विवाहिता की संदिग्ध मौत,परिजनों ने जताई हत्या की आशंका जानिए सभी समाचार

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Suspicious death of a married woman, family members express apprehension of murder, know all the news

विवाहिता की संदिग्ध मौत,परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

रुद्रपुर। किरतपुर कोलड़ा में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामले में मृतका के मायके वालों ने हत्या की आशंका जताई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
अल्मोड़ा जनपद के दन्या निवासी मोहन चंद भट्ट ने बताया कि तीन साल पहले उनकी 24 वर्षीय पुत्री मुन्नी का विवाह किरतपुर कोलड़ा निवासी हरीश पांडे के साथ विवाह हुआ था। बताया कि मंगलवार दोपहर एक बजे उनकी बेटी मुन्नी की ननद का फोन आया। इस दौरान उसने बताया कि मुन्नी की तबीयत खराब है और वह तत्काल पहुंचें। इस पर जब वह किरतपुर कोलड़ा स्थित ससुराल पहुंचे तो उनकी पुत्री मुन्नी की मृत्यु हो चुकी थी।सूचना पर कोतवाल प्रकाश सिंह दानू पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घर के एक कमरे में मुन्नी का शव पड़ा मिला। पुलिस के अनुसार शव में अकड़न थी तथा मुंह और नाक से झाग निकल रहा था, हालांकि शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। ससुरालियों ने पूछताछ में बताया कि मंगलवार सुबह मुन्नी ने गले, सीने और पीठ में दर्द की शिकायत की थी।
इसके बाद उसे दानपुर स्थित एक बंगाली क्लीनिक ले जाया गया, जहां दवाइयां और इंजेक्शन देने के बाद करीब दो घंटे तक भर्ती रखा गया। स्वास्थ्य में सुधार बताने पर उसे घर वापस ले आए। दोपहर बाद तबीयत फिर बिगड़ने पर उसे रुद्रपुर के निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से दूसरे अस्पताल रेफर किए जाने के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान मृतका के पिता ने बेटी की मौत को लेकर संदेह व्यक्त करते हुए कार्रवाई की मांग की।
सीओ सिटी विभव सैनी ने बताया कि विवाह के सात वर्ष के भीतर हुई संदिग्ध मृत्यु के मामलों में मजिस्ट्रेट जांच अनिवार्य होने के कारण शव को मोर्चरी भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि होगी।
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हाईटेंशन की चपेट में आया लाइनमैन, हालत गंभीर

हरिद्वार। जनपद के भंगेड़ी क्षेत्र में विघुत लाइन पर कार्य कर रहे एक आउटसोर्स लाइनमैन के साथ बड़ा हादसा हो गया। कार्य के दौरान वह अचानक हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसे जोरदार करंट लगा और वह खंभे से नीचे जमीन पर गिर पड़ा। गंभीर रूप से झुलसे कर्मचारी को तत्काल उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसकी नाजुक हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार मुकीम पुत्र यूसुफ विघुत विभाग में आउटसोर्स लाइनमैन के रूप में कार्यरत है। सोमवार को वह भंगेड़ी क्षेत्र में एक विघुत खंभे पर चढ़कर लाइन संबंधी कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक वह हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह खंभे से सीधे नीचे गिर पड़ा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई तथा आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया।स्थानीय लोगों और सहकर्मियों की मदद से घायल लाइनमैन को दुर्गा चौक स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर बताते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया है।
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में परिजनों के अलावा विघुत विभाग के कर्मचारी और अधिकारी भी पहुंच गए। अस्पताल परिसर में देर तक लोगों की भीड़ जुटी रही और सभी घायल कर्मचारी के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित नजर आए। हादसे के कारणों को लेकर विभागीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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नदियों के सफाई अभियान में जुटा प्रशासन, शहर में नदी-

नालों की सफाई युद्धस्तर पर संचालित, डीएम उतरे मैदान में
देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने राजीव नगर क्षेत्र से रिस्पना नदी में चल रहे सफाई एवं पुनरुद्धार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
बुधवार को यहां जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने राजीव नगर क्षेत्र से रिस्पना नदी में चल रहे सफाई एवं पुनरुद्धार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान महापौर सौरभ थपलियाल तथा मुख्य नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय भी उपस्थित रहे। महापौर एवं अधिकारियों ने मौके पर सफाई कार्यों का जायजा लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशाकृनिर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर सफाई अभियान की प्रगति का निरीक्षण किया तथा कार्यों की गुणवत्ता एवं गति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मानसून से पूर्व रिस्पना नदी की व्यापक सफाई सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है, जिससे वर्षाकाल में जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे तथा नदी संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिल सके। नगर निगम देहरादून द्वारा मार्च माह से नगर निगम क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक लगभग 17 हजार मीट्रिक टन कूड़े का उठान किया जा चुका है। नगर निगम द्वारा बिंदाल नदी के लगभग 8 किलोमीटर तथा रिस्पना नदी के लगभग 12 किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक सफाई कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त शहर के विभिन्न नदीकृनालों एवं जलधाराओं में भी अभियान के रूप में नियमित सफाई कार्य जारी है। जिला प्रशासन एवं नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा रिस्पना नदी की सफाई एवं पुनरुद्धार का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इस अभियान में नगर निगम द्वारा 12 जेसीबी मशीनें एवं 15 डम्पर लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से नदी क्षेत्र से कूड़ा, मलबा एवं अवरोधों को हटाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि नमामि गंगे एवं जिला स्वच्छता समिति के माध्यम से नदी संरक्षण एवं स्वच्छता के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके अंतर्गत ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण किया जा रहा है जहां कूड़े के ढेर लगे हुए हैं तथा उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाएगा। साथ ही, नदी में गिरने वाले बिना उपचारित (अनट्रीटेड) नालों के जल के उपचार की दिशा में भी प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि रिस्पना नदी के पुनरुद्धार हेतु दीर्घकालिक एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध ढंग से कार्य किया जाएगा। जिला प्रशासन, नगर निगम एवं संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों तथा दृढ़ इच्छाशक्ति से नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा। जिलाधिकारी ने इस अभियान में नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए संसाधनों एवं सहयोग के लिए नगर निगम का आभार व्यक्त किया तथा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों को और अधिक गति देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम आलोक कुमार पाण्डेय, एसएनएस राजवीर सिंह, तनवीर सिंह सहित नगर निगम एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।
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केदारनाथ धाम का कायाकल्प पीएम मोदी की इच्छाशक्ति का परिणाम: तीरथ सिंह रावत


रूद्रप्रयाग। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने  बुधवार को पवित्र केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के विशेष दर्शन किए। उन्होंने सुबह की आरती में शामिल होकर अपनी आस्था व्यक्त की। दर्शन के बाद मीडिया से विशेष बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री ने केदारनाथ के अद्भुत पुनर्निर्माण को लेकर गहरी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि 2013 की विनाशकारी आपदा के बाद किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि केदारनाथ मंदिर इतना सुंदर, भव्य और दिव्य रूप में निखरकर सामने आएगा।
तीरथ सिंह रावत ने 2013 की आपदा का जिक्र करते हुए कहा, “उस समय पूरा देश सदमे में था। प्रकृति का रौद्र रूप देखकर लगा था कि केदारनाथ को फिर से पहले जैसा बनाना असंभव है। मंदिर क्षेत्र मलबे में तब्दील हो चुका था, चारों तरफ तबाही का मंजर था। लेकिन आज वही केदारनाथ एक नई पहचान के साथ पूरी दुनिया के सामने एक उदाहरण बनकर खड़ा है।”
उन्होंने इस चमत्कारिक बदलाव का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा कि केदारनाथ के नवनिर्माण में सबसे बड़ी भूमिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम मोदी ने इस कार्य को अपने व्यक्तिगत मिशन की तरह लिया। उनकी दूरदर्शिता, निरंतर निगरानी और अथक प्रयासों से केदारनाथ न केवल पुरानी भव्यता को वापस पा गया, बल्कि एक विश्व स्तरीय आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित हो गया। “दिन-रात की मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति के कारण आज लाखों श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के यहां पहुंच रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल ने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। केदारनाथ धाम का भव्य पुनर्निर्माण इस कालखंड की सबसे प्रेरणादायी उपलब्धि है”। इसी अवधि में देश ने अभूतपूर्व विकास की लहर देखी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति हुई। गरीबों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तिकरण और हिमालयी क्षेत्रों के समग्र विकास ने भारत की तस्वीर बदल दी। केदारनाथ पुनर्निर्माण इसी समग्र विकास दर्शन का हिस्सा है।
2013 की आपदा के बाद जब केदारनाथ तबाह हो चुका था, तब पीएम मोदी ने इसे अपने व्यक्तिगत संकल्प में बदला। उनकी विजन और निरंतर फॉलो-अप के चलते मंदिर क्षेत्र में भव्य घाट बनाए गए, आधुनिक सुविधाएं विकसित की गईं, हेलीपैड का निर्माण किया गया, बेहतर सड़कें बनाई गईं और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत किया गया। इन प्रयासों से लाखों तीर्थयात्रियों के सपने साकार हो रहे हैं।
तीरथ सिंह रावत ने केदारनाथ धाम में बनी आधुनिक सुविधाओं की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “आज तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सड़कें, हेलीपैड, आधुनिक चिकित्सा केंद्र और ठहरने की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध है। यह सब प्रधानमंत्री के मास्टर प्लान का ही परिणाम है। हर तीर्थयात्री यहां आकर सरकार की इन कोशिशों को महसूस कर सकता है। केदारनाथ अब न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि सुविधाओं का भी बेहतरीन उदाहरण बन गया है।” पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में दोनों सरकारों का एकजुट प्रयास ही इस पुनर्निर्माण की सफलता का आधार बना। चार धाम यात्रा के इस पावन मौके पर उनका यह बयान भक्तों के बीच नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर रहा है।
केदारनाथ का नवनिर्माण केवल एक मंदिर की मरम्मत नहीं था, बल्कि यह एक व्यापक विकास का प्रतीक बन गया। इस परियोजना में पर्यावरण संरक्षण, सस्टेनेबल टूरिज्म और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को विशेष महत्व दिया गया। मंदिर परिसर में नई इमारतें, यात्री सुविधा केंद्र, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था विकसित की गई। हेलीकॉप्टर सेवाओं के विस्तार से दूर-दराज के श्रद्धालुओं के लिए यात्रा आसान हो गई है।
तीरथ सिंह रावत ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे केदारनाथ यात्रा अवश्य करें। साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा, “प्लास्टिक का उपयोग न करें और यात्रा मार्गों तथा धाम को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दें। केदारनाथ हमारी आस्था का प्रतीक है, इसे साफ-सुथरा रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
केदारनाथ का यह नवनिर्माण न केवल उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत को मजबूत कर रहा है, बल्कि पूरे देश को प्रेरणा दे रहा है कि सही इरादे, दूरदर्शी नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से असंभव भी संभव हो जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हिमालय की इस पावन भूमि पर हो रहा विकास भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक अनमोल उपहार है।
यह पुनर्निर्माण यात्रा 2014 से शुरू हुई थी, जब पीएम मोदी ने केदारनाथ आने के बाद पूरे क्षेत्र के विकास का खाका तैयार किया। आज यह धाम न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी “अभूतपूर्व पुनर्विकास और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर केदारनाथ धाम ने नया स्वरूप लिया है। बेहतर क्राउड मैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था के कारण, अब हर वर्ष 15-20 लाख से अधिक तीर्थयात्री सुरक्षित रूप से बाबा केदारनाथ के दर्शन का पुण्य लाभ उठा रहे हैं।”
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लापरवाही मामले में एक्शनः जिला पंचायती राज अधिकारी को पद से हटाया
हरिद्वार। शासन ने लापरवाही के मामले में हरिद्वार के जिला पंचायती राज अधिकारी यानी डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह को उनके पद हटा दिया है.।उन्हें पंचायती राज निदेशालय देहरादून से अटैच किया गया है। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
साथ ही हरिद्वार के मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा को उनकी जगह डीपीआरओ का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है। बताया जा रहा है कि कार्यों में लापरवाही बरतने की लगातार मिल रही थी। हरिद्वार के ही कुछ लोगों ने उनकी शिकायत की। जिसके बाद शासन ने उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई की है। इसके साथ ही शासन ने शिकायतों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। शासन द्वारा जारी आदेश के मुताबिक हरिद्वार के डीपीआरओ का अतिरिक्त प्रभार वहां के मुख्य विकास अधिकारी को सौंपा गया है।
डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह के खिलाफ कुछ लोगों ने शासन को शिकायती पत्र भेजे थे। शासन ने शिकायतों संज्ञान लिया। प्रारंभिक जांच में सबसे पहले उन्हें हटाने की कार्रवाई की गई है। साथ ही मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। आदेश के अनुसार शासन में संयुक्त सचिव ध्रूव मोहन सिंह राणा, पंचायती राज विभाग के संयुक्त निदेशक राजीव कुमार नाथ त्रिपाठी व वित्त नियंत्रक शशि सिंह को जांच कमेटी में शामिल किया गया है।
यह समिति जल्द ही हरिद्वार जिले का दौरा कर शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सीडीओ ललित नारायण मिश्रा उनका कार्यभार संभालेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि जांच रिपोर्ट के बाद जल्द ही नए डीपीआरओ की नियुक्ति की जाएगी।

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ठहराव लेकर आगे बढ़ रहा मानसून,18 जून से नया पश्चिमी विक्षोभ लायेगा कुछ बदलाव
देहरादून। प्री मानसून गतिविधि सक्रिय होने से प्रदेश के ऊंचाई वाले जिलों में रुक-रुककर वर्षा होने का दौर जारी है। यद्यपि निचले व तराई वाले क्षेत्रों में वर्षा अभी जोर नहीं पकड़ पाई है। मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार अगले दो-तीन दिन बागेश्वर, पिथौरागढ़ समेत गढ़वाल के ऊंचाई वाले जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मैदानी क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा। 18 जून से नया पश्चिमी विक्षोभ कुछ बदलाव लेकर आएगा।
शुरुआत में लगभग सामान्य समय से चला दक्षिण पश्चिम मानसून ठहराव लेते हुए आगे बढ़ रहा है। कई जगह यह लंबा ब्रेक ले रहा है। इस कारण प्रदेश में मानसून पहुंचने में कुछ दिन की देरी हो सकती है। मानसून के उत्तराखंड पहुंचने का सामान्य समय 20 जून है।
अंडमान निकोबार में मानसून सामान्य से छह दिन पहले सक्रिय हो चुका था। यद्यपि केरल तट पर यह चार जून (तीन दिन देरी से) को पहुंचा। अरब सागर शाखा ने गति पकड़ी और यह कर्नाटक व महाराष्ट्र के निचले हिस्से तक पांच से सात जून के आसपास तय समय पर पहुंच गया। यह शाखा आठ जून से ऊपर नहीं बढ़ी है। बंगाल की खाड़ी वाली दूसरी शाखा ने चार-पांच दिन की देरी से 10 जून को मणिपुर समेत अन्य पूर्वी प्रदेशों को कवर किया।
11 व 12 जून को कुछ आगे बढ़ने के बाद यह शाखा ठहर गई। यद्यपि 15 जून को कुछ प्रगति के साथ समूचे आंध्र प्रदेश, बंगाल को कवर करते हुए ओडिशा, झारखंड, बिहार के कुछ अन्य हिस्सों में आगे बढ़ा है।मानसून को झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार को पार करने के बाद निचले मध्य प्रदेश व पूर्वी उत्तर प्रदेश होते हुए उत्तराखंड पहुंचना होता है। मानसूनी वर्षा खेती, भूजल स्तर बढ़ाने, गर्मी से राहत तीनों दृष्टिकोण से मददगार है।स्काईमेट के मौसम विज्ञानी महेश पलावत के अनुसार पश्चिमी तट पर मानसून कमजोर हुआ है। मानसून को पूर्वी दिशा में आगे बढ़ने के लिए बंगाल की खाड़ी पर कम दबाव का क्षेत्र नहीं बन पा रहा। कम दबाव बनने से होने वाली मौसमी गतिविधियों से मानसून उत्तर पश्चिमी दिशा की तरफ बढ़ता है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून कमजोर होने के पीछे ऊपरी वायुमंडल में चल रही हवाओं का असामान्य पैटर्न है। पश्चिमी जेट स्ट्रीम सामान्य से ज्यादा दक्षिण की ओर खिसक गई है, इससे मानसून को आगे बढ़ाने वाली हवाएं प्रभावित हो रही हैं। इस कारण अरब सागर व बंगाल की खाड़ी में पर्याप्त नमी के बावजूद बादल नहीं बन पा रहे।
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कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने आगामी विधानसभा

चुनाव के लिए संगठनत्मक मजबूती पर किया विचार-मंथन
देहरादून। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तराखण्ड कांग्रेस ने पूरी तरह से कमर कस ली है। बुधवार को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रभारी कुमारी शैलजा ने दो दिवसीय उत्तराखण्ड दौरे के पहले दिन राजधानी देहरादून पहंुचकर  जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों के साथ संगठनात्मक मजबूती को लेकर बैठक की। उसके  बाद कुमारी शैलजा प्रदेश के सभी प्रकोष्ठों, विभागों और सेलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुनाव के विषय में चर्चा की। इस दौरान बीजापुर गेस्ट हाउस में पार्टी के सभी सीनियर लीडर मौजूद रहे।
बुधवार को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रभारी कुमारी शैलजा ने उत्तराखण्ड कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ आगामी चुनावी रणनीति को लेकर विचार -मथन किया। इस दौरान वह संगठन की मजबूती को लेकर हर स्तर पर समीक्षा गयी। ताकि आने वाले समय में उत्तराखंड में होने जा रहे विधानसभा चुनावों को कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ लड़ सके। बैठक के बाद उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि संगठन सृजन के दौरान कांग्रेस पार्टी की जिला इकाइयों का गठन हुआ था, इसके साथ ही ब्लॉक अध्यक्षों का भी गठन किया गया। उन्होंने बताया कि संगठन के हिसाब से सभी जिलों की अब तक जो प्रगति हुई है। पार्टी के अभी आयोजित हुए कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। उन्होंने बताया कि बुधवार को ही पार्टी की प्रदेश प्रभारी सभी सीनियर लीडरों के साथ मुलाकात करके संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ आगमी चुनावी रणनीति पर चर्चा की गयी। इसके अलावा पार्टी के होने वाले कार्यक्रमों पर भी विस्तृत रूप से चर्चा की गयी। दरअसल  कुमारी शैलजा बुधवार को आयोजित बैठक में अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान संगठनात्मक बैठकों, वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात करके और जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी के साथ विभिन्न प्रकोष्ठों और विभागों के प्रतिनिधियों से से सीधें संवाद कर रही है। आगामी चुनावों को देखते हुए उनका यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बुधवार को भी पार्टी प्रदेश प्रभारी उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के साथ बैठकें करके पूरी एकजुटता के साथ संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा की गयी।
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नदी किनारे मिला अज्ञात का शव


रूद्रप्रयाग। बुधवार तड़के गौरीकुंड क्षेत्र में नदी किनारे एक व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। सूचना मिलने पर पुलिस व एसडीआरएफ ने मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू अभियान चलाते हुए उक्त शव को बरामद कर लिया है। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्यवाही के लिए भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार बुधवा सुबह लगभग 5.30 बजे एक घोड़ा संचालक द्वारा सूचना दी गई कि गौरीकुंड छोटी पार्किंग के समीप नदी किनारे एक व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना प्राप्त होते ही एसडीआरएफ पोस्ट सोनप्रयाग की टीम द्वारा कोतवाली सोनप्रयाग को अवगत कराते हुए निरीक्षक अनिरुद्ध सिंह के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए प्रस्थान किया गया।
एसडीआरएफ टीम घटनास्थल पर पहुँची, जहाँ एक अज्ञात व्यक्ति नदी किनारे मृत अवस्था में पाया गया। टीम द्वारा आवश्यक सावधानी बरतते हुए शव को स्ट्रेचर की सहायता से दुर्गम क्षेत्र से मुख्य सड़क तक पहुँचाया गया तथा अग्रिम वैधानिक कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया। मृतक अभी अज्ञात है। शिनाख्त की कार्यवाही की जा रही है।
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चारधाम  और पर्यटन सीजन में लगातार बढ़ रहे दुर्व्यवहार के मामले
स्थानीयों के साथ मारपीट, अभद्रता और दबंगई की घटनाएं बढ़ी
देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां बाहरी राज्यों से आए कुछ पर्यटक और श्रद्धालु स्थानीय लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। कहीं सड़क पर विवाद के दौरान मारपीट हो रही है तो कहीं होटल, ढाबों और टैक्सी चालकों के साथ बदसलूकी की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई मामलों में महिलाओं और बुजुर्गों तक के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं।
उत्तराखंड की संस्कृति हमेशा से मेहमानों के सम्मान की रही है। पहाड़ के लोग अपने सीमित संसाधनों के बावजूद यात्रियों की मदद के लिए आगे आते रहे हैं। आपदा हो या यात्रा का कठिन रास्ता, स्थानीय लोग हमेशा सहारा बनते रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन के बढ़ते दबाव के साथ व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ी संख्या में आने वाले कुछ पर्यटक पहाड़ को पर्यटन स्थल नहीं बल्कि मौज-मस्ती का मैदान समझने लगे हैं। शराब पीकर हुड़दंग, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, धार्मिक स्थलों की मर्यादा का उल्लंघन और स्थानीय लोगों के साथ अभद्रता जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं।
चारधाम यात्रा को आस्था का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा केदार, बदरीविशाल, हेमकुंड, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन हाल के वर्षों में यात्रा मार्गों पर कई बार श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विवाद की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय व्यापारियों, टैक्सी चालकों और होटल संचालकों का कहना है कि कुछ लोग यात्रा पर श्रद्धा से कम और दबंगई के प्रदर्शन के लिए अधिक आते दिखाई देते हैं। मामूली बातों पर गाली-गलौज और मारपीट तक की नौबत आ जाती है।
पहले ऐसी घटनाएं स्थानीय स्तर तक सीमित रह जाती थीं, लेकिन अब मोबाइल कैमरों और सोशल मीडिया ने पूरी तस्वीर सामने ला दी है। आए दिन ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच झगड़े, सड़क पर हंगामा और कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ती दिखाई देती हैं। इन वीडियो के बाद प्रदेशभर में यह बहस तेज हो गई है कि आखिर देवभूमि की गरिमा को बचाने के लिए क्या किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार पर्यटन और यात्रा के आंकड़ों को लेकर तो उत्साहित दिखाई देती है, लेकिन उससे जुड़ी चुनौतियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। पर्यटन बढ़ने के साथ कानून व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था की जरूरत है। कई सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त नियम नहीं बनाए गए तो स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ सकता है। उनका मानना है कि उत्तराखंड केवल पर्यटन उद्योग नहीं बल्कि लाखों लोगों का घर भी है और उनकी गरिमा तथा सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
पर्यटन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हजारों परिवारों की आजीविका पर्यटन और यात्रा सीजन पर निर्भर है। यही कारण है कि कई बार अपमान और दुर्व्यवहार झेलने के बावजूद स्थानीय लोग खुलकर विरोध नहीं कर पाते। उन्हें डर रहता है कि कहीं उनकी रोजी-रोटी प्रभावित न हो जाए। लेकिन अब हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि पहाड़ की खामोशी के पीछे गहरा आक्रोश दिखाई देने लगा है।
इस मामले में कई विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थाटन का स्वागत होना चाहिए, लेकिन इसके साथ अनुशासन और जवाबदेही भी जरूरी है। जो लोग देवभूमि में आते हैं, उन्हें यहां की संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय समाज का सम्मान करना होगा। उत्तराखंड केवल पहाड़, नदियां और मंदिर नहीं है। यह उन लोगों की भूमि है जिन्होंने सदियों से इन पहाड़ों को जिंदा रखा है। यदि स्थानीय लोगों का सम्मान और सुरक्षा खतरे में पड़ती है तो इसका असर केवल समाज पर नहीं बल्कि पर्यटन और तीर्थाटन की पूरी व्यवस्था पर पड़ेगा। वर्तमान में पूरा पहाड़ मानो सरकार, प्रशासन और समाज से एक ही सवाल पूछ रहा है।
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पलटन बाजार के साड़ी और लहंगा शौरूम में लगी भीषण आग,लाखों का नुकसान
देहरादून। सुबह पलटन बाजार में साड़ी और लहंगा शोरूम में भीषण आग लग गई। आग से शोरूम में रखा लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की चार गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह कोतवाली नगर को सूचना मिली कि पलटन बाजार स्थित एक दुकान के तृतीय तल पर आग लग गई है। उक्त सूचना पर कोतवाली नगर से पुलिस बल तथा फायर स्टेशन देहरादून से दमकल के वाहन तत्काल मौके पर पहुंचे तथा राहत व बचाव कार्य प्रारम्भ किया गया। मौके पर दमकल के 4 वाहनों द्वारा कडी मशक्कत के बाद कपडों की दुकान के तृतीय तल पर बने गोदाम में लगी आग पर काबू पाया गया।
घटना के सम्बन्ध में जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि पलटन बाजार स्थित ननकानी गारमेंट्स के तृतीय तल पर लिफ्ट लगाने का कार्य चल रहा था तथा उक्त कार्य के लिये वैल्डिंग का कार्य करने वाले व्यक्ति आये हुए थे। इस दौरान तृतीय तल पर स्थित कपडे के गोदाम में अचानक आग लग गई तथा गोदाम में रखा सारा सामान जल गया। साथ ही पुलिस द्वारा आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
अग्निकांड में गोदाम के भीतर रखा साड़ी, लहंगा और अन्य कपड़ों का बड़ा स्टॉक जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, नुकसान का वास्तविक आंकलन जांच और स्टॉक के मूल्यांकन के बाद ही सामने आ सकेगा।
पलटन बाजार देहरादून का सबसे बड़ा और व्यस्त बाजार माना जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। राहत की बात यह रही कि आग बाजार के अत्यधिक व्यस्त समय में नहीं लगी। यदि यह घटना भीड़भाड़ के दौरान होती, तो जनहानि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था। फिलहाल पुलिस और अग्निशमन विभाग आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
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बैरागीवाला हत्याकांडः पटरी पर लौटने लगी गांव की जिंदगी,लौटने लगे पलायन कर गए मुस्लिम परिवार
देहरादून। बीते सप्ताह शनिवार को भाजपा नेता विनोद कुमार हत्या के बाद तनाव और भय के माहौल से गुजर रहे बैरागीवाला गांव के हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगे है। इस घटना के बाद गांव छोड़कर चले गए मुस्लिम  परिवार भी अब वापस अपने घरों को लौटने लगे हैं। इसके बाद कई दिनों से बंद पड़े घरों के ताले और दुकानों के शटर भी खुलने लगे हैं।
बतादें कि बैरागीवाला में शनिवार शाम भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या के बाद गांव में जमा हुई आक्रोशित भीड़ व उत्पन्न हुई परिस्थितियों को देखते हुए अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति बन गई थी। उधर भय के कारण गांव के कुछ मुस्लिम परिवार सुरक्षित स्थान पर चले गए थे। परंतु अब स्थिति सामान्य हो रही है। गांव की सड़कों पर लोगों की आवाजाही  दिखाई देने लगी है और दुकानों के कई दिन से बंद शटर भी खुले।
घटना के बाद हिंदू संगठनों के विरोध व प्रदर्शन के कारण गांव में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी। हालांकि प्रदर्शनकारी सभी लोग घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों के परिवारों व उनके घर मकानों पर हमलावर थे लेकिन, इस प्रकार की स्थिति ने गांव में रहने वाले अन्य मुस्लिम समुदाय के लोगों में भी भय का वातावरण उत्पन्न कर दिया था। घटना के बाद गांव से लगभग 20 से 25 मुस्लिम परिवारों ने अपने घर-मकान छोड़कर आसपास के गांवों में नाते-रिश्तेदारों के यहां शरण ले ली थी। अब जबकि हालात सामान्य हो रहे हैं तो ऐसे सभी लोग भी अपने गांव-घर वापस लौट रहे हैं।
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पूर्णागिरि दर्शन करने आई 15 साल की किशोरी तबीयत बिगडने के बाद अस्पताल में शिशु को दिया जन्म

चंपावत। उत्तर प्रदेश से अपने परिजनों के साथ मां पूर्णागिरि के दर्शन करने को आई नाबालिग किशोरी के अविकसित शिशु को जन्म देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में टनकपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर जीरो एफआईआर दर्ज की है।
उत्तराखंड पुलिस ने उक्त मामले को यूपी के संबंधित थाने को जांच हेतु ट्रांसफर कर दिया है। नाबालिग किशोरी की तबीयत खराब होने के उपरांत उसे उपजिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया था। वहां पर किशोरी ने छह माह के अविकसित शिशु को जन्म दिया। जन्म के कुछ देर बाद ही शिशु की मृत्यु हो गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद की 15 वर्षीय किशोरी अपने परिजनों के साथ मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन के लिए आई थी। दर्शन के उपरांत लौटते समय किशोरी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उसे उप जिला अस्पताल टनकपुर लेकर पहुंचे।
अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में किशोरी ने लगभग छह माह के अविकसित शिशु को जन्म दिया। चिकित्सकों के अनुसार जन्म के कुछ समय बाद ही शिशु की मृत्यु हो गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रिया पूरी की गई तथा डीएनए जांच हेतु नमूने सुरक्षित किए गए हैं।
अस्पताल प्रशासन द्वारा घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस के अनुसार मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर ली गई है। नियमानुसार प्रकरण को संबंधित क्षेत्राधिकार वाले थाने, जनपद पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) को स्थानांतरित किया जा रहा है। टनकपुर कोतवाल चेतन रावत का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। फिलहाल उक्त मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला उत्तर प्रदेश की संबंधित कोतवाली को भेज दिया गया है।
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घर के स्टोर रूम में लटका मिला विवाहिता का शव
पंतनगर। मंगलवार रात नगला क्षेत्र में एक विवाहिता का शव घर के स्टोर रूम में  लटका मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमारटम के लिए रुन्रपुर भेज दिया। घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, पुलिस फिलहाल इसे घरेलू कलह मानकर चल रही है।बिहार की मूल निवासी और वरतमान में नगला में किराए पर रह रही काजल ;27द्ध पत्नी पवन कुमार अपने ससुराल में परिवार के साथ रहती थी। पवन पंतनगर विवि के सामान्य खंड में संविदा में जेई के पद पर कारयरत हैं। मंगलवार शाम करीब सात से आठ बजे के बीच पवन और उसके पिता माता गए हुए थेए जबकि परिवार के अन्य सदस्य घर पर ही मौजूद थे। कुछ देर बाद परिजनों ने काजल को आवाज लगाईए लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। तलाश करने पर स्टोर रूम का दरवाजा बंद मिला। दरवाजा खोलने पर काजल लाल रंग की रस्सी के सहारे एग्जॉस्ट फैन से लटकी हुई मिली। परिजनों ने तुरंत उसे नीचे उतारा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।स्टोर रूम की तलाशी के दौरान कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए कमरे को सील कर दिया। काजल को तत्काल जिला अस्पताल रुन्रपुर ले जाया गयाए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोष्ाित कर दिया। बताया जा रहा है कि काजल की शादी वरष 2020 में पवन कुमार से हुई थी और उसकी डेढ़ साल की एक बेटी भी है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत ने बताया कि शव को पोस्टमारटम के लिए मोरचरी में रखवा दिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा हैए हालांकि फांसी लगाने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।