Good news मुख्यमंत्री ने दस्तावेजों के सत्यापन और अतिक्रमण पर सख्ती के दिऐ निर्देश

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सभी सम्मानित मीडिया कर्मियों को सादर नमस्कार🙏

सादर अवगत कराना है कि उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा दिनांक 09 जनवरी, 2026 को सर्वे आफ इण्डिया, हाथीबड़कला, देहरादून के आडिटोरियम में प्रातः 09ः30 बजे से *कोल्ड वेब प्रबंधन पर राज्य स्तरीय कार्यशाला* का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में मा0 मुख्यमंत्री जी/मा0 अध्यक्ष, उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण उपस्थित रहेंगे।

उपरोक्त कार्यशाला में सूचना संकलन हेतु आप सादर आमंत्रित हैं।

👉🏻 स्थान-सर्वे आफ इंडिया आडिटोरियम, हाथीबड़कला
👉🏻 दिनांक 09 जनवरी 2026, शुक्रवार
👉🏻 समय प्रातः 09.30 बजे से प्रारंभ
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मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में मा. उच्चतम न्यायालय के द्वारा आवारा पशुओं के सम्बन्ध में दिए गए निर्देशों के क्रम में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों से कुत्तों एवं गौवंश के सम्बन्ध में मा. न्यायालय के निर्देशों के क्रम में यथोचित कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को क्षेत्रवार नोडल अधिकारी तैनात किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेषकर देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर और काशीपुर जैसे बड़े शहरों में स्ट्रे डॉग्स के सम्बन्ध में मा. न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किए जाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्गों से आवारा कुत्तों एवं गौवंश के सम्बन्ध में की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल स्थानों को चिन्हित करते हुए प्राथमिकता के आधार पर यथोचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आवारा गौवंशों को रखने के लिए कांजीहाउस तैयार किए जाएं एवं उनके संचालन के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्य सचिव ने सचिव परिवहन को निर्देश दिए कि विभाग द्वारा सभी बस स्टेशनों एवं रेलवे स्टेशनों एवं आसपास आवारा पशुओं एवं गौवशों को स्थानीय निकायों की सहायता से यथोचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने इन पशुओं को स्थानीय लोगों द्वारा गोद लेने के लिए प्रेरित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाने की भी बात कही। पालतू जानवर रखने वालों के लिए ‘क्या करें, क्या न करें‘ एसओपी तैयार की जाए।

इस अवसर पर सचिव श्री नितेश कुमार झा, डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं अपर सचिव श्री विनीत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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देहरादून में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2026 में उत्तराखण्ड के प्रतिभागी दल से संवाद*


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*मुख्यमंत्री ने की देहरादून जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा*

*समन्वय और समयबद्धता पर दिया जोर*

*दस्तावेजों के सत्यापन और अतिक्रमण पर सख्ती के दिऐ निर्देश*

*विकास के साथ ही नवाचार पर भी ध्यान दें अधिकारी : मुख्यमंत्री*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में देहरादून जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़कों से जुड़े निर्माण कार्यों के दौरान बिजली, पानी, गैस की भूमिगत लाईन सहित अन्य जो भी कार्य होने हैं,

उन्हें संबंधित विभाग आपसी समन्वय कर निर्धारित समयावधि के अन्दर कार्य पूर्ण करें। सभी विभाग वर्षभर में प्रस्तावित कार्यों को सूचीबद्ध कर कार्य करें। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर समय निर्धारित करते हुए ही कार्य करने की अनुमति दी जाए। साथ ही आंतरिक सड़कों के रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, बिजली के बिल और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के सत्यापन की कार्यवाही नियमित की जाए। जिन लोगों के गलत तरीके से दस्तावेज बने हैं, उनको निरस्त करने की कार्यवाही निरंतर की जाए और गलत प्रमाण पत्र जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन, वन विभाग, एमडीडीए, एवं नगर निगम अतिक्रमण हटाने की भी निरंतर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में नियमित कार्यों के साथ-साथ नवाचार आधारित विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क एवं कॉरिडोर के विस्तार व सुधार कार्यों से देहरादून की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे शहर में पर्यटकों एवं आमजन की आवाजाही बढ़ेगी। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को और गति देने की आवश्यकता है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के विचार-विमर्श कर योजनाओं पर कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ कार्यक्रम के माध्यम से जन समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जो लोग जिन योजनाओं के तहत पात्रता की श्रेणी में हैं, उन्हें योजनाओं का लाभ अवश्य मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता, समयबद्धता और जनहित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए सभी विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। शीतकाल को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं एवं बुजुर्गों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम के रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ ही प्रमुख चौक-चौराहों पर ठंड से बचाव के लिए अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान पुलिस को यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने, नशा मुक्ति अभियान के तहत नियमित जागरूकता के साथ ही रैण्डम चैकिंग करने के निर्देश भी दिये।

कैबिनेट मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभागों आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। कार्यों की प्राथमिकता तय कर उनको समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में और अधिक प्रभावी प्रयास करने होंगे।

जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल ने जनपद में संचालित विकास कार्यों की प्रगति एवं प्रमुख उपलब्धियों के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के अंतर्गत जिले में अब तक 61 हजार पंजीकरण किए जा चुके हैं। सीएम हेल्पलाइन पर पंजीकृत 7,662 शिकायतों में से 6,480 का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जा रहा है। जनपद में 3,58,536 राशन कार्डों में से 2,81,366 का सत्यापन करते हुए 5,590 कार्ड निरस्त किए गए हैं। इसी प्रकार 12,06,960 आयुष्मान कार्डों में से 1,36,676 का सत्यापन कर 9,428 कार्ड निरस्त किए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 57 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि में से 47 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है।

जिलाधिकारी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के चार प्रमुख प्रोजेक्ट सहित रिस्पना एवं बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाएं प्रगति पर हैं। साथ ही पांवटा साहिब-बल्लूपुर फ्लाईओवर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है तथा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली चार लेन ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण भी जारी है। जिला चिकित्सालय गांधी शताब्दी में मॉडल टीकाकरण केंद्र, रक्त गरुड़ वाहन सेवा एवं 12 बेडेड एसएनसीयू की स्थापना की गई है। प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं एवं खेल सामग्री का प्रावधान किया गया है। बाल भिक्षावृत्ति निवारण के तहत 267 बच्चों का रेस्क्यू कर 154 को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। नंदा-सुनंदा परियोजना के अंतर्गत 93 बालिकाओं को अब तक 33 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों का चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण किया गया है तथा परेड ग्राउंड, तिब्बती मार्केट एवं दून अस्पताल में ऑटोमेटिक पार्किंग का निर्माण किया गया है।

बैठक में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायकगण श्री खजान दास, श्री विनोद चमोली, श्री उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, श्री बृज भूषण गैरोला, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, एमडीडीए के उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी, मुख्य नगर आयुक्त श्रीमती नामामि बंसल, मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव शाह, डीएफओ श्री अमित कंवर, सीएमओ डॉ एमके शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट श्री प्रत्यूष सिंह, एसडीएम श्री हरि गिरी, एस.एल.ई.ओ. श्रीमती स्मृता प्रमार, एसडीएम सुश्री कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए श्री विक्रम सिंह सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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*मुख्यमंत्री ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के प्रतिभागियों को दी शुभकामनाएं*

*विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में यंग लीडर्स की है महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अभिनव पहल “यंग लीडर्स डायलॉग” की सराहना की। भारत मंडपम नई दिल्ली में 09 से 12 जनवरी तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रतिभाग के लिए चयनित युवाओं को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल देश के युवाओं को नेतृत्व, नवाचार और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का एक सशक्त मंच प्रदान करती है।

उन्होंने प्रतिभागी युवाओं के साथ उनके शिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि लाखों विद्यार्थियों में से विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग संवाद कार्यक्रम से जुडना अपने आप में गर्व का विषय है। यह केवल एक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास बढ़ाने और राष्ट्रीय स्तर पर अनुभव प्राप्त करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को देशभर के प्रतिभाशाली साथियों से सीखने और संवाद करने का अवसर मिलेगा, जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में यंग लीडर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। आने वाले समय में यही युवा विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्टता के साथ देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत उस दौर में खड़ा है, जहां केवल सपने नहीं देखे जाते, बल्कि उन्हें संकल्प के साथ साकार किया जाता है। अंतरिक्ष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल सहित हर क्षेत्र में भारतीयों ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनायी है इसी का प्रतिफल है कि आज देश का तिरंगा गौरव के साथ देश-विदेश में लहरा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें सीख दी कि वे इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाएं ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।

इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, निदेशक खेल आशीष चौहान सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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सभी डीडीएमओ से रूबरू हुए उपाध्यक्ष विनय रूहेला*

*समस्याओं को सुना, उचित कार्यवाही का दिया भरोसा*

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के मा0 उपाध्यक्ष श्री विनय रूहेला ने यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में राज्य के सभी 13 जनपदों के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों (डीडीएमओ) के साथ बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ एवं व्यावहारिक बनाने को लेकर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान श्री रूहेला ने सभी जनपदों से उपस्थित डीडीएमओ की समस्याओं, चुनौतियों एवं फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि डीडीएमओ द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर विभागीय स्तर पर सकारात्मक एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आपदा प्रबंधन प्रणाली को और मजबूत किया जा सके।
श्री रूहेला ने डीडीएमओ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि डीडीएमओ आपदा प्रबंधन व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में डीडीएमओ फ्रंटफुट पर आकर न केवल समन्वय स्थापित करते हैं, बल्कि प्रशासन, लाइन विभागों एवं स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों का नेतृत्व भी करते हैं। उन्होंने डीडीएमओ को और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि उनकी सक्रियता, त्वरित निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल ही आपदा के प्रभाव को कम करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में आपदा पूर्व तैयारी, संसाधनों की उपलब्धता, मानवीय संसाधनों का प्रशिक्षण, संचार व्यवस्था तथा अंतर-विभागीय समन्वय को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाए। इसके साथ ही, आपदा के दौरान सूचना तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने, त्वरित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने तथा फील्ड स्तर पर मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उपस्थित श्री विनोद कुमार सुमन, सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग ने डीडीएमओ को आश्वासन दिया कि उनके द्वारा उठाई गई समस्याओं एवं सुझावों पर विभाग द्वारा उचित कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और फील्ड स्तर के अधिकारियों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
बैठक के अंत में सभी डीडीएमओ ने इस प्रकार की समीक्षा बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे फील्ड स्तर की वास्तविक समस्याओं का समय रहते समाधान हो सके और राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। इस अवसर पर डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन), श्री अभिषेक कुमार आनन्द, वित्त नियंत्रक, मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित यूएसडीएमए के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।