BKTC कर्मचारियों के आंदोलन ने पकड़ा उग्र रूप, 7वें दिन भी क्रमिक अनशन जारी; 26 अक्टूबर से सभी विश्राम गृहों और विद्यालयों में तालाबंदी का ऐलान
बद्रीनाथ,कल से 2 के बजाय 5 घंटे चलेगा अनशन, मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा और तेज; वन टाइम सेटलमेंट और समान कार्य-समान वेतन पर आर-पार की लड़ाई के मूड में कर्मचारी
चमोली। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अस्थायी कर्मचारियों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों का अपनी मांगों को लेकर क्रमिक अनशन सातवें दिन भी जारी रहा। सरकार और शासन स्तर पर ठोस निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। कर्मचारियों ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान करते हुए 20 अक्टूबर से अनशन की अवधि दो घंटे से बढ़ाकर पांच घंटे करने तथा 26 अक्टूबर से समिति के अधीन सभी विश्राम गृहों और विद्यालयों में तालाबंदी की चेतावनी दी है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वन टाइम सेटलमेंट, समान कार्य-समान वेतन और मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 426/2024 का शीघ्र क्रियान्वयन शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 20 से 30 वर्षों से मंदिर समिति में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनके भविष्य और सेवा संबंधी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद समाधान नहीं होने से कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
दो घंटे का अनशन अब पांच घंटे, 26 अक्टूबर से तालाबंदी
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जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री*

*मुख्यमंत्री ने खटीमा में सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को खटीमा स्थित अपने निजी आवास नगला तराई एवं लोहियाहेड हेलीपैड पर आमजन और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है। प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को उसकी समस्या का संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों एवं स्थानीय आवश्यकताओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अजय मौर्य, दर्जा राज्यमंत्री कैप्टन (सेनि.) श्री गंभीर सिंह धामी, श्री सुरेश कोली एवं श्री रणजीत सिंह नामधारी, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, नगर पालिका परिषद खटीमा के अध्यक्ष श्री रमेश चंद्र जोशी, श्री सतीश भट्ट, श्री रनदीप पोखरिया, श्री वरुण अग्रवाल, श्री अमित पांडे, श्री भवानी भंडारी, जिलाधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अजय गणपति, पुलिस अधीक्षक (अपराध) सुश्री अनुषा बडोला, अपर जिलाधिकारी श्री पंकज उपाध्याय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
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LIVE: गुंजी, पिथौरागढ़ में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन 2.0 में सहभागिता व पुरस्कार वितरण कार्यक्रम*
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में किया प्रतिभाग, विजेता धावकों को किया पुरस्कृत*
*अगले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में माणा पास से औली तक आयोजित होगी ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’: मुख्यमंत्री*
*सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही सरकार*
*रं समुदाय ने पारंपरिक वेशभूषा पहनाकर किया मुख्यमंत्री का स्वागत*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को जनपद पिथौरागढ़ के गुंजी में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 70 किलोमीटर और 42 किलोमीटर की दौड़ के विजेताओं को पुरस्कृत किया तथा देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे धावकों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री का गुंजी पहुंचने पर रं समुदाय के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान स्थानीय समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विशिष्ट परंपराओं की झलक देखने को मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन केवल एक मैराथन नहीं, बल्कि साहस, संकल्प, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति की परीक्षा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में कठिन रास्तों, विषम मौसम और सीमित ऑक्सीजन के बीच इस प्रकार की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के साहस और उत्साह की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने आयोजन को सफल बनाने में भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सहयोग की सराहना की तथा उनके अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा करने के साथ ही इस प्रकार के आयोजनों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन के प्रथम संस्करण में 700 से अधिक धावकों ने प्रतिभाग किया था। इस आयोजन की सफलता से आदि कैलाश क्षेत्र में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष आदि कैलाश क्षेत्र के लिए जारी इनर लाइन परमिट की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो इस क्षेत्र के प्रति पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बढ़ते आकर्षण को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सीमांत गांवों को अंतिम गांव के बजाय प्रथम गांव के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ ही पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन जैसे आयोजन सीमांत क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे आयोजनों से होमस्टे संचालकों, स्थानीय गाइडों, परिवहन व्यवसायियों, होटल एवं खानपान से जुड़े लोगों को लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि पर्यटन विकास का सीधा लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और सीमांत गांवों से पलायन रोकने में भी मदद मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस वर्ष नीति घाटी में भी अल्ट्रा रन का सफल आयोजन किया गया। राज्य में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण, रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन साइक्लिंग और एंगलिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक विविधता साहसिक पर्यटन के लिए अनेक अवसर प्रदान करती है। औली, मुनस्यारी, ऋषिकेश और टिहरी सहित विभिन्न क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन गतिविधियों का निरंतर विस्तार हो रहा है।
मई 2027 में आयोजित होगी 100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि अगले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में राज्य सरकार द्वारा ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ का आयोजन किया जाएगा। यह दौड़ लगभग 5,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास से प्रारंभ होकर बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक पहुंचेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन से देश-विदेश के धावकों को उत्तराखण्ड की प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी भूगोल और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा। साथ ही सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अनुरूप इन क्षेत्रों में पर्यटन, स्वरोजगार और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
इस अवसर पर दर्जा राज्यमंत्री एवं उत्तराखण्ड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष श्री अशोक सिंह नबियाल, सचिव पर्यटन श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, भारतीय सेना, आईटीबीपी एवं एसएसबी के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री धामी ने किया पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण*
*इसी शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज में 50 MBBS सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू*
*निर्माण कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के दिए निर्देश*
*सीमांत क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर प्रतिबद्ध धामी सरकार*
पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को चंडाक स्थित बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनके अनुभव एवं सुझाव जाने। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज में 50 MBBS सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। मेडिकल कॉलेज के संचालन से पिथौरागढ़ सहित आसपास के सीमांत क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ होंगी और स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों तक आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, विधायक श्री बिशन सिंह चुफाल एवं श्री फकीर राम टम्टा उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ को दी 284 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात*
*33 विकास कार्यों का लोकार्पण और 34 का शिलान्यास, जनपद के विकास के लिए नौ महत्वपूर्ण घोषणाएं*
*सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, आधारभूत सुविधाओं और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पिथौरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम में जनपदवासियों को 284 करोड़ रुपये से अधिक की 67 विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें 105.30 करोड़ रुपये की लागत के 33 कार्यों का लोकार्पण तथा 178.76 करोड़ रुपये की लागत के 34 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास से संबंधित नौ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। कार्यक्रम में उद्योग, कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की विभिन्न स्वरोजगारपरक योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि के चेक वितरित किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जिलाधिकारी श्री आशीष कुमार भटगांई ने मुख्यमंत्री को हस्तशिल्प से निर्मित ‘सत्यमेव जयते’ की कलाकृति तथा बाबा नीम करौली की तस्वीर भेंट की।
मुख्यमंत्री ने जनसमूह के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देखा और सुना। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जनभागीदारी और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये योजनाएं सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी। राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के आदि कैलाश भ्रमण के बाद क्षेत्र के प्रति श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आकर्षण बढ़ा है। इस वर्ष यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या एक लाख से अधिक पहुंचने की संभावना है। इससे होमस्टे, परिवहन, स्थानीय उत्पादों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ में 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किए जा रहे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इससे सीमांत जनपद के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अवसर मिलेंगे। पिथौरागढ़–बांस–आंवलाघाट सड़क एवं पुल से गंगोलीहाट की दूरी कम होगी और हाट कालिका मंदिर तक पहुंचना आसान होगा।
उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ से मुनस्यारी, हल्द्वानी, दिल्ली और देहरादून तक हवाई संपर्क को बढ़ावा दिया गया है। नैनीसैनी हवाई अड्डे को लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है। कठोर नकल विरोधी कानून के अंतर्गत नकल माफियाओं पर कार्रवाई की गई है और 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है। प्रदेश में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लखपति दीदी सहित अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून तथा दंगा विरोधी कानून जैसे निर्णय राज्यहित में लिए गए हैं। ऑपरेशन कालनेमि के तहत फर्जी पहचान से लोगों को भ्रमित करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, जौलजीबी तथा आठगांव शिलिंग मेले की शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से गुंजी और आदि कैलाश की यात्रा सुगम हुई है। उन्होंने इस क्षेत्र में धार्मिक एवं साहसिक पर्यटन तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने सीमांत सेवा फाउंडेशन द्वारा संचालित सीमांत नेत्र चिकित्सालय में ऑप्टिकल बायोमीटर का शुभारंभ किया। इससे मरीजों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री की नौ प्रमुख घोषणाएं
1. नैनीसैनी देवत से कनारी पाभैं तक मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण किया जाएगा।
2. कैलीगाड़ पुल से बेस अस्पताल तक सड़क का सुधारीकरण एवं हॉटमिक्स कार्य किया जाएगा।
3. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीडीहाट को उप जिला चिकित्सालय के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा।
4. अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र मवानी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा।
5. मूनाकोट (रियांसी) में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
6. अस्कोट लिफ्ट पेयजल योजना का कार्य किया जाएगा।
7. ज्याला मंदिर, छाना पाण्डेय में सीसी मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
8. ग्राम चिमुशी में गाड़ देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
9. चण्डाक–छेड़ा दिगतोली सड़क का सुधारीकरण एवं चौड़ीकरण किया जाएगा।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, विधायक डीडीहाट श्री बिशन सिंह चुफाल, विधायक गंगोलीहाट श्री फकीर राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री जितेंद्र प्रसाद, पिथौरागढ़ की महापौर श्रीमती कल्पना देवलाल, दर्जा राज्य मंत्री श्री गणेश भंडारी एवं श्री हेमराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गिरीश जोशी, पूर्व विधायक श्रीमती चंद्रा पंत, जिलाधिकारी श्री आशीष कुमार भटगांई, पुलिस अधीक्षक श्री अक्षय प्रह्लाद कोंडे, अपर जिलाधिकारी श्री योगेंद्र सिंह, उप जिलाधिकारी सदर श्री जितेंद्र वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।
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LIVE: हल्द्वानी, नैनीताल में आयोजित कुमाऊँ द्वार महोत्सव*
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LIVE: गौलापार (हल्द्वानी) – अमृतपुर बाईपास रोड का स्थलीय निरीक्षण*
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पैतृक गांव हड़खोला स्थित श्री हरि चंद देवता मंदिर में की पूजा-अर्चना*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को अपने एक दिवसीय जनपद पिथौरागढ़ भ्रमण के दौरान अपने पैतृक गांव हड़खोला पहुंचे। गांव पहुंचने पर स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी भी मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं श्रीमती गीता धामी ने पैतृक गांव हड़खोला स्थित श्री हरि चंद देवता मंदिर में परिवार सहित विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं निरंतर प्रगति की कामना की।
अपने पैतृक गांव पहुंचकर मुख्यमंत्री श्री धामी ने स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, बच्चों एवं बुजुर्गों से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनके हालचाल पूछे तथा बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं दीं*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वाल्मीकि जयंती की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों एवं शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने अपने संदेश में कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन एवं उनकी रचनाएं हमें सत्य, प्रेम और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने आदिकाव्य रामायण की रचना कर समाज के समक्ष आदर्श जीवन, नैतिक मूल्यों और मानवीय मर्यादाओं का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने सामाजिक समरसता, समानता, सद्भाव एवं मानवता का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं और समतामूलक समाज के निर्माण के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि हम सभी को महर्षि वाल्मीकि के महान विचारों एवं आदर्शों को अपने आचरण में उतारने का संकल्प लेना चाहिए। उनके बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा एवं सम्मान की अभिव्यक्ति होगी।
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मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹728 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार कुंभ मेला-2027 के लिए अस्थायी अधिष्ठान एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर व्यय हेतु राज्य सेक्टर के अंतर्गत ₹175.00 करोड़ तथा भारत सरकार द्वारा अनुमोदित कार्यों के वित्तपोषण हेतु शहरी विकास विभाग के माध्यम से ₹317.00 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद अल्मोडा में विधान सभा क्षेत्र सल्ट के गैरखेत, बलमरा, सराईखेत मोटर मार्ग के डामरीकरण कार्य हेतु ₹6.13 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के विधान सभा क्षेत्र बीएचईएल रानीपुर में 03 निर्माण कार्यों हेतु 2.67 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ में विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के अंतर्गत विकासखण्ड मूनाकोट के ग्राम पंचायत लामाखेत में सकत्या बड़बाप मंदिर के सौन्दर्यीकरण के साथ दीवाल एवं धर्मशाला निर्माण कार्य हेतु ₹45.03 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा छठवां राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों की प्रत्याशा में पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में संक्रमित धनराशि के समान ही तदर्थ आधार पर समस्त जिला पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2026-27 की तृतीय त्रैमासिक किश्त हेतु ₹82.21 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधमसिंहनगर में सितारगंज विधान सभा क्षेत्र के अन्तर्गत सिडकुल से पण्डरी तक अपर बैगुल नहर के जीर्णाेद्धार हेतु ₹7.84 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पौडी में विकासखण्ड रिखणीखाल के ग्राम ढ़िकोलिया में स्प्रिंकलर आधारित नलकूप के निर्माण योजना हेतु ₹1.43 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद नैनीताल में विकासखण्ड रामगढ़ के ग्राम ल्वेशाल में लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण योजना हेतु ₹2.54 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत में विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अंतर्गत ग्राम पंचायत पुनौली के गोगना तोक में ऐतिहासिक ब्रहमचारिणी मेला स्थल का विकास एवं सौन्दर्गीकरण कार्य हेतु ₹87.70 लाख के सापेक्ष ₹50.00 लाख की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया है एवं इससे संबंधित शासनादेश भी जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद टिहरी में बांध परियोजना के पुनर्वास संबंधी प्रकरणों के निस्तारण के लिए पुर्नवास नीति 1988 के अन्तर्गत कृषि भूमि के स्थान पर देय नकद प्रतिकर धनराशि ₹5.00 लाख से बढ़ाकर पात्र 178 परिवारों हेतु ₹132.43 करोड़ किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी में आयोजित ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ में मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल।*
– **लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं सांस्कृतिक आयोजन: मुख्यमंत्री।**
– **देवभूमि की सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री।**
– **उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहने संबंधी टिप्पणी पर मुख्यमंत्री ने जताई आपत्ति, प्रदेश के स्वाभिमान और सम्मान का उठाया मुद्दा।**
**लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के साथ युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना आवश्यक: मुख्यमंत्री**
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज हल्द्वानी में आयोजित ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने महोत्सव में उपस्थित लोगों का स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी कुमाऊं का प्रवेश द्वार होने के साथ ही पर्वतीय समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। यह क्षेत्र कुमाऊं की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक जीवनशैली और लोक कलाओं की विशिष्ट पहचान को व्यापक मंच प्रदान करता है। महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि प्रदेशवासी अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने ‘वैदेही कल्चरल एजुकेशन एंड आर्ट फाउंडेशन’ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था लोकगायन और लोकनृत्य के माध्यम से विशेष रूप से युवा पीढ़ी को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति और परंपराओं को नई पहचान देने के साथ ही इन्हें देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है। यहां के लोकगीतों और लोकनृत्यों में पर्वतीय जीवन, प्राकृतिक सौंदर्य, ऋतु परिवर्तन, लोक आस्थाओं और गौरवशाली इतिहास की झलक देखने को मिलती है। छोलिया नृत्य, झोड़ा, चांचरी, बरदा नाटी और न्योली जैसी लोक विधाएं प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए हैं। इसी प्रकार बेड़ा गीत, मांगल गीत और चैती गीत जैसी पारंपरिक गायन शैलियां उत्तराखंड के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न अंग हैं।
उन्होंने कहा कि ढोल, दमाऊ, तुर्री, भंकोरा और रणसिंहा जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र उत्तराखंड की लोक संस्कृति को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। इनकी धुनों में पहाड़ के जनजीवन, लोक आस्थाओं और परंपराओं की झलक मिलती है। डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया के विस्तार से उत्तराखंड का लोक संगीत प्रदेश की सीमाओं से बाहर निकलकर देश-विदेश में पहचान बना रहा है। यह प्रसन्नता का विषय है कि युवा पीढ़ी भी लोक संगीत में रुचि ले रही है और इसे आगे बढ़ाने में योगदान दे रही है।
*देवभूमि की अस्मिता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के भविष्य, जनहित और देवभूमि की विशिष्ट पहचान को ध्यान में रखते हुए समान नागरिक संहिता लागू करने, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने, दंगारोधी कानून लागू करने और सशक्त भू-कानून की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक प्रदेश नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। देवभूमि की अस्मिता की रक्षा करना राज्य सरकार के लिए राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि संकल्प है। इसी उद्देश्य से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कानून के शासन को सुनिश्चित करना और प्रदेश के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है।
# *## पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर*
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के साथ-साथ युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। नकल माफिया पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के हित में बड़े और आवश्यक निर्णय लेने से सरकार पीछे नहीं हटेगी। उनके अनुसार, प्रदेश का हित सत्ता से, जनहित राजनीति से और राष्ट्रहित वोटबैंक की राजनीति से ऊपर है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुए रामपुर तिराहा गोलीकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को प्रदेश की जनता आज भी याद करती है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों ने अनेक कठिनाइयों का सामना किया और उत्तराखंड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष किया। ऐसे ऐतिहासिक संदर्भों के बीच प्रदेश के लोगों के सम्मान से जुड़ी टिप्पणियां और भी संवेदनशील हो जाती हैं।
*राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील विषयों पर जिम्मेदार संवाद जरूरी*
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए समर्पित व्यक्तित्वों के संबंध में राजनीतिक बयान देते समय राष्ट्रहित और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि क्या राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के सम्मान से जुड़े विषयों को भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रखना उचित है।
*अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय को सर्वोपरि रखने पर दिया जोर*
मुख्यमंत्री ने अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी बेटी को न्याय दिलाना समाज और व्यवस्था की गंभीर जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले में न्यायिक प्रक्रिया, तथ्यों और प्रमाणों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रकरण में न्यायालय द्वारा दोषियों को सुनाई गई सजा और जमानत याचिकाओं से संबंधित न्यायिक कार्यवाही का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून के अनुसार चलने वाली प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन अंकिता को न्याय मिलना सर्वोपरि है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी संवेदनशील मामले को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाने के बजाय तथ्यों के आधार पर संवाद किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि किसी बेटी के दुख को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना और बिना प्रमाण के आरोप लगाना कितना उचित है।
*अंतिम छोर तक विकास पहुंचाना सरकार का संकल्प*
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प विकास की यात्रा को प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें, प्रत्येक बहन-बेटी सशक्त बने और प्रत्येक परिवार के जीवन में खुशहाली आए।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश की जनता के सहयोग, विश्वास और आशीर्वाद से उत्तराखंड विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और जनकल्याण के लक्ष्यों की दिशा में निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।
