साइंटिफिक-एनालिसिस AI समिट में प्रधानमन्त्री मोदी भारत की ईज्जत बचाने से चूके;शैलेन्द्र कुमार बिराणी वैज्ञानिक

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साइंटिफिक-एनालिसिस

AI समिट में प्रधानमन्त्री मोदी भारत की ईज्जत बचाने से चूके!

Prime Minister Modi fails to save India’s face at the AI Summit.

भारत की राजधानी दिल्ली में भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 चल रहा है | इसमें 110 से ज्यादा देश, 20 से ज्यादा देशों के प्रमुख, 30 अन्तर्राष्ट्रीय संगठन, 500 से ज्यादा दुनिया के AI लीडर, 100 के करीबन सीईओ और फाउंडर्स, 150 अकादमी और रिसर्चर, 400 CTOS, VPs और 100 से ज्यादा सरकारी प्रतिनिधी मौजूद हैं | इसे आप दुनिया का एक मंच कह सकते है।

इस समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा चीन के रोबोट को अपना यानि भारत का बताने से देश की दुनियाभर में भद्द पीट गई | दुनिया की मीडिया ने इसे खुब प्रकाशित भी करा हैं | भारत के केन्द्रिय मंत्री को आधिकारिक रूप से माफी मांगनी पडी | इस कार्यक्रम के उद्घाटन के अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आधिकारिक रूप से बोलने का मौका मीला परन्तु वे भारत की ईज्जत बचाने से चूक गये | 75 वर्ष से अधिक उम्र के होने के कारण वो अपने ही विश्वगुरू वाले कारनामे को भूल गये लगते हैं |

AI समिट में लम्बी लाईने, अव्यवस्था, चोरी होने से देश की ईज्जत तार-तार हो रही थी तब मोदी जी को अपना अजेय व असम्भव वाला कारनामा मंच पर करके बताना चाहिए था ताकि पुरी दुनिया का मुंह बन्द हो जाता | इस कारनामे पर भारत के सुप्रीम कोर्ट की सत्यापित स्वीकृति भी थी | जिससे सबके मुंह सील जाते और सिर शर्म के मारे सीधा खडा तक नहीं हो पाता | इस समिट के दौरान दुनियाभर के एक्सपर्ट सिर्फ़ कोडिंग के जरिये मशीनों से निश्चित काम करवा रहे है।

विश्वगुरू भारत के बडे राजनेता व प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में भगवान श्री राम के मन्दिर उद्घाटन के दौरान एक पत्थर की मूर्ति से अपने मंत्रों के माध्यम से भगवान श्री राम की आत्मा को बाहर निकाल दिया और उसे बडे पत्थर की मूर्ति में ट्रांसफर कर दिया था | इसके साथ ही भगवान राम को बाल्यावस्था से निकाल कर प्रौढ बना दिया |

दुनिया का कोई भी मायके लाल या नानबायलोजिकल छोड बायलोजिकल व्यक्ति भी ऐसा नही कर पाया | सोशियल मीडीया में मोदी जी द्वारा उनसे कद में बहुत छोटे बालक श्री राम को मन्दिर में अंगुली पकडकर ले जाते हुए खुब वायरल हुआ था | भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी को पत्थर की मूर्त से प्रौढ हो चुके भगवान राम को हाथ पकडकर AI समिट के मंच पर ले जाना चाहिए था।

और उससे वहा बुलवाकर, शारीरिक क्रिया-कलाप करवा के, लम्बा-चौडा हिन्दी क्या संस्कृत में पुरा भाषण दिलवाना चाहिए था | इससे उनके राष्ट्रिय स्वयंसेवक वाले गुरू श्री मोहन भागवत जी के अमृत वचनों का भी सत्यापन हो जाता ताकि भारत विश्वगुरू बन चुका हैं |

शैलेन्द्र कुमार बिराणी
युवा वैज्ञानिक