फोटो25 लाख की धोखाधड़ी मामले में अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
देहरादून। 25 लाख की साइबर धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस द्वारा दो लोगो को पश्चिमी बंगाल से गिरफ्तार कर लिया है। जिनके कब्जे से विभिन्न बैंकों के 13 डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक, बैंक खाता खोलने के फॉर्म, सिम कार्ड एवं 3 मोबाइल बरामद किए गए है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि देहरादून के निवासी द्वारा साइबर ठगी के सम्बन्ध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज करायी गयी। तहरीर में बताया था कि अज्ञात साइबर ठगों द्वारा उनका मोबाइल फोन हैक कर उनकी ईकृमेल आईडी एवं मोबाइल नम्बर परिवर्तित कर उनकी कम्पनी के बैंक खाते से लगभग 24.95 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गयी है। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी। मामले में साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातोंध् रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा आदि से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से आरोपियों को चिन्ह्ति करते हुये बीती 14 जून को निरीक्षक आशीष गुसांई के नेतृत्व में एक पुलिस टीम पश्चिम बंगाल रवाना की गयी। पुलिस टीम द्वारा बीती 18 जून को एक सूचना के आधार पर रानाघाट पश्चिम बंगाल से उक्त घटना में संलिप्त दो आरोपियों तपन बिस्वास (उम्र 45 वर्ष) एवं उत्तम कुमार दास (उम्र 38 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों द्वारा साइबर ठगों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड एवं सिम कार्ड उपलब्ध कराने तथा इसके बदले आर्थिक लाभ प्राप्त करने की बात स्वीकार की गई। आरोपियों द्वारा विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, सिम कार्ड एवं बैंकिंग विवरण साइबर ठगों को उपलब्ध कराना, जिसमे आरोपी उत्तम कुमार दास द्वारा भी अपने नाम से कई बैंक खाते खुलवाकर उनके डेबिट कार्ड एवं सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराना स्वीकार किया गया। जांच में पाया गया कि आरोपी तपन बिस्वास द्वारा संदिग्ध बैंक खाते का संचालन कर साइबर ठगी की धनराशि के लेनदेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही थी। जबकि आरोपी उत्तम कुमार दास के बैंक खाते में वादी की ठगी गई धनराशि की दूसरी लेयर में ट्रांसफर होने के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
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नंदादेवी नेशनल पार्क में दिखे हिमालयन थार, साइबेरियन विजल, काला भालू जैसे कई वन्यजीव
देहरादून। नंदादेवी नेशनल पार्क में जैव विविधता निगरानी के लिए गई टीम अभियान के अंतिम पड़ाव सरसो पताल तक पहुंच गई है। इस दौरान टीम को प्रत्यक्ष तौर पर हिमालयन थार, साइबेरियन विजल, काला भालू और पिका जैसे कई वन्यजीव दिखाई दिए हैं।इसके अलावा स्नो लेपर्ड जैसे वन्यजीवों भी मिले हैं। टीम ने अभियान के दौरान कई जगहों पर ट्रैप कैमरे भी लगाए हैं, जिनसे भी वन्यजीवों के बारे में और नई जानकारी सामने आ सकती है। नंदा देवी नेशनल पार्क में हर दस साल में टीम अभियान को जाती है।इस अभियान की शुरुआत सात जून को हुई थी, अब टीम अभियान के तहत चिह्नित अंतिम स्थल सरसो पताल तक पहुंच गई है। टीम को कई जगहों पर हिमालयन थार, साइबेरियन विजल, काला भालू,भरल, पिका समेत छह जीव प्रत्यक्ष तौर पर दिखाई दिए हैं।डीएफओ अभिमन्यु बताते हैं कि इसके अलावा टीम को हिम तेंदुआ, रेड फॉक्स समेत 11 अन्य स्तनधारी वन्यजीवों के स्केट (मल) मिले हैं, जिनसे उनके संबंधित इलाके में होने की उपस्थिति का पता चलता है। चिड़ियों समेत अन्य जानकारी भी रिपोर्ट की गई है।डीएफओ अभिमन्यु बताते हैं कि अभियान के दौरान टीम ने विभिन्न जगहों पर 40 कैमरा ट्रैप को लगाया है। वापस लौटते समय टीम कैमरा ट्रैप को निकालते हुए आएगी। इनसे मिलने वाले फोटोग्राफ में संभव है कि उनसे नई जानकारी मिल सके। इसके अलावा टीम वनस्पतियों से जुड़ा अध्ययन कर रही है। वनाधिकारियों के अनुसार टीम वापस आकर रिपोर्ट तैयार करेगी, उससे और भी जानकारी सामने आ सकेगी। टीम सरसो पताल में दो दिन रहने के बाद वापस लौटना शुरू करेगी।
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नगरासू गुरुद्वारे पर निहंगों का कब्जा तीसरे दिन भी जारी
रुद्रप्रयाग। जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में निहंग सिखों का डेरा सोमवार को तीसरे दिन भी जारी है, जिससे क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने और किसी भी प्रकार के गतिरोध को समाप्त करने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी लगातार प्रयासरत हैं।
प्रशासनिक टीम विभिन्न पक्षों के साथ बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लगातार बैठकें कर रही है। मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
रुद्रप्रयाग प्रशासन स्थिति को काबू में और शांत बता रहा है लेकिन सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि आखिर ऐसी स्थिति उत्पन्न कैसे हुई। यदि यह कोई अचानक लिया गया निर्णय था, तो मामला इतने लंबे समय तक क्यों चल रहा है। और यदि इसकी कोई पूर्व तैयारी थी, तो संबंधित एजेंसियों और स्थानीय सूचना तंत्र को इसकी जानकारी समय रहते क्यों नहीं मिल सकी। ये ऐसे सवाल हैं जिनके उत्तर भविष्य की सुरक्षा रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर लगातार मौके पर डटे हुए हैं। दूसरे दिन सुबह से ही दोनों वरिष्ठ अधिकारी गुरुद्वारा परिसर में मौजूद रहे और पूरी स्थिति पर सीधी निगरानी बनाए रखी। जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी और एसपी गुरुद्वारे की छत पर मौजूद निहंग सिखों से फोन और माइक के माध्यम से लगातार संवाद स्थापित कर रहे हैं। अधिकारियों ने उन्हें संयम बरतने, कानून का सम्मान करने और शांतिपूर्ण समाधान स्वीकार करने के लिए समझाया. कई घंटों तक चली वार्ता के बाद आखिरकार थोड़ा बहुत सकारात्मक परिणाम सामने आया।बता दें कि शनिवार दोपहर से सात से आठ निहंग कब्जा जमाए हुए हैं। इससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। प्रशासन और निहंगों के बीच कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। हालांकि, रविवार को निहंगों ने बंधक बनाए गए एक सेवादार को रिहा कर दिया था।
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गौलापार ट्रेंचिंग ग्राउंड की गंदगी और प्रदूषण से लोगों को मिलेगी निजात,नगर निगम ने की कार्ययोजना तैयार
हल्द्वानी। हल्द्वानी को वर्षों पुरानी कूड़े की समस्या से जल्द राहत मिलने वाली है। गौलापार ट्रेंचिंग ग्राउंड में जमा करीब 1.75 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे के निस्तारण के लिए नगर निगम ने 9 करोड़ रुपये की योजना शुरू की है। नए लेगेसी प्लांट और आधुनिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था के जरिए कूड़े के पहाड़ों को हटाने की तैयारी तेज हो गई है।
कुमाऊं के सबसे बड़े नगर निगम हल्द्वानी में कूड़े के पहाड़ जल्द इतिहास बनने जा रहे हैं। गौलापार स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में वर्षों से जमा करीब 1 लाख 75 हजार मीट्रिक टन लेगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए नगर निगम ने बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से नया लेगेसी प्लांट स्थापित किया जाएगा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इस कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कंपनी का चयन भी कर लिया गया है। गौरतलब है कि जनवरी माह में पुराना अनुबंध समाप्त होने के बाद प्लांट का संचालन बंद हो गया था, जिससे ट्रंचिंग ग्राउंड में दोबारा कचरे का ढेर लगने लगा और आसपास के लोगों को दुर्गंध तथा प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि साल 2018 से पहले जमा हुए कूड़े को हटाने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई गई है, जिस पर जल्द कार्य शुरू होगा। इसके साथ ही गीले कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए नगर निगम ने कानपुर की एक फर्टिलाइजर कंपनी के साथ एमओयू किया है। इस योजना के तहत गीले कचरे से कंपोस्ट खाद तैयार की जाएगी। नगर निगम का दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद न केवल हल्द्वानी बल्कि आसपास के निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी कूड़े और दुर्गंध की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
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टैंकर पर हाईटेंशन लाइन गिरने से लगी भीषण आग,दमकल विभाग ने डीजल टैंक फटने से बचाया
हरिद्वार। सड़क किनारे खड़े डीजल टैंकर पर अचानक हाईटेंशन लाइन गिरने से भीषण आग लग गयी। जिससे मौके पर अफरा-तफरी फैल गयी। सूचना मिलने पर पुलिस व फायर सर्विस ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया और डीजल टैंक फटने से बचा लिया।
मामला कोतवाली गंगनहर क्षेत्र में राजमहल होटल के समीप का है। यहंा खड़े एक ट्रक में हाईटेंशन बिजली की लाइन गिरने से भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन रुड़की की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर विभाग को प्राप्त सूचना के अनुसार राजमहल होटल के निकट खड़े ट्रक में अचानक आग लग गई थी। मौके पर पहुंची फायर यूनिट ने देखा कि ट्रक के ऊपर हाईटेंशन बिजली की लाइन गिरी हुई थी और उसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। इस कारण आग तेजी से फैल रही थी। फायर कर्मियों ने तत्काल स्थिति का आकलन करते हुए बिजली आपूर्ति बंद कराने के लिए कई बार बिजली विभाग से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद घटना की जानकारी कंट्रोल रूम को दी गई तथा चेतक मोबाइल को बिजलीघर भेजा गया। बिजलीघर से विघुत आपूर्ति बंद किए जाने के बाद फायर कर्मियों ने होज पाइप बिछाकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूर्ण रूप से नियंत्रण पा लिया गया।
फायर अधिकारियों के अनुसार यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो ट्रक का डीजल टैंक फट सकता था, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका थी। हालांकि फायर सर्विस की तत्परता से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। आग की घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। मौके पर मौजूद लोगों ने फायर सर्विस की त्वरित एवं साहसिक कार्रवाई की सराहना करते हुए टीम की भूरिकृभूरि प्रशंसा की। आग बुझाने वाली टीम में फायर कर्मी विपिन सिंह, विपिन सैनी, हरीशचंद्र, सुनील बंदोलिया एवं अभिषेक राज शामिल रहे।
मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी किया 27 जून तक मौसम का पूर्वानुमान
देहरादून। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 27 जून तक का मौसम का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। इस पूर्वानुमान के अनुसार इस दौरान राज्य के 11 पहाड़ी जिलों बारिश होगी। दो मैदानी जिलों हरिद्वार और उधम सिंह नगर में बारिश नहीं होगी और मौसम शुष्क रहेगा।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार कुमाऊं मंडल के बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बाकी पांच पहाड़ी जिलों टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, देहरादून, अल्मोड़ा और चंपावत में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होगी। दो मैदानी जिलों हरिद्वार और उधम सिंह नगर में मौसम शुष्क रहेगा और बारिश नहीं होगी।
हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, उनमें गढ़वाल मंडल में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिले शामिल हैं। मंगलवार 23 जून को उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। बाकी 6 पहाड़ी जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश बादलों की गर्जना के साथ होगी। हरिद्वार और उधम सिंह नगर जिलों में मंगलवार को भी मौसम शुष्क रहेगा। बुधवार 24 जून को उत्तराखंड के सभी पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान बादल भी जोर से गरजेंगे। राज्य के दो मैदानी जिलों हरिद्वार और उधम सिंह नगर में इस दिन भी बारिश नहीं होगी यानी मौसम शुष्क रहेगा। गुरुवार 25 जून, शुक्रवार 26 जून और शनिवार 27 जून को मौसम का पैटर्न बुधवार 24 जून जैसा ही रहेगा। यानी राज्य के पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होगी, लेकिन मैदानी जिले शुष्क रहेंगे।
