मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को होटल नटराज, ऋषिकेश में अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति बैठक कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 29.78 करोड़ की 3 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 23.15 करोड़ की 1 योजना का लोकार्पण एवं 6.63 करोड़ की 2 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न शहरों के मेयर का स्वागत करते हुए कहा कि सभी मेयर अपने शहर के प्रथम नागरिक और शहरवासियों की आशाओं, अपेक्षाओं और विश्वास के भी प्रतिनिधि हैं। आपके निर्णय का प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा हमारे देश की आत्मा गाँवों में बसती है, तो हमारे नागरिकों के सपने, उनकी आकांक्षाएँ और उनके भविष्य की संभावनाएँ शहरों में आकार लेती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण पलों को उत्तराखंड में बिताया है। वे उत्तराखंड के प्रत्येक क्षेत्र से भली भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस वर्ष चार धाम यात्रा में अब तक कुल 45 दिनों में 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यात्रा की है,जो एक नया रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारी प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सरल, सुगम , सुरक्षित हो। उन्होंने कहा पहले, आदि कैलाश में 500 लोग आते थे, इस वर्ष यात्रा शुरू होने से अब तक प्रति दिन करीब 1000 लोग आदि कैलाश पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया मां पूर्णागिरि मंदिर में भी 24 लाख लोगों ने दर्शन कर लिए हैं। बीते चार सालों में 23 करोड़ से ज्यादा पर्यटक उत्तराखंड आ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में शहरी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। आज स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के लाखों शहरों में साफ-सफाई की नई संस्कृति विकसित हुई है। स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास का मॉडल विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का घर का सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखंड के शहरों के विकास को नई गति दी जा रही है। उत्तराखंड में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार नगर निकायों में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। राज्य में निराश्रित गौवंशों को आश्रय प्रदान करने के उद्देश्य से आश्रय योजना प्रारम्भ की है। स्थानीय निकायों में श्वानों की बढ़ती संख्या की रोकथाम हेतु एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना की शुरुआत की है। हरित क्षेत्रों के विकास और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहर, दुनिया के समक्ष देश की वास्तविक छवि भी प्रस्तुत करते हैं। शहर सुव्यवस्थित, स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित होंगे तो भारत की छवि भी सशक्त, समृद्ध और अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने कहा शहर स्वच्छ होगा तो पूरा भारत स्वच्छ होगा। शहर सुव्यवस्थित होगा, तो पूरा देश सुव्यवस्थित होगा। उन्होंने कहा प्रत्येक शहर सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध होगा, तो भारत विकसित राष्ट्र अवश्य बनेगा।
कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 तर्ज पर हम भी विकसित उत्तराखंड को आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं। विकसित भारत की कल्पना को पूरा करने में महानगर को विकसित करने, आत्मनिर्भर बनाने, सौर ऊर्जा, कूड़ा प्रबंधक , रेनवाटर हार्वेस्टिंग, लोकल एवं छोटे उद्योग की स्थापना एवं आत्मनिर्भर महानगर की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने नगर निगम, ऋषिकेश में ₹1.80 करोड़ की लागत से बने पीपीपी मोड़ पर 10 स्थानों पर ई.वी. चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण कार्यों एवं 4.83 करोड़ की लागत से ऋषिकेश के 12 स्थानों पर वर्षा जल का संचय कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने ₹ 23.15 करोड़ की लागत से नगर निगम ऋषिकेश के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट योजनान्तर्गत कम्पोस्ट प्लांट एवं सैनेट्री लैन्डफिल साईट लाल पानी बीट निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थलों का भी अवलोकन किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा, विधायक श्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर श्री शंभू पासवान, श्रीमती रेनू बाला गुप्ता, श्री आशुतोष एवं देशभर के विभिन्न शहरों से मेयर उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का औचक निरीक्षण कर चारधाम यात्रा एवं रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, ठहरने की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं से यात्रा का फीडबैक भी लिया।
*श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए न करना पड़े इंतजार*
मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए की गई पंजीकरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए की श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए इंतजार ना करना पड़े। उन्होंने स्वास्थ्य जांच केंद्रों का निरीक्षण कर यात्रियों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान देने को बात कही। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। बढ़ती गर्मी को देखते हुए उन्होंने ट्रांजिट कैंप में अतिरिक्त कुलर लगाने तथा पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
*श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बेहतर
भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी संवाद किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं का “अतिथि देवो भव:” की भावना के साथ स्वागत करें तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
*यात्रियों ने मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त*
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में मौजूद श्रद्धालुओं से भी संवाद कर यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं बिहार सहित विभिन्न राज्यों से आए यात्रियों ने चारधाम यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। श्रद्धालुओं ने पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, आवास एवं अन्य सुविधाओं को संतोषजनक बताया।
कई बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें आशीर्वाद दिया तथा यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का कुशलक्षेम जाना और उन्हें सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
*ट्रांजिट कैंप में धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण की भी सराहना*
ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए एलईडी स्क्रीन के माध्यम से रामायण एवं महाभारत के प्रसारण की विशेष व्यवस्था की गई है। यात्रियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रतीक्षा के दौरान उन्हें आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव हो रहा है। उत्तर प्रदेश से आई कामिनी ने कहा कि “वह गुरुवार से अपनी चार धाम यात्रा शुरू करेंगी। आज सुबह उन्होंने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। वह सुबह से ही ट्रांसिट कैंप में बैठी हैं, वहां कूलर, पंखे, पानी की पर्याप्त व्यवस्था है उन्होंने बताया साथ ही टीवी में रामायण चलने से उनका समय भी अच्छा बीत रहा है।”
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से आए शुभम ने बताया कि “वो अपने 3 दोस्तों के साथ चार धाम यात्रा से वापस ऋषिकेश लौटे आए हैं, आज सुबह से ही वह ट्रांजिट कैंप में हैं। उन्होंने अपनी यात्रा शुरू भी ट्रांसिट कैंप से की थी, जहां उन्हें सुविधा इतनी अच्छे लगी की वह लौटते समय भी यहां ठहरने के लिए आए हैं”। मध्य प्रदेश से आए ओमप्रकाश ने बताया कि वह भी सुबह ही ट्रांजिट कैंप पहुंचे हैं और आगे की यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने ट्रांजिट कैंप में ही अपना भोजन किया और स्वास्थ्य जांच करवाई। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की।
*ट्रांजिट कैंप में लंगर सेवा के साथ स्थानीय उत्पादों को मिला बढ़ावा*
ट्रांजिट कैंप परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निरंतर लंगर एवं नि:शुल्क भोजन-पानी की व्यवस्था की जा रही है। एक ओर जहाँ स्वयंसेवकों द्वारा यात्रियों को भोजन की सेवा उपलब्ध कराई जा रही है तो वहीं दूसरी ओर, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा कैंप परिसर में स्थानीय उत्पादों की बिक्री भी की जा रही है। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद एवं स्वरोजगार से जुड़े सामान यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे जहां एक ओर महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यार्थियों की ट्रैकिंग एवं मैपिंग आदि के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक ली।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के विद्यार्थियों की जन्म से लेकर शैक्षणिक और स्वास्थ्य सहित सम्पूर्ण गतिविधियों के ट्रैकिंग और मैपिंग किए जाने हेतु शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को ट्रैकिंग और मैपिंग के लिए एक सिंगल प्लेटफार्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी बच्चों की आभा और अपार आईडी बनाए जाने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि आभा आईडी और अपार आईडी के माध्यम से शिक्षा और स्वास्थ्य की ट्रैकिंग की जा रही है, इन दोनों प्लेटफार्म को और अधिक अपग्रेड करते हुए ऐसा मैकेनिज्म तैयार किया जाए ताकि बच्चे के जन्म से लेकर टीकाकरण, आंगनवाड़ी में प्रवेश उसके बाद विद्यालय में प्रवेश सहित शैक्षिक उपलब्धियों का डाटा उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि जन्म के बाद टीकाकरण, आंगनवाड़ी और स्कूल में एडमिशन से लेकर स्कूल पासआउट तक का डाटा संकलित रहे। सिस्टम द्वारा स्वतः अभिभावकों को भी एसएमएस चला जाए कि टीकाकरण या विद्यालय में प्रवेश के लिए बच्चा योग्य हो गया है। इसके साथ ही सम्बन्धित विभागों द्वारा भी बच्चे का फॉलोअप किया जा सके।
इसके लिए मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों, एनआईसी और आईटीडीए के साथ मिलकर इसके लिए ब्रेन स्टोर्मिंग कर एक प्लेटफार्म तैयार करने के निर्देश देते हुए शीघ्र इसकी पुनः बैठक कराए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव श्री रविनाथ रमन, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री सी. रविशंकर, अपर सचिव सुश्री रीना जोशी सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में सिंगल विंडो के अंतर्गत निवेश से सम्बन्धित राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की 65वीं बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान प्रदेश में निवेश से सम्बन्धित डीजी एवं आयुक्त उद्योग द्वारा स्वीकृत प्रस्तावों संस्तुति प्रदान की गयी।
मुख्य सचिव ने जनपद स्तर पर 143 (लैंड यूज चेंज) और 154 से सम्बन्धित विभिन्न मामलों के निस्तारण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को सिंगल विंडो से सम्बन्धित प्रकरणों में प्रोएक्टिव होकर निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने सचिव उद्योग को भी देरी पर सम्बन्धित से स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो से मिलने वाली स्वीकृतियों के लिए समय सीमा निर्धारित है। इसके अंतर्गत ही सभी स्वीकृतियां और क्लीयरेंस दी जानी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रथम एवं और द्वितीय चरण के सभी लम्बित प्रकरणों को शीघ्र से शीघ्र निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर सचिव श्री विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. वी. षणमुगम, श्री सी. रविशंकर, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव श्री सौरभ गहरवार सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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*मुख्य सचिव उत्तराखंड द्वारा टिहरी गढ़वाल में बजरंग सेतु एवं हिलान्स हिमालयन भोजनालय का निरीक्षण*

मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन श्री आनंद बर्धन द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल क्षेत्रांतर्गत तपोवन स्थित बजरंग सेतु का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ओम प्रकाश द्वारा सेतु की इंजीनियरिंग संरचना, तकनीकी विशेषताओं एवं निर्माण संबंधी पहलुओं की विस्तृत जानकारी मुख्य सचिव को प्रदान की गई। मुख्य सचिव ने परियोजना की प्रगति एवं सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
तत्पश्चात मुख्य सचिव द्वारा नरेंद्रनगर विकासखंड अंतर्गत प्लास्डा स्थित हिलान्स हिमालयन भोजनालय का निरीक्षण किया गया। हिलान्स हिमालयन भोजनालय की संचालक बीना पुंडीर द्वारा भोजनालय में प्रतिदिन आने वाले ग्राहकों एवं दैनिक बिक्री से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही रीप परियोजना से छह लाख, बैंक लोन तीन लाख एवं सीएलएफ कंट्रीब्यूशन एक लाख से अवगत कराया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने भोजनालय परिसर के आसपास अधिकाधिक वृक्षारोपण सुनिश्चित करने तथा मेनू को स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित रूप से डिस्प्ले करने के निर्देश दिए, जिससे पर्यटकों एवं आगंतुकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन एवं आजीविका से जुड़े ऐसे प्रयासों को और अधिक सशक्त किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके।
इस निरीक्षण के दौरान डॉ पंकज कुमार पांडेय (सचिव लोक निर्माण विभाग, औद्योगिक , खनन एवं आयुष विभाग), जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, तपोवन नगर पंचायत अध्यक्ष विनीता बिष्ट, एसडीएम नरेंद्रनगर आशीष घिडियाल, डीडीओ मो. असलम, ईओ तपोवन अंजलि, बीडीओ श्रुति वत्स आदि संबंधित उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री ने 9.74 लाख लाभार्थियों को 176.59 करोड़ रूपये की पेंशन राशि हस्तांतरित की*
*राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यशाला में नशा मुक्ति एवं वरिष्ठ नागरिक सम्मान की दिलाई शपथ*
*जन कल्याण और समामाजिक न्याय के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आई. आर.डी. टी सभागार में राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता अभिमुखीकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत माह मई 2026 की पेंशन वन क्लिक के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरित की। 09 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खाते में कुल 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार की धनराशि का हस्तांतरण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने नशा मुक्त अभियान एवं वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और देखभाल की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला सामाजिक कल्याण योजनाओं को समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव, देरी और बाधा के योजनाओं का लाभ प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ देश में जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुफ्त राशन योजना जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। वहीं स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि, दीनदयाल अंत्योदय योजना और राष्ट्रीय आजीविका मिशन के माध्यम से वंचित वर्गों को स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अंत्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दिव्यांग कार्मिकों का वाहन भत्ता बढ़ाया गया है। स्वयं सहायता समूहों को ‘लखपति दीदी योजना’ एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’, ‘मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना’, ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ तथा ‘अपणि सरकार पोर्टल’ के माध्यम से विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को वैश्विक पहचान मिली है, जबकि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं। राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर माला मिशन पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। शारदा कॉरिडोर, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर एवं गोल्ज्यू कॉरिडोर पर भी कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की आर्थिकी डेढ़ गुना बढ़ी है तथा बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। होम-स्टे, उद्योग, स्टार्टअप, हेलिपोर्ट एवं बिजली उत्पादन के क्षेत्र में दो से तीन गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। भारत सरकार के सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक में विशेष श्रेणी राज्यों में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून एवं सख्त भू-कानून लागू किए गए हैं। सरकार द्वारा 11 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार सूत्रीय रणनीति पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण, तकनीक का अधिकतम उपयोग तथा नियमित मॉनिटरिंग एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने आयोगों, परिषदों एवं समितियों के सदस्यों से जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, श्री भरत चौधरी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती पार्वती दास,, श्री भूपाल राम टम्टा, सचिव श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव श्री प्रकाश चन्द्र, विभिन्न्न आयोगों, परिषदों एवं समितियों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री आवास परिसर में 3-बी गार्डन (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री आवास परिसर स्थित राजकीय उद्यान, सर्किट हाउस देहरादून में विकसित किए जा रहे 3-बी गार्डन (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ कृष्णा वट के पौधे का रोपण कर किया गया। इस उद्यान का विकास मधुमक्खियों, तितलियों एवं पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परागण एवं जैव विविधता को बढ़ावा देने वाले विभिन्न प्रकार के पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण किया जा रहा है। उद्यान के आसपास कीटनाशकों एवं अन्य हानिकारक रसायनों के उपयोग को प्रतिबंधित रखा जाएगा, जिससे प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
इस विशेष उद्यान के निर्माण से मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन में भी महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा। साथ ही आमजन में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी यह उद्यान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री द्वारा उद्यान प्रभारी श्री दीपक पुरोहित को इस प्रकार के उद्यान के विकास करने के निर्देश दिये गए थे। तत्पश्चात उपयुक्त प्रजातियों के पौधों के चयन एवं रोपण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया था।
उद्यान में जामुन, शहतूत, सहजन, कदम्ब, कपूर, गुड़हल, अमरूद, नीम, बाँस, बॉटल ब्रश, टिकामा, जीनिया, कॉसमॉस, पेंटास, मिल्कवीड, पैशन फ्लावर, हमेलिया, इक्जोरा, लैंटाना, तुलसी, लैवेंडर, सूरजमुखी, रोजमेरी एवं पुदीना सहित अनेक प्रजातियों के पौधों का मिश्रित रूप से रोपण किया जा रहा है।
परिसर में स्थित जीर्ण-शीर्ण एवं वृद्ध वृक्षों के समीप नवीन पौधों के रोपण का कार्य भी प्रारम्भ किया गया है। इसके अतिरिक्त उच्च हिमालयी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले बांज, बुरांश, तेजपत्ता तथा पया प्रजाति के पौधों का रोपण भी विगत वर्ष से किया जा रहा है, जो वर्तमान में स्वस्थ वृद्धि के साथ परिसर की प्राकृतिक शोभा एवं विशिष्टता को बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने परिसर में संचालित पर्यावरणीय एवं जैव विविधता संवर्धन संबंधी कार्यों की सराहना करते हुए उद्यान विभाग को मधुमक्खी पालन गतिविधियों को मुख्यमंत्री आवास परिसर तथा निकटवर्ती क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर विकसित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव श्री शैलेश बगौली, निदेशक उद्यान डॉ. आर.के. सिंह, श्री नरेन्द्र यादव मौजूद थे।
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*मुख्य सचिव द्वारा टिहरी झील क्षेत्र का भ्रमण एवं पर्यटन विकास परियोजना का निरीक्षण*
मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन श्री आनंद बर्धन द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल क्षेत्रांतर्गत टिहरी झील के समीप कोटी–जाख–डोबरा पुल तक निर्माणाधीन पर्यटन रोड तथा डोबरा पुल क्षेत्र में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित इको पार्क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही उन्होंने टूरिज्म रोड के कार्यों की प्रगति का भी अवलोकन किया।
टिहरी झील क्षेत्र में सतत, समावेशी एवं जलवायु-अनुकूल पर्यटन विकास हेतु लगभग ₹1,294 करोड़ की परियोजना प्रस्तावित है। इस परियोजना के अंतर्गत कुल छह क्लस्टरों—डोबरा चांटी, तिवाड़ गांव, कोटि कॉलोनी, नई टिहरी, मदन नेगी एवं लेक क्लस्टर—के विकास संबंधी कार्यों की जानकारी दी गई।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से एमएफएन लाइटवेट विश्व चैम्पियन दिगंबर सिंह रावत ने की शिष्टाचार भेंट*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में चमोली जनपद निवासी एवं मिश्रित मार्शल आर्ट्स (एमएमए) के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी श्री दिगंबर सिंह रावत ने शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्री दिगंबर सिंह रावत को एमएफएन (Matrix Fight Night) लाइटवेट विश्व चैम्पियन बनने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रावत ने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर उत्तराखण्ड का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है तथा यह सिद्ध करती है कि उत्तराखण्ड के युवा खेलों के क्षेत्र में भी वैश्विक पहचान स्थापित करने की क्षमता रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री दिगंबर सिंह रावत भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश एवं प्रदेश का नाम रोशन करते रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि चमोली जनपद के निवासी श्री दिगंबर सिंह रावत वर्तमान में एमएफएन लाइटवेट विश्व चैम्पियन हैं। उन्होंने ग्रेटर नोएडा में आयोजित एमएफएन-18 प्रतियोगिता में पहले ही राउंड में तकनीकी नॉकआउट (टीकेओ) के माध्यम से शानदार जीत दर्ज कर रिक्त विश्व खिताब अपने नाम किया था।
श्री दिगंबर सिंह रावत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन से युवाओं का मनोबल बढ़ रहा है तथा उन्हें अपने लक्ष्य हासिल करने की नई ऊर्जा प्राप्त हो रही है।
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*मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, पुस्तकालय एवं खेल सुविधाओं का किया निरीक्षण*
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दूसरे दिन टिहरी गढ़वाल के बौराड़ी क्षेत्र में स्थित राजकीय मॉडल प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र ढुंगीधार, श्रीदेव सुमन पुस्तकालय एवं बौराड़ी स्टेडियम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मुख्य सचिव द्वारा निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं मूलभूत सुविधाओं का सतत अनुश्रवण कर आवश्यक सुधार समयबद्ध रूप से किए जाएं, श्रीदेव सुमन पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों, अभिलेखों एवं पांडुलिपियों का समुचित संरक्षण करते हुए अध्ययन हेतु बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएं तथा बौराड़ी स्टेडियम एवं प्रस्तावित खेल सुविधाओं के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ी केन्द्र ढुंगीधार में बच्चों की संख्या, उपलब्ध खेल सामग्री तथा बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य एवं पोषण पदार्थों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण किट वितरित की तथा केन्द्र में बच्चों का वजन भी माप करवाया। उन्होंने एएनएम एवं आशा कार्यकर्त्रियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा बच्चों के घरों तक पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण सुनिश्चित करें।
इसके उपरांत मुख्य सचिव ने राजकीय मॉडल प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना, बच्चों के लिए उपलब्ध फर्नीचर, उपस्थिति पंजिका एवं अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा दी गई जानकारी पर उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के प्रयासों की सराहना की।
मुख्य सचिव ने श्रीदेव सुमन पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुस्तकालय की व्यवस्थाओं, पुस्तकों के रखरखाव, अभिलेखों, पंजीकरण व्यवस्था तथा दुर्लभ एवं प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्हें अवगत कराया गया कि उक्त पुस्तकालय को पुरानी टिहरी से विस्थापित कर वर्तमान स्थान पर स्थापित किया गया है। पुस्तकालय में राजशाही काल से लेकर आधुनिक विषयों तक की समृद्ध पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है, जिससे साहित्य प्रेमियों, शोधार्थियों एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है।
इसके पश्चात मुख्य सचिव ने बौराड़ी स्टेडियम का निरीक्षण किया तथा प्रस्तावित बैडमिंटन हॉल के निर्माण स्थल का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्य सचिव, स्थानीय विधायक किशोर उपाध्याय, नगर पालिका परिषद टिहरी अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने डाइजर क्षेत्र में जैकरेण्डा (Jacaranda) के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी वी.पी. सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव, जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी पंकज तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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टिहरी गढ़वाल, 05 जून 2026
*मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनपदीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक*
मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में जनपद टिहरी गढ़वाल के समस्त जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ जनपदीय कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनपद में चल रही सभी लोक निर्माण एवं अवसंरचना परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ प्राथमिकता पर पूर्ण किया जाए तथा आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं अन्य सुविधाओं की मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए। पेयजल, सीवर एवं जल निकासी जैसी मूलभूत सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती मांग के अनुरूप स्थायी समाधान विकसित किए जाएं। इसके साथ ही जल जीवन मिशन एवं अन्य पेयजल योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा कर लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल द्वारा जनपद की प्रशासनिक व्यवस्था एवं जनसंख्या सहित विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। बैठक में सड़क नेटवर्क, मोटरेबल ब्रिज तथा लोक निर्माण विभाग की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। ₹10 करोड़ से अधिक लागत की कुम्भ मेला से संबंधित सेक्शन रोड (नरेंद्रनगर– किनवानी– नीरगढ़) के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य, जिसकी निविदा जारी हो चुकी है, के संबंध में जानकारी दी गई। मुख्य सचिव द्वारा कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। रामझूला सेतु के सुदृढ़ीकरण एवं सुरक्षात्मक कार्यों की भी समीक्षा की गई।
पीएमजीएसवाई फेस-4 के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों एवं आपदा/बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की स्थिति पर चर्चा हुई। सिंचाई विभाग द्वारा खंडवार नहरों, नलकूपों एवं लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की जानकारी दी गई तथा क्षतिग्रस्त नहरों के संबंध में विस्तृत जानकारी मुख्य सचिव द्वारा प्राप्त की गई।
मुनि की रेती क्षेत्र में ₹40 करोड़ की वर्षा जल निकासी प्रणाली निर्माण कार्य की प्रगति पर चर्चा की गई। चंद्रभागा नदी में बाढ़ सुरक्षा हेतु चैनलाइजेशन कार्य अस्थायी रूप से किए जाने के बावजूद नदी तल का स्तर बढ़ने के कारण अतिरिक्त उपचारात्मक कार्यों की आवश्यकता बताई गई।
राजकीय पॉलिटेक्निक, नई टिहरी के निर्माण कार्य (टेंडर प्रक्रिया पूर्ण) को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश मुख्य सचिव द्वारा दिए गए। नई टिहरी मालरोड के सौंदर्यीकरण एवं फसाड कार्यों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल योजनाओं की प्रगति (हिंडोलखाल, मणि, चौरास, भरपूर, गजा, तपोवन नगर, कांडी ग्राम समूह, जलकुर एवं मुनि की रेती पंपिंग योजना) पर चर्चा की गई। साथ ही ₹10 करोड़ से अधिक की पेयजल योजनाओं की स्थिति से अवगत कराया गया।
जिलाधिकारी द्वारा देवप्रयाग एवं कीर्तिनगर क्षेत्र में पेयजल पंपिंग योजना की आवश्यकता तथा मुख्य पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्याओं को भी रखा गया।
नरेंद्रनगर सीवर लाइन योजना में 55 प्रतिशत भौतिक प्रगति की जानकारी दी गई। पर्यटन क्षेत्रों में जल आपूर्ति की बढ़ती मांग एवं रखरखाव हेतु बजट की कमी को प्रमुख चुनौती के रूप में चिन्हित किया गया। जनपद में एसटीपी एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति के साथ-साथ होटलों हेतु पर्यावरण अनुकूल ग्रीन रेटिंग प्रणाली की जानकारी दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा फार्म बेस्ड एवं नॉन-फार्म एक्टिविटीज (ऋषिकेश, चम्बा आदि) के अंतर्गत फूड कार्ट एवं सड़क किनारे ईटरीज़ की योजनाओं से अवगत कराया गया। नॉन-फार्म सेक्टर में भिलंगना में प्रिंटिंग एवं लेबलिंग यूनिट, चम्बा में एग्री इनपुट एवं डेयरी फार्म, थौलधार में हर्बल ऑयल, देवप्रयाग में मशरूम यूनिट, कीर्तिनगर में मत्स्य उत्पादन, जौनपुर में प्लम एवं बकरी पालन, प्रतापनगर में पोल्ट्री एवं हर्बल गार्डन तथा नरेंद्रनगर में ड्रैगन फ्रूट उत्पादन जैसी गतिविधियों की जानकारी दी गई।
प्रभागीय वनाधिकारी नरेंद्रनगर द्वारा ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत पिरूल कलेक्शन (131 क्विंटल) की जानकारी दी गई। सीडीओ द्वारा प्रत्येक ब्लॉक में “माई ब्लॉक माई लाइब्रेरी” कार्यक्रम की प्रगति से अवगत कराया गया। बैठक में कृषि, मत्स्य, उद्यान, खेल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभागों की योजनाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं के साथ-साथ संबंधित चुनौतियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
इससे बैठक से पूर्व टीएचडीसी गेस्ट हाउस, भागीरथीपुरम के सभागार में एडीबी परियोजना के प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा बैठक मुख्य सचिव द्वारा की गई। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने टिहरी झील क्षेत्र में सतत, समावेशी एवं जलवायु-अनुकूल पर्यटन विकास हेतु छह क्लस्टर – डोबरा चांटी, तिवाड़ गांव, कोटि कॉलोनी, नई टिहरी, मदन नेगी एवं लेक क्लस्टर — के संबंध में अवगत कराया गया।
इस अवसर पर सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, एसएसपी श्वेता चौबे, एडीएम शैलेंद्र नेगी, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति सहित समस्त जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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नई टिहरी
*मुख्य सचिव ने जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ विकास कार्यों एवं जनसमस्याओं की समीक्षा बैठक की*
*विकास संवाद में उभरे जनसरोकार—मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों के साथ व्यापक मंथन*
जिला कलेक्ट्रेट सभागार, नई टिहरी में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में जनपद के जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच विकास कार्यों एवं जनसमस्याओं को लेकर विस्तृत एवं संवादात्मक मंथन हुआ। बैठक ने जन अपेक्षाओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के बीच समन्वय का महत्वपूर्ण मंच प्रस्तुत किया।
मुख्य सचिव ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य प्रकरणों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर जिला स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, जिससे जनता को त्वरित राहत मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्रीय आवश्यकताओं एवं विकास संबंधी मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय ने क्षेत्रीय असमानताओं एवं आरक्षित क्षेत्र विस्तार से जुड़े विषय उठाए, वहीं विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार एवं विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सुदृढ़ करने हेतु संसाधनों एवं उपकरणों की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
विधायक देवप्रयाग विनोद कण्डारी ने पेयजल आपूर्ति एवं पर्यटन विकास से जुड़े रोपवे परियोजनाओं को गति देने का विषय रखा, जबकि दर्जाधारी मंत्री जोत सिंह बिष्ट ने नदी तटीय आवागमन के वैकल्पिक साधनों की आवश्यकता को रेखांकित किया। दर्जाधारी मंत्री विनोद सुयाल ने यात्रा सीजन के दौरान देवप्रयाग–ऋषिकेश मार्ग पर बढ़ते दबाव एवं प्रबंधन चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया।
बैठक में नगर पालिका परिषद नई टिहरी अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने विस्थापित नई टिहरी शहर की विभिन्न समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) सदस्य दिनेश डोभाल ने नगर पंचायत घनसाली की भूमि के नियमितीकरण तथा चारधाम यात्रियों को नई टिहरी से जोड़ने हेतु प्रभावी प्रयास किए जाने की मांग रखी।
जनपद के विभिन्न नगर निकायों के अध्यक्षों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं एवं विकासात्मक गतिविधियों की जानकारी दी। नगर पालिका चम्बा एवं देवप्रयाग द्वारा पार्किंग सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया गया, जबकि नगर पंचायत घनसाली एवं चमियाला के प्रतिनिधियों ने वन्यजीवों के बढ़ते हमलों से जनजीवन एवं कृषि को हो रहे नुकसान की समस्या उठाई।
विकासखण्ड प्रमुखों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क एवं वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से रखा गया। इन सभी विषयों पर मुख्य सचिव ने संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए संबंधित विभागों को त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस बैठक ने यह संकेत दिया कि जनपद स्तर पर विकास केवल योजनाओं के क्रियान्वयन का विषय नहीं, बल्कि निरंतर संवाद, समन्वय और जवाबदेही का साझा दायित्व है।
बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष चम्बा शोभनी धनोला, मुनिकीरेती नीलम विजल्वाण, देवप्रयाग ममता देवी, अध्यक्ष नगर पंचायत तपोवन विनीता बिष्ट, घनसाली आनन्द बिष्ट, चमियाला गोविन्द सिंह राणा, लम्बगांव रोशन रांगड़।
ब्लॉक प्रमुख गणों में घनसाली राजीव कंडारी, चंबा सुमन सजवाण, नरेन्द्रनगर दीक्षा राणा, कीर्तिनगर अंचला खंडेवाल, देवप्रयाग विनोद बिष्ट, प्रतापनगर मनीषा पंवार, जौनपुर सीता पंवार व थौलधार सुरेन्द्र भण्डारी सहित विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि व अधिकारी गण उपस्थित रहे ।
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टिहरी गढ़वाल, 05 जून 2026 (सू.वि.)
*आजीविका की नई तस्वीर: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते स्वरोजगार मॉडल का स्थलीय मूल्यांकन*
मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन श्री आनन्द बर्द्धन द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखंड चम्बा अंतर्गत विभिन्न आजीविका एवं स्वरोजगार संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। यह भ्रमण केवल परियोजनाओं की समीक्षा तक सीमित न रहकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उभरते आत्मनिर्भरता के मॉडल को समझने और उसे और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा गया।
मुख्य सचिव द्वारा निर्देश दिए गए कि रीप एवं अन्य आजीविका संवर्धन योजनाओं के अंतर्गत संचालित सभी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाते हुए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को प्राथमिकता दी जाए, मिनी फिश प्रोसेसिंग यूनिट सहित सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं में गुणवत्ता मानकों का पालन करें एवं स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं बाजार विस्तार को सुदृढ़ कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास सुनिश्चित किए जाएं।
ग्राम दिखोलगांव में रीप (ग्रामोत्थान) परियोजना एवं आईएफएडी (IFAD) के सहयोग से संचालित “हिमालयन भोजनालय” फूड कार्ट के निरीक्षण के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद स्थापित किया गया। महिलाओं द्वारा स्थानीय व्यंजनों के निर्माण, विपणन व्यवस्था एवं दैनिक आय से जुड़े अनुभव साझा किए गए। मुख्य सचिव ने इस पहल को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल बताते हुए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार पहुंच को और अधिक व्यापक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके पश्चात नागणी में निर्माणाधीन मिनी फिश प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण किया गया। आरआईडीएफ (RIDF) नाबार्ड पोषित इस परियोजना के माध्यम से मत्स्य उत्पादन को मूल्य संवर्धन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। उप निदेशक मत्स्य प्रमोद कुमार शुक्ला ने परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि संपर्क मार्ग एवं पुस्तों के निर्माण का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। आवश्यक मशीनरी की आपूर्ति की जा चुकी है तथा पीयूएफ पैनलिंग का कार्य प्रगति पर है। मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए समयबद्ध रूप से परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए।
भिन्नू ग्राम में मूर्ति राम पोल्ट्री फार्म के निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि पशुपालन एवं पोल्ट्री आधारित गतिविधियाँ ग्रामीण स्वरोजगार का प्रभावी आधार बन रही हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ डी के शर्मा ने अवगत कराया कि लाभार्थी द्वारा संचालित यह इकाई ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
इसी क्रम में दुवाधार स्थित 3K जैविक आउटलेट का अवलोकन किया गया, जहां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह द्वारा स्थानीय जैविक उत्पादों जैसे मांडुआ, चौलाई एवं दालों का विपणन किया जा रहा है। यह पहल न केवल स्थानीय कृषि उत्पादों को बाजार उपलब्ध करा रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्य सचिव ने उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग एवं बाजार विस्तार को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
समग्र रूप से यह निरीक्षण जनपद में आजीविका आधारित गतिविधियों की उस उभरती संरचना को दर्शाता है, जहां सरकारी योजनाएं, स्वयं सहायता समूह और स्थानीय संसाधन मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, सीडीओ वरुणा अग्रवाल, तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री ने नैनीताल को दी 96.71 करोड़ की योजनाओं की सौगात*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जनपद नैनीताल को 96 करोड़ 71 लाख रुपये की 13 विकास योजनाओं की सौगात दी। जिसमें 67 करोड़ लागत की 6 योजनाओं का लोकार्पण एवं 29.71 करोड़ की 7 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा भीमताल क्षेत्र के विकास हेतु अनेक घोषणा की गई, जिसमें भीमताल में सैनिकों एवं व्यापारियों हेतु एक बहुउद्देश्यीय भवन का निर्माण, भीमेश्वर मंदिर एवं ओखलकांडा पशुपतिनाथ मंदिर को मंदिर माला मिशन में जोड़े जाने, रामगढ़ ब्लॉक के ओढ़ाखांन से मुक्तेश्वर मोटर मार्ग, जीप मार्ग का मिलान, रामगढ़ उप तहसील का शीघ्र संचालन किये जाने के साथ क्षेत्र में प्राधिकरण की समस्या के समाधान हेतु उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर समस्या का समाधान किया जाना शामिल है।
मुख्यमंत्री ने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यहां की सुंदर झील, चारों ओर फैली हरियाली, पर्वतों की अद्भुत श्रृंखला और प्रकृति की अनुपम छटा हमें केवल आनंद का अनुभव ही नहीं कराती, बल्कि हमें ये भी याद दिलाती है कि प्रकृति और पर्यावरण ही हमारा वर्तमान भी है और भविष्य भी है। इसलिए इस प्रकृति और पर्यावरण को संरक्षित और सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल पौधे लगाने या औपचारिक कार्यक्रमों को करने का ही नहीं है, बल्कि आज का दिन आत्मचिंतन करने का भी दिन है। आज का दिन स्वयं से ये पूछने का अवसर है कि हम अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों को कैसी धरती, कैसा पर्यावरण और कैसा भविष्य सौंपकर जाना चाहते हैं, क्या हम उन्हें स्वच्छ नदियाँ, हरे-भरे जंगल और शुद्ध वातावरण देंगे, या फिर प्रदूषण, जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों से भरा भविष्य देकर जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का पर्यावरण कैसा हो ये हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। क्योंकि अच्छा पर्यावरण न केवल हमारी पहचान है बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार भी है। उन्होंने कहा कि हम उस पवित्र भूमि के निवासी हैं जहाँ से माँ गंगा और यमुना जैसी जीवनदायिनी नदियाँ निकलती हैं। जहाँ हिमालय केवल पर्वत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता का प्रहरी है और हम उस संस्कृति के वाहक हैं जिसने हजारों वर्षों पहले ही प्रकृति को पूजनीय माना और पूरी दुनिया को प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया आज जिस पर्यावरण संरक्षण की बात कर रही है, वह हमारी संस्कृति का हिस्सा हजारों वर्षों से रहा है। हमने नदियों को माँ कहा, वृक्षों को देवता माना, पर्वतों को पूजनीय माना और प्रकृति को जीवन का आधार माना।उन्होंने दुनिया में हो रहे जलवायु परिवर्तन को एक बड़ी चुनौती मानते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन अब केवल वैज्ञानिकों की चर्चा का विषय नहीं रह गया है।
यह हमारे रोजमर्रा जीवन की वास्तविकता बन चुका है। बदलता मौसम, बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, सूखते जल स्रोत, पिघलते ग्लेशियर और बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ हमें लगातार चेतावनी दे रही हैं। जलवायु परिवर्तन से हमारे जल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं, हमारी खेती प्रभावित हो रही है, हमारी जैव विविधता प्रभावित हो रही है साथ ही साथ हमारे राज्य की आर्थिकी का मूल आधार पर्यटन भी प्रभावित हो रहा है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण हमारे लिए अति महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने विश्व को एक नई दिशा देने का काम किया है। उन्होंने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। इसी सोच के साथ भारत प्रकृति भी और प्रगति भी के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी ने मिशन लाइफ के माध्यम से दुनिया को यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है। जब करोड़ों लोग अपने जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करने शुरू कर देते हैं, तब बड़े-बड़े परिवर्तन अपने आप संभव होने लग जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रारंभ किया गया एक पेड़ माँ के नाम अभियान भी केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है। बल्कि ये भावनाओं से जुड़ा हुआ एक जनआंदोलन है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रत्येक परिवार से आग्रह किया कि वह अपनी माँ के नाम एक पौधा अवश्य लगाए और उसे वृक्ष बनाऐं। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया जंगलों की रक्षा की बात कर रही थी, तब उत्तराखंड की मातृशक्ति ने चिपको आंदोलन के माध्यम से इतिहास रचा था। गौरा देवी और यहॉं को माताओं, बहनों ने दुनिया को यह संदेश दिया था कि प्रकृति की रक्षा के लिए जनशक्ति से बड़ी कोई शक्ति नहीं होती। आज फिर उसी भावना को जगाने की आवश्यकता है। आज फिर हमें पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, नदी संरक्षण, वनीकरण, वन्यजीव संरक्षण और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कार्य सरकार द्वारा किए जा रहे हैं। उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने सकल पर्यावरण उत्पाद की अवधारणा को लागू किया है। यह केवल एक नीति नहीं, बल्कि बेहतर सोच का प्रतिबिंब है। जो बताती है कि हमारे लिए जंगल, जल और जैव विविधता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी आर्थिक प्रगति। सरकार का स्पष्ट संकल्प है, विकास भी होगा और पर्यावरण संरक्षण भी होगा। उन्होंने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने हेतु प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि जंगलों को आग से बचाने में सरकार का सहयोग करें। जहाँ कहीं भी आग की छोटी सी चिंगारी दिखाई दे, तुरंत सूचना दें। एक छोटी सी सावधानी हजारों पेड़ों और अनेक जीवों का जीवन बचा सकती है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि नैनीताल जनपद की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सड़क कनेक्टिविटी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री रामसिंह कैड़ा ने मुख्यमंत्री का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए भीमताल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गतिमान विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों योजनाओं की जानकारी दी।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान स्थित श्री हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, विधायक नैनीताल सरिता आर्या, उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, अध्यक्ष नगर पालिका भीमताल सीमा टमटा, कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति दीवान सिंह रावत, सीडीओ अरविंद कुमार पाण्डे सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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भीमताल झील के सौंदर्यीकरण हेतु झील के किनारे लगाए जाएंगे बोगनबेलिया के पौधे, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की पौधारोपण की शुरुआत*
*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पूज्य माता जी के नाम से पौधा रोपित किया*
*पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति मुख्यमंत्री ने बताई सामूहिक प्रयासों की जरूरत*
*भीमताल झील परिक्षेत्र में लगाए जा रहे बोगनबेलिया के पौधों के अभियान को बताया अभिनव प्रयास*
नैनीताल/भीमताल 5 जून 2026
सूवि।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद नैनीताल के भीमताल में झील सौंदर्यीकरण अभियान कार्यक्रम में प्रतिभाग कर भीमताल झील परिक्षेत्र में पौध रोपण किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनसमूह को विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई देते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति संकल्पबद्ध होकर कार्य करने का आह्वान किया । मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति और जीवन शैली का प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। हमारे लोकपर्व, परम्पराएं और जनजीवन सदैव पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों को सुदृढ़ करते रहे हैं। यह दिवस प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और संरक्षण की भावना को प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें एकजुट होकर प्रकृति के संरक्षण की दिशा में भी चिन्तन करना होगा। उन्होंने कहा कि नैनीताल जिला झीलों के नाम पर विश्वविख्यात है, यहॉं देश विदेश से वर्षभर पर्यटक आते हैं। झीलों का संरक्षण व सवर्धन सरकार की प्राथमिकता में है। इसी उद्देश्य से भीमताल झील किनारे फूलों के पौध रोपित करने के साथ ही इसका सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहॉं की झीलों की देश-विदेश में विशिष्ट पहचान है। राज्य सरकार इस धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने आह्वान करते हुए कहा कि इस मानसून में प्रत्येक नागरिक अधिक से अधिक पौधारोपण करने के साथ ही पौधों एवं जल स्रोतों के संरक्षण, नदियों एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता तथा प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने के लिए आगे आएं। उन्होंने इस अभियान में सभी से सक्रिय भागीदारी की भी अपील की है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पूज्य माता श्रीमती बिसना देवी के नाम से एक बोगनबेलिया का पौधा रोपित किया गया
इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार में शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन व जलागम प्रबंधन मंत्री रामसिंह कैड़ा द्वारा भी अपनी स्व. माता श्रीमती रेवती देवी जी की स्मृति में एक पौधा रोपण किया गया ।
इस दौरान कुमाऊं आयुक्त व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत द्वारा अपनी पूज्य माता श्रीमती सावित्री रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल द्वारा अपनी पूज्य माता उमा देवी रयाल, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं तेजस्विनी अरविंद पाटील द्वारा अपनी पूज्य माता स्व. श्रीमती मीना अरविंद पाटील की स्मृति में तथा मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे द्वारा अपनी पूज्य माता श्रीमती नागिन्दी पाण्डे, वन संरक्षक नितीश मणी त्रिपाठी द्वारा अपनी पूज्य माता श्रीमती नीलम मणी त्रिपाठी जी के नाम से पौधा रोपित किया गया।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार, आईटीबीपी से 34 बटालियन के कमाडेंट हेमंत कुमार,जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, मुख्य उद्यान अधिकारी प्रेमा राणा,एपीडी चंद्रा फर्त्याल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि,गणमान्य नागरिक, प्रकृति प्रेमी आदि मौजूद रहे।
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भीमताल नगर पालिका को मिले पांच नए कूड़ा वाहन*
*भीमताल भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नए कूड़ा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना*
नैनीताल/भीमताल 5 जून 2026 सूवि।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भीमताल नगर को साफ एवं स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से पांच नए कूड़ा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भीमताल नगर पर्यटन एवं धार्मिक क्षेत्र में विख्यात है, यहॉं की झीले एवं प्राकृतिक सुन्दररता पर्यटकों को यहॉं खींच लाती है। नगर को साफ एवं स्वच्छ बनाए रखने हेतु आवश्यक सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का होना नितांत आवश्यक है, इसी उद्देश्य से यह कूड़ा वाहन नगर पालिका को उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि नगर के कूड़े का निस्तारण आसानी से हो सके। उन्होंने कहा कि नगर को स्वच्छ बनाए रखने के साथ ही कूड़े का समय पर निस्तारण आवश्यकीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नगर निकायों में स्वच्छता अभियान के लिए कूड़ा वाहनों के साथ-साथ नए उपकरण भी दे रही है, ताकि नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ रखा जा सके।
इस दौरान शहरी विकास मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा, भीमताल नगर पालिका अध्यक्ष सीमा टम्टा आदि मौजूद रहे।
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सूबे के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को लोहियाहेड हेलीपैड व कैंप कार्यालय में जनता व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर जनसमस्याएं सुनी तथा समस्याओं का समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा जन समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है,इसलिए जनता की समस्याओं का शीघ्रता से समाधान किया जाए।
इसके उपरान्त पर्यावरण दिवस पर माननीय मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय परिसर लोहियाहेड में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा हमें पौधारोपण ही नहीं उनका संरक्षण भी करना है।
माननीय मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक फलदार पौधे लगाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि जनपद में अभियान चलाकर 04 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य,नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा,प्रदेश उपाध्यक्ष भाजयुमो सतीश भट्ट, महामंत्री रमेश जोशी,अमित कुमार पांडे, रनदीप पोखरिया,भवानी भंडारी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति,अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी गौरव पांडे सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि,जनता उपस्थित थे।
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काशीपुर के विकास को नई गति दे रही धामी सरकार:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी.*
*मुख्यमंत्री ने काशीपुर के 25.19 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण व शिलान्यास।*
खटीमा/काशीपुर 05 जून 2026
सूबे के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से काशीपुर के 25.19 करोड़ के 03 विकास कार्यों शिलान्यास व 02 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार काशीपुर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु तेजी से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से 8 प्रमुख चौराहों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रथम चरण में दो महत्वपूर्ण चौराहों का शिलान्यास किया गया। उन्होंने बताया कि ननकाना साहिब जाने वाले मार्ग पर स्थित स्टेडियम तिराहे का नाम “ननकाना साहिब चौक” रखा जा रहा है, जिसके सौंदर्यीकरण हेतु 3 करोड़ 35 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। वहीं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप चौक के सौंदर्यीकरण के कार्य के लिए 4 करोड़ 30 लाख स्वीकृत कर प्रथम चरण के कार्य भी प्रारंभ किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से काशीपुर-रामनगर मार्ग (NH-309) के मरम्मत एवं निर्माण कार्यों का भी शिलान्यास किया गया है। इसके अतिरिक्त काशीपुर स्टेडियम में 24 लाख रुपए की लागत से निर्मित आधुनिक ओपन जिम तथा 49.24 लाख रूपये की लागत से उधम सिंह नगर प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय में बने प्री-फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर का भी लोकार्पण किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में आधुनिक एवं मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी दिशा में राज्य सरकार भी सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और शहरी विकास से जुड़े कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर कुमाऊँ क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्र है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा 133 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क विकसित किया जा रहा है, जिसमें 16 औद्योगिक इकाइयों का आवंटन हो चुका है। इससे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि काशीपुर-रामनगर राजमार्ग को फोरलेन बनाए जाने हेतु 494 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। साथ ही 3 किलोमीटर लंबे मिनी बाईपास का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो चुका है, जिससे शहर को यातायात जाम से राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर, हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। साथ ही काशीपुर के ड्रेनेज सिस्टम और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मास्टर प्लान पर कार्य किया जा रहा है। लगभग 1950 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल, सीवरेज, सड़क सुधार एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों का काम केवल योजनाओं को लंबित रखना था, जबकि वर्तमान सरकार “नो पेंडेंसी” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। हमारी सरकार शिलान्यास के साथ-साथ समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लोकार्पण भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकास की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी और जनता के सहयोग से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को अवश्य पूरा किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से खटीमा से जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति व काशीपुर से विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली सहित अन्य जनप्रतिनिधि व जनता जुड़े थे।
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अल्मोड़ा, 6 जून 2026
*खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प।*
*किसानों के हित में हो रहा कार्य, बढ़ रही है आय: मुख्यमंत्री*
*अल्मोड़ा के हवालबाग में हुआ भव्य कार्यक्रम। बड़ी संख्या में पहुंचे किसान।*
*6 करोड़ रुपए से जनपद अल्मोड़ा में कराई जाएगी तारबाड़। खेती होगी सुरक्षित : मुख्यमंत्री*
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हवालबाग में राज्य स्तरीय “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने तथा किसानों को भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। मोटे अनाजों विशेषकर मांडुआ, झंगोरा, चौलाई एवं अन्य पारंपरिक फसलों के संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि अल्मोड़ा की धरती पर किसानों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनांदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश की शक्ति और हिम्मत हैं। हमारी संस्कृति में मिट्टी केवल भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि मां के समान पूजनीय है। इसलिए मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और खेतों को रासायनिक पदार्थों से यथासंभव मुक्त रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित कृषि व्यवस्था छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्राविधान भी किया है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी का परीक्षण कराने, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक शोध के अनुरूप खेती करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसलों का चयन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। प्रधानमंत्री के “मन की बात” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बागवानी क्षेत्र के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क तथा सुगंधित फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मोटे अनाजों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के मामले में देश में उत्तराखंड का नाम प्रथम श्रेणी में आना सरकार की नीतियों की सफलता का जीता जागता उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों से केवल वादे नहीं करती, बल्कि धरातल पर कार्य करने में विश्वास रखती है। उन्होंने किसानों से अपनी खेती और मिट्टी का परीक्षण कराने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
*इस दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद में तारबाड़ योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जाने घोषणा भी की।*
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है तथा अब तक सरकारी विभागों में 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों के हित में ड्रैगन फ्रूट, कीवी तथा मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतियां बनाई गई हैं। खेती का क्षेत्रफल घटने के बावजूद कृषि उत्पादों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि खेतों को बचाकर ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण संभव है।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन सरकार की नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपदवासियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, विधायक सल्ट महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, दायित्वधारी गंगा बिष्ट, गोविंद पिलख्वाल, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, निदेशक कृषि, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।
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कवि केवल शब्दों के निर्माता नहीं होते बल्कि वे समाज के चिंतक, मार्गदर्शक और प्रेरक। सीएम धामी*
*देवभूमि उत्तराखंड सदियों से साहित्य, संस्कृति और सृजन की भूमि रही है। धामी*
*हिमालय की गोद में बसी इस पावन धरती ने अनेक ऐसे साहित्यकार, कवि और लोकचिंतक दिए हैं,*
*उत्तराखंड की साहित्यिक परंपरा आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा दे रही है।*
रामनगर/कालाढूंगी/हल्द्वानी 06 जून 2026 सूवि।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को तहसील कालाढुंगी के नमस्ते कॉर्बेट रिज़ॉर्ट धनपुर धमोला पहुंचकर *ललित फाउंडेशन के पंचम अधिवेशन* “अभिव्यंजना” 5•0 का दीप जलाकर शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि ये केवल एक कवि सम्मेलन नहीं बल्कि विचारों, भावनाओं और सृजनशीलता को अनुभव करने का एक अभिनव अवसर है। उन्होंने कहा कि कवि केवल शब्दों के निर्माता नहीं होते बल्कि वे समाज के चिंतक, मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं क्योंकि, कवि की रचनाएं समाज को दर्पण दिखाने का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज उलझनों से घिरता है, तब कवि अपनी लेखनी से न केवल समाज को नई दिशा दिखाने का काम करता है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास भी करता है। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को भी तभी गति मिली जब हमारे कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से देशवासियों को स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया और आज ऐसे ही राष्ट्रभक्त एवम् विशिष्ट कवियों का समुच्चय हमारे सम्मुख उपस्थित है। जिनकी वाणी में विरह है तो प्रेम भी है,विद्रोह है तो देशभक्ति भी है,हास्य है तो भक्ति भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर जहां डॉ. कुमार विश्वास जी ने अपनी लेखनी और विशिष्ट प्रस्तुति शैली के माध्यम से कविता को नई पहचान दी है, वहीं पदमश्री अशोक चक्रधर जी की रचनाएँ हास्य, व्यंग्य और सामाजिक सरोकारों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. हरिओम पंवार जी की ओजस्वी कविताएँ राष्ट्रभक्ति और जनचेतना की सशक्त अभिव्यक्ति हैं, जो हर श्रोता को ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करती हैं।
उन्होंने कहा कि सभी कवियों ने कविताओं को विशिष्ट मंचों से निकालकर जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करने के साथ-साथ युवाओं को साहित्य से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से साहित्य, संस्कृति और सृजन की भूमि रही है। हिमालय की गोद में बसी इस पावन धरती ने अनेक ऐसे साहित्यकार, कवि और लोकचिंतक दिए हैं, जिन्होंने अपनी लेखनी से समाज को दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चाहे सुमित्रानंदन पंत जी की प्रकृति-साधना हो, चंद्रकुंवर बर्त्वाल जी की काव्य चेतना हो, गिर्दा की जन सरोकारों को उठाती रचनाएं हों, शैलेश मटियानी जी का उत्तराखंडी लोकजीवन का सशक्त चित्रण हो, गौरा पंत ‘शिवानी’ जी की साहित्य-साधना हो, मोहन उप्रेती जी द्वारा लोक संस्कृति के संरक्षण का अद्भुत प्रयास हो।
उन्होंने कहा कि देवभूमि ने अपनी साहित्यिक चेतना और सृजनधारा से सदैव देश-विदेश के साहित्य प्रेमियों को आकर्षित किया है। उत्तराखंड की साहित्यिक परंपरा आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा दे रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज और साहित्य के क्षेत्र में प्रेरणादायी कार्य कर रहे कवि, कवित्रियों एवम् साहित्यकारों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ये सम्मान मात्र व्यक्तियों का नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली सोच का सम्मान है। उन्होंने सम्मानित होने वाले सभी समाजसेवियों और साहित्यकारों को हार्दिक बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहॉं ऐसे प्रख्यात कवि उपस्थित हैं, जो प्रस्तुति देते हैं तो उनकी कविताएँ मात्र पंक्तियाँ नहीं रह जातीं, बल्कि जनमानस के लिए प्रेरणा और परिवर्तन का स्वर बन जाती हैं। उन्होंने साहित्य संगम को एक नई चेतना, नई ऊर्जा और अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ और आगे लेकर जाने का आह्वान किया।इससे पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा देवभूमि आगमन पर इस कवियों एवं साहित्यकारों का स्वागत किया।
इस अवसर पर विधायक कालाढुंगी बंशीधर भगत, कवि डॉ कुमार कुमार विश्वास, पद्मश्री अशोक चक्रधर, डॉ हरिओम पवार सहित देश के विभिन क्षेत्रों से आए कवि एवं साहित्यकार व अन्य उपस्थित रहे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आईआरबी बेलपडाव, रामनगर पहुंचने पर विधायक बंशीधर भगत,
बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, उपाध्यक्ष गणेश रावत, दर्जा राज्यमंत्री सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, सुरेंद्र नामधारी,हुकुम सिंह कुँवर आयोग के सदस्य ज़ेडए वारसी, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय, सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया।
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न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ एवं सुदृढ़ बनाने में “जूडिशियम 2.0” महत्वपूर्ण पहल : मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने यू. पी.ई.एस बिधौली में उत्तराखंड न्यायाधीश संघ के वार्षिक सम्मेलन “जूडिशियम 2.0 : इंक्लूज़न, एक्सेस एंड स्ट्रेंथनिंग” में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना सुशासन की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन की थीम समावेशिता, न्याय तक आसान पहुंच तथा न्यायिक संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है, जो विकसित भारत के निर्माण के संकल्प से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था में समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर एवं सम्मान मिलना चाहिए तथा न्याय तक पहुंच में भौगोलिक अथवा आर्थिक परिस्थितियां बाधक नहीं बननी चाहिए। विशेष रूप से उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को सरल एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है। न्याय में अनावश्यक विलंब से आमजन का विश्वास प्रभावित होता है, इसलिए न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने की दिशा में सतत प्रयास किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है, जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने के साथ ही समाज में विश्वास एवं सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ करती है। उन्होंने कहा कि कानून के शासन की सफलता न्यायपालिका के प्रति जनता के विश्वास पर निर्भर करती है और माननीय न्यायाधीश इस दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानूनों के साथ-साथ ई-कोर्ट्स, नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड, डिजिटल केस मैनेजमेंट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाओं ने न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया है।
मुख्यमंत्री कहा कि राज्य सरकार भी न्यायालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, डिजिटल कोर्ट, ई-फाइलिंग और वर्चुअल सुनवाई जैसी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। साथ ही राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने नकल विरोधी कानून, अवैध धर्मांतरण निरोधक कानून, दंगा रोधी कानून तथा भ्रष्टाचार एवं अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से उत्तराखंड में कानून के राज को और अधिक मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण और सभी नागरिकों को समान न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में लागू समान नागरिक संहिता एक ऐतिहासिक कदम है, जिसकी देशभर में चर्चा हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “जूडिशियम 2.0” सम्मेलन न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा विकसित एवं श्रेष्ठ उत्तराखंड के निर्माण के संकल्प को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखण्ड जज एसोसिएशन की कल्याण निधि के लिए 05 करोड़ की धनराशि रखे जाने की घोषणा की तथा एसोशिएशन की स्मारिका का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री मनोज कुमार गुप्ता, न्यायमूर्ति श्री रविन्द्र मैठाणी, न्यायमूर्ति श्री राकेश थपलियाल, न्यायमूर्ति श्री आलोक मेहरा, न्यायमूर्ति श्री सुभाष उपाध्याय, न्यायमूर्ति श्री सिद्धार्थ साह, उत्तराखंड उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल श्री योगेश कुमार गुप्ता, विभिन्न न्यायालयों के न्यायाधीश एवं गणमान्य उपस्थित थे।
[08/06, 9:56 am] manojsati78: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार श्री सुदीप जैन के बड़े भाई श्री दीपक जैन के निधन पर दुःख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा को शांति और शोकाकुल परिजनों को धैर्य प्रदान करने की कामना है।
महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी ने भी वरिष्ठ पत्रकार श्री सुदीप जैन के बड़े भाई श्री दीपक जैन के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।
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विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में सबका सहयोग जरूरी – मुख्यमंत्री*
*मुख्यमंत्री ने 6940 करोड़ की 12 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा।*
*50 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली परियोजनाओं को 15 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश।*
*मुख्यमंत्री स्तर पर मासिक एवं मुख्य सचिव स्तर पर प्रत्येक 10 दिन में होगी समीक्षा।*
*भूमि हस्तांतरण, वन स्वीकृति और भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण पर दिया जोर।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रगति पोर्टल के माध्यम से राज्य की विभिन्न महत्वपूर्ण अवसंरचना एवं विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में परिवहन, ऊर्जा, लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन तथा अन्य विभागों की 6940 करोड़ की कुल 12 प्रमुख परियोजनाओं की विस्तार से जानकारी ली गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि इन परियोजनाओं के कार्यों में और तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री स्तर पर प्रत्येक माह, मुख्य सचिव स्तर पर 10 दिनों में इसकी समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेगी और नियमानुसार सख्त कारवाई भी की जायेगी। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं पर 50 प्रतिशत तक कार्य हो चुका है, 15 अक्टूबर 2026 तक उन कार्यों को पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सभी विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में भूमि हस्तांतरण, वन स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण, क्षतिपूर्ति भुगतान अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से विलम्ब हो रहा है, उनके समाधान के लिए संबंधित विभाग समन्वित रूप से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रगति पोर्टल को प्रभावी निगरानी तंत्र के रूप में उपयोग करते हुए प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा की जाए तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक विलम्ब से न केवल विकास कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि जनहित एवं आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बैठक में रामनगर आईएसबीटी, रानीखेत बस टर्मिनल, ताड़ीखेत डिपो एवं कार्यशाला, बनबसा एवं रुद्रप्रयाग विद्युत उपकेंद्र परियोजनाओं, चारधाम सड़क परियोजनाओं, अस्कोट-लिपुलेख मार्ग, माणा पास सड़क परियोजना, हरिद्वार एवं काशीपुर क्षेत्र की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने वन भूमि हस्तांतरण, वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों, भूमि अधिग्रहण तथा क्षतिपूर्ति वितरण से संबंधित लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट समयसीमा निर्धारित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिये कि जनपद स्तर पर लंबित प्रकरणों की व्यक्तिगत निगरानी कर उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं, विद्युत अवसंरचना तथा परिवहन सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं राज्य के समग्र विकास और जनता की सुविधाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से पर्यटन, व्यापार, निवेश एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा जिन परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षित स्तर से कम है, उनके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, डॉ. आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री बृजेश कुमार संत, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, श्री बंशीधर तिवारी, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी उपस्थित थे।
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उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण SIR कार्यक्रम के तहत सचिवालय में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी. आर. सी. पुरुषोत्तम ने गणना फॉर्म सौंपा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अवगत कराया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के शुद्धिकरण हेतु यह अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। आगामी 7 जुलाई तक एक माह के समय में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के गणना फार्मों को बीएलओ एप्प के माध्यम से डिजिटिलाइज किया जाएगा।
इस अवसर पर सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री केदार सिंह स्टेडियम, नागथात, देहरादून में आयोजित जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. श्री केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान समरजेंस मोटर मार्ग का चौड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य किए जाने, प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किए जाने, वि.ख. चकराता के बागी -खेड़ा -कोटा- तपलाड मार्ग में यमुना नदी पर 60 मी. स्पैन पुल का निर्माण कार्य किए जाने, चकराता के क्यारापुल – डामटा – म्यूँडा मोटर मार्ग के कि.मी. 22 से छामरी एवं जाखणी तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य, विकासखंड कालसी के अंतर्गत ग्राम सकरोल से ग्राम भोड़ा-भालनू एवं उटेल होते हुए द्वितीय सिद्ध पीठ श्री महासू महाराज थैना तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य , वि.ख. चकराता के अंतर्गत ग्राम खबऊ के अन्तर्गत खेड़ा रमारका- कुन्ना – बुराष्टी में यमुना नदी से पम्पिंग पेयजल योजना बनाए जाने, वि.ख चकराता के जगथान बुरायला मार्ग से ग्राम उदांवा तक सडक निर्माण को PMGSY में प्रस्तावित किए जाने एवं क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए द्वीना से बिसोई खुना अलमान तक नए संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने श्री महासू देवता को नमन करते हुए कहा कि जौनसार बावर सांस्कृतिक पुनरूत्थान समिति पिछले 33 वर्षों से इस उत्सव के माध्यम से धरोहर को बचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा जौनसार भाबर प्राकृतिक सुंदरता के साथ अपनी मेहनतकश, सरल और स्वाभिमानी जनता के लिए जाना जाता है। यहां की लोक संस्कृति, एकता की भावना को बढ़ावा एवं भविष्य की पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा जौनसार- बावर में उन्हें उत्तराखण्ड की मूल आत्मा के साक्षात दर्शन होते हैं। जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ, सरलता, आत्मीयता और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है।
मुख्यमंत्री ने कहा जौनसार के रासो की थाप, हारूल की गूंज और बौंद जैसी महान परंपराएं उत्तराखंड, के साथ पूरे देश का गौरव हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनजातीय समाज के सम्मान, शिक्षा और समग्र विकास के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। देश में जनजातीय समुदायों के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन जैसी अनेक योजनाएँ लागू की गईं हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आदिवासी समाज की नीतियां और नियति दोनों बदली हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव के माध्यम से संस्कृति व विरासत को एक मंच देने का प्रयास किया है। सरकार ने प्रतिवर्ष जनजातीय खेल महोत्सव आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित किया है। जिसके तहत इन गांवों में सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी हर बुनियादी सुविधा पहुंचाकर इनका कायाकल्प करने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से जनजातीय बच्चों को निःशुल्क विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा की सुविधा मिल रही है। बाजपुर और चकराता में भी नए एकलव्य आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्य जारी है। जनजातीय समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए सरकार, प्राथमिक स्तर से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति भी प्रदान कर रही है। शैक्षिक विकास के लिए वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह के लिए ₹ 50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड की स्थापित की गई है जौनसार बावर क्षेत्र में सड़कों, पानी और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। चकराता के विकास के लिए राज्य सरकार ने लगभग 39 करोड़ रुपये की 56 योजनाओं को मंजूरी दी थी। इनमें से 51 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। शेष 5 योजनाओ को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। पूरे क्षेत्र की सड़कों को मजबूत करने के लिए 1,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं पर काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 707 और 707A का चौड़ीकरण युद्धस्तर पर जारी है। कालसी-चकराता मार्ग पर जजरेड के पास भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान किया जा रहा है। न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डांडा पंपिंग योजना पर लगभग 229 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। जिससे भविष्य में पानी की कभी कमी नहीं होगी। श्री महासू देवता मंदिर परिसर के भव्य विकास के लिए 120 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक मास्टर प्लान पर विकास कार्य भी गतिमान है।
इस अवसर पर विधायक श्री मुन्ना सिंह चौहान ,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु चौहान, दायित्वधारी श्री गीता राम गौड़, मेला समिति के अध्यक्ष श्री नरेश चौहान, महासचिव मेला समिति श्री नरेन्द्र तोमर, श्री खुशीराम जोशी, श्री जयपाल सिंह तोमर, श्री शूरवीर सिंह तोमर, श्री बलवीर सिंह नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
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*पूर्व सैनिकों को आपदा प्रबंधन तंत्र से जोड़ा जाएगा*
*राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भण्डारी (सेवानिवृत्त) ने सोमवार को कार्यभार ग्रहण किया*
*सचिव आपदा प्रबंधन श्री विनोद कुमार सुमन ने किया स्वागत*
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के नव नियुक्त माननीय उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भण्डारी (सेवानिवृत्त) ने सोमवार को अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया तथा नवीन दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत माननीय उपाध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है तथा आपदा प्रबंधन को और अधिक सशक्त एवं जन-केंद्रित बनाने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों एवं अनुभवों का समुचित उपयोग किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता राज्य के अधिकाधिक पूर्व सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं जवानों को आपदा प्रबंधन तंत्र से जोड़ने की होगी। उत्तराखण्ड के लगभग प्रत्येक गांव में पूर्व सैनिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति है, जिनका अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, प्रशिक्षण एवं मैदानी अनुभव आपदा जोखिम न्यूनीकरण, खोज एवं बचाव कार्यों तथा सामुदायिक आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाने, समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। साथ ही युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों एवं पूर्व सैनिकों के समन्वय से एक सक्षम और प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का नेटवर्क विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने विश्वास व्यक्त किया कि लेफ्टिनेंट कर्नल भण्डारी के व्यापक प्रशासनिक, सैन्य एवं संगठनात्मक अनुभव का लाभ राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मिलेगा तथा उनके मार्गदर्शन में आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न पहल और अधिक प्रभावी रूप से आगे बढ़ेंगी।
उल्लेखनीय है कि लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भण्डारी (सेनि.) ने भारतीय सेना में लगभग 38 वर्षों तक विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया है। उन्होंने सेना के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों एवं इकाइयों में सेवाएं प्रदान की हैं, जिनमें थल सेना प्रशिक्षण स्कूल, लद्दाख स्काउट रेजीमेंटल सेंटर लेह, गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर लैंसडाउन, मराठा रेजीमेंट तथा नेशनल डिफेंस अकादमी खड़कवासला प्रमुख हैं। उन्होंने ऑपरेशन पवन (श्रीलंका), ऑपरेशन मेघदूत (सियाचिन ग्लेशियर) तथा ऑपरेशन विजय (कारगिल) में सक्रिय भूमिका निभाई है।
सेवानिवृत्ति के उपरांत भी उन्होंने पूर्व सैनिकों के संगठनात्मक सशक्तिकरण एवं कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई। वे उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक एवं अर्द्धसैनिक संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक के रूप में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, पशुपालन विभाग में विभिन्न पदों पर चयनित 221 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन तथा पशुपालन विभाग के अंतर्गत आज नवचयनित 221 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। राज्य में बीते साढ़े चार वर्षों में सरकार ने 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा यह पल युवाओं की वर्षों के परिश्रम और संघर्ष की सफलता का स्वर्णिम क्षण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के चेहरों पर मुस्कान बताती है कि राज्य सरकार, सही दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य के युवा वर्तमान के साथ भविष्य की भी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई स्टार्टअप नीति, राज्य में नया स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और युवा प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक और तकनीकी रूप मजबूत किया जा रहा है। सरकार के प्रयासों से युवा आज अपने सपनों को लेकर पहले से कई अधिक आश्वस्त है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब युवाओं के सपनों और उनके माता-पिता के त्याग के साथ अन्याय होता था। पर आज रिकॉर्ड समय में भर्तियां पूरी हो रही हैं। पहले युवाओं को हताशा और निराशा मिलती थी, आज राज्य सरकार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने का काम करती है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होने देगी। उन्होंने कहा आज के दिन, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में पूरे 12 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जो अपने आप में एक ऐतिहासिक दिन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। राज्य सरकार ने देश में सबसे कड़ा कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि आगे भी राज्य सरकार इसी रफ्तार, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर देती रहेगी। उन्होंने कहा विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खाली पदों को भी तुरंत भरा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा सभी अभ्यर्थियों से सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र को अपना ध्येय मानकर हर गरीब, हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान करने की बात कही। उन्होंने कहा नए अभ्यार्थी केवल सरकारी कर्मचारी नहीं हैं बल्कि उत्तराखंड के विकास के सहभागी भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश, विकसित भारत-2047 के महान संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस अमृतकाल में सभी ने मिलकर इस महायज्ञ में सक्रिय भागीदारी निभानी है और राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देना है।
कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखंड में एक समय ऐसा था जब लोग सरकारी नौकरी का सपना देखा करते थे, पर आज टैलेंटेड युवा अपनी मेहनत से सरकारी नौकरी पा रहा है। तय समय में युवाओ को नियुक्ति पत्र भी मिल रहे हैं। अब तक मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हजारों युवा को बिना किसी शिकायत के सरकारी नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने राज्य के बच्चों के भविष्य को संवारने का काम किया है। उन्होंने बताया कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के प्रशिक्षण प्रखण्ड के अन्तर्गत चयनित 173 अनुदेशकों, 04 वैयक्तिक सहायकों एवं पशुपालन विभाग में चयनित 09 वैयक्तिक सहायक को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिना सिफारिश के नियुक्तियां हो रही हैं। आज मेहनती बच्चों को ही पारदर्शिता से नौकरियां मिल रही हैं। बीते 2 वर्षों में शहरी विकास विभाग में 215 लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। आज शहरी विकास विभाग में चयनित 35 सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र वितरण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा आज युवा मुख्यमंत्री श्री धामी पर भरोसा करते हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, विधायक श्रीमती सविता कपूर, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री राजेंद्र अणथ्वाल, श्री भूपेंद्र कंडारी, सचिव श्री नितेश झा, अपर सचिव सी. रविशंकर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘मेरी योजना’ पुस्तक ऑडियो क्लिप का अनावरण*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा तैयार की गई ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुस्तक में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं को एक ही स्थान पर संकलित किया गया है, जिससे आम नागरिकों को योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के साथ-साथ स्वरोजगार, कौशल विकास, शिक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभाग लगातार नवाचार करें तथा शासनादेशों को भी आमजन की समझ के अनुरूप सरल भाषा में जारी किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे अधिक समय तक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार लगातार नए कानूनों और नीतियों से देश की तरक्की को मजबूत आधार प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड को विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है तथा केंद्र सरकार राज्य के विकास कार्यों के लिए निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इसके परिणामस्वरूप सड़क, रेल, हवाई संपर्क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की कार्यशैली के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है और प्रति व्यक्ति आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, महक क्रांति योजना, एरोमा वैली, मिशन एप्पल तथा अन्य रोजगारपरक योजनाओं के माध्यम से युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित कर रही है।
इस मौके पर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन श्री दीपक कुमार ने कहा कि ये ऑडियो संस्करण, आकाशवाणी सहित अन्य रेडियो स्टेशन पर प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले विभाग मेरी योजना पुस्तक के चार संस्करण प्रकाशित कर चुका है। साथ ही इसका डिजिटल संस्करण भी जारी किया जा चुका है।
इस अवसर पर महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्रीमती सविता कपूर के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से कैंप कार्यालय पर टिहरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्री किशोर उपाध्याय ने भेंट कर क्षेत्र विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पर कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने भेंट कर क्षेत्र विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पर रानीखेत विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने भेंट की।
[09/06, 5:28 pm] manojsati78: *मानसून से पहले सभी तैयारियां पूरी करें अधिकारी- मुख्यमंत्री*
*15 नवम्बर 2026 तक सभी सड़कें हों गड्ढा मुक्त, आपदा एवं स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष फोकस*
*कैंचीधाम बाईपास कल से होगा संचालित, श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगी राहत*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मानसून सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून प्रारम्भ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, जनसुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण तैयारी रखें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के बाद 15 नवम्बर, 2026 तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शेष कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए। पुलों, कल्वर्टों एवं ड्रेनेज सिस्टम की जांच कर आवश्यक मरम्मत कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं तथा सभी नालों एवं जल निकासी मार्गों की सफाई मानसून से पूर्व सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने डेंगू, मलेरिया एवं अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जीवनरक्षक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों एवं एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनपदों में गर्भवती महिलाओं की अद्यतन सूची मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से प्राप्त कर नियमित रूप से अपडेट रखें। संवेदनशील एवं दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए निकटवर्ती अस्पतालों के आसपास ठहरने की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर हेली एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में भूस्खलन संभावित स्थलों, बाढ़ संभावित क्षेत्रों, नदी तटों एवं भू-कटाव वाले क्षेत्रों का अद्यतन मानचित्र तैयार किया जाए। साथ ही ऐसे गांवों, स्कूलों, अस्पतालों एवं अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सूची भी तैयार की जाए जो आपदा की दृष्टि से संवेदनशील हैं। चारधाम यात्रा मार्ग सहित राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर संवेदनशील स्थलों का विशेष निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण किया जाए। जेसीबी, पोकलैंड, डंपर, क्रेन एवं अन्य आवश्यक मशीनरी को पहले से ही संवेदनशील स्थानों पर तैनात रखा जाए। जहां मानसून के दौरान सड़कें बार-बार बाधित होती हैं, वहां वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। सभी प्रभावी सचिव अपने-अपने जनपदों का भ्रमण कर मानसून के दृष्टिगत जनपदों में की गई तैयारियों का निरीक्षण करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक एवं सूचना बोर्ड लगाए जाएं तथा प्रत्येक तहसील में राहत एवं बचाव सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र एवं जिला नियंत्रण कक्षों के बीच 24×7 समन्वय स्थापित किया जाए। मौसम संबंधी अलर्ट ग्राम स्तर तक त्वरित रूप से पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था की जाए तथा पर्यटकों एवं यात्रियों को समय पर मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने मानसून से पूर्व अतिक्रमण हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि जल निकासी एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के दौरान विद्युत, पेयजल, सड़क, दूरसंचार एवं अन्य मूलभूत सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित न हों। इसके लिए सभी संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। एसटीपी एवं पुलों के आसपास की विद्युत लाइनों का सुरक्षा ऑडिट भी कराया जाए।
कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण उत्पन्न होने वाली जाम की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में कैंचीधाम बाईपास कल से आवागमन के लिए प्रारम्भ किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को यातायात में बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून अवधि के दौरान सतर्कता, त्वरित कार्रवाई एवं प्रभावी समन्वय के माध्यम से जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिक्स डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ, यूएलएमएमसी तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के समन्वित प्रयासों, तकनीक आधारित कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे सतत नवाचारों का परिणाम है।
इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन श्री विनोद कुमार सुमन ने मानसून सीजन के दृष्टिगत की गई सभी तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में कैबिनेट मंत्री आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक , उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन श्री विनय कुमार रोहिला, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, डीजीपी श्री दीपम सेठ, प्रमुख सचिव श्री एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री रविनाथ रमन, श्री धीराज गर्ब्याल, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री सी. रविशंकर, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर श्री दीपक रावत, गढ़वाल कमिश्नर श्री आनंद स्वरूप एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।
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प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक कार्यकाल के उपलक्ष्य में राज्यभर में होंगे जनसंपर्क एवं जनकल्याण कार्यक्रम*
*12 से 14 जून तक उपलब्धि प्रदर्शनी, जन कल्याण शिविर, प्रेस वार्ता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे*
*मुख्यमंत्री ने कार्यक्रमों के प्रभावी एवं व्यापक आयोजन के दिए निर्देश*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के देश के सबसे अधिक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के ऐतिहासिक अवसर पर राज्यभर में विभिन्न जनसंपर्क, जनजागरूकता एवं जनकल्याण कार्यक्रमों का प्रभावी आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जनहित में किए गए कार्यों, विकास योजनाओं एवं उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर आयोजन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 12 से 14 जून तक प्रदेश में अचीवमेंट एग्जीबिशन का आयोजन किया जाए। प्रदर्शनी में केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा महत्वपूर्ण निर्णयों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाए, ताकि आमजन को सरकार की विकास यात्रा और उपलब्धियों की समग्र जानकारी प्राप्त हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विकासखंड स्तर पर जन कल्याण शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों में आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना, लखपति दीदी सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों एवं आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया जाए। साथ ही योजनाओं की जानकारी देने, पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने तथा जनसमस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि 12 जून को सभी जनपदों में जिला स्तरीय प्रेस वार्ताएं आयोजित की जाएं। इन प्रेस वार्ताओं के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकास कार्यों तथा प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा मीडिया के समक्ष प्रस्तुत की जाए, ताकि आमजन तक सही एवं व्यापक जानकारी पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित विस्तृत प्रस्तुतीकरण तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुतीकरण तथ्यपरक, जनोपयोगी एवं सहज रूप में तैयार किया जाए तथा इसे विभिन्न माध्यमों से आम जनता तक उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री अपने-अपने जनपदों एवं क्षेत्रों में संवाद कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इन कार्यक्रमों में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों एवं विकास कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों एवं विभिन्न वर्गों के साथ संवाद स्थापित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, जनकल्याण एवं वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनहित एवं विकास के संकल्पों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यक्रमों का आयोजन पूर्ण समन्वय, व्यापक जनसहभागिता एवं प्रभावी प्रचार-प्रसार के साथ सुनिश्चित किया जाए।
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मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने 21 जून, 2026 को आयोजित होने वाली नीट पुनर्परीक्षा की तैयारियों के सम्बन्ध में सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि नीट परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और लीक-प्रूफ आयोजित कराए जाने हेतु अत्यधिक सुरक्षा एवं निगरानी के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षार्थियों के लिए परिवहन विभाग की बसों में निशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु शीघ्र शासनादेश जारी किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों बारिश की सम्भावना को देखते हुए सड़कें बंद होने पर बैकअप प्लान भी तैयार रखे जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने 14 जून, 2026 को उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा के लिए भी सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को सभी आवश्यक जांचें, संदिग्ध का वैरीफिकेशन, परीक्षार्थियों की चैकिंग आदि के साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही मुख्य सचिव ने 21 जून, 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं आवश्यक तैयारियों के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी जनपद स्तर पर आयोजन स्थलों के लिए आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराएंगे। साथ ही आयोजन स्थलों के पास वाहन पार्किंग की व्यवस्था भी आवश्यक रूप से उपलब्ध करायी जाए।
इस अवसर पर अध्यक्ष उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग श्री जी.एस. मार्तोलिया, प्रमुख सचिव श्री अमित कुमार सिरोही, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री आर. राजेश कुमार, श्री विनोद कुमार सुमन एवं श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से जिलाधिकारी एवं एसएसपी उपस्थित थे।
