उत्तराखण्ड में थमने का नाम नही ले रहा एसआईआर का घमासान

देहरादून। उत्तराखंड में एसआईआर को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसे लेकर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस का आरोप है कि 1.07 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने को लेकर आपत्तियां लगाई गई हैं। इसी मामले को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग के बाहर धरना दिया था। दिल्ली में कांग्रेस के धरने के बाद उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर कांग्रेस नेताओं को मुलाकात के लिए शुक्रवार को बुलाया गया और उनकी समस्याओं को सुना गया।
कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर में न सिर्फ आम जनता के नामों को लेकर आपत्ति जताई जा रही है, बल्कि खुद उनके नेताओं को भी निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि उन्हें हैरानी इस बात कि है कि हरिद्वार जिले के पिरान कलियर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद का नाम हटाने के लिए फार्म- 7 के तहत आपत्ति लगा दी गई। इसके बाद ही उत्तराखंड की राजनीतिक सियासत गरमा गई है, जहां एक ओर पहले ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस बड़ी संख्या में लगी आपत्तियों को लेकर मुखर नजर आ रही थी, तो वहीं कांग्रेस विधायक का नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए लगाई गई आपत्ति के बाद कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। इसीलिए ये मामला दिल्ली तक पहुंच गया। उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात करने के बाद कांग्रेस के पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि उनके अधीन जो भी प्रक्रिया चलेगी वो स्वच्छ और निष्पक्ष होगी। ऐसे में वो भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी पर भरोसा कर रहे हैं. फिर भी इस तरह के कई मामले सामने आए हैं, जिस वजह से कांग्रेस नेताओं को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने इस तरह के मामलों को उठाना पड़ रहा है। मनोज रावत की मानें तो उन्हें हैरानी इसी बात की है कि कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद तीन बार के विधायक हैं, फिर भी उनके नाम पर फॉर्म 7 की आपत्ति स्वीकार की जाती है। इसका सीधा मतलब यही है कि चुनाव आयोग के अधिकारी खासकर ईआरओ स्तर पर नियम 17 के तहत तहकीकात नहीं की गई है. इस तरह के हजारों मामले सामने आए हैं।
मनोज रावत ने यह भी कहा कि वो अपने पूरे होशोहवास में ये आरोप लगा रहे हैं कि ये कोई गिरोह है, जिसमें कुछ अधिकारी शामिल हैं और उन अधिकारियों के पास विशेष वर्ग और विशेष जाति के वोटरों का डाटा है। ये अधिकारी ही उस रिकॉर्ड को आपत्तिकर्ताओं को दे रहे हैं। एक तरह के कहा जा सकता है कि वोट चोर और वोट काटू गिरोह पूरे उत्तराखंड में सक्रिय है। खास कर तीन जिलों हरिद्वार, नैनीताल और उधमसिंह नगर में ये गिरोह पूरी तरह से सक्रिय है।
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शराब कैंटीन संचालक को सरे राह किया गोलियों से छलनीहरिद्वार। बीती देर रात धर्मनगरी हरिद्वार में बदमाशों ने सरेराह शराब कैंटीन संचालक पर गोलिया बरसाकर उसकी हत्या कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस में हडंकप मच गया। मौके पर पहंुची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, ढंडेरा निवासी अमन लंबे समय से क्षेत्र में शराब की कैंटीन का संचालन कर रहे थे। बीती देर रात उन्होंने अपनी कैंटीन बंद की और घर लौटने के लिए निकल पड़े। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे दो बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। कुछ ही क्षणों में उन्होंने अमन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोलियां लगते ही अमन गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल अमन को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बेहद तेजी से कार्रवाई करते हुए घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने अमन को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस कोतवाली के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से निरीक्षण किया। बदमाशों को पकड़ने के लिए पूरे इलाके में कांबिंग ऑपरेशन चलाया गया। देर रात तक हालांकि किसी ठोस सुराग का पता नहीं चल सका। पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। घटना की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन प्रथम दृष्टया पुलिस इसे पुरानी रंजिश से जोड़कर देख रही है। वहीं
हत्या की खबर फैलते ही ढंडेरा और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश की लहर दौड़ गई। लोगों ने सिविल लाइंस कोतवाली पहुंचकर जोरदार हंगामा किया और पुलिस थाने का घेराव कर दिया। भीड़ ने पुलिस से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में इस तरह की घटनाओं से लोगों में भय का माहौल बन गया है।
आगे पढ़ेंनिर्दलीय विधायक का धरना दूसरे दिन भी जारी
जनसमर्थन, 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भेजे निबंध
देहरादून। मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेश के विघार्थियों से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिल रही है। राज्यभर से अब तक 2.5 लाख से अधिक विघार्थियों ने अपने निबंध एवं सुझाव पोर्टल पर जमा कर उत्तराखंड के भविष्य को लेकर अपना विजन साझा किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर शुरू किए गए मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेश के विघार्थियों से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिल रही है। राज्यभर से अब तक 2.5 लाख से अधिक विघार्थियों ने अपने निबंध एवं सुझाव पोर्टल पर जमा कर उत्तराखंड के भविष्य को लेकर अपना विजन साझा किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते 10 अगस्त को प्रदेशभर के कक्षा 11वीं एवं 12वीं के लगभग तीन लाख विघार्थियों के साथ ऑनलाइन संवाद करते हुए उनसे आह्वान किया था कि वे बताएं कि आने वाले वर्षों में वे अपने उत्तराखंड को किस रूप में देखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री के इस आह्वान के बाद सरकारी एवं निजी विघालयों के विघार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ अभियान में भागीदारी की। विघार्थियों ने पर्यटन, रोजगार, सामाजिक विकास, वन एवं पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक सहित आठ प्रमुख विषयों पर अपने सुझाव और नए विचार प्रस्तुत किए हैं। खास बात यह है कि ये केवल निबंध नहीं, बल्कि उत्तराखंड की नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और भविष्य के प्रदेश को लेकर उनकी सोच का दस्तावेज बन रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि विघार्थियों से प्राप्त अच्छे और व्यावहारिक सुझावों का स्वयं अवलोकन किया जाएगा तथा उपयोगी विचारों को राज्य की नीतियों एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं में शामिल करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत 140 श्रेष्ठ विचारों का चयन किया जाएगा। चयनित विघार्थियों को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सचिवों के साथ अपने विचारों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इन विघार्थियों के साथ स्वयं संवाद कर उनके विजन और अनुभवों को सुनेंगे। इसके साथ ही श्रेष्ठ विघार्थियों को करियर एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग और अन्य पुरस्कार प्रदान किए जाने की भी व्यवस्था की गई है। पोर्टल पर निबंध जमा करने वाले विघार्थियों को डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जा रहा है। अभियान में प्रदेश के पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों के साथ ही सरकारी और निजी विघालयों के विघार्थियों की व्यापक भागीदारी देखने को मिल रही है। अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल ने बताया कि नई पीढ़ी को सीधे राज्य की विकास प्रक्रिया और नीति निर्माण की सोच से जोड़ने की यह एक अभिनव पहल है। प्रदेश के अलगकृअलग हिस्सों से लगातार प्रविष्टियां प्राप्त हो रही हैं। 24 अगस्त निबंध जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं अभियान की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की युवा पीढ़ी केवल विकास योजनाओं की लाभार्थी न रहे, बल्कि ट्टविकसित उत्तराखंड’ की संकल्पना और नीति निर्माण में सक्रिय भागीदार भी बने। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “हमारे विघार्थी केवल उत्तराखंड का भविष्य नहीं हैं, बल्कि उनके विचार आज के उत्तराखंड को भी नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। ट्टमेरे सपनों का उत्तराखंड’ के माध्यम से हम नई पीढ़ी की सोच को सुन रहे हैं। युवाओं के अच्छे और व्यावहारिक सुझावों को प्रदेश के विकास में स्थान दिया जाएगा। हमारा संकल्प है कि युवा जिस उत्तराखंड का सपना देख रहे हैं, उसे साकार करने में उन्हें भी सहभागी बनाया जाए।”
आगे पढ़ेंचीनी की बढ़ती कीमतों और ई-20 पेट्रोल के खिलाफ कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

देहरादून। शनिवार को लगातार बढ़ रही चीनी की कीमतों और इथेनॉल पेट्रोल को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने देहरादून की सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि, केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम जनता महंगाई की मार झेल रही है और अब लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चीनी की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हो गई है। कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि, करीब एक महीने पहले 44 से 45 रुपए प्रति किलो मिलने वाली चीनी अब 65 से 66 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। धस्माना ने आरोप लगाया कि, इथेनॉल मिश्रण की नीति के कारण गन्ने की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिसका असर चीनी मिलों और चीनी के उत्पादन पर पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने ई-20 पेट्रोल को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस का आरोप है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से देशभर में वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और कई वाहनों के खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रदर्शन के लिए पेट्रोल पंप का स्थान चुनते हुए कांग्रेस ने कहा कि, ई-20 पेट्रोल के मुद्दे को सीधे जनता के बीच उठाना जरूरी है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल की कीमतों और उपभोक्ताओं पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम नहीं किया गया। पार्टी ने केंद्र सरकार पर जनता की मेहनत की कमाई पर अतिरिक्त बोझ डालने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने ऐलान किया कि यह प्रदर्शन केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी की ओर से चीनी की बढ़ती कीमतों और ई-20 पेट्रोल के मुद्दे को लेकर पूरे उत्तराखंड में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग शहरों, जिलों और कस्बों में प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों का विरोध किया जाएगा। कांग्रेस ने कहा कि, देहरादून में किया गया प्रदर्शन प्रदेशव्यापी आंदोलन की शुरुआत है और आने वाले दिनों में इन दोनों मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आगे पढ़ेंसीएम धामी ने साधा निशाना,कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता को बताया कुंठा का शिकार

हरिद्वार। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के सप्तसरोवर मार्ग पर स्थित बंदी छोड़ श्री ब्रह्मनिवास आश्रम में आयोजित 51 वें निर्वाण दिवस कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रह्मलीन भूरि वाले महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ऐसे स्थानों पर वही पहुंचता है, जिस पर सद्गुरु की कृपा होती है। धार्मिक संस्थाएं और संत समाज ने हमेशा धर्म संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा करने का कार्य किया है। अपने को तिल तिल जलाकर सद्गुरु ने राष्ट्र की रक्षा का मार्ग दिखाया है।
वहीं पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुबेंदु अधिकारी द्वारा घुसपैठ को रोकने के लिए की गई सीमा बंदी के सवाल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इसी कारण देश के लोग डबल इंजन की भाजपा सरकार को चुन रहे हैं और जहां भी चुनाव हो रहे हैं, वहां से तुष्टिकरण वाली सरकारों को जाना पड़ रहा है। बंगाल में अनेको रुकी हुई योजनाएं अब धरातल पर आ रहीं हैं और वहां तुष्टिकरण के आधार पर कोई काम नहीं हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संसद में हंगामा कर रहे विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की कुंठा और हताशा लगातार बढ़ती जा रही है। पैदा होते ही उनके मन में आने वाली सामंतवादी सोच, उस सोच से उनको छुटकारा नहीं मिल रहा है। राहुल गांधी सोच रहे हैं कि देश की संसद और देश उनके हिसाब से चलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग देश की सत्ता पर अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते थे, उनके हिसाब से कुछ नहीं हो रहा है, बल्कि साधारण परिवार से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अच्छे से देश को चला रहे हैं। आज देश में हर वर्ग के लिझारखंड में चल रहे आंदोलन में राहुल गांधी की भूमिका के सवाल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राहुल गांधी को ऐसे मौके पर वहां नहीं जाना चाहिए था, वो जगह जगह छात्रों को इकट्ठा कर रहे हैं।
सीएम धामी ने कहा कि राहुल गांधी ने उत्तराखंड में आकर झूठ बोला कि यहां नकल माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसी भी माफिया को जेल नहीं भेजा, जबकि उत्तराखंड में सख्त नकल कानून बनाकर 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है। यहां हजारों लोगों को सरकारी नौकरी में नियुक्ति मिली। यह लोग आज भी सोच रहे हैं कि देश आज भी पुराने नियमों पर चल रहा है। पुष्कर सिंह धामी ने कहा साठ सालों में देश पर राज करने वाले लोगों ने रोजगार नहीं दिया बल्कि भाजपा सरकार के राज में रोजगार मिल रहा है।पूरी दुनिया में भारत का नाम हो रहा है, इसलिए ऐसे लोगों के मुंह से आह आह निकल रहा है। उनकी हताशा और कुंठा को आज सभी देख रहे हैं।
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मानव-वन्यजीव संघर्षः नैनीताल के 109 गांवों को रेड जोन के रूप में चिन्हित
नैनीताल। जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए प्रशासन ने संघर्ष की घटनाओं के आधार पर 109 गांवों को रेड जोन के रूप में चिन्हित किया गया है। नैनीताल जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने इन गांवों में गुणवत्तापूर्ण चैनलिंग फेंसिंग और पर्याप्त सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए हैं। खनन न्यास से 2.5 करोड़ रुपये अतिरिक्त उपलब्ध कराए गए हैं। ताकि ग्रामीणों की जान-माल और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
नैनीताल जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील गांवों में सुरक्षा इंतजाम तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया पिछले 5 से 10 वर्षों में हुई मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं का वन विभाग, कृषि और उद्यान विभाग की संयुक्त टीम ने अध्ययन किया है। इसी अध्ययन के आधार पर इस वर्ष संघर्ष से सर्वाधिक प्रभावित 109 गांवों को रेड जोन के रूप में चिन्हित किया गया है।
इन गांवों में खासतौर पर उन इलाकों पर फोकस किया जा रहा है, जहां सघन खेती होती है। वन्यजीवों के हमले लगातार सामने आते रहे हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चिन्हित गांवों में गुणवत्तापूर्ण चैनलिंग फेंसिंग का काम युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में सोलर लाइट भी लगाई जा रही हैं, ताकि रात के समय वन्यजीवों से होने वाले खतरे को कम किया जा सके। इन कार्यों को जिला योजना में प्राथमिकता दी गई है। वहीं, चिन्हित गांवों में शत-प्रतिशत फेंसिंग और लाइटिंग का काम पूरा करने के लिए खनन न्यास से 2.5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध कराई गई है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रॉयल ने कहा मुख्यमंत्री का भी कृषि और बागवानी को वन्यजीवों से बचाने पर विशेष फोकस है। जिन गांवों में जान-माल का खतरा है, वहां पिंजरे लगाने, सोलर लाइट और फेंसिंग के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। प्रशासन का लक्ष्य ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ उनकी फसल और बागवानी को भी वन्यजीवों से होने वाले नुकसान से बचाना है।
आगे पढ़ेंअगले आदेश तक पानीवाला बैंड पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक
देहरादून। देहरादून-मसूरी मार्ग पर स्थित पानीवाला बैंड के पास अधिक बारिश के कारण सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने के बाद सड़क की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने भारी वाहनों की आवाजाही पर अग्रिम आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया है। उप जिला मजिस्ट्रेट आदेश जारी किया है।
अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि पानीवाला बैंड पर अत्यधिक बारिश के कारण मार्ग पर पूर्व में निर्मित सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। दीवार क्षतिग्रस्त होने के चलते मार्ग भारी वाहनों के आवागमन के लिए असुरक्षित हो गया है।विभाग ने आशंका जताई है कि स्थिति में सुधार नहीं होने पर किसी भी समय अप्रिय घटना घट सकती है। रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए उप जिला मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद ने आमजन की सुरक्षा के दृष्टिगत मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन को अग्रिम आदेश तक प्रतिबंधित कर दिया है।आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी संबंधित विभागों और पुलिस को सौंपी गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को क्षतिग्रस्त मार्ग की तत्काल मरम्मत कराकर आमजन की आवाजाही के लिए सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, कोतवाली मसूरी और राजपुर थाना पुलिस को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। कोतवाली मसूरी को पानीवाला बैंड क्षेत्र में 24 घंटे आवश्यक पुलिस बल तैनात रखने को भी कहा गया है। भारी बारिश के बीच सड़क की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के इस निर्णय से फिलहाल भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहेगी। मार्ग की मरम्मत और सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही प्रतिबंध हटाने पर निर्णय लिया जाएगा।
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अनियंत्रित कार की टक्कर से गर्भवती महिला की मौत,दो घायल
देहरादून। कैनाल रोड के पास काठबंगला बस्ती पर सड़क पर महिला समेत तीन लोगो को एक कार ने अनियंत्रित होकर टक्कर मार दी। हादसे में उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो गई। मौके पर पहंुची पुलिस ने मृतक महिला के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक महिला गर्भवती बताई जा रही है। जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराकर कार चालक को हिरासत में लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार बीती देर रात राजपुर रोड क्षेत्र में काठबंगला बस्ती के पास कुछ लोग सड़क सड़क पर खड़े थे। तभी एक कार अनियंत्रित होकर आई और टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों महिलाएं सड़क पर जा गिरीं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने पांच माह की गर्भवती महिला को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरी महिला का उपचार चल रहा है। इस हादसे में दो महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। हादसे में महिला समेत दो लोग घायल हुए है। घटना की सूचना मिलते ही राजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार सवार दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जानकारी में दोनों युवकों के नशे की हालत में होने की बात सामने आई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच और मेडिकल परीक्षण के बाद होगी। राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने बताया कि हादसे में एक महिला की मौत हुई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महिला के शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
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तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर में तीन की मौत,छह घायल
हरिद्वार। जनपद के रुड़की क्षेत्र में बीती देर रात तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस भीषण हादसे में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गयी। जबकि छह अन्य घायल हो गए। जिन्हे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि टक्कर लगने के बाद चारों बाइकें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं, सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है और मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार पिरान कलियर कांवड़ पटरी मार्ग पर शुक्रवार देर रात चार मोटरसाइकिलें कांवड़ पटरी से गुजर रही थी, इसी दौरान चारों मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चारों बाइक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं।
वहीं हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसा होने के बाद मौके पर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। हादस की सूचना मिलते ही तत्काल पिरान कलियर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी और रुड़की सिविल लाइन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने राहगीरों की मदद से घायलों को उपचार के लिए 108 की मदद से रुड़की के सिविल अस्पताल पहुंचाया।
जहां पर अस्पताल के चिकित्सकों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि छह घायलों का उपचार शुरू किया गया, जिनमें से एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क हादसे में मृतकों की पहचान अयान (उम्र 18 वर्ष) पुत्र शहजाद निवासी बिझोली कोतवाली मंगलौर, राजू (उम्र 24 वर्ष) पुत्र कदम सिंह, और राजीव (उम्र 18 वर्ष) पुत्र मोल्हड सिंह निवासी रहमतपुर कोतवाली पिरान कलियर हुई है। वहीं हादसे में घायल आदित्य चंद्रा (उम्र 25 वर्ष) पुत्र सुरेंद्र निवासी खंजरपुर, गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें एम्स हॉस्पिटल के लिए रेफर किया गया है, अन्य घायलों का उपचार अस्पताल में चल रहा है।