्ल्यू0डी0बी0 के अन्य कार्मिक उपस्थित रहें।
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जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल ने अवगत कराया है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून एवं एन०डी०एम०ए० के सचेत, National Disaster Alert Portal द्वारा दिनांक 12 अगस्त, 2025 हेतु जारी अद्यतन मौसम नॉउकास्ट के अनुसार दिनांक 12 अगस्त, 2025 को जनपद देहरादून में कहीं-कहीं भारी से अत्यंत भारी वर्षा कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी वर्षा कही-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने/वर्षा के अति तीव्र दौर का “औरेंज” अलर्ट जारी किया गया है। वर्तमान में जनपद के समस्त क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा के दृष्टिगत संवेदनशील स्थलों में भूस्खलन / त्वरित बाढ़ की सम्भावना बढ़ जाती है। जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित हो सकती है। आपदा न्यूनीकरण के दृष्टिगत जनपद के कक्षा 01 से 12 तक संचालित समस्त शैक्षणिक संस्थाओं और आंगनबाडी केन्द्रों में दिनांक 12.08.2025 को एक दिन का अवकाश घोषित किया जात है।
जनपद देहरादून के समस्त शासकीय / गैर शासकीय एवं निजी स्कूलों के साथ सभी आंगनबाडी केन्द्र दिनांक 12.08. 2025 को बन्द रहेंगे। डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून एवं जिला कार्यकम अधिकारी देहरादून को निर्देशित किया है कि समस्त शैक्षणिक संस्थाओं एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में उक्त आदेश का अनुपालन कराना सुनिश्चित करायेंगे।

