*मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पिटकुल की समीक्षा बैठक, परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत मंथन
*विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर मुख्यमंत्री का सख् रुख, वितरण लॉस व विद्युत चोरी पर जीरो टॉलरेंस*
*ग्रीष्मकालीन चुनौतियों से निपटने की तैयारी तेज, ऊर्जा परियोजनाओं को मार्च तक पूर्ण औपचारिकता व अप्रैल में शुभारंभ के निर्देश*

*सीएसआर से सामाजिक सरोकार मजबूत करने पर जोर, पृथक खाता खोलकर पारदर्शी व रचनात्मक उपयोग के निर्देश*
*एडीबी व मुख्यमंत्री घोषणाओं की परियोजनाओं को रफ्तार, भूमि आवंटन एक सप्ताह में पूर्ण कर समयबद्ध क्रियान्वयन का आदेश*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गत वर्षों में पूर्ण की गई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की उपलब्धियों, एडीबी पोषित एवं नॉन-एडीबी पोषित गतिमान परियोजनाओं, मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास की गई परियोजनाओं, मुख्यमंत्री घोषणा से संबंधित कार्यों तथा आरईसी/पीएफसी पोषित योजनाओं की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
इसके साथ ही वर्ष 2025-26 में अतिरिक्त अंश पूंजी (राज्य सेक्टर एवं SASCI), प्रस्तावित परियोजनाओं हेतु वर्षवार अंश पूंजी की आवश्यकता, पिटकुल के रिसोर्स एडीक्वेसी प्लान/मास्टर प्लान, आपदा मद में क्षतिपूर्ति हेतु धनराशि एवं मानव शक्ति की आवश्यकता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई।
*मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश: समयबद्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर*
मुख्यमंत्री ने विद्युत वितरण लॉस को न्यूनतम करने, विद्युत चोरी पर सख्ती से रोक लगाने तथा वितरण लॉस में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
आगामी ग्रीष्मकालीन सीजन को देखते हुए यूजेवीएनएल, पिटकुल एवं यूपीसीएल को अभी से समस्त तैयारियां सुनिश्चित करने, सभी औपचारिकताओं को मार्च तक पूर्ण कर अप्रैल तक परियोजनाओं के शुभारंभ हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
सीएसआर मद में प्राप्त धनराशि के लिए पृथक खाता खोलकर उसका अधिकतम एवं बहु-रचनात्मक उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया।
विभिन्न जनपदों में एडीबी पोषित उपकेंद्रों से संबंधित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
एडीबी पोषित द्वितीय चरण के अंतर्गत बहादराबाद (हरिद्वार), कोटद्वार (पौड़ी), भिकियासैंण (अल्मोड़ा), कपकोट (बागेश्वर) एवं नंदप्रयाग (चमोली) में भूमि आवंटन एवं स्थानांतरण की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण करने हेतु संबंधित जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत शिलान्यास की गई सभी परियोजनाओं को तत्काल प्रभाव से पूर्ण करने हेतु निरंतर निगरानी एवं प्रभावी प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
*पिटकुल की उल्लेखनीय उपलब्धियां और वित्तीय सुदृढ़ता*प
पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी सी. ध्यानी ने विगत चार वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि आरईसी द्वारा पिटकुल की क्रेडिट रेटिंग को A+ से A++ किए जाने से परियोजना क्रियान्वयन हेतु प्राप्त ऋणों पर 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त छूट मिलेगी, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को कम टैरिफ के रूप में प्राप्त होगा।
उन्होंने अवगत कराया कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पावर लाइन पत्रिका द्वारा पिटकुल को “पावर लाइन ट्रांस टेक इंडिया अवार्ड-2025” से सम्मानित किया गया है, जो ऊर्जा क्षेत्र के पारेषण क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं वित्तीय वर्ष 2024-25 में न्यूनतम लाइन लॉस के लिए प्रदान किया गया।
कुशल प्रबंधन एवं सतत लाभ वृद्धि के परिणामस्वरूप पिटकुल द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक का सर्वाधिक ₹1243 करोड़ का लाभांश उत्तराखंड सरकार को दिया गया है।
विगत चार वर्षों में कुल 22 परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं, जिनमें से 12 परियोजनाएं क्षमता वृद्धि से संबंधित हैं।
एडीबी एवं नॉन-एडीबी पोषित परियोजनाओं में तीव्र प्रगति
वर्तमान में एशियाई विकास बैंक (ADB) पोषित 220 एवं 120 केवी उप संस्थानों की परियोजनाएं मंगलौर, सेलाकुई, आराघर, खटीमा, धौलाखेड़ा, लोहाघाट एवं सरवरखेड़ा में गतिमान हैं।
इसके अतिरिक्त नॉन-एडीबी पोषित 400, 220 एवं 132 केवी उप संस्थानों की परियोजनाएं पीपलकोटी, घनसाली, बनबसा, रानीहाट, ऋषिकेश, अल्ट्राटेक एवं सिमली में प्रगति पर हैं।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु व आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव पंकज पांडेय, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सी रवि शंकर, विनय शंकर पाण्डेय, प्रबंध निदेशक उत्तराखंड जल विद्युत निगम डॉ. संदीप सिंघल, प्रबंध निदेशक यूपीसीएल अनिल कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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*1203.40 लाख रुपये की लागत से सहसपुर में सड़क चौड़ीकरण के द्वितीय चरण का शिलान्यास*
*मीठीबेरी–परवल–चांदनी चौक एवं परवल–विज्ञान धाम झाझरा मार्ग को मिलेगा नया स्वरूप*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद देहरादून के सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में मीठीबेरी से परवल होते हुए चांदनी चौक तक तथा परवल से विज्ञान धाम झाझरा तक 1203.40 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मार्ग के चौड़ीकरण कार्य के द्वितीय चरण (किलोमीटर 1 से 10) का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदृढ़ सड़क अवसंरचना प्रदेश के समग्र विकास का आधार है। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय व्यापार, पर्यटन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी और क्षेत्र की आर्थिकी सशक्त होगी।
*सहसपुर क्षेत्र के विकास हेतु महत्वपूर्ण घोषणाएं*
*पेयजल, नाला निर्माण, मोक्षधाम एवं पुस्ता निर्माण सहित कई कार्य स्वीकृत*
मुख्यमंत्री ने सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें—
भाऊवाला में पेयजल आपूर्ति हेतु नलकूप निर्माण।
नगर निगम क्षेत्र में जलभराव से निजात हेतु दरू चौक से केशववाला नदी तक नाला निर्माण।
आर्केडिया बड़ोवाला पार्क के पास मोक्षधाम का निर्माण।
आसनपुर से श्मशान घाट तक पुस्ता एवं मार्ग निर्माण।
ठाकुरपुर अंतर्गत उमेदपुर व परवल में आसन नदी पर कृषि भूमि की सुरक्षा हेतु पुस्ता निर्माण।
नगर निगम वार्ड संख्या 93 बड़ोवाला आवासीय क्षेत्र की सुरक्षा हेतु पुस्ता निर्माण।
पौंधा में श्मशान घाट सड़क निर्माण तथा नाले से भूमि कटाव की रोकथाम हेतु पुस्ता निर्माण।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं के अनुरूप कार्य करते हुए आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।
समावेशी विकास में उत्तराखंड अग्रणी, मातृशक्ति सशक्तिकरण पर विशेष बल
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रेटिंग्स उत्तराखंड को समावेशी विकास में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर रही हैं। उन्होंने मातृशक्ति को पहाड़ की अर्थव्यवस्था का केंद्र बताते हुए कहा कि ‘लखपति दीदी’ योजना के माध्यम से महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के जरिए ऐसे उत्पाद तैयार कर रही हैं जो बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी प्रतिस्पर्धा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था 26 गुना बढ़ी है, बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, विद्युत उत्पादन चार गुना बढ़ा है तथा रिवर्स माइग्रेशन में 44 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।
*देवभूमि की अस्मिता पर कोई समझौता नहीं — जीरो टॉलरेंस की नीति जारी*
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देवभूमि उत्तराखंड की मूल पहचान, संस्कृति और जनसांख्यिकीय संतुलन से किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून तथा अवैध अतिक्रमण और भू-माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा इस वित्तीय वर्ष में 10 से 12 हजार नियुक्तियों की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर की क्षेत्रीय समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और सक्रियता की सराहना की।
इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सुशासन और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। युवा, महिला और किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। प्रदेश की संस्कृति और मौलिक पहचान बनाए रखने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं। पुष्कर धामी के नेतृत्व में अब तुष्टीकरण के लिए कोई स्थान नहीं है तथा सबका साथ, सबका विकास और सबके विश्वास पर कार्य किया जा रहे हैं।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हल्द्वानी मीडिया सेंटर में पत्रकारों हेतु लगाया गया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर*
*स्वस्थ पत्रकार, सशक्त लोकतंत्र की पहचान।*
*100 से अधिक लोगों द्वारा स्वास्थ्य कैम्प का लाभ लिया गया, अनेकों प्रकार की जांच निशुल्क की गई*
*पत्रकारों के लिए सरकार की संवेदनशील पहल बनी प्रेरणादायक उदाहरण*
हल्द्वानी 12 फरवरी, 2026 सूवि।
पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे पत्रकारों की जीवन शैली और कार्य की अधिकता एवं अनियमित दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पत्रकारों हेतु विशेष चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कैंप आयोजित किए जाने के निर्देशों के क्रम में गुरुवार को हल्द्वानी मीडिया सेंटर में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के सहयोग से एक दिवसीय चिकित्सा शिविर का आयोजन कराया गया।
शिविर में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल,मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल एवं संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय ने सामिल होकर उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि स्वस्थ पत्रकारिता ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला है, क्योंकि स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक मीडिया शासन-प्रशासन को जवाबदेह बनाते हुए समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मीडिया प्रतिनिधियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति संवेदनशील है और उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनकल्याणकारी दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित इस शिविर में एक्स-रे, ईसीजी, बीपी, शुगर, थायराइड एवं विभिन्न रक्त जांच सहित आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में हृदय रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक एवं फिजिशियन द्वारा लाभार्थियों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के उपरांत आवश्यक औषधियों का निःशुल्क वितरण भी किया गया।
शिविर में जनपद के हल्द्वानी, रामनगर, लालकुआं, कालाढूंगी सहित विभिन्न क्षेत्रों से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया प्रतिनिधियों तथा उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लगभग 100 से अधिक पत्रकारों एवं उनके परिजनों ने शिविर का लाभ उठाया।
शिविर में उपस्थित संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर समय समय पर सभी क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक मीडिया कर्मियों एवं आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
यह शिविर राज्य सरकार की उस दूरदर्शी सोच का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसके अंतर्गत “सबका स्वास्थ्य, सबका विकास” की भावना के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
इससे पूर्व प्रातः जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरीश चन्द्र पंत एवं संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय द्वारा संयुक्त रूप से चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया गया।
शिविर में डॉ0 आर एस कुॅवर फिजीशियन, डॉ0 सुधांशु सिंह हद्दय रोग विशेषज्ञ, डॉ0 पीएस खोलिया, हड्डी रोग विशेषज्ञ, डॉ0 अनीता पवार, स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ0 विजय नेत्र रोग विशेषज्ञ,डॉ0 दीप्ति, दंतरोग विशेषज्ञ तथा दीपा सुनारी फार्मेसिस्ट के साथ ही मेडिकल टीम , जिला सूचना अधिकारी गिरिजा जोशी, सूचना अधिकारी अहमद नदीम सहित विभिन्न मीडिया प्रतिनिधि व अन्य लोग मौजूद रहे।
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जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान से प्रदेशभर में जनविश्वास सुदृढ़*
*622 कैंपों के माध्यम से 4,84,023 से अधिक नागरिकों की सीधी भागीदारी*
*2,89,055 से अधिक लोग विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित*
*47,759 शिकायतें प्राप्त, 32,176 का त्वरित निस्तारण*
*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सुशासन का सशक्त मॉडल स्थापित*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान निरंतर जनसेवा और सुशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। यह अभियान राज्य सरकार की पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील कार्यशैली का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है।
प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित शिविरों के माध्यम से अब तक 622 कैंपों का सफल आयोजन किया जा चुका है। दिनांक 12 फरवरी 2026 को प्रदेश में 8 कैंपों का आयोजन किया गया, जिनमें 3,939 नागरिकों ने प्रतिभाग किया। अभियान के आरंभ से अब तक कुल 4,84,023 नागरिकों ने इन कैंपों में सहभागिता कर अपनी समस्याएं, सुझाव एवं आवेदन प्रस्तुत किए हैं।
*शिकायतों का त्वरित निस्तारण – सरकार की प्राथमिकता*
अभियान के अंतर्गत प्राप्त जनशिकायतों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। अब तक कुल 47,759 शिकायत पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 32,176 शिकायतों का निस्तारण प्रभावी रूप से किया जा चुका है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार केवल शिकायतें सुन ही नहीं रही, बल्कि समयबद्ध समाधान भी सुनिश्चित कर रही है।
*प्रमाण पत्र वितरण एवं प्रशासनिक सेवाओं में तेजी*
कैंपों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी करने हेतु प्राप्त एवं आवेदित पत्रों की संख्या 68,101 तक पहुंच चुकी है। इन शिविरों के जरिए आय, जाति, निवास सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रमाण पत्रों का निर्गमन सरल एवं सुगम बनाया गया है, जिससे आमजन को कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल रही है।
*योजनाओं का सीधा लाभ – अंतिम व्यक्ति तक पहुंच*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। अब तक 2,89,055 से अधिक नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया जा चुका है। यह आंकड़ा सरकार की प्रतिबद्धता और प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है।
*सुशासन का मजबूत मॉडल*
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उस कार्यशैली को दर्शाता है, जिसमें सरकार जनता के बीच जाकर समस्याओं का समाधान करती है। यह पहल केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई परंपरा का सूत्रपात है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रशासनिक सेवाओं को सरल, सुगम एवं जनहितकारी बनाते हुए “सरकार आपके द्वार” की अवधारणा को पूर्ण रूप से साकार किया जाए।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास पर विधायक श्री विनोद कंडारी ने शिष्टाचार भेंट की |
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास पर विधायक श्री महेश जीना ने शिष्टाचार भेंट की |

