केतन हत्याकांड में टिहरी जा रहे सांसद चंद्रशेखर और विधायक उमेश को पुलिस ने रोका जानिए सभी समाचार

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केतन हत्याकांड में टिहरी जा रहे सांसद चंद्रशेखर और विधायक उमेश को पुलिस ने रोका
हरिद्वार में शंकराचार्य चौक पर हुई सांसद, विधायक व पुलिस के बीच हुई धक्का मुक्की
नगीना सांसद चंद्रशेखर के फटे कपड़े
पुलिस की कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठे दोनों नेता
सांसद ने पुलिस पर अभद्रता व गाली गलौज का लगाया आरोप

हरिद्वार। प्रदेश में रविवार को उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब केतन हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने नई टिहरी जा रहे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और खानपुर विधायक उमेश कुमार के काफिले को हरिद्वार में पुलिस ने रोक दिया। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया जिससे कुछ देर के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार चंद्रशेखर आजाद और विधायक उमेश कुमार बड़ी संख्या में समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ नई टिहरी के लिए रवाना हुए थे। पहले से कार्यक्रम की सूचना होने के कारण पुलिस ने हरिद्वार के शंकराचार्य चौक पर बैरिकेडिंग कर उनके काफिले को रोक दिया। इसके बाद दोनों नेताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक बातचीत चली जबकि समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
काफिला रोके जाने के बाद चंद्रशेखर आजाद और उमेश कुमार अपनी गाड़ियों से उतर गए और समर्थकों के साथ पैदल ही आगे बढ़ने लगे। हालांकि पुलिस ने उन्हें सीसीआर चौकी के पास दोबारा रोक लिया। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की कड़ी नजर रही।
बताया जा रहा है कि चंद्रशेखर आजाद चर्चित केतन हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिए टिहरी जा रहे थे। इस दौरान विधायक उमेश कुमार भी उनके साथ मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए काफिले को आगे बढ़ने से रोका गया। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी के कारण कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। फिलहाल पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस दौरान दोनों नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। धक्का मुक्की के बीच सांसद चंद्रशेखर आजाद के कपड़े तक फट गए। विरोध जताते हुए दोनों नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। जानकारी के मुताबिक, रविवार को दोनों नेताओं का काफिला टिहरी कूच करने की सूचना पर हरिद्वार का पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। सुबह से शंकराचार्य चौक पर स्थानीय पुलिस के साथ बड़ी संख्या में पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए थे। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे क्षेत्र को छावनी बना दिया गया। जैसे ही सांसद चंद्रशेखर और विधायक उमेश कुमार का काफिला शंकराचार्य चौक पहुंचा, पुलिस बल ने उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद दोनों नेता गाड़ियों से उतरकर पैदल आगे बढ़ने लगे। उनके साथ समर्थक भी मौजूद थे। लेकिन पुलिस बल ने उन्हें वहीं चौक पर ही रोक लिया।
इस दौरान पुलिस और नेताओं के बीच आगे जाने को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में धक्का मुक्की तक पहुंच गई। अफरा-तफरी के बीच सांसद चंद्रशेखर के कपड़े भी फट गए। मौके पर मौजूद एसपी सिटी अभय सिंह और सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने दोनों नेताओं को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया और आगे नहीं बढ़ने की अपील की। इस दौरान चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने उनके साथ अभद्रता और गाली गलौज की। सरकार के दबाव में उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जा रहा है।
सांसद नगीना लोकसभा चंद्रशेखर ने कहा  कि टिहरी में केतन की हत्या बर्बरतापूर्ण की गई। उसके बावजूद भी पीड़ित परिवार डर के साए में है। पीड़ित परिवार के आग्रह पर ही वो उनसे मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस उन्हें आगे जाने नहीं दे रही है।
विधायक खानपुर उमेश कुमार ने कहा कि वो पीड़ित परिवार से मिलकर रहेंगे, चाहे उसके लिए कोई कितना भी जोर लगा ले। केतन हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार की जान को खतरा है। सरकार और प्रशासन को उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक प्रयास जारी रहेगा।
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पीड़ित के परिवार की सुरक्षा की उठाई मांग


हरिद्वार। धरने के सवाल पर उमेश कुमार ने कहा कि, जब तक वरिष्ठ अधिकारी उन्हें मौके पर आकर पीड़ित परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी सुनिश्चित नहीं करते, तब तक वो धरने पर बैठे रहेंगे। हालांकि, दोनों नेता नहीं माने और पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए शंकराचार्य चौक पर ही धरने पर बैठे हैं। शंकराचार्य चौक पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा और जाम के कारण लोगों को दिक्कत उठानी पड़ी। फिलहाल पुलिस अधिकारी दोनों नेताओं से वार्ता कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
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मन की बात से राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा मिलती हैः धामी
नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का दिया संदेश दिया

रुड़की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रुड़की में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 135वें संस्करण को सुना। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम जनभागीदारी को सशक्त बनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देशभर में जनसहयोग से किए जा रहे प्रेरणादायी कार्यों, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन, नवाचार, युवाओं की सहभागिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए। साथ ही नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘सबका प्रयास’ का संदेश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रेरणादायी है। समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही देश के विकास के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, महिला एवं युवा सशक्तीकरण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन तथा सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा , जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष मधु सिंह, रुड़की नगर निगम की महापौर अनीता अग्रवाल, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, श्यामवीर सैनी, आदेश सैनी, शोभाराम प्रजापति, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश गिरी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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सीएम धामी के दौरे से पहले यूकेडी का प्रदर्शन, पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में लिया
रुड़की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दौरे से पहले उस वक्त सियासी माहौल गरमा गया, जब यूकेडी यानी उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने मिलिट्री चौक पर क्षेत्रीय समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दर्जनों प्रदर्शनकारियों और पदाधिकारियों को हिरासत में लिया। जिसके बाद उन्हें गंगनहर कोतवाली ले जाया गया।
बता दें कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आज रुड़की में कार्यक्रम है। कार्यक्रम से पहले यूकेडी के कार्यकर्ता मिलिट्री चौक पर इकट्ठा हो गए और बीजेपी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी क्षेत्रीय विकास, स्थानीय समस्याओं और लंबित मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
वहीं, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे यूकेडी के दर्जनों कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में लेकर बसों के माध्यम से रुड़की गंगनहर कोतवाली पहुंचा दिया। इस दौरान मौके पर कुछ देर तक हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली।
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कांग्रेस के सामने घर के बबंडर को शांत करने और अस्तित्व बचाने की दोहरी चुनौतीः चौहान
विकल्प के बजाय कांग्रेस के लिए अस्तित्व बचाने की बड़ी चुनौती

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि परिवर्तन और संकल्प का ढोल पीटकर यात्रा का शंखनाद कर रही कांग्रेस के सामने इस बार अस्तित्व बचाने की चुनौती से पार पाना प्राथमिकता है और यात्रा शुरू होने से पहले ही जिस तरह से कई सूरमा नजरंदाज किए गए हैं उससे यात्रा के भविष्य का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पार्टी कार्यालय मे कांग्रेस की यात्रा को लेकर पूछे गए सवालों पर चौहान ने कहा कि कांग्रेस की इस तथाकथित यात्रा को लेकर न जनता मे उत्साह है और न ही आम कांग्रेसियों मे कोई सकारामक प्रतिक्रिया ही देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि जो चेहरे यात्रा के लिए सामने रखे गए हैं उनमे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व सीएम हरीश रावत गायब हैं। इसे लेकर कांग्रेस मे अंदरूनी पर्रिवर्तन पर चर्चा है और कार्यकर्ता यात्रा को लेकर उत्साहित नही हैं। हालांकि पूर्व सीएम समर्थक लम्बे समय से उनकी उपेक्षा को लेकर खुले आम चेतावनी जारी करते आये हैं।
चौहान ने कहा कि लोकतंत्र मे पक्ष और विपक्ष जनता के प्रति जवाबदेही का निर्वहन करते रहते हैं। लेकिन विकल्प देकर जनता ने अपने फैसले मे संशोधन किया है। 2012 मे जनता ने कांग्रेस को भाजपा पर तरजीह दी, लेकिन उसका खामियाजा भी जनता को ही भुगतना पड़ा। पूरे 5 साल सीएम को लेकर तनातनी, मंत्रिमंडल का चयन और गुटीय संघर्ष रहा तो घपले घोटालों की बाढ़ आ गयी और जनता ने सरकार बचाने की खातिर विधायकों की खरीद फरोख़्त की डील भी देखी। इसके बाद जनता ने कांग्रेस पर भरोसा नही किया और एक बार फिर सीएम पुष्कर धामी क्लीन स्वीप कर हैट्रिक करने वाले हैं।
चौहान ने कहा कि कांग्रेस एन चुनाव से पहले जनता के बीच जाने की नौटंकी कर रही है, लेकिन जिन मुद्दों पर वह सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है उन पर जनता उन्हे पहले ही नकार चुकी है। भाजपा विकास कार्यों और उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच निरंतर बनी हुई है और लगातार जनता का आशीर्वाद उसे मिल रहा है। भाजपा के पास कोई कठिन लक्ष्य नही है, जबकि कांग्रेस के पास घर मे बबंडर को शांत करने और अस्तित्व बचाने की दोहरी चुनौती है, जो कि आसान नही है।

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गैंगरेप केस में तीनों दोषियों को 20-20 साल कारावास की सजा
कोर्ट ने 75-75 हजार रुपये का लगाया जुर्माना

चंपावत। करीब ढाई साल पुराने चंपावत सामूहिक दुष्कर्म मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया है। साथ ही 20-20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 75-75 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
दरअसल, चंपावत के बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने शनिवार यानी 27 जून को बड़ा फैसला सुनाते हुए तीनों दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों को 75-75 हजार रुपए का अर्थदंड भी भरना होगा। अगर कोई दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे एक-एक साल की अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।
यह घटना बीती 7 अक्टूबर 2023 की रात की है। जहां चंपावत के एक गांव में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप तीन युवकों पर लगा था। जिनके खिलाफ पीड़ित महिला ने पुलिस में नामजद तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी।
पीड़िता की तहरीर पर चंपावत कोतवाली में सोहन सिंह (उम्र 22 वर्ष), राहुल सिंह (उम्र 25 वर्ष) और बबलू सिंह (उम्र 32 वर्ष) निवासी झालाकुड़ी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 डी के तहत तीनों दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक पर 75-75 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा सोहन सिंह और राहुल सिंह को आईपीस की धारा 342 के तहत एक-एक साल के कठोर कारावास की सजा भी सुनाई गई।
न्यायालय ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं, न्यायालय ने सोहन सिंह और राहुल सिंह को आईपीसी की धारा 363 के तहत लगाए गए आरोप से दोषमुक्त कर दिया। नए आपराधिक कानूनों के तहत पुरानी आईपीसी की धारा 363 श्अपहरण के लिए सजाश् से संबंधित थी। अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 137 हो गई है।
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के समर कैंप में बच्चों ने सीखे जीवन मूल्य, योग व कला
देहरादून। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान (डीजेजेएस) की 70, इंदिरा गांधी मार्ग, निरंजनपुर, देहरादून शाखा ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से आयोजित ‘तृतीय वर्ष समर कैंप’ का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। कई दिनों तक चले इस शिविर में देहरादून एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। समापन समारोह में बच्चों के अभिभावकों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया, जिससे पूरा कार्यक्रम एक पारिवारिक उत्सव का रूप लेता नजर आया। संस्थान द्वारा आयोजित इस समर कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आधुनिक शिक्षा और मनोरंजन के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक संस्कारों से जोड़ना था। शिविर के दौरान बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को निखारने के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
तीन दिवसीय इस समर कैंप में बच्चों को शिक्षा, संस्कार, योग, कला और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से व्यक्तित्व विकास के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया गया तथा उन्हें जीवन में नैतिक मूल्यों के महत्व की जानकारी दी गई।
शिविर में बच्चों को प्रतिदिन योग एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। वहीं, आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अनुपयोगी सामग्री से आकर्षक वस्तुएं और कलाकृतियां बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा इंडोर और आउटडोर खेलों के जरिए बच्चों में टीम वर्क, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रयास किया गया। नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा के अंतर्गत कहानियों और प्रेरणादायक प्रसंगों के माध्यम से बच्चों को बड़ों का सम्मान, ईमानदारी, राष्ट्रप्रेम और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया गया।
समापन समारोह के दौरान बच्चों ने शिविर में तैयार की गई अपनी कलाकृतियों की सुंदर प्रदर्शनी लगाई, जिसने अभिभावकों का मन मोह लिया। इसके साथ ही बच्चों ने मंच पर योग के कठिन आसनों का प्रदर्शन किया और नैतिक मूल्यों पर आधारित लघु नाटिकाओं एवं गीतों की प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह की खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने संस्थान के इस प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कई अभिभावकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस समर कैंप के बाद उनके बच्चों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है तथा वे मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर नई और रचनात्मक गतिविधियों की ओर आकर्षित हुए हैं।
संस्थान के प्रतिनिधियों ने शिविर के सफल आयोजन पर सभी प्रतिभागी बच्चों की सराहना करते हुए अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार और जीवन मूल्यों से भी जोड़ना अत्यंत आवश्यक है और दिव्य ज्योति जागृति संस्थान इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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अगस्त्यमुनि में युवा कांग्रेस ने छात्रों से किया संवाद, नीट परीक्षा और पेपर लीक पर उठाए सवाल


‘मेहनत का मान करो, पेपर लीक पर रोक करो’ के नारों के साथ निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की उठी मांग
रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि में युवा कांग्रेस एवं जिला कांग्रेस द्वारा छात्रों की समस्याओं, प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती अनियमितताओं तथा नीट परीक्षा को लेकर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप कंडारी एवं युवा कांग्रेस के जिला महामंत्री सुमित रावत ने किया। इस दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी, वहीं कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
कार्यक्रम में छात्रों ने जोरदार नारों के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि मेहनत का मान करो, पेपर लीक पर रोक करो। छात्रों का एक ही नारा, निष्पक्ष हो हर परीक्षा हमारा। न्यायपूर्ण परीक्षा, उज्ज्वल भविष्य। पेपर लीक बंद करो, छात्रों का भविष्य सुरक्षित करो।
वक्ताओं ने कहा कि देश का युवा वर्षों की कठिन मेहनत और समर्पण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है, लेकिन बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवाद लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसी घटनाएं न केवल छात्रों का मनोबल तोड़ती हैं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। सरकार और संबंधित एजेंसियों को ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग सके तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो।
कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों ने भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
इस अवसर पर पूर्व विधायक मनोज रावत, पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रदीप थपलियाल, नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र गोस्वामी, ब्लॉक अध्यक्ष हरीश गुसाईं, दीपा देवी, रजनी रावत, रजनी रोथान, युवा ब्लॉक अध्यक्ष प्रियांशु, नीरज राणा, निशांत बिष्ट, अनुज कपरवान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि छात्रों के हितों, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर भविष्य में भी आवाज बुलंद की जाती रहेगी।
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ग्राम देवल में मां राजराजेश्वरी मंदिर प्रवेश एवं प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न


हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग के जखोली विकासखंड अंतर्गत ग्राम देवल में 26 से 27 जून तक आयोजित मां राजराजेश्वरी मंदिर प्रवेश एवं प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। दो दिवसीय इस दिव्य धार्मिक आयोजन में क्षेत्र सहित दूर-दराज़ से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने मां राजराजेश्वरी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
महोत्सव के अंतिम दिन विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ मां राजराजेश्वरी की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। इसी शुभ अवसर पर मंदिर का शिलान्यास भी किया गया, जिसे क्षेत्र के धार्मिक एवं सांस्कृतिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है।
पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। महिला कीर्तन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत भजन-कीर्तन से मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं के अनुसार कीर्तन के दौरान कई महिलाओं पर देवी का अवतरण हुआ, जबकि प्राण-प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर अनेक श्रद्धालुओं पर देवी-देवताओं का दिव्य आवेश भी देखने को मिला। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा मंदिर परिसर जय मां राजराजेश्वरी के जयघोषों से गूंज उठा।
इस भव्य धार्मिक आयोजन का संचालन भाजपा नेता कमलेश उनियाल के निर्देशन में किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार संपूर्ण आयोजन उनके निजी सहयोग एवं व्यय से संपन्न हुआ। उन्होंने इस अवसर पर मां राजराजेश्वरी मंदिर का शिलान्यास भी किया, जिसे क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है।
कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं ने आयोजन की भव्यता, उत्कृष्ट व्यवस्थाओं एवं धार्मिक गरिमा की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए मां राजराजेश्वरी का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा समस्त क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और मंगलमय भविष्य की कामना की।
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विजिलेंस और विद्युत विभाग ने की बड़ी कार्रवाई
जिला उद्योग केंद्र परिसर में चार लोगों को बिजली चोरी करते पकड़ा

रुद्रपुर। उधम सिंह नगर के रुद्रपुर स्थित जिला उद्योग केंद्र के आवासीय परिसर में बिजली चोरी की लगातार मिल रही शिकायतों पर बिजली विभाग और विजिलेंस टीम ने संयुक्त छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान चार लोगों को अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते हुए पकड़ा। विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने के लिए पंतनगर थाने में तहरीर सौंप दी है। विभाग का कहना है कि बिजली चोरी के खिलाफ आगे भी अभियान लगातार जारी रहेगा।
उधम सिंह नगर के रुद्रपुर स्थित जिला उद्योग केंद्र के आवासीय परिसर में बिजली चोरी के खिलाफ बिजली विभाग और विजिलेंस टीम ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर गठित टीम ने परिसर में छापेमारी कर चार लोगों को अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते हुए पकड़ा। जांच के दौरान बिजली चोरी के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध में पंतनगर थाने में लिखित तहरीर भी दे दी गई है।
जानकारी के अनुसार बिजली विभाग को पिछले काफी समय से सूचना मिल रही थी कि जिला उद्योग केंद्र के आवासीय परिसर में कुछ लोग नियमों को दरकिनार कर अवैध तरीके से बिजली का उपयोग कर रहे हैं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग ने विजिलेंस टीम के साथ संयुक्त अभियान चलाने का निर्णय लिया। इसके लिए विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें बिजली विभाग के अधिकारियों और विजिलेंस टीम के सदस्यों को शामिल किया गया।
एसडीओ अन्नू अरोरा के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने जिला उद्योग केंद्र परिसर में पहुंचकर विभिन्न आवासों और बिजली कनेक्शनों की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान चार स्थानों पर बिजली चोरी के मामले सामने आए। जांच में पाया गया कि संबंधित लोग विभाग की अनुमति के बिना अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहे थे, जिससे ऊर्जा निगम को आर्थिक नुकसान पहुंच रहा था।
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और बिजली चोरी में प्रयुक्त अवैध कनेक्शनों को भी चिन्हित किया। जांच पूरी होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी। बिजली विभाग की ओर से पंतनगर थाने में लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
एसडीओ अन्नू अरोरा  ने कहा कि विभाग को लगातार बिजली चोरी की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों के सत्यापन के बाद विजिलेंस टीम के सहयोग से संयुक्त छापेमारी की गई, जिसमें चार लोग बिजली चोरी करते हुए पाए गए। बिजली चोरी न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे ऊर्जा निगम को आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ ईमानदारी से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त भार पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
उन्होंने बताया कि विभाग भविष्य में भी जिलेभर में बिजली चोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाता रहेगा। जिन क्षेत्रों से शिकायतें प्राप्त होंगी, वहां आकस्मिक निरीक्षण और छापेमारी की जाएगी। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं भी बिजली चोरी की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत बिजली विभाग या विजिलेंस टीम को दें, ताकि समय रहते दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
बिजली विभाग का कहना है कि बिजली चोरी रोकना विभाग की प्राथमिकता है और इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि राजस्व की हानि को रोका जा सके और सभी उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं पारदर्शी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
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फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियार नेटवर्क पर कार्रवाई जारी, एसटीएफ ने की 11वीं गिरफ्तारी

रुद्रपुर। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। देर रात काशीपुर में छापेमारी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और नौ जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। इस कार्रवाई के साथ अब तक इस मामले में 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन प्रहार के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए 11वें आरोपी को गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ को मिली सटीक सूचना, तकनीकी विश्लेषण और गहन जांच के आधार पर काशीपुर क्षेत्र में सघन छापेमारी की गई। इस दौरान फईम अहमद नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी उधम सिंह नगर जिले के थाना कुंडा क्षेत्र के बसई चौक, हरियावाला चौराहा का निवासी है और उसकी उम्र 24 वर्ष बताई गई है।
गिरफ्तारी के दौरान एसटीएफ ने आरोपी के कब्जे से एक 32 बोर की सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने शाहजहांपुर के नाम से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस लाइसेंस को तैयार कराने में किन लोगों की भूमिका रही और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क कितना बड़ा है।
एसटीएफ ने इस पूरे मामले में पहले ही 4 जून को काशीपुर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिनके आधार पर एक-एक कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिहं ने कहा कि जांच में किसी भी व्यक्ति, लाइसेंस धारक, हथियार आपूर्तिकर्ता या किसी अन्य सहयोगी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
एसटीएफ के अनुसार अब तक राज्य के विभिन्न जिलों में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। अभियान के दौरान अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसके अलावा 15 अवैध हथियार, 350 कारतूस और बड़ी संख्या में फर्जी एवं संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं।

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भांजे को मौत के घाट उतारने वाला मामा गिरफ्तार


रुड़की। भगवानपुर थाना क्षेत्र में अपने ही सगे भांजे को मौत के घाट उतारने वाले आरोपी मामा को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल चाकू और खून से सने कपड़े भी बरामद किए हैं। पुलिस अब आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की तैयारी कर रही है।
दरअसल, भगवानपुर थाना पुलिस को बीती 26 जून को सूचना थी मिली कि हल्लूमाजरा गांव के चौक के पाश गुफरान चिकन सेंटर के पास एक व्यक्ति पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया है। इस सूचना पर पुलिस बिना देरी किए मौके पर पहुंच गई।
इसके बाद पुलिस ने गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को उपचार के लिए रुड़की सिविल अस्पताल भिजवाया गया। जहां से अस्पताल के डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर देखते हुए हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
उधर, पुलिस ने घटनास्थल पर मौके को सुरक्षित कर आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए। साथ ही फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक ढंग से साक्ष्य इकट्ठा किए गए। इसी के साथ पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। तक की पहचान मुफीद (उम्र 27 वर्ष) निवासी ग्राम रोलाहेड़ी थाना पिरान कलियर के रूप में हुई। वहीं, इस मामले में मृतक के परिजनों की तरफ से पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज करते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
उधर, घटना की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी भगवानपुर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक भगवानपुर रितेश शाह के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।

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रुद्रप्रयाग में 19102 बच्चों ने पी पोलियो खुराक
298 बूथ, 03 ट्रांजिट  बूथों पर 83 फीसद बच्चों को पिलाई पोलियो खुराक
23014 बच्चों को पोलियो खुराक पिलाने का है लक्ष्य
29 व 30 जून को घर-घर  भ्रमण कर पिलाई जाएगी पोलियो खुराक

रूद्रप्रयाग। पल्स पोलियो टीकाकरण दिवस के तहत जनपद रुद्रप्रयाग में शून्य से पांच वर्ष तक के 23014 बच्चों के लक्ष्य के सापेक्ष 83 फीसद बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। किसी कारण से पोलिया टीकाकरण से छूटे बच्चों को 29 व 30 जून को घर-घर भ्रमण कर पोलियो खुराक पिलाई जाएगी।
जिला चिकित्सालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश द्वारा एक बच्चे को पोलियो खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने पोलियो उन्मूलन के लिए सेवा प्रदात्ताओं में सजगता बनाए रखने व अभिभावकों के और अधिक जागरूक होनेे पर जोर दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के तहत अगस्त्यमुनि, रुद्रप्रयाग, जखोली व ऊखीमठ सेक्टर बनाए गए हैं। इन चार सेक्टरों में 298 बूथ व 03 ट्रांजिट बूथ सहित कुल 301 बूथों पर शून्य से पांच वर्ष तक के 23014 बच्चों को पोलियो खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष 83 प्रतिशत यानि 19102 बच्चों को पोलियो खुराक पिलाई गई। उन्होंने बताया कि किसी कारण पोलियो दिवस पर पोलियो टीकाकरण से छूटे लक्षित आयुवर्ग के बच्चों को स्वास्थ्य विभाग की टीमें 29 व 30 जून को घर-घर भ्रमण कर पोलियो की खुराक पिलाएगी।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस के द्विवेदी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीमा टेकचंदानी, वेक्सीनेटर सुमन जुगराण,सिमरन, डीसी आईईसी हरेंद्र सिंह नेगी, डीईओ यशवंत सिंह, कोल्ड चेन टैक्नीशियन जयवीर सिंह, राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।

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तो शिक्षा बोर्ड भी होगा अव्वल

शिक्षा में गुणवत्ता की तलाशी के कारण, सरकार ने डेढ़ सौ स्कूलों पर सीबीएसई के प्रवेश द्वार स्थापित कर दिए हैं। सीबीएसई स्कूलों में परिवर्तित होता पाठ्यक्रम दरअसल नए वातावरण को खुशामदीद कर रहा है। हालांकि इस प्रयोग के पक्ष में जनता, छात्र और अध्यापक भी दिखाई देते हैं, लेकिन प्रायोगिक तौर पर इन्हें कम संख्या में चलाते तो इसका अति सुधरा व सुदृढ़ पक्ष सामने आता। बहरहाल, छात्रों के जीवन में हिमाचल ने सीबीएसई का विकल्प सामने रखते हुए, परीक्षा मूल्यांकन के अलावा उनके व्यक्तित्व निखार की दृष्टि से बौद्धिक कौशल, संप्रेषणीयता तथा तार्किक क्षमता बढ़ाने के लिए पहल की है। विभाग सीबीएसई स्कूलों के कुछ विषयों मसलन अंग्रेजी व गणित की अतिरिक्त कोचिंग के लिए शिक्षकों की तादाद भी बढ़ा रहा है। शिक्षा के संदेश को बड़ा करने के उद्देश्य से सीबीएसई स्कूलों की नई परिपाटी में प्रासंगिक अध्ययन के कई पन्ने जोड़े जा रहे हैं। यानी कि अब शिक्षा धड़ल्ले से नहीं, बल्कि सोच समझ कर जिंदगीनामा लिखने को तैयार की जा रही है। जाहिर है इन परिवर्तनों के बीच हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड को भी अपने सफर की कहानी बदलनी होगी। हम पहले भी कह चुके हैं कि स्कूल शिक्षा बोर्ड को कुछ सरकारी स्कूलों में अपने प्रयास से मॉडल स्कूल चलाने चाहिएं। सीबीएसई पाठ्यक्रम से जो वातावरण बनने की उम्मीद है, कमोबेश उसी मापदंड में हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड भी अपने हस्तक्षेप से कुछ आदर्श स्कूल चिन्हित करके, शिक्षा को नया आयाम दे सकता है। इसके अलावा आठवीं की परीक्षा के बाद, टेलेंट परीक्षा के माध्यम से एक मैरिट के आधार पर छात्रों को नौवीं से बारहवीं तक विशेष कोचिंग के जरिए आगे बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए धर्मशाला में बोर्ड मुख्यालय परिसर के साथ मैरिट के आधार पर नौवीं से जमा दो तक के दो से तीन हजार बच्चों की अकादमी स्तर की पढ़ाई करवाने की व्यवस्था करनी होगी।
शिक्षा बोर्ड को परीक्षा से शिक्षा की प्रमुख भूमिका में आने के लिए कुछ तो उदाहरण पेश करने होंगे। शिक्षा बोर्ड अपने मैरिट के छात्रों को कुछ चर्चित निजी अकादमियों के साथ सुविधा प्रदान करवा सकता है। पूरे प्रदेश में अलग-अलग विषयों पर केंद्रित अकादमियां चलती हैं, तो बच्चे न केवल इंजीनियरिंग व मेडिकल पढ़ाई के प्रवेशद्वार खोल पाएंगे, बल्कि डिफेंस, कामर्स, लॉ, गीत-संगीत तथा उद्यमशीलता के हुनर में अपना नया शैक्षणिक सफर शुरू कर पाएंगे। इतना ही नहीं, जमा दो परीक्षाओं के बाद करियर काउंसिलिंग के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में प्रवेश के लिए भी स्कूल शिक्षा बोर्ड को कुछ पहल करनी चाहिए। ऐसी बहुत सारी प्रवेश परीक्षाएं साल भर होती हैं, जिनकी तैयारी के लिए विशेष कौशल, अधोसंरचना व वातावरण चाहिए। राज्य स्तर पर विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा स्कूल शिक्षा बोर्ड को राज्य स्तरीय परीक्षा परिसर स्थापित करने चाहिएं। इन परीक्षा केंद्रों में ही बोर्ड व विश्वविद्यालय अपनी अकादमियां चला पाएंगे। हिमाचल के औद्योगिक शहरों की मांग पर एक रोजगार बाजार खड़ा हो रहा है, अतरू स्कूली शिक्षा के साथ-साथ औद्योगिक रोजगार, स्वरोजगार तथा नए उभरते बाजारों की दृष्टि से तैयारी करानी होगी। स्कूल शिक्षा बोर्ड तब तक सिर्फ परीक्षा बोर्ड साबित होगा, जब तक मैरिट का हिसाब डाक्टरी व इंजीनियरिंग की पढ़ाई में पूछा जाएगा। जिस दिन स्कूल के पथ पर रोजगार के अवसर सुनिश्चित होंगे, शिक्षा बोर्ड अव्वल हो जाएगा।

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