मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा हेतु एलपीजी आपूर्ति 100 प्रतिशत बनाए रखने का किया अनुरोध सभी समाचार जानिए

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देहरादून 27 अप्रैल, 2026
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की समीक्षा की। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई एवं मुख्य सचिव द्वारा दिशा निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कम्पलीट मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए शीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों एवं जनपदों के प्रवेश मार्गों पर ठोस अपशिष्ट के निस्तारण के लिए अतिरिक्त फंड्स उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों एवं चारों धामों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस अतिरिक्त फण्ड का उचित उपयोग किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने पूरे प्रदेश सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा उपचारित जल को ग़ैर पेयजल कार्यों में उपयोग किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहाँ भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं, उनसे उपचारित जल को आसपास के क्षेत्रों में ग़ैर पेयजल कार्यों में 100 प्रतिशत उपयोग में लाए जाने हेतु कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने प्रदेश के भीतर सभी कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट्स और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट्स को शीघ्र तैयार कर संचालित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम को भी शीघ्र से शीघ्र शुरू क्या जाए, ताकि डोर टू डोर कूड़ा उठान कार्य की निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

इस अवसर पर सचिव श्री नितेश कुमार झा, श्री रणवीर सिंह चौहान एवं डॉ अहमद इकबाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा हेतु एलपीजी आपूर्ति 100 प्रतिशत बनाए रखने का किया अनुरोध*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी से नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में भेंट कर उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों एवं आपदाजन्य संवेदनशीलता के दृष्टिगत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के निर्बाध, सुरक्षित एवं सुचारू संचालन हेतु व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को पूर्ववत् 100 प्रतिशत बनाए रखने का अनुरोध किया। उन्होंने अवगत कराया कि राज्य में अप्रैल से नवम्बर तक संचालित होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है, जिससे व्यावसायिक एलपीजी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इस अवधि में राज्य को लगभग 9,67,949 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जून से सितम्बर के मध्य मानसून अवधि में राज्य को प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। पर्वतीय भू-भाग एवं दुर्गम परिस्थितियों के कारण आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में एलपीजी गैस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने व्यावसायिक सिलेंडरों का अतिरिक्त 5 प्रतिशत (लगभग 48,397 सिलेंडर) आवंटन सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों का प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था मुख्यतः पर्यटन आधारित है, जिसमें धार्मिक पर्यटन, तीर्थाटन एवं साहसिक पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है। चारधाम यात्रा राज्य की आस्था, सांस्कृतिक पहचान एवं आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख आधार है।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन प्रदान किया तथा राज्य के हितों के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन्हें उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों के अम्ब्रेला ब्रांड हाउस ऑफ़ हिमालयाज़ के उत्पाद भेंट किए।

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सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार व आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण को लेकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने समीक्षा बैठक की*


नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री जयंत सिंह व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चम्पावत जनपद के बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना को एशियन हाईवे से जोड़कर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री धामी ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों धारचूला एवं झूलाघाट में सीमा व्यापार, आवागमन तथा आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किए जाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों को स्थानीय आवश्यकताओं एवं जनहितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ाया जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे सुगमता के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों की सुविधा हेतु चल रहे कार्यों को समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

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मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में सचिव समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सर्वप्रथम कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कुंभ 2027 से संबंधित कार्यों की शासनादेश शीघ्र से शीघ्र जारी किए जाने के निर्देश दिए ताकि निर्माण कार्यों को समय से पूर्ण किया जा सके।

मुख्य सचिव ने वन विभाग से प्रदेश में वनाग्नि की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि फारेस्ट फायर के संबंध में रिस्पांस टाइम लगातार कम करने के लगातार प्रयास किए जाएं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों की जनपदवार ड्यूटी लगाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे वरिष्ठ अधिकारियों के फील्ड पर जाने से स्थिति में सुधार आयेगा। उन्होंने जानबूझ कर जंगलों में आग लगाने वालों पर भी कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में एलपीजी गैस आपूर्ति की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी जनपदों से गैस आपूर्ति की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने ज़िलाधिकारियों को माँग और आपूर्ति पर लगातार नज़र रखते हुए, कालाबाजारी रोके जाने के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु, श्री एल फ़ैनाई, श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, श्री चंद्रेश कुमार यादव, श्री श्रीधर बाबू अद्धांकी, श्री रविनाथ रमन, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री आनंद स्वरूप, डॉ. अहमद इकबाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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*मुख्य सचिव ने गर्मी बढ़ने से विद्युत माँग बढ़ने पर ली यूपीसीएल के साथ उच्च स्तरीय बैठक*

*अतिरिक्त बिजली प्रबंधन के लिए उठायें ठोस कदम: मुख्य सचिव*

*यूपीसीएल उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध: एमडी यूपीसीएल*

मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में राज्य में विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने मई एवं जून माह में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए अतिरिक्त विद्युत प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व में ही सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

बैठक में यूपीसीएल द्वारा विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए वर्तमान परिदृश्य से अवगत कराया गया। समीक्षा के दौरान बताया गया कि देशभर में हीट वेव के प्रभाव से विद्युत मांग में तीव्र वृद्धि हुई है, वहीं अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गैस की सीमित उपलब्धता से राज्य के गैस आधारित संयंत्रों से उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके अतिरिक्त, नदियों में जल स्तर में कमी के कारण जल विद्युत उत्पादन में गिरावट आई है तथा चालू वित्तीय वर्ष में औसतन लगभग 5% की मांग वृद्धि दर्ज की जा रही है। उपभोक्ताओं द्वारा इंडक्शन कुकर एवं अन्य विद्युत उपकरणों के बढ़ते उपयोग से अतिरिक्त 50 से 100 मेगावाट तक का लोड भी सिस्टम पर आया है, जिससे पीक डिमांड के समय दबाव और बढ़ा है।

वर्तमान समय में देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी एवं हीट वेव के कारण विद्युत मांग ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई है। दिनांक 24 अप्रैल 2026 को भारत की अधिकतम विद्युत मांग लगभग 252 गीगावाट दर्ज की गई, जो नई 2024 के लगभग 250 गीगावाट के पूर्व रिकॉर्ड से अधिक है। पिछले वर्ष जून 2025 में यह मांग लगभग 242 गीगावाट रही थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह मांग 270 से 277 गीगावाट तक पहुँचने का अनुमान है। इसी क्रम में उत्तराखण्ड राज्य में भी 24 अप्रैल 2028 को अधिकतम मांग 2646 मेगावाट तथा 25 अप्रैल 2026 को 2647 मेगावाट दर्ज की गई है।

देश के 40 से अधिक शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। उत्तर एवं मध्य भारत में सामान्य से अधिक तापमान के कारण घरेलू एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों में एयर कंडीशनर, कूलर एवं अन्य विद्युत उपकरणों के उपयोग में तीव्र वृद्धि हुई है, जिससे बिजली की मांग में अभूतपूर्व उछाल आया है।

इस अत्यधिक नांग के कारण राष्ट्रीय स्तर पर पीक आवर्स के दौरान विद्युत की उपलब्धता सीमित हो रही है। यहां तक कि ऊर्जा एक्सचेंज में अधिकतम निर्धारित दर ₹10 प्रति यूनिट पर भी पर्याप्त विद्युत उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

इन परिस्थितियों के बावजूद यूपीसीएल उपभोक्ताओं को यथासंभव निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति प्रदान करने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार के मार्गदर्शन में यूपीसीएल द्वारा अग्रिम विद्युत क्रय, कुशल लोड प्रबंधन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग तथा ग्रिड समन्वय के माध्यम से विद्युत आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्य सरकार के सक्रिय प्रयासों से भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल से अतिरिक्त 150 मेगावाट विद्युत उपलब्ध कराने का आश्वासन प्राप्त हुआ है, जिससे आगामी दिनों में आपूर्ति व्यवस्था और सुदृढ़ होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, ऊर्जा एक्सचेंज के माध्यम से अग्रिम रूप से विद्युत क्रय की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि उपभोक्ताओं पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।

इसी क्रम में आज मुख्यालय (ऊर्जा भवन) में यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक से हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) के अध्यक्ष श्री प्रभोध सक्सेना द्वारा शिष्टाचार भेंट की गई। इस दौरान उत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेश के मध्य जून 2026 हेतु विद्युत उपलब्धता को लेकर बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दिशा में वार्ताएं सकारात्मक रूप से प्रगति पर है, जिससे आगामी अवधि में राज्य की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।

यूपीसीएल अपने सभी उपभोक्ताओं को आश्वस्त करता है कि इस चुनौतीपूर्ण समय में भी विद्युत आपूर्ति को सुचारु, विश्वसनीय एवं सुरक्षित बनाए रखने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

साथ ही, सभी उपभोक्ताओं से अपील की जाती है कि वे बिजली का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें, विशेषकर पीक आवर्स (शाम के समय) में अनावश्यक विद्युत उपकरणों के उपयोग से बचें, ताकि सभी को समान रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रबंध निदेशक यू जे वी एन एल, प्रबंध निदेशक यूपीसीएल के साथ मुख्य अभियंता (वाणिज्य) श्री एन एस बिष्ट, अधीक्षण अभियंता (वाणिज्य) श्री नवीन मिश्रा तथा मैसर्स मार्काडोज से श्री आकाश शर्मा उपस्थित रहे।

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