भारतीय परंपराओं में निहित हैं विश्व की समस्याओं का समाधान-गृह मंत्री*

*गायत्री परिवार आध्यात्मिक जागरण का कर रहा है कार्य-मुख्यमंत्री*
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने गुरूवार को हरिद्वार में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह में गायत्री परिवार द्वारा किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों की सराहना की तथा आचार्य श्रीराम शर्मा के योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराओं में विश्व की समस्याओं का समाधान निहित है।
गृह मंत्री ने कहा कि श्रीराम शर्मा आचार्य ने सनातन धर्म में व्याप्त विकृतियों को दूर कर आध्यात्मिकता को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा तथा समानता, संस्कृति, एकता और अखंडता के मूल्यों को सुदृढ़ किया। उन्होंने “व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण” के विचार को व्यवहार में उतारने का मार्ग प्रशस्त किया। श्री शाह ने आचार्य जी के संदेश “हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा” को मानव कल्याण का मूल मंत्र बताते हुए इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
गृह मंत्री ने कहा कि बीते दस वर्षों में देश की कार्य-संस्कृति और सोच में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आया है। आज भारत को उसकी गौरवशाली विरासत, संस्कृति और मूल्यों के संदर्भ में आदर भाव से देखा जा रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और अरविंद घोष जैसे युगपुरुषों के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के उत्कर्ष से मानवता का उत्कर्ष सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि हरिद्वार में कदम रखते ही आध्यात्मिक अनुभूति होती है और गायत्री मंत्र व्यक्ति के भीतर सद्भाव, राष्ट्र सेवा और मानव कल्याण की चेतना को जाग्रत करता है। उन्होंने युवाओं से आत्म-सुधार को सबसे बड़ी सामाजिक सेवा मानकर इसे जीवन में अपनाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि गायत्री परिवार एक वटवृक्ष के समान है, जो आध्यात्मिक चेतना का प्रचार-प्रसार करते हुए समाज को शांति और सकारात्मकता की छाया प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी गौरवशाली संस्कृति, ज्ञान और विज्ञान को नए स्वरूप में पुनः स्थापित कर रहा है और सनातन संस्कृति का यह विराट संदेश विश्व तक पहुँचे, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार समाज में आध्यात्मिक जनजागरण का कार्य कर रहा है।
अखिल विश्व गायत्री परिवार से डॉ. चिन्मय पांड्या ने कहा कि गायत्री परिवार का मूल दर्शन समाज से विमुख होना नहीं, बल्कि समाज में रहकर मानव कल्याण और सामाजिक उत्थान के कार्यों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि संस्थान प्राचीन वेद, उपनिषद और गीता से प्रेरणा लेते हुए आधुनिक तकनीक को आत्मसात कर शिक्षा, प्रशिक्षण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म रक्षा के लिए राष्ट्र धर्म रक्षा जरूरी हैं।
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ला, राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री श्री दया शंकर सिंह, विधायक श्री मदन कौशिक सहित देश-विदेश से आए बड़ी संख्या में गायत्री साधक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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*मुख्य सचिव ने धीमी गति के प्रोजेक्ट्स पर जताई नाराजगी, तेजी लाने के दिए निर्देश*
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरूवार को सचिवालय में पूंजीगत व्यय, सीएसएस योजनाएं, एसएएससीआई, एसएनए स्पर्श एवं विभागों की व्यय योजनाओं के सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने वाह्य सहायतित योजनाओं (ईएपी) के सम्बन्ध में अधिकारियों को धीमी प्रगति वाले प्रोजेक्ट्स में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स की धीमी प्रगति के लिए विभागाध्यक्ष एवं सचिव जिम्मेदार होंगे।
*उद्यान एवं कृषि विभाग बड़े और इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट्स करें तैयार*
मुख्य सचिव ने कहा कि उद्यान एवं कृषि विभाग को मिलकर बड़े एवं एकीकृत प्रोजेक्ट्स पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सेब, कीवी और ऐरोमा के क्षेत्र में इंटीग्रेटेड फार्मिंग की दिशा में काम किया जाए। उन्होंने कहा कि फिशरीज के अंतर्गत ट्राउट उत्पादन में बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए कोल्ड स्टोरेज की भी आवश्यकता होगी। उन्होंने पशुपालन विभाग एवं सहकारिता विभाग को मिलकर लाइवस्टॉक एवं फिशरीज को लेकर इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट तैयार किया जाने के निर्देश दिए।
*आवश्यकता के अनुसार प्रदेशभर में कोल्ड स्टोरेज चेन की जाए तैयार*
मुख्य सचिव ने ऐपल मिशन के तहत सेब के उत्पादन के लिए नर्सरी एवं कोल्ड स्टोरेज चैन तैयार किए जाने हेतु अच्छे प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में जहां जहाँ आवश्यकता है, कोल्ड स्टोरेज चैन तैयार की जाए ताकि प्रदेश का कोई भी किसान स्वयं अपने किसी भी उत्पाद कोल्ड स्टोर में रखकर अनुकूल समय पर अपने उत्पाद बाज़ार में उतार सकता है।
*पीएमजीएसवाई के भूमि मुआवजा वितरण इस वित्तीय वर्ष में कर लिया जाए पूर्ण*
मुख्य सचिव ने पीएमजीएसवाई के तहत प्रदेशभर में भूमि मुआवजा वितरण कार्य अभियान चलाकर शून्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों को जिलावार डेटा उपलब्ध कराते हुए इस वित्तीय वर्ष में भूमि मुआवजा पूर्ण रूप से वितरित किए जाने हेतु लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग चैन लिंक फेंसिंग के लिए प्राप्त प्रोजेक्ट्स की प्राथमिकता तय करते हुए प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजे जायें।
*सारा के तहत् जल संरक्षण के लिए छोटे-छोटे बैराज और चेक डैम के बड़े प्रोजेक्ट्स किए जाएं तैयार*
मुख्य सचिव ने स्प्रिंग एवं रिवर रेजूविनेशन प्राधिकरण के तहत जल संरक्षण हेतु बैराज एवं चेक डैम के प्रोजेक्ट्स संबंधित विभागों द्वारा तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने सारा के तहत फंड्स को पूर्णतः यूटिलाइज़ किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन विभाग को नए बस स्टेशन, चार्जिंग स्टेशन के कार्यों में तेजी लाते हुए अपना इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किए जाने के निर्देश दिए।
*सभी विभाग अपने प्रस्ताव 30 जनवरी तक शासन को भेजा जाना सुनिश्चित करें*
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने मार्च 2026 तक के टारगेट तत्काल वित्त विभाग को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों को 30 जनवरी तक अपने सभी प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराये जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके उपरांत प्राप्त होने वाले प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा। साथ ही विभाग को आबंटित फंड्स को उन अन्य विभागों को दिया जाएगा जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री एल फ़ैनाई, सचिव श्री दिलीप जावलकर, डॉ। वी षणमुगम, श्री बृजेश कुमार संत, डॉ अहमद इक़बाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में रेल अवसंरचना को नई गति, पूर्ण व प्रगतिरत परियोजनाओं की समीक्षा*

*रुड़की–देवबंद रेल लाइन कमीशन, ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना 94% पूर्ण—रेल विकास में उत्तराखंड को मिली रफ्तार*
*अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हर्रावाला, रुड़की व कोटद्वार स्टेशनों का कायाकल्प,*
*हरिद्वार–देहरादून खंड की क्षमता वृद्धि पर जोर*
*रेल सुरक्षा और यातायात सुधार की दिशा में बड़ा कदम, राज्य में कई ROB/RUB/LHS कार्य पूर्ण, शेष पर समन्वय के निर्देश*
*टनकपुर स्टेशन पुनर्विकास और अर्द्धकुंभ तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएँ*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में डीआरएम, मुरादाबाद श्रीमती विनीता श्रीवास्तव ने शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर राज्य में रेल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, पूर्ण एवं प्रगतिरत रेल परियोजनाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
भेंट के दौरान डीआरएम, मुरादाबाद श्रीमती विनीता श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उत्तराखंड राज्य में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएँ सफलतापूर्वक पूर्ण की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि रुड़की से देवबंद को जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन परियोजना (27.45 किलोमीटर) का कमीशनिंग कर दिया गया है, जिसके अंतर्गत बनहेड़ा खास एवं झबरेड़ा में नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य के प्रमुख रेल मार्गों पर गति वृद्धि से संबंधित कार्य भी पूर्ण किए गए हैं, जिनमें लक्सर–हरिद्वार रेल खंड को 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक उन्नत किया गया है, जबकि सहारनपुर–हरिद्वार खंड को 110 किलोमीटर प्रति घंटा करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 130 किलोमीटर प्रति घंटा गति लक्ष्य हेतु डीपीआर स्वीकृत की जा चुकी है तथा दीर्घकालिक रूप से 160 किलोमीटर प्रति घंटा गति के लिए मार्गों की पहचान की गई है।
उन्होंने आगे बताया कि उत्तराखंड खंड में लक्सर, लंढौरा–धनौरा, रुड़की, चोड़ीआला एवं ऐथल सहित कई स्थानों पर आरओबी, आरयूबी एवं एलएचएस से संबंधित कार्य पूर्ण किए गए हैं, जिससे रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और व्यस्त स्थानों पर यातायात जाम की समस्या में कमी आई है।
डीआरएम श्रीमती विनीता श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि राज्य में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएँ वर्तमान में प्रगति पर हैं। उन्होंने अवगत कराया कि हर्रावाला, रुड़की एवं कोटद्वार रेलवे स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है, जिसमें नए स्टेशन भवनों का निर्माण, एसी प्रतीक्षालय, फूड कोर्ट, दिव्यांगजन एवं पैदल यात्रियों के अनुकूल डिज़ाइन, प्लेटफार्म ऊंचाई का मानकीकरण, प्लेटफार्म शेड, नए एवं चौड़े फुट ओवर ब्रिज (FOB) तथा आधुनिक सर्कुलेटिंग एवं पार्किंग क्षेत्र का विकास शामिल है।
उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार एवं देहरादून रेलवे स्टेशनों के लिए क्षमता वृद्धि के साथ व्यापक पुनर्विकास प्रस्तावित है, जिसमें विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएँ, आइकॉनिक टर्मिनल डिज़ाइन, आगमन एवं प्रस्थान का पृथक्करण तथा बेहतर बाह्य यातायात व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके साथ ही योग नगरी ऋषिकेश से कर्णप्रयाग को जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन परियोजना निर्माणाधीन है, जिसकी कुल लंबाई 125.20 किलोमीटर है। इस परियोजना में मार्ग में 12 स्टेशन, 35 पुल एवं 17 सुरंगें शामिल हैं तथा प्रमुख सुरंगों का कार्य लगभग 94 प्रतिशत तक पूर्ण किया जा चुका है।
डीआरएम ने यह भी जानकारी दी कि राज्य में नए माल टर्मिनलों के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिसमें पत्री (PRI) में एकीकृत माल टर्मिनल सुविधा का विकास तथा पत्री एवं ज्वालापुर (JWP) स्टेशनों को एलएमवी लोडिंग हेतु उन्नत किया जा रहा है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इकबालपुर आरओबी, जिसमें पीडब्ल्यूडी के पास अप्रोच भूमि लंबित है, धनौरा आरओबी, जिसमें रक्षा भूमि से संबंधित प्रकरण लंबित है, तथा लक्सर एलएचएस, जिसे उच्च जलस्तर के कारण संशोधित किया गया है और जहाँ दोपहिया वाहनों के अनुकूल एफओबी प्रस्तावित है, जैसे कार्यों पर राज्य एवं रेलवे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार–देहरादून रेल खंड की क्षमता वृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि हर्रावाला में 24-कोच हैंडलिंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जिसमें लूप लाइन विस्तार एवं गति वृद्धि के लक्ष्य शामिल हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस परियोजना के अंतर्गत वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सहयोग से वन्यजीव न्यूनीकरण योजना तैयार की जा रही है।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि टनकपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए तथा आगामी अर्द्धकुंभ के दृष्टिगत रेल एवं यात्री सुविधाओं से संबंधित सभी तैयारियाँ समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएँ, ताकि श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा स
[22/01, 6:46 pm] +91 94101 89723: *जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कैम्प आधारित सुशासन को मिली नई गति*
*एक दिन में 17 कैम्प, 9,674 लोगों की सहभागिता—जनसेवा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण*
*अब तक 445 कैम्पों का आयोजन, 3.54 लाख से अधिक नागरिकों तक पहुँची सरकार*
*कैम्पों के माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान, योजनाओं का सीधा लाभ*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी अभियानों के माध्यम से शासन को आम जनता के द्वार तक पहुँचाने का कार्य प्रभावी रूप से किया जा रहा है। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” की भावना के अनुरूप आयोजित कैम्प राज्य में सुशासन का सशक्त उदाहरण बनकर उभरे हैं।
आज प्रदेशभर में कुल 17 कैम्पों का आयोजन किया गया, जिनमें 9,674 नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता की। इन कैम्पों के माध्यम से आम नागरिकों ने अपनी समस्याएँ प्रशासन के समक्ष रखीं तथा विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं से संबंधित जानकारी और लाभ प्राप्त किया।
अब तक की अवधावधि में राज्य में कुल 445 कैम्पों का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 3,54,059 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसके अंतर्गत शासन को जनता के निकट लाकर पारदर्शी, संवेदनशील एवं जवाबदेह प्रशासन की स्थापना की जा रही है।
कैम्पों के माध्यम से न केवल शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है, बल्कि पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत हुआ है तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गति और प्रभावशीलता आई है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सेवाओं को पहुँचाना है। इसी संकल्प के साथ आयोजित ये कैम्प उत्तराखंड में सुशासन और जनसेवा की दिशा में एक मजबूत आधार बनते जा रहे हैं।
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*प्रेस नोट*
*लंबित राजस्व वादों पर डीएम सख्त, एक साल पुराने मामलों के शीघ्र निस्तारण के आदेश*
*अंश निर्धारण की सुस्त चाल पर डीएम का कडा एक्शन, राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही तय,*
*बडे बकायेदारों पर शिकंजाः डीएम ने वसूली तेज करने के दिए सख्त निर्देश*
*लंबित वादों से लेकर वसूली तक, डीएम सविन बंसल ने राजस्व अधिकारियों के साथ की अहम बैठक*
*देहरादून 22 जनवरी,2026जिलाधिकारी सविन बंसल ने अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों, मुख्य एवं विविध देयों की वसूली, अंश निर्धारण तथा राजस्व विभाग से संबंधित अन्य प्रमुख कार्यकलापों को लेकर गुरुवार को राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर धारा-34, 143, 33/39 एवं धारा-41 के अंतर्गत एक वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी वादों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से धारा-34 के अंतर्गत अविवादित वादों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि भूमि के गैर-कृषि उपयोग (आवासीय, औद्योगिक एवं व्यावसायिक) से संबंधित कोई भी वाद लंबित न रहे। भूमि बंदोबस्त के अंतर्गत खसरा एवं खतौनी में त्रुटि सुधार के कार्यों में तेजी लाई जाए। भूमि सीमांकन से संबंधित वादों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए। फील्ड अधिकारियों से सटीक एवं तथ्यपरक रिपोर्ट सुनिश्चित की जाए, जिससे अनावश्यक विवादों की संख्या में कमी लाई जा सके।
अंश निर्धारण, लिंकेज एवं पड़ताल के कार्यों में सदर, विकासनगर एवं डोईवाला तहसीलों की धीमी प्रगति एवं विलंब पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व उप निरीक्षकों को लक्ष्य निर्धारित कर स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी तय की जाए। तहसील स्तर पर नियमित समीक्षा तथा अपर जिलाधिकारी स्तर पर प्रत्येक 10 दिवस में प्रगति की समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए। लापरवाही की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी सहयोग की आवश्यकता होने पर तत्काल संपर्क किया जाए।
विविध देयों की वसूली की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि जनपद में 81 प्रतिशत निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 82.84 प्रतिशत वसूली प्राप्त कर ली गई है। चकराता, त्यूनी एवं कालसी तहसीलों में वसूली निर्धारित लक्ष्य से कम पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी बड़े बकायेदारों से वसूली में तेजी लाई जाए। जीएसटी सेक्शन से समन्वय स्थापित कर बड़े बकायेदारों के खाता विवरण प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यदि किसी कंपनी या फर्म से वसूली शेष है, तो आरसीएस कार्यालय से संबंधित कंपनी की संपत्तियों का विवरण प्राप्त कर वसूली की कार्यवाही तेज की जाए।
बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे के अंतर्गत चयनित ग्रामों में की जा रही कार्यवाही, संग्रह अमीनों की कार्यप्रणाली, रिकॉर्ड रूम की स्थिति, आरसीएमएस के अनुप्रयोग, ई-ऑफिस, ऑडिट आपत्तियों तथा विभागीय सॉफ्टवेयर के अद्यतनीकरण की भी समीक्षा की गई एवं आवश्यक सुझाव दिए गए।
समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरी, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहरा, उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार सहित वर्चुअल माध्यम से अन्य तहसीलों के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
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./टिहरी/दिनांक 22 जनवरी, 2026
*वन मंत्री सुबोध उनियाल की उपस्थिति में पावकी देवी में ‘जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार’ शिविर आयोजित”*
“पावकी देवी में वन मंत्री सुबोध उनियाल के सान्निध्य में लगा जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार शिविर”
“जन समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु पावकी देवी पहुँचे वन मंत्री सुबोध उनियाल”
आज जनपद टिहरी गढ़वाल क्षेत्रांतर्गत विकासखंड नरेंद्रनगर स्थित उप तहसील पावकी देवी के न्याय पंचायत बुगाला के राजकीय इंटर कॉलेज के प्रांगण में “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” शिविर का आयोजन प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल की उपस्थिति एवं जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में किया गया।
इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी को उसका अधिकार एवं हक सरल एवं सुविधाजनक रूप से प्राप्त हो। इसी उद्देश्य से सरकार द्वारा जन–जन के द्वार तक पहुँचकर सभी प्रकार के प्रमाण पत्र, ई–केवाईसी, कृषि उपकरण, खाद–बीज आदि प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही, विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शिविर में उपस्थित रहकर मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित कर रहे हैं।
जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल ने अपने संबोधन में कहा कि 23 विभागों को चिन्हित कर उनके शत–प्रतिशत सैचुरेशन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि केवाईसी, पेंशन, बीमा योजनाओं सहित सभी प्रकार के प्रमाण पत्र शिविर में ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि इस शिविर को एक अच्छे अवसर के रूप में लेते हुए अधिक से अधिक लाभ उठाएं। शिविर में प्राप्त सभी प्रकरणों के दस्तावेज अग्रिम कार्यवाही हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किए जा रहे हैं।
शिविर में विभिन्न मांगकर्ताओं एवं शिकायतकर्ताओं द्वारा अपनी समस्याएं एवं मांग पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें अधिकांश शिकायतें पेयजल एवं सड़क से संबंधित रहीं।
शिविर में लगभग 250 शिकायतें/आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया। साथ ही, इस शिविर में लगभग 820 ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया।
मांगकर्ता सरदार सिंह पुण्डीर द्वारा दोगी क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति में सुधार, पावकी देवी राजकीय इंटर कॉलेज में इंटर स्तर पर गणित का पद सृजित करने तथा क्षेत्र की एक सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की मांग की गई। रमेश उनियाल द्वारा क्षेत्र में घाट की व्यवस्था करने की मांग रखी गई।
ग्राम प्रधान शिवपुरी प्रभु लाल बिजल्वाण द्वारा शिवपुरी पेयजल लाइन हेतु अधिगृहित भूमि से पाइपलाइन बिछाने की मांग की गई। ग्राम सभा लोयोल के कीर्तन सिंह पुण्डीर द्वारा ग्राम सभा की भूमि पर अतिक्रमण कर विक्रय किए जाने की शिकायत की गई। इसी प्रकार, ग्राम पंचायत गंगल्सी की प्रधान सुशीला देवी द्वारा सेरा गाड़ नामे तोक में कम विद्युत आपूर्ति की समस्या तथा गंगल्सी क्षेत्र में विद्युत तारों की सुरक्षा हेतु आवश्यक उपाय किए जाने की मांग रखी गई।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख दीक्षा राणा, डीएफओ नरेंद्रनगर दिगांथ नायक, एसडीएम नरेंद्रनगर आशीष घिल्डियाल, सीएमओ श्याम विजय, डीडीओ मो असलम, बीडीओ श्रुति वत्स, जिला पंचायत सदस्य उर्मिला राणा और हुकम भण्डारी, बीडीसी सदस्य सुनैना, राकेश कुलियाल, प्रधान ग्राम सभा नाई बैजयन्ती देवी, भाजपा मण्डल अध्यक्ष रमेश पुण्डीर, पूर्व प्रमुख राजेंद्र भंडारी,
गजेन्द्र राणा, प्रधानगण, ग्रामीणों सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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/टिहरी/दिनांक 22 जनवरी, 2026
‘‘क्यारी एवं द्वारगढ़ न्याय पंचायत में बहुउद्देशीय शिविर सम्पन्न‘‘
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ कार्यक्रम के अन्तर्गत आज गुरूवार को जनपद टिहरी क्षेत्रान्तर्गत तहसील टिहरी विकास खण्ड थौलधार के क्यारी न्याय पंचायत एवं तहसील धनोल्टी विकास खण्ड जौनपुर के द्वारगढ़ न्याय पंचायत में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किये गये।
तहसील धनोल्टी विकास खण्ड जौनपुर क्षेत्रान्तर्गत न्याय पंचायत द्वारगढ के रा.इ.का. गरखेत में एसडीएम अंकित राज की अध्यक्षता में शिविर आयोजित किया गया। इस मौके पर विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। नोडल अधिकारी/भूमि संरक्षण अधिकारी नरेन्द्रनगर सचिन कुमार ने बताया कि शिविर मंे विभिन्न विभागीय स्टालों पर 329 लोगों द्वारा प्रतिभाग किया गया, इसमें 62 शिकायतें प्राप्त हुई, प्रमाण पत्रों एवं अन्य सेवाओं हेतु 06 आवेदन प्राप्त किया गया, जबकि अन्य योजनाओं यथा स्वास्थ्य जांच/सामग्री आदि से 63 लोगों को लाभान्वित किया गया।
इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख सीता पंवार, जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत, तहसीलदार भूपेन्द्र राणा, बीडीओ अर्जुन सिंह रावत, एडीओ पंचायत हरीश प्रसाद नौटियाल सहित जनप्रतिनिधि राजेश सजवाण, नरेश पंवार, कल्पाना सजवाण, सबिता सजवाण, मंजू पंवार, रोशन वर्मा, सुरेेन्द्र रावत, आनन्द रावत, आखी रावत, सुन्दर चौहान, बीनू पंवार, कुलदीप नौटियाल, कुसुम राणा, धीरज वर्मा, बबीता देवी आदि अन्य मौजूद रहे।
तहसील टिहरी विकास खण्ड थौलधार क्षेत्रान्तर्गत न्याय पंचायत क्यारी के रा.इ.का. नागराजधार में एसडीएम टिहरी स्नेहिल कुंवर की अध्यक्षता में शिविर आयोजित किया गया। नोडल अधिकारी/पीओ उरेडा शिव सिंह मेहरा ने बताया कि शिविर मंे विभिन्न विभागीय स्टालों पर 233 लोगों द्वारा प्रतिभाग किया गया, इसमें 25 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमंे से 08 का मौके पर निस्तारण किया गया। प्रमाण पत्रों एवं अन्य सेवाओं हेतु 33 आवेदन प्राप्त किया गया, जबकि अन्य योजनाओं यथा स्वास्थ्य जांच/सामग्री आदि से 79 लोगों को लाभान्वित किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
