देहरादून उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में हिलान्स कैंटीन की महिलाएँ बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल पढ़ें सभी समाचार

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*उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में हिलान्स कैंटीन की महिलाएँ बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल*

*चार दिवसीय कौथिक महोत्सव में अतिथियों व कलाकारों की सेवा में हिलांस कैंटीन की महिलाओं ने निभाई अहम भूमिका*

*175 से अधिक स्टालों में दिखी महिला समूहों की मेहनत और हुनर की झलक,*

*कोरोनेशन अस्पताल, क्लेक्ट्रेट, गुच्चूपानी और आईएसबीटी में महिला समूह के हाथों हिलांस कैंटीन की कमान*

*देहरादून 07 फरवरी,2026 ,*
राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव 2026 न केवल सांस्कृतिक उत्सव का केंद्र रहा, बल्कि यह आयोजन ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी भी बन गया।

सेवा संकल्प फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य महोत्सव में विकासखंड रायपुर की दुर्गा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को हिलान्स कैंटीन के माध्यम से किचन एवं भोजन व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। यह जिम्मेदारी महिलाओं के लिए अपने कार्य कौशल को प्रदर्शित करने और बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने का सुनहरा अवसर बनी।

दुर्गा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पारंपरिक, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन तैयार कर न केवल कलाकारों और अतिथियों की प्रशंसा प्राप्त की, बल्कि अपने उत्कृष्ट स्वाद से सभी का दिल भी जीत लिया। मुख्यमंत्री, मुख्य अतिथि एवं जिला प्रशासन द्वारा भी उनके कार्य की सराहना की गई।

इस प्रकार के बड़े आयोजनों में सहभागिता ने समूह की महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाया, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं देहरादून जिला प्रशासन द्वारा हिलान्स कैंटीन को राज्य स्तर पर पहचान दिलाने की पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है।

जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयासों से महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए क्लेक्ट्रेट, कोरोनेशन अस्पताल, गुच्चूपानी और आईएसबीटी जैसे प्रमुख चार स्थानों पर ‘हिलांस कैंटीन-कम-किचन’ आउटलेट्स संचालन का जिम्मा महिला समूह को दी गई है। यह पहल महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका सृजन का सशक्त उदाहरण बन रही है।

दुर्गा स्वयं सहायता समूह की सदस्य शिवानी थापा ने सेवा संकल्प फाउंडेशन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे मंच मिलने से उन्हें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि बड़े आयोजनों में कार्य करने से न केवल मनोबल बढ़ता है, बल्कि अपनी अलग पहचान स्थापित करने का अवसर भी मिलता है।

खंड विकास अधिकारी रायपुर अपर्णा बहुगुणा ने बताया कि दुर्गा स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ कोरोनेशन अस्पताल में हिलान्स कैंटीन के माध्यम से मरीजों एवं उनके तीमारदारों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रही हैं। इसके अतिरिक्त रायपुर ब्लॉक में बेकरी यूनिट का संचालन भी समूह द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है और उनके लिए आजीविका के नए मार्ग प्रशस्त हो रहे हैं।

कोरोनेशन अस्पताल में संचालित हिलान्स कैंटीन में चार महिलाएँ कार्यरत हैं, जिससे समूह को प्रतिमाह एक से डेढ़ लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। यह आय न केवल उनके परिवारों को आर्थिक संबल दे रही है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और आत्मविश्वास भी प्रदान कर रही है।

दुर्गा स्वयं सहायता समूह की यह यात्रा साबित करती है कि यदि महिलाओं को अवसर, मंच और विश्वास दिया जाए, तो वे न केवल अपने जीवन को संवार सकती हैं, बल्कि समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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देहरादून, दिनांक 07 फरवरी 2026,

उप जिलाधिकारी विकासनगर ने अवगत कराया है कि बालाजी इंडस्ट्रीज फैक्ट्री सेलाकुई में 14 दिसम्बर 2025 को आग लग गई थी। अग्निशमन विभाग, एन०डी०आर०एफ०, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग की टीम द्वारा मौके पर उपस्थित रहते हुए राहत बचाव कार्य किया गया। उक्त घटना की मजिस्ट्रीयल जांच हेतु जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्होंने सर्वसाधारण को सूचित किया है कि उक्त घटना के सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कुछ कहना है तो वह मौखिक या लिखित रूप से 13/2/26 तक उप जिलाधिकरी विकासनगर न्यायालय / कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में उपस्थित होकर अपना साक्ष्य / पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

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*सुदूर अंचलों में सुशासन की दस्तक, जन जन के द्वार पहुंच रही सरकार,*

*डागुरा न्याय पंचायत के गांव माख्टी में बहुउद्देशीय शिविर, ग्रामीणों को मिली राहत*

*प्रशासन गांव की ओर, माख्टी में एसडीएम डॉ0 हर्षिता सिंह ने सुनी जन समस्याएं*

*गुणवत्ता और समयबद्ध निस्तारण पर जोर, एसडीएम ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश*

*माख्टी बहुउद्देशीय शिविरः 354 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ, 38 शिकायतों का निस्तारण*

*देहरादून 07 फरवरी,2026
सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सरकार की विशेष पहल “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत लग रहे बहुउद्देशीय शिविर ग्रामीणों के लिए अत्यंत सार्थक सिद्ध हो रहे है। इन शिविरों के माध्यम से सरकार की योजनाएं और सेवाएं सीधे आमजन तक पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की पहल पर संचालित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत शनिवार को देहरादून जिला प्रशासन ने कालसी ब्लॉक के दूरस्थ न्याय पंचायत डागुरा के गांव माख्टी में बहुउद्देशीय शिविर लगाया। शिविर में 354 ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। वहीं उपजिलाधिकारी डॉ हर्षिता सिंह ने बहुउद्देशीय शिविर में जन सुनवाई करते हुए मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया।

शिविर के दौरान स्थानीय नागरिकों द्वारा सड़क, पेयजल, शिक्षा, विद्युत, राजस्व आदि से जुड़ी 38 शिकायतें उप जिलाधिकारी डॉ. हर्षिता के समक्ष प्रस्तुत की गईं। प्राप्त शिकायतों में सड़कों को लेकर लोक निर्माण विभाग एवं पीएमजीएसवाई की 12 शिकायतें सर्वाधिक रही। इसके अतिरिक्त राजस्व विभाग की 08, पेयजल की 05, सिंचाई विभाग 03, शिक्षा, विद्युत व पशुविभाग की 2-2 और कृषि, वन, पूर्ति व ग्राम्य विकास विभाग से संबधित 1-1 शिकायत शामिल थी।

उप जिलाधिकारी ने सभी जनशिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब को कदापि स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने विभागीय स्टालों का निरीक्षण भी किया।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 101 तथा आयुर्वेदिक में 62 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। शिविर में 05 मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट और 10 किशोरी किट का वितरण भी किया गया। कृषि विभाग द्वारा 35 कृषकों को कृषि उपकरण तथा पशुपालन विभाग द्वारा 50 पशुपालकों को पशु औषधियाँ वितरित की गईं। समाज कल्याण विभाग द्वारा 14 सामाजिक पेंशन स्वीकृत कर ऑनलाइन की गईं। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 20 राशन कार्डों की ई-केवाईसी तथा 08 राशन कार्डों में यूनिट वृद्धि की गई। पंचायती राज विभाग द्वारा जन्म, मृत्यु, यूसीसी, पेंशन व परिवार रजिस्टर संशोधन के 51 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। राजस्व विभाग द्वारा 09 खाता-खतौनी, आय एवं स्थायी प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके अतिरिक्त ग्राम्य विकास 18, डेयरी 13, सहकारिता 06, विद्युत 02, श्रम 25, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा 05, कौशल विकास एवं सेवायोजन 08 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

शिविर में ज्येष्ठ उप प्रमुख मीरा राठौर, तहसीलदार प्रदीप नेगी, खंड विकास अधिकारी जगत सिंह, सहायक विकास अधिकारी धर्मपाल सिंह तेजवान एवं अन्य विभागीय अधिकारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व बडी संख्या में क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।

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मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में डिजिटल शिक्षा की दिशा में जिला प्रशासन की ऐतिहासिक पहल

शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में जिला प्र्रशासन की बड़ी छलांग; सरकारी स्कूलों को मिली डिजिटल रफ्तार

लार्ज स्केल पर दून के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 3.67 करोड़ से 884 स्मार्ट टीवी की स्थापना; वर्क आर्डर हुआ जारी

डीएम का शिक्षा मॉडल हर कक्षा में अब स्मार्ट तकनीक; सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्रांति की शुरुआत

निजी व सरकारी विद्यालयों के मध्य डिजिटल अंतर की खाई पाटने को डीएम ने जिला खनन न्यास से दिए 3.67 करोड़

जिला प्रशासन ने 5 करोड़ सीएसआर फंड से जिले के सभी विद्यालय किये फर्नीचर युक्त

देहरादून, दिनांक 07 फरवरी 2026,

मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल की विशेष पहल एवं उनके व्यक्तिगत निर्देशन में जनपद देहरादून के राजकीय संचालित माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट उत्कर्ष अन्तर्गत डिजिटल एवं उन्नत शिक्षण सुविधाओं के विकास हेतु एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी कदम उठाया गया है। विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद के सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा-कक्षों को स्मार्ट शिक्षण प्रणाली से सुसज्जित किए जाने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल करते हुए जनपद के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट शिक्षण व्यवस्था लागू कर दी है। कुल 3.67 करोड़ रुपये की लागत से 884 स्मार्ट टीवी स्थापित किए गए हैं, जिससे प्रत्येक कक्षा को डिजिटल शिक्षण प्रणाली से जोड़ा जा रहा है।

जिले के सरकारी स्कूलों को डिजिटल रफ्तार मिलने जा रही है जिला प्रशासन की इस पहल को सरकारी विद्यालयों में शिक्षा में बड़ी पहल के तहत देखा जा रहा है। जिलाधिकारी के विशेष निर्देशन में संचालित इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक, इंटरएक्टिव एवं तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है। स्मार्ट टीवी के माध्यम से अब कक्षाओं में ऑडियो-वीडियो कंटेंट, ई-लर्निंग मॉड्यूल एवं डिजिटल पाठ्यसामग्री का उपयोग किया जाएगा, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और रोचक बनेगी। यह पहल न केवल सरकारी स्कूलों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा वातावरण प्रदान कर डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
इस योजना के अंतर्गत जिले के 06 विकास खंडों में संचालित कुल 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा-कक्षों हेतु कुल 884 स्मार्ट टीवी क्रय किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक विद्यालय में डिजिटल शिक्षण सुविधा समान रूप से उपलब्ध हो तथा ग्रामीण एवं शहरी विद्यालयों के मध्य डिजिटल अंतर को न्यूनतम किया जा सके। स्मार्ट टीवी की स्थापना से विद्यालयों में शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनेगी। इसके माध्यम से दिक्षा पोर्टल, पीएमई विद्या, ई-सामग्री, शैक्षिक वीडियो, वर्चुअल कक्षाएं तथा अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग संभव होगा। इससे विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ, सहभागिता एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है।
जिला प्रशासन द्वारा कक्षा-कक्षों के आकार एवं छात्र संख्या को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट टीवी दो आकारों में क्रय किए जा रहे जिनमें 43 इंच छोटे एवं मध्यम आकार के कक्षों हेतु तथा 55 इंच बड़े आकार के कक्षों हेतु स्मार्ट टीवी क्रय किये जा रहे हैं। इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना हेतु कुल ₹3,67,00,000/- (रुपये तीन करोड़ सड़सठ लाख मात्र) की धनराशि स्वीकृत की गई है। उक्त धनराशि का प्रावधान जिला खनन निधि देहरादून से किया गया है। इससे पूर्व जिले के सभी सरकारी विद्यालयों को 5 करोड़ सीएसआर फंड से फर्नीचरयुक्त किया जा चुका है।
स्मार्ट टीवी का क्रय जैम पोर्टल के माध्यम से ई-टेंडर प्रक्रिया द्वारा पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रणाली के अंतर्गत किया गया है। निविदा प्रक्रिया में देश के विभिन्न राज्यों से कुल 12 फर्मों द्वारा प्रतिभाग किया गया। निविदाओं के परीक्षण एवं चयन हेतु मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक टेंडर समिति का गठन किया गया, जिसमें एनआईसी, कोषागार तथा अन्य संबंधित विभागों के तकनीकी एवं वित्तीय विशेषज्ञों को सम्मिलित किया गया। समिति द्वारा प्राप्त निविदाओं का नियमानुसार विस्तृत तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन किए जाने के उपरांत पात्र एवं न्यूनतम दर वाली फर्म का चयन कर कार्यादेश निर्गत कर दिया गया है। आपूर्ति एवं स्थापना संपूर्ण क्रय प्रक्रिया जैम पोर्टल के माध्यम से ई-टेंडर प्रणाली द्वारा पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक ढंग से संपन्न की कार्यादेश निर्गत कर दिया गया है। आपूर्ति एवं स्थापना कार्य शीघ्र प्रारंभ करते हुए निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह पहल न केवल डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने का सशक्त प्रयास है, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण विकसित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इसे जनपद में शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। जनपद प्रशासन द्वारा स्मार्ट टीवी की आपूर्ति एवं स्थापना कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराते हुए सभी विद्यालयों में शीघ्र ही डिजिटल शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत देहरादून में वाहन दुर्घटना क्रैश इन्वेस्टिगेशन पर वैज्ञानिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

देहरादून | 07 फरवरी 2026

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत परिवहन विभाग, उत्तराखंड द्वारा आज देहरादून में वाहन दुर्घटना क्रैश इन्वेस्टिगेशन (Vehicle Accident Crash Investigation) विषय पर एक महत्वपूर्ण एवं अत्यंत उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय जिलाधिकारी, देहरादून (अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति) द्वारा की गई, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में माननीय कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी (वन, तकनीकी शिक्षा, भाषा एवं निर्वाचन विभाग) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में माननीय विधायक कैंट, सुश्री सविता कपूर जी, अपर परिवहन आयुक्त श्री सनत कुमार सिंह जी, संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री राजीव कुमार मेहरा जी सहित परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, शिक्षा, नगर निगम, एमडीडीए, वन विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, जिला सूचना अधिकारी एवं सड़क सुरक्षा लीड एजेंसी के अधिकारीगण सम्मिलित हुए

सड़क दुर्घटनाएँ – कोविड से भी अधिक गंभीर चुनौती

अपने अध्यक्षीय संबोधन में माननीय जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि आज सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु की संख्या कोविड महामारी के दौरान हुई मौतों की तुलना में कहीं अधिक है, जो एक गंभीर सामाजिक चेतावनी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, नगर निकाय, प्रशासन सहित सभी विभागों, हितधारकों एवं स्वयं सड़क उपयोगकर्ताओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने वैज्ञानिक दुर्घटना जांच, डेटा-आधारित निर्णय और विभागीय समन्वय को सड़क सुरक्षा का आधार बताया।

ओवरस्पीडिंग और हेलमेट उपयोग पर विशेष जोर

मुख्य अतिथि माननीय कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी ने कहा कि उत्तराखंड में जनसंख्या के साथ-साथ वाहनों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे यातायात दबाव और जाम की स्थिति बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि ओवरस्पीडिंग सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रही है।
उन्होंने दोपहिया वाहन पर चालक एवं पीछे बैठने वाले (पिलियन) दोनों के लिए हेलमेट के अनिवार्य उपयोग तथा यातायात नियमों के सख्त पालन पर विशेष बल दिया

अतिक्रमण और मोबाइल फोन – बढ़ते खतरे

माननीय विधायक कैंट, सुश्री सविता कपूर जी ने अपने संबोधन में कहा कि घरों के सामने किया गया अनधिकृत अतिक्रमण, सड़क पर निजी सामान रखना एवं गलत स्थानों पर वाहन खड़ा करना यातायात अव्यवस्था और दुर्घटनाओं का कारण बनता है।
उन्होंने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के दुरुपयोग को अत्यंत खतरनाक बताते हुए नागरिकों से जिम्मेदार आचरण अपनाने की अपील की।

वैज्ञानिक दुर्घटना जांच ही स्थायी समाधान

अपर परिवहन आयुक्त श्री सनत कुमार सिंह जी ने कहा कि दुर्घटनाओं की जांच का उद्देश्य केवल दोष निर्धारण नहीं, बल्कि दुर्घटना के वास्तविक कारकों की पहचान कर उनका समाधान करना है।
उन्होंने बताया कि किसी भी दुर्घटना में मानव त्रुटि, वाहन इंजीनियरिंग अथवा सड़क इंजीनियरिंग — कोई एक या सभी कारक जिम्मेदार हो सकते हैं।
जब तक प्रत्येक दुर्घटना की गहन एवं वैज्ञानिक जांच कर मजबूत डेटाबेस विकसित नहीं किया जाएगा, तब तक दुर्घटनाओं और जनहानि पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है।
उन्होंने प्रत्येक जनपद में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिय*देहरादून जनपद — सड़क सुरक्षा में सुधार एवं सकारात्मक रुझान (iRAD डेटा आधारित)*

Integrated Road Accident Database (iRAD) पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जनपद देहरादून में वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 (दिसंबर तक) सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार एवं सकारात्मक परिवर्तन दर्ज किया गया है।

📊 दुर्घटनाओं में कमी
• वर्ष 2024 में कुल सड़क दुर्घटनाएँ: 511
• वर्ष 2025 में कुल सड़क दुर्घटनाएँ: 450
• कुल कमी: 61 दुर्घटनाएँ
• प्रतिशत कमी: –11.94%

➡️ यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि देहरादून में प्रवर्तन, निगरानी एवं जनजागरूकता अभियानों का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

👥 घायलों की संख्या में कमी
• वर्ष 2024 में घायल: 431
• वर्ष 2025 में घायल: 407
• कुल कमी: 24 घायल
• प्रतिशत कमी: –5.57%

➡️ दुर्घटनाओं की गंभीरता में कमी यह संकेत देती है कि स्पीड कंट्रोल, हेलमेट/सीट बेल्ट अनुपालन एवं त्वरित आपात प्रतिक्रिया में सुधार हुआ है।

⚠️ मृतकों की संख्या — सतर्कता की आवश्यकता
• वर्ष 2024 में मृतक: 209
• वर्ष 2025 में मृतक: 229
• वृद्धि: +20
• प्रतिशत वृद्धि: +9.57%

➡️ यह दर्शाता है कि यद्यपि कुल दुर्घटनाएँ कम हुई हैं, परंतु कुछ दुर्घटनाएँ अब भी अत्यधिक गंभीर प्रकृति की हैं, जिनमें ओवरस्पीडिंग, हेलमेट/सीट बेल्ट न पहनना एवं देर से चिकित्सा सहायता जैसे कारक प्रभावी हो सकते हैं।

समग्र विश्लेषण (Official Narrative Line)

“जनपद देहरादून में वर्ष 2025 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं एवं घायलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जो प्रवर्तन, यातायात प्रबंधन, जनजागरूकता एवं विभागीय समन्वय के सकारात्मक परिणामों को दर्शाती है।
हालाँकि, मृतकों की संख्या में वृद्धि यह संकेत देती है कि गंभीर दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु ओवरस्पीडिंग नियंत्रण, हेलमेट/सीट बेल्ट अनुपालन और त्वरित आपात प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है।”

• *“देहरादून में सड़क दुर्घटनाओं में 11.94% की कमी, घायलों की संख्या भी घटी — प्रवर्तन और जागरूकता के सकारात्मक परिणाम”*

iRAD डेटा से सामने आए चिंताजनक तथ्य

कार्यक्रम में Integrated Road Accident Database (iRAD) के माध्यम से प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में उत्तराखंड में कुल 1846 सड़क दुर्घटनाएँ, 1242 मृतक एवं 2056 घायल दर्ज किए गए।
यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में समन्वित, वैज्ञानिक एवं निरंतर प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। 

जेपीआरआई विशेषज्ञ द्वारा क्रैश इन्वेस्टिगेशन प्रशिक्षण

इस अवसर पर कार्यक्रम के दूसरे सत्र में JPRI Pvt. Ltd. (Jaya Padmanabhan Research India Pvt. Ltd.) के विशेषज्ञ श्री सुमित ढुल द्वारा वाहन दुर्घटनाओं की क्रैश इन्वेस्टिगेशन विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने वाहन दुर्घटनाओं की वैज्ञानिक पद्धति से जाँच करने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सभी स्टेकहोल्डर विभागों से इस दिशा में गंभीरता से कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने दुर्घटनाओं के प्रत्येक पहलू की गहन जाँच की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
इसके अतिरिक्त, सड़क सुरक्षा लीड एजेंसी से श्री नरेश संगल द्वारा विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न कार्यों एवं प्रयासों के संबंध में प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया गया।
साथ ही जिला सड़क सुरक्षा समिति की भूमिका एवं दायित्वों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया, जिससे विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों की स्पष्ट समझ प्राप्त हुई।

धन्यवाद ज्ञापन

कार्यक्रम के अंत में संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री राजीव कुमार मेहरा जी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने माननीय मुख्य अतिथि, अध्यक्ष महोदय, माननीय विधायक, सभी विभागों के अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिवहन विभाग भविष्य में भी सड़क सुरक्षा, वैज्ञानिक दुर्घटना जांच, प्रशिक्षण एवं जनजागरूकता के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।

आरटीओ प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा, देहरादून — वक्तव्य

“राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
आज सड़क दुर्घटनाएँ केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक दुर्घटना के पीछे एक परिवार, एक भविष्य और एक जीवन जुड़ा होता है।

देहरादून जैसे तेजी से विकसित होते शहर में यातायात दबाव, अव्यवस्थित पार्किंग, ओवरस्पीडिंग तथा यातायात नियमों की अनदेखी दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण बन रहे हैं। ऐसे में केवल प्रवर्तन ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दुर्घटना जांच, डेटा-आधारित विश्लेषण और जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

परिवहन विभाग, उत्तराखंड ने इस अवसर पर यह संकल्प दोहराया कि वैज्ञानिक जांच, विभागीय समन्वय, डेटा-आधारित नीति एवं जनभागीदारी के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाते हुए उत्तराखंड को सुरक्षित, स्वच्छ एवं जिम्मेदार परिवहन व्यवस्था वाला राज्य बनाया जाएगा।

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*चंद्रनगर स्थित तीन मेडिकल फर्मो में गंदगी व लापरवाही मिलने पर विधिक प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई,*

*मेडिकोन फॉर्मा और वेलकम डिस्ट्रीब्यूटर पर अग्रिम आदेशों तक दवाइयों के वितरण पर रोक*

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*देहरादून 07 फरवरी,2026 *
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं माननीय जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्री प्रेम सिंह खिमाल जी के निर्देशानुसार आज दिनांक 07 फरवरी 2026 को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुंगराकोटी द्वारा “safe drugs: safe life” campaign के तहत ड्रग विभाग के साथ चंद्रनगर, निकट प्रिंस चौक, देहरादून के थोक विक्रेता प्रो० वैशाली अरोडा की दो मेडिकल फर्मों मेडिकोन फार्मा एवं मैनकाइंड प्राइम लैब प्राईवेट लिमिटेड तथा थोक विक्रेता प्रो० प्रमोद कुमार अरोडा की एक मेडिकल फर्म वेल्कम डिस्ट्रीब्यूटर का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें श्री मनेन्द्र सिंह राणा, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, श्री विनोद जगुडी, औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, जनपद देहरादून शामिल रहे। साथ ही मेघा, औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, हरिद्वार, हार्दिक भट्ट, औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, चमोली, ऋषभ धामा, औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, टिहरी भी उपस्थित रहें।

निरीक्षण में निम्नलिखित होलसेल मेडिकल स्टोर के लाइसेंस, एक्सपायर दवाइयों, दवाइयों का रखरखाव तथा उनके निपटारे की प्रक्रिया, नारकोटिक्स ड्रग के विषय में जानकारी आदि आवश्यक विषयों पर पूछताछ की गयी और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये गए।

मेडिकोन फार्मा, वेलकम डिस्ट्रीब्यूटर एवं मैनकाइंड प्राइम लैब प्राईवेट लिमिटेड-उक्त तीनों परिसर, जोकि आस-पास ही स्थित थे, के पूरे क्षेत्र का एक-एक कर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि दवाईयों का रख-रखाव उचित नहीं है। मेडिकोन फॉर्मा और वेल्कम डिस्ट्रीब्यूटर दोनों ही परिसर में दवाईयां सीधे फर्श पर रखी मिली, जबकि भवन के फर्श व दिवारों पर सीलन पायी गयी, जिस कारण कुछ पेटियों पर फंगस भी लगी हुई मिली, जिन्हें खोलकर देखने पर अंदर रखी दवाईयों के डिब्बों में भी सीलन पायी गयी। एक्सपायरी दवाईयों को पृथक से रखने का कोई व्यवस्था तीनों स्टोरों में नहीं पायी गयी तथा एक्सपायरी दवाईयों की पेटी अन्य पेटियों के साथ एक साथ ही रखी हुई पायी गयी, जिसके सम्बंध में पूछने पर कोई संतोषजनक जवाब स्टोर मालिक द्वारा नहीं दिया गया, जिसपर टीम द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए कडे दिशा-निर्देश दिये गए। निरीक्षण के दौरान टीम को तीसरी मंजिल पर भी एक्सपायरी दवाईयो/सर्जिकल ग्लब्स की पेटियां मिली, जोकि गिफ्ट आईटम के साथ मिली हुई रखी थी। यह एक्सपायरी दवाईयां/सर्जिकल ग्लब्स की पेटियां दो से तीन वर्ष पुरानी थी, जिनका नियमानुसार निस्तारण नहीं कराया गया था।

इस पर निरीक्षण टीम ने स्टोर मालिक से सभी एक्सपायर दवाइयों के निपटारे में विलम्ब होने तथा निपटारे की प्रक्रिया के बारे में पूछा गया तो स्टोर के मालिक द्वारा इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें निस्तारण की प्रक्रिया के सम्बंध में कोई जानकारी ही नहीं थी, जबकि वे विगत 20 वर्षे से इस कार्य को कर रहे थे। इसके उपरांत उक्त स्टोर्स के रिकॉर्ड रूम का भी निरीक्षण कर वहां कार्य कर रहे कर्मचारियों से विभिन्न जानकारियां ली गयी, तो बताया गया कि नारकोटिक्स की दवाईयां का स्टोर में कय-विक्रय नहीं किया जाता है।

मैनकाइंड प्राइम लैब प्राईवेट लिमिटेड परिसर स्टोर पर भी कुछ दवाईयां बाहर मिली, जिनपर सीधी धूप पड रही थी, जबकि दवाईयों को सन लॉइट से दूर रखने की वार्निंग डिब्बों पर ही लिखी थी। निरीक्षण टीम द्वारा उक्त तीनों ही परिसर से दो-दो दवाईयों, कुल 08 दवाईयों को नमूने हेतु जब्त किया गया तथा स्टोर में साफ-सफाई रखने और दवाईयों को व्यवस्थित रूप से रखने के निर्देश दिये गए। साथ ही एक्सपायर हुई दवाईयों के निस्तारण व निस्तारण में विलम्ब के सम्बंध में स्पष्टीकरण देने तथा उनके निपटारे करने के भी निर्देश दिये गए।

निरीक्षण टीम द्वारा मेडिकोन फॉर्मा और वेल्कम डिस्ट्रीब्यूटर परिसर में गंदगी, सीलन, दवाईयों के अव्यवस्थित रख-रखाव तथा भण्डारण में भारी लापरवाही व नियमों की अवहेलना को देखते हुए कड़ी आपत्ति जताई और उक्त दोनों फर्मों मेडिकोन फॉर्मा और वेल्कम डिस्ट्रीब्यूटर परिसर से दवाईयों के वितरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाई गयी, जोकि सीधे तौर पर जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड है।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि इस प्रकार की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करी जायेगी। संबंधित फर्मों को तत्काल नोटिस जारी किये गए हैं तथा उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही आरंभ कर दी गयी है। निर्धारित समयावधि में सुधार न पाये जाने की स्थिति में लाईसेंस निरस्तीकरण एवं सीलिंग जैसी कठोर कार्यवाही भी की जायेगी। जन स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

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चम्पावत 07 फरवरी, 2026 ।

*शारदा रिवर फ्रंट से बदलेगी चम्पावत की तस्वीर: मुख्यमंत्री श्री धामी*

*टनकपुर में विकास की नई धारा, मुख्यमंत्री ने रखी ₹300+ करोड़ योजनाओं की आधारशिला*

*मुख्यमंत्री द्वारा शारदा घाट शिलान्यास, टनकपुर को मिलेगी नई पहचान*

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के समग्र विकास हेतु ₹300 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया।

मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यासित प्रमुख कार्यों में जनपद चम्पावत के अंतर्गत शारदा घाट पुनर्विकास (प्रथम चरण) कार्य ₹10,735 लाख, सिटी ड्रेनेज प्लान (प्रथम चरण) ₹6,649 लाख, नायर–खेरा क्षेत्र में डिजास्टर रेजिलिएन्स हेतु इकोलॉजिकल कॉरिडोर विकास ₹8,523 लाख, टनकपुर स्थित ग्राम पंचायत बस्तिया में टनकपुर–अस्कोट सीसी मार्ग पुनर्निर्माण ₹115 लाख, चम्पावत–खेतीखान मोटर मार्ग (एसएच–64) के अंतर्गत सुयालखर्क–पुनावे मिलान मार्ग का सुधारीकरण ₹320 लाख, माँ पूर्णागिरि घाटी (चूका क्षेत्र) में हेलीपैड निर्माण ₹187 लाख, विकासखंड पाटी में धूनाघाट–बसौट मोटर मार्ग नवनिर्माण ₹83 लाख, लोहाघाट में कामज्यूला–भनार–रैघाड़ी मोटर मार्ग सुधारीकरण ₹666.84 लाख, पाटी विकासखंड अंतर्गत सांगो–घिंघारूकोट–बांस बसवाड़ी मोटर मार्ग पुनर्निर्माण ₹89.36 लाख, टनकपुर के ग्राम बेलखेत में क़वेराला नदी से बाढ़ सुरक्षा कार्य ₹125.96 लाख, तहसील पूर्णागिरि के ग्राम बमनपुरी में हुड्डी नदी से हो रहे भू-कटाव की रोकथाम हेतु सुरक्षा कार्य ₹154.63 लाख, स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोहाघाट में परीक्षा हॉल निर्माण ₹672.11 लाख, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के चम्पावत परिसर में केंद्रीय पुस्तकालय, चहारदीवारी एवं मिनी स्टेडियम निर्माण ₹2,045.78 लाख, कस्तूरबा गांधी छात्रावास टनकपुर का विस्तारीकरण ₹384.50 लाख तथा जिला कमांडेंट होमगार्ड्स कार्यालय के अनावासीय भवन का निर्माण ₹224.71 लाख शामिल हैं।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शारदा रिवर फ्रंट (शारदा कॉरिडोर) परियोजना क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का आधार बनेगी और चम्पावत को पर्यटन, आस्था तथा आधुनिक शहरी सुविधाओं के मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से शिक्षा, सड़क, पर्यटन, आपदा प्रबंधन, शहरी विकास तथा आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाया जाएगा। इससे सीमांत क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा युवाओं, किसानों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि है। यहाँ की आध्यात्मिक चेतना जीवन को दिशा देने वाली शक्ति है। माँ शारदा ज्ञान, विद्या और संस्कार की प्रतीक हैं और उनके पावन धाम के घाटों का विकास करना सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि टनकपुर की धरती पर आते ही उन्हें विशेष ऊर्जा का अनुभव होता है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि विकास और सांस्कृतिक विरासत के संतुलन से ही उत्तराखण्ड की पहचान मजबूत होगी और चम्पावत आने वाले समय में एक आदर्श, सशक्त एवं आत्मनिर्भर जनपद के रूप में स्थापित होगा।

उन्होंने सभी नागरिकों से जनभागीदारी, सांस्कृतिक संरक्षण और विकास के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान उपाध्यक्ष, उत्तराखण्ड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति, श्याम पाण्डेय, अध्यक्ष, जिला पंचायत चम्पावत आनन्द सिंह अधिकारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, चम्पावत श्रीमती प्रेमा पाण्डेय समेत अन्य विभिन्न अधिकारी तथा बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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*टनकपुर में संस्कृति और समरसता का उत्सव, मुख्यमंत्री ने लिया खिचड़ी प्रसाद*

*माघ खिचड़ी भोज में मुख्यमंत्री धामी, खड़ी होली की धुनों पर झूम उठा टनकपुर*

टनकपुर स्थित शारदा घाट में आयोजित पारंपरिक माघ खिचड़ी भोज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभाग कर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति से जुड़ाव का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को स्वयं प्रसाद वितरित किया तथा स्थानीय नागरिकों के साथ बैठकर माघ खिचड़ी प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्थानीय महिलाओं के साथ कुमाऊँ की प्राचीन लोक परंपरा “खड़ी होली” में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में घेरा बनाकर खड़े होकर कुमाऊँनी लोकगीत गाए, जिनमें मुख्यमंत्री ने भी स्वर मिलाया।

ढोल-दमाऊँ और लोकधुनों की मधुर लय पर पूरा वातावरण भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक गौरव से ओतप्रोत हो उठा। टनकपुर की गलियों में गूंजती खड़ी होली ने कुमाऊँ की जीवंत लोक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मास श्रद्धा, सादगी, संयम और समरसता का प्रतीक है। खिचड़ी भोज जैसी परंपराएँ समाज को एक सूत्र में बांधती हैं, वहीं खड़ी होली जैसी लोक विधाएँ हमें अपनी जड़ों, संस्कृति और विरासत से जोड़ती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परंपराएँ सामाजिक एकता को सुदृढ़ करती हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराती हैं।

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*एनएचपीसी बनबसा सभागार में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बजट-पूर्व संवाद कार्यक्रम सम्पन्न*

*जनभागीदारी, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और संतुलित विकास पर हुआ व्यापक मंथन*

एनएचपीसी बनबसा सभागार में माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित बजट-पूर्व संवाद कार्यक्रम में राज्य के समग्र विकास, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था तथा जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव माननीय मुख्यमंत्री श्री मनमोहन मैनाली द्वारा किया गया।

इस अवसर पर सचिव वित्त श्री दिलीप जावलकर ने राज्य की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पिछले पाँच वर्षों में उत्तराखण्ड के कैपिटल आउटले में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह राशि ₹7,534 करोड़ से बढ़कर ₹14,765 करोड़ तक पहुँच गई है। इसी अवधि में राज्य की जीडीपी वर्ष 2021-22 के ₹2,54,000 करोड़ से बढ़कर वर्तमान में ₹4,74,000 करोड़ हो गई है, जो लगभग 60 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाती है। इसे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

संवाद कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, विशेषज्ञों तथा हितधारकों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

ग्रामीण विकास को गति देने के लिए अनुदान में वृद्धि, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, सीवर लाइन एवं शौचालय निर्माण, पंचायतों को सशक्त बनाने हेतु रिक्त भूमि के उपयोग तथा जिला पंचायत सदस्यों के लिए मानदेय एवं अध्ययन भ्रमण की व्यवस्था जैसे सुझाव दिए गए।

शहरी विकास के अंतर्गत नगर निकायों के बजट और संसाधनों में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण के लिए सोलर पैनल स्थापना, सड़कों और नालियों के बेहतर रखरखाव तथा रजिस्ट्री शुल्क का आंशिक हिस्सा नगर निगमों को उपलब्ध कराने के सुझाव रखे गए।

कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में बागवानी और वैल्यू क्रॉप्स को बढ़ावा देने, कीवी और ब्लूबेरी जैसे फलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और प्रोसेसिंग पर ध्यान केंद्रित करने, किसानों तथा विभागीय कार्मिकों के तकनीकी प्रशिक्षण, दूरस्थ क्षेत्रों के कृषकों को विशेष सहायता तथा फल उत्पादन सब्सिडी को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत किए जाने के सुझाव सामने आए। उद्योग विकास के अंतर्गत पर्वतीय क्षेत्रों में उपलब्ध खाली भूमि पर उद्योग स्थापित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन एवं पलायन रोकने, एमएसएमई को वित्तीय सहायता, सेवा क्षेत्र आधारित उद्योगों को बढ़ावा तथा औद्योगिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर बल दिया गया।

महिला सशक्तिकरण के लिए प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, महिलाओं को ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने तथा अस्पतालों की कैंटीन जैसी सेवाओं में महिलाओं को प्राथमिकता से रोजगार देने के सुझाव प्रस्तुत किए गए।

पर्यटन क्षेत्र में हैली सेवा का विस्तार, वैकल्पिक मार्गों का निर्माण, सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा, छोटे पर्यटन स्थलों का विकास, नेचर टूरिज्म एवं ट्रैकिंग को प्रोत्साहन तथा एग्री-टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय समुदाय को पर्यटन से जोड़ने की बात कही गई। इसके अतिरिक्त राज्य में सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण, ऊर्जा संकट के समाधान हेतु ऊर्जा नेटवर्क सुदृढ़ीकरण, कृषि आधारित उद्योगों पर जीएसटी में कमी, मंडी शुल्क में कमी, ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण, नगर निकायों को अधिक संसाधन उपलब्ध कराने तथा जिला पंचायतों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट देने जैसे सुझाव भी प्राप्त हुए।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक गाँव में पिंक टॉयलेट जैसी सुविधाओं की दिशा में कार्य करेगी। उन्होंने वर्ष 2047 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि छोटा राज्य होने के बावजूद उत्तराखण्ड ने वित्तीय प्रबंधन में देशभर में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है, जो गर्व का विषय है।

उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि प्राप्त सुझावों का गंभीरता से परीक्षण कर उन्हें आगामी बजट में यथासंभव सम्मिलित किया जाएगा, ताकि राज्य का संतुलित, समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट राज्य की दिशा तय करता है और यह नागरिकों की सहभागिता से ही प्रभावी बनता है। प्रत्येक वर्ग की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार निर्णय ले रही है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि जिनके सुझाव अभी प्राप्त नहीं हुए हैं, वे भी अपने विचार प्रेषित करें, ताकि सभी की आवश्यकताओं पर ध्यान दिया जा सके।

उन्होंने कहा रजत जयंती वर्ष में राज्य ने अनेक उपलब्धियाँ हासिल की हैं और अब नए संकल्प के साथ विकसित उत्तराखण्ड की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि सभी लोग अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे तो राज्य प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगा और प्रत्येक निर्णय जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप आगे बढ़ता रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान श्री आर०के० सुधांशु प्रमुख सचिव वन, श्री दिलीप जावलकर, सचिव वित्त, श्री धीराज गर्ब्याल, सचिव पर्यटन, श्री नरेन्द्र सिंह भण्डारी, अपर सचिव नियोजन, श्री मनुज गोयल, अपर सचिव तकनीकि शिक्षा, श्री विनोद गोस्वामी, निदेशक शहरी विकास, श्री मनमोहन मैनाली, अपर सचिव मा० मुख्यमंत्री, श्री दीपक रावत, आयुक्त, कुमाऊँ मण्डल, श्री मनीष कुमार, जिलाधिकारी चम्पावत, श्री कृष्ण नाथ गोस्वामी, अपर जिलाधिकारी चम्पावत, डॉ० जी०एस० खाती, मुख्य विकास अधिकारी चम्पावत, श्री सौरभ गहरवार, महानिदेशक/आयुक्त, उद्योग,
श्री मनबर सिंह राणा, संयुक्त निदेशक, पचायती राज विभाग, श्रीमती पूनम चंद, अपर निदेशक पर्यटन, श्री संदीप भट्ट, उप मुख्य परियोजना अधिकारी, उरेडा, श्री पी०के० सिंह, संयुक्त निदेशक, कृषि कुमायूँ हल्द्वानी, श्री अशोक कुमार जोशी, निदेशक, डेयरी विकास, श्री अवीनाश कुमार, सहायक निदेशक, मत्स्य विभाग अल्मोड़ा, श्री महेन्द्र पाल, निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, श्री प्रदीप कुमार पाण्डे, ए०सी०ई०ओ०,
यू०एस०आर०एल०एम०, देहरादून,
श्री मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर सचिव, ऊर्जा विभाग, श्री संदीप भट्ट, उप मुख्य परियोजना अधिकारी, उरेडा, डॉ बी०वी०आर०सी० पुरुषोत्तम, सचिव डेयरी,श्री अशोक कुमार जोशी, निदेशक डेयरी, श्री दिनेश कुमार, निदेशक उद्यान, डॉ० वी०एन० खाली, निदेशक उच्च शिक्षा हल्द्वानी, डॉ० एम०एस० मंडरवाल, रजिस्ट्रार, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल, डॉ० अनिल कुमार, एम०डी०, यू०पी०सी०एल०, श्री आनन्द सिंह अधिकारी, अध्यक्ष जिला पंचायत, चम्पावत, हेमा गैड़ा, अध्यक्ष, जिला पंचायत, अल्मोड़ा, श्री अजय वर्मा, महापौर अल्मोड़ा, श्री गजराज सिंह बिष्ट, महापौर, हल्द्वानी, श्रीमती कल्पना देवलाल, महापौर, पिथौरागढ़, श्री सुरेश खेतवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष, बागेश्वर, श्रीमती रेखा देवी, अध्यक्ष, नगर पंचायत बनबसा, श्रीमती प्रेमा पाण्डेय, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, चम्पावत, श्री गोविन्द वर्मा, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, लोहाघाट, श्री विपिन कुमार, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, टनकपुर,श्री विकास वर्मा, माननीय महापौर, रूद्रपुर, समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, चम्पावत,विभिन्न विभागों / संगठनों के प्रतिनिधिगण,विभिन्न विभागों / संगठनों के हितधारक, बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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*मुख्यमंत्री श्री धामी ने किया चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव के टीज़र लॉन्च*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने एनएचपीसी सभागार बनबसा में सरस कॉर्बेट महोत्सव के आधिकारिक टीज़र लॉन्च किया।

यह भव्य 7 दिवसीय आयोजन 18 से 24 फरवरी तक जनपद चम्पावत में आयोजित होगा। महोत्सव का आयोजन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने की दूरदर्शी परिकल्पना को साकार रूप देते हुए किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि यह महोत्सव चम्पावत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक पर्यटन गतिविधियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का माध्यम बनेगा।

उन्होंने कहा कि देवभूमि के सांस्कृतिक रंग, लोक परंपराएँ और प्रकृति की अद्भुत छटा इस आयोजन के माध्यम से देश-विदेश तक पहुँचेगी।

महोत्सव में कुमाऊँ की लोकसंस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलेगी। बांसुरी, मस्कबीन और हुड़का की धुनों के बीच झोड़ा, छपेली और चांचरी जैसे पारंपरिक लोकनृत्य सांस्कृतिक संध्याओं को विशेष बनाएँगे। जनपद के प्रमुख आस्था केंद्र — बालेश्वर मंदिर, पूर्णागिरि मंदिर और गोल्ज्यू देवता मंदिर — की आध्यात्मिक गरिमा भी महोत्सव की पहचान बनेगी।

सरस मेला महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा, जहाँ स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय शिल्पकारों और ग्रामीण उद्यमियों के उत्पाद प्रदर्शित होंगे। फूड फेस्टिवल में उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों के साथ देशभर के स्वादिष्ट पकवानों का आनंद लिया जा सकेगा।

पर्यटन और रोमांच के शौकीनों के लिए कॉर्बेट महोत्सव विशेष रहेगा। पंचेश्वर क्षेत्र में एंगलिंग, शारदा नदी में राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग और हॉट एयर बैलून जैसी गतिविधियाँ पर्यटकों को रोमांच का अनूठा अनुभव देंगी। रात्रि में लेजर शो आयोजन को और भव्य बनाएगा।

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बिरिया मझोला खटीमा में स्वर्गीय मनीष चंद स्मृति द्वितीय ग्रामीण क्रिकेट टूर्नामेंट 2026 के समापन एवम् पुरुस्कार वितरण समारोह में सूबे के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग कर खिलाड़ियों को पुरुस्कार वितरित किया। टूर्नामेंट में 16 टीमों द्वारा प्रतिभाग किया गया। फाइनल मुकाबला नगला तराई खटीमा व उजालिकोट टनकपुर के बीच खेला गया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर शुभकामनाएं दी व क्रिकेट में हाथ भी आजमाए। पहले खेलते हुए नगला तराई खटीमा ने 108 का लक्ष्य दिया जबकि उजलीकोट ने लक्ष्य प्राप्त कर 03 विकेट से जीत हासिल की।

माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय मनीष चंद के चित्र पर पुष्पांजली अर्पित की व संबोधित करते हुए कहा कल भारतीय युवा अंडर 19 टीम ने विश्व कप जीता है इसके लिए उन्होंने सभी को बधाई दी।उन्होंने कहा खिलाड़ी लक्ष्य लेकर संकल्प के साथ आगे बढ़ें सिद्धि तक अवश्य पहुंचेंगे। उन्होंने कहा अब खेल एक मनोरंजन का साधन नहीं है,खेलो में कैरियर की अपार संभावनाएं हैं इसलिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए अनुशासन के साथ खेले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल शरीर व मनमस्तिष्क को स्वस्थ रखता है तथा हमें अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व सिखाता है इसलिए टीम भावना से खेले। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने खेलो इंडिया,फिट इंडिया योजनाओं के अन्तर्गत खेलो का ढांचागत विकास किया है इसलिए हमारे खिलाड़ी आज सभी खेलो में परचम लहरा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री खिलाड़ियों से मिलते हैं व उनका हमेशा उत्साहवर्धन करते हैं।उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेलो में हमारे खिलाड़ी यों ने 103 पदक जीते है यह हमारे लिए गर्व की बात है हमारी देव भूमि अब खेल भूमि बन रही है।उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, स्वर्गीय मनीष चंद की माता हरिकेश चंद,जिला पंचायत सदस्य रीता काफलटा,भास्कर संभल ,क्षेत्र पंचायत सदस्य मंदीप राणा,प्रेम प्रकाश,तेज सिंह महर,प्रधान भागीरथी राणा,दीपक एरी,चन्द्रकला,माया जोशी,गणेश सिंह महर,गीता ज्याला, सांसद प्रतिनिधि रवींद्र राणा,पूर्व मंडी अध्यक्ष नंदन सिंह खड़ायत,अमित पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी,गौरव पांडे, सी ओ बी एस धोनी सहित टूर्नामेंट कमेटी के सदस्य एवं जनता मौजूद थे।

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खटीमा 07 फरवरी 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमवंती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खटीमा में छात्र संघ द्वारा आयोजित विंटर कार्निवाल में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया व हौसला अफज़ाई की। उन्होंने विंटर कार्निवाल का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया व छात्र संघ के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को उनके सफल कार्यकाल हेतु हार्दिक शुभकामनाएं दी।

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छात्र संघ द्वारा पहली बार विंटर कार्निवल के अंतर्गत भजन क्लम्बिंग जैसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत की जा रही है। मेरा मानना है, इस प्रकार की पहल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, लोक परंपराओं और युवा चेतना के संगम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भजन क्लंबिंग जैसे आयोजन ये सिद्ध करते हैं कि हमारा युवा वर्ग आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों से भी मजबूती से जुड़ा हुआ है और संगीत, भक्ति और संस्कृति के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देना, ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस पहल के लिए मैं, छात्र संघ की पूरी टीम को बधाई देता हूँ। ऐसा आयोजन कर आप सभी ने नेतृत्व क्षमता, संगठन शक्ति और सामाजिक दायित्व का परिचय दिया है।

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि जिन छात्र-छात्राओं ने आज इस कार्यक्रम का संचालन किया है, वही छात्र कल राज्य और देश का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि खटीमा मेरे लिए कोई विधानसभा सीट नहीं बल्कि ये मेरा घर है, मेरी कर्मभूमि है और मेरी पहचान है। खटीमा की मिट्टी ने मुझे सेवा का संस्कार दिया है, यही वो धरती है जहाँ से मैंने जनसेवा की पहली सीढ़ी चढ़ी थी। यही वजह है कि यहां की हर गली, हर गांव मेरे दिल के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल सहित बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए हैं। खटीमा में हमने विकास को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे ज़मीन पर उतारने का काम किया है। हमने एक ओर जहां क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गदरपुर-खटीमा बाईपास और नौसर में पुल का निर्माण कराया है, वहीं पूरे क्षेत्र में सड़कों के व्यापक नेटवर्क का विकास भी सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि हमने खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना करने के साथ-साथ चकरपुर में राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया है।

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर खटीमा में आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया है वहीं, विद्यार्थियों के लिए “साथी केंद्र” की स्थापना करने के साथ ही औद्योगिक विकास को गति देने लिए सिडकुल की स्थापना भी की गई है। इतना ही नहीं, हम खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक भी बनाने जा रहे हैं, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भी संकल्पित है, जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। यही नहीं, हमने एक ओर जहां राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई, वहीं जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि हम जहां एक ओर जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने की दिशा में कार्य कर रहे है वहीं, क्षेत्र के लोगों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एम्स के सेटेलाइट सेंटर की स्थापना करने के साथ-साथ खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं।

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि आज उत्तराखंड रोजगार सृजन के मामले में भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बना चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब प्रदेश की प्रतिव्यक्ति आय सीमित थी, लेकिन आज उसी प्रतिव्यक्ति आय में 17 गुना की वृद्धि हुई है। प्रदेश में सड़कों का नेटवर्क दोगुना हुआ है, और बिजली उत्पादन में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है। ये परिवर्तन केवल सरकारी रिपोर्टों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम जन के जीवन में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन हुआ है। यानी आज हमारा पहाड़ का युवा, बेहतर भविष्य, स्वरोजगार और आत्मसम्मान की उम्मीद के साथ फिर से अपनी मिट्टी, अपने गांवों की ओर लौट रहा है। प्रदेश की बेरोजगारी दर में एक ही वर्ष में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी की है, जो राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, अस्मिता और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा।

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन पर सख्ती से लागू करके भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हमने 11 हज़ार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया। इतना ही नहीं, 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओं पर बुलडोजर चलाकर ये स्पष्ट संदेश भी दिया है कि देवभूमि की एक-एक इंच भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से हमने सनातन धर्म को बदनाम करने वाले ढोंगियों और पाखंडियों पर भी कठोर कार्रवाई की है। क्योंकि आस्था की आड़ में ठगी करने वालों के लिए देवभूमि में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने समान नागरिक संहिता लागू कर प्रदेश में समरसता, समान अधिकार और सामाजिक न्याय की मज़बूत नींव रखी है। ये सिर्फ कानून नहीं, बल्कि नए उत्तराखंड का संकल्प है।

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर नकल माफिया की कमर तोड़ने की पहल की, और इसका परिणाम है कि आज प्रदेश के 28 हज़ार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा है कि युवाओं के हक पर किसी माफिया का साया नहीं पड़ने दिया जाएगा, अब प्रदेश में पर्ची नहीं, परिश्रम चलता है, सिफारिश नहीं, सिस्टम चलता है। उन्होंने कहा कि हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ भी “जीरो टॉलरेंस की नीति” अपनाकर पिछले साढ़े चार वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। यहाँ विकास भी होगा, परंपराएँ भी सुरक्षित रहेंगी, और जो ताकतें राष्ट्र, संस्कृति और समाज के खिलाफ खड़ी होंगी, उन्हें जवाब भी अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है, और मुझे पूर्ण विश्वास है कि खटीमा के मेरे परिवारजनों का स्नेह, विश्वास और सहयोग हमें इसी प्रकार मिलता रहेगा।

इससे पूर्व माननीय मुख्यमंत्री खटीमा में पूर्व जिला पंचायत सदस्य राम सिंह जेठी के पत्नी के निधन पर उनके आवास, ढील्लू सिंह राणा एवं जशोधर भट्ट के निधन पर उनके आवास पर पहुँच कर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर दीपक बाली, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व मंडी अध्यक्ष नंदन सिंह खड़ायत,अमित पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी,गौरव पांडे, सी ओ बी एस धोनी सहित छात्र संघ के सभी पदाधिकारी एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

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टिहरी/दिनांक 07 फरवरी, 2026

“सरस्वती विद्या मंदिर कोटी कॉलोनी में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला के अंतर्गत चित्रकला एवं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित”

आज सरस्वती विद्या मंदिर, कोटी कॉलोनी में परिवहन विभाग, टिहरी गढ़वाल द्वारा सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला के अंतर्गत चित्रकला प्रतियोगिता एवं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा नियमों की समझ विकसित करना तथा उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।कार्यशाला के दौरान बच्चों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, यातायात संकेतों के पालन, तेज गति से वाहन न चलाने तथा सुरक्षित पैदल यातायात जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेशों को रचनात्मक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र–छात्राओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।

इस अवसर पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सतेंद्र राज ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का संकल्प है। प्रवर्तन अधिकारी बृजमोहन रावत ने यातायात नियमों के उल्लंघन से होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रकाश डाला। वहीं रोल-आउट मैनेजर रविंद्र चौहान ने सड़क सुरक्षा में तकनीक की भूमिका पर जानकारी दी।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेश सैनी, विद्यालय प्रबंधक पवन शाह सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।

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टिहरी/दिनांक 07 फरवरी, 2026

“ओवरस्पीड एवं अन्य अभियोगों में 73 वाहनों के चालान”

जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल के निर्देशानुसार परिवहन विभाग, टिहरी गढ़वाल द्वारा कल कीर्तिनगर–देवप्रयाग मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग-34) पर व्यापक वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत ओवरस्पीड, बिना परमिट, बिना टैक्स, बिना फिटनेस सहित अन्य अभियोगों में कुल 73 वाहनों के चालान किए गए।

यह अभियान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ए.आर.टी.ओ.) सत्येंद्र राज के नेतृत्व में संचालित किया गया। इस अवसर पर प्रभारी इंटरसेप्टर नरेंद्र मियाँ, परिवहन सहायक निरीक्षक अनंतराम, अर्जुन सिंह एवं विपिन सिंह उपस्थित रहे।

परिवहन विभाग द्वारा वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग करने की अपील की गई।

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टिहरी/दिनांक 07 फरवरी, 2026

“चंबा में ‘सक्षम’ संगठन द्वारा समाज कल्याण कार्यक्रम आयोजित”

“दिव्यांगजनों के हित में सक्षम संगठन का सराहनीय प्रयास”

“सक्षम कार्यक्रम में टिहरी विधायक व जिलाधिकारी ने की सहभागिता”

“समाज सेवा एवं दिव्यांग कल्याण को लेकर आयोजित हुआ कार्यक्रम”

आज शनिवार को जनपद टिहरी गढ़वाल क्षेत्रांतर्गत चंबा स्थित सत्कार होटल में समदृष्टि, क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल (सक्षम) टिहरी गढ़वाल द्वारा समाज कल्याण हेतु एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय एवं विशेष अतिथि जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल तथा नगर पालिका अध्यक्ष शोभनी धनोला द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर विधायक किशोर उपाध्याय ने उपस्थित लोगों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे सेवा भाव से जुड़े कार्यक्रमों में सहभागिता कर समाज को प्रेरणा मिलती है और जनकल्याण के कार्यों को मजबूती मिलती है।

जिलाधिकारी टिहरी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘सक्षम संगठन’ द्वारा किया जा रहा यह प्रयास सराहनीय है तथा सरकार ऐसे कार्यों में पूर्ण सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने बताया कि जनपद में आयोजित ‘जन-जन की सरकार’ शिविर के दौरान यह तथ्य सामने आया कि लगभग 90 दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र अभी बनना शेष हैं, जिसे आगामी दिनों में विशेष शिविर आयोजित कर पूर्ण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सक्षम संगठन से अपील की कि वे इन शिविरों में भी सहभागिता कर योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करें।

कार्यक्रम में संगठन के जिलाध्यक्ष हर्ष मणि बहुगुणा ने कहा कि संगठन दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु निरंतर प्रयासरत है तथा समाज में दिव्यांगजनों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु संगठन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर सीएमओ डॉ श्याम विजय, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रेष्ठा भाकुनी, कार्यक्रम संयोजक राकेश बहुगुणा, प्रधान बलवंत रावत, हरि कृष्ण भट्ट, दिनेश सेमल्टी, विनोद बहुगुणा आदि अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।