राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र की वास्तविक प्रगति में वहां के विकास महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़े जानिए सभी समाचार

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*लोक भवन देहरादून 14 मार्च, 2026*

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को लोक भवन में कॉन्फेडरेशन ऑफ वीमेन एंटरप्रेन्योर्स ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित “महिला उद्यमीः उभरते सितारे” सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वाली महिलाओं में प्रसिद्ध मुक्केबाज और ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम, उद्योग क्षेत्र से अंजू आहूजा, सामाजिक उद्यमिता के क्षेत्र में कार्यरत निधि मित्तल बंसल, प्रसिद्ध कलाकार एवं शिक्षिका रूबल नागी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत शशि रतूड़ी तथा अभिनेत्री एवं फिल्म निर्माता आरुषि निशंक सहित अनेक महिलाएं शामिल रहीं।

इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक प्रगति तब संभव होती है जब उसका विकास महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि आज की महिलाएँ केवल समाज और परिवार की आधारशिला ही नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र की आर्थिक प्रगति और सामाजिक परिवर्तन की सशक्त वाहक भी बन रही हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि आज की भारतीय महिला अपने संकल्प और प्रतिभा के बल पर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रही है।

राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं को सम्मान और समान अवसर देना केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चुनौतियाँ ही जीवन को नई दिशा देती हैं और उनसे संघर्ष करते हुए ही वास्तविक सफलता प्राप्त होती है। आज जिन महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया है, वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी के कंधों पर अब एक बड़ी जिम्मेदारी है कि वे अपने अनुभव और नेतृत्व से आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करें।

राज्यपाल ने उत्तराखण्ड की मातृशक्ति की विशेष सराहना करते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाएँ कठिन परिस्थितियों में भी अद्भुत साहस, परिश्रम और नेतृत्व का परिचय देती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों, कृषि, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस अवसर पर प्रसिद्ध मुक्केबाज और ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों और उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि मणिपुर के एक साधारण परिवार से निकलकर अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुँचने की उनकी यात्रा आसान नहीं रही। सीमित संसाधनों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने दृढ़ संकल्प, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर अपने सपनों को साकार किया।

उन्होंने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए वैश्विक मंच पर देश का तिरंगा ऊँचा करना उनके लिए गर्व का विषय रहा है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं और युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपनी शक्ति पर विश्वास रखें, अपने लक्ष्य निर्धारित करें और निडर होकर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करें।

कार्यक्रम में प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर एवं हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. भानू दुग्गल, कॉन्फेडरेशन ऑफ वीमेन एंटरप्रेन्योर्स ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्रीमती मीतू पुरी, अध्यक्ष उत्तरप्रदेश चैप्टर श्रीमती रिया रहेजा, सचिव श्रीमती शिखा घई सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिलाएं एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
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*अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में राज्यपाल ने दिया विश्व शांति, एकता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश*

*लोक भवन देहरादून/ऋषिकेश 14 मार्च, 2026*

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव–2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल गंगा तट पर आयोजित भव्य गंगा आरती में भी सम्मिलित हुए। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस महोत्सव में विश्व के 80 से अधिक देशों से लगभग 1500 से अधिक योग साधक, अनेक देशों के राजदूत, योगाचार्य, आध्यात्मिक साधक तथा युवा विद्यार्थी सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि माँ गंगा के पावन तट और हिमालय की गोद में आयोजित यह अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता को जोड़ने वाली आध्यात्मिक चेतना का उत्सव है। उन्होंने कहा कि जब विश्व के विभिन्न देशों से आए हजारों साधक एक स्थान पर योग और साधना के माध्यम से एकत्रित होते हैं, तो यह ब्रह्मांडीय ऊर्जा और प्रेरणा का अद्भुत संगम प्रतीत होता है।

राज्यपाल ने कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के भीतर के परिवर्तन और आत्मिक जागरण की प्रक्रिया है। योग का वास्तविक उद्देश्य शरीर, मन और आत्मा को एक बिंदु पर लाकर मनुष्य को प्रकृति और परमात्मा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि नियमित योग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों और धारणाओं में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा उसके भीतर रचनात्मकता, सकारात्मकता और गतिशीलता का विकास होता है। राज्यपाल ने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे इस योग को केवल अपने तक सीमित न रखें, बल्कि इसके शांतिपूर्ण और सकारात्मक संदेश को पूरे विश्व में फैलाएँ।

राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड सदैव अपनी “अतिथि देवो भवः” की परम्परा के साथ विश्व का स्वागत करता आया है। यहाँ आने वाला प्रत्येक अतिथि हमारे लिए परिवार के सदस्य के समान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्व के विभिन्न देशों से आए साधक जब यहाँ से अपने-अपने देशों में लौटेंगे, तो वे योग, शांति और मानवता के इस संदेश को पूरी दुनिया में फैलाने के ब्रांड एंबेसडर बनेंगे।

राज्यपाल ने परमार्थ निकेतन में आए विभिन्न देशों के सभी राजदूतों, योग साधकों और शिक्षकों का स्वागत किया और परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि को इस भव्य आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर, परमार्थ निकेतन की साध्वी भगवती सरस्वती सहित विभिन्न देशों के योग साधकों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
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*लोक भवन में पारंपरिक रूप से मनाया गया लोकपर्व फूलदेई*

*लोक भवन देहरादून 15 मार्च, 2026*

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने रविवार को लोक भवन में उत्तराखण्ड के पारंपरिक लोकपर्व फूलदेई को हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया।

लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक परिधान पहने बच्चों ने लोक भवन की देहरी पर फूल और चावल अर्पित किए तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। बच्चों ने “फूल देई-छम्मा देई” जैसे पारंपरिक लोकगीत गाकर पर्व के महत्व को उजागर किया।

इस अवसर राज्यपाल ने बच्चों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया और उपहार भेंट किए। उन्होंने कहा कि फूलदेई केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम और सद्भाव का संदेश देने वाली हमारी समृद्ध लोक परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस पर्व के माध्यम से बच्चे घर-घर जाकर फूल अर्पित करते हुए सभी के सुख-समृद्धि की कामना करते हैं और समाज में खुशियाँ बाँटने का संदेश देते हैं।

राज्यपाल ने बच्चों द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में इस पर्व को मनाने की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी से हमें यह सीख मिलती है कि अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से किस प्रकार जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बच्चे गर्व के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को अपनाते हैं, तो यह हमारी धरोहर के संरक्षण का सशक्त संदेश देता है।

राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के चेहरे की मुस्कान और उनका उत्साह यह दर्शाता है कि खुशियों का वास्तविक आनंद तभी है जब उन्हें सबके साथ साझा किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों में ईश्वर का स्वरूप दिखाई देता है और उनके माध्यम से समाज में सकारात्मकता और प्रेम का संदेश प्रसारित होता है।

उन्होंने पर्वतीय संस्कृति संरक्षण समिति के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था उत्तराखण्ड की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों के संरक्षण और प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्यपाल ने कहा कि हमारी देवभूमि उत्तराखण्ड की परंपराएं और पूर्वजों की विरासत हमें प्रकृति से प्रेम आपसी सद्भाव और समाज में खुशियाँ बाँटने की प्रेरणा देती हैं।

इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर, पर्वतीय संस्कृति संरक्षण समिति के सचिव चंद्रशेखर जोशी एवं राकेश पंवार, श्रीमती मोनिका रावत, प्रियंका प्रधान, पूनम पंवार एवं संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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देहरादून ,दिनांक 16 मार्च 2026 को सेवायोजन विभाग देहरादून उत्तराखण्ड द्वारा शहीद दुर्गामल राजकीय डिग्री कॉलेज डोईवाला, देहरादून में एक रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है जिसमें विभिन्न नियोजकों के प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न कंपनियों द्वारा अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लिया जाएगा। आप सभी से निवेदन है कि शहीद दुर्गामल राजकीय डिग्री कॉलेज डोईवाला देहरादून, उत्तराखण्ड में रोजगार मेले कवरेज हेतु अपनी अपनी टीम भेजने का कष्ट करें।