
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक जन शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम है। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जवाबदेही हर स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पेयजल विभाग एवं जल जीवन मिशन से संबंधित अधिक संख्या में प्राप्त शिकायतों पर नाराजगी व्यत्तफ करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित शिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय पर जन शिकायतों का निस्तारण न होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में जिन अधिकारियों की कार्यवाही शून्य प्रतिशत है, उन्हें संबंधित विभागाध्यक्ष तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करें। यदि संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन शिकायतों का निर्धारित समयावधि में समाधान नहीं हो पा रहा है, उनकी नियमित समीक्षा विभागाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी स्तर पर की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्पेशल क्लोज, डिमांड, सजेशन तथा अन्य श्रेणियों में परिवर्तित की गई शिकायतों का भी गंभीरता से परीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी वास्तविक शिकायत का निस्तारण प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को जनपद स्तर पर जिलाधिकारी, मंडल स्तर पर दोनों मंडलायुत्तफ तथा शासन स्तर पर सभी सचिव समाधान दिवस के माध्यम से जन समस्याओं की नियमित सुनवाई एवं समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस को प्रभावी जनसेवा के मंच के रूप में विकसित किया जाए तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा एवं भारतीय वन सेवा के अधिकारियों को पूर्व में निर्देश दिए गए थे कि वे अपने सेवाकाल की शुरुआत वाले क्षेत्रों में जनसुविधाओं के दृष्टिगत नवाचार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी नवाचारों की विस्तृत सूची 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्मिकों को सेवानिवृत्ति के उपरांत प्रथम माह से ही पेंशन प्राप्त होनी प्रारंभ हो जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्ष की होगी।
मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, स्वास्थ्य तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुचारु बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने भूमि संबंधी विवादों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा अनावश्यक रूप से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
समीक्षा बैठक में सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने अवगत कराया कि 18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री हेल्पलाइनकृ1905 पर कुल 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 20,461 शिकायतों का पूर्ण निस्तारण, 31,363 का आंशिक निस्तारण, 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन, 4,061 शिकायतें लंबित तथा 3,738 शिकायतें स्पेशल क्लोज श्रेणी में हैं। इस अवधि में स्पेशल क्लोज की दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है, जो पूर्व अवधि की तुलना में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाती है।
बैठक में यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025कृ26 में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि प्रमुख विभागों में शिकायतों के औसत निस्तारण समय में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। साथ ही शिकायतों के समाधान के उपरांत शिकायतकर्ताओं से फीडबैक प्राप्त करने एवं विभागवार मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइनकृ1905 की अगली समीक्षा बैठक से पूर्व अपनेकृअपने स्तर पर व्यापक समीक्षा कर लें। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में केवल शिकायतों की संख्या नहीं, बल्कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि तथा विभागीय उत्तरदायित्व के आधार पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न जनपदों के शिकायतकर्ताओं से फोन पर वार्ता कर मुख्यमंत्री हेल्पलाइनकृ1905 पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली।
अल्मोड़ा के श्री मोहम्मद सलमान ने मुख्यमंत्री को बताया कि कूड़ा निस्तारण संबंधी उनकी शिकायत का समाधान हो गया है। उन्होंने नाली निर्माण की समस्या भी बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। टिहरी गढ़वाल के श्री आकाश रमोला ने बताया कि चम्बा स्थित सुमन कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति संबंधी उनकी शिकायत का समाधान हो गया है। हरिद्वार के श्री जुल्फिकार खान द्वारा राजस्व विभाग से संबंधित समस्या बताने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने उधम सिंह नगर के श्री नजम खान तथा अल्मोड़ा के श्री नंदन सिंह से भी बातचीत की। दोनों शिकायतकर्ताओं ने हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायतों के संतोषजनक निस्तारण पर मुख्यमंत्री का आभार व्यत्तफ किया।
इस अवसर राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्री विनय कुमार रुहेला, प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, श्री एल. फैनई, डॉ.आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिवगण, अपर सचिवगण, विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद थे।
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दुष्कर्म मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार

हरिद्वार। शादी का झांसा देकर लम्बे समय से नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने दुष्कर्म व पोक्सो एक्ट के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। जिसे न्यायालय मेे पेश कर जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार बीती 27 जुलाई को थाना कलियर में एक व्यक्ति द्वारा तहरीर देकर बताया गया था कि अब्दुल रहमान पुत्र इकलाख निवासी इमलीखेडा कोतवाली पिरान कलियर जनपद हरिद्वार द्वारा उनकी नाबालिग पुत्री के साथ 2020 से शादी का झांसा देकर लगतार दुष्कर्म किया जा रहा है। मामले में पुलिस ने दुष्कर्म सहित पोेक्सों अधिनियम की धाराओं मे मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गयी। जिसिे पुलिस ने बीती रात रहमतपुर गांव से गिरफ्तार कर लिया है। जिसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
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बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामला, आरोपी नौटियाल के सरकारी आवास पर छापेमारी,जुटाई अहम जानकारी
चमोली। बदरीनाथ धाम मंदिर के चर्चित चढ़ावा चोरी केस में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी जांच तेज कर दी है। मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल की कस्टडी मिलने के बाद एसआईटी उसे लेकर बुधवार को देहरादून पहुंची। देहरादून में एसआईटी ने आरोपी प्रमोद नौटियाल के देहरादून स्थित सरकारी आवास की तलाशी ली। करीब तीन घंटे चली कार्रवाई के दौरान टीम ने बैंक खातों, भूमि और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की जांच की।
एसआईटी ने आरोपी के परिजनों से भी पूछताछ कर उसकी चल-अचल संपत्ति, बैंक लेनदेन और अन्य वित्तीय जानकारियां जुटाई। एसआईटी के अधिकारियों के अनुसार बरामद दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में बदरीनाथ धाम थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) महादेव उनियाल ने बताया कि एसआईटी की टीम देहरादून स्थित सरकारी आवास पर जांच के लिए पहुंची थी। प्रारंभिक तलाशी में कोई बड़ी आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन बैंक खातों, जमीन और अन्य संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की गई है। मामले की जांच अभी जारी है।
उधर, एसआईटी की पूछताछ के दौरान प्रमोद नौटियाल के बदरीनाथ स्थित सरकारी कमरे की तलाशी में चांदी के सिक्के, चांदी का नाग, चांदी की एक मूर्ति, नेपाली मुद्रा की 50-50 रुपये मूल्यवर्ग की दो गड्डियों के साथ ही लगभग पांच हजार रुपये भारतीय मुद्रा बरामद होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी इन वस्तुओं के स्रोत और प्रकरण से उनके संबंध की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपी प्रमोद नौटियाल से एसआईटी लगातार पूछताछ कर रही है।
इसके अलावा गुरुवार को टीम उसे बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) कार्यालय भी लेकर पहुंची, जहां उससे विभिन्न अभिलेखों, वित्तीय प्रक्रियाओं और मामले से जुड़े तथ्यों के संबंध में पूछताछ की गई। जांच एजेंसी घटनाक्रम से जुड़े प्रत्येक पहलू की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
एसआईटी को न्यायालय से चार दिन की पुलिस रिमांड मिली है। इस अवधि में आरोपी से लगातार पूछताछ के साथ दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले के संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने आएंगे।
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गुरूवार को अचानक उफान पर आई सूखी नदी, रपटे के बीच खड़ी दो कारें बही

हरिद्वार। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते खड़खड़ी में सूखी नदी गुरुवार को अचानक से उफान पर आ गई। इस दौरान नदी के बीच रपटे पर खड़ी दो कारें पानी के तेज बहाव में बह गई। कार बहने की घटना से मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचीं और कार को जेसीबी व क्रेन की मदद से बमुश्किल बाहर निकाला।
हरिद्वार के सूखी नदी में वाहन बहने की यह घटना कोई नई नहीं है। इससे पहले भी कई बार यहां बाहर से आने वाले यात्रियों के वाहन बहने की घटनाएं घट चुकी हैं। इसलिए कुंभ मेले के बजट से यहां नए पुल का निर्माण कराया जा रहा है। अभी निर्माण कार्य चल रही रहा था कि गुरुवार को अचानक तेज बारिश हुई। बारिश के बीच नदी में अचानक पानी आ गया। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, दोनों कारें रपटे से नीचे बह गई। गनीमत रही कि आगे गंगा नदी में पानी कम था और कारें रपटे से नीचे उतरकर फंस गई।
बता दें कि सूखी नदी खड़खड़ी श्मशान घाट के पास सीधा गंगा में मिलती है और अक्सर पहाड़ी पर भारी बारिश होते ही इसमें तेज बहाव के साथ उफान आ जाता है। बताया जा रहा है कि गुरुवार भी कुछ लोग श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए एकत्र हुए थे और उनकी गाड़ियां सूखी नदी के रपटे पर खड़ी थी। कारें बहने की घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया था। पानी का बहाव तेज होने के कारण किसी ने जोखिम नहीं उठाया।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पानी का बहाव कम होने के बाद दोनों वाहनों को जेसीबी और क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। इस बार कांवड़ मेले में सूखी नदी पर पुल का निर्माण नहीं हो पाया, लेकिन निर्माण कार्य जारी है। उम्मीद है कि आने वाले कुंभ मेले से पहले पुल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सूखी नदी के पास वाहन खड़ा न करने के चेतावनी बोर्ड लगे हैं। फिर भी लोग रपटे पर वाहन खड़ा करके श्मशान घाट चले जाते हैं। बरसात के दिनों में यहां वाहन खड़े करना, जोखिम से कम नहीं है। इस मामले में हरिद्वार के एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बहते हुए वाहनों को बाहर निकाला गया। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि कोई भी यात्री सूखी नदी में वाहन न खड़े करें, प्रशासन द्वारा निर्धारित पार्किंग में ही अपने वाहनों को पार्क करें।
आगे पढ़ेंब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम चोरी प्रकरणः पांच लाख का सोने का मुकुट बरामद, चोर साधु गिरफ्तार

चमोली। बदरीनाथ धाम में भगवान नारायण का सोने का मणि जड़ित मुकुट चोरी करने वाला शातिर साुध को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुकुट की कीमत लगभग पाचं लाख रुएये बातई जा रही है। आरोपित से मुकुट व नकदी बरामद कर ली गई है।
पुलिस के अनुसार 27 जुलाई को ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम ब्रह्मकपाल के ब्रह्मचारी भगवत दास ने बदरीनाथ कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि आश्रम में ठहरे साधु राघवदास ने 24 जुलाई की रात मंदिर से भगवान नारायण का लगभग पांच लाख रुपए के मूल्य का सोने का मणि जड़ित मुकुट व नकदी चोरी कर ली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(ए) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। धार्मिक आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने विशेष टीम का गठन कर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और मुकुट की बरामदगी के निर्देश दिए, इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और लगातार छापेमारी के जरिए आरोपी की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान 29 जुलाई को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने बद्रीश गंगा वाटिका गेट (हनुमानचट्टी रोड) के पास घेराबंदी कर आरोपी राघवराम पाठक उर्फ राघवदास (57) निवासी ग्राम मुनीमपुर थाना भिनगा जनपद श्रावस्ती (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
आरोपी की निशानदेही पर भगवान नारायण का चोरी गया स्वर्ण मणि जड़ित मुकुट, चोरी की गई नकदी में से 4,500 रुपये व घटना में प्रयुक्त काला बैग बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने आश्रम के मंदिर से मुकुट और वहीं ठहरे प्रभुदास नामक व्यक्ति के बैग से नकदी चोरी की थी।
बरामदगी के बाद पुलिस ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) भी जोड़ दी है। आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस कार्रवाई में विवेचक उपनिरीक्षक भूपेंद्र प्रसाद, हेड कांस्टेबल चंदन सिंह नगरकोटी, कांस्टेबल विकास जुयाल, आशुतोष तिवारी, राजेंद्र रावत, गौरव रावत और शीशपाल सिंह शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या आपराधिक गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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नवविवाहिता की संदिग्ध मौत मामले में पति सहित सास ननद के खिलाफ हत्या का मुकदमा
देहरादून। डोईवाला थाना क्षेत्र के हर्रावाला में नवविवाहिता सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की मां की तहरीर पर पुलिस ने सचिवालय में निजी सचिव के पद पर तैनात पति, सास और ननद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सृष्टि कंडारी के मायके वालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज और अन्य बातों को लेकर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका सृष्टि कंडारी की मां सीमा कंडारी ने थाना डोईवाला में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सृष्टि कंडारी की शादी नवंबर 2025 में हर्रावाला स्थित दिल्ली फार्म निवासी सौरभ रतूड़ी से हुई थी। सौरभ सचिवालय में निजी सचिव हैं, जबकि सृष्टि सरकारी शिक्षिका थी।
मां सीमा कंडारी का आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी सृष्टि कंडारी को दहेज और अन्य बातों को लेकर अपमानित किया जाता था। इतना ही नहीं, उसे मनहूस कहकर भी मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। सीमा कंडारी का आरोप है कि 28 और 29 जुलाई को उनकी बेटी से फोन पर बात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने एक परिचित को ससुराल भेजा, जहां से जानकारी मिली कि सृष्टि की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया है। जब परिवार श्रीनगर से देहरादून पहुंचा तो उन्हें पता चला कि सृष्टि की मौत हो चुकी है।
मृतका की मां का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने बेटी की मौत की सूचना उन्हें समय पर नहीं दी। पूछने पर उन्होंने कहा कि वे इतने व्यस्त थे कि फोन नहीं कर सके। परिवार का आरोप है कि सृष्टि की मौत के लिए उसका ससुराल पक्ष जिम्मेदार है। साथ ही शादी के करीब तीन महीने बाद सृष्टि के ससुर को हार्ट अटैक आया था। आरोप है कि किसी पंडित की सलाह के बाद ससुराल वालों ने सृष्टि को अपशकुनी मान लिया और उसे मनहूस कहकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। घटना से तीन दिन पहले सृष्टि के ससुर का भी निधन हो गया था, जिसके बाद उस पर मानसिक दबाव और बढ़ गया।
डोईवाला सीओ वंदना वर्मा ने बताया है कि डोईवाला थाना पुलिस ने मृतका के पति सौरभ रतूड़ी, सास परवीना देवी और ननद चारू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80 (2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीनों ने मिलकर सृष्टि को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसके कारण उसकी मौत हुई। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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19 लाख वोटर्स को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू, 13 अगस्त तक भर सकेंगे फॉर्म
देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को देहरादून में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान की प्रगति और आगे की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में किसी प्रकार की त्रुटि पाई गई है, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे है। साथ ही नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और गलतियों को सुधारने के लिए निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन भी किए जा सकते हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया मतदाता सूची में नाम, पता, उम्र या अन्य जानकारियों में किसी प्रकार की गलती होने पर संबंधित मतदाता फॉर्म-8 भरकर संशोधन करा सकते हैं। जिन पात्र नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे फॉर्म-6 के माध्यम से नया पंजीकरण करा सकते हैं। यदि किसी नाम को हटाने या किसी अन्य आपत्ति से संबंधित मामला है तो उसके लिए फॉर्म-7 का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 भरने की प्रक्रिया 14 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान सभी पात्र नागरिक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतिम प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन हो।
विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश में अब तक करीब 19 लाख ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है, जिनके रिकॉर्ड में किसी न किसी प्रकार की त्रुटि पाई गई है। इन मतदाताओं को चरणबद्ध तरीके से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जिससे वे निर्धारित समय के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रख सकें और रिकॉर्ड में सुधार कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान अभी भी करीब 5.26 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है। इन मतदाताओं तक पहुंचने और उनकी जानकारी का सत्यापन करने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य है कि सभी मतदाताओं का सत्यापन समय पर पूरा हो और कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
निर्वाचन विभाग ने जिलावार प्रगति की जानकारी भी साझा की। आंकड़ों के अनुसार अल्मोड़ा जिला इस अभियान में सबसे आगे है। जहां जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं, उनमें से करीब 80 प्रतिशत तक नोटिस पहुंचाए जा चुके हैं। विभाग ने इसे संतोषजनक प्रगति बताते हुए अन्य जिलों से भी इसी गति से काम करने की अपेक्षा जताई है। इसके अलावा चंपावत जिले में 62.1 प्रतिशत मतदाताओं तक नोटिस पहुंच चुके हैं। कुछ जिलों में अभियान की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी है। टिहरी जिले में अब तक केवल 4.7 प्रतिशत मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इसी तरह उत्तरकाशी में 4.8 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग में 5.5 प्रतिशत और ऊधमसिंह नगर में 6.7 प्रतिशत मतदाताओं तक ही नोटिस पहुंच पाए हैं। निर्वाचन विभाग ने इन जिलों में अभियान की गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया नोटिस जारी होने का अर्थ किसी मतदाता का नाम स्वतः हटाया जाना नहीं है। नोटिस केवल संबंधित जानकारी का सत्यापन करने और मतदाता को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के लिए भेजे जा रहे हैं। यदि किसी मतदाता के रिकॉर्ड में त्रुटि है तो वह निर्धारित प्रपत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उसे ठीक करा सकता है।
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आवागमन में खतराः पहाड़ी से मलबा व बोल्डर गिरने से एक यात्री जीप पूरी तरह से क्षतिग्रस्त

पिथौरागढ़। सीमांत धारचूला के तीनतोला-गस्कू सड़क पर पहाड़ी से मलबा व बोल्डर गिरने से एक यात्री जीप पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। चालक और एक यात्री के समय रहते वाहन से कूदकर भागने से दोनों की जान बच गई। सड़क से आवागमन में खतरा बना हुआ है।
धारचूला के तीनतोला- गस्कू सड़क पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने लगा। ठीक नीचे से गुजर रही एक यात्री जीप के चालक को जैसे ही पहाड़ी दरकने का पता चला उसने वाहन रोककर यात्री के साथ वाहन से उतरकर दौड़ लगा दी। उनके वाहन से उतरकर पीछे की ओर भागते ही वाहन पर बड़े- बड़े पत्थर और मलबा गिर गया। पत्थरों से वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ है। जिस स्थान पर यह घटना हुई वहां पर काफी ऊंचाई से पहाड़ी दरक रही है। काफी ऊंचाई से रुक रुककर पत्थर व मलबा गिर रहा है। ऐसे में वाहनों से या पैदल आवागमन करने में हादसे का भय बना हुआ है। मूसलाधार बारिश से पिथौरागढ़ जिले की 21 सड़कें बंद हो गईं। इनमें तीन बार्डर रोड धारचूला- तवाघाट, तवाघाट- गुंजी और न्यू सोबला- दर तिदांग के अलावा 18 ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें हैं।
भूपेंद्र महर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी पिथौरागढ़ ने बताया कि बारिश से जिले में 21 सडकें बंद हैं। जिसमें 18 सड़कें ग्रामीण हैं। जिन्हें खोलने के लिए सम्बन्धित विभागों के द्वारा खोलने का प्रयास किया जा रहा है। शीघ्र सभी सड़कों को खोल दिया जायेगा।
जिले के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश हुई। आसमान में बादलों से ढका है। सुबह के समय कई इलाकों में कोहरा छाया रहा। लगातार हो रही भारी बारिश बारिश से नदी नाले उफान पर है। काली नदी, गोरी नदी और रामगंगा का जल स्तर सामान्य से अधिक है। प्रशासन द्वारा लोगों से नदी नालों के किनारे न जाने की अपील की है।
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बाड़े में कैद गुलदार को हाई रेस्क्यू सेंटर भेजने की मंजूरी का इंतजार
रामनगर। वन प्रभाग रामनगर के चोपड़ा गांव में महिला पर हमले के बाद रेस्क्यू किया गया गुलदार एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ट्रांजिट बाड़े में रखा गया है। वन विभाग का कहना है कि गुलदार अब जंगल में शिकार करने की स्थिति में नहीं है, इसलिए उसे वापस छोड़ना सुरक्षित नहीं होगा। विभाग ने हाई रेस्क्यू सेंटर भेजने के लिए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक से अनुमति मांगी है, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है।
रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले कोटा रेंज के ग्राम चोपड़ा में महिला पर हमला करने वाले गुलदार को रेस्क्यू किए हुए एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उसे स्थायी रेस्क्यू सेंटर नहीं भेजा जा सका है, फिलहाल गुलदार को बेलगढ़ वन चैकी स्थित ट्रांजिट बाड़े में रखा गया है, जहां वन विभाग उसकी निगरानी और देखभाल कर रहा है। वन विभाग के अनुसार ऐसे गुलदार को दोबारा खुले जंगल में छोड़ना उचित नहीं होगा, क्योंकि वह शिकार नहीं कर पाएगा और भोजन की तलाश में फिर से आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर सकता है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ सकती है। इसी को देखते हुए वन विभाग ने गुलदार को हाई रेस्क्यू सेंटर भेजने का प्रस्ताव मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को भेज दिया है।
हालांकि रेस्क्यू सेंटर की क्षमता पहले से ही पूरी होने और अंतिम अनुमति लंबित होने के कारण गुलदार का स्थानांतरण अब तक नहीं हो पाया है। वन विभाग का कहना है कि अनुमति मिलते ही गुलदार को उच्च स्तरीय रेस्क्यू सेंटर में भेज दिया जाएगा, जहां उसकी बेहतर देखभाल और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी। फिलहाल एक महीने से अधिक समय से ट्रांजिट बाड़े में रह रहे इस गुलदार के स्थानांतरण को लेकर सभी की नजरें मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की अनुमति पर टिकी हैं।
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गौरीकुंड के आगे पहाड़ी से भारी भूस्खलन,आवाजाही रोकी

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक बार फिर भूस्खलन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गौरीकुंड गेट से करीब 200 मीटर आगे भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से पैदल मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई है।
लगातार हो रही बारिश के बीच केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड गेट से लगभग 200 मीटर आगे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। प्रशासन ने तत्काल यात्रियों की आवाजाही रोकते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहरा दिया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि यात्रा मार्ग बाधित होने की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों, राहत एवं बचाव दलों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। मार्ग से मलबा हटाने एवं आवागमन बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। हालांकि, क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा और पहाड़ी से रुककृरुक कर मलबा एवं पत्थर गिरने के कारण राहत एवं मार्ग बहाली कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं एवं यात्रियों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, बिना अनुमति के आगे बढ़ने का प्रयास न करें तथा जिला प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों द्वारा जारी दिशाकृनिर्देशों का पूर्णतः पालन करें। यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं की आवाजाही पुनः सुचारु रूप से प्रारंभ कराई जाएगी।
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जंगली हाथी ने पटक-पटक कर ग्रामीण को उतारा मौत के घाट,आसपास के क्षेत्रों में दहशत
हरिद्वार। गुरूवार सुबह वन विभाग के श्यामपुर रेंज के कांसवाली बीट क्षेत्र में जंगली हाथी ने एक ग्रामीण को पटक पटक कर मौत के घाट उतार दिया। हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत की खबर से वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही आनन-फानन में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इस मामले में पुलिस को बुलाया गया और शव को कब्जे में लिया। मृतक की पहचान गुर्जर समुदाय के एहसान पुत्र यूसुफ के रूप में हुई है, जो पास के ही गुर्जर बस्ती का रहने वाला है। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 6.30 पर एहसान घास लेने के लिए आरक्षित वन क्षेत्र में गया था। इसी दौरान वहां मौजूद एक जंगली हाथी ने उस पर हमला कर दिया। हाथी के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हाथी ने वन गुर्जर को कई बार पटका जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इसके साथ स्थानीय पुलिस को भी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही श्यामपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध भी अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और आसपास जांच की। जांच में हाथी की मौजूदगी के साक्ष्य मिले है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। साथ ही उस स्थान पर लोगों के जाने पर रोक लगाई गई है। जांच में सामने आया है कि अहसान अकेला ही जंगल में गया था और उस दौरान उसका हाथी से आमना सामना हो गया। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। वहीं घटना के बाद स्थानीय लोगों में खौफ का माहौल है।
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सावन में सूनी बाबा केदार की नगरी, तीसरे दिन भी नहीं शुरू हो सकी यात्रा
रुद्रप्रयाग। सावन का महीना गुरूवार से शुरू हो गया है। किन्तु बाबा केदार का धाम सूना पड़ा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और पहाड़ों से हो रहे भूस्खलन के चलते केदारनाथ धाम यात्रा लगातार तीसरे दिन भी शुरू नहीं हो सकी। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग गौरीकुंड के निकट तथा छोड़ी क्षेत्र में भारी भूस्खलन और बोल्डर गिरने के कारण बंद पड़ा है। वहीं सोनप्रयाग-गौरीकुंड मोटर मार्ग पर मुंकटिया के पास लगातार पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से आवाजाही बाधित हो रही है।मिली जानकारी के अनुसार गौरीकुंड के निकट पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें पैदल मार्ग पर आ गई हैं। जिससे यात्रा पूरी तरह रोक दी गई है। गौरीकुंड में पहाड़ी से आया मलबा एक अस्थायी दुकान में भी घुस गया। हालांकि, इस घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। छोड़ी क्षेत्र में भी लगातार पत्थर गिरने से मार्ग अत्यंत जोखिमपूर्ण बना हुआ है।
सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही रोक रखा है। पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू किए जाने का निर्णय लिया जाएगा।
उधर, सावन माह में सामान्यतः श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहने वाली बाबा केदार की नगरी इन दिनों वीरान नजर आ रही है। लगातार बारिश और यात्रा स्थगित होने के कारण धाम में सन्नाटा पसरा हुआ है। मंदिर परिसर में केवल सीमित संख्या में पुजारी, तीर्थ पुरोहित और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ही मौजूद है।
बदरी-केदार मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा पर निकलने से पहले प्रशासन द्वारा जारी मौसम और यात्रा संबंधी अपडेट अवश्य देखें। उन्होंने कहा श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित परिस्थितियां बनने के बाद ही केदारनाथ धाम की यात्रा करें। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लगातार हो रही बारिश के बीच एक बार फिर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। सोनप्रयाग के समीप पहाड़ी से लगातार बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा गिरने के कारण प्रशासन ने एहतियातन यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस, एसडीआरएफ तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पूरी तरह मुस्तैद हैं। प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही पहाड़ी से पत्थर गिरना बंद होगा और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया जाएगा। उसके बाद ही यात्रा दोबारा शुरू कराई जाएगी। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पूर्णतः पालन करें।
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यूपीसीएल के एमडी के खिलाफ मामला दर्ज, हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आने से काटे गए थे कर्मी के दोनों हाथ
देहरादून। वर्ष 2023 में हुए एक विद्युत हादसे के मामले में लापरवाही सामने आने पर पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। न्यायालय एसीजेएम प्रथम के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार रुद्रप्रयाग निवासी पिंकू लाल 23 अक्टूबर 2023 को रिस्पना से करगी चैक के पास इंडिया गंभीर रूप से झुलसने के बाद उन्हें पहले इंद्रेश अस्पताल और फिर सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनके दोनों हाथ काटने पड़े। पीड़ित का कहना है कि इस हादसे से उन्हें स्थायी शारीरिक दिव्यांगता, मानसिक पीड़ा और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।फैब्रिकेशन इंटीरियर के निकट सामान उतारने पहुंचे थे। आरोप है कि वाहन से उतरते ही वह यूपीसीएल की 33 केवी हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आ गए।याचिका में आरोप लगाया गया है कि घटनास्थल पर 33 केवी लाइन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थी और यूपीसीएल अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण यह दुर्घटना हुई। लंबे उपचार और पुनर्वास के कारण वह समय पर शिकायत दर्ज नहीं करा सके। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्होंने पटेलनगर कोतवाली में शिकायत देने का प्रयास किया, लेकिन शिकायत स्वीकार नहीं की गई। इसके एसएसपी देहरादून को डाक के माध्यम से भी शिकायत भेजी गई।
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विजिलेंस टीम ने तहसील परिसर में सारी रात बनाए रखा बंधक
रूद्रपुर। सितारगंज तहसील परिसर में विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई के बाद शुरू हुआ गतिरोध पूरी रात जारी रहा। कर्मचारी संगठनों के विरोध के चलते विजिलेंस टीम रातभर तहसील परिसर में ही रही। देर रात तक विजिलेंस अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच कई दौर की वार्ता की कोशिश हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। वार्ता विफल रहने के कारण विजिलेंस टीम को पूरी रात परिसर के भीतर ही रुकना पड़ा।
रात के दौरान जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर मध्यस्थता करने और मामले का समाधान निकालने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन देर रात तक जिले का कोई वरिष्ठ अधिकारी तहसील परिसर नहीं पहुंचा। इससे पूरे घटनाक्रम को लेकर तनाव की स्थिति बनी रही।उधर, ट्रैप में गिरफ्तार वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा के परिजन भी रात में तहसील परिसर पहुंच गए। मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा ने भी घटनाक्रम की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से वार्ता की। इधर, विजिलेंस की कार्रवाई के विरोध में राजस्व कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया है। राजस्व कर्मचारी संयुक्त परिषद सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर विजिलेंस की कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।कर्मचारी संगठनों का कहना है कि राजस्व वसूली की नियमित एवं वैधानिक प्रक्रिया को रिश्वतखोरी का मामला बताकर कर्मचारियों की छवि धूमिल की जा रही है। उनका आरोप है कि बिना सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच किए कार्रवाई किए जाने से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
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गुरूवार से सावन का महीना शुरू, गंगाजल लेकर निकले शिवभक्त, बम-बम भोले के जयघोष की गूंज

हरिद्वार। गुरूवार से सावन का महीना शुरू हो गया है। हर की पैड़ी और गंगा घाटों पर गुरूवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें नजर आईं। रंग-बिरंगी कांवड़ों, भगवा वस्त्रों और शिवभक्ति के माहौल ने धर्मनगरी को पूरी तरह शिवमय बना दिया। गंगा जल भरने के बाद भक्त भगवान शिव का स्मरण करते हुए कठिन लेकिन अटूट विश्वास से भरी अपनी यात्रा पर निकल पड़े। अगले कई दिनों तक अब हरिद्वार से लेकर देश के अलग-अलग राज्यों तक आस्था की यह अविरल धारा बहती रहेगी।
गुरुवार सुबह से धर्मनगरी हरिदार बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठी। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा का विधिवत शुभारंभ आज से हो गया है। यह यात्रा 11 अगस्त तक चलेगी। करोड़ों शिवभक्तों के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा शुरू होने से पहले भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल भरकर लौट रहे थे, लेकिन आधिकारिक तौर पर यात्रा की शुरुआत आज से मानी जा रही है।पूरे मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। कांवड़ पटरी मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रमुख घाटों, मंदिरों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस के साथ अर्द्धसैनिक बल के करीब 6000 जयोग गुरु रामदेव ने कहा कि सावन का महीना बहुत पवित्र होता है। यह महादेव की पूजा-अर्चना का समय है, लेकिन, कुछ लोग इस त्योहार के दौरान हुड़दंग मचाते हैं। कुछ लोग नशा करते हैं। यह शिव का अपमान है। नशा करना या उपद्रव मचाना हमारे सनातन धर्म की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। इसलिए, मैं सभी कांवड़ियों से आग्रह करता हूँ कि वे शिव की भक्ति में लीन रहें। हमें कांवड़ यात्रा को मिल रहे सम्मान और आदर को भी समझना चाहिए।वान तैनात किए गए हैं। यात्रा मार्गों पर लगातार पुलिस गश्त रहेगी, जबकि ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और कंट्रोल रूम के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
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सावन के साथ कांवड़ मेला शुरू, दिखने लगे आस्था और भक्ति के रंग

हरिद्वार। गुरूवार से श्रावण मास शुरू हो गया है। इस बार सावन का पहला सोमवार तीन अगस्त को है। जिसे लेकर गुरूवार से धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड मेला शुरू हो गया है। कांवड़ मेले में हर साल श्रद्धालु अपनी आस्था को अलग अलग रूपों में प्रदर्शित करते आएं है। इस बार भी हरिद्वार में कुछ विशेष प्रकार की कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बन रही है। एक कांवड को 10, 20, 50 और 100 रुपये के असली नोटों से सजाया गया था। दिल्ली के हर्ष विहार निवासी कांवड़िया दीपांशु इस विशेष कांवड़ को लेकर अपने नौ साथियों के साथ गंगाजल लेने हरिद्वार आए और गंगाजल भरकर दिल्ली के लिए रवाना हुए। इसी के साथ आस्था का एक अद्भुत नजारा भी देखने को मिला। इसके अलावा उत्तरप्रदेश के बागपत निवासी दो सगे भाई संजीव कुमार और अनिल कुमार कांवड़ में अपने माता पिता को बैठाकर हरिद्वार पहुंचे।
एक कांवड़िए दीपांशु ने बताया कि पिछले वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान उनके मन में नोटों से सजी कांवड़ लेकर आने का विचार आया था। उसी संकल्प को पूरा करते हुए इस बार उन्होंने नोटों वाली कांवड़ तैयार कराई है। कांवड़ में कितने रुपये के नोट लगे हैं, इसका कोई हिसाब नहीं रखा गया। उन्होंने बताया कि जितने नोट लगते गए, उन्हें कांवड़ पर सजाते गए। इसमें 10, 20, 50 और 100 रुपये के नोट लगाए गए हैं। बारिश से नोट खराब न हों, इस मंदिर में इन रुपयों से भंडारे का आयोजन कराया जाएगा या फिर जरूरतमंद लोगों की सहायता की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह उनकी पहली नोटों वाली कांवड़ है। इस बार उन्होंने भोलेनाथ से एक मन्नत भी मांगी है। यदि उनकी मनोकामना पूरी होती है तो अगले वर्ष इससे भी बड़ी और अधिक नोटों से सजी कांवड़ लेकर हरिद्वार आएंगे। कांवड़ मेले में श्रद्धा और भक्ति की अनेक मिसाल देखने को मिलती हैं। उत्तरप्रदेश के बागपत जिले के ग्राम चिरचिट से आए दो सगे भाई संजीव कुमार और अनिल कुमार ने माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर 200 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा करा रहे हैं। पहली बार कांवड़ लेने हरिद्वार आए संजीव और अनिल ने कहा कहना है कि उनकी कोई मनोकामना नहीं है। वे माता पिता की सेवा को ही सबसे बड़ा धर्म मानते हैं। माता पिता की सेवा से ही सच्चा आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ना है तो अपने माता पिता का मान सम्मान कराना जरूरी है। दोनों भाई कंधे पर कांवड़ उठाकर कठिन पैदल यात्रा करेंगे और अपने गंतव्य पर जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। गौरतलब है कि हरिद्वार में कांवड़ मेले के अलग अलग रंग अभी से ही देखने को मिल रहे हैं, बागपत से आए संजीव कुमार और अनिल कुमार हरकी पैड़ी से गंगा जल भरने के बाद अपने पिता वेदराम और माता राजेंद्र को कांवड़ में बैठाकर बागपत के लिए रवाना हुए।
