‎भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण की कार्यवाही जारी, जानिए सभी समाचार

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‎भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण की कार्यवाही जारी

‎*देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में 19,131 प्रकरणों की सुनवाई शत-प्रतिशत पूर्ण, निर्धारित तिथि से तीन दिन पहले हासिल किया लक्ष्य*

‎*सूचना/टिहरी/22 अगस्त, 2026;* भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत जनपद टिहरी गढ़वाल में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कार्यवाही निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की जा रही है।

‎जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने बताया कि 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित निर्वाचक नामावली के अनुसार जनपद के छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 994 मतदान केंद्र तथा 4,63,628 मतदाता हैं। इनमें घनसाली विधानसभा क्षेत्र में 85,081, देवप्रयाग में 75,437, नरेंद्रनगर में 79,199, प्रतापनगर में 74,237, टिहरी में 66,877 तथा धनोल्टी में 82,797 मतदाता शामिल हैं।

‎उन्होंने बताया कि प्रकाशित निर्वाचक नामावली के उपरांत अनमैप एवं विसंगति की श्रेणी में चिह्नित निर्वाचकों को नोटिस वितरित कर सुनवाई एवं सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है। जनपद में कुल 1,17,501 नोटिस जारी एवं वितरित किए गए हैं, जिनमें से अब तक 1,07,333 प्रकरणों में सुनवाई पूर्ण की जा चुकी है।

‎*देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में शत-प्रतिशत सुनवाई पूर्ण*

‎विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में कुल 19,131 नोटिस जनरेट किए गए थे तथा सभी 19,131 नोटिस संबंधित निर्वाचकों को वितरित किए जा चुके हैं। विधानसभा क्षेत्र-10 देवप्रयाग में जारी किए गए सभी नोटिसों के सापेक्ष सुनवाई की प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूर्ण कर ली गई है।

‎जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में सुनवाई पूर्ण करने की अंतिम निर्धारित तिथि 25 अगस्त 2026 थी, लेकिन निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों एवं कार्मिकों के समन्वित प्रयासों से 22 अगस्त 2026 को ही सभी 19,131 प्रकरणों की सुनवाई पूर्ण कर निर्धारित लक्ष्य हासिल कर लिया गया। इस प्रकार देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में निर्धारित समय से तीन दिन पूर्व ही शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया गया है।

‎उन्होंने बताया कि अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी निर्धारित समय-सीमा के अनुसार सुनवाई एवं सत्यापन की कार्यवाही जारी है। प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र में सुनवाई की अंतिम तिथि 25 अगस्त, धनोल्टी में 27 अगस्त तथा घनसाली, नरेंद्रनगर एवं टिहरी विधानसभा क्षेत्र में 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।

‎उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य निर्वाचक नामावली को अधिक शुद्ध, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाना है। इसके लिए नोटिस वितरण, सुनवाई, सत्यापन एवं प्रकरणों के निस्तारण की कार्यवाही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है, ताकि अंतिम निर्वाचक नामावली को निर्धारित समय-सीमा में त्रुटिरहित रूप से तैयार किया जा सके। एसआईआर के तहत प्राप्त प्रारूप-6, 7 एवं 8 के प्रकरणों का भी समयबद्ध निस्तारण किया जाना है। संबंधित अधिकारियों को जांच, सत्यापन एवं सुनवाई की कार्यवाही निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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टिहरी गढ़वाल, 22 अगस्त 2026

*राष्ट्रीय ध्वज की मर्यादा बनाए रखने की अपील*

भारतीय झण्डा संहिता, 2002 (वर्ष 2021 एवं 2022 में यथासंशोधित) तथा राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि राष्ट्रीय, सांस्कृतिक एवं खेलकूद के महत्वपूर्ण अवसरों पर उपयोग किए जाने वाले कागज के राष्ट्रीय ध्वजों की मर्यादा बनाए रखें। समारोह समाप्त होने के बाद कागज के झण्डों को न तो विकृत किया जाए और न ही जमीन पर फेंका जाए। ऐसे झण्डों का निस्तारण उनकी गरिमा एवं सम्मान के अनुरूप एकांत में किया जाए।

जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों, कार्यालयों एवं संस्थाओं को उक्त प्रावधानों के प्रति जागरूकता फैलाने निर्देश दिए हैं।

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टिहरी गढ़वाल, 22 अगस्त 2026 (सू.वि.)

*श्रम विभाग की आर्थिक सहायता संबंधी सेवाएं जिला मुख्यालय नई टिहरी से मिलेंगी*

श्रम प्रवर्तन अधिकारी टिहरी गढ़वाल आईशा ने बताया कि श्रम विभाग से प्राप्त होने वाली विभिन्न प्रकार की आर्थिक सहायता संबंधी सेवाएं एवं आवेदन संबंधी कार्य वर्तमान में जिला मुख्यालय नई टिहरी स्थित कार्यालय से ही संचालित किए जाएंगे।

कार्यालय के शिफ्टिंग एवं सुव्यवस्थित किए जाने का कार्य चल रहा है, जिसके कारण लगभग एक सप्ताह तक विभागीय सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध होने में असुविधा हो सकती है। उन्होंने श्रमिकों एवं लाभार्थियों से अपील की है कि कार्यालय शिफ्टिंग एवं व्यवस्थाओं के कार्य के दौरान अनावश्यक रूप से कार्यालय के चक्कर न काटें। विभागीय कार्य व्यवस्थित होने के बाद आर्थिक सहायता संबंधी सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी।

श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में विवाहोपरान्त आर्थिक सहायता के कुल 180 आवेदन विभाग को प्राप्त हुए हैं। इनमें से 175 आवेदनों को संस्तुति सहित अग्रसारित किया जा चुका है, जबकि 05 आवेदनों पर आपत्ति दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त मृत्योपरान्त आर्थिक सहायता के 02 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन्हें आवश्यक कार्यवाही के बाद अग्रसारित कर दिया गया है।

उन्होंने लाभार्थियों से विभागीय कार्यप्रणाली में सहयोग करने तथा कार्यालय की व्यवस्थाएं सामान्य होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की है।

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‎*राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज दौंक की छात्राओं ने जवानों संग मनाया रक्षाबंधन*

‎*सुरक्षा बलों के जवानों को राखी बांधकर व्यक्त किया सम्मान और कृतज्ञता*

‎*सूचना/टिहरी/22 अगस्त, 2026;* आगामी पावन पर्व रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज दौंक की छात्राओं ने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस दौरान छात्राओं ने भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल, भारतीय सेना तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर के अधिकारियों एवं जवानों को रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु एवं सुरक्षित जीवन की कामना की।

‎प्रधानाचार्य राम औतार ने बताया कि विद्यार्थियों ने सुरक्षा बलों के अधिकारियों एवं जवानों से आत्मीय भेंट कर उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की। छात्राओं ने जवानों को तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया तथा राखी बांधी। इस अवसर पर सुरक्षा बलों के अधिकारियों एवं जवानों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उनकी शिक्षा, अध्ययन तथा भविष्य के लक्ष्यों को लेकर संवाद करते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने एवं राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया।

‎कार्यक्रम में विशेष शिक्षा शिक्षक आशीष सगोई एवं कला अध्यापिका इंदु सैनी सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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टिहरी गढ़वाल, 22 अगस्त 2026 (सू.वि.)

*नेपाल इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप के पदक विजेता खिलाड़ियों का राजभवन में सम्मान*

नेपाल में आयोजित इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पदक जीतने वाले जनपद टिहरी गढ़वाल के खिलाड़ियों को महामहिम राज्यपाल द्वारा राजभवन में सम्मानित किया गया।

इंस्ट्रक्टर विश्वनाथ राजपूत ने अवगत कराया कि प्रतियोगिता में मुनि की रेती के स्टेडियम के खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण, दो रजत और पांच कांस्य पदक अपने नाम किए। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के लिए कड़ी मेहनत और नियमित अभ्यास किया, जिसका परिणाम उन्हें पदकों के रूप में मिला। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि बच्चों ने पूरी लगन और मेहनत के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।

प्रतियोगिता के 14-16 वर्ष बालिका वर्ग में आराध्या भंडारी ने फाइट इवेंट में रजत तथा काता इवेंट में कांस्य पदक जीता। मानस्वी शर्मा ने काता में रजत और फाइट इवेंट में कांस्य पदक हासिल किया। हर्षित भट्ट ने काता और फाइट, दोनों स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते।
वहीं करण कुमार ने फाइट इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक तथा काता इवेंट में कांस्य पदक प्राप्त किया।

खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर खेल विभाग एवं स्टेडियम के प्रशिक्षकों ने खुशी व्यक्त करते हुए सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने प्रशिक्षकों, अभिभावकों एवं नियमित अभ्यास को दिया।

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उत्तराखण्ड में थमने का नाम नही ले रहा एसआईआर का घमासान
देहरादून। उत्तराखंड में एसआईआर को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसे लेकर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस का आरोप है कि 1.07 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने को लेकर आपत्तियां लगाई गई हैं। इसी मामले को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग के बाहर धरना दिया था। दिल्ली में कांग्रेस के धरने के बाद उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर कांग्रेस नेताओं को मुलाकात के लिए शुक्रवार को बुलाया गया और उनकी समस्याओं को सुना गया।
कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर में न सिर्फ आम जनता के नामों को लेकर आपत्ति जताई जा रही है, बल्कि खुद उनके नेताओं को भी निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि उन्हें हैरानी इस बात कि है कि हरिद्वार जिले के पिरान कलियर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद का नाम हटाने के लिए फार्म- 7 के तहत आपत्ति लगा दी गई। इसके बाद ही उत्तराखंड की राजनीतिक सियासत गरमा गई है, जहां एक ओर पहले ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस बड़ी संख्या में लगी आपत्तियों को लेकर मुखर नजर आ रही थी, तो वहीं कांग्रेस विधायक का नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए लगाई गई आपत्ति के बाद कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। इसीलिए ये मामला दिल्ली तक पहुंच गया। उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात करने के बाद कांग्रेस के पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि उनके अधीन जो भी प्रक्रिया चलेगी वो स्वच्छ और निष्पक्ष होगी। ऐसे में वो भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी पर भरोसा कर रहे हैं. फिर भी इस तरह के कई मामले सामने आए हैं, जिस वजह से कांग्रेस नेताओं को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने इस तरह के मामलों को उठाना पड़ रहा है। मनोज रावत की मानें तो उन्हें हैरानी इसी बात की है कि कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद तीन बार के विधायक हैं, फिर भी उनके नाम पर फॉर्म 7 की आपत्ति स्वीकार की जाती है। इसका सीधा मतलब यही है कि चुनाव आयोग के अधिकारी खासकर ईआरओ स्तर पर नियम 17 के तहत तहकीकात नहीं की गई है. इस तरह के हजारों मामले सामने आए हैं।
मनोज रावत ने यह भी कहा कि वो अपने पूरे होशोहवास में ये आरोप लगा रहे हैं कि ये कोई गिरोह है, जिसमें कुछ अधिकारी शामिल हैं और उन अधिकारियों के पास विशेष वर्ग और विशेष जाति के वोटरों का डाटा है। ये अधिकारी ही उस रिकॉर्ड को आपत्तिकर्ताओं को दे रहे हैं। एक तरह के कहा जा सकता है कि वोट चोर और वोट काटू गिरोह पूरे उत्तराखंड में सक्रिय है। खास कर तीन जिलों हरिद्वार, नैनीताल और उधमसिंह नगर में ये गिरोह पूरी तरह से सक्रिय है।
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शराब कैंटीन संचालक को सरे राह किया गोलियों से छलनीहरिद्वार। बीती देर रात धर्मनगरी हरिद्वार में बदमाशों ने सरेराह शराब कैंटीन संचालक पर गोलिया बरसाकर उसकी हत्या कर दी।  सूचना मिलते ही पुलिस में हडंकप मच गया। मौके पर पहंुची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, ढंडेरा निवासी अमन लंबे समय से क्षेत्र में शराब की कैंटीन का संचालन कर रहे थे। बीती देर रात उन्होंने अपनी कैंटीन बंद की और घर लौटने के लिए निकल पड़े। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे दो बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। कुछ ही क्षणों में उन्होंने अमन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोलियां लगते ही अमन गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल अमन को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बेहद तेजी से कार्रवाई करते हुए घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने अमन को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस कोतवाली के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से निरीक्षण किया। बदमाशों को पकड़ने के लिए पूरे इलाके में कांबिंग ऑपरेशन चलाया गया। देर रात तक हालांकि किसी ठोस सुराग का पता नहीं चल सका। पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। घटना की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन प्रथम दृष्टया पुलिस इसे पुरानी रंजिश से जोड़कर देख रही है। वहीं
हत्या की खबर फैलते ही ढंडेरा और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश की लहर दौड़ गई। लोगों ने सिविल लाइंस कोतवाली पहुंचकर जोरदार हंगामा किया और पुलिस थाने का घेराव कर दिया। भीड़ ने पुलिस से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में इस तरह की घटनाओं से लोगों में भय का माहौल बन गया है।
आगे पढ़ेंनिर्दलीय विधायक का धरना दूसरे दिन भी जारी

उत्तरकाशी। यमुनोत्री विधानसभा से निर्दलीय विधायक संजय डोभाल ने शनिवार को दूसरे दिन भी जिला प्रशासन कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना दिया। विधायक ने जिला योजना में कथित 10 प्रतिशत कमीशन के आरोपों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही किए जाने हेतू लिखित आश्वासन देने की मांग को लेकर प्रशासन से प्रत्यक्ष वार्ता करने की मांग की है।
विधायक और उनके समर्थक निर्धारित समय पर डीएम कार्यालय पहुँचे, तो डीएम दफ्तर के भीतर किसी भी वरिष्ठ अधिकारी की अनुपस्थिति को लेकर तीखा सवाल उठाया गया। विधायक ने प्रश्न किया कि जब मैंने पूर्व में बता दिया था कि आज मैं डीएम कार्यालय आऊँगा, तब डीएम साहब कार्यालय से गायब क्यों हैं? संजय डोभाल ने जिला योजना में 10 प्रतिशत कमीशन लगाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह भ्रष्टाचार सीधेकृसीधे विकास योजनाओं और आम जनता के हितों से छेड़छाड़ है। उन्होंने मांग की है कि भ्रष्टाचार में नामजद अधिकारियों और बिचोलियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, प्रभावित योजनाओं का जनप्रतिनिधि के समक्ष फिर से वितरित कराई जाए। विधायक ने यह भी कहा कि वे शांति एवं सभ्य तरीके से वे अपनी मांगें रख रहे हैं, पर यदि प्रशासन ने लिखित आश्वासन नहीं दिया तो आंदोलन तेज किया जाएगा और उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से लेकर संबंधित गांवों तक व्यापक विरोधकृप्रदर्शन किए जाएँगे।
आगे पढ़ेंमेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को मिला ऐतिहासिक
जनसमर्थन, 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भेजे निबंध
देहरादून। मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेश के विघार्थियों से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिल रही है। राज्यभर से अब तक 2.5 लाख से अधिक विघार्थियों ने अपने निबंध एवं सुझाव पोर्टल पर जमा कर उत्तराखंड के भविष्य को लेकर अपना विजन साझा किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर शुरू किए गए मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेश के विघार्थियों से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिल रही है। राज्यभर से अब तक 2.5 लाख से अधिक विघार्थियों ने अपने निबंध एवं सुझाव पोर्टल पर जमा कर उत्तराखंड के भविष्य को लेकर अपना विजन साझा किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते 10 अगस्त को प्रदेशभर के कक्षा 11वीं एवं 12वीं के लगभग तीन लाख विघार्थियों के साथ ऑनलाइन संवाद करते हुए उनसे आह्वान किया था कि वे बताएं कि आने वाले वर्षों में वे अपने उत्तराखंड को किस रूप में देखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री के इस आह्वान के बाद सरकारी एवं निजी विघालयों के विघार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ अभियान में भागीदारी की। विघार्थियों ने पर्यटन, रोजगार, सामाजिक विकास, वन एवं पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक सहित आठ प्रमुख विषयों पर अपने सुझाव और नए विचार प्रस्तुत किए हैं। खास बात यह है कि ये केवल निबंध नहीं, बल्कि उत्तराखंड की नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और भविष्य के प्रदेश को लेकर उनकी सोच का दस्तावेज बन रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि विघार्थियों से प्राप्त अच्छे और व्यावहारिक सुझावों का स्वयं अवलोकन किया जाएगा तथा उपयोगी विचारों को राज्य की नीतियों एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं में शामिल करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत 140 श्रेष्ठ विचारों का चयन किया जाएगा। चयनित विघार्थियों को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सचिवों के साथ अपने विचारों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इन विघार्थियों के साथ स्वयं संवाद कर उनके विजन और अनुभवों को सुनेंगे। इसके साथ ही श्रेष्ठ विघार्थियों को करियर एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग और अन्य पुरस्कार प्रदान किए जाने की भी व्यवस्था की गई है। पोर्टल पर निबंध जमा करने वाले विघार्थियों को डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जा रहा है। अभियान में प्रदेश के पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों के साथ ही सरकारी और निजी विघालयों के विघार्थियों की व्यापक भागीदारी देखने को मिल रही है। अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल ने बताया कि नई पीढ़ी को सीधे राज्य की विकास प्रक्रिया और नीति निर्माण की सोच से जोड़ने की यह एक अभिनव पहल है। प्रदेश के अलगकृअलग हिस्सों से लगातार प्रविष्टियां प्राप्त हो रही हैं। 24 अगस्त निबंध जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं अभियान की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की युवा पीढ़ी केवल विकास योजनाओं की लाभार्थी न रहे, बल्कि ट्टविकसित उत्तराखंड’ की संकल्पना और नीति निर्माण में सक्रिय भागीदार भी बने। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “हमारे विघार्थी केवल उत्तराखंड का भविष्य नहीं हैं, बल्कि उनके विचार आज के उत्तराखंड को भी नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। ट्टमेरे सपनों का उत्तराखंड’ के माध्यम से हम नई पीढ़ी की सोच को सुन रहे हैं। युवाओं के अच्छे और व्यावहारिक सुझावों को प्रदेश के विकास में स्थान दिया जाएगा। हमारा संकल्प है कि युवा जिस उत्तराखंड का सपना देख रहे हैं, उसे साकार करने में उन्हें भी सहभागी बनाया जाए।”
आगे पढ़ेंचीनी की बढ़ती कीमतों और ई-20 पेट्रोल के खिलाफ कांग्रेस ने किया  प्रदर्शन
देहरादून। शनिवार को लगातार बढ़ रही चीनी की कीमतों और इथेनॉल पेट्रोल को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने देहरादून की सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि, केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम जनता महंगाई की मार झेल रही है और अब लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चीनी की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हो गई है। कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि, करीब एक महीने पहले 44 से 45 रुपए प्रति किलो मिलने वाली चीनी अब 65 से 66 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। धस्माना ने आरोप लगाया कि, इथेनॉल मिश्रण की नीति के कारण गन्ने की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिसका असर चीनी मिलों और चीनी के उत्पादन पर पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने ई-20 पेट्रोल को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस का आरोप है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से देशभर में वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और कई वाहनों के खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रदर्शन के लिए पेट्रोल पंप का स्थान चुनते हुए कांग्रेस ने कहा कि, ई-20 पेट्रोल के मुद्दे को सीधे जनता के बीच उठाना जरूरी है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल की कीमतों और उपभोक्ताओं पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम नहीं किया गया। पार्टी ने केंद्र सरकार पर जनता की मेहनत की कमाई पर अतिरिक्त बोझ डालने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने ऐलान किया कि यह प्रदर्शन केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी की ओर से चीनी की बढ़ती कीमतों और ई-20 पेट्रोल के मुद्दे को लेकर पूरे उत्तराखंड में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग शहरों, जिलों और कस्बों में प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों का विरोध किया जाएगा। कांग्रेस ने कहा कि, देहरादून में किया गया प्रदर्शन प्रदेशव्यापी आंदोलन की शुरुआत है और आने वाले दिनों में इन दोनों मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आगे पढ़ेंसीएम धामी ने साधा निशाना,कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता को बताया कुंठा का शिकार
हरिद्वार। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के सप्तसरोवर मार्ग पर स्थित बंदी छोड़ श्री ब्रह्मनिवास आश्रम में आयोजित 51 वें निर्वाण दिवस कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रह्मलीन भूरि वाले महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ऐसे स्थानों पर वही पहुंचता है, जिस पर सद्गुरु की कृपा होती है। धार्मिक संस्थाएं और संत समाज ने हमेशा धर्म संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा करने का कार्य किया है। अपने को तिल तिल जलाकर सद्गुरु ने राष्ट्र की रक्षा का मार्ग दिखाया है।
वहीं पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुबेंदु अधिकारी द्वारा घुसपैठ को रोकने के लिए की गई सीमा बंदी के सवाल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इसी कारण देश के लोग डबल इंजन की भाजपा सरकार को चुन रहे हैं और जहां भी चुनाव हो रहे हैं, वहां से तुष्टिकरण वाली सरकारों को जाना पड़ रहा है। बंगाल में अनेको रुकी हुई योजनाएं अब धरातल पर आ रहीं हैं और वहां तुष्टिकरण के आधार पर कोई काम नहीं हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संसद में हंगामा कर रहे विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की कुंठा और हताशा लगातार बढ़ती जा रही है। पैदा होते ही उनके मन में आने वाली सामंतवादी सोच, उस सोच से उनको छुटकारा नहीं मिल रहा है। राहुल गांधी सोच रहे हैं कि देश की संसद और देश उनके हिसाब से चलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग देश की सत्ता पर अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते थे, उनके हिसाब से कुछ नहीं हो रहा है, बल्कि साधारण परिवार से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अच्छे से देश को चला रहे हैं। आज देश में हर वर्ग के लिझारखंड में चल रहे आंदोलन में राहुल गांधी की भूमिका के सवाल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राहुल गांधी को ऐसे मौके पर वहां नहीं जाना चाहिए था, वो जगह जगह छात्रों को इकट्ठा कर रहे हैं।
सीएम धामी ने कहा कि राहुल गांधी ने उत्तराखंड में आकर झूठ बोला कि यहां नकल माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसी भी माफिया को जेल नहीं भेजा, जबकि उत्तराखंड में सख्त नकल कानून बनाकर 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है। यहां हजारों लोगों को सरकारी नौकरी में नियुक्ति मिली। यह लोग आज भी सोच रहे हैं कि देश आज भी पुराने नियमों पर चल रहा है। पुष्कर सिंह धामी ने कहा साठ सालों में देश पर राज करने वाले लोगों ने रोजगार नहीं दिया बल्कि भाजपा सरकार के राज में रोजगार मिल रहा है।पूरी दुनिया में भारत का नाम हो रहा है, इसलिए ऐसे लोगों के मुंह से आह आह निकल रहा है। उनकी हताशा और कुंठा को आज सभी देख रहे हैं।
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मानव-वन्यजीव संघर्षः नैनीताल के 109 गांवों को रेड जोन के रूप में चिन्हित
नैनीताल। जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए प्रशासन ने संघर्ष की घटनाओं के आधार पर 109 गांवों को रेड जोन के रूप में चिन्हित किया गया है। नैनीताल जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने इन गांवों में गुणवत्तापूर्ण चैनलिंग फेंसिंग और पर्याप्त सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए हैं। खनन न्यास से 2.5 करोड़ रुपये अतिरिक्त उपलब्ध कराए गए हैं। ताकि ग्रामीणों की जान-माल और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
नैनीताल जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील गांवों में सुरक्षा इंतजाम तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया पिछले 5 से 10 वर्षों में हुई मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं का वन विभाग, कृषि और उद्यान विभाग की संयुक्त टीम ने अध्ययन किया है। इसी अध्ययन के आधार पर इस वर्ष संघर्ष से सर्वाधिक प्रभावित 109 गांवों को रेड जोन के रूप में चिन्हित किया गया है।
इन गांवों में खासतौर पर उन इलाकों पर फोकस किया जा रहा है, जहां सघन खेती होती है। वन्यजीवों के हमले लगातार सामने आते रहे हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चिन्हित गांवों में गुणवत्तापूर्ण चैनलिंग फेंसिंग का काम युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में सोलर लाइट भी लगाई जा रही हैं, ताकि रात के समय वन्यजीवों से होने वाले खतरे को कम किया जा सके। इन कार्यों को जिला योजना में प्राथमिकता दी गई है। वहीं, चिन्हित गांवों में शत-प्रतिशत फेंसिंग और लाइटिंग का काम पूरा करने के लिए खनन न्यास से 2.5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध कराई गई है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रॉयल ने कहा मुख्यमंत्री का भी कृषि और बागवानी को वन्यजीवों से बचाने पर विशेष फोकस है। जिन गांवों में जान-माल का खतरा है, वहां पिंजरे लगाने, सोलर लाइट और फेंसिंग के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। प्रशासन का लक्ष्य ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ उनकी फसल और बागवानी को भी वन्यजीवों से होने वाले नुकसान से बचाना है।
आगे पढ़ेंअगले आदेश तक पानीवाला बैंड पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक
देहरादून। देहरादून-मसूरी मार्ग पर स्थित पानीवाला बैंड के पास अधिक बारिश के कारण सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने के बाद सड़क की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने भारी वाहनों की आवाजाही पर अग्रिम आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया है। उप जिला मजिस्ट्रेट आदेश जारी किया है।
अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि पानीवाला बैंड पर अत्यधिक बारिश के कारण मार्ग पर पूर्व में निर्मित सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। दीवार क्षतिग्रस्त होने के चलते मार्ग भारी वाहनों के आवागमन के लिए असुरक्षित हो गया है।विभाग ने आशंका जताई है कि स्थिति में सुधार नहीं होने पर किसी भी समय अप्रिय घटना घट सकती है। रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए उप जिला मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद ने आमजन की सुरक्षा के दृष्टिगत मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन को अग्रिम आदेश तक प्रतिबंधित कर दिया है।आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी संबंधित विभागों और पुलिस को सौंपी गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को क्षतिग्रस्त मार्ग की तत्काल मरम्मत कराकर आमजन की आवाजाही के लिए सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, कोतवाली मसूरी और राजपुर थाना पुलिस को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। कोतवाली मसूरी को पानीवाला बैंड क्षेत्र में 24 घंटे आवश्यक पुलिस बल तैनात रखने को भी कहा गया है। भारी बारिश के बीच सड़क की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के इस निर्णय से फिलहाल भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहेगी। मार्ग की मरम्मत और सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही प्रतिबंध हटाने पर निर्णय लिया जाएगा।
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अनियंत्रित कार की टक्कर से गर्भवती महिला की मौत,दो घायल
देहरादून। कैनाल रोड के पास काठबंगला बस्ती पर सड़क पर महिला समेत तीन लोगो को एक कार ने अनियंत्रित होकर टक्कर मार दी। हादसे में उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो गई। मौके पर पहंुची पुलिस ने मृतक महिला के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक महिला गर्भवती बताई जा रही है। जबकि  दो अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराकर कार चालक को हिरासत में लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार बीती देर रात राजपुर रोड क्षेत्र में काठबंगला बस्ती के पास  कुछ लोग सड़क सड़क पर खड़े थे। तभी एक कार अनियंत्रित होकर आई और टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों महिलाएं सड़क पर जा गिरीं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने पांच माह की गर्भवती महिला को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरी महिला का उपचार चल रहा है। इस हादसे में दो महिला समेत तीन लोग घायल हो गए।  हादसे में महिला समेत दो लोग घायल हुए है। घटना की सूचना मिलते ही राजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार सवार दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जानकारी में दोनों युवकों के नशे की हालत में होने की बात सामने आई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच और मेडिकल परीक्षण के बाद होगी। राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने बताया कि हादसे में एक महिला की मौत हुई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महिला के शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
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तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर में तीन की मौत,छह घायल
हरिद्वार। जनपद के  रुड़की क्षेत्र में बीती देर रात तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस भीषण हादसे में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गयी। जबकि छह अन्य घायल हो गए। जिन्हे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि  टक्कर लगने के बाद चारों बाइकें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं, सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है और मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार पिरान कलियर कांवड़ पटरी मार्ग पर शुक्रवार देर रात चार मोटरसाइकिलें कांवड़ पटरी से गुजर रही थी, इसी दौरान चारों मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चारों बाइक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं।
वहीं हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसा होने के बाद मौके पर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। हादस की सूचना मिलते ही तत्काल पिरान कलियर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी और रुड़की सिविल लाइन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने राहगीरों की मदद से घायलों को उपचार के लिए 108 की मदद से रुड़की के सिविल अस्पताल पहुंचाया।
जहां पर अस्पताल के चिकित्सकों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि छह घायलों का उपचार शुरू किया गया, जिनमें से एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क हादसे में मृतकों की पहचान अयान (उम्र 18 वर्ष) पुत्र शहजाद निवासी बिझोली कोतवाली मंगलौर, राजू (उम्र 24 वर्ष) पुत्र कदम सिंह, और राजीव (उम्र 18 वर्ष) पुत्र मोल्हड सिंह निवासी रहमतपुर कोतवाली पिरान कलियर हुई है। वहीं हादसे में घायल आदित्य चंद्रा (उम्र 25 वर्ष) पुत्र सुरेंद्र निवासी खंजरपुर, गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें एम्स हॉस्पिटल के लिए रेफर किया गया है, अन्य घायलों का उपचार अस्पताल में चल रहा है।

 

*इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग में हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड नंबर-1, पांच साल में 221 स्टेशन स्थापित: प्रदीप बत्रा*

*ग्रीन मोबिलिटी की राह पर उत्तराखंड, 221 EV चार्जिंग स्टेशन से मजबूत हुआ नेटवर्क*

*चारधाम और पर्यटन मार्गों पर फास्ट चार्जिंग नेटवर्क मजबूत करने को सरकार प्रतिबद्ध, ग्रीन मोबिलिटी को मिलेगा बढ़ावा*

*चारधाम से पर्यटन मार्गों तक EV चार्जिंग नेटवर्क होगा मजबूत, ग्रीन मोबिलिटी पर जोर*

*देहरादून।* उत्तराखंड इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हिमालयी राज्यों में अग्रणी बनकर उभरा है। प्रदेश में पिछले पांच वर्षों के दौरान 221 EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इनमें 84 फास्ट चार्जर और 137 स्लो चार्जर शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार की FAME-II योजना के तहत 61 अतिरिक्त चार्जिंग यूनिट भी स्थापित की गई हैं।

परिवहन मंत्री श्री प्रदीप बत्रा ने बताया कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखंड में पंजीकृत EV की संख्या 1.04 लाख तक पहुंच गई है, जिसमें पिछले तीन वर्षों में ही 58 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती EV संख्या के अनुरूप राज्य में चार्जिंग नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है।|

उन्होंने बताया कि EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में उत्तराखंड अन्य हिमालयी राज्यों से काफी आगे है। प्रदेश में 221 चार्जिंग स्टेशन हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर में 180, हिमाचल प्रदेश में 133, मेघालय में 62, मणिपुर में 58, त्रिपुरा में 55, सिक्किम में 12 और लद्दाख में 1 चार्जिंग स्टेशन स्थापित है।

श्री बत्रा ने कहा कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार की ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का परिणाम है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में EV के लिए मजबूत, व्यापक और सुविधाजनक चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है। विशेष रूप से उच्च यातायात वाले पर्यटन मार्गों और चारधाम यात्रा मार्गों पर फास्ट चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही चार्जिंग स्टेशनों को पर्याप्त विद्युत लोड उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि EV के बढ़ते इस्तेमाल के साथ आने वाले वर्षों में बिजली की खपत में भी उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। वर्तमान में EV से संबंधित बिजली खपत लगभग 15.7 लाख यूनिट वार्षिक है, जिसके वर्ष 2025-26 में 23.6 लाख यूनिट, 2026-27 में 74.4 लाख यूनिट और 2027-28 में 234.8 लाख यूनिट तक पहुंचने का अनुमान है।

परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार केवल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण को भी प्राथमिकता दे रही है। परिवहन निगम की बसों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक किया जा रहा है। पुरानी बसों को भी इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

श्री बत्रा ने कहा कि ग्रीन मोबिलिटी उत्तराखंड की भविष्य की परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर प्रदूषण कम करने, ईंधन पर निर्भरता घटाने, पर्यावरण संरक्षण और प्रदेश को स्वच्छ एवं हरित बनाने की दिशा में सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, राज्य सरकार, ऊर्जा एवं परिवहन विभाग तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई एवं आभार व्यक्त किया।