स्वतन्त्रता दिवस पर तिरंगा, संविधान, स्वतन्त्रता सेनानी व शहीद कलंकित व अपमानित होंगे;शैलेन्द्र कुमार बिराणी

Spread the love

🔭साइंटिफिक-एनालिसिस🔬

स्वतन्त्रता दिवस पर तिरंगा, संविधान, स्वतन्त्रता सेनानी व शहीद कलंकित व अपमानित होंगे !

भारत के सबसे बडे राष्ट्रिय राजनैतिक दल और उनके माध्यम से संवैधानिक पदों पर बैठे माननीय एक-दूसरे पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कह रहे हैं कि चुनाव आयोग की मतदाता सूची में एक-एक पते पर 50-100 और उसमें भी ज्यादा फर्जी लोगों का नाम और एक व्यक्ति का कही जगह नाम दर्ज कर चार सौ बिस्सी और चोरी से सत्ता की कुर्सी हासिल करी गई |

इसका सीधा तात्पर्य यह है कि इस बार स्वतन्त्रता दिवस पर चोरी का कलंक लिये संवैधानिक पद पर बैठे माननीय लाल किले, राष्ट्रिय धरोवरों व सरकारी बिल्डिंगों पर ध्वजारोहण कर राष्ट्रिय तिरंगे, संविधान, स्वतन्त्रता सेनानियों व शहीदों को कलंकित व अपमानित करेंगे |

यदि यह मान लिया जाये कि यह चोरी चुनाव आयोग ने करी या उसकी नाकामी से हुई तब भी हर जनप्रतिनिधी व चुनाव के माध्यम से संवैधानिक पद प्राप्त करने वाला हर राजनेता चाहे किसी भी राजनैतिक दल का क्यों ना हो वह चोर ही कहलायेगा क्योंकि इस वोट चोरी की मलाई वो ही चाट रहे हैं |

यदि इन माननीयों में रज मात्र भी शर्म, देशभक्ति, शहीदों के प्रति सच्ची श्रृद्धा हो तो सार्वजनिक रूप से यह ऐलान कर दे कि वो इस बार किसी राष्ट्रिय धरोवर, राष्ट्रिय प्रतिक व सरकारी भवन पर ध्वजारोहण करने से पहले उनके माथे पर वोट चोरी के लगाये गये आरोपों को हटायेंगे। वे किसी भी तरह वोट चोर नहीं हैं इसलिए सच्चे राष्ट्रभक्त होने के नाते अपने घर पर ही तिरंगा फहरायेंगे |

यदि वोटिंग के माध्यम से चूने गये माननीय संविधान की शपथ लेने के कारण सरकारी व ऐतहासिक भवन पर ध्वजारोहण करने के लिए विवश हो तो सबसे पहले लिखित में राष्ट्रपति के नाम शपथ पत्र लिखकर व भेजकर यह घोषाणा करे की उसके निर्वाचित सीट के सभी वोटरो की चुनावी लिस्ट सार्वजनिक करी जाये व साथ में चुनाव के दौरान सीसीटीवी कैमरों की विडियो रिकोर्डिंग भी सार्वजनिक हो | यदि मैं स्वयं या किसी दूसरे के कारण से भी वोट चोरी का लाभार्थी लगता हूँ तो इसे मेरा इस्तीफा माना जाये | मेरे कारण राष्ट्रिय तिरंगा, संविधान, स्वतन्त्रता सेनानी व तन-मन-धन न्यौछावर कर देने वाले शहीद अपमानित ना हो | मेरे लिए कुर्सी, सत्ता, ताकत, धन व अपने जीवन से भी बडा राष्ट्र का गौरव व तिरंगे का सम्मान हैं |

दोनों पक्ष-विपक्ष के लोग पहले आप, पहले आप के नाम पर अपने ऊपर लग रहे वोट चोरी के आरोपों को सांझगाठ करके असली चोर होने के राज को छुपाने का खेल न करे क्योंकि जनता अब सब समझती हैं और अब तो सोशियल मीडिया प्लेटफार्मो पर प्रमाण भी देख रही है। यह प्रमाण झूठे हैं या सच्चे वो चुनाव आयोग की वोटिंग लिस्ट व सीसीटीवी कैमरे रिकोर्डिंग के सामने आने पर दूध का दूध व पानी का पानी हो जायेगा अन्यथा झूठे दावों से देश की पूरी राजनैतिक जमात पुरी दुनिया मे देशद्रोही व गद्दार समझी जायेगी |

प्रधानमंत्री पर वोट चोरी का आरोप लगाने वाले पहले शपथ पथ देकर अपनी देशभक्ति साबित करे | इसके बाद प्रधानमंत्री भी ऐसा शपथ देकर और पूरे भारत देश के प्रधानमंत्री होने के नाते सभी संसदीय सीटों के वोटरों व वोटिंग के विडियो को सार्वजनिक करने का न कहके लालकिले पर ध्वजारोहण करे तो सभी शपथ पत्र दिये माननीय इस कार्यक्रम का बहिष्कार कर दे और वहा से उठकर चले जाये | वहां उपस्थित रहकर तिरंगे, संविधान, स्वतन्त्रता सेनानियों व शहीदों के अपमान व उन पर कलंक लगाने का भागीदार न बने |

संविधान के अनुसार देश व भारत-सरकार की मालिक आम जनता अपने नौकरों यानि जनप्रतिनिधीयों से उनके चरित्र प्रमाण पत्र नहीं मांगती परन्तु नैतिकता व मर्यादा के तहत यह उम्मीद रखती हैं कि उसके प्रतिनिधि ईमानदारी से अपने चरित्र को बिना कहे उनके सामने रखेंगे |

शैलेन्द्र कुमार बिराणी
युवा वैज्ञानिक