देहरादून,मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्य तिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय बहुगुणा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि वे एक दूरदर्शी नेता एवं कुशल प्रशासक थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में सदैव जनहित को सर्वोपरि रखा और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, पद्म विभूषण से अलंकृत तथा उत्तराखंड के गौरव, जनरल बिपिन रावत की जयंती पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर भावपूर्ण स्मरण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ भारती की सेवा में अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले जनरल बिपिन रावत अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा के प्रति जनरल बिपिन रावत का समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनका नेतृत्व, दूरदर्शिता और देश के प्रति अटूट निष्ठा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
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*मुख्यमंत्री ने 63 सफाई निरीक्षकों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र*
*शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का किया वर्चुअल शिलान्यास*
*मुख्यमंत्री ने कूड़ा निस्तारण वाहनों को दिखाई हरी झंडी*
*चार वर्षों में लगभग 30 हजार युवाओं को प्रदान की गई सरकारी नौकरी – मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत चयनित 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 62 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का वर्चुअल शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में राज्य में लगभग 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित सभी सफाई निरीक्षकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज आपके जीवन में एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के गठन के समय प्रदेश में केवल 63 स्थानीय नगर निकाय थे। आज प्रदेश में 11 नगर निगम, 46 नगर पालिका परिषद और 51 नगर पंचायत सहित कुल 108 स्थानीय नगर निकाय हैं। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आज हमारे शहर विकास और आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। राज्य सरकार प्रदेश के अपने इन शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस दिशा में हमारे स्थानीय निकायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कूड़ा प्रबंधन से लेकर नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं के सुचारू संचालन तक की बड़ी जिम्मेदारी इन्हीं संस्थाओं के कंधों पर होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय हमारे शहरों के समग्र विकास के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। सफाई निरीक्षक इसकी नींव के पत्थर हैं। प्रदेश में नगर निकायों की प्रशासनिक और तकनीकी क्षमता को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। पिछले करीब 5 वर्षों में शहरी निकायों में 63 अधिशासी अधिकारियों, 22 कर एवं राजस्व निरीक्षकों तथा 32 अवर अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 63 सफाई निरीक्षकों की नियुक्ति हमारे नगर निकायों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी नवनियुक्त निरीक्षक अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करते हुए प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, आध्यात्म और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यहाँ स्थित चारधाम और गंगा-यमुना के पावन तीर्थ हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। वर्ष 2027 में कुंभ मेले का आयोजन होना है और अगले महीने से चारधाम यात्रा भी प्रारंभ होने वाली है। ऐसे अवसरों पर शहरों और तीर्थस्थलों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होता है। इसमें नगर निकायों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। जहाँ एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। निराश्रित गौवंशों के संरक्षण के लिए आश्रय योजना संचालित की जा रही है। कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है और कूड़ा वाहनों की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है तथा 11 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पर्यावरण मित्रों को ‘स्वच्छता सैनानी सम्मान’ के रूप में प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में राज्य को और प्रयास करने होंगे।
इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, श्री बंशीधर भगत, श्री उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, सचिव शहरी विकास श्री नितेश झा, निदेशक शहरी विकास श्री विनोद गिरी गोस्वामी, नगर आयुक्त देहरादून श्रीमती नमामि बंसल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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*प्रदेश में एलपीजी गैस आपूर्ति की समीक्षा, पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित*
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश में एलपीजी गैस की आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों के साथ सभी जनपदों के जिलाधिकारियों ने भी वर्चुअल प्रतिभाग किया।
पूर्ति विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य में एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता है तथा उपभोक्ताओं को उनकी मांग के अनुरूप समय पर और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से गैस आपूर्ति की स्थिति पर फीडबैक प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।

*कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, निगरानी और छापेमारी तेज करने पर जोर*
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एलपीजी गैस एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने गैस की अवैध बिक्री और जमाखोरी रोकने के लिए नियमित छापेमारी, स्टॉक की जांच तथा निगरानी अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में विभिन्न जनपदों में की गई छापेमारी, दर्ज एफआईआर तथा की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण भी प्रस्तुत किया गया। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को गैस कंपनियों और वितरकों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा उन पर सतत निगरानी रखने के भी निर्देश दिए, ताकि गैस आपूर्ति सुचारु बनी रहे और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. एल. फैनई, सचिव शैलेश बगौली, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेशन सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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*वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत 402 करोड़ के नए विकास प्रस्तावों को मंजूरी*
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वाइब्रेंट विलेज प्रोजेक्ट की एसएलएससी (स्टेट लेवल स्क्रीनिंग कमेटी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत चयनित सीमांत गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए लगभग 402 करोड़ के नए प्रस्तावों का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।
इन प्रस्तावों के तहत गांवों में पर्यटन हाउसिंग, ग्राम अवसंरचना, सड़क संपर्क, सामाजिक विकास, अस्पताल, खेल मैदान, स्मार्ट कक्षाएं, स्मॉल जिम सेंटर, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा कृषि उत्थान से जुड़े विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इन विकास कार्यों से सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे तथा गांवों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होगी।
*पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ आदर्श गांव बनाने के निर्देश*
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत किए जा रहे सभी कार्य पूर्ण पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ संपन्न किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता इतनी उत्कृष्ट हो कि ये गांव अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणादायक आदर्श गांव बन सकें।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि योजनाओं से प्राप्त होने वाले आउटकम, लोगों की आजीविका में संभावित बदलाव तथा दीर्घकालिक लाभ का स्पष्ट विवरण भी साझा किया जाए, ताकि योजना के प्रभाव का समुचित मूल्यांकन किया जा सके।
बैठक में सचिव सी. रविशंकर, अपर सचिव अनुराधा पाल, आलोक कुमार पांडेय, नवनीत पांडेय, वन विभाग से रंजन मिश्र सहित आईटीबीपी, पुलिस तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा प्रकाशित स्मारिका “प्रयास बेहतर कल के लिए” का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्मारिका के प्रकाशन हेतु क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि सकारात्मक कार्य संस्कृति के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल मानव जीवन में अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने सचिवालय कर्मियों से नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य सुदृढ़ होता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव कार्यकुशलता पर भी पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने स्मारिका में प्रकाशित लेखों, उपलब्धियों एवं गतिविधियों की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि यह प्रकाशन आने वाले समय में और अधिक लोगों को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, सचिव श्री विनय शंकर पांडेय, उत्तराखण्ड सचिवालय बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष श्री हीरा सिंह बसेड़ा, प्रधान संपादक श्री भूपेंद्र सिंह बसेड़ा,महासचिव श्री प्रमोद कुमार, कोषाध्यक्ष श्री चंदन बिष्ट, संयुक्त सचिव श्री पुष्कर सिंह नेगी, सदस्य श्री चंद्रशेखर, श्री रंजीत सिंह, श्री दीपक बिष्ट, सुश्री विमला आर्या, सुश्री दीपा बोहरा और श्री संदीप कुमार मौजूद थे।
