मुख्यमंत्री ने  स्वेच्छा से स्वच्छता कार्यक्रम में  सफाई कर  प्रदेशवासियों को  स्वच्छ रहने का संदेश दियापढ़ें सभी समाचार

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मुख्यमंत्री ने  “स्वेच्छा से स्वच्छता” कार्यक्रम में  सफाई कर  प्रदेशवासियों को  स्वच्छ रहने का संदेश दिया

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को बल्लूपुर चौक में नगर निगम, देहरादून द्वारा आयोजित “स्वेच्छा से स्वच्छता” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर प्रदेशवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सफाई अभियान में भाग लेते हुए जनसामान्य को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

नगर निगम, देहरादून द्वारा 7 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक चलाए गए इस विशेष सफाई अभियान का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाना है। अभियान के अंतर्गत विभिन्न वार्डों में सफाई, कूड़ा निस्तारण तथा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए। जब तक प्रत्येक नागरिक स्वेच्छा से इस दिशा में योगदान नहीं देगा, तब तक स्थायी परिवर्तन संभव नहीं है। हमें अपने घर, मोहल्ले और शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी स्वयं निभानी होगी।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम, देहरादून के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं, ताकि स्वच्छता के प्रति जागरूकता निरंतर बनी रहे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, श्री खजान दास, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र भट्ट, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, विधायक श्रीमती सविता कपूर, महामंत्री संगठन श्री अजेय कुमार एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में श्री बाबा नीब करौरी महाराज पर आधारित फिल्म के प्रोमो और पोस्टर का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फिल्म केवल एक सिनेमाई प्रस्तुति नहीं है, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और मानवता के उच्च आदर्शों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि बाबा नीब करौरी महाराज जी का दिव्य जीवन आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी शिक्षाएँ सरलता, करुणा, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश देती हैं, जो वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर आधारित प्रयास भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह फिल्म समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी और नई पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों, निर्देशक एवं निर्माता दल को इस सराहनीय एवं आध्यात्मिक प्रयास के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर योगगुरु स्वामी रामदेव एवं स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, फिल्म निर्देशक श्री शरद सिंह ठाकुर एवं अन्य कलाकार मौजूद थे।

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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत निर्मित सड़कों के रख-रखाव के लिए संबंधित विभागों की एक समन्वय समिति गठित की जाए*

*मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य सरकार के मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए*

*लंबित घोषणाओं पर अधिकतम 20 दिनों के भीतर शासनादेश जारी कर दिए जाएं, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट, गंगोलीहाट, कपकोट एवं बागेश्वर से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन घोषणाओं पर अभी तक शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, उनके संबंध में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लंबित घोषणाओं पर अधिकतम 20 दिनों के भीतर शासनादेश जारी कर दिए जाएं, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य सरकार के मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का संबंधित क्षेत्र के विधायकगणों के साथ समन्वय स्थापित कर उनका प्रभावी समाधान निकाला जाए, ताकि विकास कार्यों की गति बनी रहे।

मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वन भूमि स्थानांतरण से जुड़े मामलों की जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि वन भूमि से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाकर विकास कार्यों में बाधा को दूर किया जाए। साथ ही, इस विषय में विभागीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी बल दिया गया।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत निर्मित सड़कों के रख-रखाव के लिए संबंधित विभागों की एक समन्वय समिति गठित की जाए। उन्होंने कहा कि इस समिति द्वारा सड़कों के मेंटिनेंस कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम और सुरक्षित बना रहे।

बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सड़कों के पैच वर्क का कार्य वर्षाकाल से पूर्व अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने खेल अवसंरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर खेल मैदानों के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है, वहां 15 दिनों के भीतर आवश्यक धनराशि जारी की जाए, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सके और युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कनालीछीना से पिपली बगड़ीगांव तक मोटर मार्ग के चौडीकरण की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कपकोट के राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय कपकोट के साथ पूर्व माध्यमिक स्कूल संचालित करने की कार्यवाही के साथ मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बागेश्वर जिला अस्पताल में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये।

मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें और समयबद्ध तरीके से सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में विधायक डीडीहाट श्री बिशन सिंह चुफाल, विधायक कपकोट श्री सुरेश गड़िया, विधायक बागेश्वर श्रीमती पार्वती दास, वर्चुअल माध्यम से विधायक गंगोलीहाट श्री फकीर राम, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री एस.एन.पाण्डेय, संबंधित विभागीय सचिव, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर श्री दीपक रावत, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ श्री आशीष भटगांई, जिलाधिकारी बागेश्वर श्रीमती आकांक्षा कोण्डे मौजूद थे।

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मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में सचिव समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि जिला योजना समितियों की बैठकें अप्रैल माह तक अनिवार्य रूप से आयोजित करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इसके लिए अपने जनपदों के प्रभारी मंत्रियों से बैठक की तिथियां शीघ्र निर्धारित किए जाने की बात कही। उन्होंने जिलाधिकारियों को जनपद स्तरीय वनाग्नि समितियों और ग्रीष्मकालीन पेयजल समितियों की बैठकें भी शीघ्र आयोजित कर अपना प्लान शीघ्र प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कुंभ – 2027 के कार्यों की अद्यतन जानकारी भी ली। उन्होंने सभी निर्माण संबंधी ऐसे कार्य जो कुंभ क्षेत्र में शुरू होने हैं, उनका शीघ्र जीओ जारी कर निर्माण कार्य शुरू करवाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कुंभ – 2027 के दौरान कुंभ क्षेत्र में यातायात, पार्किंग और रूट प्लान सहित जंक्शन इम्प्रूवमेंट पर भी विस्तार से चर्चा की एवं मेलाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने सचिव पीडब्ल्यूडी से भी विभिन्न महत्त्वपूर्ण स्थानों पर साइनेज आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने पूंजीगत व्यय के नए कार्यों की स्वीकृतियां 30 मई तक जारी किए जाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि मानसून के कारण कार्य प्रभावित इसके लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियां 30 मई तक अनिवार्य रूप से जारी कर दी जाएं। उन्होंने सभी कार्यों की प्राथमिकताएं भी तय किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान प्रदेश में एलपीजी गैस वितरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाए जाने के साथ ही कालाबाजारी रोके जाने के लिए कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने विभागों एवं जनपदों में भी ई-ऑफिस के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागों द्वारा अपने जनपद स्तरीय कार्यालयों में भी 100 प्रतिशत ई-ऑफिस लागू किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को फारेस्ट लैंड ट्रांसफर के मामलों में तेजी लाने के लिए के लिए इस हेतु गठित जनपद स्तरीय समितियों की बैठकें निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से आयोजित कर ली जाएं। एवं इनसे सम्बन्धित प्रस्तावों को शासन एवं वन विभाग को तत्काल भेजे जाएं ताकि आगे की कार्रवाई हो सके।

मुख्य सचिव ने जनगणना कार्य की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी निर्धारित कार्यों को ससमय पूर्ण किये जाने के निर्देश दिए। जनगणना कार्य में तकनीकी सहायक शीघ्र अपॉइंट किया जाए। उन्होंने एचएलबी का डिमार्केशन दिया जाना है, शीघ्र किया जाए। उन्होंने भ्रामक अफवाहों को दूर करने के लिए लगातार जन जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जायें। इसके लिए सोशल मीडिया आदि का भी प्रयोग करके सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

मुख्य सचिव ने सभी जनपदों को अंश निर्धारण, किसान पंजीकरण और डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अंश निर्धारण का कार्य पूर्ण किए जाने के लिए 30 अप्रैल, 2026 का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि किसान पंजीकरण का कार्य सीएससी के माध्यम से भी करवाया जा सकता है। उन्होंने आयुक्त राजस्व को लगातार यह डेटा जिलाधिकारियों को शेयर किए जाने के भी निर्देश दिए ताकि जिलाधिकारी इस कार्य में ऐक्टिव भूमिका निभा सकें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री एल फ़ैनाई, श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, डॉ पंकज कुमार पांडेय, श्री चंद्रेश कुमार यादव, श्री श्रीधर बाबू अद्धांकी, श्री रविनाथ रमन, डॉ आर राजेश कुमार, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री आनंद स्वरूप, डॉ अहमद इकबाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 14 अप्रैल 2026 को देहरादून में प्रस्तावित प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम के मद्देनज़र गढ़ी कैंट स्थित जसवंत ग्राउंड पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर व्यवस्थाओं की स्थिति का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए।


निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा प्रबंधन, ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग सुविधाएं, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और स्वच्छता सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन में आने वाले लोगों की सुविधा सर्वोपरि रहे और इसके लिए सभी इंतजाम निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने पर बल देते हुए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु आवश्यक सेवाओं को तत्पर रखने की आवश्यकता भी जताई।

जसवंत ग्राउंड में मंच, दर्शक दीर्घा एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम की गरिमा को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां सुनियोजित और व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही उन्होंने स्वच्छता और सौंदर्यीकरण कार्यों को भी प्राथमिकता देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है और इसकी सफलता सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की साझा जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के दौरान गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, आईजी राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी सविन बंसल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के कनखल स्थित जगतगुरु आश्रम पहुंचकर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण के लिए कामना की। आगे पढ़ें

LIVE: हरिद्वार में वैशाखी महोत्सव के अवसर पर आयोजित सद्भावना सम्मेलन

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सीएम धामी ने हरिद्वार में सद्भावना सम्मेलन से सामाजिक एकता का दिया संदेश*


• *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को बताया भारत की पहचान*

• *वैश्विक स्तर पर भारत की मानवता आधारित भूमिका का उल्लेख*

• *समान नागरिक संहिता को सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया*

• *उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु सरकार प्रतिबद्ध*


• *चारधाम और धार्मिक कॉरिडोर विकास कार्यों को बताया प्राथमिकता*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार में ऋषिकुल मैदान में आयोजित “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” के सद्भावना सम्मेलन, बैसाखी महोत्सव 2026 में प्रतिभाग करते हुए कहा कि भारत की सनातन संस्कृति सदैव से ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के सिद्धांत पर आधारित रही है, जो पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखने का संदेश देती है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में सम्मेलन में उपस्थित देशभर से आए संतों, अतिथियों, माताओं, बहनों, युवाओं एवं सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए वैशाखी पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना से परिपूर्ण इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

उन्होंने कहा कि श्री सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” द्वारा समाज में समरसता, सेवा और नैतिक जागरण के लिए किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रेरणादायी हैं। वर्तमान समय में जब विश्व विभिन्न संघर्षों और तनावों से गुजर रहा है, ऐसे में प्रेम, सद्भाव और मानवता का संदेश अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने सदैव वैश्विक स्तर पर मानवता की सेवा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश द्वारा ‘एक पृथ्वी-एक परिवार-एक भविष्य’ की भावना को आगे बढ़ाने का उल्लेख करते हुए कहा कि कोरोना काल में अनेक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराना, योग और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाना तथा विभिन्न आपदाओं के समय सहायता प्रदान करना भारत की मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द किसी भी राष्ट्र की प्रगति के मूल आधार होते हैं। इसी दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने को सामाजिक न्याय और समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर एवं शारदा कॉरिडोर के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना को भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सद्भावना सम्मेलन समाज में एकता, सद्भाव और सेवा की भावना को और अधिक सशक्त करेगा तथा इसके सकारात्मक परिणाम दूरगामी होंगे। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए सतपाल महाराज एवं “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” को शुभकामनाएं भी दीं।

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सूचना विभाग के पीआरडी कार्मिक श्री विनोद प्रसाद लखेड़ा जी का आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 को हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया है।

श्री विनोद प्रसाद लखेड़ा 2010 से सूचना विभाग में निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान में श्री लखेड़ा जी मीडिया सेंटर विधानसभा में कार्यरत थे।

महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी तथा अपर निदेशक सूचना श्री आशिष कुमार त्रिपाठी ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

प्रभारी मीडिया सेंटर विधानसभा श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव ने भी श्री विनोद प्रसाद लखेड़ा के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की।

उत्तराखंड शासन सम्मान कार्य के लिए सम्मान वेतन लागू नहीं करने से अल्प मानदेय प्राप्त करने वाले कर्मचारियों में मानसिक उत्पीड़न से डिप्रेशन है और कई प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हो कर अपनी जीवन गंवा रहे हैं  स्वर्गीय  श्री विनोद प्रसाद लखेड़ा दिसंबर20 25 में सूचना भवन में मिले एक पत्रकार होने के नाते उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त कर कह रहे थे की कब शासन, सरकार समान कार्य के लिए समान वेतन देना शुरू करेगी। इस महंगाई में जीवन यापन करने में कठिनाई हो रही है । शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। सरकार को शीघ्र विचलन के माध्यम से लागू कराने के आदेश देना चाहिए 

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शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ माता को राज्य माता के प्रस्ताव पर धन्यवाद वार्ता भारतीय गौक्रांति मंच द्वारा सम्पन्न

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विषयः पूज्य शंकराचार्य स्वामी श्रीअविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज जी की ओर से हार्दिक धन्यवाद प्रेस वार्ता में नियम- 87 के अंतर्गत उत्तराखंड में गौमाता को ‘राज्यमाता” घोषित करने हेतु धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने शीत कालीन सत्र में संकल्प पेश किया उनकी पहल के साधुवाद समर्थन में प्रेस वार्ता का आयोजन।

गौमाता राष्ट्र‌माता

नमो गौभ्यः श्रीमतीभ्यः सौरभेभ्य एव च। नमो ब्रहमसुताभ्यश्च पविवाभ्यो नमो नमः॥

गौमाता को राष्ट्र‌माता का संवैधानिक दर्जा देने की मांग विगत कई वर्षों से पूरे भारतवर्ष में उठती रही है और आज यह विषय देशव्यापी जनभावना का रूप ले चुका है। भारत के विभिन्न वर्गों, संत समाज तथा सामाजिक संगठनों में इस विषय पर व्यापक सहमति दिखाई दे रही है। भारतीय गौक्रांति मंच द्वारा इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जाते रहे हैं। गौ-गंगाकृपाकांक्षी पूज्य गुरुवर गोपालमणि जी महाराज के मार्गदर्शन में देशभर के विभिन्न जिलों में गौकयाओं का आयोजन, जनजागरण अभियान तथा दिल्ली के रामलीला मैदान में अनेक विशाल रैलियों के माध्यम से इस विषय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी रूप से उठाया गया है।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश की विधानसभाओं द्वारा गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने संबंधी प्रस्ताव केंद्र सरकार को प्रेषित किए जा चुके हैं। किन्तु यह विषय केंद्रीय सूची में न होकर राज्य सूची के अंतर्गत होने के कारण राज्य स्तर पर “राज्यमाता” घोषित करने की दिशा में पहल आवश्यक हो गई है।

इसी क्रम में उत्तराखंड विधानसभा में धनौल्टी क्षेत्र के माननीय विधायक श्री प्रीतम सिंह पंवार जी द्वारा नियम-87 के तहत “गौमाता को राज्यमाता घोषित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इसे माननीय अध्यक्ष विधानसभ द्वारा स्वीकार कर लिया गया है तथा इस आशय से अभिप्रेरित किया गया है कि-

“सदन का सुनिश्चित मत है कि राज्य में गौमाता को राज्यमाता का दर्जा दिया जाए।” साथ ही. आगामी सत्र में इस विषय पर चर्चा हेतु समय निर्धारित किया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण पहल के संदर्भ में जगद्‌गुरु शंकराचार्य ज्योतिषपीठाधीश्वर पूज्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार माननीय मुख्यमंत्री विधानसभा अध्यक्ष एवं प्रस्ताव प्रस्तुत करने वाले माननीय विधायक श्री प्रीतम सिंह पंवार जी के प्रति धन्यवाद एवं शुभकामनाएं व्यक्त करने हेतु एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया जा रहा है।
इस प्रेस वार्ता का उद्देश्य राज्य सरकार से आग्रह करना है कि आगामी विधानसभा सत्र में इस विषय पर गंभीरता से विचार-विमर्श करते हुए उत्तराखंड में गौमाता को “राज्यमाता” घोषित करने का ऐतिहासिक एवं संवैधानिक निर्णय लिया जाए।

 

उत्तरांचल प्रेस कल्ब, देहरादून शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ माता को राज्य माता के प्रस्ताव पर धन्यवाद वार्ता भारतीय गौक्रांति मंच

 

प्रेस वर्ता में भारतीय गौक्रांति मंच के श्री बलवीर सिंह पंवार संरक्षक, शूरवीर सिंह मटूडा प्रदेश अध्यक्ष एवं गौ-सांसद बिजनौर, यशवंत सिंह रावत प्रदेश महासचिव एवं गौ-सांसद पौडी, अनुसूया प्रसाद उनियाल गौ-सांसद टिहरी, आनंद सिंह रावत जिला अध्यक्ष, तेजराम नौटियाल जिला सचिव, सूरतराम डंगवाल, बलवीर सिंह नेगी, मंजू नेगी, जयश्वरी रावत, कौशल्या बेलवाल, घनश्याम नेगी, भूवनेश्वरी नेगी, आदि उपस्थित रहें।

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टिहरी गढ़वाल
*जनता मिलन कार्यक्रम में 58 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज, अधिकांश का मौके पर समाधान शेष निस्तारण हेतु विभागों को प्रेषित*

जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आम जनमानस की समस्याओं को सुनने तथा उनके त्वरित निराकरण हेतु जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे जनमानस ने अपनी समस्याओं एवं शिकायतों के संबंध में जिलाधिकारी को अवगत कराया।

जनता मिलन कार्यक्रम में विभागों से संबंधित कुल 58 शिकायतें दर्ज की गई, जिनमें से अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, शेष शिकायतों को निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता मिलन कार्यक्रम में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए।

जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान पुनर्वास संबंधित, मुआवजा के मामले अधिक रहे जिस पर जिलाधिकारी ने को टीएचडीसी नियमानुसार संबंधित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए इसके अलावा तहसील प्रतापनगर के ग्राम मुखेम निवासी श्रवण कुमार भट्ट एवं रविन्द्र प्रसाद भट्ट द्वारा अवगत कराया गया कि राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मुखेम के सरकारी भवन के पास से मुखेम–धंगणगांव मोटर मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। उक्त मोटर मार्ग के समरेखण की स्वीकृति बताई जा रही है, परंतु मार्ग हेतु अधिग्रहित भूमि का प्रतिकर (मुआवजा) अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियन्ता, प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, टिहरी को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।

जयपाल सिंह कैरवाण द्वारा विकासखण्ड जौनपुर के थत्यूड–अग्यारना (7 कि.मी.) मोटर मार्ग के जीर्णोद्धार, डामरीकरण एवं नाली निर्माण की मांग की गई। साथ ही ग्राम कांडा जाख की प्रधान मोनिका पंवार द्वारा मसराना–किमोई मोटर मार्ग के अवशेष 3 कि.मी. भाग की वित्तीय स्वीकृति तथा अग्यारना–जाख पर्यटक स्थल (4 कि.मी.) हेतु वन भूमि हस्तांतरण की मांग की गई। इन सभी प्रकरणों पर डीएम ने लोक निर्माण विभाग, थत्यूड को जांच आख्या उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए गए।

तहसील धनोल्टी के ग्राम सैंजी निवासी सब्बल सिंह एवं सियाराम द्वारा अनुग्रह अनुदान राशि के भुगतान की मांग पर विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।तहसील प्रतापनगर के ग्राम खांड निवासी प्रेम दत्त न्यूली द्वारा जून 2024 में टिहरी बांध परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित भूमि का 50% मुआवजा न मिलने की शिकायत जिलाधिकारी ने पर महाप्रबंधक, टीएचडीसी को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता मिलन कार्यक्रम में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और शिकायतों के निस्तारण की जानकारी जिला कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

इस अवसर एडीएम एके सिंह , सीएमओ श्याम विजय, डीडीओ मो . असलम सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे ।