उत्तराखंड पुलिस हिरासत में मौत पर हंगामाः थानाध्यक्ष सहित चार पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

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पुलिस हिरासत में मौत पर हंगामाः थानाध्यक्ष सहित चार पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
देहरादून। पीआरडी जवान की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में परिजनों ने रायपुर थाना पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया है। मामले की जानकारी मिलने व परिजनों के आरोप लगाये जाने के बाद एसएसपी द्वारा थानाध्यक्ष सहित चार पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
घटना शनिवार शाम की है पुलिस के मुताबिक लाडपुर स्थित एक पेट्रोल पंप पर शराब के नशे में धुत पीआरडी जवान द्वारा हंगामा करने का मामला सामने आया। पुलिस ने पीआरडी जवान आरोपी सुनील रतूड़ी को वाहन सहित हिरासत में लेकर एमवी एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की। वही थाने में भी हंगामा करने पर उसे हवालात में रखा गया, लेकिन कुछ देर बाद पीआरडी जवान बेहोश मिला। पुलिस उसे तुरंत कोरोनेशन अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी को मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पर अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। मामले की मजिस्ट्रेट जांच और पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ कराए जाने के निर्देश जारी किए गए है। वहीं परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए। कहा कि पुलिस आत्महत्या की झूठी कहानी बना रही है। जबकि ये पुलिस कस्टडी में हत्या का मामला है। इसीलिए परिजनों ने पूरे मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। हालांकि इस मामले में पुलिस पर लग रहे गंभीर आरोपो को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने तत्काल प्रभाव से थानाध्यक्ष सहित चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
वहीं मामले में परिजनों का आरोप है कि पीआरडी जवान की मौत के बाद परिजनों को देरी से सूचना दी गई,जबकि पीआरडी जवान की मौत पहले ही हो चुकी थी। वही डॉक्टर ने बताया की पुलिस पीआरडी जवान को 6 बजकर 45 मिनट पर लेकर पहुँची थी जब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वही एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने मामलें की गंभीरता और परिजनों के आरोपो को देखते हुए रायपुर थानाध्यक्ष गिरीश नेगी सहित 4 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है ताकि आगे की जांच प्रभावित न हो सके।आगे पढ़ें

बंद मकान में हुई चोरी का खुलासा, एक गिरफ्तार


देहरादून। बंद मकान का ताला तोड़ की गयी चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक शातिर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसके पास से चुराये गये साढ़े चार लाख रूपये के जेवरात भी बरामद किये गये है।
जानकारी के अनुसार बीते दिनों मदन सिंह पवार पुत्र स्वर्गीय श्याम सिंह निवासी लक्ष्मीपुर द्वारा थाना बसंतविहार में तहरीर देकर बताया गया था कि अज्ञात चोर द्वारा उनके घर का ताला तोड़कर ज्वेलरी व अन्य सामान चोरी कर लिया गया है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चोर की तलाश शुरू कर दी गयी। चोर की तलाश में जुटी पुलिस टीम द्वारा लगातार किये जा रहे प्रयासों के दौरान बीती रात एक सूचना के बाद चाय बागान प्राथमिक विघालय के पास से बाइक सवार एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया। जिसने अपना नाम रोक कर चेक किया गया तो बाइक सवार युवक द्वारा अपना नाम विजय पुत्र स्वर्गीय किशनलाल निवासी 46 डी चंद्रनगर थाना कोतवाली नगर देहरादून बताया। संदिग्धता प्रतीत होने पर विजय की पीठ पर टंगे काले रंग के पीटृू बैग को खोलकर चेक किया गया तो बैग के अंदर पीले रंग की पन्नी में ज्वेलरी बरामद हुई जिसके संबंध में पूछने पर वह कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे पाया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा उक्त ज्वेलरी वसंत विहार क्षेत्र के एक मकान का ताला तोड़कर चोरी किया जाना स्वीकार किया गया। आरोपी द्वारा बताया गया कि अपने महंगे शौकों को पूरा करने के लिए उसके द्वारा उक्त चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था पूछताछ में आरोपी का पूर्व में भी आर्म्स एक्ट के अभियोग में जेल जाना प्रकाश में आया है।
आगे पढ़ेंहोटल में डीजे को लेकर मारपीट, डीजे वाले बाबू’ सहित 5 हिरासत में


हरिद्वार। शिवालिक नगर स्थित होटल में देर रात पार्टी के दौरान डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए डीजे वाले बाबू सहित दोनों पक्षों के पांच लोगों को हिरासत में ले लिया।
जानकारी के अनुसार बीती रात होटल में पार्टी कर रहे लोगों के बीच शराब के नशे में डीजे बजाने को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते झगड़े और मारपीट में बदल गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन नशे में धुत लोग शांत नहीं हुए और हंगामा जारी रखा। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु कुल पांच आरोपियों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत हिरासत में लिया। सभी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए आरोपियों में राजकुमार, अभिमन्यु चौहान, अनुज झा, चितरजन और रजत शामिल हैं, जो हरिद्वार जनपद के अलगकृअलग क्षेत्रों के निवासी हैं।आगे पढ़ें

जोगड़ी गांव में बुजुर्ग पर हमला करने वाले गुलदार की पिंजरे में मौत
पौड़ी। जिले के गोगड़ी गांव में बुजुर्ग पर हमला करने वाले गुलदार की वन विभाग द्वारा लगाए गए पिजरे में मौत हो गयी। वन विभाग के गुलदार के शव को कब्जे में लेकर  आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
बता दें कि बीते रोज जिले के जोगड़ी गांव में गुलदार ने एक बुजुर्ग पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना की सूचना के बाद तुरंत वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
घटना के बाद वन विभाग की टीम को शनिवार देर शाम को ही गुलदार को पकड़ने में कामयाबी हासिल हो गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम को गांव के पास ही झाड़ियां में गुलदार छिपा हुआ मिला। वन विभाग की टीम ने जाले के माध्यम से गुलदार को रेस्क्यू किया। जिसके बाद उसे पिंजरे में उसे नागदेव रेंज लाया गया। रविवार सुबह गुलदार की पिंजरे के अंदर ही मौत हो गई है। प्रभारी डीएफओ ने बताया कि गुलदार के मृत होने की सूचनाओं सुबह मिली। पशु चिकित्सकों की ओर से गुलदार का पोस्टमार्टम किया जाएगा। साथ ही उच्च अधिकारियों के आदेशों के बाद आगे की कार्रवाई की जानी है।
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सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को सुविधा-संपन्न बनाने को जिला प्रशासन प्रतिबद्ध
देहरादून। जनपद देहरादून में आमजन को सुलभ, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से  मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने जिले के सरकारी चिकित्सालयों में लैब टैक्निशियन, कक्ष सेविका, वाहन चालक, पयार्ववरण मित्र सहित 34 आउटसोर्स कार्मिकों की तैनाती जिला प्रशासन ने अपने स्तर से कर दी है ताकि चिकित्सालय में जनमानस को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिले के शहर से लेकर दूरस्थ क्षेत्र त्यूनी तक किय गए स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिला चिकित्सालय, उप जिला चिकित्सालयों प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में मैनपॉवर की कमी पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने जिला प्रशासन स्तर से बजट स्वीकृत करते हुए चिकित्यालयों में आउटसोर्स के माध्यम से कार्मिक रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के प्रयासों में जिला चिकित्सालय के मॉडल टीकाकरण केन्द्र में डीईओ, कक्ष सेविका, पर्यावरण मित्र, चतुर्थ श्रेणी सहित 07 कार्मिक नियुक्त किए हैं। इसी प्रकार उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश में 2 लैब टैक्निशियन, कक्ष सेवक सहित 13 कार्मिक नियुक्त किए हैं। उप जिला चिकित्सालय मसूरी में 3 स्वयंसेक, व 3 पर्यावरण मिश्र सहित 07 कार्मिको की तैनाती की गई है। एसएनसीयू कोरोनेशन हेतु 02 वाहन चालक, शव विच्छेदन गृह 01 कार्मिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र त्यूनी में कक्ष सेविका, पर्यावरण मित्र, तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चकराता 2 कक्ष सेविका सहित चिकित्सालयों में 34 कार्मिकों की आउटसोर्स से तैनाती की गई जिनके वेतन की स्वीकृति जिलाधिकारी ने जिला योजना से प्रदान की है।
इसी क्रम में जिला चिकित्सालय में अवस्थित राज्य के पहले मॉडल टीकाकरण केंद्र के सुचारु संचालन हेतु 7 कार्मिकों की तैनाती की गई है। उप जिला चिकित्सालय मसूरी में 13 तथा ऋषिकेश क्षेत्र के चिकित्सालयों में 6, जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू में 2, शव विच्छेदन गृह में 01, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र त्यूीन में 2 तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्छ चकरात में 2 अतिरिक्त कार्मिकों की व्यवस्था कर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। जनमानस को स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी न हो, इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु भी व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अतिरक्ति चिकित्सालय में विभिन्न माध्यमों से कार्यरत कार्मिकों के सेवाविस्तार के साथ-साथ आवश्यक बजट की स्वीकृति प्रदान की गई है। मानव संसाधन के रूप में चिकित्सालयों में अनुसेवक, पर्यावरण मित्र, डाटा एंट्री ऑपरेटर एवं लैब तकनीशियन की तैनाती की गयी है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुगम बनाने के लिए विभिन्न माध्यमों से कार्मिकों की तैनाती की गई थी। इसी क्रम में, आउटसोर्स एजेंसियों जैसे उपनल एवं पीआरडी तथा नियत वेतन पर कार्यरत कार्मिकों की सेवाओं की आवश्यकता को देखते हुए, वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी मार्च 2027 तक उनके सेवाविस्तार की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी चिकित्सालयों में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करते हुए आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
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जिले में तैनात 11 पुलिस अधिकारी इधर से उधर
हरिद्वार। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने हरिद्वार जिले में तैनात 11 पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया है, रोशनाबाद मुख्यालय से ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई है।
नगर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह को कोतवाली भगवानपुर का प्रभारी बनाया गया। उनकी जगह ज्वालापुर कोतवाली से कोतवाली प्रभारी कुंदन राणा को कोतवाली ज्वालापुर से नगर कोतवाली प्रभारी बनाया गया। पुलिस लाइन में तैनात इंस्पेक्टर चन्द्रभान सिंह कोतवाली ज्वालापुर का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा बहादराबाद कोतवाली प्रभारी विजय सिंह को कोतवाली बहादराबाद से थानाध्यक्ष झबरेडा की जिम्मेदारी सौंपी गई। इंस्पेक्टर अमरजीत कोतवाली मंगलौर से ट्रांसफर कर कोतवाली बहादराबाद की जिम्मेदारी दी है। पुलिस लाइन में तैनात दरोगा सुखपाल मान को पुलिस लाइन से मंगलौर में एसएसआई की जिम्मेदारी दी गई है। बुग्गावाला थाना प्रभारी भगवान सिंह मेहर को थाना बुग्गावाला से कोतवाली मंगलौर का कोतवाली प्रभारी बनाया गया है। बुग्गावाला थाने में तैनात एसएसआई अंकुर शर्मा को भगवानपुर से हटाकर थानाध्यक्ष बुग्गावाला की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मंगलौर कोतवाली में तैनात एसएसआई दरोगा मनोज गैरोला को बहादराबाद थाने का एसएसआई बनाया है। इसके अलावा दरोगा अजय शाह को थानाध्यक्ष झबरेड़ा से ट्रांसफर कर रोशनाबाद स्थित पुलिस कार्यालय में नवीन तैनाती दी गई। दरोगा नितिन बिष्ट को बहादराबाद थाने के एसएसआई से हटाकर पुलिस कार्यालय भेजा गया है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया हरिद्वार जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए ट्रांसफर किया गया है। सभी अधिकारियों को उनकी कार्यक्षमता, अनुभव और क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए दायित्वों के साथ अधिकारी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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ठगी के लिए म्यूल खाते प्रोवाइड कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले “म्यूल खातों” का नेटवर्क चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में तीन आरोपितों को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन समेत कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
यह जानकारी देते हुए एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि यह गिरोह भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी फर्म बनवाता था और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक में करंट अकाउंट खुलवाता था। बाद में इन खातों को साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था, जिनका उपयोग ऑनलाइन ठगी के पैसों के लेन-देन में किया जाता था। इसके बदले गिरोह मोटा कमीशन लेता था।गोपनीय सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर एसटीएफ की साइबर टीम ने हरिद्वार में छापेमारी कर रवि निवासी रोशनाबाद सिडकुल हरिद्वार, राजन चौधरी निवासी प्रेमपुरी मोटामहादेव नजीबाबाद और विनीत राणा ग्राम मथाना, खानपुर हरिद्वार को गिरफ्तार किया। आरोपितों के खिलाफ देहरादून साइबर थाने में बीएनएस की धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।जांच में सामने आया है कि इन खातों के जरिए देश के विभिन्न राज्यों के पीड़ितों से ठगी की गई लाखों रुपये की रकम का लेन-देन हुआ है। बरामद खातों के संबंध में एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायतें भी दर्ज मिली हैं। पुलिस अब आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है और बैंक खातों व डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।
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रात को आकाश में दो रहस्यमयी ड्रोन देखा जाना बना चर्चा का विषय
नैनीताल। पिछले साल की तरह इस बार भी रात में आकाश में दो संदिग्ध ड्रोन दिखने से लोगों में रहस्य बना हुआ है। रामनगर क्षेत्र में इंटरनेट मीडिया में रात में उड़ते ड्रोन की वीडियो प्रसारित की थी। रात में काफी दूरी में उड़ते इन ड्रोन में लाल नीली लाइट जलती हुई दिखाई दे रही है। यह मामला रामनगर में चर्चा का विषय बन गया है।
वीडियो में काफी दूर तक उड़ने के बाद फिर यह ओझल हो गए। रात में जिसने भी इन ड्रोन को देखा उनमें इनके बारे में जानने के लिए एक जिज्ञासा रही। पिछले साल भी ऐसी ही ड्रोन रात में उड़ते हुए काफी लोगों ने देखे थे। उनकी मोबाइल से वीडियो भी लोगों ने बनाई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह ड्रोन सामान्य ड्रोन की तुलना में काफी बड़ा दिखाई दे रहा है। इसकी उड़ान की दिशा व दूरी ने इसे और भी संदिग्ध बना दिया है। शुरुआत में लोगों ने समझा इसे किसी शौकिया व्यक्ति या फोटोग्राफी के लिए उड़ाया होगा, लेकिन जब यह लगातार दो रातों तक लंबी दूरी तय करते हुए एक ही समय पर दिखाई दिया, तो लोगों को शक होने लगा। इसकी ऊंचाई, गति और रेंज को देखते हुए स्थानीय लोग इसे आम ड्रोन मानने से इनकार कर रहे हैं।
कुछ लोगों ने इस ड्रोन की वीडियो और तस्वीरें अपने मोबाइल फोन में कैद भी की हैं, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन रही हैं। क्षेत्र में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
इस मामले में उपजिलाधिकारी रामनगर गोपाल सिंह चौहान ने साफ किया कि यह ड्रोन प्रशासन द्वारा संचालित नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। जल्द ही इसकी सच्चाई सामने लाई जाएगी। वहीं, रामनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि फिलहाल इस ड्रोन के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करने की बात कही है।
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राजस्व लोक अदालत में कई लंबित मामलों का हुआ निस्तारण
रुद्रपुर। किच्छा में राजस्व लोक अदालत में प्रशासन ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 152 लंबित राजस्व वादों का निस्तारण किया। यह आयोजन आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तहसील परिसर में राजस्व परिषद उत्तराखंड तथा जिलाधिकारी उधम सिंह नगर के निर्देशों के क्रम में लोक अदालत का उद्देश्य लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों का त्वरित और प्रभावी समाधान करना था, जिसमें प्रशासन को उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।
इस अवसर पर न्यायालय तहसीलदार किच्छा की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम, 1901 की धारा 34 के अंतर्गत कुल 152 लंबित राजस्व वादों का निस्तारण किया गया। सभी मामलों को सुनवाई के दौरान प्राथमिकता देते हुए त्वरित, पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से हल किया गया, जिससे संबंधित पक्षकारों को राहत मिली।
राजस्व लोक अदालत की अध्यक्षता पीठासीन अधिकारी एवं तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी द्वारा की गई। उनके नेतृत्व में न्यायालय ने मामलों के समाधान में गंभीरता और संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने सुनिश्चित किया कि प्रत्येक मामले में दोनों पक्षों को समान अवसर मिले और निष्पक्ष निर्णय सुनाया जाए। लोक अदालत के दौरान प्रशासन ने यह प्रयास किया कि अधिक से अधिक मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार न्यायालय के चक्कर न लगाने पड़ें। इससे न केवल समय की बचत हुई, बल्कि लोगों का प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ।
इस आयोजन से आमजन को लंबित राजस्व विवादों से बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से चले आ रहे विवादों के समाधान से लोगों में संतोष और भरोसे की भावना देखने को मिली। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की राजस्व लोक अदालतें भविष्य में भी निरंतर आयोजित की जाएंगी, ताकि लोगों को शीघ्र, सरल और सुलभ न्याय मिल सके. साथ ही, लंबित मामलों के बोझ को कम करने और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
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नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार
चमोली। नंदानगर पुलिस ने फरार चल रहे नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
घटनाक्रम के अनुसार पीड़िता के गर्भवती होने पर दुष्कर्म का यह मामला सामने आया था। उसके बाद नंदानगर थाने में विगत माह 30 जनवरी को एक व्यक्ति द्वारा तहरीर दी गई थी कि वर्ष 2025 में उनकी नाबालिग पुत्री को एक 24 वर्ष के युवक द्वारा बहला-फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। आरोपी द्वारा किसी को भी यह बात बताने पर धमकी दी गई।
इस मामले में जानकारी देते हुए पुलिस पे बताया कि नाबालिग युवती के पिता की तहरीर के आधार पर थाना नंदानगर में पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। मामले की विवेचना महिला उपनिरीक्षक मीता गुसाईं को दी गई थी। यह पूरा मामला नाबालिग से संबंधित होने के चलते चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार द्वारा मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित करने के निर्देश दिए। आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के आदेश दिए गए थे। वहीं,घटना के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था,जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी। फलस्वरूप पुलिस ने आरोपी को सुतोल टैक्सी स्टैंड,कुरूड़ पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया है।
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सीएम धामी ने सुना पीएम मोदी के ‘मन की बात’ का 132वां एपिसोड
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को  इन्द्रानगर स्थित होटल रॉयल इन पैलेस में आयोजित प्रधानमंत्री  के मन की बात कार्यक्रम के 132वें एपिसोड को सुना। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों व नागरिकों के साथ कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया एक अद्वितीय जनसंवाद मंच है, जो विश्व के किसी भी राष्ट्राध्यक्ष द्वारा संचालित सबसे लंबे समय तक चलने वाले प्रेरणादायी कार्यक्रमों में से एक है। यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों, विशेष रूप से दूरस्थ और कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान प्रदान करता है।कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देश के कोने-कोने में कार्य कर रहे उन लोगों का उल्लेख किया जाता है, जो सीमित संसाधनों में भी असाधारण कार्य कर समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। ‘मन की बात’ के माध्यम से ऐसे व्यक्तित्वों की कहानियां देशभर के नागरिकों तक पहुंचती हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार होता है।मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री अपने लगभग प्रत्येक कार्यक्रम में उत्तराखंड का विशेष रूप से स्मरण करते हैं। ‘मन की बात’ के कई एपिसोड में राज्य की शीतकालीन यात्रा, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया गया है।
प्रधानमंत्री स्वयं भी उत्तराखंड के विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर चुके हैं, जिनमें आदि कैलाश और उत्तरकाशी जिले का हर्षिल-मुखवा क्षेत्र प्रमुख हैं। प्रधानमंत्री के इन दौरों और उनके द्वारा किए गए उल्लेख का सकारात्मक प्रभाव राज्य के पर्यटन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वर्ष में उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। अब तक डेढ़ लाख से अधिक पर्यटक राज्य में शीतकालीन यात्रा के लिए पहुंच चुके हैं, जबकि आदि कैलाश क्षेत्र में 36,700 से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंच चुके हैं। यह संख्या राज्य के पर्यटन क्षेत्र में निरंतर बढ़ती संभावनाओं को दर्शाती है।
राज्य सरकार द्वारा वर्ष पर्यंत पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड एक ‘ऑल-सीजन टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित हो सके। इसके लिए पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, सड़क संपर्क में सुधार, आवासीय व्यवस्थाओं का विकास व डिजिटल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए पर्यटन को एक प्रमुख माध्यम के रूप में विकसित कर रही है। ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे योजना और धार्मिक पर्यटन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।