आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के लिए विश्व बैंक जारी रखेगा सहयोग जानिए सभी समाचार

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आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के लिए विश्व बैंक जारी रखेगा सहयोग-डोनोहोई *

*वल्र्ड बैंक की टीम ने किया यूएसडीएमए का भ्रमण, आपदा न्यूनीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सराहा*
देहरादून। विश्व बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ नॉलेज ऑफिसर श्री पास्कल डोनोहोई ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है और आपदा जोखिम न्यूनीकरण की दिशा में राज्य द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण के लिए विश्व बैंक आगे भी अपना पूरा सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आपदा जोखिम को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अध्ययन और मजबूत संस्थागत क्षमता का निरंतर विकास आवश्यक है।
विश्व बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ नॉलेज ऑफिसर श्री पास्कल डोनोहोई के नेतृत्व में विश्व बैंक की हाई लेवल टीम ने बुधवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) का भ्रमण किया। इस दौरान टीम ने आपदा प्रबंधन एवं आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में विश्व बैंक के सहयोग से संचालित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की तथा राज्य में किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
भ्रमण के दौरान श्री पास्कल डोनोहोई ने विश्व बैंक पोषित विभिन्न योजनाओं एवं यूप्रीपेयर परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों तथा विशेष रूप से उत्तराखण्ड में भूस्खलन न्यूनीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अपनाई जा रही तकनीकों, जोखिम न्यूनीकरण के उपायों तथा इस दिशा में राज्य के सामने आ रही प्रमुख चुनौतियों के बारे में भी जानकारी ली। विश्व बैंक की टीम ने यूप्रीपेयर परियोजना के तहत अत्याधुनिक भूकंपरोधी एवं बेस आइसोलेशन तकनीक से निर्मित यूएसडीएमए भवन का भी मुआयना किया। टीम ने भवन में अपनाई गई आधुनिक तकनीकों और आपदा प्रतिरोधी निर्माण की सराहना की। टीम को भवन की संरचनात्मक विशेषताओं तथा भूकंप जैसी आपदाओं के दौरान इसकी सुरक्षा क्षमता के बारे में भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने उत्तराखण्ड में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए विश्व बैंक की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्व बैंक की टीम को यूएसडीएमए द्वारा आपदा प्रबंधन, जोखिम न्यूनीकरण, क्षमता निर्माण और तकनीकी सुदृढ़ीकरण के क्षेत्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्व बैंक के सहयोग से उत्तराखण्ड में 36 पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही आपदा शेल्टर का निर्माण, अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद तथा स्लोप स्टैबिलाइजेशन से संबंधित कार्य भी किए जा रहे हैं।
इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के विभिन्न विभागों की आपदाओं से निपटने की क्षमता को मजबूत किया जा रहा है और आपदा के दौरान त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय एवं आपदा संवेदनशील राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित एवं मजबूत बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। विश्व बैंक की टीम ने यूएसडीएमए द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी वित्तीय सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस अवसर पर विश्व बैंक से श्री जोहान्स जट्ट, रीजनल वाइस प्रेसिडेंट, श्री प्रकाश चंद्र, एसीईओ (प्रशासन), श्री राज कुमार नेगी, एसीईओ (ऑपरेशंस), श्री दिनेश चंद्र पुनेठा, जेसीईओ, श्री डी. दयानंद, चीफ इंजीनियर, पीआईयू-पीडब्ल्यूडी, सुश्री जोहाना मारिया ग्राडी, सुश्री सौम्या कपूर मेहता, सीनियर इकोनॉमिस्ट तथा सुश्री शिल्पा बनर्जी, एक्सटर्नल अफेयर्स ऑफिसर, श्री एस.के. बिरला, एपीडी (टेक्निकल), यू-प्रिपेयर, डॉ. शांतनु सरकार, निदेशक, यूएलएमएमसी, श्री संजय सिन्हा, सीएमई, पीआईयू-पीडब्ल्यूडी, डॉ. मोहित पूनिया, डीपीएम,पीआईयू-यूएसडीएमए, डॉ. पी.डी. माथुर, सीनियर डीआरएम एक्सपर्ट, पीआईयू-यूएसडीएमए, डॉ. पूजा राणा, डाॅ. पूजा कसारिया आदि उपस्थित रहे।

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टिहरी गढ़वाल, 26 अगस्त 2026

*रीप परियोजना के तहत चंबा क्षेत्र में आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण*

जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल के निर्देशों के क्रम में परियोजना निदेशक ज्योति (आईएएस प्रशिक्षु) एवं जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान (REAP) ब्रह्मा कांत भट्ट द्वारा विकासखंड चंबा में क्षेत्र भ्रमण कर परियोजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों, सामुदायिक संस्थाओं एवं व्यवसायिक इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान संबंधित टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं सुझाव भी दिए गए।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान अभिनंदन आजीविका स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित Food Cart का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने फूड कार्ट में संचालित गतिविधियों एवं Tiffin Service की जानकारी लेते हुए कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। विशेष रूप से टिफिन सेवा की गुणवत्ता में सुधार तथा गतिविधि को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए।

इसके पश्चात FPO कार्यालय एवं अभिनंदन CLF कार्यालय का निरीक्षण किया गया। कार्यालय स्तर पर संचालित गतिविधियों, संबंधित कार्यों तथा आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली गई। अभिनंदन CLF द्वारा संचालित डेयरी फार्मिंग गतिविधि का भी स्थलीय निरीक्षण कर किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया गया तथा गतिविधि को और अधिक प्रभावी एवं टिकाऊ बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

क्षेत्र भ्रमण के अगले चरण में हेवलघाटी CLF द्वारा संचालित Way Side Eatery, कृषि व्यवसाय केंद्र भंडारगांव, Blueberry Farming तथा ग्राम गुनोगी में संचालित गतिविधियों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान विभिन्न आजीविका गतिविधियों की स्थिति, संचालन एवं भविष्य में उनके विस्तार की संभावनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।

परियोजना निदेशक एवं जिला परियोजना प्रबंधक द्वारा संबंधित टीमों को गतिविधियों की गुणवत्ता, नियमित संचालन, बेहतर प्रबंधन एवं अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। साथ ही Food Cart की Tiffin Service को और बेहतर एवं व्यवस्थित बनाने तथा सेवा की गुणवत्ता में सुधार करने पर विशेष जोर दिया गया।

इसी क्रम में FPO स्टाफ को निर्देशित किया गया कि 10 सितंबर तक सभी CLF से अधिक उत्पादन वाली फसलों का डेटा एकत्रित किया जाए। एकत्रित डेटा के आधार पर उत्पादों की उपलब्धता एवं आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए FPO अंतर्गत विभिन्न उत्पादों की सूची तैयार करने तथा उपयुक्त उत्पादों के चयन, संग्रहण एवं आगे की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त डेयरी फार्मिंग गतिविधि के निरीक्षण के दौरान रानी SHG से संबंधित गतिविधियों का भी अवलोकन किया गया। परियोजना निदेशक द्वारा रानी SHG को ब्लॉक स्तर पर गोबर एवं प्लांट उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए SHG की आजीविका गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान विभिन्न गतिविधियों के संचालन से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई तथा संबंधित टीमों को कार्यों की नियमित निगरानी, बेहतर समन्वय एवं समयबद्ध रूप से दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही परियोजना के अंतर्गत संचालित आजीविका गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा समुदाय को बेहतर लाभ उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

क्षेत्र भ्रमण एवं निरीक्षण के दौरान ब्लॉक टीम रीप, अभिनंदन सीएलफ टीम, हवालघाटी सीएलफ टीम उपस्थित रही।

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‎*छात्राओं ने पेड़ों को राखी बांधकर लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प*

/टिहरी/26 अगस्त, 2026* रक्षा बंधन के दृष्टिगत जौनपुर विकासखंड के राजकीय इंटर कॉलेज दोंक की छात्राओं ने पेड़ों को राखी बांधकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। छात्राओं ने पौधों को राखी बांधने के साथ उन्हें गले लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

‎कार्यक्रम संयोजक संजय प्रकाश सेमवाल ने कहा कि यदि हम अपनी परंपराओं को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़कर आगे बढ़ाएं, तो इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में परंपराओं के प्रति सकारात्मक सोच भी विकसित होगी।

‎इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने आशीष सगाई एवं इन्दु सैनी के मार्गदर्शन में नागराजा मंदिर के समीप नक्षत्र वाटिका का निर्माण भी किया। वाटिका में 27 नक्षत्रों के प्रतीक स्वरूप आंवला, बांस, पलाश, बेल, अर्जुन, नींबू आदि प्रजातियों के 27 पौधे लगाए गए।

‎प्रधानाचार्य राम औतार ने सभी को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम अपने परिवेश को तभी बेहतर बना सकते हैं, जब अपनी परंपराओं को आधुनिकता एवं प्रासंगिकता के अनुरूप मनाएं।

‎इस अवसर पर हेड गर्ल स्वाति सहित प्रियंका, सरस्वती, बबीता, अनिल एवं रंजना आदि उपस्थित रहे।

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‎*रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर्व के दृष्टिगत खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, 09 नमूने जांच के लिए संग्रहित*

‎*पनीर, मिठाई, तेल एवं नमकीन-चिप्स समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच*

‎/टिहरी/26 अगस्त, 2026* रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर्व के मद्देनजर जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के तहत ढालवाला क्षेत्र में विभिन्न खाद्य पदार्थों के 09 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।

‎अभियान के दौरान पनीर का 01, खाद्य तेल का 01, मिठाई के 04 तथा नमकीन-चिप्स के 03 नमूने लिए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा ढालवाला क्षेत्र में खाद्य निर्माण इकाइयों का सघन निरीक्षण किया गया, जिसमें अनियमितता पाए जाने पर एक सुधार नोटिस जारी किया गया।

‎सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा प्रमोद रावत ने बताया कि पर्व के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं मानकयुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य प्रतिष्ठानों एवं निर्माण इकाइयों की लगातार निगरानी की जा रही है। खाद्य पदार्थों के मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

‎जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा को लेकर नियमित जांच करने तथा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

‎निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्रनगर बलवंत चौहान तथा जिला प्रशासन की ओर से कानूनगो राय सिंह उपस्थित रहे।

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क्या इस सृष्टि में वास्तव में कोई सूक्ष्म या अदृश्य जगत (Sukshma Jagat) विद्यमान है? यदि हाँ, तो एक सामान्य मनुष्य उसकी उपस्थिति को कैसे अनुभव और प्रमाणित कर सकता है?

इस गहन एवं चिंतनशील संवाद में जानिए कि कैसे आधुनिक विज्ञान — नैनो टेक्नोलॉजी, वायरलेस तरंगें और अदृश्य ऊर्जा के सिद्धांत — उसी सूक्ष्म वास्तविकता की ओर संकेत करते हैं, जिसे हमारे ऋषियों ने हजारों वर्ष पूर्व अपनी साधना द्वारा अनुभूत किया था।

वीडियो में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किस प्रकार एक साधक निरंतर साधना, आत्मशुद्धि और निष्पक्ष आत्म-विश्लेषण (Self-Analysis) के माध्यम से अपने अंतःकरण को इतना पवित्र बना लेता है कि दिव्य चेतनाएँ, ऋषि-सत्ताएँ और सूक्ष्म शक्तियाँ स्वयं उसे अपना माध्यम बनाने के लिए आकर्षित होती हैं — चाहे वे स्थूल शरीर में उपस्थित न भी हों।

इस वीडियो में आप जानेंगे:

• सूक्ष्म जगत और आधुनिक विज्ञान के बीच अद्भुत सामंजस्य।
• दिव्य उपस्थिति के प्रारंभिक संकेत — नासिका, गंध और चेतना का रहस्य।
• सबसे महत्वपूर्ण साधना: निष्पक्ष आत्म-विश्लेषण।
• ऋषि चेतना और दिव्य शक्तियों को आकर्षित करने की वास्तविक शर्त — ‘पात्रता’।
• कैसे चेतना का विज्ञान (Science of Consciousness) हमारे जीवन, विचार और अनुभूति को पूर्णतः परिवर्तित कर सकता है।

यदि आप अध्यात्म, चेतना और अदृश्य शक्तियों के रहस्य को गहराई से समझना चाहते हैं, तो इस वीडियो को अंत तक अवश्य देखें।

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मुख्यमंत्री को प्रदेशभर से आई बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र*

*मुख्यमंत्री ने बहनों का जताया आभार, रक्षा बन्धन की दी शुभकामनाएं*

*महिला सशक्तीकरण के लिए केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का धरातल पर मिल रहा लाभ — मुख्यमंत्री*

*महिलाओं को आत्मनिर्भर और ,lसशक्त बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को बुधवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेशभर से आई बहनों ने रक्षा सूत्र बांधा तथा उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने बहनों का आत्मीयता से स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया और सभी प्रदेशवासियों को रक्षा बन्धन की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा बन्धन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पावन पर्व है। प्रदेश की मातृशक्ति और बहनों का स्नेह एवं आशीर्वाद उन्हें उत्तराखण्ड की सेवा तथा राज्य के विकास के लिए निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि हमारी मातृशक्ति परिवार की मजबूत आधारशिला होने के साथ ही समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी अनेक योजनाओं से महिलाओं और बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण और स्वावलंबन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार की सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए अवसर बढ़ाने के साथ ही उनके आर्थिक सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की लखपति दीदी की परिकल्पना को उत्तराखण्ड में तेजी से धरातल पर उतारा गया है और प्रदेश में 3 लाख 09 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों, कृषि, हस्तशिल्प और विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से अपनी आजीविका मजबूत करने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की मातृशक्ति ने राज्य निर्माण से लेकर राज्य के विकास तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, कृषि, स्वरोजगार, उद्यमिता और सामाजिक क्षेत्र सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं। मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी से ही सशक्त उत्तराखण्ड और विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

इस अवसर पर श्रीमती गीता पुष्कर धामी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती आशा नौटियाल, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई मातृशक्ति मौजूद थी।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दैनिक जागरण के संपादक श्री मनोज झा की माताजी तथा हिंदुस्तान समाचार पत्र के मुख्य संवाददाता श्री विमल पुरवाल की माताजी के निधन पर बुधवार को उनके देहरादून स्थित आवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने दोनों शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दी। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई अचानक भीषण बाढ़ से हुई जन-धन की क्षति पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में हुई जनहानि और व्यापक नुकसान अत्यंत दुःखद एवं चिंताजनक है। इस कठिन समय में उत्तराखंड की जनता और राज्य सरकार की संवेदनाएं नेपाल के प्रभावित परिवारों के साथ हैं।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने तथा प्रभावित सभी लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध केवल दो पड़ोसी देशों के संबंध नहीं हैं, बल्कि ये साझा संस्कृति, परंपराओं, आस्था, सामाजिक सरोकारों और आत्मीयता से जुड़े हुए हैं। उत्तराखंड और नेपाल के बीच विशेष रूप से सदियों पुराने रोटी-बेटी के संबंध रहे हैं। दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच पारिवारिक रिश्तों के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध भी निरंतर मजबूत रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमाऊं क्षेत्र का नेपाल के साथ विशेष और आत्मीय संबंध है। पिथौरागढ़ और चंपावत सहित सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के नेपाल के साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। ऐसे में नेपाल में आई आपदा का दुःख उत्तराखंड के लोगों के लिए भी अपने परिवार के किसी सदस्य के संकट में होने जैसा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल की पीड़ा उत्तराखंड की पीड़ा है और संकट की इस घड़ी में उत्तराखंड की जनता अपने नेपाली भाई-बहनों के साथ पूरी संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे सभी सुरक्षाकर्मियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों के प्रयास सराहनीय हैं। राज्य सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां दोनों देशों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील बनाती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नेपाल सरकार और वहां के प्रशासन के नेतृत्व में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा तथा प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से नेपाल के शोक संतप्त परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने प्रभावित लोगों के शीघ्र सुरक्षित होने, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने तथा नेपाल में सामान्य स्थिति की शीघ्र बहाली की कामना की।

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बाला गौरिया’ फिल्म उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और लोक देवताओं की परंपरा को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी: मुख्यमंत्री*

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में फिल्म ‘बाला गौरिया’ के टीजर एवं पोस्टर का किया लोकार्पण*

*उत्तराखंड को फिल्म निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कर रही है प्रयास*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड की लोक संस्कृति एवं लोक आख्यानों पर आधारित बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बाला गौरिया’ के टीजर एवं पोस्टर का लोकार्पण किया। ‘हिमाद्रि प्रोडक्शंस’ के बैनर तले निर्मित की जा रही यह फिल्म उत्तराखंड के लोक में न्याय देवता के रूप में प्रतिष्ठित गोलज्यू के बाल जीवन पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन श्री नितिन तिवारी तथा निर्माण श्री मनोज चंदोला द्वारा किया जा रहा है। फिल्म अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में रिलीज होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने फिल्म के टीजर एवं पोस्टर के लोकार्पण पर पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, लोक परंपराएं, लोकगाथाएं और लोक देवताओं की समृद्ध विरासत हमारी विशिष्ट पहचान हैं। ‘बाला गौरिया’ जैसी फिल्में हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ ही देश-दुनिया के सामने उत्तराखंड की लोक संस्कृति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का कार्य करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य में फिल्म निर्माण और फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध लोक संस्कृति और विविध भौगोलिक परिस्थितियां फिल्म निर्माण के लिए उत्तराखंड को विशिष्ट बनाती हैं। सरकार का प्रयास है कि देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं को उत्तराखंड में शूटिंग के लिए बेहतर वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और अनुकूल व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं। उत्तराखंड पर्यटन नीति में भी फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने, फिल्म शूटिंग के लिए प्रोत्साहन एवं तेज अनुमति व्यवस्था विकसित करने तथा विभिन्न स्थानों पर फिल्म सिटी विकसित करने की दिशा में प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को फिल्म शूटिंग के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन बनाने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को फिल्म निर्माण से जुड़े रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे प्रदेश की आर्थिकी को गति मिलने के साथ ही उत्तराखंड की कला, संस्कृति, बोली-भाषा, लोक परंपराओं और पर्यटन स्थलों को भी देश-दुनिया में पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोक देवताओं और लोक आख्यानों में हमारी सदियों पुरानी सांस्कृतिक चेतना, परंपराएं और जीवन मूल्य समाहित हैं। इनका संरक्षण और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने फिल्म निर्माताओं से उत्तराखंड की अन्य लोकगाथाओं, लोक देवताओं और सांस्कृतिक परंपराओं पर भी फिल्म निर्माण के लिए आगे आने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की लोक संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए फिल्म निर्माताओं को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि ‘बाला गौरिया’ जैसी फिल्मों के माध्यम से उत्तराखंड की लोक थातियों को व्यापक मंच मिलने के साथ ही प्रदेश के पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।

इस अवसर पर फिल्म के निर्माता श्री मनोज चंदोला सहित फिल्म से जुड़े अन्य कलाकार एवं टीम के सदस्य उपस्थित रहे।

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देहरादून। नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ से हुई जन-धन की क्षति को देखते हुए उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने उत्तराखण्ड के नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

यदि कोई उत्तराखण्ड का नागरिक नेपाल के प्रभावित क्षेत्र में फंसा हुआ है अथवा कोई किसी व्यक्ति के संबंध में कोई जानकारी साझा करना चाहता है, तो राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून के इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून के हेल्पलाइन नंबर:
0135-2710334, 2710335
2664314, 2664315, 2664316
8218867005

इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1070 पर भी संपर्क किया जा सकता है।