*LIVE: देहरादून में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं का शुभारंभ*
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मौसम विज्ञान विभाग द्वारा रेड तथा ऑरेंज अलर्ट के पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से सभी जिलाधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
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सीएम धामी ने देहरादून में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं का शुभारंभ किया
*डिजिटल उत्तराखण्ड एप का किया उद्घाटन*
*S3Waas Platform आधारित 66 websites का शुभारंभ*
*नगरीय कूड़ा उठाने वाले वाहनों की जीआईएस आधारित रियल टाइम ट्रैकिंग वेब एप लॉन्च*
*1905 सीएम हेल्पलाइन में AI नवाचार की शुरुआत*
अतिक्रमण निगरानी हेतु वेब बेस्ड एप्लीकेशन का शुभारंभ
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देहरादून 12 अगस्त, 2025 (सू. ब्यूरो)*
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में सिंचाई, लघु सिंचाई सहित जलश्रोत एवं नदी पुनर्जीवीकरण प्राधिकरण के साथ प्रदेश में बैराज, चैकडैम एवं जलाशयों आदि के निर्माण एवं संतृप्तिकरण की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेशभर में चैकडैम और बैराज के लिए अगले 5 वर्षों का प्लान तैयार किया जाए। साथ ही, टाईमलाईन के साथ कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए।
मुख्य सचिव ने सिंचाई, लघु सिंचाई एवं जलश्रोत एवं नदी पुनर्जीवीकरण प्राधिकरण द्वारा कराए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि चैकडैम और बैराज से प्रदेशभर को संतृप्त किया जाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि नदियों में बैराज बनाकर प्रदेशभर को संतृप्त किया जाए । कहा कि पेयजल की कम उपलब्धता वाले स्थानों को प्राथमिकता पर लेते हुए बैराज बनाए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि चैकडैम बनाए जाने के लिए विभागों द्वारा जलश्रोत एवं नदी पुनर्जीवीकरण प्राधिकरण की गाइडलाईन्स का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने चैकडैम बनाए जाने के लिए जल ग्रहण क्षेत्र और जलश्रोतों के उपचार पर भी फोकस किया जाना चाहिए। कहा कि चैकडैम भूजल स्तर को सुधारने के साथ ही मानसून सीजन में धराली जैसी घटनाओं को रोकने में भी कारगर हो सकते हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि बैराज और चैकडैम की सूची तैयार कर प्राथमिकता तय की जाए। पेयजल एवं सिंचाई वाली योजनाओं को प्राथमिकता पर लिया जाए। साथ ही, उन्होंने शहरी क्षेत्रों में भूजल पुनर्भरण के लिए भी प्राधिकरण को लगातार कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जैव-अनुकूल तकनीक को भी अपनाए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में जलाशयों के निर्माण कार्य में भी तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय निर्माण में तेजी लाए जाने हेतु सचिव सिंचाई को साप्ताहिक समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनपद पौड़ी के सतपुली बैराज को शीघ्र पूर्ण किए जाने और जनपद नैनीताल में प्रस्तावित खैराना बैराज का निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान सिंचाई, लघु सिंचाई एवं जलश्रोत एवं नदी पुनर्जीवीकरण प्राधिकरण द्वारा किए जाने रहे कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
इस अवसर पर सचिव श्री दिलीप जावलकर, श्री युगल किशोर पंत एवं अपर सचिव श्री हिमांशु खुराना सहित सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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उत्तराखण्ड में नेक्स्ट-जनरेशन डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा।*
*राज्य में “एआई मिशन“ प्रारंभ किया जाएगा, जिसे “एक्सीलेंस सेंटर“ के रूप में विकसित किया जाएगा।*
*राज्य में नेक्स्ट-जनरेशन रिमोट सेंसिंग एवं ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का विकास किया जाएगा।*
*राज्य में एक विशिष्ट आईटी कैडर स्थापित करने के लिए सरकार प्रयास करेगी।*
*सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं।*
*उत्तराखण्ड को तकनीकी रूप से दक्ष राज्य बनाने के लिए “हिल से हाइटेक“ के मंत्र पर किया जा रहा है कार्य – मुख्यमंत्री।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं का शुभारंभ किया। इनमें डिजिटल उत्तराखण्ड एप का उद्घाटन, सुरक्षित, स्केलेबल और सुगम्य (S3Waas) प्लेटफॉर्म आधारित 66 वेबसाइटों का उद्घाटन, नगरीय क्षेत्र में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की रियल टाइम ट्रैकिंग के लिए विकसित की गई जीआईएस आधारित वेब एप का उद्घाटन, जन सुविधा के लिए संचालित 1905 सीएम हेल्पलाइन में एआई के अनुप्रयोग नवाचार का शुभारंभ और अतिक्रमण की निगरानी के लिए वेब आधारित एप्लीकेशन का शुभारंभ शामिल हैं।
*मुख्यमंत्री घोषणाएं –*
1- भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए राज्य में नेक्स्ट-जनरेशन डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत डिजास्टर रिकवरी के लिए भी एक अलग से मैकेनिज्म बनाया जाएगा।
2- राज्य में शीघ्र ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए “एआई मिशन“ प्रारंभ किया जाएगा, जिसे “एक्सीलेंस सेंटर“ के रूप में विकसित किया जाएगा।
3- गुड गवर्नेंस की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए राज्य में नेक्स्ट-जनरेशन रिमोट सेंसिंग एवं ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का विकास किया जाएगा।
4- राज्य में एक विशिष्ट आईटी कैडर स्थापित करने के लिए सरकार प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड सुंदर पहाड़ी राज्य होने के साथ ही तकनीकी रूप से दक्ष राज्य के रूप में आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार “हिल से हाइटेक“ के मंत्र पर कार्य कर रही है। आज प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी 5 महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की गई है। ये सभी नवाचार शासन व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के साथ ही विभिन्न सेवाओं में गति एवं पारदर्शिता भी लाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान के माध्यम से प्रौद्योगिकी और नवाचार का विस्तार हुआ है। उनके ’डिजिटल इंडिया’ के सपने को साकार करने के लिए राज्य सरकार भी निरंतर प्रयास कर रही है। “डिजिटल उत्तराखण्ड“ एप के माध्यम से लोग घर बैठे ही अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह एप प्रधानमंत्री के ’मिनिमम गवर्नमेंट – मैक्सिमम गवर्नेंस’ के मंत्र को साकार करने में सहायक होगा। इससे सरकारी सेवाओं को एकीकृत, सरल और सुलभ बनाने में सहायता मिलेगी और विभिन्न गतिविधियों की मॉनिटरिंग भी आसानी से होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि S3Waas प्लेटफॉर्म पर आधारित 66 नई सरकारी वेबसाइटें विभागीय जानकारी को सुरक्षित, त्वरित और पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुंचाएंगी। जीआईएस आधारित वेब ऐप शहरी क्षेत्रों में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा। अतिक्रमण की रोकथाम के लिए एक वेब-आधारित ऐप के माध्यम से कोई भी नागरिक अतिक्रमण की तस्वीर या वीडियो अपलोड कर सकेगा, जिस पर संबंधित विभाग तुरंत जांच कर कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि 1905 सीएम हेल्पलाइन राज्य के नागरिकों और सरकार के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस सेवा में भी एआई आधारित सुविधाओं से शिकायतों का ऑटो-केटेगराइजेशन, त्वरित समाधान और फॉलो-अप मॉनिटरिंग और भी बेहतर तरीके से होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ऑनलाइन शिक्षा, ई-स्वास्थ्य सेवा और भूलेख डिजिटलीकरण जैसे कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल और सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से लोगों को घर बैठे ही अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लासरूम और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म का भी विस्तार किया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी सेवाओं के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह घर बैठे उपलब्ध कराने का भी कार्य किया जा रहा है। “अपणी सरकार“ पोर्टल द्वारा 886 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध करवाया जा रहा है। राज्य के लगभग 95 प्रतिशत गांवों में दूरसंचार कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है।
इस अवसर पर विधायक श्री खजानदास, प्रमुख सचिव श्री एल. फैनई, सचिव श्री नितेश झा, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री नीरज खेरवाल, डॉ. वी. षणमुगम, श्री श्रीधर बाबू अदांकी, महानिदेशक यू-कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, निदेशक आईटी श्री गौरव कुमार (वर्चुअल माध्यम), नगर आयुक्त देहरादून श्रीमती नमामि बंसल, संबंधित विभागों के अपर सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।
