Good News।गौचर (चमोली) में किसानों के कल्याण तथा आर्थिक उत्थान को समर्पित राज्य स्तरीय किसान दिवस का आयोजन जानिए सभी समाचार

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*गौचर (चमोली) में किसानों के कल्याण तथा आर्थिक उत्थान को समर्पित राज्य स्तरीय किसान दिवस का आयोजन*

*आयोजन के उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने उत्तराखंड के लिए की अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं*

*-मुक्तेश्वर में 100 करोड़ की लागत से बनेगा क्लीन प्लांट सेंटर*

*-घेरबाड़ योजना के लिए प्रदेश को इस साल मिलेगा 90 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट*

*-उत्तराखंड में बनेगा कीवी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस*

*केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को सौंपा पीएमजीएसवाई-4 योजना के से संबंधित स्वीकृति पत्र*

*-309 बसावटों को जोड़ने के लिए 1228.2 किमी सड़कों के निर्माण हेतु रू. 1706.94 करोड़ की धनराशि स्वीकृत*

*88 हजार किसानों के खाते में फसल बीमा की 65 करोड़ 12 लाख रूपये धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित*

*केंद्रीय कृषि मंत्री ने कृषि क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयासों की जमकर की सराहना*

*मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तनों का उल्लेख कर कहा किसानों के कल्याण हेतु सरकार प्रतिबद्ध*

गौचर (चमोली) में किसानों के कल्याण तथा आर्थिक उत्थान को समर्पित राज्य स्तरीय किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत 88 हजार किसानों को 65 करोड़ 12 लाख रूपये की बीमा राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित किए जाने और घेरबाड़ योजना के लिए प्रदेश को 90 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की घोषणा की। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर पीएमजीएसवाई-4 योजना के अंतर्गत राज्य की 309 बसावटों को जोड़ने के लिए 1228.2 किमी सड़कों के निर्माण के लिए रू. 1706.94 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

राज्य स्तरीय किसान दिवस के आयोजन में खेती-बागवानी तथा इससे जुड़े क्षेत्रों में राज्य में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों के साथ ही किसानों के कल्याण एवं आर्थिक उत्थान की दिशा में किए जा रहे ऐतिहासिक प्रयासों की जीवंत तस्वीर देखने को मिली। इस आयोजन में प्रतिभाग करने के लिए गौचर पहुँचे केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों के साक्षी बने तथा इस दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की जमकर सराहना की।
केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों से संवाद कर मेले में विभिन्न विभागों एवं महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को आत्मा योजना के अंतर्गत ‘किसान भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित करने के साथ ही रिवर्स पलायन कर कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले किसानों एवं समूहों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार उत्तराखंडवासियों की निरंतर सेवा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के विकास के प्रति समर्पित रहने के साथ ही महिला और किसानों के सशक्तिकरण के लिए विशेष तौर पर प्रयासरत रहते हैं। उन्होंने उत्तराखंड के माल्टा की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के माल्टा को देश – विदेश तक पहुंचाने के लिए कोर कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भले ही खेती की जमीन कम हो रही है, बावजूद इसके कृषि उत्पादन बढ़ रहा है।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि खराब पौधां के कारण किसानों की मेहनत बेकार न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने मुक्तेश्वर में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित करेगी। इस सेंटर से किसानों को कीवी, सेब, माल्टा सहित नींबू प्रजाति फलों की अच्छी पौध मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर, उत्तराखंड को फल और सब्जी उत्पादन की वैश्विक राजधानी बनाने का संकल्प लेकर कार्य रही हैं। केंद्र सरकार कृषि अधिकारियों- वैज्ञानिकों की टीम के जरिए उत्तराखंड में कृषि के लिए पांच साल का रोडमैप पर बनाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जंगली जानवरों से खेती को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए केंद्र सरकार इस वित्तीय वर्ष में घेरबाड़ योजना में 90 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराएगी।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटीग्रेटेड खेती पर जोर दे रहे हैं, ताकि छोटे-छोटे खेतों पर अधिक उत्पादन हो सके। इसके लिए हमें फल, सब्जी, पशु पालन, मछली पालन के साथ ही जड़ी बूटी उत्पादन पर जोर देना होगा। केंद्र सरकार नीतिगत बदलाव के जरिए प्रदेश की जरूरत के अनुसार बजट उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में न्यूजीलैंड के साथ मिलकर, उत्तराखंड में कीवी पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के जरिए महिलाओं का लखपति बनाने की दिशा में ठोस पहल की है, इस योजना में भारत सरकार भी सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता, सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण और ब्लॉक स्तर पर किसान दिवस आयोजित कर सुशासन की नई मिशाल पेश की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विकसित भारत जी राम जी योजना के जरिए ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान की है।

*कृषि क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि किसान स्वाभिमान और परिश्रम के प्रतीक हैं, जिनकी समृद्धि से ही देश की समृद्धि संभव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती, और डिजिटल कृषि जैसी योजनाओं ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है। राज्य के लगभग 9 लाख किसान इन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार किसानों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। फार्म मशीनरी बैंक योजना में कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। नहरों से सिंचाई पूरी तरह निःशुल्क की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पॉलीहाउस निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि गेहूं पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और गन्ने पर 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की गई है। इसके अतिरिक्त, एक हजार करोड़ रुपये की “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग परियोजना” को स्वीकृति दी गई है। राज्य सरकार ने मंडुवा, कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसे फसलों के प्रोत्साहन के लिए नई नीतियां लागू की हैं, जिन पर 1200 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बागवानी और औद्यानिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जापान सहायतित 526 करोड़ रुपये की “उत्तराखंड एकीकृत औद्यानिक विकास परियोजना” संचालित है। बागवानी, मशरूम, शहद, चाय एवं सुगंधित फसलों के उत्पादन में राज्य ने उल्लेखनीय वृद्धि प्राप्त की है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत संकल्प 2047” को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस मौके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कृषकों के आर्थिक उत्थान एवं कल्याण के लिए संचालित योजनाओं को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों की समस्याओं के निराकरण, उन्हें जागरूक करने तथा कृषि से संबंधित विषयों पर त्वरित समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के द्वितीय बृहस्पतिवार को किसान दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर सचिव कृषि डॉ. एस.एन.पाण्डेय ने विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी।

कार्यक्रम में विधायक श्री अनिल नौटियाल, श्री भूपाल राम टम्टा , जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गजपाल बर्तवाल, नगर पालिका अध्यक्ष गौचर श्री संदीप नेगी, उपाध्यक्ष जड़ी बूटी सलाहकार परिषद श्री बलवीर घुनियाल, उपाध्यक्ष-उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय जलागम परिषद श्री रमेश गड़िया, अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद श्री रामचन्द्र गौड़, उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद श्री हरक सिंह नेगी, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, उपाध्यक्ष श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति श्री ऋषि प्रसाद सती, नगर पालिका अध्यक्ष श्री संदीप रावत, श्री गणेश शाह, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मौजूद थे।

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*भारत सरकार के प्रगति पोर्टल की तर्ज पर प्रदेश में भी योजनाओं की होगी समीक्षा*

*मुख्य सचिव ने दिए जनवरी 2026 से प्रत्येक माह स्टेट प्रगति बैठक शुरू करने के निर्देश*

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में पीएम प्रगति के अंतर्गत योजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रदेश में पीएम प्रगति की तर्ज पर स्टेट प्रगति शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह का एक दिन निर्धारित कर राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार की फ्लैगशिप एवं अत्यंत महत्त्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने जनवरी, 2026 में स्टेट प्रगति की प्रथम बैठक आयोजित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने पीएमश्री योजना के अंतर्गत चिन्हित स्कूलों में कम्प्यूटर/सूचना और संचार प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (आईसीटी लैब), स्मार्ट क्लासेस, लाईब्रेरी आदि की व्यवस्था शीघ्र किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए लिए ईएफसी/डीएफसी सहित अन्य कार्यों को मार्च तक पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समय से कार्य पूर्ण हो इसके लिए सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को लक्ष्य दिए जाएं एवं नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

मुख्य सचिव ने अटल टिंकरिंग लैब की तर्ज पर स्टेट फंड से भी विद्यालयों में टिंकरिंग लैब तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टिंकरिंग लैब में ऐसे नवाचारी एवं जिज्ञासु प्रवृत्ति के अध्यापकों को तैनात किया जाए, जो बच्चों के भीतर छिपी उनकी प्रतिभा को निखारकर उन्हें नवोन्मेषी बना सकें। उन्होंने कहा कि शुरूआत में ऐसे 10-12 स्कूलों को तैयार कर नवोन्मेषी प्रोटोटाईप मॉडल तैयार करवाए जाएं, जो राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर सकें।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन प्राथमिक विद्यालयों में अपना खेल का मैदान उपलब्ध नहीं है, उनके लिए आस पास खेल के मैदान की व्यवस्था की जाए। इसके लिए जिलाधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय राजस्व अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होकर कार्य किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने सहकारिता विभाग के अंतर्गत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों का कम्प्यूटराईजेशन शीघ्र पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने ऋण समितियों का ऑन-सिस्टम ऑडिट और डे-एंड क्लोजर (Day-End Closure) को 100 प्रतिशत लागू किए जाने में तेजी लायी जाए।

इस अवसर पर सचिव श्री धीराज सिंह गर्ब्याल एवं अपर सचिव एवं निबंधक सहकारिता श्री मेहरबान सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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*मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के पिता श्री तरुण प्रसाद चकमा को तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत*

*पहली किश्त के रूप में रू. 4 लाख 12 हजार 5 सौ का चैक भेजा गया*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के पिता श्री तरुण प्रसाद चकमा को तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत करते हुए पहली किश्त के रूप में रूपये 4 लाख 12 हजार 5 सौ की आर्थिक सहायता जारी कर दी गई है। यह धनराशि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 एवं नागरिक अधिकार सरंक्षण अधिनियम-1955 के अन्तर्गत स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता स्वीकृत किए जाने के लिए यह प्रकरण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के माध्यम से जिला समाज कल्याण अधिकारी देहरादून को भेजा गया था। इस प्रकरण पर उपजिलाधिकारी विकासनगर एवं पुलिस उपाधीक्षक विकासनगर देहरादून की संयुक्त जांच रिपोर्ट प्राप्त कर जिलास्तरीय समिति की स्वीकृति की प्रक्रिया को तुरंत संपन्न कराते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 एवं नागरिक अधिकार सरंक्षण अधिनियम-1955 के अंतर्गत उक्त आर्थिक सहायता स्वीकृत करने के साथ ही प्रथम किस्त का चैक एंजेल चकमा की पिता श्री तरुण प्रसाद चकमा को भेज दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की पिता श्री तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात कर, एंजेल की हत्या पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि, इस मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जबकि एक अन्य आरोपी पर ईनाम घोषित करते हुए उसे भी गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस घटना पर वे व्यक्तिगत तौर पर दुःखी हैं। इस स्थिति में परिवार के दुःख को समझ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार दोषियों को कड़ी सजा दिलाएगी।

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: *माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी का वक्तव्य*

देहरादून में अध्ययनरत नॉर्थ ईस्ट के छात्र एंजेल चकमा की नृशंस हत्या की घटना अत्यंत पीड़ादायक घटना है।
यह केवल एक छात्र की मृत्यु नहीं, बल्कि एक परिवार के सपनों और उम्मीदों का असमय अंत है।
मैं, दिवंगत एंजेल चकमा के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ और ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि उन्हें इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
आज मेरी दिवंगत एंजेल चकमा के पिताजी से भी बातचीत हुई। इस असीम दुःख की घड़ी में मैंने उनसे उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं। इस दुःखद क्षण में अधिक कहना संभव नहीं था, लेकिन मैंने उन्हें यह स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया कि उनके पुत्र के सभी हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के हवाले किया जाएगा।
मैं, यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा उत्तराखंड सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस गंभीर प्रकरण में पुलिस द्वारा त्वरित, संवेदनशील और सख़्त कार्रवाई करते हुए अधिकांश आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा मुख्य वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए लगातार और प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कानून के अनुसार कठोरतम दंड दिलाया जाएगा।
उत्तराखंड एक शांत, समावेशी और सौहार्दपूर्ण राज्य है, जहाँ देश के प्रत्येक कोने से आने वाले छात्र सुरक्षित महसूस कर सकें, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रदेश में अध्ययनरत नॉर्थ ईस्ट सहित सभी बाहरी राज्यों के छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ठोस और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उत्तराखंड सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ खड़ी है और इस पीड़ादायक मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

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“जनता तक सरकार, सरकार तक समाधान – धामी सरकार का रिकॉर्ड अभियान”*

“ *जन-जन की सरकार कार्यक्रम में 83 हजार से अधिक लोग सीधे लाभान्वित”*

“ *144 कैंप, 52 हजार से ज्यादा लाभार्थी – उत्तराखंड में सुशासन का मॉडल”*

“ *शिकायत नहीं, समाधान की सरकार: 10,000 से अधिक समस्याओं का निस्तारण”*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम उत्तराखंड में सुशासन, संवेदनशीलता और सेवा भाव का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। यह अभियान न केवल जनता की समस्याओं को सुनने का मंच बना है, बल्कि समाधान की ठोस गारंटी भी दे रहा है। राज्य के 13 जनपदों में आयोजित 144 कैंपों के माध्यम से अब तक 83,852 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया है। इन शिविरों में 13,900 से अधिक शिकायतें व आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 10,478 का त्वरित निस्तारण कर सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब फाइलें नहीं, फैसले चलते हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत 14,920 प्रमाण पत्र मौके पर वितरित किए गए, वहीं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से 52,617 से अधिक लोगों को लाभ पहुँचाया गया। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि धामी सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने वाली सरकार है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “ *मेरी सरकार का संकल्प स्पष्ट है—जनता को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचेगी और हर समस्या का समयबद्ध समाधान करेगी। कमजोर, वंचित और दिव्यांग किसी भी स्थिति में पीछे नहीं छूटेंगे।”*

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए| जो लाभार्थी शिविरों तक नहीं आ सकते, अधिकारी स्वयं उनके घर जाकर समाधान करें | योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाई जाए|

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” आज उत्तराखंड में विश्वास, पारदर्शिता और परिणाम आधारित शासन का प्रतीक बन चुका है।