मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने व्यय वित्त समिति की बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर अनुमोदन दिया

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मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर अनुमोदन दिया

देहरादून, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में 1672.22 लाख रू0 की लागत के उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार स्थित मुख्यालय की चैन लिंक फेन्सिंग के कार्यों, 1200 लाख रू0 के उधमसिंह नगर में फलेटेड फैक्ट्री के निर्माण कार्य, 2050 लाख रू0 के आईआईई सिडकुल हरिद्वार के अपग्रेडेशन कार्य, 500 लाख रू0 के देहरादून में फलेटेड फैक्ट्री निर्माण कार्य, 2748.25 लाख रू0 के यूआईएडएफ कार्यक्रम के तहत देहरादून के धर्मपुर की सुभाषनगर भारूवाला ग्रान्ट पेयजल योजना में टर्नर रोड आंशिक एवं भारूवाला ग्रान्ट वार्ड में 100 प्रतिशत पेयजल योजना के निर्माण कार्य, 25696.63 लाख रू0 के महिला खिलाड़ियों के खेल कौशल विकास हेतु चम्पावत में महिला स्पोर्टस काॅलेज की स्थापना तथा 3026.65 लाख रू0 के राज्य आपदा न्यूनीकरण मद के तहत देहरादून में मसूरी मोटर मार्ग के 25 किमी0 में गलोगी के पास हो रहे भूस्खलन को रोके जाने हेतु सुरक्षात्मक कार्यों पर अनुमोदन प्रदान किया।

बैठक में सचिव श्री विनोद कुमार सुमन, विशेष सचिव खेल श्री अमित सिन्हा सहित वित्त, पेयजल निगम, आपदा, उद्योग विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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*मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड उद्यमी कॉन्क्लेव का शुभारम्भ किया*

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने आज उद्योग विभाग द्वारा देहरादून में आयोजित उत्तराखण्ड उद्यमी कॉन्क्लेव का शुभारम्भ किया । कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव श्रीमती रतूड़ी ने कहा कि श्रमशक्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए | उन्होंने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में एमएसएमई के योगदान में हो रही निरंतर वृद्धि के लिए उद्योग विभाग की सराहना की। सीएस ने उत्तराखंड के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पीस टू प्रोस्पेरीटी के बारे में बताते हुए कहा की उत्तराखंड में वातावरण औद्योगिक अनुकूल है और ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में तीन लाख करोड़ के एमओयू में से नब्बे हजार करोड की ग्राउंडिंग हो चुकी है। उन्होंने उत्तराखंड के strategic investment plan (रणनीतिक निवेश कार्ययोजना) की प्रशंसा करते हुए इसे राज्य के लिए बेंचमार्क बताया। उनके द्वारा उद्योग विभाग के यू हब इनवेस्टर मित्र और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी जैसे नवाचारों की सराहना की गई। उन्होंने विभाग को लघु उद्योगों की लिस्टिंग के लिए प्रेरित किया जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर अधिक निवेश प्राप्त हो सके। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में उत्तराखंड की उपलब्धियों के बारे मे चर्चा करते हुए बताया कि उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की ईज ऑफ डुइंग बिज़नेस में उत्तराखंड टॉपअचीवर, और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर केटेगरी में शामिल है, साथ ही उत्तराखण्ड निर्यात के मामले में हिमालयन राज्यों में प्रथम स्थान पर है।

सुश्री अंकिता पांडे, निदेशक एमएसएमई मंत्रालय ने विलंबित भुगतान के लिए विवाद निवारण पर चर्चा की। कार्यक्रम में स्टार्ट अप ग्रांड चैलेंज के उद्यमियों को पुरस्कृत किया गया। सेतु आयोग के एडवाइजर श्री हनुमंत रावत ने बताया कि सतत विकास के माध्यम से राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए लघु उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता और स्थिरता को बढ़ा सकते हैं। साथ ही कार्यक्रम में उत्तराखंड में रैंप योजना का शुभारंभ करने के साथ-साथ एक वर्कशाप का आयोजन भी किया गया। एमएसएमई इकाइयों के प्रदर्शन में सुधार के लिए विश्व बैंक पोषित रैंप योजना के राज्य में आरंभ होने से वैश्विक स्तर पर हमारे उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। उत्तराखंड को रैंप के अंतर्गत 100 करोड़ का बजट आउटले प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में रैंप पोर्टल और एक्सपोर्ट पोर्टल का लॉन्च किया गया। साथ ही गति शक्ति पर एक पुस्तिका भी लॉन्च की गई।

कार्यक्रम में सचिव श्री विनय शंकर पांडे, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के निदेशक श्री विनम्र मिश्रा, SME लिस्टिंग के वाइस प्रेसिडेंट श्री हरीश आहूजा, उद्योग विभाग के सभी अधिकारियों समेत भारत सरकार के अधिकारी व अन्य अतिथि मौजूद रहे।

देहरादून, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में 1672.22 लाख रू0 की लागत के उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार स्थित मुख्यालय की चैन लिंक फेन्सिंग के कार्यों, 1200 लाख रू0 के उधमसिंह नगर में फलेटेड फैक्ट्री के निर्माण कार्य, 2050 लाख रू0 के आईआईई सिडकुल हरिद्वार के अपग्रेडेशन कार्य, 500 लाख रू0 के देहरादून में फलेटेड फैक्ट्री निर्माण कार्य, 2748.25 लाख रू0 के यूआईएडएफ कार्यक्रम के तहत देहरादून के धर्मपुर की सुभाषनगर भारूवाला ग्रान्ट पेयजल योजना में टर्नर रोड आंशिक एवं भारूवाला ग्रान्ट वार्ड में 100 प्रतिशत पेयजल योजना के निर्माण कार्य, 25696.63 लाख रू0 के महिला खिलाड़ियों के खेल कौशल विकास हेतु चम्पावत में महिला स्पोर्टस काॅलेज की स्थापना तथा 3026.65 लाख रू0 के राज्य आपदा न्यूनीकरण मद के तहत देहरादून में मसूरी मोटर मार्ग के 25 किमी0 में गलोगी के पास हो रहे भूस्खलन को रोके जाने हेतु सुरक्षात्मक कार्यों पर अनुमोदन प्रदान किया।

बैठक में सचिव श्री विनोद कुमार सुमन, विशेष सचिव खेल श्री अमित सिन्हा सहित वित्त, पेयजल निगम, आपदा, उद्योग विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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*मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड उद्यमी कॉन्क्लेव का शुभारम्भ किया*

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने आज उद्योग विभाग द्वारा देहरादून में आयोजित उत्तराखण्ड उद्यमी कॉन्क्लेव का शुभारम्भ किया । कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव श्रीमती रतूड़ी ने कहा कि श्रमशक्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए | उन्होंने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में एमएसएमई के योगदान में हो रही निरंतर वृद्धि के लिए उद्योग विभाग की सराहना की। सीएस ने उत्तराखंड के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पीस टू प्रोस्पेरीटी के बारे में बताते हुए कहा की उत्तराखंड में वातावरण औद्योगिक अनुकूल है और ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में तीन लाख करोड़ के एमओयू में से नब्बे हजार करोड की ग्राउंडिंग हो चुकी है। उन्होंने उत्तराखंड के strategic investment plan (रणनीतिक निवेश कार्ययोजना) की प्रशंसा करते हुए इसे राज्य के लिए बेंचमार्क बताया। उनके द्वारा उद्योग विभाग के यू हब इनवेस्टर मित्र और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी जैसे नवाचारों की सराहना की गई। उन्होंने विभाग को लघु उद्योगों की लिस्टिंग के लिए प्रेरित किया जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर अधिक निवेश प्राप्त हो सके। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में उत्तराखंड की उपलब्धियों के बारे मे चर्चा करते हुए बताया कि उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की ईज ऑफ डुइंग बिज़नेस में उत्तराखंड टॉपअचीवर, और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर केटेगरी में शामिल है, साथ ही उत्तराखण्ड निर्यात के मामले में हिमालयन राज्यों में प्रथम स्थान पर है।

सुश्री अंकिता पांडे, निदेशक एमएसएमई मंत्रालय ने विलंबित भुगतान के लिए विवाद निवारण पर चर्चा की। कार्यक्रम में स्टार्ट अप ग्रांड चैलेंज के उद्यमियों को पुरस्कृत किया गया। सेतु आयोग के एडवाइजर श्री हनुमंत रावत ने बताया कि सतत विकास के माध्यम से राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए लघु उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता और स्थिरता को बढ़ा सकते हैं। साथ ही कार्यक्रम में उत्तराखंड में रैंप योजना का शुभारंभ करने के साथ-साथ एक वर्कशाप का आयोजन भी किया गया। एमएसएमई इकाइयों के प्रदर्शन में सुधार के लिए विश्व बैंक पोषित रैंप योजना के राज्य में आरंभ होने से वैश्विक स्तर पर हमारे उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। उत्तराखंड को रैंप के अंतर्गत 100 करोड़ का बजट आउटले प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में रैंप पोर्टल और एक्सपोर्ट पोर्टल का लॉन्च किया गया। साथ ही गति शक्ति पर एक पुस्तिका भी लॉन्च की गई।

कार्यक्रम में सचिव श्री विनय शंकर पांडे, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के निदेशक श्री विनम्र मिश्रा, SME लिस्टिंग के वाइस प्रेसिडेंट श्री हरीश आहूजा, उद्योग विभाग के सभी अधिकारियों समेत भारत सरकार के अधिकारी व अन्य अतिथि मौजूद रहे।