डीएम ने रवाना किया मतदाता जागरूकता रथ जानिए सभी समाचार

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डीएम ने रवाना किया मतदाता जागरूकता रथ

देहरादून। मतदाता सूची को शुद्ध, अघतन एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के अंतर्गत आईटी पार्क, देहरादून में स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने की।
इस अवसर पर उन्होंने मतदाता जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रथ जनपद के विभिन्न वार्डों एवं क्षेत्रों में भ्रमण कर नागरिकों को विशेष पुनरीक्षण अभियान की जानकारी देंगे तथा पात्र नागरिकों को अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए प्रेरित करेंगे।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. चैहान ने जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों से विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अभियान 7 जुलाई तक संचालित किया जा रहा है। इस दौरान सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे, जबकि मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित एवं डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची को निर्धारित समयावधि में पूर्णतः अघतन और त्रुटिरहित बनाया जाना है। इसी क्रम में 8 जून से 7 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले नये पात्र नागरिकों के आवेदन फार्म-6 भी स्वीकार किए जा रहे हैं, ताकि वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकें। उन्होंने जानकारी दी कि जनपद देहरादून की 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1,882 मतदेय स्थल हैं तथा 13,76,813 मतदाता पंजीकृत हैं। अब तक 6,60,308 मतदाताओं, अर्थात लगभग 47.96 प्रतिशत मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही गणना प्रपत्रों के संकलन और डिजिटाइजेशन का कार्य भी तेजी से जारी है तथा अब तक 35,476 गणना प्रपत्र डिजिटाइज किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान फास्ट ट्रैक मोड में संचालित किया जा रहा है। इसलिए सभी मतदाता अपने बीएलओ को सहयोग प्रदान करते हुए गणना प्रपत्र समय पर भरकर जमा करें, ताकि मतदाता सूची का शुद्धिकरण और अघतन कार्य समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि कोई भी नागरिक उत्तराखंड निर्वाचन आयोग के ईसीआईकृनेट प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त ट्टट्टबुक ए कॉल विद बीएलओ’’ सुविधा के जरिए संबंधित बीएलओ से सीधे संपर्क किया जा सकता है। मतदाता सहायता के लिए निर्वाचन आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर भी संपर्क किया जा सकता है। स्वीप कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ने जागरूकता गोष्ठी में उपस्थित सभी नागरिकों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान स्वीप कार्यक्रम के नोडल/मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र प्रसाद देवली, पार्षद संजीव बंसल, पार्षद अभिषेक पंत, बूथ लेवल ऑफिसर एवं बडी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे।आगे पढ़ें
हत्या के मामले में फरार चल रहे दो ईनामी आरोपी सहारनपुर से गिरफ्तार

देहरादून। पुलिस ने हत्या के मामले में फरार 20-20 हजार के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली डालनवाला पर पिन्टू कुमार निवासी राजपुर रोड निकट सिल्वर सिटी, ठाकुर इंफ्रा हमीलिया, देहरादून ने एक लिखित तहरीर दी कि मौहम्मद हुसैन पुत्र नसीम निवासीकृ धमेला, सहारनपुर व उसके साथी मौहम्मद आसिफ पुत्र शराफत निवासी सरदाहेड़ी, सहारनपुर, द्वारा उसके चाचा रामफल ऋषि व उसके साथ काम करने वाले एक अन्य व्यक्ति हसन पुत्र यूनुष के साथ गालीकृगलौज कर लोहे के सरिया से हमला किया गया, जिससे उसके साथी हसन के हाथ में फ्रैक्चर हो गया तथा उसके चाचा रामफल ऋषि को गम्भीर चोटें आई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मुकदमें की जांच के दौरान विवेचक द्वारा पिन्टू व मौके पर उपस्थित अन्य गवाहों के साथ साथ घटना में घायल व्यक्तियों का उपचार कर रहे चिकित्सक के बयान लिए गए, घटना में वांछित आरोपी की गिरफ्तारी हेतु दबिशें दी गयी परन्तु दोनों आरोपी घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहे थे, जिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु विवेचक द्वारा न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किये गये थे। उपचार के दौरान पिन्टू कुमार के चाचा रामफल ऋषि की उपचार के दौरान मृत्यु हो गयी, जिस पर मुकदमा उपरोक्त में धारा की बढ़ोत्तरी की गयी। आरोपियों के लगातार फरार चलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा उनकी गिरफ्तारी पर 20कृ20 हजार रुपये का ईनाम घोषित करते हुए उनकी गिरफ्तारी हेतु कोतवाली डालनवाला पर पुलिस टीम गठित की गई। गठित टीम द्वारा सुरागरसीध् पतारसी करते हुए तथा सर्विलांस के माध्यम से भी दोनो आरोपियों के संबंध में जानकारियां एकत्रित की गई तथा प्राप्त जानकारी की सूचना पर मुकदमें में फरार चल रहे दोनों ईनामी आरोपियों को ग्राम सरदाहेड़ी, थाना फतेहपुर, जिला सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ पर मोहम्मद हुसैन द्वारा बताया कि वह शटरिंग का ठेकेदार है तथा मूल रूप से ग्राम सरदाहेडी सहारनपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। उसने राजपुर रोड में निर्माणाधीन ठाकुर इंफ्रा बिल्डिंग में शटरिंग का ठेका अभिषेक ठेकेदार से लिया था तथा अपने गाँव के मोहम्मद आसिफ तथा अन्य मजदूरों के साथ घटना से करीब 15 दिन पहले निर्माणाधीन साइट पर काम शुरू किया था। उस साइट पर पूर्व में फिरोज, जो कि सरिये का ठेकेदार है, उसका रिश्तेदार ही शटरिंग का काम करता था। काम शुरू करने के बाद उनके काम को देखते हुए साइट मैनेजर अभिषेक ने दूसरे शटरिंग के ठेकेदार को वहां से हटा दिया, जिस बात को लेकर फिरोज और उसके लेबर उनसे चिढ़ने लगे। घटना के दिन 24 मई 2026 को रात्रि करीब साढे आठ से 9 बजे के बीच वह अपने अन्य साथियों के साथ निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम रहा था, इस दौरान ठेकेदार फिरोज के लड़के मोहम्मद अन्ना से उसके लेबर मोहम्मद आसिफ के साथ सरिया की रिंग हटाने को लेकर विवाद हो गया था। जिस पर उन्होंने मौके पर झगड़े को समाप्त करने के उद्देश्य से अपने लेबर आसिफ व उसके साथ झगड़ रहे अन्ना और उसके साथ खड़े लड़के को गाली देते हुए वहाँ से जाने को कहा। इस बात को लेकर मोहम्मद अन्ना और उसके साथी का आरोपी से विवाद हो गया तथा आरोपी ने उन दोनों को गुस्से में थप्पड़ मार दिया। इतने में वहां पर काफी लोगों की भीड़ इकट्ठा होने पर आरोपी तथा उसके साथी आसिफ ने पास पड़ी लोहे की सरिया उठा ली और वहां खड़े लोगों पर सरिया से हमला करते हुए मौके से भाग गये। घटना के बाद दोनों आरोपी कमरे से अपना पैसा लेकर निर्माणाधीन साइट से निकल गए तथा घटना में प्रयुक्त लोहे की सरिया को अपने कमरे में ही छोड़ दिया और सीधे अपने गांव लौट गए। गांव लौटने के बाद उन्हें पता चला कि जिस आदमी को सरिया लगा था, वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। जिसके बाद दोनों आरोपी गांव से फरार हो गए और पुलिस से बचने के लिए अलगकृअलग जगहो मे भटकते रहे। मामले को शांत समझ कर कल जैसे ही दोनो आरोपी गाँव मे वापस आए, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशादेही पर पुलिस द्वारा मारपीट में प्रयुक्त लोहे के सरिया (जिससे मारने पर रामफल ऋषि की मृत्यु हुयी थी) को बरामद किया गया। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट का किया निरीक्षण, नवंबर तक होगा बनकर तैयार
देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान देहरादून में  भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में शिरकत करने के साथ ही  उन्होंने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ड्रीम प्रोजेक्ट न सिर्फ देहरादून बल्कि उत्तराखंड को भी नई पहचान देगा।
देहरादून जल्द ही एक ऐसी सौगात पाने जा रहा है, जो न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ाएगी बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में भी नई पहचान स्थापित करेगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जा रहे राष्ट्रपति उद्यान का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि नवंबर महीने तक यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी तरह तैयार हो जाएगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हालिया उत्तराखंड दौरा मुख्य रूप से भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड को लेकर चर्चा में रहा। देशभर की निगाहें आईएमए में आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह पर टिकी थीं, लेकिन इसी दौरे के दौरान राष्ट्रपति ने देहरादून में राष्ट्रपति उद्यान का निरीक्षण कर इस परियोजना के प्रति अपनी विशेष रुचि और गंभीरता भी जाहिर की। हालांकि देहरादून में खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण राष्ट्रपति पार्क परिसर में अधिक समय नहीं बिता सकीं, लेकिन उन्होंने वहां चल रहे विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी ली।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अधिकारियों से प्रोजेक्ट की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित समय सीमा को लेकर भी फीडबैक लिया गया। यह इस बात का संकेत है कि राष्ट्रपति खुद इस परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। राष्ट्रपति उद्यान को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक हुए निर्माण कार्य और मौजूदा प्रगति को देखते हुए प्रशासन को उम्मीद है कि नवंबर तक यह पूरा परिसर आम लोगों के लिए तैयार हो जाएगा। यदि ऐसा होता है तो देहरादून और उत्तराखंडवासियों को इस वर्ष के अंत तक एक बड़ी सौगात मिल जाएगी।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जून 2025 में इस परियोजना का शिलान्यास किया था। शिलान्यास के बाद से ही परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। विभिन्न चरणों में निर्माण गतिविधियां लगातार जारी हैं और संबंधित एजेंसियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विकसित करने की जिम्मेदारी केंद्रीय लोक निर्माण विभाग यानी सीपीडब्ल्यूडी को दी गई है।
करीब 132 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित हो रहा यह उद्यान उत्तराखंड की सबसे आधुनिक और सुविधासंपन्न परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। विशाल क्षेत्र में फैले इस परिसर को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यहां आने वाले पर्यटकों को प्रकृति, संस्कृति, मनोरंजन और स्वास्थ्य से जुड़ी तमाम सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।
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सोमवती अमावस्या  स्नान को लेकर हरिद्वार पुलिस  ने कमर कसी
हरिद्वार। सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर हरिद्वार में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए हरिद्वार  पुलिस ने कमर कस ली है।
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने 40वीं वाहिनी पीएसी और पुलिस लाइन रोशनाबाद में प्रशिक्षण ले रहे लगभग 450 रिक्रूट आरक्षियों को ब्रीफिंग दी और उन्हें सुरक्षा व सेवा के कड़े निर्देश जारी किए।
एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान यह उनकी पहली प्रैक्टिकल ड्यूटी है, जिससे उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी जवान अपने सीनियर्स के निर्देशों का पालन करते हुए पूरी जिम्मेदारी से काम करें।
एसएसपी ने जवानों को हिदायत दी कि ड्यूटी के दौरान अनुशासन, सतर्कता और सेवा भाव का विशेष ध्यान रखा जाए। श्रद्धालुओं के साथ विनम्र और सौम्य व्यवहार करें।
इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, घाटों, पार्किंग स्थलों और प्रमुख मार्गों पर पैनी नजर रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति में तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान रिक्रूट आरक्षियों को भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन और आपदा जैसी आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने के गुर भी सिखाए गए। बैठक में एसपी सिटी और सीओ सिटी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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पूजा अनुष्ठान करने गया युवक नदी में बहा ,तलाश जारी
रूदप्रयाग। अगस्तमुनि महाविद्यालय  के समीप  बनियाड़ी गांव निवासी युवक नीरज नेगी नदी के तेज बहाव में बह गए। जानकारी के अनुसार नीरज नेगी नदी किनारे पूजा-अनुष्ठान के लिए पहुंचे थे।इसी दौरान वे स्नान करने के लिए नदी में उतरे, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के चलते नदी का जलस्तर और प्रवाह अत्यधिक तेज था, जिसकी चपेट में आकर वे बह गए।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ  की टीम मौके पर पहुंची और युवक की तलाश में सर्च अभियान शुरू कर दिया गया है।कोतवाली प्रभारी निरीक्षक गुमान सिंह नेगी ने बताया कि लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।  प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में नदी-नालों से दूर रहें और किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं।
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फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क का खुलासा, दो  गिरफ्तार

रुद्रपुर।  उत्तराखंड एसटीएफ ने में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से  दो सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और 31 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार देर रात की गई कार्रवाई में एसटीएफ ने सितारगंज-रुद्रपुर क्षेत्र से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और 31 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। एसटीएफ ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करनजीत सिंह (35 वर्ष) निवासी बरेली, हाल संचालक सरदार जी रेस्टोरेंट, सितारगंज तथा विक्रमजीत सिंह तूर (36 वर्ष) निवासी मंडी क्षेत्र, सितारगंज के रूप में की है।
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल .30 बोर, ए िसेमी ऑटोमैटिक पिस्टल .32 बोर, 31 जिंदा कारतूस (.30 एवं .32 बोर) बरामद किए गये हैं।
एसटीएफ के अनुसार इस अभियान के तहत अब तक 3 अभियोग दर्ज किये गये हैं। 9 आरोपी गिरफ्तार किये गये हैं। 14 अवैध हथियार, 341 कारतूस बरामद हुये हैं। अब तक बड़ी संख्या में संदिग्ध एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस जब्त किए जा चुके हैं।
एसएसपी एसटीएफ ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का नेटवर्क केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि राज्य और समाज की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। एसटीएफ पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचकर जांच कर रही है। जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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कैंची धाम मेलाः मुख्य सड़क और दर्शन मार्ग पर नही होगी भंडारे की अनुमति
हल्द्वानी। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम मेले को लेकर नैनीताल जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मुख्य सड़क और दर्शन मार्ग पर किसी भी प्रकार के भंडारे की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और संस्थाओं से निर्धारित स्थानों पर ही प्रसाद वितरण करने की अपील की है।
15 जून को आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। हर वर्ष बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचते हैं। ऐसे में मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बाबा के दर्शन मार्ग और मुख्य यातायात मार्गों पर किसी भी प्रकार का भंडारा अथवा प्रसाद वितरण नहीं किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि सड़क किनारे भंडारा लगाने से बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो जाते हैं। जिससे यातायात प्रभावित होता है और लंबा जाम लगने की स्थिति पैदा हो सकती है। जिलाधिकारी ने कहा है कि यदि कोई श्रद्धालु, संस्था या संगठन बाबा का प्रसाद अथवा भंडारा वितरित करना चाहता है तो वह निजी परिसर, प्राइवेट प्रॉपर्टी या प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही इसका आयोजन करे। मुख्य सड़क, दर्शन मार्ग और यातायात प्रभावित करने वाले स्थानों पर किसी भी तरह की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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विवाद होने पर युवक ने अपनी महिला मित्र पर तमंचे से फायर झोंका
खटीमा। सितारगंज के शक्तिफार्म क्षेत्र में  एक युवक ने विवाद होने पर अपनी महिला मित्र पर तमंचे से फायर झोंक दिया। गोली महिला के सीने को छूते हुए निकल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। महिला का अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार रुदपुर निवासी 24 वर्षीय युवती का विवाह करीब पांच वर्ष पूर्व नानकमत्ता निवासी युवक से हुआ था। पारिवारिक विवाद के चलते दोनों लंबे समय से अलग रह रहे हैं और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
इसी दौरान युवती की पहचान रुद्रपुर निवासी युवक से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे साथ रहने लगे, लेकिन पिछले कुछ समय से उनके संबंधों में भी खटास आ गई थी। बताया जा रहा है कि आपसी विवाद के बाद युवती करीब एक सप्ताह पहले अपने मायके लौट आई थी। बीती देर शाम युवती अपनी छोटी बहन के साथ बाजार से खरीदारी कर घर लौट रही थी। घर से कुछ दूरी पहले बाइक सवार युवक ने उन्हें रोक लिया और बातचीत करने की कोशिश की। बहन के मुताबिक, युवती द्वारा बात करने से इनकार करने पर युवक (प्रेमी युवक) ने गुस्से में तमंचे से फायर कर दिया। गोली युवती के सीने को छूते हुए निकल गई और वह घायल होकर सड़क पर गिर पड़ी।
फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी फरार हो गया। स्थानीय लोगों और परिजनों ने घायल महिला को तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने बताया कि गोली शरीर के अंदर नहीं घुसी है और महिला की स्थिति फिलहाल सामान्य है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं तथा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
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नौ वर्षीय दिव्यांग बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
नैनीताल। रामनगर के ग्राम बसई स्थित एक दिव्यांग विद्यालय में एक 9 वर्षीय दिव्यांग बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इस  मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, उधम सिंह नगर जिले के जसपुर क्षेत्र के ग्राम रायपुर निवासी लेखराज और उनकी पत्नी पूजा ग्राम बसई स्थित एक राइस मिल में मजदूरी करते हैं। दंपति ने अपनी 9 वर्षीय दिव्यांग बेटी प्रज्ञा का एडमिशन एक जून को बसई स्थित दिव्यांग विद्यालय व हॉस्टल में कराया था। मृतक बालिका की मां पूजा का आरोप है कि 12 जून को वह अपनी बेटी से मिलने स्कूल पहुंची थी। इस दौरान बच्ची को जुकाम की शिकायत थी, जिसकी जानकारी उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को दी। स्कूल स्टाफ ने उन्हें बताया कि बच्ची को दवा दे दी गई है और यदि अधिक परेशानी हो तो उसे घर ले जा सकती हैं। इसके बाद वह अपनी पुत्री को स्कूल में ही छोड़कर घर लौट गईं।
परिजनों का आरोप है कि रात में हॉस्टल में बच्ची की तबीयत बिगड़ने के बावजूद विद्यालय प्रबंधन ने उन्हें इसकी कोई सूचना नहीं दी। शनिवार सुबह स्कूल की दो महिला कर्मचारी उनके घर पहुंचीं और बच्ची की तबीयत खराब होने की बात कहकर स्कूल चलने को कहा। जब मां स्कूल पहुंची तो उनकी पुत्री मृत अवस्था में पड़ी मिली। इसके बाद विद्यालय स्टाफ बच्ची को उपचार के लिए संयुक्त चिकित्सालय रामनगर लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।