मुख्यमंत्री की सख्ती का असर “ऑपरेशन प्रहार” के अंतर्गत पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही, कई अभियुक्त गिरफ्तार*

▪️*राजपुर फायरिंग हत्याकांड में 3 और अभियुक्त गिरफ्तार*
▪️*18.5 लाख की डकैती का फरार आरोपी देहरादून पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस ने ऋषिकेश से दबोचा*
▪️*1 लाख का इनामी व जेल फरार अपराधी देहरादून और टिहरी पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में गिरफ्तार*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सख्ती के बाद पुलिस अपराधियों के खिलाफ एक्शन में आ गई है।
पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार”* के अन्तर्गत देहरादून पुलिस द्वारा अंतर्गत विभिन्न आपराधिक मामलों में प्रभावी कार्यवाही करते हुए महत्वपूर्ण सफलताएं प्राप्त की गई हैं।
▪️*राजपुर क्षेत्र में हुई फायरिंग एवं हत्या की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई* करते हुए *03 अन्य अभियुक्तों—आदेश गिरी पुत्र ओमप्रकाश गिरी निवासी शिवपुरी गडीपुता, थाना गडीपुता जनपद शामली (उ0प्र0), समीर चौधरी पुत्र चरमेनदर सिंह निवासी ग्राम गदर जुड्डा, थाना मंगलौर जनपद हरिद्वार तथा मोहित अरोड़ा पुत्र रमेश अरोड़ा निवासी बी-43 रामा पार्क रोड, मोहन गार्डन, उत्तम नगर, नई दिल्ली*—को गिरफ्तार किया है। उक्त घटना बार में हुए विवाद के बाद दो पक्षों के बीच रोड रेंज करते हुए पीछा करने के दौरान हुई फायरिंग से संबंधित है, जिसमें मॉर्निंग वॉक पर जा रहे एक वृद्ध व्यक्ति की गोली लगने से मृत्यु हो गई थी। *प्रकरण में पूर्व में भी 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है,* जबकि अन्य की गिरफ्तारी हेतु लगातार दबिश दी जा रही है।
▪️इसके अतिरिक्त, *महाराष्ट्र के रायगढ़ जनपद के अलीबाग क्षेत्र में हुई 18.5 लाख रुपये की डकैती के मामले में फरार* चल रहे अभियुक्त योगेश रमेश लहारे पुत्र रमेश लहारे निवासी पडसगांव बुधरु, थाना मानगांव, जिला रायगढ़ (महाराष्ट्र) उम्र 31 वर्ष को दून पुलिस एवं महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा ऋषिकेश क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसे *सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र एवं सघन चेकिंग अभियान के माध्यम से चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया।* आवश्यक विधिक कार्यवाही उपरांत अभियुक्त को महाराष्ट्र पुलिस के सुपुर्द किया गया।
▪️इसी क्रम में, *उड़ीसा के कटक जनपद से जेल तोड़कर फरार हुए 01 लाख रुपये के इनामी अपराधी राजा साहनी पुत्र महेश साहनी निवासी लोदिया नगर, थाना मीरगंज, जिला बेगूसराय (बिहार), उम्र 34 वर्ष को भी ऋषिकेश क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।* अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु उड़ीसा पुलिस से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीमों द्वारा सीसीटीवी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र एवं सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसके फलस्वरूप *अभियुक्त को टिहरी एवं देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा वाहन सहित घेराबंदी कर पकड़ा गया।* अभियुक्त के विरुद्ध विभिन्न प्रांतों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनके संबंध में विस्तृत जानकारी संकलित की जा रही है।
जनपद देहरादून पुलिस द्वारा ट्रैफिक पुलिस एवं कैंटोनमेंट बोर्ड के सहयोग से *डाकरा बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध सघन अभियान* चलाया गया। अभियान के दौरान सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाते हुए *06 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 83 पुलिस एक्ट एवं 14 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 81 पुलिस एक्ट* के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की गई।
इसके अतिरिक्त, नो पार्किंग जोन एवं फुटपाथ पर खड़े 08 वाहनों को क्रेन के माध्यम से हटाकर कोतवाली कैंट लाया गया तथा संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किया गया।
*डीजीपी उत्तराखंड श्री दीपम सेठ ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत पूरे प्रदेश में* पुलिस टीमों द्वारा व्यापक स्तर पर *सघन चेकिंग एवं सत्यापन अभियान* चलाया जा रहा है। विभिन्न *बैरियर एवं संवेदनशील स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की गहन जांच* की जा रही है, साथ ही *जनसुरक्षा के दृष्टिगत पीजी, हॉस्टल, होटल, आश्रम एवं धर्मशालाओं में ठहरने वाले व्यक्तियों का सत्यापन* किया जा रहा है। *यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध निरंतर चालान एवं वैधानिक कार्यवाही* की जा रही है।
इसके अतिरिक्त, *नियमों का उल्लंघन करने वाले पब एवं बार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है,* जबकि *शहरों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाकर कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़* किया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को श्री केदारनाथ धाम के रावल श्री श्री श्री 1008 भीमाशंकर लिंग ने शिष्टाचार भेंट की तथा उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर रावल ने भगवान केदारनाथ जी की कृपा एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने रावल का स्वागत करते हुए केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों की जानकारी साझा की और कहा कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने आगामी यात्रा सीजन को सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
भेंट के दौरान केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं, यात्रा संचालन तथा श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवश्यक तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने रावल से आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश की प्रगति एवं जनकल्याण के लिए उनके मार्गदर्शन की अपेक्षा व्यक्त की।
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कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों का मुख्य सचिव ने किया स्थलीय निरीक्षण*
*सभी कार्यों को तय समय में पूर्ण करने के निर्देश, गुणवत्ता पर विशेष जोर*
*श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश*
*‘ग्रीन घाट’ एवं सौंदर्यीकरण पर विशेष फोकस*
*हरिद्वार बाईपास निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने हेतु एनएचएआई को निर्देश, साप्ताहिक समीक्षा के आदेश*
*हरिद्वार, 2 अप्रैल 2026*
कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को हरिद्वार में विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए तथा विभागीय समन्वय को सुदृढ़ बनाते हुए कार्यों में तेजी लाई जाए।
कुंभ क्षेत्र के कार्यों के विस्तृत निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अपर गंगा नहर के बाएं तट पर स्थित शहीद भगत सिंह घाट (कामधेनु घाट) से सिंहद्वार तक निर्माणाधीन घाट एवं बैरागी कैम्प घाट का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि घाटों का निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए आधुनिक मानकों के अनुरूप किया जाए, ताकि कुम्भ के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
उन्होंने बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए घाटों पर रैम्प एवं अन्य सुगम्यता संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, साथ ही चेंजिंग रूम एवं प्रसाधन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि इस बार कुम्भ मेला–2027 के लिए ‘ग्रीन घाट’ विकसित किए जाएं, जिसके तहत घाटों पर हरित पट्टियां विकसित कर उन्हें फूलों एवं पौधों से सजाया-संवारा जाए।
इसके पश्चात उन्होंने ज्वालापुर–ईदगाह–पीएसी–शिवालिक नगर मोटर मार्ग के किलोमीटर-3 पर पथरी रौ नदी पर निर्माणाधीन 60 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड आरसीसी सेतु के कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।
मुख्य सचिव ने बहादराबाद–सिडकुल मार्ग (भाईचारा ढाबा से बीएचईएल सेक्टर-6 होते हुए शिवालिक नगर चौक एवं बीएचईएल मध्य मार्ग तक) के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग कुम्भ के दौरान यातायात के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए।
उन्होंने धनौरी–सिडकुल लिंक मार्ग पर पथरी रौ नदी में पुरानी गंग नहर सायफन के डाउनस्ट्रीम में बन रहे 90 मीटर स्पान के पुल के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पुल से संबंधित नदी तल के कार्य वर्षाकाल से पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि वर्षा ऋतु में जलस्तर बढ़ने से कार्य प्रभावित न हो।
मुख्य सचिव ने हरिद्वार बाईपास रिंग रोड परियोजना के निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाईपास निर्माण कार्य अविलंब पूर्ण किया जाए तथा सप्ताहवार लक्ष्य निर्धारित कर टाइमलाइन के अनुसार प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना कुम्भ मेला प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है।
इसके साथ ही दिल्ली राजमार्ग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी हरिद्वार को इसकी प्रगति का दैनिक ब्यौरा उपलब्ध कराया जाए।
मुख्य सचिव ने बैरागी कैम्प में 1500 किलोलिटर क्षमता के ओवरहेड टैंक, एवं कार्यों की प्रगति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जलापूर्ति संबंधी कार्य समय से पूर्ण कर कुम्भ के दौरान निर्बाध एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि कुम्भ मेला–2027 एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। ऐसे में सभी विभागों को पूर्ण जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्माण कार्यों के साथ-साथ यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी समान प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जाए, ताकि तैयारियों में किसी प्रकार की कमी न रह जाए।
मुख्य सचिव ने मेला नियंत्रण भवन में संचालित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने इस व्यवस्था में नवीनतम आईटी अनुप्रयोगों एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव शहरी विकास श्री नितेश झा, आयुक्त गढ़वाल मंडल श्री विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका, जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त श्री नंदन कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्री ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती, हरिद्वार विकास प्राधिकरण के सचिव श्री मनीष कुमार, उप मेलाधिकारी श्री आकाश जोशी एवं श्री मनजीत सिंह सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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*प्रेस क्लब हरिद्वार के नवनिर्वाचित कार्यकारणी के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन*

*शासन-प्रशासन एवं प्रेस का एक ही उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक नागरिक का जीवन खुशहाल बनाना है – मुख्य सचिव*
*लोकतंत्र का चौथा स्तंभ प्रेस अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहा है,जो आने वाली पीढ़ी का मार्ग प्रशस्त करेगा-मुख्य सचिव*
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*2027 का कुंभ सभी के सहयोग से दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जाएगा मुख्य सचिव*
- *हरिद्वार 02 अप्रैल 2026*
जनपद भ्रमण पर पहुंचे मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन प्रेस क्लब हरिद्वार के नवनिर्वाचित कार्यकारणी के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की,इस अवसर पर मुख्य सचिव ने नव निर्वाचित प्रेस क्लब के अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी,महासचिव सूर्यकांत बेलवाल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पूरी महाराज ने कार्यकारणी के नवनिर्वाचित पदाधिकारियो जिसमें दीपक मिश्रा,देवेंद्र शर्मा उपाध्यक्ष, कुलभूषण शर्मा,जोगेंद्र सिंह मावी सचिव,महताब आलम सांस्कृतिक समारोह सचिव,तनवीर अली प्रचार सचिव,काशीराम सैनी को कोषाध्यक्ष पद की गोपनीयता की शपथ दिलाई।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने नवनिर्वाचित कार्यकारणी सदस्य को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई,जिसमें संजीव शर्मा,डॉ शिवा अग्रवाल,कुमार दुष्यंत,ठाकुर शैलेंद्र सिंह,श्रीमती कुमकुम शर्मा,श्रीमती सुदेश आर्य,बालकृष्ण शास्त्री,के के पालीवाल,अमित कुमार शर्मा, ललितेंद्र नाथ,रोहित सिखौला, विकास चौहान, नरेश दीवान शैली,आफताब खान,शिव प्रकाश शिव को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम जनसंबोधित करते हुए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने प्रेस क्लब हरिद्वार के नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाए दी तथा सभी को हनुमान जयंती की भी शुभकामाए दी। उन्होंने कहा कि आज के शुभ अवसर पर प्रेस क्लब हरिद्वार के नवनिर्वाचित कार्यकारणी को शपथ दिलाई गई है जो अपने दायित्वों का निर्वहन कुशलता के साथ करेंगे, उन्होंने कहा कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है,जो समाज के हित में कार्य कर रहे है तथा अपने ज़िम्मेदारियों का निर्वहन कुशलतापूर्वक कर रहे है तथा आने वाली पीढ़ी का भी मार्ग प्रशस्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रेस प्रतिनिधि जमीन से जुड़े हुए है तथा उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी महत्वपूर्ण है,जिससे माध्यम से आमजन मानस की समस्याओं का तत्परता से निराकरण किया जायेगा,उन्होंने कहा शासन प्रशासन एवं प्रेस का एक ही उद्देश्य है कि आम नागरिक का जीवन खुशहाल बनाना है,इसके लिए यह जरूरी है कि प्रेस एवं शासन – प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना है।
उन्होंने कहा कि आज इंटरनेट एवं सोशल मीडिया का प्रभाव इतना बढ़ गया है कि तत्काल दुनिया भर में खबर पहुंच जाती है,जिसके लिए यह जरूरी है कि खबर की सत्यता का भी होना आवश्यक है,जिसमें जिम्मेदारी भी ओर बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि 2027 कुंभ को सेवी के सहयोग से दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि ने नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी,उन्होंने कहा कि 2027 का कुंभ दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जाएगा,जिस तरह से 2010 का कुंभ मेलाधिकारी आनन्द बर्द्धन के नेतृत्व में दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया गया था,जिसमें करोड़ो की संख्या में श्रद्धालु आए थे तथा हाईटेक व्यवस्था की गई थी,जिसमें व्यवस्था दूरस्त की गई थी तथा 2027 का कुंभ मुख्य सचिव के निर्देशन एवं नेतृत्व में आयोजित हो रहा है,जो दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित होगा,इसमें सभी को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महासचिव सूर्यकांत बेलवाल ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथि महानभावों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।
प्रेस क्लब हरिद्वार द्वारा मुख्य अतिथि मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन,विशिष्ट अतिथि निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पूरी महाराज, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर को स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंटकर स्वागत किया।
इस अवसर पर शिव शंकर जायसवाल, कौशल सिखौला,सुनील दत्त पांडे,आदेश त्यागी,श्रवण झा,दीपक नौटियाल,राहुल वर्मा,गुलशन नैय्यर, संजय आर्य,प्रदीप गर्ग,दीपक मिश्रा,मुदित अग्रवाल,प्रदीप जोशी,नरेश गुप्ता, डॉ मनोज कुमार सोही,लव कुमार शर्मा सहित सभी प्रेस प्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार – मुख्यमंत्री*
*चारधाम यात्रा को और सशक्त बनाने पर दिया जा रहा है ध्यान – मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को रामनगर के छोई स्थित श्री हनुमान धाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि यहां उपस्थित प्रत्येक श्रद्धालु पर बजरंगबली की विशेष कृपा है, क्योंकि उनकी इच्छा के बिना कोई भी उनके दरबार तक नहीं पहुंच सकता।
मुख्यमंत्री ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई बार उन्होंने यहां आने का प्रयास किया, लेकिन कार्यक्रम नहीं बन पाया। इस बार बजरंगबली की कृपा से अचानक कार्यक्रम तय हुआ और उन्हें दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना करते हुए ईश्वर से सभी पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद अयोध्या में राम मंदिर का भव्य निर्माण हुआ है। वहीं काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण से श्रद्धालुओं को अभूतपूर्व सुविधाएं प्राप्त हुई हैं। साथ ही केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम में भी व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड की पहचान और अधिक सशक्त हुई है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त कानून लागू किए जा रहे हैं तथा धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग और आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य पूर्ण होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों केदारखंड और मानसखंड सहित अन्य स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत संरचना विकास के कार्य लगातार जारी हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में हर वर्ष श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कुंभ केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का विषय है, वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दी गई हैं। प्रदेश में शीतकालीन यात्रा भी निरंतर संचालित हो रही है और चारधाम के कपाट खुलने तक जारी रहेगी। अब तक लगभग एक लाख साठ हजार श्रद्धालु शीतकालीन यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन कर चुके हैं। आगामी चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की भी व्यापक तैयारियां आरम्भ की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकाल में भी बड़ी संख्या में पर्यटक एवं श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं, जो राज्य में धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य धार्मिक पर्यटन को और अधिक सशक्त करना है, ताकि उत्तराखंड की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत हो सके। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “बजरंगबली की कृपा हम सभी पर बनी रहे और हमारा उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, महापौर हल्द्वानी गजराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, शंकर कोरंगा, शांति मेहरा, कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, श्री हनुमान धाम ट्रस्ट के आचार्य विजय एवं ट्रस्ट प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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क्या है उत्तराखंड पुलिस को “राष्ट्रपति पुलिस कलर”, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि*
*सीएम धामी ने पुलिस महानिदेशक सहित सभी पुलिस कार्मिको को दी बधाई*
*राष्ट्रपति पुलिस कलर से सम्मानित हुई उत्तराखंड पुलिस, देश के चुनिंदा राज्यों में शामिल*
*सीएम धामी बोले—यह सम्मान नहीं, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की राष्ट्रीय पहचान*
*दुर्गम परिस्थितियों में उत्कृष्ट सेवा का मिला सम्मान, उत्तराखंड पुलिस ने रचा इतिहास*
*आपदा प्रबंधन से स्मार्ट पुलिसिंग तक, हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम—राष्ट्रपति पुलिस कलर*
*केदारनाथ आपदा से लेकर महाकुंभ तक, उत्तराखंड पुलिस की सेवाओं को राष्ट्रीय मान्यता*
*रजत जयंती वर्ष में मिला सर्वोच्च सम्मान, उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण*
*सीएम धामी ने कहा —उत्तराखंड पुलिस बनेगी स्मार्ट पुलिसिंग का वैश्विक मॉडल*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड पुलिस को “राष्ट्रपति पुलिस कलर” (President’s Police Colour) से अलंकृत किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे राज्य के इतिहास का “स्वर्णिम और गौरवपूर्ण अध्याय” बताया है। सीएम कहा कि उत्तराखंड के लिए यह क्षण केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि गौरव, परंपरा और अदम्य सेवा भावना का जीवंत प्रमाण बनकर सामने आया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में भेंट कर पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ ने यह जानकारी दी |
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान उत्तराखंड पुलिस को देश के उन चुनिंदा पुलिस बलों की श्रेणी में स्थापित करता है, जिन्हें उनकी विशिष्ट और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए यह सर्वोच्च राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक सहित सभी अधिकारियों और जवानों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए भारत के माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन ने उत्तराखंड पुलिस को इस उच्च सम्मान तक पहुँचाया है। यह उपलब्धि न केवल पुलिस बल की प्रतिष्ठा को बढ़ाती है, बल्कि पूरे उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करती है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किया कि यह सम्मान केवल एक अलंकरण नहीं, बल्कि वर्षों की वीरता, अनुशासन, उत्कृष्ट सेवा, पेशेवर दक्षता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की मान्यता है। यह पुरस्कार एक कठोर और बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद दिया जाता है, जिसमें पुलिस बल के हर आयाम—कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, जनसुरक्षा और तकनीकी नवाचार—का गहन परीक्षण किया जाता है।
यह सम्मान पुलिस बल के ध्वज और वर्दी पर अंकित होकर उसके गौरव, अस्मिता और परंपरा का स्थायी प्रतीक बन जाता है, साथ ही हर पुलिसकर्मी के लिए प्रेरणा और जिम्मेदारी का स्रोत भी है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद पुलिस बल ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखते हुए अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। आधुनिक तकनीक और स्मार्ट पुलिसिंग के माध्यम से जनता का विश्वास जीतना इस उपलब्धि का प्रमुख आधार रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस की भूमिका आपदा प्रबंधन में विशेष रूप से सराहनीय रही है। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा सहित विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में पुलिस बल ने अद्भुत साहस, त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हजारों लोगों के जीवन की रक्षा की।
इसके साथ ही महाकुंभ, चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा जैसे विशाल आयोजनों में सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन का उत्कृष्ट संचालन पुलिस की दक्षता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, पर्यटन सुरक्षा और सामुदायिक पुलिसिंग जैसे क्षेत्रों में उत्तराखंड पुलिस ने तकनीकी सशक्तिकरण और जनसहभागिता के माध्यम से एक ऐसा मॉडल विकसित किया है, जो अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्थापना के “रजत जयंती वर्ष” में यह सम्मान मिलना इस उपलब्धि को और भी अधिक विशेष और ऐतिहासिक बनाता है। यह उत्तराखंड की 25 वर्षों की विकास यात्रा, सेवा और समर्पण का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड पुलिस “मित्रता, सेवा, सुरक्षा” के अपने ध्येय वाक्य के साथ आगे भी राष्ट्र और राज्य की सेवा में निरंतर अग्रसर रहेगी। राज्य सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि वैश्विक मानकों की स्मार्ट पुलिसिंग स्थापित की जा सके।
पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ ने इस उपलब्धि को उत्तराखंड पुलिस के इतिहास का “स्वर्णिम अध्याय” बताते हुए कहा कि यह सम्मान प्रत्येक अधिकारी और जवान के समर्पण, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ-साथ पुलिस परिवारों के त्याग और सहयोग का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह उपलब्धि भविष्य में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगी।
उत्तराखंड पुलिस अब इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के साथ राष्ट्र एवं राज्य की सेवा और सुरक्षा में और अधिक दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ेगी।
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एनडीएमए और यूएसडीएमए ने चारधाम यात्रा के लिए कसी कमर*
*गृह मंत्रालय के निर्देश पर 10 अप्रैल को होगी माॅक ड्रिल*
*यात्रा के दौरान आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखा जाएगा*
देहरादून। गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी आपदा की स्थिति तथा आकस्मिकता के निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में 10 अप्रैल को चारधाम यात्रा को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। गुरुवार को यूएसडीएमए में आयोजित ओरियंटेशन तथा कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस में चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जनपदों के अधिकारी तथा विभिन्न रेखीय विभागों के अधिकारी शामिल हुए। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन तथा एनडीएमए के सीनियर कंसलटेंट मेजर जनरल सुधीर बहल (अप्रा) ने मॉक ड्रिल के आयोजन तथा संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मॉक ड्रिल का संचालन यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से किया जाएगा।
सचिव श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि चारधाम यात्रा हमारे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण आयोजन है। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और दिशा-निर्देशन पर सभी विभागों ने अच्छी तैयारियां की हैं। आपदा प्रबंधन विभाग भी पूरी तरह से एलर्ट मोड पर है। उन्होंने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए उनकी क्षमताओं और तैयारी को परखना तथा उनमें वृद्धि करना है। इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संसाधनों को कुशल उपयोग व प्रबंधन हो। उन्होंने बताया कि यह माॅक ड्रिल चारधाम यात्रा से जुड़े सात जिलों में होगी, जिनमें उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी तथा देहरादून शामिल हैं।
मेजर जनरल सुधीर बहल ने बताया कि यह मॉक ड्रिल आईआरएस यानी घटना प्रतिक्रिया प्रणाली के तहत संचालित की जाएगी। उन्होंने आईआरएस के तहत किस विभाग की तथा किस अधिकारी की क्या भूमिका है, इसे लेकर विस्तार से बताया। उन्होंने इंसीडेंस रिस्पांस टीम, क्रियान्वयन शाखा, नियोजन शाखा तथा संसाधन शाखा के दायित्वों एवं कर्तव्यों के साथ ही उत्तरदायी अधिकारी, इंसीडेंट कमाण्डर, शाखा प्रमुख, आब्जर्वर तथा नोडल अधिकारियों के उत्तरदायित्वों की जानकारी दी।
*रिसोर्स और रिस्क मैपिंग आवश्यक-बहल*
मेजर जनरल सुधीर बहल ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान संभावित आपदाओं का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सके तथा तैयारियां पुख्ता हों, इसके लिए रिसोर्स और रिस्क मैपिंग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कौन से संसाधन कहां पर हैं तथा जोखिम वाले क्षेत्र कौन से हैं, इसकी जीआईएस मैपिंग अवश्य की जानी चाहिए ताकि किसी आपदा की स्थिति में त्वरित गति से कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि माॅक अभ्यास के दौरान इनका भी परीक्षण किया जाएगा।
*सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए दिए आवश्यक दिशा-निर्देश*
मेजर जनरल सुधीर बहल ने सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि होटल और धर्मशालाओं की क्षमता कितनी है, इसका पूरा आकलन किया जाना आवश्यक है, ताकि यदि किसी आकस्मिक स्थिति अथवा आपदा की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर रोकना पड़े तो कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि यात्रियों को मौसम संबंधी एलर्ट भी समय पर प्रदान करने की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही मार्गों की स्थिति, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा खतरे वाले स्थानों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि यात्री सतर्क होकर यात्रा करें। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग में ऐसे क्षेत्र जहां संचार व्यवस्थाएं नहीं हैं, वहां वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि किसी आकस्मिकता की स्थिति में सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा सके। इसके लिए सेटेलाइट आधारित संचार पर भी विचार किया जाना चाहिए।
*इन आपदाओं के परिदृश्यों पर होगी माॅक ड्रिल*
सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियां कैसी हैं, इन्हें अलग-अलग आपदाओं के परिदृश्यों के जरिये परखा जाएगा। सड़क दुर्घटना, हेलीकॉप्टर दुर्घटना, भूकंप, होटल/धर्मशालाओं में अग्निकांड, धाम तथा संकरे मार्ग में भगदड़, खराब मौसम, बाढ़, आकाशीय बिजली, भूस्खलन, हिमस्खलन, पहाड़ी से पत्थर गिरना आदि परिदृश्यों पर माॅक ड्रिल की जाएगी। आपदा की स्थिति में विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों, एयरफोर्स, आर्मी, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, पैरामिलिट्री फोर्सेस के साथ स्थानीय प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन आदि के द्वारा किस प्रकार समन्वय किया जाता है तथा उनके संसाधनों को किस प्रकार प्राप्त किया जाता है, इसका भी परीक्षण किया जाएगा।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री महावीर सिंह चैहान, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी, डाॅ, बिमलेश जोशी, आरटीओ देहरादून श्रीमती अनीता चमोला, श्री राजीव बलोनी, श्री विजय डंगवाल, श्री सतेंद्र सिंह नेगी, श्री रोहिताश्वा मिश्रा, श्री एसके राणा, श्री एसके साहू, श्री शांतनु, श्री तेजपाल, श्री विनीत कुरील, आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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मुख्य सचिव ने की कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा*
*विभिन्न संगठनों से भी कुंभ मेला की व्यवस्थाओं को लेकर किया विचार-विमर्श*
*सभी व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश*
*हरिद्वार, 2 अप्रैल 2026*
कुंभ मेला-2027 की तैयारियों का जायजा लेने हरिद्वार पहुंचे मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को मेला नियंत्रण भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मेले से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुझाव एवं सहयोग पर विचार-विमर्श किया।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कुंभ मेला का दिव्य एवं भव्य आयोजन सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। हरिद्वार में सीवर लाइन निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने खोदी गई सड़कों को तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए। अपर रोड का कार्य एक सप्ताह में पूर्ण करने तथा शेष कार्य 30 जून तक समाप्त करने के निर्देश दिए गए। सीवर कार्यों की दैनिक निगरानी के लिए अपर जिलाधिकारी, अपर मेलाधिकारी एवं परियोजना प्रबंधक की समिति को प्रतिदिन की प्रगति की निगरानी करने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जिलाधिकारी हरिद्वार अपर रोड को सही करने के संबंध में निरीक्षण कर 10 अप्रैल तक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
मुख्य सचिव ने गंगा नदी की स्वच्छता एवं अविरलता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में गंदा पानी या सीवर गंगा में न जाने पाए। उन्होंने सभी नालों को सीवर लाइन से जोड़ने तथा आज ही निरीक्षण कर वीडियोग्राफी सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए ।
मुख्य सचिव ने कुकिंग गैस की समस्या के समाधान के लिए पीएनजी कनेक्शन वितरण हेतु शिविर आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी आश्रमों, धर्मशालाओं, होटलों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से एक सप्ताह के भीतर आवेदन प्राप्त किए जाँय। विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने भूमिगत लाइनों में खराबी आने पर त्वरित सुधार, खंभों को हटाने तथा वितरण बॉक्स को उपयुक्त स्थानों पर स्थापित करने के निर्देश दिए।
घाटों की सुरक्षा एवं रख-रखाव के लिए प्रभावी प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने नियमित पुलिस पेट्रोलिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं सीसीटीवी कैमरों की स्थापना पर बल दिया। साथ ही मनसा देवी मंदिर एवं चंडी देवी मंदिर मार्गों के सुधार कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा से पूर्व पूर्ण करने के लिए संबंधित विभागों को युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का निर्माण शीघ्र पूर्ण करने तथा इसकी अवस्थापना सुविधाओं को उपयोग में लाने के निर्देश दिए। साथ ही 15 दिनों के भीतर तीन मेगावाट विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं नई लाइन के निर्माण के निर्देश भी दिए गए। बैठक में कुंभ मेले के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस तथा बोट एंबुलेंस की तैनाती पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य सचिव ने कुंभ मेला-2027 के लिए प्रस्तावित ट्रैफिक एवं पार्किंग योजना पर सभी हितधारकों से सुझाव लेने तथा मंडलायुक्त स्तर पर अंतिम रूप देकर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुगमता का विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बताया कि अब तक 36 स्थायी एवं 19 अस्थायी कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा 32 सेक्टरों का विस्तृत सेक्टर प्लान तैयार किया गया है। सभी कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने हेतु विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है।
बैठक में सचिव शहरी विकास श्री नितेश झा, आयुक्त गढ़वाल मंडल श्री विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त श्री नंदन कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्री ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती, मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा, उप मेलाधिकारी श्री आकाश जोशी एवं श्री मनजीत सिंह, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इससे पूर्व मुख्य सचिव ने श्री गंगा सभा, व्यापार मंडल, आश्रम-होटल-धर्मशाला संचालकों, टैक्सी एवं ऑटो यूनियन तथा सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कुंभ मेला व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की तथा उनके सुझाव एवं समस्याएं जानीं। उन्होंने सभी से कुंभ मेला-2027 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन में सहयोग करने का आह्वान किया।
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*व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपी*
*राज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटा*
*सचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपी*
देहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।
श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।
श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
*रेस्टारेंट और ढाबों के लिए 2000 सिलेण्डर*
सचिव स्वरूप ने बताया कि संशोधित एसओपी में विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों की दैनिक आवश्यकता को निर्धारित किया गया है। होटल एवं रिजॉर्ट जैसे पर्यटन आधारित प्रतिष्ठानों के लिए 1500 सिलेण्डर (24 प्रतिशत) तथा रेस्टोरेंट एवं ढाबों के लिए 2000 सिलेण्डर (32 प्रतिशत) निर्धारित किए गए हैं, जिससे पर्यटन सीजन के दौरान निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। सरकारी एवं सरकार द्वारा नियंत्रित गेस्टहाउसों के लिए 300 सिलेण्डर (5 प्रतिशत) आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, पेइंग गेस्ट सुविधा वाले छात्रावासों तथा होम-स्टे एवं स्वयं सहायता समूहों के प्रतिष्ठानों के लिए 200-200 सिलेण्डर (प्रत्येक 3 प्रतिशत) निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विवाह समारोहों के लिए 660 सिलेण्डर (10 प्रतिशत) तथा फार्मास्यूटिकल, अस्पताल, ऑटोमोबाइल, कपड़ा, रसायन एवं अन्य प्राथमिकता वाले औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 1250 सिलेण्डर (20 प्रतिशत) का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल 6310 सिलेण्डरों का दैनिक वितरण सुनिश्चित किया गया है।
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*देहरादून को सर्वाधिक 31 प्रतिशत आवंटन*
सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि जनपदवार कोटा भी गैस कनेक्शनों की संख्या के अनुरूप निर्धारित कर दिया गया। देहरादून को 31 प्रतिशत के साथ सर्वाधिक आवंटन दिया गया है, जबकि हरिद्वार एवं नैनीताल को 13-13 प्रतिशत आवंटन निर्धारित किया गया है। उधमसिंह नगर को 9 प्रतिशत, चमोली को 6 प्रतिशत तथा रुद्रप्रयाग को 5 प्रतिशत आवंटन दिया गया है। टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी एवं अल्मोड़ा को 4-4 प्रतिशत, पिथौरागढ़ को 3 प्रतिशत तथा बागेश्वर एवं चम्पावत को 2-2 प्रतिशत आवंटन दिया गया है। यह व्यवस्था स्थानीय मांग और उपभोक्ता घनत्व को ध्यान में रखते हुए तय की गई है।
*विवाह समारोह हेतु विशेष प्रावधान, 02 सिलेडर निर्धारित*
सचिव श्री आनंद स्वरूप् ने बताया कि विवाह समारोहों के लिए विशेष प्रावधान करते हुए अधिकतम 2 व्यवसायिक सिलेण्डरों की सीमा निर्धारित की गई है। इसके लिए आवेदक को संबंधित जिलाधिकारी या नामित अधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा, जिसके बाद दस्तावेजों के परीक्षण उपरांत अनुमति प्रदान की जाएगी। अनुमोदन के बाद संबंधित गैस वितरक द्वारा अस्थायी कनेक्शन जारी कर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी तथा इसकी सूचना जिलाधिकारी को भी दी जाएगी। निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बाद यह कोटा पुनः सामान्य श्रेणियों में समायोजित कर लिया जाएगा, जिससे किसी प्रकार का दुरुपयोग न हो।
विवाह समारोह हेतु निर्धारित 660 सिलेण्डरों में देहरादून एवं नैनीताल को सर्वाधिक 176-176 सिलेण्डर आवंटित किए गए हैं, जबकि हरिद्वार एवं उधमसिंह नगर को 64-64 सिलेण्डर दिए गए हैं। अन्य जनपदों को उनकी आवश्यकतानुसार 18 से 24 सिलेण्डर तक आवंटित किए गए हैं। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्रों के लिए निर्धारित 1250 सिलेण्डरों में देहरादून, हरिद्वार एवं उधमसिंह नगर को 380-380 सिलेण्डर आवंटित किए गए हैं, नैनीताल व टिहरी को बीस-बीस तथा पौड़ी को 70 सिलेण्डर आवंटित किए गए हैं।



