चमोली पहूंचे सीएम धामी,किया आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण,लोगों से की मुलाकात पढ़ें सभीसमाचार

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चमोली पहूंचे सीएम धामी,किया आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण,लोगों से की मुलाकात पढ़ें सभीसमाचार
चमोली। नंदानगर आपदा के तीसरे दिन भी मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हालातों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कुरुड़ हेलीपैड पहुंचे। जहां चमोली डीएम ने उन्हें हालातों की जानकारी दी। इसके बाद सीएम धामी चमोली नंदानगर में आपदा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान सीएम धामी ने ग्राउंड पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का अपडेट लिया। साथ ही सीएम धामी ने आपदा प्रभावितों से भी मुलाकात की।
इस दौरान सीएम धामी ने चमोली जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्र नंदानगर पहुंचकर प्रभावितों और पीड़ितों को ढांढस बंधाया। साथ ही सीएम धामी ने आपदा पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सीएम धामी ने कहा उनकी सरकार हर हाल में पीड़ितों के साथ खड़ी है।
नंदानगर आपदा में अब तक मलबे से 5 शवों को बरामद कर लिया गया है। दो लोगों को मलबे से जीवित निकाला गया है। अभी भी तीन लोग लापता हैं। जिनकी तलाश की जा रही है। नंदानगर आपदाग्रस्त इलाकों में पुलिस व प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं स्थानीय लोगों के सहयोग से रेस्क्यू एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। कुंतरी लगा फाली गांव में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर सर्विस, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने गहन सर्चिंग अभियान चला रहा है।
17 सितंबर की रात नंदानगर क्षेत्र के कुंतरी, धुर्मा गांव में अतिवृष्टि से हालात बिगड। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, घटना में पहले 12 लोगों के मलबे में लापता होने की खबर आई। जिसमें से 7 शव निकाले जा चुके हैं। दो व्यक्तियों का मलबे से सकुशल रेस्क्यू किया गया। अभी भी कुछ लोग लापता हैं। जिनके लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। कुंतारी लगा फाली, धुर्मा वार्ड में में 27 से 30 भवन व गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।
सीएम धामी आपदा के पहले ही दिन से हालातों पर नजर बनाये हुये हैं। सीएम धामी ने राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होने के निर्देश दिये। अधिकारियों प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के साथ ही लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए कहा। इसके साथ ही सीएम धामी ने प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और नेटवर्क कनेक्टिविटी शीघ्र पुनः स्थापित करने के निर्देश दिये। आपदा प्रभावित लोगों के लिए आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था के साथ ही प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने तथा प्रभावितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने को लेकर भी सीएम धामी ने पहले ही दिन स्पष्ट निर्देश अधिकारियों को दिये।
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धार्मिक पहचान छिपाकर युवती से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार
हरिद्वार। धार्मिक पहचान छिपाकर युवती से दूष्कर्म करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दुष्कर्म के दौरान बनाये गये वीडियों के जरिए पीड़िता से 50 हजार रूपये की मंाग कर रहा था।
जानकारी के अनुसार बीते रोज थाना बहादराबाद पुलिस को एक शिकायत मिली जिसमें पीडिता ने एक व्यक्ति पर आरोप लगाया कि उसने अपनी पहचान छिपाकर व अपना नाम सोनू बताकर पीडिता के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया व दुष्कर्म की वीडियो बनाकर 50 हजार रूपये की मांग की गई। मामले की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी।
विदित हो कि प्रदेश में ऑपरेशन कालनेमी चलाया जा रहा है जिसके तहत वास्तविक पहचान छिपाकर एंव फर्जी आइड़ी बनाकर आमजन/ महिलाओं का गलत फायदा उठाने वाले तत्वों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। पुलिस टीम द्वारा आरोपी युवक इकबाल की तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश देते हुए कड़ी मशक्कत के बाद मात्र 24 घण्टे के भीतर आरोपी को नगला इमरती बाइपास से गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही आरोपी के सम्बन्ध में जानकारी की जा रही है कि यह किसी गिरोह का सदस्य या कोई गिरोह तो नहीं चला रहा है तथा आरोपी के मोबाइल एवं बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।

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देहरादून आपदाः पांच लापता लोगों की तलाश अब भी जारी
देहरादून। सोमवार रात नदी-नालों के उफान और भूस्खलन की चपेट में आने से लापता हुए तीन और लोगों के शव मिले हैं। यहां मृतकों की संख्या का आंकड़ा 30 पहुंच गया है। अभी पांच लोग लापता हैं, जिनकी खोजबीन की जा रही है।
बता दें कि कार्लीगाड में आए सैलाब के कारण तीन लोग मलबे में दब गए थे, जिसमें से एक का शव बरामद हो गया है। मृतक की पहचान विरेंद्र उरांव निवासी झारखंड के रूप में हुई है।
दूसरी ओर कार्लीगाड, मसंदावाला/बिलासपुर कंडाली, छमरौली/फुलेत में बादल फटने के बाद से लापता हुए 13 लोगों में से छह की तलाश जारी है। लापता लोगों की तलाश में बचाव कार्य लगातार जारी है। विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक अमला राहत कार्यों में जुटा हुआ है।
वहीं प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी के पास पुल का एक हिस्सा टूटने के बाद बंद हुई आवाजाही को देखते हुए वहां पर अस्थाई रूप से रास्ता बनाया जा रहा है। नदी में ही ह्यूम पाइप डालकर सड़क बनाई जा रही है, ताकि जब तक नए पुल का निर्माण नहीं हो जाता इसी रास्ते से वाहनों की आवाजाही बनी रहे।

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नशा मुक्त उत्तराखंड बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने उठाये कड़े कदम
नैनीताल। नशा मुक्त उत्तराखण्ड बनाने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से खासी तैयारियंा कर ली गयी है। आईजी कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल ने कुमाऊ को नशा तस्करों से मुक्त कराने के लिए एक मिशन शुरू कर दिया गया है। जिसके तहत क्षेत्र में सक्रिय लगभग 215 आदतन नशा तस्करों, जिन पर 2 या उससे अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, पर विशेष निगरानी रखे जाने के निर्देश दिये है। साथ ही इसके लिए हर संदिग्ध पर एककृएक उपनिरीक्षक व अपर उपनिरीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बता दें कि राज्य में नशा कारोबार इन दिनों चरम पर है जिसकी चपेट में आकर युवाओ सहित बच्चे व व्यस्क भी अपनी जिदंगी तबाह करने में जुटे हुए है। यह प्रवृत्ति न केवल उनके स्वास्थ्य और भविष्य को अंधकारमय बना रही है, बल्कि परिवार और समाज की नींव को भी हिला रही है। ऐसे कठिन समय में कुमाऊं पुलिस ने ठान लिया है कि नशा कारोबारियों को अब चौन से सांस नहीं लेने दिया जाएगा। उनकी हर गतिविधि पर गुप्त और सघन निगरानी रखी जाएगी तथा योजनाबद्ध तरीके से उन्हें कानून के शिकंजे में कसते हुए कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आईजी रिद्धिम अग्रवाल के स्पष्ट निर्देश दिये है कि सभी नामित उपनिरीक्षक एवं अपर उपनिरीक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके जिम्मे लगाए गए संदिग्धों की वर्तमान आजीविका, रहनकृसहन और रोजमर्रा की गतिविधियों की गहन जांच की जाए। यह भी देखा जाएगा कि संदिग्ध अथवा उसके परिजनों का जीवन स्तर उनकी आय के ज्ञात स्रोतों के अनुरूप है अथवा नहीं। यदि किसी भी प्रकार की असमानता या संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिलते हैं तो उसकी तत्काल तस्दीक कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए। निगरानी कार्यवाही की गोपनीयता बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया है कि संदिग्धों के नामों की सूची पूरे जनपद में न भेजी जाए। केवल उसी उपनिरीक्षक/अपर उपनिरीक्षक को सूची उपलब्ध कराई गई है जिनके कार्यक्षेत्र से वह संदिग्ध संबंधित हो। इस प्रकार कार्यवाही को गुप्त रखा जाएगा ताकि संदिग्धों को किसी भी प्रकार की भनक न लगे और निगरानी प्रक्रिया प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।
निगरानी के दौरान यह प्रमाणित होता है कि कोई संदिग्ध पुनः नशे की तस्करी अथवा बिक्री में संलिप्त है, तो उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट, पीआईटी एनडीपीएस एक्ट और गैंगस्टर्स एक्ट के तहत योजनाबद्ध एवं कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होने कहा है कि सुनियोजित निगरानी और कार्रवाई को प्रभावी बनाने हेतु क्षेत्राधिकारी प्रतिदिन की प्रगति का अवलोकन कर अधीनस्थ कार्मिकों का मार्गदर्शन करेंगे। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक स्तर पर प्रत्येक सप्ताह समीक्षा कर कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन करेंगे। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि निगरानी कार्यवाही केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक धरातल पर परिणाम भी दिखाए। आईजी ने निर्देशित किया है कि नामित उपनिरीक्षक/अपर उपनिरीक्षक और एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई की व्यक्तिगत पाक्षिक समीक्षा की जाएगी। साथ ही, हर माह की 10 तारीख तक विस्तृत रिपोर्ट आईजी कार्यालय में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

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दो दिन के भीतर दो दोस्तों के संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से हड़कंप,हत्या की आशंका
हरिद्वार। जिले के मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के मन्नाखेड़ी गांव के बाद अब लहबोली गांव के जंगल में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृतक युवक मन्नाखेड़ी गांव का निवासी है। दो दिन पहले भी इसी प्रकार से संदिग्ध परिस्थितियों में मन्नाखेड़ी गांव निवासी आकाश का शव भी गांव के जंगल में मिला था। दोनों मृतक आपस में दोस्त बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक, मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के मन्नाखेड़ी में एक बार फिर से कोहराम मच गया। दरअसल, इसी गांव में बीती 18 सितंबर गुरुवार की सुबह 30 वर्षीय आकाश पुत्र मनु राम निवासी मन्नाखेड़ी का शव गांव के पास स्थित खेत में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था, जिसके बाद मृतक के परिजनों ने आकाश की हत्या करने का आरोप लगाया था। वहीं शनिवार को एक बार फिर इसी गांव के रहने वाले 25 वर्षीय शुभम नामक युवक का शव लहबोली गांव के जंगल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है।
बताया गया है कि मृतक शुभम भी शुक्रवार की शाम घर से निकलने के बाद लापता चल रहा था। शनिवार की सुबह किसी व्यक्ति ने उसका शव लहबोली गांव में देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त की तो उसकी शिनाख्त शुभम के रूप में हुई। उधर, जानकारी मिलते ही शुभम के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। बताया गया है कि दो दिन पूर्व मरने वाले आकाश और शुभम आपस में गहरे दोस्त थे। फिलहाल, पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है और मामले की छानबीन में जुट गई है। हालांकि, हत्या है या फिर आत्महत्या। यह तो पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा. लेकिन फिलहाल गांव से लेकर आसपास के इलाकों में इन दोनों घटनाओं ने लोगों को दहला कर रख दिया है। हालांकि पुलिस इन दोनों घटनाओं की हर पहलुओं पर जांच पड़ताल कर रही है। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल का कहना है कि मामला आत्महत्या का लग रहा है। सभी पहलुओं पर मामले की जांच की जा रही है. मौत की वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हो जाएगी।

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लापता किशोरी दोस्त के घर से बरामद,हिन्दू संगठनों ने काटा हंगामा
नैनीताल। जिले के रामनगर में एक किशोरी के लापता होने पर जमकर हंगामा हुआ। बताया जा रहा है कि लापता नाबालिग लड़की एक किशोर के घर से बरामद हुई, जिसके बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने रामनगर कोतवाली में पहुंचकर हंगामा किया। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता इस घटना को लव जिहाद से जोड़ रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने मामले को शांत कराया और आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस से जानकारी मिली कि, आठवीं क्लास की छात्रा रोजाना कोचिंग सेंटर में पढ़ने जाती थी। छात्रा की एक दोस्त ने उसका परिचय अपने एक नाबालिग साथी से कराया। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी। दोनों कई बार मिले भी. आरोप है कि शुक्रवार को भी छात्रा रोजाना की तरह घर से स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। जब बेटी देर शाम तक भी घर नहीं लौटी तो परिजनों को उसकी टेंशन हुई। परिजनों ने स्कूल के टीचरों और मैनेजमेंट के अलावा अन्य लोगों से भी बेटी के बारे में पूछा, लेकिन कहीं से भी बेटी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। काफी खोजबीन के बाद जब कुछ पता नहीं चल पाया तो परिजन मदद के लिए पुलिस के पास पहुंचे और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने अपने स्तर से मामले की जांच की तो पता चला कि छात्रा अपने नाबालिग दोस्त के घर पर है, जहां से पुलिस ने उसे बरामद किया। छात्रा की बरामदगी की खबर जैसे ही नगर में फैली, हिंदूवादी संगठन सक्रिय हो गए। बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता रामनगर कोतवाली पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और इस घटना को लव जिहाद से जोड़ दिया। हिंदूवादी संगठनों की मांग है कि आरोपी किशोर पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने शहर में चल रहे कोचिंग सेंटरों की भी जांच कराने की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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दून में पानी के लिए हाहाकार, कई इलाकों में पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसे लोग
देहरादून। शहर में पानी की किल्लत से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है। पानी के टैंकरों से किल्लत खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन इससे भी कोई खासा असर होता दिखायी नहीं दे रहा है।
शहर में कई स्थानों पर पिछले पांच दिनों से पानी की किल्लत देखने को मिल रही है। जहां एक समय में शहर के बीच नहरों का जाल होने के कारण लोग नहरों से पानी की किल्लत को आसानी से दूर कर लेते थे। लेकिन वर्तमान में नहरों के बंद होने के कारण अब शहर के विभिन्न इलाकों में पानी की किल्लत का जनता को सामना करना पड रहा है। यह हाल तब है जब दून राज्य की राजधानी है और सभी अधिकारी व मंत्री यहां पर रहते है। उसके बावजूद समय-समय पर लोगों को समस्याओं से दो चार होना पडता है। तो फिर अन्य जनपदों के क्या हाल होंगे यह अपने आप साफ हो जाता है।
राज्य बनने से पहले भी पानी की समस्या होती थी लेकिन नहरों के होने के कारण इसी पूर्ति वहां से कर ली जाती थी। पीने के पानी के साथ ही कपडे-बर्तन धोने का कार्य नहरों से हो जाता था जिससे काफी हद तक इस समस्या का समाधान हो जाता था। लेकिन राजधानी बनने के बाद यहां पर बाहरी राज्यों से लोगों का जमावाडा होने के कारण अन्य समस्याओं के साथ ही पानी की समस्या भी मुुंह उठाये खडी हो रही है। इस समस्या का समाधान अब अधिकारियों को समझ नहीं आ रहा है कि इससे कैसे निपटा जाये और यह समस्या आये दिन विकराल रूप ले रही है।
अलग राज्य की राजधानी बनने के बाद अधिकारियों व मंत्रियों ने अपनी सुविधा के अनुसार दून में नहरों को बंद करवा दिया और जनता के बारे में कुछ नहीं सोचा जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड रहा है। बताया जा रहा है कि घंटाघर से राजपुर व डीएल रोड सहित अन्य क्षेत्रों में पिछले पांच दिनों से पानी की ऐसी किल्लत पैदा हुई कि लोगों को टैकरों का सहारा लेना पडा। वहीं टैकरों से पानी लेने के लिए भी आपस में खींचतान देखने को मिली। पानी लेने के लिए लोग एक दूसरे पर चढते दिखायी दिये। यह नजारा राजपुर रोड का है जहां पर जिलाधिकारी आवास के साथ ही सचिवालय व अन्य विभागों के मुख्यालय मौजूद हैं। इसके बाद भी इस समस्या से लोगों को दो चार होना पड रहा है तो यह सोचनीय विषय बन जाता है कि राजधानी में जब यह हाल है तो अन्य जनपदों में क्या हो रहा होगा।

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पहले रिस्पांडर के रूप में डीएम पहुंचे आपदा प्रभावित परिवारों के पास
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बसंल ने प्रथम रिस्पांडर के रूप में आपदा प्रभावित परिवारों के पास पहुंच तहसीलदार व बीडीओ को आपदा प्रभावित क्षेत्र में रहते ही आपदा राहत कार्य हेतु अग्रीम आदेशों तक तैनात के लिए आदेश दिये।
शनिवार को यहां जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्थलीय निरीक्षण के समय दिये गये निर्देशों के क्रम में क्षेत्र दूरस्थ क्षेत्र होने व आवागमन अवरूद्ध होने से क्षति के विस्तृत सर्वेक्षण, राहत कार्यों एवं प्रभावितों को शासनदेशानुसार क्षेत्रान्तर्गत दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त हुई योजनाओं/निर्मित व निर्माणधिन कार्याे के स्टीमेट / प्राकलन तैयार किये जाने व विभागीय अधिकारियों को 20 सितम्बर 2025 से प्रवास किये जाने हेतु दिए अग्रिम आदेशों तक तैनाती की है। अत्यधिक वर्षा के कारण तहसील सदर देहरादून के राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र सरौना, रा.उ.नि. क्षेत्र सिल्ला व रा.अ.नि. क्षेत्र चामासारी में दैवीय आपदा से क्षेत्रवासियों के आवासीय भवन, गौशाला, पशुधन व कृषि भूमि, मोटर मार्गाे, सिचाई गूलों, विघुत आपूर्ति आदि को भारी क्षति हुई है। जिलाधिकारी ने आपदा प्रबन्धन अधिनियमकृ2005 की धारा 34 एवं 72 व अन्य सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत आदेश जारी किए है, डीएम ने स्पष्ट किया है कि इस कार्याे में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी, अन्यथा विधिक कार्यवाही की जायेगी। भूमि कटाव; फसल क्षति; भवन क्षति; पशु हानि आकलन एवं मुआवजे के लिए तहसीलदार; ब्लॉक प्रभारी कृषि; एडीओ उघान; जेई लोनिवी; सिंचाई विभाग के अधिकारी क्षति का आंकलन व अंतिम व्यत्तिफ को मुआवजा वितरण तक मौके पर ही तैनात रहेंगे। फुलेत, छमरोली, सिमयारी, सिल्ला, क्यारी, सिरोना, गांव की पगडंडी, खेत घुम डीएम ने जाना 4 हजार आपदा प्रभावित आबादी का दर्द, हेली का विकल्प छोड़; दुर्गम रास्तों से पैदल व सड़क भ्रमण कर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। लोनिवि के अधिकारियों को भवनो को हुई क्षति की टेक्निकल रिपोर्ट आज ही प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। आपदा में मृतक एवं लापता लेबर का समुचित विवरण प्रस्तुत करने के एक्शन पीएमजीएसवाई को निर्देश दिये। फुलेत में दैवीय आपदा में मलबे से ब्लॉक खाले एंव पैदल रास्ते खोलने के लिए पीएमजीएसवाई को मौके पर ही धन की स्वीकृति ; आज से ही कार्य चालू करने के निर्देश दिये। विघालयों से संबंधित समस्याओं के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी को क्षेत्र का दौरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

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मलबे में दबकर मां और बच्चों की मौत, पर मरते-मरते भी जिंदा रही ममता
चमोली। शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर कुंतरी लगा फाली गांव में आपदा के बाद कई लोग अब तक लापता हैं। रेस्क्यू टीमें दिन रात मलबा हटाने और लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। ग्रामीण भी पूरी ताकत से खोजबीन में लगे हैं, लेकिन इसी तलाश ने एक ऐसी तस्वीर सामने ला दी, जिसे जिसने भी देखा उसका कलेजा फट गया।
38 साल की कांता देवी और उनके 10 साल के जुड़वां बेटे अब इस दुनिया में नहीं रहे। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि जब रेस्क्यू टीम कुंवर सिंह के मकान के अंदर पहुंची तो वहां का मंजर देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं, क्योंकि कांता देवी अपने दोनों बेटों (विशाल और विकास) को सीने से कसकर लगाए हुए मलबे में दबी हुई थीं। मानों आखिरी सांस तक मां ने अपने बच्चों को बचाने की कोशिश की हो, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। बता दें कि, कांता देवी के पति कुंवर सिंह को रेस्क्यू टीम ने 16 घंटे बाद मलबे से जीवित निकाला था लेकिन उनकी पत्नी-बच्चे इस आपदा में नहीं बच सके।
शुक्रवार को इस हादसे में मृत कुल 5 लोगों के शव निकाले गए। रेस्क्यू टीम और ग्रामीणों ने जब मां-बेटों के शव बाहर निकाले तो पूरा गांव सिसकियों से गूंज उठा। बच्चों को गांव की रौनक कहने वाले लोग अब सुन्न हैं। घर-घर मातम है और दिलों में बस यही सवाल क्यों इतनी निर्दयी हो गई यह त्रासदी। आज कुंतरी फाली गांव में सिर्फ खामोशी है, वो खामोशी जिसमें मासूमों की खिलखिलाहट खो चुकी है। मां का प्यार मलबे में दब चुका है और हर घर सिर्फ यही दुआ मांग रहा है कि अब ऐसी तबाही दोबारा न आए।

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फर्जी कस्टमर केयर नंबर से 14 लाख की ठगी करने का आरोपी गिरफ्तार
देहरादून। गूगल फर्जी कस्टमर केयर नम्बर से 14 लाख 8 हजार 800 रूपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी स्वयं को पीएनबी अधिकारी बताकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के नाम पर लिंक व व्हाट्सएप के माध्यम से बैंक विवरण और ओटीपी प्राप्त लोगों को ठगा करता था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, नवनीत सिंह द्वारा जानकारी देते हुये बताया गया कि एक प्रकरण वर्ष 2021 का है, जिसमें पीड़ित निवासी देहरादून ने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज करायी थी। जिसमें पीड़ित ने गूगल पर उपलब्ध फर्जी पंजाब नेशनल बैंक कस्टमर केयर नंबर 18004127881 पर कॉल किया, जहाँ कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को बैंक अधिकारी बताते हुए पीड़ित का विश्वास जीता और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के नाम पर लिंक भेजा तथा बाद में व्हाट्सएप नंबर से अतिरिक्त जानकारी प्राप्त की। आरोपी ने प्राप्त विवरण एवं ओटीपी का दुरुपयोग करते हुए पीड़ित के खाते से कुल 14,08,800 रूपये की धनराशि विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर दी। मामले की जांच के दौरान के दौरान मामला सही पाये जाने पर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। मामले में न्यायालय द्वारा गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया था। साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा अथक प्रयासो के बाद आरोपी मोरादिया हार्दिक कुमार भगवान भाई पुत्र भगवान भाई मोरादिया, निवासी मकान संख्या 736, स्वर्ग रेजीडेन्सी, अतोदरा, ओलपाड, सूरत सिटी, चौक बाजार, गुजरात को गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ में आरोपी द्वारा बताया गया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने पैतृक निवास क्षेत्र में छिपकर रह रहा था। इसी दौरान वह गुप्त रूप से अपने साथियों के संपर्क में रहकर विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों को अंजाम देता आ रहा था। आरोपी ने यह भी खुलासा किया कि वह लगातार फर्जी पहचान पत्र, अलगकृअलग मोबाइल नंबर और विभिन्न बैंक खातों का प्रयोग करके धोखाधड़ी करता था, ताकि पीड़ितों को ठगा जा सके और पुलिस की पकड़ से बचा जा सके।

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चमोली पहूंचे सीएम धामी,किया आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण,लोगों से की मुलाकात
चमोली। नंदानगर आपदा के तीसरे दिन भी मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हालातों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कुरुड़ हेलीपैड पहुंचे। जहां चमोली डीएम ने उन्हें हालातों की जानकारी दी। इसके बाद सीएम धामी चमोली नंदानगर में आपदा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान सीएम धामी ने ग्राउंड पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का अपडेट लिया। साथ ही सीएम धामी ने आपदा प्रभावितों से भी मुलाकात की।
इस दौरान सीएम धामी ने चमोली जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्र नंदानगर पहुंचकर प्रभावितों और पीड़ितों को ढांढस बंधाया। साथ ही सीएम धामी ने आपदा पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सीएम धामी ने कहा उनकी सरकार हर हाल में पीड़ितों के साथ खड़ी है।
नंदानगर आपदा में अब तक मलबे से 5 शवों को बरामद कर लिया गया है। दो लोगों को मलबे से जीवित निकाला गया है। अभी भी तीन लोग लापता हैं। जिनकी तलाश की जा रही है। नंदानगर आपदाग्रस्त इलाकों में पुलिस व प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं स्थानीय लोगों के सहयोग से रेस्क्यू एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। कुंतरी लगा फाली गांव में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर सर्विस, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने गहन सर्चिंग अभियान चला रहा है।
17 सितंबर की रात नंदानगर क्षेत्र के कुंतरी, धुर्मा गांव में अतिवृष्टि से हालात बिगड। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, घटना में पहले 12 लोगों के मलबे में लापता होने की खबर आई। जिसमें से 7 शव निकाले जा चुके हैं। दो व्यक्तियों का मलबे से सकुशल रेस्क्यू किया गया। अभी भी कुछ लोग लापता हैं। जिनके लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। कुंतारी लगा फाली, धुर्मा वार्ड में में 27 से 30 भवन व गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।
सीएम धामी आपदा के पहले ही दिन से हालातों पर नजर बनाये हुये हैं। सीएम धामी ने राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होने के निर्देश दिये। अधिकारियों प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के साथ ही लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए कहा। इसके साथ ही सीएम धामी ने प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और नेटवर्क कनेक्टिविटी शीघ्र पुनः स्थापित करने के निर्देश दिये। आपदा प्रभावित लोगों के लिए आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था के साथ ही प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने तथा प्रभावितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने को लेकर भी सीएम धामी ने पहले ही दिन स्पष्ट निर्देश अधिकारियों को दिये।

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एटीएम में पत्ती लगाकर रूपए निकालने के आरोप में  तीन गिरफ्तार
हरिद्वार। एटीएम में लोहे की पत्ती लगाकर लोगों के पैसे निकालने वाले तीन शातिरों को पब्लिक ने दबोच लिया। जिनके पास से लोहे की पत्तियंा व अन्य सामान बरामद हुआ है। पब्लिक द्वारा आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पकड़े गए युवकों में से एक जेल में यह कारनामा सीखकर आया था। पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हे अदालत में पेश किया जहंा से उन्हे जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के ढंडेरा में रविंद्र पुत्र अशोक राणा, शिवम पुत्र विपिन एवं अन्य लोगों ने एक बैंक एटीएम से तीन युवकों को रंगे हाथ पकड़ा गया है। यह युवक एटीएम में लोहे की पत्ती लगा देते थे और जब लोग पैसा निकालने एटीएम में आते थे तो पैसे एटीएम से बाहर नहीं आ पाते थे। लोगों के जाने के बाद उक्त युवक एटीएम में जाकर पैसा निकाल लेते थे। तीनों युवकों को मौके पर पकड़े जाने के बाद वहंा लोगों की भारी भीड़ भी जमा हो गई। जिसके बाद सूचना पुलिस को दी गई मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को हिरासत मे लेकर उन्हे कोतवालरी पहुंचाया। पूछताछ में उन्होने अपना नाम जमाल पुत्र हुसैन अहमद निवासी जैनपुर झंझेडी, सलमान पुत्र मुन्तियाज निवासी पठान चौक लंढौरा और आदित्यपाल पुत्र स्व. मदनलाल मोहल्ला गढ़रियान मंगलौर बताए । जमाल ने बताया कि उसका दोस्त सलमान 2016 में लंढोरा में हुए बवाल के बाद जेल गया था जहां उसकी मुलाकात लोनी निवासी आरिफ और अफरोज के साथ हुई। उन दोनों ने सलमान को एटीएम से पैसे निकालने का यह तरीका सिखाया है। जेल से आने के बाद सलमान ने जमाल और आदित्य पाल के साथ मिलकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। बताया कि वह रुड़की, भगवानपुर, झबरेड़ा, मंगलौर आदि क्षेत्रों इस तरह की वारदातों को अंजाम दे चुके है।

*कुछ गलत नहीं किया तो जांच से डरना कैसा : भट्ट*

*न्यायालय से सजा मिलने में समय, जनता की अदालत में हरदा दोषी साबित : भट्ट*

देहरादून 20 सितम्बर। भाजपा ने सीबीआई जांच को लेकर पूर्व सीएम हरदा की चिंता पर कटाक्ष किया कि कुछ गलत नहीं किया तो डरने की जरूरत नही। प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने तंज किया कि इस पूरे प्रकरण में वादी प्रतिवादी दोनों एक ही पार्टी में हैं लेकिन सबूत जनता के सामने है। लिहाजा न्यायिक प्रक्रिया से पहले ही जनअदालत उन्हें दोषी करार दे चुकी है।

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, पूरी वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए इस मामले में भी जांच आगे बढ़ रही है। लिहाजा आरोपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम की चिंता और आरोप बेबुनियादी हैं। कहा, आईने की तरह यह बात साफ है कि यदि हरीश रावत ने कुछ भी गलत नहीं किया तो उन्हें किसी भी जांच से डरने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। लेकिन वे जानते हैं कि वे दूध के धुले नहीं है और उनकी दाल भी पूरी तरह से काली है। यही वजह है कि किसी और से संबंधित मसले पर में सीबीआई सही लगती है और अपनी प्रकरण में खराब। इसलिए कभी वे सीबीआई की तारीफ करते हैं तो कभी उसे परेशान करने वाली एजेंसी बताते हैं।

उन्होंने कहा 2016 में अपनी सरकार बचाने के लिए राज्य के संसाधनों को लूटने का लाइसेंस देते वे कैमरे पर दिखाई दिए। वे देश के पहले मुख्यमंत्री हैं जो भ्रष्टाचार का टॉप अप करने की अनुमति देते पाए गए। उन्होंने तंज किया कि आरोपी और आरोप लगाने वाले, दोनों एकसाथ कांग्रेस पार्टी में हैं। लिहाजा कांग्रेस सरकार होती तो मामला दबा दिया जाता । लेकिन इस पूरे प्रकरण में जनता इसमें असली पीड़ित और वादी है और भाजपा सरकार उनकी पैरोकार। इसलिए जनता के हक पर डाका डालने वाला कोई कितना भी बड़ा और शक्तिशाली हो, बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के पूर्णतया पालन करते हुए आरोपियों के दोषी साबित होने में अभी समय हो। लेकिन जनता की अदालत उन्हें पहले ही दोषी मान चुकी है, जिसके क्रम में उन्हें 2017 और 2022 की हार के साथ आजीवन राजनैतिक पराजय की सजा सुनाई का चुकी है।

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*शंकराचार्य जी ने धर्मादेश जारी कर सरकार को अविलंब गोचर भूमि मुक्त को कहा*

भागलपुर,बिहार,20.9.25

गौमाता के प्राणों की रक्षा एवं गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने हेतु गौमतदाता संकल्प यात्रा के अंतर्गत भागलपुर पहुचें परमाराध्य परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज ने गौमतदाता संकल्प सभा में एक धर्मादेश जारी कर बिहार सरकार को अविलंब गोचर भूमि को खाली करने हेतु कहा।

परमधर्माधीश शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि बिहार में गौशालाओं की दुर्दशा व अनेकों स्थानों पर गौशालाओं के बन्द हो जाने का मुख्य कारण भू-हदबंदी कानून है जिसके अंतर्गत गौभक्तों द्वारा गोशाला के गायों का संरक्षण,संवर्धन व संपोषण हेतु दान में प्रदत्त भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया था।पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि श्रीगोशाला भागलपुर की स्थापना समाज के प्रबुद्ध गौभक्तों द्वारा की गई थी।तब से लेकर आजतक अबाध रूप से भागलपुर गोशाला में गायों का संरक्षण,संवर्धन व संपोषण,रखरखाव व सेवा गौभक्तों द्वारा की जा रही है।इन गौभक्तों द्वारा गोशाला में गौधन के संरक्षण व संपोषण हेतु लगभग हजार बीघा से अधिक जमीन की व्यवस्था गोशाला को दान देकर किया था।ऐसी ही व्यवस्था पूरे बिहार के अन्य गोशालाओं में वहा के गौभक्तों द्वारा किया गया था।लेकिन आपातकाल के समय मे तत्कालीन सरकार ने केवल भागलपुर के गोशाला की 200 बीघा से अधिक जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया था।यही कार्य बिहार के अन्य गोशालाओं के साथ किया गया था।बिहार के गोशालाओं हेतु यह कृत्य अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण साबित हुआ।यही नही आगे चलकर खुद को यदुवंशी,गौभक्त व कृष्ण का वंशज बताने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में बाकी बची हुई गौचर भूमि का भी अधिग्रहण कर लिया गया।यह सरकार द्वारा गौशाला हेतु दी गई कोई सरकारी भूमि नही थी जिसे सरकार ने वापस ले लिया।यह सनातनधर्मी गौभक्तों द्वारा मेहनत से अर्जित भूमि श्रद्धा से गौसेवा हेतु दान दी गई थी।और दान में दी गई भूमि का अधिग्रहण करने का अधिकार सरकार को भी नही है।

पूज्यपाद श्रीशंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि अधिग्रहण की गई भूमि का अभी तक सरकार द्वारा वितरण नही किया गया है।अगर सरकार चाहे तो एक कानून बनाकर उपरोक्त अधिग्रहण की गई समस्त जमीन को सम्बंधित गोशालाओं को वापस कर सकती है।पर वोट की राजनीति के स्वार्थ के कारण सरकार द्वारा अभी तक ऐसा निर्णय नही लिया जा सका है।उसी समय से श्रीगोशाला भागलपुर एवं बिहार की अन्य गोशालाएं अपनी गायों के संवर्धन व संपोषण हेतु अपनी जमीन वापस लेने हेतु संघर्षरत हैं।और जिन गोशालाओं के पास थोड़ी बहुत जमीन बची है उसपर भी बाहुबलियों व असामाजिक तत्वों ने कब्जा कर लिया है।

पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज ने साथ ही कहा कि बिहार की सभी गोशालाओं पर सरकार का नियंत्रण है।सरकार के निर्देशानुसार बिहार की सभी गोशालाओं के अध्यक्ष शहर के अनुमंडल पदाधिकारी(SDO) हुआ करते हैं।फिर भी इक्षाशक्ति के अभाव में न तो अधिग्रहण की गई भूमि को वापस लिया जा सका है और न ही अतिक्रमित भूमि पर गोशालाओं को कब्जा दिलाने हेतु सरकार कोई ठोस कदम उठा रही है।समुचित संसाधनों और बिना किसी अतिरिक्त आय के साधन व धनाभाव में बिहार की अधिकतर गोशालाएं बन्द हो चुकी हैं और बाकी भी बन्द होने के कगार पर खड़ी हैं।गोशालाओं का मुख्य उद्देश्य केवल वृद्ध,अशक्त,असहाय व दूध न देने वाली गौमाता की सेवा और कसाइयों से बचाकर उनका पालन पोषण करना ही है।जो बिना आय के श्रोत के सम्भव नही है जिसे सरकार ने रोक रखा है।

*वोट आपका है,लेकिन सरकार और नेता आपके नही हैं*

पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि हिन्दू के वोट से बनी सरकार यदि गाय को बोटी बोटी काटकर डालर कमा रही है तो ये सनातनधर्मियों की कमजोरी है।नेता कहते हैं कि यह धर्म निरपेक्ष देश है,इसमें कई पन्थ व मजहब के लोग रहते हैं इसलिए हम गौरक्षा कैसे करें?लोकतंत्र में बहुमत देखकर ही जब हम सत्ता देते हैं तो नेताओं द्वारा सनातनी बहुमत की आवाज को क्यों दबाया जाता है।देश का बहुसंख्यक समाज गौहत्या के खिलाफ है,इसलिए लोकतंत्र के इस मूल भावना का संरक्षण करना सबका दायित्व है।
हमारा कोई राजनैतिक एजेंडा नही है गौमाता के प्राणों की रक्षा हमारा उद्देश्य है,जो पार्टी इसके निमित्त सामने आएगी हम उसका साथ देंगे।सबका साथ सबका विश्वास के चक्कर मे गौहत्यारों व गौभक्तों दोनो को साथ लेने की कोशिश की जा रही है लेकिन गौहत्यारा हमारा भाई नही शत्रु है।आप सब सनातनी गौमाता हेतु वोट करने का दृढ़संकल्प ग्रहण कर लो।लोकतंत्र में आरजकता से नही वोट के ताकत से अपनी बात मनवाई जा सकती है।

उपरोक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सर्वश्री-स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुंदानंद जी महाराज,दण्डी स्वामी श्रीनिधिरव्ययानन्द सागर,लक्ष्मीनारायण डोकानिया,रामगोपाल पोद्दार,बनवारी लाल खेतान,अतुल ढाढनिया,सुनील जैन,रोहित बाजोरिया,दीपक खेतान मंयक सिंघानियां,सत्यनारायण पोद्दार,गिरधारी केजरीवाल,देवेंद्र पाण्डेय,शैलेन्द्र योगी सहित भारी संख्या में गौभक्त बिहारवासी उपस्थित थे।

उक्त जानकारी शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी है।

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“मानसून 2025 क्षति पर सचिव आपदा प्रबंधन की वीसी बैठक”

“क्षति फॉर्मेट में SDRF अंतर्गत एवं बाहर की क्षति का विवरण अनिवार्य”

आज शनिवार को जिला कार्यालय, टिहरी गढ़वाल के वीसी कक्ष में सचिव, आपदा प्रबन्धन विभाग, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक वीसी के माध्यम से मानसून-2025 के दौरान विभागीय परिसम्पत्तियों को हुई क्षति की समीक्षा हेतु संपन्न हुई।

सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग ने उपस्थित अधिकारियों को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश साझा करते हुए निर्देशित किया कि जनपद में हुई क्षति का विवरण निर्धारित फॉर्मेट में प्रस्तुत किया जाए। इसमें क्षति की धनराशि SDRF के अंतर्गत कवर एवं नॉट कवर श्रेणीवार स्पष्ट रूप से दर्शाने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को सोमवार तक क्षति का पूर्ण विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही परियोजना निदेशक पुष्पेंद्र चौहान को समस्त ब्लॉकों से आंकड़े संकलित कर जिला कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा।

इस मौके पर सीएमओ डॉ श्याम विजय, पीडी डीआरडीए पुष्पेंद्र चौहान सहित आपदा, पेयजल, जल संस्थान, सिंचाई, लघु सिंचाई, पीएमजीएसवाई, कृषि एवं भूमि संरक्षण विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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“रोड़ सेफ्टी एवं फस्ट रिस्पॉडेंट ट्रैनिंग कार्यक्रम हुआ संपन्न”

 

जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल द्वारा प्रदत्त निर्देशो के क्रम में आज दिनाक 20-09-2025 को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, टिहरी द्वारा रोड़ सेफ्टी एवं फस्ट रिस्पॉडेंट ट्रैनिंग कार्यक्रम बैराडी स्थित गौरव प्लैस के सभागार में आयोजित किया गया।

उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक जोध राम जोशी द्वारा की गई। इस कार्यक्रम में अपर जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ० जितेन्द्र सिंह भण्डारी के दिशा निर्देशन में जिला चिकित्सालय के चिकित्साधिकारी डा० हरविंन्द्र सिंह रावत, निर्सिंग आफिसर दीपक एवं श्वेता द्वारा रोड़ सेफ्टी फस्ट रिस्पोंडर के प्रशिक्षण के अन्तर्गत घायल व्यक्ति को दिये जाने वाले प्राथमिक उपचार सम्बन्धी ABC का नियम समझाते हुए एयर वे, ब्रीथिंग एवं सर्कुलेशन सम्बन्धित आवश्यक जानकारी से अवगत कराया गया।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, टिहरी सतेन्द्र राज के दिशा-निर्देशन में आयोजित उक्त कार्यक्रम में जनपद टिहरी की विभिन्न संस्थाओं यथा टैक्सी मैक्सी यूनियन, टीजीएमओ एवं यातायात यूनियनो, स्वयं सेवी संस्थाओं, के लगभग 130 से अधिक प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। उक्त कार्यक्रम में सम्मलित एस० बी० आई० के लीड बैक मैनेजर मनीष मिश्रा द्वारा वाहन स्वामियो को सरकार द्वारा बैंक एवं बीमा कम्पनियों के माध्यम से मिलने वाले लाभों के सम्बन्ध में विस्तार से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य प्रकार से घायल व्यक्तियों के जीवन रक्षण हेतु गुड सेमिरटन एवं फस्ट रिस्पोंडर के रूप में आगे आने हेतु प्रोत्साहित किया गया। सहायक सभागीय परिवहन अधिकारी टिहरी द्वारा फस्ट रिस्पोंडर, राहवीर योजना, सड़क दुर्घटनाओ में घायल व्यक्तियो के “कैशलैस उपचार” योजना एवं गोल्डन आवर की अवधारणा इत्यादि से अवगत कराया गया।

इस अवसर पर उप संभागीय परिवहन कार्यालय के अन्य सभी अधिकारी एव कर्मचारी सहित उत्तम सिंह तड़ियाल (अध्यक्ष, टैक्सी-मैक्सी यूनियन चम्बा), विजय सिंह नेगी (प्रभारी टीजीएमओ), सुरेन्द्र सिंह रावत (अध्यक्ष, टैक्सी मैक्सी यूनियन, बैराडी), सुतन सिंह पंवार (सचिव, टैक्सी मैक्सी यूनियन, बैराडी), राजीव गुसाई (अध्यक्ष, टैक्सी मैक्सी यूनियन, घनसाली) महावीर सिंह रावत (भवान) एवं विजयपाल सिह बेलवाल (थत्यूण, धनौल्टी) आदि उपस्थित रहे।

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आज पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय सौड़खांड में विद्यालय परिवार द्वारा धूमधाम से विद्यालय का स्थापना दिवस मनाया गया, इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट,

आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक,चार्टेड अकाउंटेंट श्री राजेश्वर प्रसाद पैन्यूली रहे, उन्होने विद्यालय स्थापना से जुड़ी तमाम स्मृतियों को भी ताज़ा किया व विद्यालय परिवार को बधाई दी, साथ ही विद्यालय के लिए जमीन देने वाले सभी दानी दाताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया व सभी बच्चोँ को उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनायें प्रेषित किया.इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री दिनेश व्यास, राज्य आंदोलनकारी श्री देवी सिंह पँवार, राइका गलियाखेत के प्रधानाचार्य श्री दिवाकर प्रसाद पैन्यूली, सौड़ के प्रधान श्री नीलकंठ व्यास आदि ने अपने विचार रखे, कार्यक्रम में श्री राजेश्वर प्रसाद पैन्यूली ने कुड़ी के प्रधान श्री सुरेन्द्र रावत व सौड़ के प्रधान श्री नीलकंठ व्यास को शॉल ओढाकर सम्मानित किया व साथ ही विद्यालय के वार्षिकोत्स्व में सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले बच्चोँ को नगद पुरुष्कार भी दिया.इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री वेदप्रकाश शर्मा जी ने सभी का धन्यवाद दिया, कार्यक्रम का संचालन बारी बारी से विद्यालय के शिक्षक श्री संजय पंत व श्री राघवेंद्र दीक्षित ने किया, साथ ही विद्यालय के सीनियर छात्र छात्राओं ने भी किया, कार्यक्रम के समापन में वरिष्ठ शिक्षक श्री मनोज धूलिया ने कार्यक्रम को सुचारु रूप से सम्पन्न करने के लिए सभी का धन्यवाद दिया. इस अवसर पर नैपड़ के पूर्व प्रधान श्री माता प्रसाद भट्ट, लिखवार गांव के पूर्व प्रधान चंद्रशेखर पैन्यूली,पूर्व क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि श्री त्रिलोक रावत,पूर्व उप प्रधान श्री गणेश प्रसाद रतूडी, श्री महेश व्यास, श्री उमाशंकर व्यास, श्री गुलाब सिंह रावत, पूर्व प्रधान श्री जगत प्रसाद व्यास, श्री सुधीर व्यास, श्री हुक्कम सिंह रावत,क्षेत्र पंचायत सदस्य पूजा व्यास,श्री बिहारी लाल व्यास, श्री अमित व्यास, श्री महेश पैन्यूली, श्री बलवीर सिंह, श्री आनंद सिंह, श्री दौलतराम, श्री शूरवीर सिंह आदि ग्रामीण व अभिभावक सहित विद्यालय परिवार के शिक्षक शिक्षिकायें, प्रशासनिक कार्मिक व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे.
चंद्रशेखर पैन्यूली
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कुण्ड गांव के लिए हेली के 2 राउंड में 40 राशन किट तथा आवश्यकतानुसार सोलर लाइट दी गयी

रगड़गांव के लिए 3 हेली के राउंड में 67 राशन किट भेजी गई।