उतरा खंड पंचायत राज सचिव चंद्रेश यादव ने जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर आरक्षण तय किया है।
देहरादून जिला पंचायत में अध्यक्ष की सीट सामान्य महिला हुए घोषित,
अल्मोड़ा में जिला पंचायत अध्यक्ष की महिला सीट हुई घोषित
बागेश्वर में महिला अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित रखी गई जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट
चंपावत और चमोली में अनारक्षित रखी गई जिला पंचायत अध्यक्ष सीट
नैनीताल में भी अनारक्षित रखी गई जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट,
पौड़ी गढ़वाल में सामान्य महिला के लिए आरक्षित की गई जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी,
पिथौरागढ़ में अनुसूचित जाति के लिए आज आरक्षित रखी गई जिला पंचायत अध्यक्ष के पद,
रुद्रप्रयाग में सामान्य महिला और टिहरी में भी सामान्य महिला के लिए सुरक्षित रखी गई कुर्सी,
उधम सिंह नगर में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रखी गई जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी
उत्तरकाशी में अनारक्षित की गई जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी,
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हरिद्वार। अंतर्राज्जीय बाइक चोर गैंग का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन चोरों को गिरफ्तार कर लिया हैं। जिनके पास से चुरायी गयी 11 मोटरसाइकले बरामद हुई है। आरोपी शातिर किस्म के चोर है जिन्होने हरिद्वार, मुजफ्फरनगर व सहारनपुर के कई क्षेत्रों में बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते दिनों कोतवाली रूड़की में आर्यन पुत्र राजीवन कुमार निवासी सिसोना थाना भगवानपुर द्वारा चोपाटी बाजार से तथा रितिक पुत्र रमेश निवासी खानपुर द्वारा रविदास घाट से बाइक चोरी होने के मुकदमें दर्ज कराये गये थे। मामले मे पुलिस ने चोरों की तलाश शुरू कर दी गयी। चोरों की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद कल देर रात एक सूचना के तहत कार्यवाही करते हुए सोनालीपुल के पास नहर पटरी पर चेकिंग के दौरान तीन संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उन्होने अपना नाम दिनेश कुमार पुत्र बुद्धालाल निवासी ग्राम कीरतपुर कुईया थाना कुँवाये, जिला शाहजहांपुर उत्तरप्रदेश, प्रदीप कुमार पुत्र सुगना निवासी ग्राम मुण्डलाना थाना कोतवाली मंगलौर, जिला हरिद्वार व नदीम पुत्र आरिफ निवासी ग्राम सफरपुर कोतवाली गंगनहर, रुड़की बताया। जिनकी निशानदेही पर कोतवाली रूड़की क्षेत्र से चुरायी गयी दो मोटरसाइकिले बरामद की गयी। पुलिस द्वारा जब उनसे सख्ती से पूछताछ की गयी तो उन्होने बताया कि उन्होंने हरिद्वार के अलावा मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से भी मोटरसाइकिलें चोरी की हैं, जिन्हें नहर पटरी के पास एक बाग में छिपाकर रखा गया है। बताया कि हम चुरायी गयी मोटरसाइकिलों को नंबर प्लेट बदलकर औने पौने दाम पर बेच देते थे और अपना शौक पूरा करते थे। जिनकी निशानदेही पर वहंा से 9 बाइक और बरामद की गयी है। बताया कि दिनेश हमारा टीम लीडर है जो गोशाला में काम करता है, नदीम शटरिंग का काम करता है जो कि हाई स्कूल पास है तथा प्रदीप अनपढ़ है जो खेती का काम करता है दिनेश के नेतृत्व में इन्होंने चोरी के प्लान बनाए और इन्हें अंजाम दिया।
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उत्तराखंड पंचायत चुनाव, न बीजेपी हारी न कांग्रेस, जीत का ढोलकृइधर भी बजा और उधर भी
देहरादून। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजे लगभग आ चुके हैं। सूबे के लोगों ने इस चुनाव में जिस तरह की सूझबूझ का परिचय दिया है और पढ़े लिखे युवाओं पर अपना भरोसा जताया है वह सूबे की भावी राजनीति को नई दिशा देगा।
यह अलग बात है कि भाजपा के नेता इस चुनाव परिणामों पर जश्न मना रहे हैं और खूब ढोल भी बजा रहे हैं लेकिन चुनाव परिणाम उनकी सोच के अनुकूल नहीं रहे हैं। यही कारण है कि अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट कह रहे हैं कि जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुखों के अधिकांश पदों पर भाजपा प्रत्याशी जीतेंगे क्योंकि अधिकांश निर्दलीय जो चुनाव जीते हैं वह भाजपा के साथी हैं। उधर जश्न कांग्रेस मुख्यालय में भी मनाया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि जो नतीजे आए हैं वह अत्यंत ही सुखद है। सरकार और चुनाव आयोग की तमाम कोशिशों के बाद भी कांग्रेस का प्रदर्शन अत्यंत ही बेहतर रहा है। तथा इन नतीजो से साफ हो चुका है कि जनता भाजपा के पक्ष में नहीं है और 2027 के चुनाव में सूबे में कांग्रेस की सरकार बनेगी। बात अगर जिला पंचायत की 358 सीटों की, की जाए तो भाजपा ने 320 सीटों पर अपने प्रत्याशी चुनाव में उतारे थे जिनमें से केवल 115 प्रत्याशी ही जीत पाए हैं जबकि कांग्रेस ने सिर्फ 200 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे जिनमें से 72 प्रत्याशी जीते हैं। यही कारण है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में 120 निर्दलीय विजयी प्रत्याशियों की भूमिका अत्यंत ही महत्वपूर्ण होने वाली है। जिसके पाले में अधिक निर्दलीय खड़े होंगे जिला पंचायत अध्यक्षों की कुर्सी पर उस दल का दबदबा रहेगा। ठीक वैसे ही स्थिति क्षेत्र पंचायत सदस्यों की रही है जिसके लिए अब तक 2977 में से 2934 सीटों पर परिणाम आ चुके हैं। भले ही भाजपा अध्यक्ष भट्ट का दावा हो कि प्रधान पदों पर भाजपा के 80 फ़ीसदी उम्मीदवार जीते हो लेकिन इस चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को आशातीत सफलता नहीं मिल सकी है। भाजपा के तमाम दिग्गज प्रत्याशी और भाजपा नेताओं के परिजन जो जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक पदों के लिए चुनाव से पूर्व अपनी दावेदारी ठोक रहे थे वह जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी नहीं जीत पाए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की ऐसी लंबी सूची है जो अपने परिजनों को छोटी सरकार का भी चुनाव नहीं जिता सके। जिसमें पूर्व विधायक राजेंद्र भंडारी की पत्नी रजनी भंडारी, विधायक सरिता आर्य के बेटे राहुल आर्य, विधायक महंत दिलीप की पत्नी, राम सिंह कैड़ा के भाई की पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बेला भी इस चुनाव में हार गई जो फिर अध्यक्ष बनने का सपना संजोय बैठी थी। हां बिशन सिंह चुफाल की बेटी जरूर चुनाव जीत गई। जबकि कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह अपने बेटे को चुनाव जिताने में सफल रहे। मुख्यमंत्री धामी ने सभी विजयी प्रत्याशियों को जीत की शुभकामनाएं दी है।
आगे पढ़ेंनशा मुक्ति केंद्रों पर शिकंजे की तैयारी,अनरजिस्टर्ड केंद्रों को चिन्हित करने की कवायद शुरू
देहरादून। उत्तराखंड में करीब 200 नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र संचालित हो रहे हैं, लेकिन अभी तक 133 नशा मुक्ति केंद्रों ने ही प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन करवाया है। जबकि, 65 से ज्यादा नशा मुक्ति केंद्र ऐसे हैं। जिन्होंने अभी तक राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन नहीं किया है। जो एसएमएचए और पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। जिसको देखते हुए एसएमएचए अब पुलिस विभाग के साथ समन्वय बनाकर अनरजिस्टर्ड केंद्रों को चिन्हित करने की कवायद में जुट गई है। ताकि, अवैध रूप से संचालित केंद्रों पर कार्रवाई की जा सके।
उत्तराखंड में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किए जाने को लेकर 7 जिलों में मानसिक स्वास्थ्य पुनर्विलोकन बोर्ड का गठन किया गया है। बाकी 5 जिलों में अभी तक कोई नशा मुक्ति केंद्र न होने के चलते मानसिक स्वास्थ्य पुनर्विलोकन बोर्ड का गठन नहीं किया गया है।
इस बोर्ड में उप जिला अधिकारी, पुलिस उपाध्यक्ष, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। इस बोर्ड का काम संचालित केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही मानकों का पालन करवाना है। इसके साथ ही प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन प्राप्त कर चुके केंद्रों का परमानेंट रजिस्ट्रेशन से पहले स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंपना है।
आगे पढ़ेंगांव के नीचे बढ़ा भूस्खलन का खतरा, 17 प्रभावित परिवारों को तिरपालें वितरित

चमोली। जिले के प्रखंड के मूसाउडियार गांव के ठीक नीचे भूस्खलन का दायरा बढ़ने से गांव के 17 परिवारों के घरों को खतरा बना हुआ है। एसडीएम के निर्देश पर सिंचाई विभाग के इंजीनियरों ने मूसाउडियार जाकर भूस्खलन की रोकथाम के उपायों पर प्रभावित परिवारों से बातचीत की। इस मौके पर राजस्व उपनिरीक्षक जगदीश ओलिया ने प्रभावित परिवारों को तिरपालें वितरित किए। पिछले माह क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण मूसाउडियार गांव के नीचे जमीन धंसने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। और बीते 10 दिनों में भूस्खलन का दायरा बढ़ते हुए गांव के समीप तक पहुंच गया था। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता संदीप कुमार पटवाल ने प्रभावित ग्रामीणों के साथ एसडीएम पंकज भट्ट से मुलाकात कर भूस्खलन के कारण गांव को हो रहे खतरे से अवगत कराते हुए इसके रोकथाम के लिए जल्द बचाव कार्य करने का आग्रह किया।
और प्रभावित परिवारों और उनके मवेशियों की अस्थाई व्यवस्था के अलावा राशन सामग्री उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। एसडीएम पंकज भट्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को मौके का निरीक्षण कर भूस्खलन को रोकने के सुरक्षा कार्यों को करने के निर्देश दिए।इससे पूर्व वर्ष 1993 में बादल फटने के कारण मूसाउडियार में आई बाढ़ से कई आवासीय मकानें और गोशालाएं बह गई थीं।और दर्जनों मवेशी दबकर मर गए थे। उसके बाद गांव के कई परिवार गांव को छोड़ कर अन्य जगहों पर बस गए थे। आज फिर से गांव के 17 परिवारों के सम्मुख फिर से ऐ। समस्या पैदा हो गई है।
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जिलाधिकारी के आदेश पर रिहान की फीस हुई माफ

देहरादून। पिता की मौत के बाद आर्थिकी संकट के चलते रिहान की पढाई बाधित होने पर जिलाधिकारी से गुहार लगाने पर जिलाधिकारी ने रिहान की पढाई पुनर्जीवित कर उसको राहत पहुंचायी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते सप्ताह शहीद भगत सिंह कालोनी निवासी दुखियारी मॉ गजाला जिनके पति की हाल ही में मृत्यु हुई है। डीएम सविन बंसल से मिल अपनी फरियाद लगाई बच्चे की स्कूल फीस न दे पाने से बेटे रिहान की पढाई बाधित होने की बात कहकर पढाई जारी रखने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी सविन बसंल ने संकटग्रस्त रिहान की पढाई पुनर्जीवित रखने हेतु एसजीआरआर एजुकेशन मिशन से अनुरोध किया जिस पर मिशन द्वारा स्कूल के प्रधानाध्यापक को रिहान की शतप्रतिशत फीस माफी का पत्र जारी कर दिया।
विगत 25 जुलाई को रिहान की मा गजाला ने डीएम से मिलकर अपना दुखड़ा सुनाया रिहान के पिता की हॉल ही मृत्यु हो गई है। परिवार का आर्थिकी का कोई साधन नही है परिवार के भरणपोषण की जिम्मेदारी रिहान पर आ गई है। रिहान को शाम को कैमिस्ट की दुकान पर कार्य कर परिवार और अपनी पढाई का खर्चा उठाता है। जिस पर जिलाधिकारी ने एसजीआरआर एजुकेशन मिशन को रिहान की फीस माफी का अनुरोध किया। जिला प्रशासन के इस समय इस प्रकार के बहुत से प्रकरण आ रहे हैं। जिनमें बच्चों की फीस माफी या बुजुर्ग, दिव्यांग, महिलाए विधवा महिला के रोजगार और आर्थिक सहायता से सम्बन्धित प्रकारण आते है जिस पर जिला प्रशासन त्वरित कार्यवाही कर रहा है।
बच्चों की शिक्षा, महिलाओं को रोजगार, आर्थिक सहायता, बुजुर्गाे को न्याय के लिए त्वरित कार्यवाही की जा रही है जिससे जिला प्रशासन एवं सरकार के प्रति लोगों का विश्वास बढा।
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देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने प्रदेश के सभी जिला एवं उपजिला अस्पतालों को आवश्यक सुविधाओं से संतृप्त किए जाने के निर्देश दिए हैं।
आज यहां मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश के अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण के सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी जिला एवं उपजिला अस्पतालों को आवश्यक सुविधाओं से संतृप्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि जिला एवं उपजिला अस्पतालों में चिकित्सक, शल्य चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं बाल रोग विशेषज्ञ सहित रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिला एवं उपजिला अस्पतालों में एनआईसीयू, एसएनसीयू और पीआईसीयू जैसी आवश्यक सुविधाएं में अनिवार्य रूप से उपलब्ध करायी जाएं। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेशभर के ऐसे सीएचसी, जिनमें मरीजों की संख्या अधिक है या जो प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अत्यधिक महत्त्वपूर्ण हैं, को भी फिजिशियनए सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं बाल रोग विशेषज्ञ जैसी न्यूनतम आवश्यक मेडिकल सुविधाओं से संतृप्त किया जाए। साथ हीए रेडियोलॉजिस्ट एवं टेक्नीशियन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। सचिव स्वास्थ्य डॉण् आर. राजेश कुमार ने प्रदेश के जिला एवं उपजिला अस्पतालों के चिकित्सकोंए विशेषज्ञ चिकित्सकों, रेडियोलॉजिस्ट एवं उपकरणों की उपलब्धता पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर महानिदेशक स्वास्थ्य डा.् सुनीता टम्टा एवं निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना भी उपस्थित थे।
आगे पढ़ें21 साल की प्रियंका को सीएम ने फोन करके दी जीत की बधाई,
चमोली । गैरसैंण की 21 वर्षीय नवर्निवाचित ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी को फोन करके सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दी जीत की बधाई। सीएम ने कहा कि गांव के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे। उन्होनें सारकोट के सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि सारकोट के ग्रामीणों ने अच्छा चुनाव लड़ा।गैरसैंण को प्रदेश के मॉडल गांव के रूप में चुना गया है। कहा कि जिले के उच्च अधिकारी जल्द गांव का निरीक्षण करेंगे। उन्होनें नवर्निवाचित ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी को गांव में चल रहे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही। साथ ही कहा कि गांव की महिलाओं को आगे बढ़ाए। उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाए। उन्होनें प्रियंका नेगी को देहरादून आमंत्रित भी किया।गैरसैंण ब्लॉक के मुख्यमंत्री आदर्श गांव सारकोट की कमान अब सबसे कम उम्र की युवती प्रियंका नेगी संभालेंगी। 21 वर्ष की प्रियंका नेगी प्रधान पद के लिए निर्वाचित हुई हैं। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंदी प्रियंका देवी को हराकर विजय हासिल की। प्रियंका नेगी को 421 और प्रियंका देवी को 235 मत प्राप्त हुए। इससे पूर्व 2014-19 तक प्रियंका के पिता भी प्रधान रह चुके हैं। प्रियंका नेगी ने गैरसैंण महाविद्यालय से राजनीतिशास्त्र विषय में स्नातक किया है जिसका परिणाम भी तीन दिन पहले की आया।आगे पढ़ें
तीसरे दिन भी बंद रही केदारनाथ यात्रा, यात्री कर रहे हाइवे खुलने का इंतजार

रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड हाइवे अवरुद्ध होने से तीसरे दिन भी केदारनाथ यात्रा सुचारू नहीं हो सकी। सोनप्रयाग से किसी भी यात्री को केदारनाथ जाने की अनुमति नहीं दी गई।
वहीं केदारनाथ दर्शन कर लौट रहे 1100 से अधिक यात्रियो को एनडीआरएफ व एसडीआरएफ द्वारा जंगल के रास्ते पगडण्डियों से सुरक्षित निकाला गया। केदारनाथ हाईवे पर सोनप्रयाग व गौरीकुंड के बीच मुनकटिया के पास अवरुद्ध है, हाइवे को खोलने के लिए नेशनल हाइवे द्वारा पाँकलैंड मशीनों से बोल्डर हटाने का कार्य किया जा रहा है। केदारनाथ हाइवे गत बुधवार को सोनप्रयाग से आगे मुनकटिया के पास अवरुद्ध हो गया था। भारी मात्रा में मलबा आने व हाइवे क्षतिग्रस्त होने से यात्रा रोक दी गई थी। तीसरे दिन भी दिन यात्रा रोकी रही। राष्ट्रीय राजमार्ग लोक निर्माण खंड द्वारा सोनप्रयाग में बंद हाईवे को खोलने के लिए सोनप्रयाग की तरफ से पाकलैंड व जेसीबी की मदद से मलबा व बोल्डर हटाने का काम शुरू किया गया। लेकिन हाड़ी से लगातार बोल्डर आ रहे हैं, जिससे मलबा हटाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
यहां पर सत्तर मीटर सड़क का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ है। वहीं सोनप्रयाग व आस पास के क्षेत्रों में पांच हजार से अधिक यात्री हाइवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन पुलिस ने सोनप्रयाग से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई।
एनएच लोनिवि के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडेय ने बताया कि हाइवे को खालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सभी अधिकारी मौके पर हैं और हाइवे को खोलने के प्रयास में जुटे हुए हैं। कहा कि मलबा बड़ी मात्रा में आने से इसे हटाने में समय लग रहा है, वहीं पहाड़ी से भी लगातार भूस्खलन हो रहा है, जिससे मलबा हटाने में व्यवधान पैदा हो रहा है।
जबकि बीते दिन सांय तक 2179 यात्रियों का रेस्क्यू कर लिया गया था। गौरीकुंड से मुनकटिया की ऊपरी तरफ से पहाड़ी में किसी तरह एसडीआरएफ द्वारा वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है जिससे यात्रियों को सुरक्षा जवान रास्ता पार करा रहे हैं
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि रेस्क्यू अभियान तीसरे दिन भी जारी रहा। एक हजार से अधिक यात्रियों को तीसरे दिन सोनप्रयाग लाया गया। इधर, एसडीआरएफ के उप निरीक्षक आशीष डिमरी ने बताया कि एसडीआरएफ, पुलिस और एनडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू अभियान में सभी यात्रियों को सुरक्षित रास्ता पार कराया गया है।
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पौड़ी में जिला पंचायत पद पर कांटे की टक्कर
पौड़ी । त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के नतीजे देर रात घोषित हो गए। इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों समर्थकों ने अच्छी जीत हासिल की है। हालांकि, जिला पंचायत सदस्य की कई सीटों पर भाजपा समर्थिक दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। लैंसडाउन सीट से भाजपा विधायक महंत दिलीप रावत की पत्नी नीतू रावत को कांग्रेस प्रत्याशी ज्योति पटवाल ने हराया। वहीं खिर्सू से भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व पूर्व ब्लॉक प्रमुख संपत सिंह को ग्वाड़ सीट पर कांग्रेस के चौत सिंह ने शिकस्त दी। इसके बावजूद भाजपा के 18, कांग्रेस के 16 और 4 निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी किस पार्टी के खाते में जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन दोनों ही दल रणनीति बनाने में जुट गए हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कमान किसके हाथ आती है।
