देवभूमि परिवार आईडी में मुखिया के तौर पर परिवार की वरिष्ठतम महिला सदस्य का नाम होगा
देहरादून। कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से सहायता पहुँचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने मंगलवार को “देवभूमि परिवार विधेयक- 2026” को सदन पटल पर रख दिया है। इस विधेयक के कानून बन जाने पर प्रदेश में एकीकृत और सत्यापित परिवार-आधारित डेटाबेस “देवभूमि परिवार” की स्थापना हो सकेगी। विधेयक का उद्देश्य विभिन्न विभागों में बिखरे लाभार्थी डेटा को एक मंच पर लाकर योजनाओं के संचालन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समन्वित बनाना है। देवभूमि परिवार आईडी में मुखिया के तौर पर परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य का नाम दर्ज होगा।
वर्तमान में राज्य के अलग-अलग विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लिए अलग लाभार्थी डेटाबेस का उपयोग करते हैं। इसके कारण कई बार लाभार्थी आंकड़ों का दोहराव, पुनः सत्यापन की जटिल प्रक्रियाएँ और विभागों के बीच समन्वय की कमी जैसी समस्याएँ सामने आती हैं। इससे न केवल प्रशासनिक संसाधनों पर अतिरिक्त भार पड़ता है, बल्कि योजनाओं के आकलन और प्रभावी क्रियान्वयन में भी बाधाएँ उत्पन्न होती हैं।
अब इस विधेयक के माध्यम से राज्य में एक एकीकृत परिवार-स्तरीय डेटा भंडार स्थापित किया जाएगा, जो विभिन्न विभागों और एजेंसियों के लिए लाभार्थी संबंधी सूचनाओं का एक विश्वसनीय स्रोत (ैपदहसम ैवनतबम व िज्तनजी) के रूप में कार्य करेगा। इससे योजनाओं का बेहतर लक्ष्योन्मुखी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सहायता अधिक प्रभावी ढंग से पहुँच सकेगी।
इसके साथ ही, इस डेटा प्रणाली के प्रभावी प्रबंधन, संरक्षण और संरचनात्मक सुधारों के लिए एक उपयुक्त संस्थागत तंत्र का भी गठन किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत विभागों के बीच सुरक्षित और विनियमित डेटा आदान-प्रदान की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी, जिससे योजनाओं के बेहतर लक्षित वितरण और समन्वय को मजबूती मिलेगी।
यह पूरी व्यवस्था डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 (क्च्क्च् ।बज 2023) के प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जाएगी, ताकि नागरिकों के डेटा का उपयोग सहमति, पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ सुनिश्चित किया जा सके।
ये विधेयक भी प्रस्तुत किए गएः-
उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक – 2026
उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) (संशोधन) विधेयक – 2026
उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1993) (संशोधन) विधेयक 2026
उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026
उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम, विधेयक, 2026
उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक, 2026
आगे पढ़ें
न्यायालय को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी

अल्मोड़ा। जिला न्यायालय अल्मोड़ा की आधिकारिक ई-मेल आईडी के स्पैम सेक्शन में एक बार फिर धमकी भरा मेल प्राप्त होने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया। पुलिस टीम ने न्यायालय परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया।
न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ भी कर दिया गया है। इससे पूर्व भी धमकी भरा मेल प्राप्त हो चुका है।
ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) को अलर्ट मोड में रखा गया है। जिला न्यायालय अल्मोड़ा की आधिकारिक ई-मेल आईडी के स्पैम सेक्शन में एक अज्ञात स्रोत धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ। जिसके बाद मामले की गंभीरता एवं सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अल्मोड़ा पुलिस ने तत्काल प्रभाव से न्यायालय परिसर में सघन चेकिंग अभियान चलाया। न्यायालय के प्रवेश द्वारों पर आने-जाने वाले व्यक्तियों की जांच एवं संदिग्ध वस्तुओं की तलाशी की गई। जबकि न्यायालय भवन के कोर्ट रूम, रिकार्ड रूम, पार्किंग एरिया व सार्वजनिक स्थलों की बारीकी से जांच की गई।
न्यायालय परिसर में अनावश्यक भीड़ एकत्रित न होने देने और संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखने के निर्देश भी एसएसपी ने अधिकारियों को दिए हैं।
एसएसपी चंद्रशेखर घोड़के ने कहा कि न्यायालय परिसर की गरिमा एवं शांति भंग करने का प्रयास करने वाले किसी भी अराजक तत्व के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आगे पढ़ें
गैस आपूर्ति को लेकर उभरा संकट,कमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक
देहरादून।अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से देश में कई स्थानों पर रसोई गैस सिलेंडर का संकट दिखाई दे रहा है।
राजधानी देहरादून में कमर्शियल रसोई गैस की सप्लाई बंद हो गयी है। जिससे यहंा होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर आ गये है। हालांकि अभी अधिकारियों द्वारा इसे दो दिन का बैकलॉग कहा जा रहा है। लेकिन यह बैकलाग कब तक जारी रहेगा यह कहना मुश्किल है।
बताया जा रहा है कि गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि कमर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई केवल आवश्यक सेवाओं के लिए ही की जाए। इसके तहत शहर के अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर कमर्शियल गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि जरूरी सेवाओं पर किसी तरह का असर न पड़े।
वहीं दूसरी ओर, होटल, ढाबों, रेस्टोरेंटों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फिलहाल कमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इससे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है और आने वाले दिनों में उनके कामकाज पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। गैस एजेंसी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई व्यवस्था को सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बैकलॉग खत्म होने के बाद जल्द ही नियमित आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी के के अग्रवाल ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और अनावश्यक रूप से गैस बुकिंग न करने की अपील की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले दो दिनों के भीतर बैकलॉग खत्म करने की कोशिश की जाएगी, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकती है। वहीं दूसरी ओर शहर के होटलकृरेस्टोरेंट कारोबारियों का कहना है कि हमें गैसकर्मियों द्वारा खुले रूप से कहा है कि आज से होटलकृरेस्टोरेंटो मे गैस आपूर्ति बदं कर दी गयी है। वहीं मामले में होटल एसोसियेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो कई रेस्टोरेंट को 10 मार्च से कुछ समय के लिए अपना काम बंद करना पड़ सकता है। जिसका असर आम जनता, स्टूडेंट पर पड़ना तय है।
आगे पढ़ें
उत्तराखण्ड मंे फिर बदलेगा मौसम, पहाड़ी क्षेत्रांे में 15 मार्च तक बारिश और बर्फबारी की संभावना
देहरादून। उत्तराखण्ड में एक बार फिर मौसम के करवट लेने के आसार बन गए है। मौसम विभाग ने 15 मार्च तक राज्य के कुछ पहाड़ी जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान प्रदेश के मैदानी जिलों मे मौसम शुष्क रहेगा और गर्मी बढ़ती जाएगी।
मौसम विभाग ने 11 मार्च के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को भी इन्हीं पांच जिलों में बारिश और बर्फबारी होगी। 12 मार्च को भी मौसम का यही हाल रहेगा। 13 मार्च को भी मौसम ऐसा ही रहेगा। 14 मार्च को मौसम ज्यादा जिलों को प्रभावित करेगा। जहां बारिश और बर्फबारी होगी उनमें गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी और चमोली हैं तो कुमाऊं का पिथौरागढ़ जिला है। लेकिन इस बार थोड़ा और नीचे तक बर्फ गिरेगी। 3500 मीटर या इससे ज्यादा ऊंचे स्थानों पर बर्फबारी होगी। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों में भी कहीं-कहीं पर हल्की से बहुत हल्की बारिश की उम्मीद है। इन जिलों के 3500 मीटर और उससे ऊंचे स्थानों पर बर्फ गिरेगी।
15 मार्च को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। 3500 मीटर या उससे ऊंचे स्थानों पर बर्फ गिरेगी। बाकी पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश का अनुमान है। इसके साथ ही 3500 मीटर या उससे ऊंचे स्थानों पर बर्फ गिरेगी। राज्य के मैदानी जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।
आगे पढ़ें
जयकारों के साथ निकली नगर परिक्रमा, भक्तिमय हुआ पूरा शहर
देहरादून। बाबा के जयकारों के साथ नगर की सडकों से नगर परिक्रमा निकाली गयी। इस दौरान पूरा शहर भक्तिमय हो गया।
मंगलवार को यहां झण्डा दरबार साहिब से महंत देवेन्द्र दास के सानिध्य में नगर परिव्रफमा निकाली गयी। नगर परिक्रमा झण्डा दरबार साहिब से प्रारम्भ होकर सहारनपुर चौक, कांवली रोड से होते हुए एसजीआरआर बिन्दाल पहुंची इस दौरान पुलिस प्रशासन ने नगर परिक्रमा के सहारनपुर चौक पहुंचने पर कांवली रोड से सहारनपुर चौक की तरफ कोई यातायात नहीं जाने दिया पटेलनगर मण्डी से आने वाले ट्रैफिक को कमला पैलेस की ओर भेजा गया साथ ही बल्लीवाला से आने वाले यातायात को बल्लूपुर/जीएमएस रोड व लक्ष्मण चौक की ओर से आने वाले यातायात को पार्क रोड की ओर भेजा गया। जिसके बाद बिन्दाल एसजीआरआर से महंत देवेन्द्र दास के द्वारा संगतों को आर्शीवाद देकर विदा किया। एसजीआरआर बिन्दाल ने नगर परिव्रफमा के तिलक रोड पहुंचने पर बिन्दाल पुल से तिलक रोड कोई भी ट्रैफिक नहीं जाने दिया। बिन्दाल चौक से घंटाघर तक सडक को पुलिस प्रशासन ने दो भागों में विभाजित कर नगर परिव्रफमा के साथकृसाथ यातायात का संचालन भी किया गया। इस दौरान संगतों के द्वारा सडक पर झाडू लगाकर पानी का छिंडकाव किया जा रहा था। नगर परिव्रफमा के बिन्दाल से घण्टाघर के मध्य पहुंचने पर चकराता रोड से घण्टाघर आने वाले ट्रैफिक को बल्लूपुर चौक, बिन्दाल चौकी से कैण्ट को यातायात दबाव के दृष्टिगत आवश्यकतानुसार डायर्वट किया गया। नगर परिव्रफमा के घंटाघर पहुंचने पर दर्शनलाल चौक से घण्टाघर जाने वाले ट्रैफिक को लेन्सडाउन चौक और ओरियन्ट चौक से घंटाघर जाने वाले ट्रैफिक को कनक चौक की ओर भेजा गया। इस दौरान नगर परिव्रफमा पर लोगों से फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया और संगतों के लिए शीतल पेय की व्यवस्था की गयी थी। नगर परिव्रफमा के पल्टन बाजार में पहुंचने पर पुलिस प्रशासन के द्वारा सभी डायवर्ट प्वांइटों पर यातायात सामान्य किया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने सहारनपुर चौक से कोई भी ट्रैफिक कांवली रोड व झण्डा साहिब की ओर नहीं भेजा गया। नगर परिव्रफमा का अगला हिस्सा सहारपुर चौक पहुंचने पर प्रिन्स चौक से आने वाले यातायात को गऊ घाट कट से भण्डारी बाग की ओर भेजा गया। नगर परिव्रफमा पल्टन बाजार से आढत बाजार होते हुए मंहतों की समाधि पर पहुंची और वहां से झण्डा साहिब पहुंचकर समाप्त हो गयी।
आगे पढ़ें
बजट सत्रः सदन में गूंजा मानव-वन्य जीव संघर्ष का मुद्दा

गैरसैंण। भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान वन विभाग से जुड़े मुद्दों पर जमकर चर्चा हुई। मानव-वन्य जीव संघर्ष, मुआवजा, रोपवे परियोजना और वन कानूनों को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों के विधायकों ने वन मंत्री सुबोध से तीखे सवाल किए।
उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भराड़ीसैंण में प्रश्नकाल की शुरुआत होते ही वन विभाग से जुड़े मुद्दों पर सदन में गरमागरम बहस देखने को मिली। अधिकांश सवाल वन मंत्री सुबोध उनियाल से पूछे गए, जिनमें मानव-वन्य जीव संघर्ष, फॉरेस्ट क्लीयरेंस, जंगली जानवरों से फसल नुकसान और रोपवे परियोजनाओं जैसे विषय शामिल रहे। सदन में पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवरों से कृषि को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। विधायक खजान दास, महेश जीना और विनोद कंडारी ने इस विषय पर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की और कहा कि जंगली जानवरों से फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
वहीं वन (संरक्षण) अधिनियम और वनों से जुड़े स्थानीय लोगों के हक-हकूक को लेकर भी सदन में बहस हुई। इस दौरान भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने सरकार से पॉइंटेड सवाल पूछे. मंत्री की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विधानसभा अध्यक्ष को भी हस्तक्षेप करना पड़ा।
स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने वन मंत्री से कहा कि यह प्रदेश के ज्वलंत मुद्दे हैं। इसलिए इन पर गंभीरता के साथ स्पष्ट जवाब दिया जाए। खास बात यह रही कि आज केवल विपक्ष ही नहीं बल्कि सत्ता पक्ष के वरिष्ठ विधायक खजान दास, विनोद चमोली और मुन्ना सिंह चौहान भी कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगते नजर आए। सवालों की बौछार के बीच वन मंत्री सुबोध उनियाल को कई बार स्पष्टीकरण देना पड़ा, जिससे प्रश्नकाल के दौरान सदन का माहौल काफी गर्म रहा।
आगे पढ़ें
गुलदार ने एक व्यक्ति को बनाया निवाला,आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को किया कमरे में कैद

पौड़ी। सोमवार देर शाम जिले के कोट ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले बलमणा गांव में एक व्यक्ति को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया। इस घटना का पता मंगलवार सुबह ग्रामीणों को लगा। आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर पहंुची प्रशासन और वन विभाग की टीम को एक कमरे में कैद कर दिया। इस मामले में ग्रामीणांे ने ठोस कार्यवाही की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार सोमवार देर शाम पौड़ी बलमणा गांव में गुलदार ने एक व्यक्ति को अपना निवाला बना दिया। मंगलवार सुबह सूचना मिलने के बाद पूरे इलाके में इस बात को लेकर दहशत फैल गयी। मंगलवार सुबह मौके पर पहंुची प्रशासन और वन विभाग की टीम को इस घटना के बाद से आक्रोशित ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार के इस हमले के बाद लोग घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। वहीं बच्चों का स्कूल जाना भी अब सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिसकी जानकारी कई बार वन विभाग को दी गई। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में तुरंत शूटर तैनात किया जाए, ताकि गुलदार को पकड़ा या मार गिराया जा सके और लोगों को राहत मिल सके। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच की जा रही है। डीएफओ पौड़ी महातिम यादव ने बताया कि वह स्वयं मौके पर पहुंचे हैं। गुलदार ने एक व्यक्ति को अपना शिकार बना लिया था, जिसके बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। जनता की समस्याओं को सुना जा रहा है और समाधान निकाला जाएगा।
आगे पढ़ें
अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ एक गिरफ्तार

रुद्रपुर। पुलिस ने अवैध हथियार तमंचे के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवक ने तमंचा लहराकर एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की थी। जिसके बाद आरोपी पुलिस ने नजर में आ गया। पुलिस ने आरोपी के पास से 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उधम सिंह नगर में अपराध और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी थाना प्रभारियों को नशा, ड्रग्स, मादक पदार्थों और अवैध हथियारों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर रुद्रपुर तथा क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर ने कोतवाली रुद्रपुर पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
निर्देशों के अनुपालन में कोतवाली रुद्रपुर पुलिस और चौकी बिगवाड़ा की टीम ने अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान चलाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार युवक की पहचान बृजेश यादव पुत्र जितेंद्र यादव निवासी भगवाड़ा भाटा, थाना रुद्रपुर, जिला उधम सिंह नगर के रूप में हुई है। आरोपी की उम्र लगभग 22 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने होली के मौके पर अवैध तमंचा लहराते हुए अपनी फोटो खिंचवाई थी और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया था। फोटो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अदद तमंचा 315 बोर और एक जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद किया गया। बरामदगी के आधार पर कोतवाली रुद्रपुर में आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आगे पढ़ें
उत्तराखंड का प्रस्तुत बजट केवल आंकड़ों का पुलिंदा है :राकेश राणा

उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026–27 का बजट केवल आंकड़ों का बड़ा पुलिंदा है, लेकिन इसमें प्रदेश की वास्तविक समस्याओं का कोई ठोस समाधान नजर नहीं आता। सरकार ने इसे प्रदेश का सबसे बड़ा बजट बताया है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि इसमें पहाड़, किसान, बेरोजगार युवा और आम जनता की पीड़ा कहीं दिखाई नहीं देती।
पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों के आतंक से किसान और ग्रामीण लगातार परेशान हैं, उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं, लेकिन सरकार ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति आज भी पहाड़ों में बदहाल है, अस्पतालों में डॉक्टर और संसाधनों की भारी कमी है, लेकिन इस बजट में स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई ठोस और कारगर योजना दिखाई नहीं देती।
उत्तराखंड की सबसे बड़ी समस्या पलायन है। गांव खाली होते जा रहे हैं, लेकिन पलायन रोकने के लिए सरकार के पास कोई ठोस रोडमैप नहीं है।
बेरोजगार नौजवानों को भी इस बजट से उम्मीद थी कि रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, लेकिन युवाओं के लिए इसमें कुछ भी नया नजर नहीं आता।
महंगाई लगातार बढ़ रही है और आम आदमी की कमर टूट रही है, लेकिन सरकार के बजट में महंगाई कम करने का कोई प्रभावी उपाय नहीं दिखता।
शिक्षा का क्षेत्र लगातार बाजारीकरण की ओर बढ़ रहा है और सरकार इस पर रोक लगाने के बजाय इसे मौन स्वीकृति देती नजर आ रही है।
सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि टिहरी बांध विस्थापितों और प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा को लेकर भी इस बजट में कोई चर्चा नहीं की गई।
साथ ही प्रतापनगर क्षेत्र को केंद्रीय ओबीसी में शामिल करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी सरकार ने कोई पहल नहीं की।
कुल मिलाकर यह बजट जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में पूरी तरह असफल साबित हुआ है। उत्तराखंड की जनता को इससे जो आशाएं थीं, वह इस बजट में पूरी होती दिखाई नहीं देतीं।
