देहरादून। शनिवार को निशानेबाज जसपाल राणा को अंतिम विदाई दी गई। उनका पार्थिव शरीर उनके अंतिम दर्शन के लिए देहरादून स्थित आवास पर रखा गया। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए वाराणसी ले जाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी में देश का नाम रोशन करने वाले जसपाल राणा (50) के आकस्मिक निधन पर उनके पैतृक गांव टटोर नैनबाग चिलामू सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। गांव के बेटे की मौत की खबर सुनते ही क्षेत्र के अधिकतर लोग अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए देहरादून चल दिए।राणा के करीबी दोस्त प्रदीप कवि, मोहन सिंह रावत और डॉ. विरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि जसपाल बेहद सरल स्वभाव के थे। चार-पांच माह पहले जब वह तीन-चार दिन के लिए गांव आए थे, उस दौरान उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि जसपाल का जन्म उत्तरकाशी जिले में हुआ था, उस दौरान उनके पिता नारायण सिंह आईटीबीपी राणा के निधन पर धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुरारी लाल खंडवाल, शांति प्रसाद भट्ट, ब्लॉक प्रमुख सीता पंवार, कुंवर सिंह पंवार, सुनील थपलियाल सहित खेल प्रेमियों ने गहरा दुख जताया है।में तैनात थे। उनकी पढ़ाई मसूरी, दिल्ली आदि जगहों पर हुई। दिल्ली में पढ़ाई के दौरान उन्होंने शूटिंग का प्रशिक्षण भी लिया।
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उत्तराखंड से रेनबो ट्राउट मछली का अंतरराष्ट्रीय निर्यात शुरू, नेपाल भेजी गई 5 मीट्रिक टन ट्राउट मछली
पिथौरागढ़। उत्तराखंड से पहली बार रेनबो ट्राउट मछली का अंतरराष्ट्रीय निर्यात शुरू किया गया है। पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने देहरादून से वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर 5 मीट्रिक टन ट्राउट मछली की पहली खेप को पड़ोसी देश नेपाल के लिए रवाना किया। इस ऐतिहासिक निर्यात की खास बात यह है कि इसमें भेजी गई शत-प्रतिशत मछली का उत्पादन सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला स्थित बूंग-बूंग, सिर्खा और मुनस्यारी के नामजला क्षेत्र में किया गया है। इस पहली खेप से स्थानीय सहकारी समितियों को सीधे 23 लाख रुपये की आय प्राप्त होगी।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार मछली की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत रेफ्रिजरेटेड (शीतलन) वाहन के माध्यम से पूरी कोल्ड-चेन को बरकरार रखा गया। साथ ही इसकी हार्वेस्टिंग और पैकेजिंग के लिए विभाग द्वारा 5 लाख 40 हजार रुपये की विशेष वित्तीय सहायता भी दी गई।
मत्स्य मंत्री बहुगुणा ने बताया कि यह बड़ी सफलता दुबई में आयोजित गुलफूड एक्सपो के दौरान बने वैश्विक संपर्कों का परिणाम है। इससे उत्तराखंड के 12,000 से अधिक मत्स्यवर्तमान में राज्य सकल घरेलू उत्पाद में मत्स्य क्षेत्र का योगदान 9 प्रतिशत है। पिछले दो वर्षों में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल को 45 मीट्रिक टन ट्राउट की आपूर्ति कर 2 करोड़ रुपये का कारोबार किया गया है। मत्स्य निदेशक चंद्र सिंह धर्मशक्तु के मार्गदर्शन में यह निर्यात पूरी तरह सफल रहा, जिससे सीमांत के मत्स्य पालकों में भारी उत्साह है। पालकों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा। विभाग ने आगामी 6 माह में नेपाल को 30 मीट्रिक टन ट्राउट भेजने का लक्ष्य रखा है।
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उत्तराखण्ड में 22 जून तक मानसून पहंुचने की संभावना
देहरादून। मौसम विज्ञान केंद्र ने 22 जून तक उत्तराखण्ड में मानसून पहंुचने की संभावना जताई है। इसके साथ ही तापमान में गिरावट और बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मानसूनी हवाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो तय समय के आसपास मानसून उत्तराखंड पहुंच सकता है। इससे पहले प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।बीते कुछ दिनों से तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में मानसून के आगमन की खबर से लोगों को बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के आगमन के साथ ही पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो सकती है। हालांकि शुरुआती दौर में कहीं-कहीं तेज बौछारों के साथ आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, जिसके लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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पहली बार नौ महिला सैन्य अफसर पासआउट होकर भारतीय सेना का हिस्सा बनी,515 सैन्य अधिकारी हुए पास आउट
कदमताल करते हुए कैडेट्स ने सैन्य अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रदर्शन किया। परेड का सबसे खास और ऐतिहासिक क्षण वह रहा, जब पहली बार आईएमए से प्रशिक्षित नौ महिला कैडेट्स सैन्य अफसर के रूप में पासआउट हुईं।अंतिम पग पार कर सैन्य जीवन की नई शुरुआत की। इनमें 481 भारतीय कैडेट और 16 मित्र देशों के 34 कैडेट शामिल रहे।इस वर्ष की पासिंग आउट परेड में शामिल 515 कैडेट्स में नौ महिला कैडेट्स सहित कुल 481 भारतीय कैडेट थे। इनके अलावा 16 मित्र देशों के 34 कैडेट्स ने भी प्रशिक्षण पूरा किया और अपने-अपने देशों की सेनाओं का हिस्सा बने। परेड के बाद पीपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया, जिसमें नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों के कंधों पर रैंक सजाई गई।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को ही देहरादून पहुंच गई थीं। जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन और डीजीपी दीपम सेठ ने उनका स्वागत किया था। इसके बाद राष्ट्रपति राष्ट्रपति निकेतन पहुंचीं और विभिन्न गणमान्य लोगों से मुलाकात की।यह दूसरा अवसर है जब किसी महिला राष्ट्रपति ने आईएमए की पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल भी परेड की सलामी ले चुकी हैं।
