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मानवता और संवेदना की मिसाल: सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया 10 लाख का योगदान

*आपदा पीड़ितों और वंचित बच्चों के लिए पूर्व सैनिक का अनुकरणीय सहयोग*

लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनने और समाज के प्रति दायित्व निभाने वालों की आज भी कोई कमी नहीं है। इसी भावना का परिचय देते हुए सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर हरीश चंद्र जोशी, निवासी वसंत विहार, देहरादून एवं मूल निवासी जहरिखाल, पौड़ी गढ़वाल, ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 लाख रुपये की धनराशि दान की।
ब्रिगेडियर जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर चेक सौंपा। यह सहयोग पूर्व में आई दैवीय आपदाओं के दौरान राहत-बचाव कार्यों तथा आपदा से प्रभावित गरीब एवं वंचित बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका में सहायता के उद्देश्य से दिया गया है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अनुभवी सैन्य अधिकारी होने के नाते ब्रिगेडियर जोशी की यह पहल राज्य और समाज के समग्र विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा समाज के अन्य लोगों को भी सेवा और सहयोग के लिए प्रेरित करती है।
इस अवसर पर ब्रिगेडियर एच. के. जोशी की पुत्री सुश्री शानू जोशी भी उपस्थित थीं।
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मुख्यमंत्री धामी ने बॉडी बिल्डर प्रतिभा थपलियाल को किया सम्मानित*

*मातृशक्ति के उत्कर्ष और महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनीं प्रतिभा*
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की बेटी एवं अंतरराष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डर प्रतिभा थपलियाल को बॉडीबिल्डिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर एवं गमला भेंट कर सम्मान प्रदान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतिभा थपलियाल की उपलब्धियों को उत्तराखंड की मातृशक्ति के गौरव तथा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा की सफलता से प्रदेश, विशेषकर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली बेटियों को खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। मातृशक्ति अब खेलों के साथ-साथ अन्य विविध क्षेत्रों में भी अपने कैरियर की संभावनाएं तलाश रही हैं, जो प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि मातृप्रधान रही है तथा पहाड़ की महिलाएं कृषि, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की धुरी रही हैं। समय-समय पर उत्तराखंड की महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा, खेल और सुशासन के क्षेत्र में देश-दुनिया का मार्गदर्शन किया है। हमें अपनी मातृशक्ति पर गर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐसी प्रतिभाशाली महिलाएं जो विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित कर रही हैं, उन्हें राजकीय सेवा में अवसर प्रदान करने का भी प्रयास किया जाएगा, ताकि वे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकें।

*राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा का परचम*

43 वर्षीय प्रतिभा थपलियाल की प्रमुख उपलब्धियां (पिछले चार वर्षों में):
वर्ष 2023 में राष्ट्रीय बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
एशियाई बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक।
9 फरवरी 2026 को तेलंगाना के करीमनगर में आयोजित राष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक।
प्रतिभा थपलियाल बॉडीबिल्डिंग क्षेत्र में महिला विश्व चैंपियनशिप एवं एशिया चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली महिला बॉडीबिल्डर हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।
प्रदेश सरकार महिला खिलाड़ियों को हर संभव प्रोत्साहन एवं सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उत्तराखंड की बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर निरंतर सफलता का परचम लहराती रहें।
इस दौरान राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान भी उपस्थित थे।

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*सचिव दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 95वीं बैठक सम्पन्न*
*वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति की समीक्षा, प्राथमिकता क्षेत्र में 58% उपलब्धि*
देहरादून। सचिवालय सभागार में सचिव दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 95वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित ऋण योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 30.09.2025 तक की प्रगति की समीक्षा की गई।

*सीडी रेशियो बढ़ाने और डिजिटल फ्रॉड पर सख्ती के निर्देश*
*कम सीडी रेशियो वाले जनपदों को तत्काल सुधार के निर्देश*

सचिव ने जिन जनपदों का सीडी (क्रेडिट-डिपॉजिट) रेशियो कम है, उन्हें तत्काल सुधार कर अनुपात बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल फ्रॉड एवं साइबर सुरक्षा के मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा तथा संबंधित एनफोर्समेंट एजेंसियों के समन्वय से लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने एवं जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राज्य में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने हेतु आरसेटी, एसएलआरएम, पीएमकेवीवाई एवं एनजीओ के माध्यम से जागरूकता कैंप चलाएं।

*डिजिटलाइजेशन एवं सामाजिक समावेशन पर विशेष जोर*

31 मार्च 2026 तक 100% डिजिटलीकरण का लक्ष्य
सचिव ने निर्देशित किया कि जिन 9 जनपदों में अभी तक शत-प्रतिशत डिजिटलीकरण नहीं हुआ है, वहां 31 मार्च 2026 तक पूर्ण डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जाए।
वर्तमान में अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ एवं पौड़ी जनपदों में पूर्ण डिजिटलीकरण हो चुका है।
राज्य में 5,77,073 किसानों को सितंबर 2025 तक किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। पशुपालन हेतु 1,08,514 पशुपालकों तथा मत्स्य पालन हेतु 2,947 मत्स्य पालकों को भी केसीसी जारी किए गए हैं।
सितंबर 2025 तक 40,23,448 पीएमजेडीवाई खाते तथा 9,30,058 एपीवाई खाते खोले गए हैं।

*स्वरोजगार, कौशल विकास और ट्रांसजेंडर सशक्तिकरण पर पहल*
*बाजार उन्मुख प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने के निर्देश*
सचिव ने बैंकों एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि ट्रांसजेंडर समुदाय को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष ऋण योजनाएं तैयार की जाएं। आर-सेटी के माध्यम से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भविष्य की बाजार एवं उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार प्रदाता कंपनियों से टाई-अप कर रोजगार उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।
प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य ₹55,174 करोड़ के सापेक्ष बैंकों द्वारा ₹31,994 करोड़ (58%) की प्रगति दर्ज की गई। शिक्षा ऋण योजना के तहत 8,850 आवेदकों को ₹202.82 करोड़ का ऋण वितरित किया गया।
बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति इस प्रकार रही—

पीएम स्वनिधि: लक्ष्य ₹ 40,005 करोड़ के सापेक्ष ₹ 42,861 करोड़ (107%)

ए.आई.एफ: 157 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष 432.52 करोड़ (77%)

पीएम अजय: ₹166 करोड़ के सापेक्ष 78 करोड़ (47%)

मुद्रा योजना: ₹4010 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष ₹1686 करोड़ (42%)

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली वाहन योजना: 150 करोड़ के सापेक्ष 60 करोड़ (40%)

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली गैर-वाहन योजना: 100 करोड़ के सापेक्ष 34 करोड़ (34%)

दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना: 245 करोड़ के सापेक्ष 61करोड़ा (25%)

एमएसएमई 2.0 योजना: 8000 करोड़ के सापेक्ष 1744 करोड़ (22%)
बैठक में अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव, श्री हिमांशु खुराना, श्री अभिषेक रोहेला, श्री प्रकाश चंद्र, सुश्री झरना कमठान, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक श्री अरविंद कुमार, एजीएम श्री दीपक मंमगाई, श्री पंकज यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
[13/02, 8:38 pm] +91 94101 89723: “ *जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” बना जनविश्वास का सबसे बड़ा अभियान*

*630 कैंपों के माध्यम से 4.92 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी*

*2.74 लाख से अधिक नागरिक विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित*

*32 हजार से अधिक शिकायतों का त्वरित निस्तारण*

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में घर-घर पहुंच रही सरकार*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। यह अभियान सरकार को सीधे जनता के द्वार तक ले जाकर उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित कर रहा है।

*व्यापक जनभागीदारी और अभूतपूर्व सफलता*

प्रदेश के सभी 13 जनपदों में अब तक कुल 630 कैंपों का आयोजन किया जा चुका है। इन कैंपों में अब तक 4,92,395 नागरिकों ने प्रतिभाग कर अपनी समस्याएं एवं सुझाव दर्ज कराए।

केवल आज आयोजित 8 कैंपों में ही 8,372 नागरिकों ने प्रतिभाग किया, जो इस अभियान के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

 

*शिकायत निवारण में तेज़ी*

अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 48,093 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 32,282 शिकायतों का निस्तारण मौके पर अथवा त्वरित कार्यवाही के माध्यम से किया जा चुका है।

यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में प्रशासनिक तंत्र पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है।

 

*प्रमाण पत्र एवं योजनाओं का लाभ*

विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों हेतु अब तक 68,983 आवेदन प्राप्त हुए। विभिन्न सरकारी योजनाओं से अब तक 2,74,069 नागरिकों को लाभान्वित किया गया। केवल आज ही 5,014 नागरिकों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

यह अभियान विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहा है, जहां अब उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे।

 

*जनपदवार सक्रियता*

हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली सहित सभी जनपदों में कैंपों के माध्यम से बड़ी संख्या में नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया गया।

विशेष रूप से हरिद्वार और देहरादून में आज बड़ी संख्या में प्रतिभागिता दर्ज की गई, जो इस अभियान की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाती है।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम छोर तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि “सरकार जनता के द्वार पर पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करेगी और हर नागरिक को सम्मानपूर्वक न्याय मिलेगा।”

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दिया जाए।

 

*सुशासन की ओर मजबूत कदम*

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की जनकल्याणकारी सोच और उत्तरदायी शासन प्रणाली का सशक्त उदाहरण है।

यह अभियान न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम है, बल्कि यह जनता और सरकार के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को भी सुदृढ़ कर रहा है।

प्रदेश सरकार जनसेवा के अपने संकल्प के साथ इसी प्रकार निरंतर कार्य करती रहेगी।