*LIVE: देहरादून में स्थानीय दुकानदारों से दीये एवं स्वदेशी उत्पादों खरीदते हुए*
*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चकराता रोड स्थित स्थानीय दुकानों से की दीपावली की खरीदारी, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का दिया संदेश*


*सीएम धामी बोले — “स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देना ही सच्ची दीपावली है, स्वदेशी अपनाएं – आत्मनिर्भर भारत बनाएं”*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपावली पर्व के अवसर पर आज देहरादून स्थित चकराता रोड की स्थानीय दुकानों से मिट्टी के दीये, बर्तन एवं अन्य पारंपरिक स्वदेशी सामानों की खरीदारी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों, कुम्हारों और हस्तशिल्पकारों से संवाद भी किया तथा उन्हें पारंपरिक कलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री ने दीपावली की खरीदारी के दौरान डिजिटल भुगतान (UPI) के माध्यम से सामान खरीदा और आम जनता से भी आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी करें, जिससे छोटे व्यवसायियों, कारीगरों और स्वावलंबी भारत के संकल्प को मजबूती मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि,
“ *दीपावली का पर्व प्रकाश और समृद्धि का प्रतीक है। इस शुभ अवसर पर हमें अपने देश के कारीगरों और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करना चाहिए। स्वदेशी उत्पादों की खरीद न केवल हमारी परंपरा को जीवित रखती है, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को भी सशक्त बनाती है।”*
दीपावली की खरीदारी के दौरान मुख्यमंत्री श्री धामी ने चकराता रोड पर स्थित दुकानदारों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत भी की। दुकानदारों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस वर्ष जीएसटी की कम दरों के कारण सामान सस्ता हुआ है, जिससे बिक्री पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार दीपावली के दौरान व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘स्वदेशी अपनाओ’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान का भी परिणाम है, जिसके चलते लोगों ने स्थानीय दुकानदारों से अधिक से अधिक खरीदारी की है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस दीपावली पर घरों को स्वदेशी मिट्टी के दीयों से रोशन करें और भारतीय परंपरा व संस्कृति की खुशबू को अपने उत्सवों का हिस्सा बनाएं।
मुख्यमंत्री की इस पहल से स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों में हर्ष और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
LIVE: देहरादून में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम*
: *जिला सूचना कार्यालय, जनपद रुद्रप्रयाग, 22 अक्टूबर 2025*
*मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा, पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रियों की सुविधाओं का किया निरीक्षण*
*बाबा केदारनाथ के दर्शन कर लिया आशीर्वाद, वर्ष 2026 की यात्रा तैयारियों के दिए निर्देश*
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने आज बुधवार को पवित्र केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान बाबा केदारनाथ के दर्शन किए और धाम परिसर में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने धाम क्षेत्र में विभिन्न फेज़ों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और कार्य निष्पादन की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी प्रतीक जैन से धाम में चल रहे सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सौंदर्य और धार्मिक आस्था का विशेष ध्यान रखा जाए।उन्होंने कहा कि कल, 23 अक्टूबर को बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने जा रहे हैं, उन्होंने निर्देश दिए कि कपाट बंद होने के बाद भी धाम क्षेत्र में सुरक्षा, सामग्री संरक्षण और बर्फबारी की स्थिति में कार्यों के रखरखाव को लेकर पूरी तैयारी रखी जाए।मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि अब से ही अगले यात्रा सत्र 2026 की तैयारी प्रारंभ कर दी जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाओं की पूर्व योजना (pre-planning) तैयार की जाए ताकि अगले यात्रा सीजन में यात्रियों को और भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, संचार, परिवहन, सुरक्षा, और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत करने पर बल दिया।।
इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय और सहयोग से कार्य कर रहे हैं।
मुख्य सचिव ने धाम क्षेत्र में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि केदारनाथ धाम आज पूरे देश में पुनर्निर्माण और पुनरुत्थान का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ,प्रसासन का लक्ष्य केवल भौतिक निर्माण नहीं, बल्कि आस्था और सुविधा का संतुलित संगम सुनिश्चित करना है, ताकि श्रद्धालुओं को एक पवित्र, सुरक्षित और दिव्य अनुभव प्राप्त हो।
इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मुख्य कार्याधिकारी मंदिर समिति विजय थपलियाल, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, अधिशासी अभियंता डी.डी.एम. विनय झिंकवाण तथा ए.आर.टी.ओ. रुद्रप्रयाग धर्मेंद्र सिंह बिष्ट एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
: *मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दिखाई मानवीय संवेदनशीलता — ब्लड कैंसर पीड़ित बालक के उपचार हेतु परिजनों से की बात, हरसंभव सहायता का दिया आश्वासन*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर अपनी मानवीय संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री जी ने कोटद्वार (जिला पौड़ी गढ़वाल) निवासी श्रीमती प्रीति नेगी से दूरभाष पर वार्ता कर उनके 12 वर्षीय पुत्र सुशांत नेगी के स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की।
श्रीमती प्रीति नेगी ने अपने पुत्र, जो ब्लड कैंसर से पीड़ित है, के उपचार हेतु सहायता की मांग को लेकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र प्रेषित किया था। पत्र का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री जी ने व्यक्तिगत रूप से श्रीमती नेगी से संपर्क साधा और बालक सुशांत के उपचार की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि सरकार हर जरूरतमंद व्यक्ति के साथ खड़ी है और किसी भी असहाय परिवार को अकेला महसूस नहीं होने देगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार द्वारा सुशांत के उपचार में हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री जी ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर बालक के उपचार हेतु यथाशीघ्र मदद उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसके उपचार में कोई बाधा न आए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का यह कदम प्रदेश में जनसरोकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता का एक और उदाहरण है।
*LIVE: श्री केदारनाथ धाम में पूजा-अर्चना करते हुए*
[23/10, 10:40 am] Dg Vanshidhr Tiwari: अपडेट
*कपाट बंद होने के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी श्री केदारनाथ धाम पहुंचे*
*सीएम धामी ने प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को कपाटबंद होने के मौके श्री केदारनाथ धाम पहुंच, प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की है। मुख्यमंत्री ने धाम में चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया।
सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र केदारनाथ मंदिर के कपाट गुरुवार को शीतकाल के लिए विधि विधान के साथ बंद हो गए हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी भी खास तौर पर केदारनाथ पहुंचे, उन्होंने श्री केदारनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना करते हुए, प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और तीर्थयात्रियों से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन हेतु पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के सुनियोजित प्रयासों से इस बार की चार धाम यात्रा सफल और सुचारू रूप से संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा ना सिर्फ प्रदेश की आर्थिकी में अहम योगदान देती है, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड को दुनिया भर में रहने वाले सनातन धर्मावलंबियों से भी जोड़ती है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर केदारनाथ धाम क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मे नेतृत्व में उत्तराखंड के चार धामों के साथ ही मानसखंड से जुड़े मंदिरों में भी विभिन्न विकास कार्य पूरे किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2026 की यात्रा के लिए अभी से रणनीति तय की ली जाए, ताकि समय रहते यात्रा प्रबंध पूरे किए जा सकें, उन्होंने यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराने में तीर्थ पुरोहितों, हक हकूकधारियों, स्थानीय कारोबारियों और तीर्थ यात्रियों का विशेष आभार व्यक्त किया।
*इस वर्ष चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड तीर्थयात्री पहुंचे, बाबा केदार के धाम की यात्रा अब सकुशल सम्पन्न हो चुकी है। हम सब पर बाबा का आशीर्वाद बना रहे, प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को सनातन धर्म की आध्यात्मिक राजधानी के तौर पर विकसित कर रही है।*
*पुष्कर सिंह धामी, मख्यमंत्री*
*LIVE: खटीमा में आयोजित “मुख्यसेवक युवा संवाद” कार्यक्रम*
: *उत्तराखंड को विश्व बैंक से मिलेगा 680 करोड़ रुपये का सहयोग — वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण के लिए भारत सरकार ने दी बड़ी अनुशंसा*
*राज्य में वित्तीय पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और सेवा वितरण में सुधार हेतु “Strengthening Public Financial Management for Improved Service Delivery in Uttarakhand” परियोजना को विश्व बैंक के विचारार्थ भारत सरकार ने किया अनुशंसित*
उत्तराखंड सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय, आर्थिक मामलों के विभाग (एफ.बी. प्रभाग), नई दिल्ली ने राज्य की महत्वाकांक्षी परियोजना *“Strengthening Public Financial Management for Improved Service Delivery in Uttarakhand ”* को विश्व बैंक के विचारार्थ अनुशंसित किया है।
इस परियोजना के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार ने राज्य में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सक्षम, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने तथा सेवा प्रदाय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विश्व बैंक से लगभग ₹680 करोड़ (लगभग 80 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की बाह्य सहायता का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा इस प्रस्ताव को विश्व बैंक भारत कार्यालय, नई दिल्ली के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर श्री पॉल प्रूसी को औपचारिक रूप से प्रेषित किया गया है। पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि उत्तराखंड सरकार के इस प्रस्ताव की प्रति संलग्न करते हुए इसे विचार एवं स्वीकृति हेतु अनुशंसित किया जा रहा है।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की वित्तीय प्रणाली को तकनीकी रूप से अधिक आधुनिक, कुशल और पारदर्शी बनाना है, ताकि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ जनता तक तेजी, सटीकता और पारदर्शिता के साथ पहुंच सके। परियोजना के तहत वित्तीय प्रबंधन, बजट नियंत्रण, लेखा प्रणाली, व्यय प्रबंधन और सेवा वितरण के क्षेत्रों में संरचनात्मक सुधार लागू किए जाएंगे।
*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्त की प्रसन्नता*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अनुशंसा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “ *यह उत्तराखंड के वित्तीय सुधार और सुशासन के प्रयासों की बड़ी स्वीकृति है। राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है कि प्रत्येक सरकारी रुपया जनता के हित में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ व्यय हो। विश्व बैंक की यह संभावित सहायता राज्य की वित्तीय प्रणालियों को डिजिटल, सुदृढ़ और परिणामोन्मुख बनाएगी।”*
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से राज्य में राजकोषीय अनुशासन, वित्तीय डेटा पारदर्शिता, और सेवा प्रदाय तंत्र की गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार आएगा।
उत्तराखंड सरकार के वित्त विभाग के अनुसार, यह परियोजना राज्य की ई-गवर्नेंस और डिजिटल पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट को नई दिशा देगी। इससे राज्य के प्रत्येक विभाग में वित्तीय अनुशासन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।
यह पहल उत्तराखंड को एक वित्तीय रूप से सुदृढ़, पारदर्शी और उत्तरदायी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगी। भारत सरकार एवं विश्व बैंक के सहयोग से राज्य की वित्तीय प्रशासनिक संरचना को सशक्त बनाने के साथ-साथ नागरिकों तक सरकारी सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी।
*मुख्य सचिव ने रजत जयंती कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर की अधिकारियों के साथ बैठक*
*प्रदेश का रजत जयंती समारोह पूरे प्रदेश में मनाया जाएगाः मुख्य सचिव*
*1 नवंबर से 9 नवंबर तक पूरे प्रदेश में होंगे विभिन्न कार्यक्रम*
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरूवार को सचिवालय में नवम्बर माह में प्रस्तावित रजत जयंती समारोह की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती समारोह का आयोजन प्रदेशभर में किया जाए। बैठक के दौरान 01 नवम्बर से 09 नवम्बर तक पूरे प्रदेश में आयेाजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की रूपरूरेखा तैयार की गयी।
मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग एवं पर्यटन के साथ ही सड़कों एवं नेटवर्क की कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उपलब्धियां अर्जित की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में पिछले 25 साल की उपलब्धियों के साथ ही अगले 25 सालों का रोडमैप भी प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय एवं राज्य स्तरीय कार्यक्रमों को सभी विभाग आपसी सामंजस्य के साथ आयोजित करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि 01 नवम्बर से 09 नवम्बर तक प्रत्येक दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में श्रमिकों, किसानों, पूर्व सैनिकों और महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, श्री एल. फैनाई, श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा , सचिव श्री नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री दीपेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री युगल किशोर पंत एवं श्री धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय खटीमा में आयोजित हुआ मुख्य सेवक युवा संवाद कार्यक्रम।*
*राज्य में 1100 से अधिक स्टार्टप्स को मान्यता देते हुए अत्याधुनिक 15 इंक्यूबेटर स्थापित किए गए*
*उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए युवा- सीएम*
युवा संकल्प लेकर लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़े व कैरियर बनाते हुए उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा कैम्प कार्यालय में आयोजित मुख्य सेवक युवा संवाद कार्यक्रम में कही।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को सम्बोधित करते कहा कि जब युवा ऊर्जा, उम्मीद और सकारात्मक सोच से भरे हों, तो माहौल अपने आप उत्साह से भर जाता है। मेरे अनुभव ने मुझे बताया है कि “जिस देश के युवा ठान लें वे अपने देश को शिखर पर ले जाना चाहते हैं, तो उस देश को आगे बढ़ने से कोई भी नहीं रोक सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत की आर्थिक और सामाजिक प्रगति इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि हमारे युवा सजग और जागरूक है। आज दुनिया भारत को आशा और विश्वास की दृष्टि से देखती है, क्योंकि भारत का जन भी युवा है और भारत का मन भी युवा है। भारत अपने सामर्थ्य से युवा है। भारत अपने सपनों और चिंतन से युवा है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा आधुनिकता को अपनाया है और परिवर्तन को स्वीकार किया है और यही वजह है कि आज भारत से आने वाली आवाज़ “दुनिया की दिशा तय कर रही है।” उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कि कई बच्चों के घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, संसाधन सीमित होते हैं, लेकिन इच्छाशक्ति होने पर पर्वत भी रास्ता दे देते हैं।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आज उत्तराखंड के हजारों युवा सेना और डिफेंस सेवाओं में, सरकारी और प्राइवेट नौकरियों में, स्टार्टअप्स और नए व्यवसायों में, बेहतरीन काम कर रहे हैं। आज यहां मौजूद वे युवा जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं या अन्य स्वरोजगार के कार्य प्रारंभ किए हैं, ये इसका स्पष्ट प्रमाण हैं। ये भी आपकी ही तरह ही संघर्ष और मेहनत करके यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि आज भारतीय संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने के साथ ही आदरणीय मोदी जी भारत को आगामी 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के मिशन पर कार्य कर रहे हैं। परंतु भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अभी भी बहुत कुछ करना है और इस ध्येय को पूर्ण करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक वहां की युवाशक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित ना हो। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इंजन को चालू करने के लिए ईंधन की आवश्यकता होती है, उसी तरह राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित करने हेतु युवाशक्ति की ताकत, उनकी इनोवेटिव सोच और प्रतिभा की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि आज भारत एक युवा देश के रूप में जाना जाता है और अगर देश के युवा सही दिशा में कार्य करेंगे तो निश्चित ही हमारा देश पुनः विश्व गुरु के पद पर अवश्य आसीन होगा। उन्होंने कहा कि आज आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में भारत के युवाओं में अपने देश को आगे ले जाने की भावना विकसित हो चुकी है। आज हमारा युवा अपने देश के प्रति जिम्मेदार और कर्तव्यपरायण बन रहा है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि ये “युवा संवाद” भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड स्टार्टअप नीति आने के बाद से राज्य में स्टार्टअप कल्चर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखंड के स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता देने के साथ ही उन्हें पूरा माहौल मुहैया करवा रहे हैं। हमने राज्य में 1100 से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता देते हुए अत्याधुनिक 15 इनक्यूबेटर स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, आईटी, एआई, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और कल्याण जैसे क्षेत्रों में उत्तराखंड के स्टार्टअप्स ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हमारे युवाओं में पर्याप्त सामर्थ्य और ऊर्जा है, उनका सही मार्गदर्शन ही हमारे देश के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। उन्होंने सभी प्रतिभावान युवाओं से आज युवा संवाद के इस अवसर पर अपील करना करते हुए कहा कि आप चाहे जिस भी क्षेत्र में कार्य करें, आप सदैव यह ध्यान रखें कि आपके प्रत्येक कार्य से आपकी निजी प्रगति होने के साथ ही प्रदेश और देश के विकास में भी अवश्य सहायता मिले। आप लोग उम्र के जिस पड़ाव में हैं, वो आपके करियर का बहुत महत्वपूर्ण समय है। इस समय आप जो भी कार्य करने की ठान लेंगे वो कार्य निश्चित ही पूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि मैं आप सभी युवाओं से यह कहना चाहता हूं कि आप लोग नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि मेरे युवा साथियों, मैं, आप सभी को ये विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि हमारी सरकार आपके समग्र विकास और उन्नति के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, क्योंकि हमें अपने युवाओं और उनकी अद्वितीय प्रतिभा पर पूरा भरोसा है। श्री धामी ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी युवा साथी प्रदेश की प्रगति और समृद्धि के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपना योगदान इसी प्रकार देते रहेंगे तथा देवभूमि उत्तराखंड को देश का “सर्वश्रेष्ठ राज्य” बनाने के हमारे “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने के लक्ष्य में हमारे भागीदार बनेंगे। उन्होंने सभी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में निकिता उपाध्याय, कविता गोस्वामी, खुशी जोशी, चारु बोरा, पूर्वा गोस्वामी,हर्षिता राणा, गुलनाज, सुरजीत सिंह, रोहित जोशी आदि युवाओं ने अपनी बात रखी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, एसएसपी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, युवा आदि मौजूद थे।
: *LIVE: सरदार @ 150 “यूनिटी मार्च” एक भारत, आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम*
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: *LIVE: बनबसा, चम्पावत में लैण्डपोर्ट ऑफ ऑथोरिटी ऑफ इण्डिया द्वारा निर्माणीधीन परियोजना का स्थलीय निरीक्षण*
: *LIVE: टनकपुर, चम्पावत में शारदा कॉरिडोर का स्थलीय निरीक्षण एवं विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास कार्यक्रम*
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालन हेतु गठित एम्पावर्ड समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान समिति द्वारा विभिन्न मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेजों को नर्सिंग कोर्स संचालन एवं सीट वृद्धि की संस्तुति दी गयी।
मुख्य सचिव ने नर्सिंग कोर्स संचालन हेतु संस्थानों के आवेदनों को विभिन्न स्तरों में छंटनी करने के बजाय इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे संस्थानों को आवेदन करने से लेकर शासन से स्वीकृति की प्रक्रिया में सरलता आएगी। उन्होंने तत्काल इस दिशा में कार्य शुरू किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि संस्थानों द्वारा आवेदन किए जाने से लेकर विभिन्न चरणों की प्रक्रिया की एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी शीघ्र तैयार की जाए।
बैठक के दौरान समिति द्वारा 39 कॉलेजों की 1790 नई नर्सिंग सीट्स को संस्तुति प्रदान की गयी। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि स्टेट नर्सिंग काउंसिल में वर्ष 2024 तक पंजीकृत नर्सों की कुल संख्या 21541 है। वर्तमान में सरकारी एवं प्राईवेट नर्सिंग कॉलेजों में 9806 लोगों का नर्सिंग प्रशिक्षण चल रहा है।
इस अवसर पर सचिव श्री दिलीप जावलकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
*सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग*
*मुख्यमंत्री ने किया ₹185.20 करोड़ से बनने वाले शारदा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण का शुभारंभ*
*शारदा कॉरिडोर — आस्था, धरोहर और विकास का संगम” : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को शारदा घाट, टनकपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹185.20 करोड़ से बनने वाले शारदा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा शारदा कॉरिडोर परियोजना हमारी आस्था, सांस्कृतिक, धरोहर और सतत विकास का केंद्र है।
मुख्यमंत्री ने कहा शारदा कॉरिडोर का उद्देश्य बनबसा से माता रंकोची तक की घाटी को धर्म, प्रकृति और रोजगार के सुंदर संगम के रूप में विकसित करना है। यह भूमि अब केवल आस्था का केंद्र नहीं रहेगी, बल्कि यहाँ के लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि और अवसरों की नई धारा भी प्रवाहित होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शारदा नदी के तट को पर्यावरण – संवेदनशील, स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक स्वरूप देने के लिए शारदा घाट पुनर्विकास परियोजना के कार्य को प्रथम चरण के रूप (अनुमानित लागत ₹185.20 करोड़) में प्रारंभ किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत सुरक्षित स्नान घाट, आरती स्थल, स्वच्छता एवं विश्राम की सुविधाएँ, सुंदर घाट, सुगम पहुँच मार्ग, पैदल पथ, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आरती स्थल अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक से निर्मित होगा, जिसमें रेनवाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था और फ्लोर कूलिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएँ होंगी। बाढ़ प्रतिरोधी संरचनाओं से नदी के प्रवाह को नियंत्रित कर आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना धार्मिक पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में नई गति लाएगी। उन्होंने इसे सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से एक अद्वितीय मॉडल बताया, जो पूरे क्षेत्र के लिए विकास का प्रतीक बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा कॉरिडोर परियोजना के कुछ क्षेत्र वन भूमि में आते हैं, जिनके भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया वन विभाग के साथ प्रगति पर है। यह परियोजना यूआईआईडीबी के माध्यम से संचालित की जा रही है। डांडा और चूका जैसे राजस्व भूमि वाले क्षेत्रों का हस्तांतरण भी शीघ्र पूरा किया जाएगा, जिससे कार्यों में विलंब न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि और माता रंकोची क्षेत्र, जो शारदा कॉरिडोर के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनेंगे, वहाँ श्रद्धा के साथ-साथ वन, जीव-जंतु और प्रकृति शिक्षा का अनुभव भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पर्यावरण-संवेदनशील विकास का उदाहरण बनेगा, जहाँ नदी की पवित्रता, हरियाली और प्राकृतिक संतुलन सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि शारदा कॉरिडोर का विकास जन-सहभागिता, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के साथ किया जाएगा। हर निर्णय में स्थानीय नागरिकों की राय और भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा, शारदा कॉरिडोर केवल भौगोलिक विकास नहीं है, यह हमारी आस्था और आत्मा का पुनर्जागरण है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा उदाहरण बनेगा, जहाँ परंपरा और प्रगति, आस्था और आधुनिकता एक साथ चलें।
गौरतलब है कि शारदा कॉरिडोर के ₹185.20 करोड़ से बनने वाले शारदा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत किरोड़ा नाला पारिस्थितिक कॉरिडोर (₹109.57 करोड़)- क्षेत्र की जैव विविधता संरक्षण और आपदा प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने हेतु पारिस्थितिक कॉरिडोर को विकसित किया जाएगा। सिटी ड्रेनेज योजना – चरण 1 (₹62.11 करोड़): शहरी जल निकासी प्रणाली को सुदृढ़ कर बाढ़ की घटनाओं में कमी और वर्षा जल प्रबंधन को व्यवस्थित किया जाएगा। थाक गाँव तक वैकल्पिक मार्ग (₹5.34 करोड़)- कोर्बेट के अंतिम शिकार मार्ग के रूप में प्रसिद्ध यह मार्ग तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम पहुँच मार्ग बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त कई अन्य कार्य भी इसमें सम्मिलित हैं।
इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, शंकर कोरंगा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, सहित जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णा नाथ गोस्वामी, अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दून विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के 28 से 30 नवम्बर 2025 को देहरादून में 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के आयोजन से संबंधित केंद्रीय टीम की बैठक में प्रतिभाग किया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिवेशन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के अधिवेशन युवा शक्ति को एक मंच प्रदान करते हैं, जहाँ विचार-विमर्श के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में ठोस संकल्प लिए जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एबीवीपी जैसे संगठन देश की युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने अधिवेशन के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उत्तराखंड की धरती पर आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन निश्चित रूप से युवाओं में नए उत्साह, ऊर्जा और देशभक्ति की भावना का संचार करेगा।
: *LIVE: पौड़ी गढ़वाल में आयोजित शहीद स्मरण समारोह में आदरणीय प्रधानमंत्री जी की ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनते हुए*
: *LIVE: बद्रीनाथ, चमोली में आयोजित देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2025*
: *LIVE: श्री बद्रीनाथ धाम में पूजा-अर्चना करते हुए*
: मुख्यमंत्री ने दिए सेब उत्पादक किसानों की सब्सिडी तत्काल वितरित किए जाने हेतु कार्यवाही करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने रविवार को ली संबंधित विभागों की बैठक
मिशन एप्पल और अति सघन बागवानी योजना लाभार्थी किसानों का 27 अक्टूबर से होगा भौतिक सत्यापन
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्यान विभाग के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से 2022-23 तक संचालित मिशन एप्पल और वर्ष 2023-24 से संचालित सेब की अति सघन बागवानी योजना के लाभार्थी किसानों की लंबित राज सहायता का भुगतान प्राथमिकता पर करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन ने रविवार को ही प्रमुख सचिव न्याय, सचिव वित्त और सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण के साथ बैठक कर, लाभार्थी किसानों को तत्काल राज सहायता उपलब्ध कराने के लिए सोमवार 27 अक्टूबर से ही भौतिक सत्यापन सहित अन्य प्रक्रिया शुरु करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को लम्बित राजसहायता की धनराशि जारी करने से सम्बन्धित समस्त औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करने कहा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में सेब की बागवानी योजना के लिए 35.00 करोड़ रुपए बजट की व्यवस्था है। किसानों को राज सहायता उपलब्ध कराने के लिए यदि और धनराशि की आवश्यकता होगी तो राज्य सरकार द्वारा उसकी व्यवस्था भी की जायेगी। मुख्य सचिव ने सम्बन्धित मुख्य – जिला उद्यान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मिशन एप्पल और सेब की अति सघन बागवानी योजनान्तर्गत कृषकों के लम्बित राजसहायता के भुगतान के लिए दिनांक 27.10.2025 से ही भौतिक सत्यापन एवं अन्य औपचारिकताओं की कार्यवाही प्रारम्भ की जाए।
*सरकार कृषक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मिशन एप्पल और सेब की अति सघन बागवानी योजना के लाभार्थी किसानों की लंबित राज सहायता का भुगतान शीघ्रता के साथ कराया जाएगा। सोमवार से ही इसकी प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*
: *माणा गाँव में देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य समापन — सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिकी को नई उड़ान*
*सीएम धामी बोले — “वाइब्रेंट गांवों की आर्थिकी को मिलेगा नया संबल”*
*सीमांत माणा गाँव में संस्कृति, परंपरा और देशभक्ति की अद्भुत संगम झलक*
*बद्रीविशाल के दर्शन कर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को देश के प्रथम गाँव माणा में आयोजित दो दिवसीय “देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025” के समापन समारोह में पहुँचे| इस आयोजन में स्थानीय समुदायों, पर्यटकों और गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। महोत्सव का संचालन भारतीय सेना एवं उत्तराखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
मुख्यमंत्री ने महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय जनता, सेना और प्रशासन के सुचारू समन्वय से यह आयोजन बेहद सफल रहा, जिसने सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिकी को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन व सेना द्वारा लगाए गए स्टालों एवं “नो योर आर्मी” प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी भारतीय सेना और आम जनता के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत करेगी। आर्मी द्वारा प्रदर्शित उपकरणों, मॉडल्स और सूचना सामग्री की उन्होंने विशेष सराहना की।
महोत्सव में स्कूली बच्चों ने पारंपरिक लोकनृत्य और गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार वितरित किए और कहा कि गढ़वाली लोक संस्कृति की ये झलकियाँ देवभूमि के असली गौरव को दर्शाती हैं। गढ़वाली बैंड, स्थानीय कलाकारों व कारीगरों के प्रदर्शन ने भी सभी का मन मोह लिया।
स्थानीय शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पारंपरिक बुनाई, लकड़ी के हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद, स्थानीय व्यंजन और अन्य धरोहर सामग्री को पर्यटकों द्वारा खूब सराहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के उद्देश्यों को मजबूती प्रदान करते हुए युवाओं और महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध करवाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि सर्दियों के मौसम में पर्यटन विकास, रोजगार सृजन, रिवर्स पलायन को बढ़ावा और सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में सहायक सिद्ध होगा।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने श्री बद्रीविशाल के दर्शन कर पूजा अर्चना की और प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस दौरान जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार पुलिस अधीक्षक श्री सर्वेश पंवार, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विजय थपलियाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सैन्य अधिकारी व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
: *LIVE: देहरादून में आयोजित ‘सांसद खेल महोत्सव’ का शुभारम्भ कार्यक्रम*
: *मुख्यमंत्री ने किया ‘‘सतर्कता-हमारी साझा जिम्मेदारी’’ थीम पर आधारित जन जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में ‘‘सतर्कता-हमारी साझा जिम्मेदारी’’ थीम पर आधारित जन जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह जन जागरूकता कार्यक्रम प्रदेशभर में राज्य स्थापना दिवस 09 नवम्बर 2025 तक चलाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा भी दिलाई।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी का स्मरण करते हुए कहा कि पटेल जी ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण भारत की एकता, अखंडता और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत का केवल संकल्प ही नहीं लिया, बल्कि उसे धरातल पर उतारने का कार्य भी किया है। उनके नेतृत्व में देश में नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है। शासन-प्रशासन को पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के लिए जन-केंद्रित बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ संकल्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य गठन के बाद सतर्कता विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए 339 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। पिछले तीन वर्षों में सतर्कता विभाग द्वारा 78 भ्रष्टाचारियों के साथ ही अन्य मामलों में 27 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और शासन व्यवस्था को पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से टोल फ्री नंबर 1064 संचालित किया जा रहा है। इसके माध्यम से बीते तीन वर्षों में दस हजार के करीब शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 62 शिकायतों में ट्रैप और 4 शिकायतों में खुली जांच की कार्यवाही की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो भी भ्रष्टाचार करेगा वह सलाखों के पीछे होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों द्वारा इस अभियान का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए।
मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि समाज और प्रशासन की मजबूती के लिए सभी कार्मिकों का अपने कार्यों में सत्यनिष्ठ, ईमानदार और अनुशासित होना आवश्यक है। कार्य के प्रति अनुशासन होने से भ्रष्टाचार स्वतः समाप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में पिछले चार वर्षों में सराहनीय प्रयास किए गए हैं।इस अवसर पर डीजीपी श्री दीपम सेठ, प्रमुख सचिव श्री एल. फैनई, निदेशक सतर्कता श्री वी. मुरूगेशन, सचिवगण तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
: *सांसद खेल महोत्सव का हुआ शुभारंभ*
*प्रदेश में 23 खेल अकादमियां की जल्द स्थापना: सीएम पुष्कर सिंह धामी*
*नवोदय विद्यालय तपोवन में वालीबॉल और बैडमिंटन कोर्ट के लिए सांसद निधि से धनराशि दी जाएगी : राज्यसभा सांसद नरेश बंसल*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय, तपोवन में ‘‘सांसद खेल महोत्सव’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से पूरे देश में आयोजित हो रहा ’’सांसद खेल महोत्सव’’, खेल प्रतिभाओं को गाँव से राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का बड़ा अभियान है। उत्तराखंड में खेल महोत्सव तीन अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ’’फिट इंडिया-स्पोर्ट्स इंडिया-स्ट्रॉन्ग इंडिया’’ के संदेश को गाँव-गाँव तक पहुंचाने के साथ ही स्थानीय, पारंपरिक और लोक खेलों को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। राज्य सरकार भी प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर इतिहास रचते हुए राज्य का गौरव बढ़ाने का कार्य किया। आज उत्तराखंड विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है। ’’स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’’ के अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति भी लागू की गई है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ’’आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार और हिमालय खेल रत्न पुरस्कार प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित किया जा रहा है। राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू किया गया है, जिससे हमारे खिलाड़ियों के परिश्रम और कौशल को उचित अवसर और सम्मान मिल सके।
राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। बच्चों की प्रतिभाओं को उजागर करने के लिए अनेक कार्यक्रमों सांसद खेल प्रतियोगिता, फिट इंडिया का आयोजन किया जा रहा है। आज भारत वैश्विक स्तर पर खेलों में सराहनीय प्रदर्शन कर रहा है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय, तपोवन में वॉलीबॉल और बैडमिंटन कोर्ट के लिए वे अपनी सांसद निधि से धनराशि देंगे। विद्यालय में मेस में फर्नीचर की व्यवस्था के लिए भी उन्होंने अपनी सांसद निधि से धनराशि देने की बात कही।
इस अवसर पर विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, श्री खजानदास, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, सीडीओ देहरादून श्री अभिनव शाह एवं अन्य गणमान्य मौजूद थे।
: *LIVE: खटीमा, ऊधम सिंह नगर में आयोजित सूर्य षष्ठी व्रत महोत्सव ‘छठ पूजा’*
*मुख्यमंत्री से हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष ने की भेंट*
*हेमकुंट साहिब यात्रा व्यवस्थाओं में सहयोग के लिये मुख्यमंत्री का जताया आभार*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को सचिवालय में गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने मुलाकात की। मुलाकात के दौरान श्री बिंद्रा ने हेमकुंट साहिब यात्रा व्यवस्थाओं में सहयोग के लिये मुख्यमंत्री, राज्य सरकार तथा स्थानीय प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के विशेष सहयोग एवं व्यवस्था हेतु समय-समय पर दिए गये निर्देशों के फलस्वरूप श्री हेमकुंट साहिब यात्रा सुचारू एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस वर्ष भारत तथा विश्व भर से रिकॉर्ड़ 2,75,000 श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में सम्मिलित हुए। प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों के बावजूद यात्रा का कुशलता पूर्वक प्रबंधन किया गया। यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था व सुविधाओं तथा समन्वय हेतु किये प्रयासों के लिये श्रद्धालुओं द्वारा व्यापक सराहना की गयी। श्री बिंद्रा ने आगामी यात्राओं के लिए आधारभूत संरचना तथा लॉजिस्टिक्स संबंधी कुछ महत्वपूर्ण सुधारों पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आश्वासन दिया कि अगली यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व आवश्यक कदम प्राथमिकता के साथ उठाए जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे चारधाम के साथ ही हेमकुंट साहिब यात्रा का भी बड़ा महत्व है। हिमालय की ऊंचाई पर स्थित यह पावन स्थल राज्य की पहचान है। राज्य सरकार द्वारा राज्य के तीर्थ स्थलों का विकास एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं के दृष्टिगत प्रभावी कार्ययोजना तैयार की गयी है। उन्होंने कहा कि गोविंदघाट से हेमकुंट साहिब तक रोपवे बनने से हिमालयी क्षेत्र की यात्रा और अधिक सुगम हो जायेगी।
ज्ञातव्य है कि हेमकुंट साहिब यात्रा प्रारंभ होने से मात्र दो माह पूर्व गोविंदघाट को हेमकुंट यात्रा मार्ग से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पुल भारी भूस्खलन में पूर्णतः ध्वस्त हो गया था। मुख्यमंत्री जी के प्रत्यक्ष हस्तक्षेप तथा प्रभावी नेतृत्व में समय से पूर्व नया घाटी पुल बनकर तैयार हो गया, जिससे संकट टल गया तथा श्रद्धालुओं का निरंतर आवागमन सुनिश्चित हुआ। श्री बिंद्रा ने मुख्यमंत्री को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत वर्ष को राज्य में भव्य रूप से मनाने तथा प्रत्येक नागरिक को गुरु महाराज के धर्म एवं मानवता की रक्षा हेतु किए गए अद्वितीय बलिदान से अवगत कराने के निर्देश जारी करने के लिये भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री जी के सतत मार्गदर्शन में हेमकुंट साहिब यात्रा विश्वास, एकता तथा निर्बाध तीर्थ प्रबंधन का प्रतीक बनकर और अधिक उन्नत होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का शुभारंभ*
*मेले के उद्घाटन पर सीएम धामी की कई घोषणाएं — नहरों, भवनों, सड़कों और मंदिरों के सौंदर्यीकरण को मिली मंजूरी*
*कुंजापुरी मेला बनेगा स्थानीय विकास और पर्यटन को नई दिशा देने वाला पर्व : मुख्यमंत्री धामी*
*राज्य में पारदर्शी नियुक्तियों से युवाओं को मिला विश्वास, 26 हजार से अधिक को मिली नौकरियां : सीएम धामी*
*हाउस ऑफ हिमालय’ से बढ़ रही है स्थानीय उत्पादों की पहचान — मुख्यमंत्री ने बताई उत्तराखंड की विकास दिशा*
सोमवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल पहुंचकर नौ दिवसीय 49वें श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का ध्वजारोहण कर मेले के शुभारम्भ की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने विकास प्रर्दशनी का उद्घाटन, विभिन्न विभागों द्वारा स्थापित स्टालों का निरीक्षण तथा अमर शहीदों की मूर्तियों एवं स्वतंत्र संग्राम शहीद स्मारक पर मल्यार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ढालवाला में अवशेष बाढ़-सुरक्षा कार्यों का निर्माण कार्य (लगभग 400 मीटर), कुम्भ मेला, 2027 के अन्तर्गत मुनिकीरेती में खारास्रोत गदेरे में सतह पार्किंग एवं एप्रोच रोड़ का निर्माण, नरेन्द्रनगर में दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त नहरों का पुनर्निर्माण कार्य,नगर पंचायत तपोवन में सामुदायिक भवन का निर्माण,नरेन्द्रनगर में सब रजिस्ट्रार कार्यालय की स्थापना, बाल्मिकी बस्ती में 6 आवासों का पुनर्निर्माण, पावकी देवी (दोगी) में सामुदायिक भवन का निर्माण, नरेन्द्रनगर कुम्हार खेड़ा में सामुदायिक भवन का विस्तार, कुम्हार खेड़ा सामुदायिक भवन तक मार्ग का पक्की करण, नगर पालिका मुनि की रेती-ढालवाला में श्री पन्त की दुकान से चीनी गोदाम तक मार्ग का पुनर्निर्माण, श्रीदेव सुमन उप जिला अस्पताल में एनेस्थिशिया वर्क मशीन (ऑटोमेटिक वैंटीलेटर) की स्वीकृति, नरेंद्रनगर में एक ANM ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना, भुवनेश्वरी देवी मंदिर हार्डीसेरा एवं पावली देवी मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए उचित धनराशि की स्वीकृति, गुल्लरबोगी में पार्किंग निर्माण, ह्वेल नदी में मानसेरा, भगोड़ी, भैंतोला तोक में चेक डैम का निर्माण की मांग को मुख्यमंत्री घोषणाओं में सम्मिलित करने की बात कही।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को मेले की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां कुंजापुरी का आशीष एवं कृपा दृष्टि हम सब पर बनी रहे। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक मेला लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। 1974 से निरंतर आयोजित किया जा रहा यह मेला व्यापार, क्षेत्रीय विकास और पर्यटन को गति प्रदान करने वाला है। भारत की पहचान, उसकी सनातन संस्कृति और जीवन मूल्यों पर छिपी हुई है। हमारी संस्कृति केवल रीति रिवाज का विषय नहीं है एक सकारात्मक दिशा देने वाले विचारधारा है, जो हमें नए-नए तरीके से प्रेरित करने का काम करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मा. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र सिंह मोदी जी के नेतृत्व में भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और धरोहर को संवारने एवं सहजने का कार्य बेहतर तरीके से किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं अपनी पहचान को बनाए रखने के लिए निरंतर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन सबसे बड़ी समस्या है, इसे रोकने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण योजना पर कार्य किया जा रहा है। हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश में व्यापक पहचान मिल रही है। फार्म मशीनरी बैंक, फिल्म नीति, एप्पल मिशन, होमस्टे आदि नीतियों के माध्यम स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में उत्तराखंड पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता कानून को लागू किया है। इसके साथ ही सशक्त नकल विरोधी कानून लाकर पिछले 4 सालों में 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शिता के साथ नियुक्तियां प्रदान की गई है। धर्मांतरण निवारण और अवैध अतिक्रमण ध्वस्तीकरण जैसे कार्यों का उल्लेख किया, जिससे राज्य को नया मुकाम और पहचान मिली है। राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने के लिए अग्रसर है।
प्रदेश के वन, तकनीकी शिक्षा, भाषा एवं निर्वाचन एवं संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मां कुंजापुरी मेला हमारी संस्कृति, परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ ही देश प्रदेश की संस्कृति से रूबरू होने के लिए बड़ा मंच उपलब्ध कराता है। यह मेला सभी के सहयोग से निरंतर खेल एवं विकास के ओर आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, नगर पंचायत अध्यक्ष तपोवन विनीता बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा, मेयर नगर निगम ऋषिकेश शंभू पासवान, जिलाध्यक्ष भाजपा उदय रावत, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान, डीएम टिहरी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्वांचल सेवा समिति द्वारा संजय रेलवे पार्क, खटीमा में आयोजित सूर्य षष्ठी व्रत महोत्सव (छठ पूजा) के कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। उन्होंने प्रदेश की सुख,समृद्धि व खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा की पूर्वांचल सेवा समिति के समस्त पदाधिकारियों को इस भव्य-दिव्य कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए साधुवाद । आज का ये पावन पर्व हमारी सनातन संस्कृति की उस उज्ज्वल परंपरा का प्रतीक है, जिसमें आस्था, अनुशासन, तपस्या और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता एक साथ दिखाई देती है। छठ पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ये जीवन मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों का महापर्व है। ये पर्व हमें प्रकृति और पर्यावरण के महत्व के बारे में भी बताता है। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व भारत की उस महान संस्कृति का भी प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसमें उगते सूर्य के साथ ही ढलते सूर्य को भी अर्घ्य अर्पित किया जाता है, जो अपने आप में अनोखा अनुभव है। छठ पर्व की विशेष बात यह है कि यह लोक आस्था का पर्व हर वर्ग और क्षेत्र के लोग अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाते हैं। चाहे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश हो या हमारा उत्तराखंड, आज पूरे देश में छठ निर्बाध आस्था के साथ मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारत के विकास और सनातन संस्कृति का वैभव आज चारों ओर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भी आदरणीय मोदी जी से प्रेरणा लेकर देवभूमि के चहुंमुखी विकास के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। खटीमा तो मेरा घर ही है और आप सभी मेरा परिवार हैं, यहीं से मैंने जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी, और इस क्षेत्र की प्रत्येक गली, प्रत्येक गाँव मेरे दिल के करीब है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हमने जहां एक ओर खटीमा में हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया है। वहीं औद्योगिक विकास को गति देने के साथ ही, युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने हेतु राष्ट्रीय स्तर के अत्याधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु हमने गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नौसर में पुल के निर्माण के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया है। यही नहीं, हाल ही में हमारी सरकार ने खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक बनाने की भी घोषणा की है, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने एक ओर जहां राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई हैं, वहीं जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगे भी खटीमा के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जायेगी। हमारी सरकार प्रदेश के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। इसी का परिणाम है कि आज हमारा राज्य नीति आयोग की एसडीजी इंडेक्स रिपोर्ट में सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंचा है। साथ ही, युवाओं को रोजगार देने में भी हम अग्रणी राज्य बनकर उभरे हैं, हमने एक वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाने में सफलता प्राप्त की है, जो राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। इसी संकल्प के साथ, हमने जहां एक ओर प्रदेश में लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है, वहीं हमनें राज्य में सख्त दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को भी लागू किया है। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए नौ हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। इसके साथ ही 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओ को भी हटाया है। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में “ऑपरेशन कालनेमि” भी प्रारंभ किया है जिसके माध्यम से हम राज्य में सनातन धर्म को बदनाम करने वाले पाखंडियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हमने राज्य हित में भी कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनको पूर्ववर्ती सरकारें अपने अपने राजनीतिक गुणाभाग के चक्कर में ठंडे बस्ते में डाल दिया करती थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर एक समरस समाज के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है, वहीं, सख्त नकल विरोधी कानून द्वारा नकल माफिया की रीढ़ तोड़ने का काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप आज राज्य के 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि हम राज्य से भ्रष्टाचार रूपी दीमक को जड़ से समाप्त करने के लिए “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत भी कार्य कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि पिछले चार वर्षों में हमने भ्रष्टाचार में लिप्त करीब 200 से अधिक लोगों को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।और मुझे पूर्ण विश्वास है कि आज छठी मईया और भगवान सूर्य नारायण के आशीर्वाद और आप सभी के सहयोग से हमारा ये संकल्प अवश्य सिद्ध होगा।
कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य एवं नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने भी सम्बोधित किया व सभी छठ महापर्व की बधाई व शुभकामनायें दी।
इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य,अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री फरजाना बेगम , पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, वीसी जयकिशन, सीडीओ दिवेश शाशनी,अपर जिलाधिकारी कौस्तूभ मिश्रा, एसपी सिटी डॉ उत्तम सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि,जनता उपस्थित थे।
*LIVE: श्री जागेश्वर धाम में पूजा-अर्चना करते हुए*
देहरादून। सचिव जलागम एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (SARRA), दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति (SLEC) की चौथी बैठक आयोजित की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कुल 3 कार्ययोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनकी कुल लागत ₹382.26 लाख है।
स्वीकृत परियोजनाओं में जनपद नैनीताल एवं उधमसिंह नगर के लिए भू-गर्भीय जलभृत रीचार्ज की ₹207.56 लाख की कार्ययोजना शामिल है।
इसके अतिरिक्त, वर्षा आधारित नदियों के पुनर्जीवन के तहत, चमोली जनपद की चंद्रभागा नदी के लिए ₹174.70 लाख की परियोजना को भी हरी झंडी मिली।
बैठक में जल संरक्षण एवं प्रबंधन से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्देश और निर्णय लिए गए, जिन पर तत्काल प्रभाव से कार्य करने पर बल दिया गया।
प्रदेश की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित सभी जिलों के कार्यक्रमों का डाक्यूमेंटेशन यथाशीघ्र प्रसाशन को भेजने के निर्देश दिए। जल स्रोतों और नदी पुनर्जीवन से जुड़े सभी रेखीय विभागों को आपस में समन्वित रूप से कार्य करने पर विशेष बल दिया।
सचिव ने कहा कि जनपदीय स्तर पर SARRA समितियों की बैठकें कर प्रस्तावों को आगामी बैठक में प्रस्तुत किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जल संरक्षण कार्यों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा ग्राम पंचायत स्तर पर धारा-नौला संरक्षण समितियों का शीघ्र गठन किया जाए, जो स्थानीय स्तर पर निगरानी का कार्य करेंगी।
सभी जनपदों को “वन डिस्ट्रिक्ट, वन रिवर” के सिद्धांत पर तैयार की जा रही अपनी कार्ययोजनाओं में जलागम से जुड़े कार्यों को प्रमुखता से सम्मिलित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य अधिकाधिक वर्षा जल संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित करना है।
SARRA से जुड़े कार्यदायी रेखीय विभागों की टैक्निकल टीमों को ट्रेनिंग दिए जाने हेतु निर्देशित किया, जिससे परियोजनाओं का क्रियान्वयन वैज्ञानिक और प्रभावी तरीके से हो सके। राज्य की अमूल्य धरोहर पारंपरिक धारों व नौलों के पुनर्जीवीकरण के लिए तत्काल चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए।
सचिव ने “वन डिस्ट्रिक्ट, वन रिवर” के सिद्धांत पर स्वीकृत परियोजनाओं के जलागम क्षेत्रों में स्थानीय-ग्राम स्तर पर पैराहाइड्रोलॉजिस्टों की ट्रेनिंग आयोजित करने हेतु निर्देशित किया गया, ताकि जल प्रबंधन में स्थानीय विशेषज्ञता को बढ़ावा मिले। परियोजनाओं में अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए क्षमता विकास व कार्यशालाओं के आयोजन पर बल दिया गया।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी कहकशां नसीम ने एक करोड़ से अधिक लागत की कार्ययोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया और कहा कि जनपदों से आने वाली कार्ययोजनाओं में सभी रेखीय विभाग मिलकर एक जलागम क्षेत्र के उपर कार्य करें जिससे उस जलागम क्षेत्र का सतत पुनर्जीवीकरण हो सके। इस बैठक में लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार जल संरक्षण, पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन और नदी पुनर्जीवन के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए अंतर-विभागीय समन्वय और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस अवसर पर बैठक में विभिन्न जनपदों से मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, सिंचाई, लघु सिंचाई, कृषि, ग्राम विकास विभागों के प्रतिनिधि आन लाइन माध्य्म से जुडे तथा SARRA की राज्य स्तरीय टीम उपस्थित रही ।
: चम्पावत 28 अक्टूबर 2025, सूवि।
*लोगों की भावना के अनुरूप हो निर्माण कार्य” – मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी*
*शारदा कॉरिडोर बनेगा श्रद्धा, संस्कृति और समृद्धि का केंद्र — मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने की परियोजना की समीक्षा*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा लोहियाहेड स्थित कैम्प कार्यालय में “शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना” की विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना से संबंधित सभी कार्यों को जनता की अपेक्षाओं एवं स्थानीय आस्था के अनुरूप करने के निर्देश दिए।
शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना का उद्देश्य लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का समग्र विकास करना है, जिससे यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सशक्त और आकर्षक बन सके।
मुख्यमंत्री ने परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 38 प्रमुख कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इन कार्यों में शारदा घाट का पुनर्विकास, सिटी ड्रेनेज प्लान–1, रणकोची माता मंदिर का पुनरुद्धार, बनबसा में हेलीपोर्ट का विकास, चूका से चल्थी माउंटेन बाइक ट्रेल निर्माण, बनबसा में अंतरराष्ट्रीय सीमा बाजार का विकास, श्रद्धा पथ नदी तट का सौंदर्यीकरण, शारदा रिवरफ्रंट के लिए मास्टर प्लान और एयरो स्पोर्ट्स सुविधाओं का सृजन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण एवं हस्तांतरण कार्यों को शीघ्रता एवं प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी निर्माण कार्यों के लिए निर्धारित समयांतराल में निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि सभी निर्माण कार्यों में पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए और डिज़ाइन एवं ढाँचा क्षेत्र की पारंपरिक संस्कृति एवं स्थापत्य शैली के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को क्षेत्र में स्थानीय कार्यालय स्थापित करने के भी निर्देश दिए ताकि निर्माण कार्यों में तेजी आए और अनावश्यक विलंब न हो।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में लोहाघाट स्थित विवेकानंद सर्किट का विकास एवं माँ वाराही धाम को स्पिरिचुअल ज़ोन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त क्षेत्र को डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में विकसित करने तथा सेना, पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के वीर शहीदों के सम्मान में “शौर्य स्थल” विकसित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य टनकपुर की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान को सहेजते हुए, पर्यटन, पर्यावरण एवं श्रद्धालुओं के अनुभव को और बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना स्थानीय रोजगार संवर्धन एवं जनजीवन स्तर सुधार का माध्यम बनेगी।
इस परियोजना में कुल लगभग ₹3300 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है तथा योजना के निर्माण हेतु त्वरित गति से कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। यह परियोजना टनकपुर शहर को नई पहचान देने में सहायक सिद्ध होगी।
बैठक में जिलाधिकारी चम्पावत श्री मनीष कुमार, जिलाधिकारी उधम सिंह नगर श्री नितिन सिंह भदौरिया, अपर जिलाधिकारी चम्पावत श्री कृष्णा नाथ गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन
: *लोगों की भावना के अनुरूप हो निर्माण कार्य- मुख्यमंत्री*
*शारदा कॉरिडोर बनेगा श्रद्धा, संस्कृति और समृद्धि का केंद्र*
*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने की परियोजना की समीक्षा।*
*शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना के लिए लगभग 3300 करोड़ प्रस्तावित ।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा लोहियाहेड स्थित कैम्प कार्यालय में “शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना” की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना से संबंधित सभी कार्यों को जनता की अपेक्षाओं एवं स्थानीय आस्था के अनुरूप करने के निर्देश दिए। शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना का उद्देश्य लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का समग्र विकास करना है, जिससे यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सशक्त और आकर्षक बन सके।
मुख्यमंत्री ने परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 38 प्रमुख कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इन कार्यों में शारदा घाट का पुनर्विकास, सिटी ड्रेनेज प्लान, रणकोची माता मंदिर का पुनरुद्धार, बनबसा में हेलीपोर्ट का विकास, चूका से चल्थी माउंटेन बाइक ट्रेल निर्माण, बनबसा में अंतरराष्ट्रीय सीमा बाजार का विकास, श्रद्धा पथ नदी तट का सौंदर्यीकरण, शारदा रिवरफ्रंट के लिए मास्टर प्लान और एयरो स्पोर्ट्स सुविधाओं का सृजन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण एवं हस्तांतरण कार्यों को शीघ्रता एवं प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी निर्माण कार्यों के लिए निर्धारित समयांतराल में निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि सभी निर्माण कार्यों में पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए और डिज़ाइन एवं ढाँचा क्षेत्र की पारंपरिक संस्कृति एवं स्थापत्य शैली के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को क्षेत्र में स्थानीय कार्यालय स्थापित करने के भी निर्देश दिए ताकि निर्माण कार्यों में तेजी आए और अनावश्यक विलंब न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में लोहाघाट स्थित विवेकानंद सर्किट का विकास एवं माँ वाराही धाम को स्पिरिचुअल ज़ोन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त क्षेत्र को डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में विकसित करने तथा सेना, पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के वीर शहीदों के सम्मान में “शौर्य स्थल” विकसित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य टनकपुर की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान को सहेजते हुए, पर्यटन, पर्यावरण एवं श्रद्धालुओं के अनुभव को और बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना स्थानीय रोजगार संवर्धन एवं जनजीवन स्तर सुधार का माध्यम बनेगी।
इस परियोजना में कुल लगभग ₹3300 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है तथा योजना के निर्माण हेतु त्वरित गति से कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। यह परियोजना टनकपुर शहर को नई पहचान देने में सहायक सिद्ध होगी।
बैठक में दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू,विशेष सचिव/ज्वाइंट एमडी यूआईडीबी श्री अजय मिश्रा,जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, जिलाधिकारी उधम सिंह नगर नितिन सिंह भदौरिया, अपर जिलाधिकारी चम्पावत कृष्णा नाथ गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती, अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुनस्यारी पहुंचे, जनता और जवानों से किया आत्मीय संवाद,*
*सीएम ने विकास योजनाओं की समीक्षा भी की*
“ *जनसेवा और सीमाओं की सुरक्षा — यही उत्तराखंड की पहचान है” — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*
विकासखंड मुनस्यारी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का मुनस्यारी हेलीपैड (राजकीय कन्या इंटर कॉलेज जी.जी.आई.सी.) पहुंचने पर जिलाधिकारी श्री आशीष कुमार भटगांई ने पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत किया। पुलिस बल द्वारा मुख्यमंत्री श्री धामी को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।
भव्य स्वागत के बाद मुख्यमंत्री श्री धामी ने भारी संख्या में उपस्थित मुनस्यारी क्षेत्र की माताओं, बहनों और स्थानीय नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने लोगों से आत्मीय मुलाकात करते हुए क्षेत्रवासियों के स्नेह और समर्थन के प्रति आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचे, और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को बुनियादी सुविधाएं सुलभ हों। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि सरकार निरंतर सीमांत अंचलों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री धामी ने आईटीबीपी की 14वीं बटालियन, मुनस्यारी पोस्ट का भ्रमण किया। वहां जवानों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने जवानों से मुलाकात कर सीमाओं की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की और कहा कि “आपके त्याग, अनुशासन और समर्पण से ही देश सुरक्षित है।” उन्होंने आईटीबीपी के अधिकारियों एवं जवानों को राज्य सरकार की ओर से शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों से भेंटवार्ता की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं, जनसमस्याओं और आधारभूत ढांचागत जरूरतों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की तथा अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री श्री धामी ने अपने कॉलेज के पुराने मित्रों से भी भेंट की। उन्होंने आत्मीय संवाद करते हुए पुरानी यादें साझा कीं, उनके साथ स्मृति स्वरूप सेल्फी भी खिंचवाई, और मित्रों के परिवारजनों के कुशलक्षेम की जानकारी लेते हुए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री के इस दौरे से मुनस्यारी क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी का यह स्नेहपूर्ण और जनसंपर्क से भरा दौरा सीमांत क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणादायी और उत्साहवर्धक रहा।
: *राज्य के विकास कार्यों को मिली नई गति — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न जनपदों के विकास एवं सुरक्षा कार्यों के लिए स्वीकृत किए 2838.45 लाख रुपये से अधिक की योजनाएं*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न जनपदों में जनहित एवं सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अनेक योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना के अनुरूप प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
जनपद देहरादून की दक्षिण शाखा के अंतर्गत झाझरा जाने वाले लक्ष्मण चौक क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सीवर लाइनों के प्रतिस्थापन, बैराज मेहलगांव चौक तक पुनर्निर्माण कार्य हेतु ₹ 495.77 लाख (चार करोड़ पचानवे लाख सतहत्तर हज़ार मात्र) की योजना को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके साथ ही जनपद देहरादून की पिथुवाला शाखा के अंतर्गत श्रद्धा एन्क्लेव में सीवर लाइन परिवर्तन एवं संपूर्ण एन्क्लेव और प्रीयदर्शिनी एन्क्लेव में एस.टी.पी. एवं नेटवर्क निर्माण कार्य हेतु ₹ 243.14 लाख (दो करोड़ तैंतालीस लाख चौदह हज़ार मात्र) की योजना को मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
जनपद नैनीताल के विकासखण्ड हल्द्वानी स्थित गौलापार क्षेत्र में इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (स्टेडियम) की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए ₹ 1455.09 लाख (चौदह करोड़ पचपन लाख नौ हज़ार मात्र) की योजना को मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत किया गया। इसके प्रथम चरण हेतु 40 प्रतिशत धनराशि ₹ 582.00 लाख (पांच करोड़ ब्यासी लाख मात्र) की धनराशि जारी करने की स्वीकृति भी मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह द्वारा राज्य आपदा मोचन निधि से विभिन्न जनपदों को अनुदान धनराशि स्वीकृत की गई | जिसमे चम्पावत को 20.00 करोड़,ऊधम सिंह नगर को 5.00 करोड़, टिहरी गढ़वाल को 10.00 करोड़, निदेशक, यू॰एल॰बी॰एम॰एस॰ओ॰ देहरादून को 0.50 करोड़, देहरादून (अन्य मदों हेतु) 1.41 + 0.75 करोड़ इस प्रकार कुल स्वीकृत धनराशि : ₹ 37.66 करोड़ (सैंतीस करोड़ छियासठ लाख मात्र) है|
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा संचालित राष्ट्रीय भूकंप जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम (NERMP) के अंतर्गत व्यवहार्यता रिपोर्ट (PPR) तैयार कर भारत सरकार को प्रेषित किए जाने हेतु मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “ *हमारा संकल्प है कि उत्तराखंड के विकास की धारा गांव-गांव और हर घर तक पहुंचे। राज्य के नागरिकों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। इन योजनाओं से न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी ठोस सुधार होगा। सरकार पारदर्शिता और त्वरित क्रियान्वयन के साथ हर योजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।”*
: *उत्तराखंड को रेल मंत्रालय की बड़ी सौगात!*
*देहरादून–टनकपुर एक्सप्रेस अब सप्ताह में तीन दिन चलेगी — रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजा स्वीकृति पत्र*
*जनसुविधा में बड़ा सुधार — मुख्यमंत्री के अनुरोध पर रेल मंत्रालय ने दी स्वीकृति*
*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के लगातार प्रयासों और पहल पर देहरादून–टनकपुर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15019/15020) की आवृत्ति बढ़ाने के प्रस्ताव को रेल मंत्रालय, भारत सरकार ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।*
रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि देहरादून–टनकपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस को अब सप्ताह में तीन दिन संचालित किए जाने की स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह निर्णय उत्तराखंडवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी सौगात है। देहरादून से कुमाऊं क्षेत्र के यात्रियों को अब अधिक सुगम और नियमित रेल सेवा उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय से कुमाऊं और गढ़वाल के बीच संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार उत्तराखंड को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए निरंतर सहयोग कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी का हृदय से धन्यवाद, जिन्होंने उत्तराखंडवासियों की मांग को स्वीकार करते हुए देहरादून–टनकपुर एक्सप्रेस की आवृत्ति बढ़ाने की स्वीकृति दी है।
यह निर्णय सीमांत कुमाऊं क्षेत्र के नागरिकों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और व्यवसायियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के हर क्षेत्र को बेहतर परिवहन सुविधाओं से जोड़ा जाए — यही विकसित उत्तराखंड की दिशा में हमारा संकल्प है।”
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कुछ माह पूर्व रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर देहरादून–टनकपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस की सेवा आवृत्ति बढ़ाने का अनुरोध किया था। इस पर रेल मंत्रालय ने विचार करते हुए ट्रेन की संचालन अवधि साप्ताहिक से बढ़ाकर त्रि-साप्ताहिक (तीन दिन प्रति सप्ताह) करने का निर्णय लिया है।
यह कदम उत्तराखंड के पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों को देश के अन्य भागों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा तथा राज्य के पर्यटन और व्यापार को नई गति देगा।
: *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया जागेश्वर धाम में पूजन-अर्चन,*
*प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पौराणिक एवं सिद्ध धाम जागेश्वर धाम मंदिर (अल्मोड़ा) में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने भगवान जागनाथ (भगवान शिव) से राज्य की निरंतर प्रगति, आपसी सद्भाव और जनता के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम उत्तराखंड की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है और यहां आकर अद्भुत शांति एवं ऊर्जा का अनुभव होता है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मंदिर परिसर में पूजा-पाठ के साथ मंदिर के पुजारियों, स्थानीय श्रद्धालुओं और प्रशासनिक अधिकारियों से भी भेंट की। उन्होंने क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन को और सशक्त बनाने के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास एवं संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के देवस्थलों को न केवल श्रद्धा के केंद्र के रूप में, बल्कि पर्यटन, रोजगार और आस्था के संगम के रूप में विकसित किया जाए।
: *सीएम धामी ने किया 76.78 करोड़ रुपये की 06 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास*
*जागेश्वर धाम मास्टरप्लान की समीक्षा, समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश*
*‘जागेश्वर हमारी आस्था और विश्वास का केंद्र है, इसे भव्य और दिव्य स्वरूप दिया जाएगा’— मुख्यमंत्री धामी*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज प्रसिद्ध तीर्थस्थल जागेश्वर धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा 76.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एवं स्वीकृत 06 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। लोकार्पण की गई योजनाओं में दन्या से आरा सल्पड़ मोटर मार्ग का सुधारीकरण, चायखान से थुआसिमल मोटर मार्ग का सुधारीकरण, तथा सत्यों में 33/11 केवी उप संस्थान का निर्माण शामिल हैं।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने राजकीय पॉलीटेक्निक सल्ट एवं दन्या में अनावासीय भवनों के निर्माण कार्यों तथा राजकीय पॉलीटेक्निक द्वाराहाट में मैकेनिकल भवन निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने जागेश्वर धाम परिसर का पैदल भ्रमण एवं निरीक्षण किया तथा जागेश्वर धाम मास्टरप्लान की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर हमारी आस्था और विश्वास का केंद्र है, इसे दिव्य और भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए सभी संबंधित विभाग संपूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए धाम की बुनियादी अवसंरचना को सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करते हुए निर्धारित टाइमलाइन में पूर्ण कराया जाए। साथ ही सड़कों की स्थिति की नियमित देखरेख सुनिश्चित की जाए । उन्होंने कहा कि वृद्ध जागेश्वर को भी जागेश्वर धाम के साथ साथ विकसित किया जाए, क्योंकि दोनों स्थलों का पौराणिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व अत्यंत गहरा है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि जागेश्वर धाम न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी वैश्विक पहचान प्राप्त करे। जागेश्वर धाम का समग्र विकास स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर भी लेकर आएगा।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी अंशुल सिंह सहित अन्य जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे ।
: *LIVE: मुनस्यारी, पिथौरागढ़ में ITBP के जवानों एवं सीमान्त क्षेत्र मिलम में स्थानीय जनता से भेंट-वार्ता*
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LIVE: पिथौरागढ़ में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सहकारिता मेला’*
सीमांत गांव मिलम में मुख्यमंत्री ने की आई.टी.बी.पी जवानों और स्थानीय नागरिकों से भेंट*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को पिथौरागढ़ जिले के सीमांत गांव मिलम का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों से मुलाकात कर उनके राष्ट्रसेवा के जज्बे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी समर्पण भाव से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा में जवानों का योगदान अतुलनीय है और उनका अनुशासन, परिश्रम एवं देशभक्ति सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान सीमांत क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों से भी संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित विषयों पर चर्चा की तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत इन क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने, स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास तेजी से जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में सड़क, संचार, स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा ताकि सीमाओं पर बसने वाले लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके। उन्होंने सीमा क्षेत्र के नागरिकों के सहयोग और राष्ट्र प्रति समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जोहार क्लब मुनस्यारी में इनडोर स्टेडियम बनाया जायेगा। ग्राम मिलम में नन्दा देवी मंदिर का सौर्न्यीकरण कार्य कराया जायेगा। ग्राम बिल्जू में सामुदायिक मिलन केन्द्र का निर्माण कार्य किया जायेगा।
इस अवसर पर आईजी आईटीबीपी श्री संजय गुंज्याल, स्थानीय लोग और आईटीबीपी के जवान मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ में किया 85.14 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास*
*सहकारिता से आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त कर रहा उत्तराखंड – मुख्यमंत्री*
*मुख्यमंत्री ने सहकारिता मेले के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश की उपलब्धियाँ और भविष्य की योजनाएँ की साझा*
*पिथौरागढ़ में मेडिकल कॉलेज, स्टेडियम और बस स्टेशन सहित अनेक विकास कार्य गतिमान -सीएम*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025” के उपलक्ष्य में पिथौरागढ़ में आयोजित सहकारिता मेले का शुभारंभ किया।इस अवसर पर उन्होंने जनपद की 85.14 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिसमें 23.16 करोड़ रुपये की लागत के शिलान्यास एवं 61.98 करोड़ रुपये के लोकार्पण कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जिन योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है, वे पिथौरागढ़ के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता की परंपरा भारत में प्राचीन काल से चली आ रही है। यह एक-दूसरे को परस्पर सहयोग द्वारा स्वावलंबी बनाने का प्रयास है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया है, ताकि वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देकर सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में “सहकार से समृद्धि” के स्वप्न को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में एक अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन का निर्णय लिया। आज श्री अमित शाह के नेतृत्व में यह मंत्रालय देश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य उत्तराखंड से प्रारंभ हुआ था और आज प्रदेश की सभी 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण हो चुका है। राज्य की 24 समितियाँ जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं, जिनसे ग्रामीण जनता को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ मिल रही हैं। 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड हो चुका है। राज्य में फरवरी 2023 से अब तक 800 नई पैक्स, 248 नई डेयरी समितियाँ एवं 116 मत्स्य समितियाँ गठित की गई हैं। उत्तराखंड सहकारी संघ द्वारा मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत किसानों को अधिक लाभ पहुँचाने के लिए इस वर्ष मण्डुवा की खरीद 48.86 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जा रही है। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत किसानों और स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मछली पालन और फूलों की खेती जैसे कृषि कार्यों हेतु 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से लघु एवं सीमांत किसानों को 1 लाख रुपये का ब्याजमुक्त फसली ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी है, जो इन संस्थाओं के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। सहकारी समितियों के माध्यम से महिला उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। प्रदेश की 1 लाख 70 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी” बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ में 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है। 34 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स कॉलेज में आधुनिक मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण कराया जा रहा है। विकासखंड बेरीनाग में एक भव्य स्टेडियम का निर्माण कार्य भी प्रारंभ होने वाला है। अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण भी कराया जा रहा है। क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य गतिमान है। पिथौरागढ़ को हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली से हवाई सेवा द्वारा जोड़ने का कार्य किया गया है। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप में विकसित करने का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
इस अवसर पर राज्य मंत्री, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार श्री अजय टम्टा, विधायक श्री बिशन सिंह चुफाल, मेयर पिथौरागढ़ श्रीमती कल्पना देवलाल, अध्यक्ष जिला पंचायत पिथौरागढ़ श्री जितेन्द्र प्रसाद, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गिरीश जोशी, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ श्री आशीष भटगांई, पुलिस अधीक्षक सुश्री रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं स्थानीय जनता उपस्थित थी।
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*15 नवंबर को होगी भूकंप पर राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल*
*मुख्यमंत्री के निर्देश पर यूएसडीएमए ने शुरू की तैयारी*
*जनपदों के साथ सचिव आपदा प्रबंधन ने की बैठक*
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 15 नवंबर को भूकंप तथा भूकंप के प्रभाव से उत्पन्न होने वाली अन्य आपदाओं का प्रभावी तरीके से सामना करने तथा विभिन्न रेखीय विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए सभी 13 जनपदों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। बुधवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में मॉक ड्रिल की तैयारी को लेकर ओरिएंटेशन तथा कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी जनपदों को मॉक ड्रिल के आयोजन को लेकर विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया।
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने भूकंप पर राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल कराने तथा विभिन्न रेखीय विभागों तथा केंद्र सरकार की एजेंसियों के बीच समन्वय की कड़ी को मजबूत करने, भूकंप तथा इससे जुड़ी अन्य आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी तरीके से संचालित करने, संसाधनों को बेहतर से बेहतर उपयोग हो, यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय मॉक अभ्यास आयोजित करने के निर्देश दिए थे।
उन्होंने बताया कि यूएसडीएमए ने मॉक ड्रिल को लेकर तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।
*12 नवंबर को टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी तथा 15 नवंबर को राज्य के सभी 13 जनपदों में मॉक ड्रिल का आयोजन होगा।*
उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल का आयोजन आईआरएस यानी त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के अंतर्गत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टेबल टॉप एक्सरसाइज में सभी जनपद अपनी तैयारियों के साथ ही संसाधनों की उपलब्धता, उनकी तैनाती, मॉक ड्रिल के लिए अपनी योजना के बारे में बताएंगे।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, यूएलएमएमसी के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार, डॉ बिमलेश जोशी तथा यूएसडीएमए, यूएलएमएमसी तथा यू-प्रिपेयर के अधिकारी तथा विशेषज्ञ आदि मौजूद थे।
सभी जनपदों के अधिकारी तथा विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।
*भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है राज्य-सुमन*
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तराखण्ड भूकंप के दृष्टिकोण से संवेदनशील राज्य है। सभी जनपद जोन 04 व 05 में आते हैं। इसलिए भूकंप से निपटने के लिए न सिर्फ सरकार व शासन-प्रशासन के स्तर पर बल्कि समुदाय स्तर पर भी प्रभावी प्रतिक्रिया जरूरी है ताकि भूकंप के प्रभावों को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि यूएसडीएमए भूकंप चेतावनी प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। आईआईटी रुड़की के साथ मिलकर सायरन तथा सेंसरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। *भूदेव एप* विकसित किया गया है, जो पांच से अधिक की तीव्रता का भूकंप आने पर मोबाइल फोन में अलर्ट भेज देगा।
*इवैकुएशन प्लान पर भी होगी रिहर्सल*.
भूकंप आने की स्थिति में लोगों को किस प्रकार रेस्क्यू किया जाएगा, निर्धारित रूट्स, ट्रांसपोर्ट संसाधनों और सुरक्षित ठिकानों को चिन्हित किया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए नक्शों/चार्ट्स पर स्पष्ट मार्गदर्शन के अलावा बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों के लिए रेस्क्यू की प्रभावी योजना बनाई जाएगी।
*राहत शिविरों की व्यवस्थाओं को परखा जाएगा*
मॉक अभ्यास के दौरान राहत शिविरों की स्थापना की जाएगी। वहां बिजली, पानी, भोजन, प्राथमिक चिकित्सा, शिशु आहार के साथ ही गर्भवती महिलाओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए रियल टाइम में उन्हें परखा जाएगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस तथा होमगार्ड के जवानों की तैनाती भी राहत शिविरों में की जाएगी।
*मॉक ड्रिल से परखी जाएंगी जनपदों की तैयारियां-स्वरूप*
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-प्रशासन आनंद स्वरूप ने भूकंप पर आयोजित होने जा रही मॉक ड्रिल के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मॉक अभ्यास का उद्देश्य भूकंप से निपटने के लिए जनपदों की तैयारियों का परीक्षण करना, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और प्रतिक्रिया क्षमता को परखना तथा मजबूत करना, राहत एवं बचाव उपकरणों की उपलब्धता और उपयोगिता की जांच करना, राहत शिविर संचालन तथा वहां भोजन, पानी, स्वास्थ्य सुविधा को परखना, चेतावनी तंत्र की प्रभावशीलता का परीक्षण करना, संवेदनशील क्षेत्रों की पूर्व निर्धारित निकासी योजना का अभ्यास करना तथा समुदायों की सहभागिता और उनकी प्रतिक्रिया को मजबूत बनाना है।
*जनपदों में अलग-अलग परिदृश्यों पर होगी ड्रिल-नेगी*
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी ने बताया कि बहुमंजिला इमारत के ढहने के बाद लोगों का रेस्क्यू, कॉलेज/स्कूल भवन के क्षतिग्रस्त होने से बच्चों तथा शिक्षकों की सुरक्षित निकासी, पुल व फ्लाईओवर का ढहना, बांध की विफलता से उत्पन्न बाढ़ के उपरांत राहत एवं बचाव कार्य, अपार्टमेंट, शॉपिंग मॉल से लोगों की सुरक्षित निकासी, औद्योगिक क्षेत्र में कैमिकल रिसाव के उपरांत राहत एवं बचाव कार्य, ग्लेशियर झील का फटना, रेलवे ट्रेक क्षतिग्रस्त होना, भूस्खलन आदि परिदृश्यों पर मॉक अभ्यास का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रात्रि के समय भूकंप आने पर किस प्रकार प्रभावी तरीके से राहत एवं बचाव कार्य किए जा सकते हैं, इस पर भी रात्रि के समय मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
*इंदिरा मार्केट व आढ़त बाजार के कार्यों में लायी जाए तेजीः मुख्य सचिव*
*देहरादून शहर में अंडरग्राउण्ड पार्किंग की सम्भावनाएं तलाशी जाने के दिए निर्देश*
*पार्किंग के लिए इन्फोर्समेंट और शटल सेवा बढ़ाने पर दिया जोर*
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में देहरादून शहर के मोबिलिटी प्लान से सम्बन्धित एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण की बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने देहरादून शहर के लिए यातायात संकुलन योजना की प्रगति की जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को मोबिलिटी प्लान के तहत सुधारीकरण के लिए चिन्हित स्थानों में सुधार प्रक्रिया शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अगले एक माह में कार्य शुरू कराए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर एनफोर्समेंट बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को लगातार इसकी मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए हैं ताकि कार्यों को समय से पूर्ण किया जा सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि लगातार नई पार्किंग्स स्थल चिन्हित कर तैयार किए जाएं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को अंडरग्राउंड पार्किंग पर भी कार्य किए जाने की बात कही। कहा कि अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए सचिवालय एवं परेड ग्राउण्ड के साथ ही चकराता रोड पर उपलब्ध स्थानों की फिजिबिलिटी स्टडी करवा ली जाए। उन्होंने सीएमपी में दिए गए सुझावों और नए चिन्हित सम्भावित पार्किंग स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर लिया जाए।
मुख्य सचिव ने इंदिरा मार्केट एवं आढ़त बाजार के कार्यों की प्रगति की जानकारी भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने आढ़त बाजार भूमि आबंटन प्रक्रिया नवंबर तक पूर्ण कर शीघ्र अग्रेत्तर कार्यवाही शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इंदिरा मार्केट के फेज-1 और फेज-2 के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने दोनों कार्यों के लिए टाईमलाईन निर्धारित कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि नई बसें शीघ्र संचालित किए जाने के साथ ही यातायात नियमों के प्रति सजगता बढ़ाए जाने की दिशा में भी लगातार कार्य किए जाने पर बल दिया जाए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, अपर सचिव श्री विनीत कुमार, श्रीमती रीना जोशी, एमएनए श्रीमती नमामी बंसल एवं उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से बृजेश कुमार मिश्रा सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
*सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग*
: *LIVE: देहरादून में लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल जी की जयन्ती के अवसर पर आयोजित माल्यार्पण, श्रद्धांजलि एवं एकता पदयात्रा*
: *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया यूनिटी मार्च वॉकथॉन का शुभारंभ, सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल जी की जयन्ती के अवसर पर घंटाघर में उनकी मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी एवं एकता पदयात्रा का शुभारंभ कर उसमें प्रतिभाग भी किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वदेशी अपनाने और नशा मुक्त उत्तराखंड की शपथ भी दिलाई।
मुख्यमंत्री ने भारत के लौह पुरुष, भारत रत्न, सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए कहा कि उनके अदम्य साहस, दूरदर्शिता और राष्ट्र समर्पण की भावना के कारण ही आज भारत एक शक्तिशाली और एकीकृत राष्ट्र के रूप में खड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का सम्पूर्ण जीवन देश की एकता और अखंडता को समर्पित था। उन्होंने 560 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया। ऐसे महापुरुष के योगदान को नमन करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से उनकी जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।उन्होंने कहा कि राज्यभर में 16 नवंबर तक प्रत्येक जिले के तीन स्थानों पर वॉकथॉन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रत्येक आयोजन स्थल पर 8 से 10 किलोमीटर की पदयात्रा के साथ नशा मुक्त भारत, एक पेड़ मां के नाम तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे जन-जागरूकता अभियानों को भी जोड़कर समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वॉकथॉन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता की भावना को सशक्त करने का माध्यम है। इससे युवाओं में राष्ट्र निर्माण, अनुशासन, और सेवा की भावना प्रबल होगी।उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात करते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने आह्वान किया कि राज्य के सभी नागरिक एकजुट होकर इस संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री गणेश जोशी श्रीमती रेखा आर्या, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजानदास, श्रीमती सविता कपूर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल एवं एसएसपी अजय सिंह मौजूद थे।
: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल जी की जयन्ती के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल जी ने अनेक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। उनका राष्ट्रनिष्ठ दृष्टिकोण हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए सतत प्रेरित करता रहेगा।
*नाबार्ड उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून*
*26 अक्टूबर से 02 नवम्बर 2025 तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आयोजन*
देहरादून, 31 अक्टूबर 2025 — नाबार्ड उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून द्वारा सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आयोजन 26 अक्टूबर से 02 नवम्बर 2025 तक किया जा रहा है। यह सप्ताह राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जा रहा है।
भारत के लौह पुरुष श्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में, आईटी पार्क, देहारादून में अपने कर्मचारियों के लिए एक वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व श्री शशि कुमार, महाप्रबंधक एवं प्रभारी अधिकारी, नाबार्ड उत्तराखंड ने किया। उन्होंने सतर्कता और नैतिक आचरण के महत्व पर बल दिया।
इसके अतिरिक्त, नाबार्ड ने राज्य के सभी जिलों में स्थित अपने जिला कार्यालयों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसमें स्थानीय समुदायों, हितधारकों और कर्मचारियों को सतर्कता और सुशासन के विषय में जागरूक किया गया।
यह सप्ताह नाबार्ड की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वह अपने कार्यों और हितधारकों के बीच ईमानदारी और सतर्कता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
*देहरादून 31 अक्टूबर, 2025
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में कुम्भ मेला 2027 के लिए प्रस्तावित कार्यों की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला 2027 से सम्बन्धित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने फेज-1 में अतिआवश्यक प्रकृति के कार्यों को प्राथमिकता पर लेने की बात कही। कहा कि कार्यों को समय से पूर्ण कराए जाने हेतु लगातार मॉनिटरिेंग की जाए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों के शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, शीघ्र शासनादेश जारी किए जाएं। जिनके शासनादेश जारी हो गए हैं, और टेण्डर प्रक्रिया हो चुकी है, उन कार्यों को शीघ्र शुरू कराया जाए। उन्होंने मनसा देवी मंदिर के फेज-1 का कार्य शीघ्र शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक माह के अंदर इसका शासनादेश जारी किया जाए। उन्होंने कांगड़ा घाट में महिलाओं के लिए घाट की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि घाटों पर श्रद्धालुओं का प्रवेश और निकास अलग-अलग स्थान पर होता है, जिससे जूते और सामान वापस लेने के लिए श्रद्धालुओं को फिर से वहीं वापस आना पड़ता है, जिससे अनावश्यक भीड़ होती है। उन्होंने घाटों के पास श्रद्धालुओं को जूते और सामान रखने के लिए एक ऐसा मैकेनिज्म तैयार किए जाने निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को एग्जिट पॉइन्ट पर उनके जूते और सामान मिल जाए। उन्होंने सचिव लोनिवि को इसकी जिम्मेदारी सौंपी।
मुख्य सचिव ने पंतद्वीप और चमगादड़ टापू का ड्रेनेज प्लान सिंचाई विभाग द्वारा तैयार किये जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग रानीपुर मोड़ और भगतसिंह चौक के जल भराव की समस्या का समाधान निकालते हुए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करे।
मुख्य सचिव ने हरिद्वार में घाटों के लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसका स्थायी समाधान निकाले जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर की पैड़ी का वेस्ट मैनेजमेंट गंगा सभा करती है। अन्य घाटों के लिए भी वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए।
मुख्य सचिव ने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए थर्ड पार्टी मूल्यांकन किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता की लगातार जांच की जाए, मूल्यांकन एजेन्सी से साप्ताहिक रिपोर्ट संकलित की जाए एवं उसका अध्ययन कराया जाए।
इस अवसर पर सचिव श्री नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री दिलीप जावलकर, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री श्रीधर बाबू अद्धांकी, श्री युगल किशोर पंत एवं मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
: *‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी‘ के सम्मुख एकता परेड में उत्तराखंड की झांकी में राज्य के विभिन्न रूप-रंगों की छटा बिखरी*
गुजरात के केवडिया में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी‘ के सम्मुख आयोजित एकता परेड में उत्तराखंड की झांकी के माध्यम से देवभूमि की प्रकृति, संस्कृति और प्रगति के विभिन्न रूप-रंगों की छटा बिखरी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भव्य एकता परेड का निरीक्षण करते हुए उत्तराखंड की झांकी और लोक कलाकारों के प्रदर्शन की ताली बजाकर सराहना भी की।
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी‘ के सम्मुख प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के मुख्य समारोह में एकता परेड में देश के चुनिंदा आठ राज्यों के साथ उत्तराखंड को झांकी प्रदर्शन का गौरव मिला था। ‘अष्ट तत्त्व और एकत्व‘ की थीम पर आधारित उत्तराखंड की झांकी के माध्यम से एकता परेड में राज्य के धार्मिक स्थलों, नैसर्गिक सौंदर्य तथा सांस्कृतिक समृद्धि के साथ ही विकास विभिन्न आयामों को प्रदर्शित किया। सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक के नेतृत्व में उत्तराखंड की झांकी के साथ राज्य के लोक कलाकारों के दल ने लोकगीत की धुनों के साथ पारंपरिक नृत्य का प्रदर्शन किया। राज्य की झांकी के नोडल अधिकारी एवं सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक श्री के.एस. चौहान ने बताया कि एकता परेड में राज्य के इस प्रदर्शन को दर्शकों की व्यापक सराहना मिली है।
: *मुख्यमंत्री ने किया ‘बिल लाओ, ईनाम पाओ’ मेगा लकी ड्रॉ के साथ राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह का शानदार शुभारंभ*
*नैनीताल की सोनिया और टिहरी के जसपाल रावत ने जीती इलेक्ट्रिक कार*
*“बिल लाओ, ईनाम पाओ” से बढ़ा राजस्व और कर अनुपालन*
*उपभोक्ता जागरूकता व जनभागीदारी का प्रतीक बनी योजना*
*प्रदेश में यह योजना अभी जारी रहेगी- मुख्यमंत्री।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह का शुभारंभ करते हुए शुक्रवार को सचिवालय में ‘बिल लाओ, ईनाम पाओ’ के अंतर्गत मेगा लकी ड्रॉ निकाला। राज्य कर विभाग, उत्तराखंड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 1888 लकी ड्रॉ विजेता चुने गए। नैनीताल जनपद की सोनिया और टिहरी जनपद के जसपाल रावत ने प्रथम विजेता के रूप में एक-एक इलेक्ट्रिक कार जीती।
मुख्यमंत्री ने दोनों विजेताओं से फोन पर बात कर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बिल लाओ, ईनाम पाओ’ योजना राज्य में जारी रहेगी। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस नवाचार ने राज्य के राजस्व संग्रहण को एक नई चेतना और ऊर्जा दी है। वर्ष 2022 में शुरू की गई इस योजना के माध्यम से जनभागीदारी को कर प्रणाली से सीधे जोड़ने का प्रयास किया गया। इस योजना के तहत 6 लाख 50 हजार बिलों के माध्यम से 263 करोड़ रुपये का लेनदेन लोगों द्वारा अपलोड किया गया। इससे व्यापारी वर्ग में कर अनुपालन की संस्कृति को बढ़ावा मिला है और राज्य की राजस्व प्राप्ति में निरंतर वृद्धि दर्ज हुई है। यह योजना आज एक ओर जहां उपभोक्ता जागरूकता का सशक्त माध्यम बन चुकी है, वहीं साझा जिम्मेदारी का प्रतीक भी बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से व्यवसायियों को भी सहूलियत मिली है। राज्य सरकार व्यापार तंत्र को और अधिक कुशल व पारदर्शी बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में व्यापार, उद्यम और रचनात्मकता को साथ लेकर लोगों में नया विश्वास पैदा किया जा रहा है। भ्रष्टाचार मुक्त व भयमुक्त वातावरण में आज व्यापारी वर्ग पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “वार्षिक व्यापार सुधार कार्य योजना” के माध्यम से राज्य में निवेश और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। राज्य के राजस्व वृद्धि की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में वित्तीय प्रबंधन में नवाचार, संसाधनों के मितव्ययी उपयोग और नवाचारों के अधिकतम प्रयोग पर बल दिया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की कि प्रत्येक खरीदारी पर बिल अवश्य मांगें और लेनदेन को पारदर्शी बनाकर राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
मेगा लकी ड्रॉ में 2 विजेताओं ने इलेक्ट्रिक कार, 16 विजेताओं ने कार, 20 विजेताओं ने ई-स्कूटर, 50 विजेताओं ने मोटरसाइकिल, 100 विजेताओं ने लैपटॉप, 200 विजेताओं ने स्मार्ट टीवी, 500 विजेताओं ने टैब, तथा 1000 विजेताओं ने माइक्रोवेव एवं अन्य पुरस्कार जीते।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, सचिव वित्त श्री दिलीप जावलकर, आयुक्त राज्य कर श्रीमती सोनिका, अपर सचिव श्री नवनीत पांडेय, अपर सचिव श्री मनमोहन मैनाली, उद्योग व्यापार समूह से श्री पंकज गुप्ता, श्री राजीव अग्रवाल, श्री सुनील मैसन, चार्टर्ड एकाउंटेंट श्री रवि माहेश्वरी, श्री संजीव गोयल, टैक्स बार एसोसिएशन से श्री सुमित ग्रोवर, श्री योगेश चोपड़ा एवं राज्य कर विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर शासन के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को एकता एवं अखंडता की शपथ दिलाई।
शपथ में सभी अधिकारियों – कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करने और अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर सचिव श्री नीतेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, श्री युगल किशोर पंत एवं कुंभ मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका सहित मुख्य सचिव के वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव श्री एम.एल. उनियाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती वर्ष को पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस अवसर पर विभिन्न विभाग अपने स्तर से विशेष कार्यक्रम और जनकल्याणकारी पहलें भी कर रहे हैं। जिनमें जनजागरूकता अभियान एवं शिविरों का आयोजन प्रमुख रूप से शामिल है। राज्य सरकार का लक्ष्य रजत जयंती समारोह को जनभागीदारी से सार्थक बनाना है।
इसी क्रम में साईबर कोषागार, देहरादून में दिनांक 3 नवंबर 2025 से दिनांक 9 नवंबर 2025 तक पेंशन जागरूकता शिविर के आयोजन किए जा रहे हैं। दिनांक 3 नवंबर को पेंशन स्वीकृति पारिवारिक पेशन प्रारम्भ करने में आने वाली व्यावहारिक कठिनाईयों एवं परेशानियों को दूर करने हेतु जागरूक अभियान चलाया जाएगा। वहीं 4 नवंबर को पेंशनरों के जीवन प्रमाण पत्र को डिजिटल माध्यम से जमा करवाने के सम्बन्ध में जानकारी / जागरूकता /प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
दिनांक 5 नवंबर को पेंशनरों को आयकर सम्बन्धी जानकारी प्रदान करना एवं दिनांक 6 नवंबर को पेंशनरों को राज्य स्वास्थ्य योजना एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति से सम्बन्धित महत्वपूर्ण जानकारियों प्रदान किया जाना / स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से पेंशनरों हेतु निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। दिनांक 7 नवंबर को पुलिस विभाग एवं बैंकों के सहयोग से कार्मिको/पेशनरों को साईबर धोखाधडी से बचाव हेतु जागरूकता कार्यक्रम/पेशनरों हेतु पेंशन हेल्पलाइन नम्बर जारी किया जाएगा।
साईबर कोषागार, देहरादून में 8 नवंबर को 80 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनरों / पारिवारिक पेंशनरों के जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की “Door step” सुविधा प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में चर्चा आयोजित होगी एवं दिनांक 9 नवंबर को जनपद स्तर पर कार्यरत विभिन्न आहरण वितरण अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न देयकों एवं पेंशन प्रपत्रों में पायी जाने वाली कमियों/ त्रुटियों के सम्बन्ध में चर्चा एवं समाधान किया जाएगा।
राज्य स्थापना की रजत जयन्ती पर कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के तत्वाधान में कौशल एव रोजगार महोत्सव, 2025 का आयोजन दिनाक 6 नवम्बर, 2025 को जनपद देहरादून के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (युवक), निरंजनपुर, माजरा में किया जाना प्रस्तावित है। जिसमें प्रदेश भर से हजारों युवा प्रतिभाग करेंगे। इस महोत्सव में सैक्टोरियल पंडाल एवं विभागीय प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा।
सैक्टोरियल पण्डाल में उद्योग विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, पर्यटन विभाग, कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग, उद्यान विभाग तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपने-अपने क्षेत्र के अन्तर्गत संचालित कार्यक्रमों के विवरण का प्रस्तुतिकरण किया जायेगा। सैक्टीरियल पण्डालो में विभाग से सम्बन्धित विशेष उपलब्धियों के बारे में युवाओं को बताया जाएगा। साथ ही इन पंडालों में अपने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों / संस्थाओं को भी बुलाया जायेगा। जो युवाओं को जागरूक एवं प्रेरित करने का काम करेंगे।
विभागीय प्रदर्शिनी कार्यक्रम स्थल में राज्य सरकार के समस्त विभाग अपने विषय को ध्यान में रखते हुए विभागीय योजनाओं से सम्बन्धित प्रदर्शनी लगायेंगे, जिससे युवाओं को राज्य सरकार द्वारा संचालित रोजगार / स्वराजगार एवं लघु अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रमो को जानने का अवसर मिलेगा।
[31/10, 4:47 pm] Manoj Sati Cm Press: *मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी इगास पर्व की बधाई, प्रदेश वासियों से अपनी लोक परम्पराओं एवं समृद्ध लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने का किया आह्वान।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को इगास पर्व/बूढ़ी दीपावली की बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लोक संस्कृति एवं परम्परा देवभूमि की पहचान है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की लोक संस्कृति एवं लोक परम्परा उस राज्य की आत्मा होती है, इसमें इगास का पर्व भी शामिल है। हमारे लोक पर्व एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत सामाजिक जीवन में जीवंतता प्रदान करने का कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपनी लोक संस्कृति एवं लोक परम्पराओं को आगे बढ़ाने में सहयोगी बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से संपूर्ण देश में सांस्कृतिक विरासत और गौरव की पुनर्स्थापना हो रही है, उसी तरह उत्तराखंडवासी अपने लोकपर्व इगास को आज बडे़ उत्साह से मना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लोग इगास पर्व पर अपनी परम्पराओं के साथ अपने पैतृक गांवों से भी जुड सके इसके लिये राज्य में इगास पर्व पर सार्वजनिक अवकाश की परम्परा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी अपनी लोक संस्कृति एवं लोक पर्वों से जुड़े इसके भी प्रयास होने चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखण्डवासियों से भी अनुरोध किया कि वे भी अपने लोक पर्व को अपने गांव में मनाने का प्रयास करें तथा प्रदेश के विकास में सहभागी बने। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख-शांति एवं समृद्धि की भी कामना की है।
LIVE: हरिद्वार में आयोजित ‘देवभूमि रजत उत्सव’ कार्यक्रम*
: *राज्य आंदोलनकारियों और मातृशक्ति के प्रति भावांजलि अर्पित करने का अवसर है रजत जयंती उत्सव : मुख्यमंत्री*
*मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में आयोजित “देवभूमि रजत उत्सव 2025’’ में किया प्रतिभाग*
*कुंभ 2027 के निर्माण कार्यों में लाये गुणवत्ता, अन्यथा लापरवाही पर होगी कार्यवाही*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित देवभूमि रजत उत्सव 2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने राज्य निर्माण में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले राज्य आंदोलनकारियों, मातृशक्ति को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का ये रजत उत्सव एक उत्सव मात्र नहीं, बल्कि उन राज्य आंदोलनकारियों, माताओं-बहनों और युवाओं के प्रति अपनी भावांजलि अर्पित करने का पावन अवसर है जिन्होंने उत्तराखंड राज्य स्थापना के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
*अनेक चुनोतियों से घिरा हुआ था राज्य*
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि वर्ष 2000 में जब उत्तराखंड अस्तित्व में आया तब ये नवजात राज्य भौगोलिक कठिनाइयों, सीमित संसाधनों समेत अनेक चुनौतियों से घिरा हुआ था, लेकिन हमारी देवभूमि की जनता में ये अटूट विश्वास था कि कुछ भी हो जाए हम इस राज्य को आगे बढ़ाकर ही दम लेंगे और आज जब 25 वर्षों बाद हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो ये गर्व से कह सकते हैं कि इन वर्षों में उत्तराखंड न केवल इन चुनौतियों से लड़कर आगे बढ़ा, बल्कि आज विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है।
*गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है रजत उत्सव*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल हमारी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता से ही नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और अटूट आस्था से भी है। कहा कि ये देवभूमि रजत उत्सव उसी गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, जो हमारी सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत बना रहा है। कहा कि यहां आयोजित प्रदर्शनी और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से हम देश-दुनिया को ये संदेश देना चाहते हैं कि उत्तराखंड अपनी परंपराओं में रचा-बसा होने के साथ ही भविष्य की ओर भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
*गांव से शहर तक, मातृशक्ति से श्रमशक्ति तक के लिए बनाई योजनाएं*
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज हम गांवों से लेकर शहरों तक, किसानों से लेकर युवाओं तक, मातृशक्ति से लेकर श्रमशक्ति तक, व्यापारियों से लेकर कमचारियों तक प्रत्येक क्षेत्र और वर्ग के लिए कई नई योजनाएं बनाकर प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित कर रहे हैं। आज प्रदेश में जहां एक ओर शहरों से लेकर सुदूर सीमावर्ती व पर्वतीय गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में सार्थक प्रयास किया जा रहा है, वहीं, लोकल फॉर वोकल, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने के स्वप्न को साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं।
*4 वर्षो के कठोर निर्णयों को बताया जनहित के निर्णय*
इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने चार वर्षों में लिए गए कठोर निर्णयों को जहित के निर्णय बताया। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी, सख्त दंगारोधी कानून, लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद सहित नकल विरोधी कानून का उल्लेख किया। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता कानून, अवैध मदरसों पर की गई कार्यवाही सहित ऑपरेशन कालनेमि अभियान का भी बखान किया। उन्होंने भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ‘ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत की जा रही कार्यवाही की भी बात कही।
*हरिद्वार के चहुंमुखी विकास के लिए अनेक परियोजनाओं पर चल रहा कार्य*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के चहुंमुखी विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दौहराते हुए कहा कि हम हरिद्वार शहर में जहां एक ओर 186 करोड़ रुपए से सीवरेज नेटवर्क निर्माण के साथ ही पूरे शहर में 187 करोड़ रुपए से अधिक की पेयजल परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृण बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज के निर्माण के साथ ही लालढांग क्षेत्र में मॉडल डिग्री कालेज की स्थापना की और हरिद्वार में शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए भी हर संभव प्रयास किए हैं।
कहा कि हमारी सरकार धर्मनगरी को काशी विश्वनाथ एवं उज्जैन महाकाल कॉरिडोर की भांति भव्य और दिव्य रूप देने के लिए हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर का निर्माण भी करा रहे हैं, जिसकी डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। इसके साथ ही हरिद्वार में हेली सेवाओं के लिए हेलीपोर्ट का निर्माण करने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। कहा कि हम हरकी पैड़ी से मां चंडी देवी तक रोपवे के निर्माण और लालढ़ांग की बरसाती नदी में पुल का निर्माण करवा रहे हैं।
*कुंभ के कार्यों में न बरतें अनियमितता, अन्यथा होगी कार्यवाही*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धर्मनगरी में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ के लिए हम अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। लेकिन, उनके संज्ञान में कुंभ के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों में कुछ अनियमितताएं बरतने शिकायत आई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में लगे अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाएं या तो गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करें, अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहें। क्योंकि हमारी सरकार धर्मनगरी हरिद्वार को एक विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।
*एआई रोबोट ने सुनाई डिजिटल इंडिया की गाथा*
हरिद्वार में आयोजित देवभूमि रजत उत्सव 2025 के दौरान आधुनिक तकनीक और परंपरा का संगम भी देखने को मिला, जब एक अत्याधुनिक एआई रोबोट ने मंच से “डिजिटल इंडिया” की सफलता गाथा सुनाई। रोबोट ने आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे भारत आज विश्व का टेक्नोलॉजी हब बन चुका है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
कार्यक्रम में हरिद्वार मेयर किरण जैसल,रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल,जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी,,रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री/प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद, दर्जाधारी राज्य मंत्री विनय रुहेला, राज्यमंत्री सुनील सैनी, राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी, राज्यमंत्री शोभाराम प्रजापति, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, अजीत सिंह, ब्लॉक प्रमुख कविंद्र, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा,भाजपा जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ मधु सिंह, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह, एपीडी नलिनीत घिल्डियाल, संजीव चौधरी,पूर्व विधायक संजय गुप्ता,पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा,युवा मोर्चा अध्यक्ष विक्रम भुल्लर उपस्थित रहे |
