प्रदेश में पत्रकारों की समस्याओं को हल करने हेतु 26 अगस्त 26 को उज्वल रेस्टोरेंट देहरादून में बैठक, पढ़ें सभी समाचार

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प्रदेश में पत्रकारों की समस्याओं को हल करने हेतु 26 अगस्त 26 को उज्वल रेस्टोरेंट देहरादून में 11 बजे से 1230 तक अहम बैठक बुलाई गई है।
आप सभी महान विभूति जनों से अनुरोध है कि आप अमूल्य सुझावों को दें और उस पर पर अक्षर लागू करने में सहयोग की करना चाहें।
सर्व प्रथम निर्वाचित उत्तराखंड सरकार के विकास पुरुष श्री नारायण दत तिवारी जी ने 450000 के विज्ञापन अखबार वालों को दिए थे वहीं उन्होंने एक करोड़ रुपए सालाना पत्रकार कल्याण कोष का राज्य गठन 2000 से 2003 में 3 करोड़ रुपए कल्याण कोष बना कर जमा किया है। बाकी मुख्यमंत्री लोगों ने उस रुपया का अपने लिए प्रयोग में लगाया पर उसे बढ़ाने का प्रयास नहीं किया इस से आप के कई संगठनों में होने पर आंकलन कर राज कर रहे हैं। जरा सोचो 
Mp, mla कर्मचियों का वेतन भत्ता दिन प्रतिदिन बढ़ा दिया है। हमारे अख़बारों की दर जस की तस्  कई वर्षों से है,
पेट्रोल 44 से 100 पार कर रहा है। आपको अखबार में औसतन 10 हजार और न्यूज पोर्टल में 9 हजार महीना का विज्ञापन दिया जा रहा है। इसके लिए समाधान निकाल कर सम्मान के साथ पत्रकारों के लिए काम करने का हमारा कार्य रहा है आप सभी साथियों से निवेदन है कि 10.30am पर बैठक में शामिल हो कर अपना सुझाव दीजिए।
और कार्यक्रम को सफ़ल बनाने में सहयोग कीजिए।
जीतमणि पैन्यूली संपादक एवं संयोजक
उत्तराखंड पत्रकार संगठन समन्यव समिति

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‎*समूह से मिली ताकत, योग से मिली पहचान—सुमन चमोली ने खड़ा किया सफल योग केंद्र*

‎*जिस योग को सीखा, उसी को बनाया रोजगार—सुमन की मेहनत और सरकारी सहयोग ने लिखी सफलता की कहानी*

‎*सूचना/टिहरी/23 अगस्त, 2026;*
‎मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार की योजनाओं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। जनपद टिहरी गढ़वाल में भी इन प्रयासों से महिलाएं स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ रही हैं। विकासखंड कीर्तिनगर की सुमन चमोली इसकी प्रेरणादायी मिसाल हैं।

‎सुमन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित महिला शक्ति स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और वर्तमान में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रही हैं। समूह से जुड़ने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति बड़े उद्यम की शुरुआत के लिए मजबूत नहीं थी। समूह से आर्थिक सहयोग और आत्मविश्वास मिलने के बाद उन्होंने अपनी योग शिक्षा को आजीविका का माध्यम बनाने का निर्णय लिया।

‎सुमन चमोली ने वर्ष 2024 में प्रथम सामुदायिक ऋण (सीसीएल) के रूप में 1.50 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त कर मढ़ी चौरास प्रज्ज्वल योग सेंटर की नींव रखी। इसके बाद वर्ष 2025 में 3 लाख रुपये के द्वितीय सीसीएल से योग केंद्र का निर्माण एवं विस्तार किया। इस तरह समूह से प्राप्त वित्तीय सहयोग को उन्होंने स्वरोजगार में निवेश कर एक स्थायी आजीविका का साधन विकसित किया।

‎एमए (योग) की शिक्षा प्राप्त सुमन चमोली आज अपने योग केंद्र में बेसिक से एडवांस स्तर तक योग का प्रशिक्षण दे रही हैं। वह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अब तक एक हजार से अधिक लोगों को योग का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। वर्तमान में योग प्रशिक्षण के माध्यम से वह लगभग 30 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रही हैं। अपने उद्यम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने एक अन्य योग शिक्षक को भी अपने साथ रोजगार दिया है, जिससे उनके साथ एक अन्य व्यक्ति को भी आजीविका का अवसर मिला है।

‎सुमन बताती हैं कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग लोगों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन और तनाव प्रबंधन में भी उपयोगी भूमिका निभा रहा है। योग के नियमित अभ्यास से लोग अपनी दिनचर्या में अनुशासन, एकाग्रता और बेहतर जीवनशैली को शामिल कर सकते हैं। उनके केंद्र में योगाभ्यास के माध्यम से लोगों को स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

‎सुमन चमोली कहती हैं कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ रहा। समूह के माध्यम से मिले आर्थिक सहयोग ने उनके सपने को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह कहती हैं कि यदि उन्हें समूह के माध्यम से आर्थिक सहायता और मार्गदर्शन नहीं मिला होता तो योग केंद्र स्थापित करने का उनका सपना इतनी आसानी से साकार नहीं हो पाता। उन्होंने स्वरोजगार और महिला सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तराखंड सरकार का आभार व्यक्त किया।

*‎महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका*

‎मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को केवल समूहों से जोड़ना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सुमन चमोली की सफलता यह दर्शाती है कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे वित्तीय सहयोग का सही उपयोग कर महिलाएं अपने हुनर को सफल उद्यम में बदल सकती हैं।

‎उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सुमन चमोली जैसी महिलाओं की सफलता अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि सही अवसर, मेहनत और सरकारी सहयोग से ग्रामीण महिलाएं सफल उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

‎सुमन चमोली की सफलता सरकारी योजनाओं और महिला के हुनर व मेहनत के बेहतर समन्वय का उदाहरण है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों से ग्रामीण महिलाएं अब स्वयं रोजगार प्राप्त करने के साथ ही दूसरों को भी रोजगार देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

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‎*प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के वंचित परिवारों की शिकायतों की सुनवाई 25 एवं 27 अगस्त को*

‎*सूचना/टिहरी/23 अगस्त, 2026;*
‎जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत पात्रता सूची में नाम शामिल किए जाने, नाम हटाए जाने, प्राथमिकता क्रम तथा विकासखंड स्तर पर की गई कार्रवाई से असंतुष्ट लाभार्थियों की शिकायतों एवं आपत्तियों के निस्तारण के लिए जिलास्तरीय अपीलीय समिति का गठन किया गया है।

समिति संबंधित लाभार्थियों की शिकायतों एवं अपीलों की सुनवाई कर उनका निस्तारण करेगी।

‎जिलास्तरीय अपीलीय समिति में परियोजना निदेशक, डीआरडीए टिहरी गढ़वाल सुश्री ज्योति, जिला विकास अधिकारी/सहायक परियोजना निदेशक, डीआरडीए टिहरी गढ़वाल श्री मोहम्मद असलम तथा गैर-सरकारी सदस्य के रूप में प्रमुख क्षेत्र पंचायत चम्बा श्रीमती सुमन सजवाण को शामिल किया गया है। विकासखंड स्तर पर प्राप्त निस्तारण से असंतुष्ट अथवा योजना की पात्रता सूची से हटाए गए लाभार्थी अपनी शिकायत/अपील समिति के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

‎आवास प्लस सर्वे-2024 के अनुसार जनपद टिहरी गढ़वाल में कुल 7,593 परिवारों का चिन्हांकन किया गया है। ग्राम सभा के प्रस्ताव के अनुसार पीडब्ल्यूएल में 7,336 पात्र लाभार्थी शामिल हैं, जबकि 230 लाभार्थियों को अपात्र पाया गया है। ग्राम सभा के निर्णय के आधार पर प्राप्त 04 आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है।

‎विवादित मामलों के अंतर्गत ऐप द्वारा अयोग्य पाए गए लाभार्थियों की कुल संख्या 1,896 है। अपात्र पाए गए लाभार्थियों के संबंध में 316 आपत्तियां दर्ज की गईं, जिनका निस्तारण किया जा चुका है। इनमें से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के मानकों के अनुसार 303 लाभार्थियों को पात्रता की श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इसके अतिरिक्त सर्वे में छूटे 1,681 लाभार्थियों का विवरण भी उपलब्ध है।

‎जिलास्तरीय अपीलीय समिति द्वारा संबंधित लाभार्थियों की *शिकायत/अपील की सुनवाई 25 एवं 27 अगस्त 2026 को विकास भवन,* टिहरी गढ़वाल में की जाएगी। संबंधित लाभार्थियों से अनुरोध किया गया है कि वे निर्धारित तिथियों में स्वयं उपस्थित होकर अपनी शिकायत/अपील समिति के समक्ष प्रस्तुत करें तथा अपने पक्ष के समर्थन में उपलब्ध आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज साथ लेकर आएं।

आगे पढ़ेंकिंग ऑफ उत्तराखंड जग्गा समेत चार गिरफ्तार


ऋषिकेश। ऋषिकेश में ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली व लोगों को धमकाने के आरोप में किंग ऑफ उत्तराखंड नाम से चर्चित जगजीत सिंह जग्गा समेत चार लोगों के खिलाफ ऋषिकेश पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जगजीत सिंह व अन्य दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है।
ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि जगजीत सिंह पर लंबे समय से भूमि व पारिवारिक विवादों में लोगों को डरा-धमकाकर उनके साथ मारपीट, अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग जैसे संगठित अपराधों में लिप्त होने के आरोप लगते रहे हैं।कई लोगों की वीडियो बनाकर फंसाकर वीडियो वायरल करने व अनावश्यक दबाव बनाने की भी शिकायत मिली हैं। जगजीत संगठित रूप से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।कहा कि जगजीत के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। जगजीत खुद को किंग ऑफ उत्तराखंड के नाम से भी पुकारवाता था। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर ऋषिकेश पुलिस ने जगजीत सिंह जग्गा और तीन सहयोगियों के खिलाफ गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया।उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि व संदिग्ध गतिविधियों से आमजन में उत्पन्न भय और सुरक्षा के मद्देनजर एसएसपी देहरादून के निर्देश पर आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए रिपोर्ट दी गई, जिसे सक्षम न्यायालय से मंजूरी मिलने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। कहा कि जगजीत व उसके सहयोगियों के खिलाफ वर्ष 2016 से 2026 के बीच कुल 11 अभियोग पंजीकृत हैं।
गिरफ्तार आरोपितों में जगजीत उर्फ जग्गा (39) पुत्र हरविंद्र सिंह निवासी मायाकुंड, चंद्रेश्वर मार्ग ऋषिकेश, प्रणव उर्फ राघव बत्रा (20) पुत्र स्व. अश्वनी बत्रा निवासी गली नं-19, मंडी वाली गली, सोमेश्वर नगर, ऋषिकेश व दीपेश कुमार (27) पुत्र स्व.चरण नाथ निवासी कृष्णानगर कालोनी, आइडीपीएल ऋषिकेश हैं। जबकि, रवि गुप्ता पुत्र सुरेश चंद्र निवासी शिवाजी नगर की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है।
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सहस्त्रधारा में नहाने के दौरान डूबा दिल्ली का पर्यटक, शव बरामद

देहरादून। रविवार सुबह सहस्त्रधारा में नहाने के दौरान तेज बहाव की चपेट में आकर दिल्ली का एक पर्यटक डूब गया। एसडीआरएफ ने सघन सर्च अभियान चलाकर शव को घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर पांडव वाला पुल के पास बरामद कर लिया। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह आपदा कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि सहस्त्रधारा क्षेत्र में स्नान के दौरान एक व्यक्ति पानी के तेज बहाव में बह गया है। सूचना मिलते ही सहस्त्रधारा स्थित एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई।मौके पर पहुंची टीम ने परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली और संभावित स्थानों पर सर्च अभियान शुरू किया। जवानों ने नदी के बहाव वाले क्षेत्रों में गहन तलाश की। लगातार प्रयास के बाद टीम को सहस्त्रधारा झरने से करीब दो किलोमीटर दूर पांडव वाला पुल के पास व्यक्ति का शव मिला।मृतक की पहचान नौथ राम (लगभग 50 वर्ष), निवासी दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
आगे पढ़ेंकरंट लगने से लाइन मैन की मौत
नैनीताल। कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में बिजली की लाइन ठीक करने के दौरान  बैलपड़ाव विद्युत सब स्टेशन में संविदा कर्मी 25 वर्षीय चंद्रभान की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार मृतक चंद्रभान निवासी धमोला कालाढूंगी, बैलपड़ाव विद्युत सब स्टेशन में ठेकेदारी के तहत कार्य करता था। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह गैबुआ क्षेत्र में बिजली की लाइन में खराबी आ गई थी, खराबी को ठीक करने के लिए चंद्रभान बिजली के पोल पर चढ़ा हुआ था। इसी दौरान वह पोल के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आ गया।
करंट लगने के बाद चंद्रभान पोल से नीचे गिर गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में उसे उपचार के लिए रामनगर के रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मामले को लेकर बिजली विभाग के जेई मनोहर सिंह ने बताया कि, हादसा शटडाउन की प्रक्रिया पूरी होने से पहले कर्मचारी के पोल पर चढ़ जाने के कारण हुआ। उनके अनुसार नीचे मौजूद कर्मचारी शटडाउन लेने की प्रक्रिया में था। लेकिन उससे पहले ही चंद्रभान पोल पर चढ़ गया। इसी दौरान उसके सिर के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की लाइन से संपर्क हो गया और करंट लगने के बाद वह नीचे गिर गया।
पुलिस का कहना है कि, हादसे की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है। शव का पोस्टमॉर्टम कराने की कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। फिलहाल पुलिस और विभागीय स्तर पर मामले की कार्रवाई जारी है।
आगे पढ़ेंगाड़ी हटाने को लेकर भिड़े दो पक्ष, पिस्टल दिखाकर धमकाने का आरोप, 3 गिरफ्तार
देहरादून। प्रेमनगर क्षेत्र में एक हाॅस्टल के पास गाड़ी हटाने को लेकर हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट और हथियार दिखाने तक पहुंच गया। मौके पर पहंुची पुलिस ने मौके से लाइसेंसी 32 बोर पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, डंडा और फॉर्च्यूनर कार बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
21 अगस्त की रात कंट्रोल रूम से एक हॉस्टल के पास कुछ लोगों के बीच मारपीट और हुड़दंग की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही प्रेमनगर पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में सड़क पर एक बस और फॉर्च्यूनर कार खड़ी दिखाई दी। दोनों वाहनों के पास दो व्यक्ति आपस में झगड़ते नजर आए। एक के हाथ में डंडा था, जबकि दूसरे के हाथ में पिस्टल दिखाई दे रही थी। जांच में एक व्यक्ति की पहचान झाझरा निवासी गौरव के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। गौरव ने बताया कि वह एक निजी शिक्षण संस्थान की बस चलाता है और रात में मांडूवाला स्थित अपने घर जा रहा था। हॉस्टल के पास फॉर्च्यूनर चालक सड़क पर हाई बीम लाइट के साथ वाहन खड़ा किए था। हॉर्न देने के बावजूद वाहन नहीं हटाने पर विवाद शुरू हुआ।
विवाद बढ़ने पर गौरव ने बस से डंडा निकालकर फॉर्च्यूनर चालक पर वार कर दिया। इसी दौरान फॉर्च्यूनर चालक का एक साथी भी मौके पर पहुंच गया। आरोप है कि इसके बाद दोनों ने पिस्टल दिखाकर गौरव को धमकाया और उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट की। गौरव से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने फॉर्च्यूनर सवार दोनों व्यक्तियों की पहचान नीरज राजपूत और मनीष नेगी के रूप में की। दोनों के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने अस्पताल परिसर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने नीरज राजपूत के नाम पर लाइसेंसी पिस्टल बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, इसी पिस्टल को घटना के दौरान बस चालक को दिखाकर धमकाने का प्रयास किया गया था। तीनों आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर मारपीट, हुड़दंग कर शांति व्यवस्था भंग करने, घातक हथियार का प्रदर्शन करने और लाइसेंसी पिस्टल के दुरुपयोग के आरोप में थाना प्रेम नगर में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सनसनीखेज हत्याकांडः बेटी ने सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड की तो पिता ने कर दी हत्या
हरिद्वार। मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के बह्मपुर जट गांव निवासी एक महिला ने पति एवं उसके दोस्त पर बेटी का अपहरण कर उसकी हत्या करने आरोप लगाया है।
महिला ने आरोप लगाया कि पति बेटी के द्वारा फोटो इंटरनेट मीडिया पर अपलोड किए जाने से आग बबूला था। इसलिए उसने हत्या की है। वहीं पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी है। पुलिस का कहना कि मामले की जांच की जा रही है।
मंगलौर कोतवाली के ब्रह्मपुर जट गांव निवासी रीटा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी सबसे छोटी बेटी तन्नू (13) अपने मामा के यहां गांव कल्लरपुर कछौल्ली जिला मुजफ्फरनर गयी थी।
करीब डेढ़ माह मामा के यहां रहने पर बेटी घर पर आ गई। इसके साथ ही उसका पति धनेश्वर उर्फ तोता बेटी पर शक करने लगा कि वह किसी लड़के से बात करती है। 16 अगस्त को बेटी ने पिता के इंटरनेट एकाउंट पर अपना फोटो अपलोड कर दिया। उसी दिन शाम को पति और उसका दोस्त आशीष रात में घर आये, दोनों जमकर शराब पी। इसके बाद घर पर ले गए।रात में नशा कम होने पर पति ने इंटरनेट मीडिया एकाउंट पर बेटी की फोटो देखी तो आग बबूला हो गया। अगले दिन सुबह चार बजे पति धनेश्वर उर्फ तोता और उसका दोस्त आशीष उर्फ घोल्ला निवासी ब्रहमपुर जबरदस्ती तन्नू को घर से ले जाने लगे। आवाज सुनकर वह और उसकी बेटी बेटी राधिका उठ गई। उन्होंने रोकने की कोशिश की तो वह मारपीट किर बेटी को जबरदस्ती बाइक से ले गए।जाते समय पति ने कहा कि बेटी ने बदनाम कर दिया हैं। इसको जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा। लगभग एक घंटे बाद दोनों वापस आ गए। जब उन्होंने बेटी के बारे में पूछा तो पति ने कहा कि बेटी बदनाम करती थी, इसलिए उसे मार दिया है। साथ ही तमंचा दिखाते हुये धमकी दी कि यदि इस बारे में किसी को कुछ बताया तो जान से मार दिया जाएगा।
पत्नी ने आरोप लगाया कि उसका पति आपराधिक किस्म का व्यक्ति है उस पर पहले भी कही मुकदमें दर्ज है। जिस कारण वह डरी हुयी है। बेटी का कुछ पता नहीं है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवान महर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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पुलिस ने की सख्ती ,सात हॉस्टल संचालकों को नोटिस, एक का चालान, अनावश्क घूम रहे 17 छात्र हिरासत में


देहरादून। दून पुलिस ने पढ़ाई की आड में हुडदंग करने वाले छात्र-छात्राओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार की देर रात पुलिस की अलग-अलग टीमों ने प्रेमनगर और पटेलनगर में हॉस्टल और पीजी में अभियान चलाया। इस दौरान अनियमितता मिलने पर सात संचालकों को नोटिस देकर एक का चालान किया गया। इसके साथ ही अनावश्यक घूम रहे 17 छात्रों को हिरासत में लिया गया।
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के निर्देशों पर पुलिस की अलग-अलग टीम प्रेमनगर और पटेलनगर क्षेत्र में स्थित हॉस्टल, पीजी में चेकिंग के लिए पहुँची। इस दौरान पुलिस ने हॉस्टल और पीजी के संचालको को सीसीटीवी कैमरे लगवाने की हिदायत दी। इसके साथ ही प्रतिष्ठान में रहने वाले छात्र, छात्राओं का सत्यापन करने के निर्देश दिए।पुलिस ने चेतावनी दी कि संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों में निवासरत छात्र, छात्राओं के प्रवेश की समयसीमा रात 10 बजे निर्धारित की जाए। हॉस्टल में आने वाले बाहरी व्यक्तियों को सत्यापन के बाद ही उन्हें अनुमति देने और आने-जाने वाले व्यक्तियों का सम्पूर्ण ब्यौरा अपने पास सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।इस दौरान हॉस्टल में अनियमितता मिलने पर सात संचालको को नोटिस दिए गए और एक संचालक का 83 पुलिस एक्ट के तहत चालान किया। अन्य संचालकों को भी तय समय सीमा के अंदर सभी अनियमितताओं को दूर करने की हिदायत दी गई।पुलिस ने संचालकों को चेतावनी दी कि उनके प्रतिष्ठान में रहने वाले छात्र, छात्राओं के रात में अनावश्यक बाहर जाने की अनुमति न दी जाए। यदि कोई बाहर घूमते मिला, किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता या प्रतिष्ठानों में छात्रों द्वारा नशीले पदार्थो के सेवन से सम्बन्धित किसी भी शिकायत पर छात्र के साथ-साथ संचालक के विरूद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
आगे पढ़ेंदोस्त के दफ्तर में युवक की मौत, परिवार ने लगाया हत्या का आरोप
देहरादून। शनिवार देर रात रायपुर के रक्षा विहार में  दोस्त के कार्यालय में हुए किसी विवाद में एक युवक की मौत हो गई। मौके से दोस्त ही घायल को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।परिजनों ने दोस्तों पर धारधार हथियार से हत्या करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि दोस्तों ने घटनास्थल से साक्ष्य भी मिटाए। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
शनिवार की देर रात रायपुर निवासी युवक इफ्तकार अपने कुछ दोस्तों के साथ युवक अनस के कार्यालय में था। इसी दौरान आधी रात को कुछ विवाद हुआ और युवक इफ्तकार घायल हो गया। घायल अवस्था में साथ में मौजूद दोस्त उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई।सूचना पर परिजन पहुंचे तो उन्होंने दोस्तों पर युवक की हत्या करने के आरोप लगाये है। मृतक के भाई अनस ने आरोप लगाते हुए कहा कि दोस्तों ने विवाद में उसके भाई की धारधार हथियार से हत्या की है। घटनास्थल पर सभी साक्ष्य भी मिटाए गए है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।मृतक इफ्तकार तीन भाई और उसकी छह बहने है। भाइयो में मृतक सबसे छोटा है और इंदिरा मार्किट में कपड़े की दुकान चलाता है। शनिवार रात को वह दुकान से आकर घर के पास ही दोस्त अनस के कार्यालय में चला गया था।
आगे पढ़ेंकार खाई में गिरकर पेड़ से अटकी, रातभर फंसे रहे कार सवार

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देहरादून। शनिवार देर रात मसूरी में दूधली मार्ग पर  दिल्ली नंबर की निजी कार रास्ता भटकने के बाद दूधली मार्ग पर  बरसात में सड़क पर बनी फिसलन के कारण अनियंत्रित होकर सड़क से खाई में जा गिरी। जिसके बाद कार खाई में गिर कर एक पेड़ से अटक गई। यही पेड़ दो युवकों के लिए जिंदगी और मौत के बीच दीवार बन गया। हादसे में दोनों युवकों को हल्की चोटें आईं। घटना की सूचना पर मसूरी पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच पर जुट गई, वहीं घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय भेजा गया। जहां पर उनका उपचार किया जा रहा है।
दूधली गांव निवासी रोशनी वर्मा के मुताबिक, रात में रास्ता भटकने के कारण दोनों युवक कार लेकर दूधली मार्ग पर पहुंच गए थे। ढलान वाले मार्ग पर फिसलन के कारण अचानक कार अनियंत्रित हुई और सड़क से बाहर चली गई। कार कुछ दूरी आगे जाकर पेड़ पर अटक गई। जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
हादसे के बाद दोनों युवक रातभर मौके पर ही पड़े रहे। सुबह स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी। कार को पेड़ पर अटका देखकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, क्योंकि वाहन जिस स्थिति में था, उससे हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता था।
स्थानीय लोगों की मांगरू ग्रामीणों ने दूधली मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क कई स्थानों पर बेहद ढलानदार है। बरसात में फिसलन बढ़ जाती है, लेकिन कई संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा रेलिंग नहीं लगी है। ऐसे में वाहन अनियंत्रित होने पर सीधे खाई में जाने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे में पेड़ ने भले ही दो जिंदगियां बचा ली, लेकिन हर बार सुरक्षा के लिए किस्मत या पेड़ के भरोसे नहीं रहा जा सकता।
संबंधित विभाग को मार्ग के संवेदनशील हिस्सों पर सुरक्षा रेलिंग लगाने के साथ सड़क की स्थिति सुधारने और बरसात में फिसलन वाले स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि किसी बड़े हादसे से पहले इस मार्ग का सुरक्षा ऑडिट कराकर जरूरी सुधार किए जाएं।
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शराब कैंटीन संचालक हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद गिरफ्तार
हरिद्वार। जिले के रुड़की सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र के ढंडेरा में शराब कैंटीन संचालक अमन की हत्या के बाद पुलिस टीमें लगातार हत्यारोपियों की तलाश में जुटी रही। इसी क्रम में शनिवार देर रात नगला इमरती क्षेत्र में बाइक सवार तीन बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग के जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह घायल हो गया. जबकि उसके दो अन्य साथी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए. घायल बदमाश को उपचार के लिए रुड़की के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि पुलिस फरार हुए उसके अन्य साथियों की तलाश में लगातार कॉम्बिंग करती रही, जिसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।
शुक्रवार देर रात सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र के ढंडेरा में 26 वर्षीय शराब कैंटीन संचालक अमन की बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद पुलिस ने हत्यारोपियों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर उनकी तलाश तेज कर दी गई थी। उधर, मुठभेड़ की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया, जिसके बाद मौके से फरार हुए बदमाशों की तलाश में पुलिस टीमों ने आसपास के इलाके में कांबिंग अभियान शुरू कर दिया। साथ ही पुलिस ने घायल बदमाश को उपचार के लिए रुड़की के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल बदमाश की पहचान सौरभ पुत्र देशराज निवासी ढंडेरा के रूप में हुई है जो अमन हत्याकांड का मुख्य आरोपी है।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सौरभ ने अमन हत्याकांड में खुद समेत तीन लोगों के शामिल होने की बात बताई है। हालांकि पुलिस टीम फरार हुए उसके अन्य साथियों की लगातार कॉम्बिंग करती रही, जिसके बाद पुलिस टीम ने मुठभेड़ में फरार दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के नाम अर्पित सैनी (उम्र 19 वर्ष) पुत्र कुलबीर सैनी निवासी ग्राम ठसका कोतवाली मंगलौर और दीप यादव (उम्र 19 वर्ष) पुत्र जोगिंदर यादव निवासी माता वाला हसन बाग कस्बा लंढौरा कोतवाली मंगलौर है।
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गुलदार के लिए लगाए गए पिंजरे में कैद हुआ शावक,पूरे इलाके में दहशत
अल्मोड़ा। भैंसियाछाना ब्लॉक के बाड़ेछीना स्थित छानी गांव में बीते रोज गए ग्रामीण पर गुलदार के हमले के बाद वन विभाग ने पिंजरा लगा दिया था। जिससे कि उसमें गुलदार कैद हो सके। किन्तु लगाए गए पिंजरे में गुलदार का शवक कैद हो गया। इस दौरान शावक की मां भी क्षेत्र में घूमती देखी गयी। जिसके बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहोल बन गया। गांव के लोगों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर तुरंत शावक को कैद से आजाद कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। वहीं तेंदुए के लिए क्षेत्र में पिंजरा लगाया है।
बीते दिनों अपने घर से दुकान की ओर जा रहे दीवान सिंह पर घात लगाए बैठे एक तेंदुए ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। तब वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से घायल को उपचार के लिए अल्मोड़ा जिला अस्पताल पहुंचाया था। इसके बाद अलर्ट मोड़ पर आए वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर तेंदुए की सक्रियता जानने को ट्रैप कैमरे लगाए गए। इसके साथ ही तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए गए। लेकिन घटना के बाद देर शाम तेंदुए तो नहीं लेकिन एक चार माह का शावक जरूर पिंजरे में फंस गया। शावक के पिंजरे में कैद होने की खबर फैलते ही वहां लोगों की भारी भीड़ जुट गई। यह शावक लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना गया। लोगों ने पिंजरे में कैद शावक का वीडियो बना कर इस सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। लंबे समय तक शावक कैद से आजाद होने की जद्दोजहद करता रहा। लेकिन वह इसमें नाकाम साबित हुआ। सूचना मिलते हुए वन विभाग की टीम फौरन मौके पर पहुंची। जहां वन कर्मियों की शावक का रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। वहीं गुलदार की धमक से स्थानीय लोग खौफजदा है और घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों को झुंड में निकलने की अपील की है।

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108 (तलवार) शस्त्र से भगवती का अर्चन किया गया , आने वाले दिनों में गौरक्षा के लिए इन शस्त्रों के प्रयोग की आवश्यकता पड सकती है ।

चातुर्मास्य व्रत के अन्तराल में नित्य प्रति पांचो समय की महापूजा के अनन्तर विभिन्न द्रव्यों से नित्य अर्चन सम्पन्न होता है ।

श्रावण शुक्ल एकादशी को सायं पूजा के समय ये शस्त्र देवी को समर्पित किए गए ।

ये शस्त्र रक्षा के लिए है, इसका प्रयोग सदा बचाने के लिए किया जाएगा ।

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